गुरुवार, 21 मार्च 2024

गुड फ्राइडे को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए

 राज्यपाल महोदय द्वारा यह निर्देश देने की कृपा की गयी है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए

पटना.आज बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह का जन्म दिन है.बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा 29 मार्च 2024 (गुड फ्राइडे) को राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार और पांच से सात के छात्र-छात्राओं की परीक्षा लेने का ऐलान कर दिया था.इससे पटना से लेकर बेतिया तक के लोग परेशान हो गये थे.ईसाई नेता होने के कारण राजन क्लेमेंट साह के पास ईसाई समुदाय के लोग गुहार लगाने लगे. बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स की रीता बेनेडिक्ट ने कहा कि बेशक आपने मेरी मन की बात पूरी कर दी,अगर इस दिन हमारी छुट्टी नहीं रहेगी तो यह परंपरा हमेशा के लिए हो जाएगी,और हमारा शोषण इसी तरह होता रहेगा.

  बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने एक पत्र लिखकर महामहिम राज्यपाल महोदय और माननीय मुख्यमंत्री को दिया.जिसका तत्क्षण कार्रवाई महामहिम राज्यपाल के द्वारा किया गया. राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंग्यू, भा.प्र.से. ने पत्र जारी कर दिया है. राज्यपाल के प्रधान सचिव ने मुख्य सचिव, बिहार, पटना को पत्र लिखा है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार और पांच से सात के छात्र-छात्राओं की आयोजित परीक्षा की आयोजित किया जा रहा है.

   गुड फ्राइडे एक धर्म विशेष का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसके कारण उस समुदाय के लोगों द्वारा इस विषय पर माननीय राज्यपाल महोदय का ध्यान आकृष्ट किया गया है.माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा यह निर्देश देने की कृपा की गयी है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए.कृपया इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा की जाए.

   बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने बिहार के महामहिम गवर्नर साहब को बहुत-बहुत धन्यवाद दिये है.इसके साथ ही गोवा में रहने वाले बीजेपी के सीनियर लीडर साविओ रोड्रिग्स को भी प्रणाम कर धन्यवाद दिया है.जो ईसाई समुदाय का कार्य गोवा में करते है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में किताब भी लिख चुके है.

   इस संदर्भ में यह स्पष्ट है कि राजन क्लेमेंट साह के द्वारा ईसाई समाज की समस्या समाधान करने के लिए समय और दिन नहीं देखते है.समस्या आने के बाद तुरंत कार्रवाई करने पर उतर जाते है.उन्होंने बुधवार को क्रिश्चियन कम्युनिटी फोरम को लेटर दिया.उसके बाद दोपहर में जाकर महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री के कार्यालय में जाकर पत्र पेश किया.उसकी प्राप्ति प्रति मिला.उसके शाम होते खबर मिल गयी.महामहिम राज्यपाल महोदय ने तत्क्षण कार्रवाई कर दी है.

आलोक कुमार

बुधवार, 20 मार्च 2024

सीएम बिहार से आग्रह है कि 25 मार्च से 3 अप्रैल तक परीक्षा स्थगित हो

 रविवार 24 मार्च को खजूर रविवार

पटना. इस समय ईसाई समुदाय का दुखभोग चल रहा है.यह दुखभोग 14 फरवरी राख बुधवार से शुरू हुआ था.रविवार 24 मार्च को खजूर रविवार है.इसके बाद सोमवार 25 मार्च से पवित्र सप्ताह शुरू होगा.इस दौरान बहुत ही ऐतिहासिक दिवस को स्मरण किया जाता है.29 मार्च को गुड फ्राइडे है.इस दिन प्रभु येसु ख्रीस्त की शहादत दिवस है.ईसाई समुदाय गुड फ्राइडे के दिन सुबह से लेकर रात तक गमगीन होकर दुआ करने में लगे रहते है.इस दिन उपवास भी रखते है.

