शनिवार, 7 जनवरी 2023

शनिवार को 35 वें दिन बेगूसराय के वार्ड सचिव धरना -प्रदर्शन पर बैठे

  


पटना . इस समय बिहार में लोग मौसम विभाग का मुंह ताक रहे हैं.विभाग की ओर से कम से कम घोषणा हो जाए कि अब ठंड में कमी आएगी. फिलहाल ऐसा होता दिख नहीं रहा है. शीतलहर का प्रकोप जारी है.इस शीतलहर वातावरण में बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के द्वारा 13 दिसंबर 20.21 को 1 लाख 14 हजार 691 वार्ड सचिवों को दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया गया. अपने पद पर पुनः बहाल करने की मांग को लेकर गर्दनीबाग पटना में धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य हैं. गुरुवार को 33 वें दिन मधेपुरा के, शुक्रवार को 34 वें दिन मोतिहारी के और आज शनिवार को 35 वें दिन बेगूसराय के वार्ड सचिव धरना -प्रदर्शन पर बैठे रहे.

    गर्दनीबाग धरना स्थल पर वार्ड सचिव संघ पटना बिहार के प्रदेश अध्यक्ष कामदेव कुमार ने कहा कि हम लोग बिहार सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय योजना अंतर्गत नल-जल एवं नली-गली योजना क्रियान्वयन थे. हमलोग दसवीं पास योग्यता के आधार पर पूरे बिहार में लगभग 1 लाख 14 हजार 691 हैं. सभी वार्ड सचिवों का चयन प्रखंड विकास पदाधिकारी के प्रतिनियुक्ति पर पंचायत स्तरीय कर्मी के उपस्थिति में वार्ड सभा के माध्यम से चयन किया गया था.उन्होंने कहा कि वार्ड सचिवों ने पिछले 4 वर्षों से ईमानदारी पूर्वक वार्ड के विकास कार्य को करते-कराते आ रहे हैं.इसके एवज में वार्ड सचिवों को बिहार सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता राशि वार्ड सचिवों को नहीं दिया गया.इसी बीच पंचायती राज विभाग बिहार सरकार के द्वारा एक पत्र जारी किया जाता है.जिसका पत्रांक संख्या-7219 एवं दिनांक 13.12.2021 है.

उन्होंने कहा कि इस पत्र में पंचायती राज विभाग के निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने तुगलकी फरमान जारी कर सभी जिला पदाधिकारियों को 13 दिसंबर 2021 को निर्देशित किया कि  बिहार पंचायत आम निर्वाचन-2021 के घोषित निर्वाचन परिणाम के आलोक में 15 जनवरी 2022 तक वार्ड सचिव,सहित वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति का गठन पूर्ण करने को कहा कि बिहार पंचायत आम निर्वाचन-2021 प्रक्रियागत है एवं 15 दिसंबर 2021 तक राज्य  के सभी त्रिस्तरीय पंचायती राज निकायों का निर्वाचन परिणाम घोषित हो जाने की संभावना है.

  आगे वार्ड सचिव संघ पटना बिहार के प्रदेश अध्यक्ष कामदेव कुमार ने कहा कि बिहार पंचायत आम निर्वाचन.2021 के घोषित निर्वाचन परिणाम के आलोक में वार्ड सचिव, सहित वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति का गठन पूर्ण किया जाए.इसके पश्चात पूरे बिहार में नये सिरे से वार्ड सचिवों का चयन किया जा रहा है साथ ही साथ पहले से कार्यरत वार्ड सचिवों को अपने पद से मुक्त कर दिया गया.जो वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति कार्य  नियमावली 2017 के विरूद्ध है.