       इस बीच बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा भवन, राष्ट्रभाषा परिषद परिसर, सैदपुर, राजेन्द्र नगर, पटना के द्वारा आदेश जारी किया गया है.आदेश को जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ईई व एसएसए ) बिहार शिक्षा परियोजना के सभी जिले पालन कर रहे हैं.

          जारी आदेशानुसार समग्र शिक्षा के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार एवं पांच से सात के सभी छात्र-छात्राओं का वार्षिक मूल्यांकन 2024 परिषद के प्रसंगाधीन पत्र के आलोक में दिनांक 21 मार्च 2024 से 28 मार्च 2024 की अवधि में कराने के लिए निर्देशित किया गया है.

       आगे कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से प्रसंगाधीन पत्र के शेष आदेश एवं समय-सारणी को यथावत रखते हुए केवल दिनांक 25 मार्च 2024 को प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली में क्रमशः गणित एवं पर्यावरण / सामाजिक विज्ञान के आयोजित होने वाली परीक्षा को दिनांक 30 मार्च 2024 को करने के लिए निर्देशित किया गया था.दिनांक 30 मार्च 2024 के उक्त परीक्षा को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेशानुसार दिनांक 29 मार्च 2024 को आयोजित करने के लिए आदेशित किया गया है.इस पर राज्य परियोजना निदेशक का अनुमोदन प्राप्त है.

           इस समय बिहार में डबल इंजन की सरकार है.उक्त आदेश को लेकर ईसाई समुदाय में आक्रोश उत्पन्न हो गया है.इसको लेकर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह का कहना है कि बिहार सरकार  के अधीन संचालित स्कूलों में छात्र-छात्राओं के वार्षिक मूल्यांकन के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा परीक्षा का आयोजन 21 से 28 मार्च, 2024 तक निर्धारित कर दिया गया है.इस दौरान बहुसंख्यक हिंदू समुदाय का पवित्र होली पर्व 25 मार्च को पड़ रहा है.इसके आलोक में 25 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा परिषद के द्वारा 30 मार्च को निर्धारित करने का आदेश निर्गत कर दिया है.29 मार्च को अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय का

गुड फ्राइडे है.धार्मिक मान्यता है कि गुड फ्राइडे के दिन ही प्रभु ईसा मसीह को सूली पर लटका दिया गया था. ईसाई धर्म से जुड़ी मान्यता के अनुसार बेकसूर होने के बावजूद उन्हें मौत की सजा दी गई थी. जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया और उनकी मृत्यु हुई, उस दिन शुक्रवार था, तब से इस दिन को गुड फ्राइडे के नाम से मनाया जाने लगा.

          बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने कहा कि दिनांक 30 मार्च 2024 के उक्त परीक्षा को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेशानुसार अब 29 मार्च (गुड फ्राइडे) को पुनर्निर्धारित किया गया है.गुड फ्राइडे ईसाइयों का दुख भरा प्रमुख प्रार्थना दिवस है. इस दिन परीक्षा आयोजित करने से ईसाई समुदाय के छात्र-छात्राओं समेत शिक्षकों एवं आम लोगों को गुड फ्राइडे के आयोजनों से वंचित रहना पड़ेगा, जिसको लेकर ईसाई समाज तथा उनके शुभचिंतकों में घोर निराशा और आक्रोश व्याप्त है. ईसाई समाज का प्रतिनिधित्व करने के कारण मेरे पास इस आदेश को लेकर निरंतर शिकायत आ रही है, तथा सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया जा रहा है.

           ईसाई समुदाय के नेता राजन क्लेमेंट साह का कहना है कि मैंने माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी से आग्रह किया है कि प्रदेश के ईसाई समुदाय के व्यापक हित को ध्यान में रखकर अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेश पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गुड फ्राइडे के दिन आयोजित परीक्षा की तिथि को पुनर्निर्धारित करने का आदेश देने की कृपा करें.

              यहां बता दें कि पहले बैंक के द्वारा गुड फ्राइडे के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी को रद्द कर दी जाती थी.एसके लॉरेंस के द्वारा विरोध करने पर मामला पटरी पर आ गया.अब गुड फ्राइडे के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी मिलती है.इस बार राज्य सरकार के द्वारा परीक्षा ली जाती है.परीक्षा को स्थगित करने की मांग की जा रही है.


आलोक कुमार

 सब्सक्राइब करें..

मंगलवार, 19 मार्च 2024

महाधर्मप्रांत के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी ने पवित्र मिस्सा किया







रांची महाधर्मप्रांत के सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद 

रांची.रांची महाधर्मप्रांत के सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद हैं.जिनका प्रतिष्ठापन समारोह आज 19 मार्च 2024 को रांची स्थित लोयोला मैदान में संपन्न हो गया.इस अवसर पर  भारत एवं नेपाल के लिए पोप के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष लेओपोल्दो जिरेल्ली उपस्थिति थे.रांची महाधर्मप्रांत के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी ने पवित्र मिस्सा किया.

            पदग्रहण समारोह पूर्वाह्न 10.30 बजे प्रवेश नृत्य के साथ शुरू हुआ.अतिथियों के स्वागत एवं नये महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के पत्र परिचय प्रस्तुत किये जाने के बाद, रांची के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने प्रतिष्ठापन की धर्मविधि को आगे बढ़ाया. उनके आग्रह पर संत पापा फ्राँसिस के आदेश पत्र को पूरी कलीसिया के सामने प्रस्तुत किया गया एवं उसके हिन्दी अनुवाद को जनता के सामने पढ़कर सुनाया गया. पोप के आदेश की उद्घोषणा के उपरांत महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद को महाधर्माध्यक्षीय सिंहासन प्रदान की गई और उन्हें वहां विराजमान किया गया. उद्घोषक फादर तोबियस टोप्पो ने कहा, “प्रेरितों की परम्परा के अनुसार यह धर्म विधि धर्मप्रांत में उसके अधिकार और शिक्षक होने का प्रतीक है. क्योंकि येसु ने ही उन्हें यह अधिकार दिया है और सभी धर्माध्यक्ष प्रेरितों के उत्तराधिकारी हैं.”

    समारोह के प्रतिष्ठापक महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो ने नये महाधर्माध्यक्ष को सिंहासन प्रदान किया.इसके साथ ही उपस्थित विश्वासियों ने “ईश्वर को धन्यवाद” कहते हुए जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया.इस तरह महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद औरचारिक रूप से रांची के महाधर्माध्यक्ष बन गये. प्रतिष्ठापक ने उन्हें मेषपालीय डंडा प्रदान किया जो महाधर्माध्यक्ष के लिए उस धर्मप्रांत के चरवाहे होने का प्रतीक है. अंततः प्रतिष्ठापन की धर्मविधि सम्पन्न होने पर उपस्थित सभी धर्माध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने उन्हें बधाइयां दीं.बधाई देने वालों में कोलकाता महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष थॉमस डिसूजा,दिल्ली महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष अनिल जे टी कूटो,पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा,डाल्टनगंज धर्मप्रांत के बिशप थियोडोर मास्करेहंस,बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डॉ.जेम्स शेखर समेत समारोह में 35  आर्चबिशप और बिशप में शामिल हुए.साथ ही सोसायटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर अजीत खेस, संत अन्ना धर्मसमाज की मदर सिस्टर लिली ग्रेस टोपनो, उर्सुलाइन कान्वेंट की प्रोविंशियल सिस्टर ईवा जस्टीना रोमोल्डा शामिल थे.


आर्चबिशप विसेंट आईंद पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी (कालचीनी) के रहनेवाले हैं. उनका जन्म 30 जनवरी 1955 को हुआ था. वे आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं. उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया. उन्होंने थियोलॉजी और फिलॉसफी की शिक्षा ली. इसके अलावा रोम के पोंटिफिशियल ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी रोम से फिलॉसफी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. आर्चबिशप आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं वे अंग्रेजी, हिंदी, नेपाली, बंगाली, सादरी, मुंडारी, इटालियन और फ्रेंच भाषाओं के ज्ञाता हैं.

   आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने अपने धर्मोपदेश में कहा, “पिता ईश्वर की इच्छा पूरा करने से हम प्रभु के करीबी रिश्तेदार बन जाते हैं.साथ ही, उन्होंने संत जोसफ के समान नम्र, पवित्र आत्मा के प्रति वचनबद्ध, शुद्ध, निर्मल बनने का आह्वान किया. समारोह के अंत में पूर्व महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे. ने अपने कार्यकाल के दौरान प्राप्त सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और संतुष्टि से विदा लेते हुए आर्चबिशप विंसेंट आईंद को बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं दीं. आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने अपने दिल के उद्गार प्रकट करते हुए सभी का धन्यवाद किया और अपने मिशन कार्य में सभी से सहयोग का आह्वान किया. माननीय महाधर्माध्यक्ष विन्सेंट आईंद का आदर्श वाक्य है, “तुम मुझ में रहो.” (यो.15.4)



माननीय महाधर्माध्यक्ष विन्सेंट आईंद रांची के सातवें महाधर्माध्यक्ष बने हैं जिनकी नियुक्ति की घोषणा पोप फ्रांसिस ने 30 दिसंबर 2023 की.


रांची महाधर्मप्रांत के पहले धर्माध्यक्ष थे लुइस वान हुक ये. स. (1928 -1933)


दूसरे धर्माध्यक्ष ऑस्कर सेवरिन, ये. स. (1934-1951)


तीसरे महाधर्माध्यक्ष निकोलस कुजूर, ये.स. (1951-1960)


चौथे महाधर्माध्यक्ष पीयूष केरकेट्टा, ये.स. (1961-1985)


पांचवें महाधर्माध्यक्ष तेलेस्फोर पी. टोप्पो (1985 - 2018)


छठवें महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो, ये.स. (2018-2023)

सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद (2024-    )


इस समारोह के अवसर पर भारत और नेपाल के लिए संत पिता के प्रतिनिधि प्रेरितिक राजदूत लियोपोल्दो जिरेल्ली, रांची महाधर्मप्रांत के पूर्व महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे, झारखंड एवं भारत के विभिन्न धर्मप्रांतों के 35 आर्चबिशप और बिशप, 300 से अधिक पुरोहितगण, हजारों संख्या में धर्मसंघी एवं धर्मबहनें, साथ ही माननीय श्री सुबोध कांत सहाय जी, माननीय श्री बंधु तिर्की जी, माननीय श्रीमती नेहा शिल्पी तिर्की जी,एंग्लो इंडियन समुदाय के विधायक ग्लेन जोसेफ गोलेस्टीन एवं आठ हजार से अधिक विश्वासी शामिल हुए.



आलोक कुमार


आपने पढ़ा और इसे प्रसार-प्रचार करने में सहयोग करें.

सोमवार, 18 मार्च 2024

पेयजल शौचालय रैंप भवन विद्युत आदि का निरीक्षण किया

 जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह - जिलाधिकारी  द्वारा  निरीक्षण 

नालंदा। आज 18 मार्च 2024 को श्री शशांक शुभंकर, जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह - जिलाधिकारी एवं श्री अशोक मिश्र, पुलिस अधीक्षक, नालंदा द्वारा संयुक्त रूप से 29- नालंदा, लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के सफल आयोजन के लिए  173- राजगीर ( अनुसूचित जाति ) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अवस्थित मतदान केंद्र यथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नई पोखर प्राथमिक विद्यालय, डुमरी उर्दू प्राथमिक विद्यालय, करियन्ना मध्य विद्यालय मनियावां उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बकरा (गिरियक) का निरीक्षण किया गया ।

          निरीक्षण के क्रम में विद्यालयों में अवस्थित मतदान केंद्र तक पहुंच पथ सहित मूलभूत सुविधा यथा पेयजल शौचालय रैंप भवन विद्युत आदि का निरीक्षण किया गया ।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी महोदय ने अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में अवस्थित मतदान केंद्रों पर पूर्व के बूथ पेंटिंग को मिटाकर लोकसभा आम निर्वाचन 2024 से संबंधित बुथ पेंटिंग कराना सुनिश्चित करेंगे।