   उन्होंने कहा कि निदेशक पंचायती राज विभाग बिहार सरकार के द्वारा जारी पत्र जिसका पत्रांक 7219 एवं दिनांक 13.12.21 पत्र को निरस्त करते हुए पुनः वार्ड सचिवों को अपने पद पर बहाल कर उचित न्याय देने की कृपा की जाए.इसके लिए बिहार के समस्त वार्ड सचिव 114691 आपका सदा आभारी रहेगा.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 6 जनवरी 2023

सामुदायिक भवन सह वर्कशेड का शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया


 बगहा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिले से ‘समाधान यात्रा‘ का शुभारंभ किया. बगहा- 2 में संतपुर सोहरिया पंचायत स्थित दरुआबारी गांव में हो रहे विकास कार्यों का जायजा लिया.वहां समेकित थरुहट विकास अभिकरण अंतर्गत सामुदायिक भवन सह वर्कशेड का शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया.

    इस क्रम में लाभुकों के बीच सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत किट का वितरण किया.दरुआबारी ग्राम में मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, नल-जल योजना एवं जल-जीवन-हरियाली योजना अंतर्गत पोखरा के सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया.

       


बिहार महादलित विकास मिशन के तहत संचालित रमाबाई किशोरी समूह, दरुआबारी की छात्राओं से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी और उसके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया.ग्रामीणों की मांग पर सुगमतापूर्वक आवागमन के लिए सड़क बनाने का अधिकारियों को निर्देश दिया.                

   बगहा नगर परिषद् अंतर्गत पारसनगर में गंडक नदी से हुए कटाव का स्थल निरीक्षण किया.पारसनगर में बांध की ऊंचाई और अधिक बढ़ाने का निर्देश दिया ताकि नदी तट के आस-पास रहनेवाले लोग प्रभावित न हो. लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बांध को मजबूत और ऊंचा रखना काफी आवश्यक है.              

    ‘समाधान यात्रा’ के क्रम में प० चंपारण समाहरणालय सभागार में जीविका दीदियों के साथ समीक्षा बैठक की. जीविका समूह से जुड़ने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प० चंपारण जिले की जीविका दीदियों ने बैठक में हिस्सा लिया.जीविका दीदियों ने बताया कि जीविका समूह से जुड़ने के बाद अब उनके परिवार को न सिर्फ साहूकारों के कर्ज से मुक्ति मिली है बल्कि आज वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं.

     


परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है.जीविका समूहों से वर्तमान में 1 करोड़ 27 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं. जीविका दीदियों को बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरूद्ध तथा शराबबंदी के संबंध में लोगों को जागरूक करना है और उन्हें समझाना है.जीविका समूहों को आगे बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यकताएं होंगी उसे सरकार पूर्ण करेगी.


आलोक कुमार

त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद का आज अचानक ज्यादा तबीयत खराब

  पटना। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद का आज अचानक ज्यादा तबीयत खराब होने के कारण नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है जहां उनकी गहन चिकित्सा चल रही है।बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने पूर्व राज्यपाल प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद के जल्द स्वस्थ होने की कामना ईश्वर से की है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह एवं प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने भी प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद के जल्द स्वस्थ होने की मंगल कामना की है।


आलोक कुमार

गुरुवार, 5 जनवरी 2023

“बेनेडिक्ट, दुल्हे (ख्रीस्त) के विश्वासी मित्र, आपका आनन्द उनकी आवाज सुनकर पूर्ण हो जाए, अब और अनन्त काल तक ”

  


वेटिकन.5 जनवरी को कैथोलिक कलीसिया ने अपने पूर्व परमाध्यक्ष ससम्मान सेवानिवृत संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें को अंतिम विदाई दी.संत पापा फ्राँसिस ने समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित कर संत पापा फ्राँसिस ने समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित कर दिवंगत आत्मा को ईश्वर के हाथों सौंप दिया.


संत पापा ने एक ट्वीट में लिखा, “बेनेडिक्ट, दुल्हे (ख्रीस्त) के विश्वासी मित्र, आपका आनन्द उनकी आवाज सुनकर पूर्ण हो जाए, अब और अनन्त काल तक.”

  पोप फ्राँसिस के साथ मिलकर पूरी कलीसिया ने पोप बेनेडिक्ट 16 वें की आत्मा की आनन्द शांति के लिए प्रार्थना की एवं उन्हें अंतिम विदाई दी.अंतिम संस्कार के बाद संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें के पार्थिव शरीर को संत पेत्रुस महागिरजाघर में दफनाया गया.


वेटिकन के सेंट पीटर्स स्क्वायर में पोप फ्रांसिस के नेतृत्व में पोप बेनेडिक्ट सोलहवें (95) के अंतिम संस्कार में दुनिया भर के नेताओं समेत हजारों लोग कतार में खड़े हैं. 600 वर्षों में यह पहली बार है कि किसी मौजूदा पोप ने किसी पूर्व पोप के अंतिम संस्कार की अध्यक्षता की है.

   

बेनेडिक्ट XVI का मकबरा सेंट पीटर बेसिलिका के क्रिप्ट में जॉन पॉल II के मूल दफन स्थल के पास स्थित है. वेटिकन ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए केवल इटली और जर्मनी के प्रतिनिधियों को आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया है.

जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर, इतालवी राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला, इतालवी प्रधान मंत्री जियोर्जिया मेलोनी, हंगरी के राष्ट्रपति कटालिन नोवाक, पोलिश राष्ट्रपति आंद्रे डूडा, बेल्जियम के राजा फिलिप, स्पेन की रानी सोफिया और विभिन्न देशों के राजदूत भी अंतिम संस्कार समारोह में भाग ले रहे हैं. बेनेडिक्ट सोलहवें के पार्थिव शरीर के दर्शन कल सेंट पीटर्स बेसिलिका में भारतीय समयानुसार रात 11.30 बजे तक जारी रहे. 



इतालवी प्रधान मंत्री के कार्यालय ने घोषणा की कि अंतिम संस्कार के दौरान देश की सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. कार्डिनल कॉलेज के डीन, इतालवी कार्डिनल जियोवन्नी बतिस्ता रे, वेदी पर मुख्य अनुष्ठाता होंगे.कार्डिनल मार जॉर्ज एलेनचेरी, कार्डिनल मार बेसलियस क्लीमिस कैथोलिकोस, मार एंड्रयूज थज़थ, मार कुरियाकोस भर्निकुलंगरा और अन्य अंतिम संस्कार सेवा में भाग ले रहे हैं..

         संत पापा ने एक ट्वीट में लिखा, “बेनेडिक्ट, दुल्हे (ख्रीस्त) के विश्वासी मित्र, आपका आनन्द उनकी आवाज सुनकर पूर्ण हो जाए, अब और अनन्त काल तक.”


 *अनुसूचित जाति-जनजाति समिति की बैठक में माले विधायकों ने उठाया बेदखली व दलितों के उत्पीड़न का मुद्दा


*बेदखली, दलित उत्पीड़न व दलित छात्रावासों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा


पटना.अनुसूचित जाति-जनजाति बिहार राज्य समिति की बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में विगत 4 जनवरी को हुई बैठक में भाकपा-माले विधायक दल के उपनेता सत्यदेव राम, फुलवारी विधायक गोपाल रविदास और अगिआंव विधायक मनोज मंजिल ने हिस्सा लिया.


माले विधायकों ने पूरे राज्य में जल-जीवन हरियाली योजना के तहत दलितों-गरीबों पर चलाए जा रहे बुलडोजर के मसले को पूरी मजबूती के साथ उठाया. माले विधायक सत्यदेव राम ने कहा कि सरकार कहती है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी भी गरीब का घर तोड़ा नहीं जाएगा, लेकिन कहीं भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है. सरकार के बारंबार आश्वासन के बाद भी राज्य के कई जिलों में बरसो बरस से बसे दलित-गरीबों पर बुलडोजर की मार पड़ रही है. उन्हें उजाड़ दिया गया है या उजाड़ने की नोटिस थमा दी गई है. सरकार इसपर रोक लगाए और नया सर्वे कराकर दलितों-भूमिहीनों के लिए नया वास-आवास कानून बनाए. 