इस अवसर पर  सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आदि उपस्थित थे ।

आलोक कुमार


इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसे अधिक से अधिक प्रसार करने में योगदान करें

रविवार, 17 मार्च 2024

24 मार्च को खजूर रविवार

 बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली के द्वारा पुण्य सप्ताह का कार्यक्रम घोषित 


बेतिया। बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली के द्वारा पुण्य सप्ताह का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। 24 मार्च को खजूर रविवार है। इस दिन सुबह 5ः45 बजे संत तरेसा स्कूल कैंपस में खजूर की डालियों पर आशीष के बाद गिरजाघर की ओर यात्रा और मिस्सा। दूसरा मिस्सा सुबह 7ः30 बजे और शाम का मिस्सा 4ः30 बजे से होगा।

        पुण्य सप्ताह के सोमवार तथा मंगलवार को शाम के मिस्सा के बाद 5ः30 बजे से 6ः30 बजे तक प्रार्थना तथा आराधना एवं पाप स्वीकार होगी ।

     पुण्य सप्ताह के सोमवार तथा मंगलवार को शाम के मिस्सा के बाद 5ः30 बजे से 6ः30 बजे तक प्रार्थना तथा आराधना एवं पाप स्वीकार होगी ।


28 मार्च 2014 पुण्य बृहस्पतिवार को शाम 5ः30 से अंतिम व्यालू का समारोही मिस्सा। मिस्सा के बाद से 12 बजे तक आराधना।

 आराधना के लिए विभिन्न दल और उनका समय निर्धारित

मिस्सा के बाद से 08ः00 बजे तक का समय एक से दसवीं क्लास के छात्रा-छात्राएं।

8ः00 से 8ः45 बजे तक संत तरेसा,संत जोसेफ के सिस्टरगण एवं टीचर्स ट्रेनिंग की छात्राएं।

8ः45 बजे से 9ः30 बजे तक वानहुक सदन तथा आसपास के परिवार।

9ः30 बजे से 10ः15 तक महिला संघ तथा अन्य महिलाओं।

10ः15 से 11ः00 तक नवयुवक दल और एमजे सिस्टर।

11ः00 से 12ः00 बजे तक गिरजा के आसपास के परिवार।

प्रत्येक दल के एक या दो व्यक्ति प्रार्थना करवाने का नेतृत्व करें। कुछ समय तक मौन प्रार्थना करना आवश्यक है। आराधना के समय माला विनती न करें। लोग अपनी इच्छा अनुसार भी किसी दल में आराधना के लिए भाग ले सकते हैं।

    29 मार्च 2024 को पुण्य शुक्रवार है। सुबह 6ः00 से क्रूस रास्ता एवं कैंपस में उसके बाद में उपदेश और रेलिक्स की चुमाई। दोपहर में 3 बजे से प्रभु की मृत्यु का स्मरण,क्रूस की चुमाई। रात 12 बजे तक क्रूस की उपासना।


आलोक कुमार


इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसे अधिक से अधिक प्रसार करने में योगदान करें

शनिवार, 16 मार्च 2024

लेखक की रचनाएं रहती हैं स्मृतियों मे

पद्मश्री उषा किरण खान स्मृति कार्यक्रम संपन्न


भोपाल। हिन्दी एवं मैथिली की वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री श्रीमती उषा किरण खान को स्मरण करने के लिए गांधी भवन में आयोजित सभा में आज वरिष्ठ साहित्यकार विजय बहादुर सिंह ने कहा कि लेखक की रचनाओं को स्मृतियों में रखकर उसे याद करना चाहिए। लेखक की पहचान उसके रचनाकर्म से होती हैं। बहुत कम लेखक होते हैं, जिनका व्यक्तित्व भी अनुकरणीय होता है उषा किरण जी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व दोनों अनुकरणीय है। उषा किरण जी लेखनी एवं व्यक्तित्व दोनों पर भारतीयता की छाप है। उन्होंने अपनी जिंदगी में स्त्रियों की स्थिति को अनुभव किया है, जिसे उनकी रचनाओं में देखा जा सकता है।