उन्होंने पूर्णिया, दरभंगा, बक्सर, पूर्वी चंपारण, नवादा, मुजफ्फरपुर, दानापुर, अररिया आदि जगहों पर दलितों के उजाड़ने की चल रही प्रक्रिया से प्रभावित परिवारों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी. मुख्यमंत्री ने बैठक में आश्वासन दिया कि विस्थापन की समीक्षा की जाएगी. यह भी कहा कि सभी विस्थापितों के पुनर्वास करने का दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिया गया है.


गोपाल रविदास ने राज्य में इस बीच हुए दलित उत्पीड़न व हाजत में हुई मौतों का मसला उठाया. उन्होंने मसौढ़ी के हांसाडीह गांव में शराबबंदी के नाम पर महादलित टोले पर बर्बर पुलिसिया दमन का मामला उठाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने समस्तीपुर के सातनपुर में एक दलित लड़की के साथ बलात्कार व हत्या का भी मामला उठाया. जहानाबाद में हाजत में हुई मौत और बेगूसराय में दलित उत्पीड़न की घटनाओं को सविस्तार रखते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. 


उन्होंने बाथे-बथानी-नगरी जैसे दलित जनसंहारों की अद्यतन रिपोर्ट सरकार से मांगी और टाडा के तहत जेल में बंदियों की रिहाई की भी मांग की. कहा कि टाडा के तहत अरवल के 14 दलित व अन्य जाति समुदाय के लोगों ने बीस वर्षों की अपनी सजा की अवधि पूरी कर ली है, लेकिन अब भी कई दलित लोग जेल से रिहा नहीं हुए हैं. उनके नाम हैं - 1. श्याम चैधरी 2. माधव चैधरी और 3. अरविंद चैधरी. इन्हें अविलंब रिहा किया जाए.


मनोज मंजिल ने चांदी लाॅज आरा, अंबेदकर छात्रावास पटना समेत बिहार के दलित छात्रावासों की ग्राउंड रिपोर्ट से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया. उन्होंने भोजपुर के जगदीशपुर में महादलितों के सुअर की हुई मौत का मसला उठाते हुए उसके मुआवजे की मांग की. महादलित टोले तक पहुंच पथ की स्थिति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया और इस संबंध में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा.


भाकपा-माले विधायकों ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारे ज्ञापन पर मुख्यमंत्री गंभीरता से विचार करेंगे और ठोस कार्रवाई करेंगे.


आलोक कुमार 


राज्य कर्मी ए.एन.एम. को पांच माह से वेतन भुगतान नहीं

  पटना.बिहार सरकार की उदासीनता के कारण राज्य कर्मी ए.एन.एम. को पांच माह से वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है.आज गुरूवार को कड़ाके की सर्दी में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया. इस सर्द वातावरण में परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो गई.

   


 परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता एएनएम का वेतन भुगतान विगत 5 महीनों से नहीं हो रहा है.जबकि सभी सरकारी सेवक गंभीर से गंभीर परिस्थितियों में भी विभाग के सभी निर्देशों का पालन करते हुए 24 x 7 सेवा प्रदान कर रहे हैं.बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ शाखा पटना प्रमंडल, पटना के बैनर तले दिनांक 5 जनवरी 2023 अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग,बिहार सरकार पटना के समक्ष अपनी मांगों की पूर्ति के लिए एक दिवसीय धरना गर्दनीबाग, पटना में दिया गया. धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, पटना प्रमंडल के प्रमंडल अध्यक्ष लाल बाबूराम ने की.   

    सभा को पटना प्रमंडल के प्रमंडल मंत्री विनोद यादव,बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के मानद सचिव विश्वनाथ सिंह, जिला मंत्री नालंदा सह राज्याध्यक्ष संजय कुमार,जिला मंत्री भोजपुर सह महामंत्री सुवेश सिंह, जिला मंत्री पटना सह सहायक महामंत्री अमित कुमार मिश्रा, जिला मंत्री बक्सर सह राज्य संयुक्त मंत्री आनंद सिंह, सहायक महामंत्री दिनेश कुमार आदि  नेताओं ने संबोधित किया.   सभा को संबोधित करते हुए सभी नेताओं ने कहा कि


आवंटन के अभाव में शीर्ष 2211 के महिला कर्मियों का वेतन विगत कई माह से अवरुद्ध है अभिलंब पर्याप्त आवंटन उपलब्ध कराकर वेतन,मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराना सुनिश्चित किया जाए.   संघीय पत्रांक -764 दिनांक 24.9.2022 के द्वारा डॉक्टर जितेंद्र नाथ, सिविल सर्जन,बक्सर के प्रशासनिक अराजकता, लूट-खसोट, सरकारी आदेशों के विपरीत कनीय चिकित्सकों को प्रतिनियुक्ति कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी घोषित करने के प्रमाण दिए गए, पत्र के आलोक में कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए.डॉ विभा कुमारी सिंह, तत्कालीन असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पटना के द्वारा किए गए  अनियमित स्थानांतरण के विरोध में संघ के द्वारा समर्थित परिवाद पत्र के आलोक में निदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं बिहार,पटना के द्वारा गठित जांच कमिटी के  निष्कर्ष के आलोक में स्थानांतरण को रद्द किया जाए.डॉ विभा कुमारी सिंह, क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, पटना प्रमंडल, पटना के द्वारा फर्जी आवेदन पत्र डलवा कर संघ के चुनिंदा पदाधिकारियों को किए जा रहे तंग तबाह  एवं दमनात्मक कार्रवाई  से सुरक्षा प्रदान किया जाए.तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विहियां, भोजपुर, डॉक्टर नंदकिशोर प्रसाद के द्वारा फरार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य

कर्मियों को वेतन का भुगतान करने, आवासों का आवंटन सहित अन्य वित्तीय अनियमितताओं को जांच के दौरान आरोप प्रमाणित होने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विहियां, भोजपुर के पद पर से उन्हें मुक्त किया जाए.1 सितंबर 2005 के बाद नियुक्त सभी कर्मियों को पुराना पेंशन दिया जाए. ठेके,संविदा,आउटसोर्सिंग,स्कीम वर्कस की सेवा अभिलंब नियमित किया जाए आदि मांगों की पूर्ति अभिलंब नहीं किया गया तो बाध्य होकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी जवाबदेही सरकार की होगी.


 बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सरकार /विभागीय पदाधिकारियों एवं महासंघ के साथ हुए समझौते और निर्णय के बावजूद राज्य की राजधानी में काम करने वाले परिवार कल्याण  क्षेत्रीय कार्यकर्ता एएनएम का वेतन भुगतान  विगत 5 महीनों से नहीं हो रहा है.जबकि सभी सरकारी सेवक गंभीर से गंभीर परिस्थितियों में भी विभाग के सभी निर्देशों का पालन करते हुए 24 X 7 सेवा प्रदान कर रहे हैं.आप भी अवगत है कि सरकारी आवास मुहैया नहीं कराए जाने के कारण सभी कर्मी को किराए के मकान में रहकर कार्य करना पड़ता है.वेतन /मानदेय का भुगतान महीनों लंबित रहने के कारण बच्चों के स्कूल से नाम काट दिया गया है. राशन दुकानदार द्वारा बकाया नहीं दिए जाने के कारण  नहीं दी जा रही है, इतना ही नहीं अगर तन वेतन पर्ची के अभाव में बैंकों द्वारा ऋण भी नहीं दी जा रही है.कर्मियों के इलाज एवं दवा भी काफी योगदान है पूर्व से लिए गए बैंक ऋण की वसूली नहीं हो पाने के कारण बैंकों द्वारा तरह-तरह की यातनाएं भी दी जा रही है. ऐसी स्थिति में कलियों में भुखमरी के साथ रोग का भी प्रभाव बढ़ रहा है जिससे कर्मचारियों में काफी क्षोभ है. यदि दिनांक 10 जनवरी 2023 तक परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता एएनएम का सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित करें अथवा बाद से होकर दिनांक 11. 1.23 से सभी संबंधित कर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी आपकी राज्य सरकार की होगी.