स्मृति सभा की शुरुआत कबीर गायन से किया गया। सीमा बजाज ने कबीर की रचनाओं को प्रस्तुत किया। अपने वीडियो संदेश में नम्रता कार्तिक ने उषा किरण के साथ के अपनी यादों को साझा किया। पत्रकार निवेदिता ने बताया कि साहित्य से अलग अन्य विषयों में भी उनकी गहरी रुचि थी। वरिष्ठ रंगकर्मी संजय उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने कई नाटक भी लिखे थे, जिसका मंचन उन्होंने कई बार किया। एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पी.व्ही. ने बताया कि कई आंदोलनों में वे साथ रही हैं। हाशिये के लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना थी।

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने बताया कि वे देश के सभी गांधावादी आंदोलनों को समर्थन देती थी। वरिष्ठ पत्रकार फैजल ने बताया कि अगनहिंडोला उनकी बेहतरीन रचनाओं में से एक है, जिसे जरूर पढ़ना चाहिए। साहित्यकार मलय जैन ने बताया कि वे नए रचनाकारों को हौंसला देती थीं। साहित्यकार जिया फारूकी ने बताया कि उनकी रचनाओं में मार्मिकता की झलक मिलती है। साहित्यकार श्रद्धा जोशी ने बताया कि उषा किरण जी नए रचनाकारों के साथ बहुत सहज व्यवहार करती थी। उषा किरण खान ने आयाम संगठन का गठन किया था। उससे जुड़ी रानी ने बताया कि वे लिखने के साथ-साथ पढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं।


इस सभा में उषा किरण की पुत्री अनुराधा शंकर, पूर्व मुख्य सचिव शरद चंद्र बेहार, एकता परिषद के रन सिंह परमार, रघुराज सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार ध्रुव शुक्ल, शैलेन्द्र शैली, अनीष, आशा मिश्रा, सविता वाजपेयी, माधुरी सहित कई वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी उपस्थित हुए। सभा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीवान ने किया।

आलोक कुमार


इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसे अधिक से अधिक प्रसार करने में योगदान करें

बिहार से जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी का सर्वनाश

 बिहार को जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी से निजात दिलाना हमारा मिशन: डा0 अखिलेश

पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि कांग्रेस बिहार के 40 लोकसभा सीटों पर अपनी तैयारी की हुई है और महागठबंधन के अंतिम फैसले के बाद हम अपने मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे। हमारा मिशन है बिहार से जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी का सर्वनाश, उससे निजात दिलाना। 

        वे शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। नवगठित 54 सदस्यीय चुनाव समिति की यह पहली बैठक थी जो डा0 सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी द्वारा नियुक्त स्क्रीनिंग कमिटी के चेयरमैन राणा केपी सिंह एवं सदस्य जयवर्द्धन सिंह और इवन डिसूजा मौजूद रहे। यह चुनाव समिति की पहली बैठक थी जिसमें सदस्यों ने विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों एवं उनके दावेदारों की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी साझा की। चूंकि महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है, लिहाजा सर्वसम्मति से सीट और दावेदारी के बारे में निर्णय लेने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौप दी गई। 

    बैठक में कमिटी के करीब सभी सदस्य शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं - लोकसभा सांसद मो0 जावेद, सांसद रंजीत रंजन, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य कन्हैया कुमार, बिहार विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, डा0 मदन मोहन झा, अनिल कुमार शर्मा, चंदन यादव, अशोक कुमार, विजय शंकर दूबे, कृपानाथ पाठक, प्रेमचन्द्र मिश्रा, राजेश कुमार, मुन्ना तिवारी, संतोष मिश्रा, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, विश्वनाथ राम, बिजेन्द्र चैधरी, अजय कुमार सिंह, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, पूनम पासवान, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़ आदि थे।


आलोक कुमार

इस पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसके प्रसार करने में योगदान करें।

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post