आलोक कुमार


बुधवार, 4 जनवरी 2023

वाल्मीकिनगर आईबी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे

 बगहा.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने दो दिवसीय प्रवास यात्रा पर बुधवार की शाम पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर पहुंचे. सीएम नीतीश कुमार गुरुवार को दरुआबारी से समाधान यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं. लिहाजा पूरा प्रशासनिक अमला चुस्त दुरुस्त है. वाल्मीकिनगर हवाई अड्डा पर सीएम नीतीश कुमार का भव्य स्वागत किया गया. वाल्मीकिनगर हवाई अड्डा पर मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ  भेंट कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ,नेताओं एवं जिला प्रशासन द्वारा उनका अभिनंदन किया गया. उसके बाद सीएम कारकेट काफिले के साथ इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर आईबी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे. 

   

मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर में निर्माणाधीन इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.  मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के मुआयना के पश्चात पत्रकारों से बातचीत की. मुख्यमंत्री ने समाधान यात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न जगहों पर जाकर हो रहे विकास कार्यों की प्रगति को देखेंगे. लोगों की बातों को भी सुनेंगे. इसके पहले हमने समाज सुधार अभियान के दौरान कई जगहों पर जाकर लोगों से बातचीत की थी और विकास कार्यों का जायजा लिया था. पर शराबबंदी को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. शराबबंदी के प्रति अधिक से अधिक लोगों को निरंतर जागरूक और प्रेरित किया जा रहा है. इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने गंडक बराज नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में गंडक नदी के डिस्चार्ज एवं जलस्तर के संबंध में जानकारी ली. गंडक नदी के मुआयना के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य वर्षाे की तुलना में इस वर्ष गंडक नदी का जलस्तर काफी अच्छा है और पानी भी स्वच्छ है. मुख्यमंत्री ने नियंत्रण कक्ष में लगी महापुरुषों की तस्वीरों का मुआयना भी किया. मुख्यमंत्री ने बाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष का भी भ्रमण किया. निरीक्षण के दौरान वित्त वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा,विधान पार्षद भीष्म साहनी, विधान पार्षद श्री सौरभ कुमार, पूर्व विधान पार्षद राजेश राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार,सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग देवेश सेहरा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल के पंकज कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक चंपारण रेंज श्री प्रणव कुमार प्रवीण, पश्चिम चंपारण के प्रभारी जिलाधिकारी उप विकास आयुक्त अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक पश्चिम चंपारण उपेंद्र नाथ वर्मा पुलिस अधीक्षक बगहा श्री किरण कुमार गोरख जाधव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे.

 बता दें साल 2000 में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बने थे.बिहार के सीएम 3 मार्च 2000 को नीतीश कुमार ने पहली बार एनडीए की तरफ से बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से सात दिन में ही कुर्सी चली गई.मई 2000 से मई 2004 तक नीतीश कुमार केंद्र में पहले रेल और फिर कृषि मंत्री रहे. 2004 में नालंदा से लोकसभा चुनाव जीता और लोकसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता बने.2005 में दूसरी बार बने मुख्यमंत्री रू नीतीश कुमार ने साल 2005 में हुए मध्यावधि चुनाव में आरजेडी को हराकर पहली बार बहुमत हासिल किया और पूरे 5 साल तक पद पर बने रहे. 2010 में फिर मिली जीत रू नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए ने साल 2010 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की और वे फिर से मुख्यमंत्री बने.2013 में छक्। का साथ छोड़ा रू नीतीश कुमार ने 2013 में नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद एनडीए का साथ छोड़ दिया. 2014 के लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद नीतीश कुमार ने सीएम का पद छोड़कर अपने ही दल के जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया. 2015 में मांझी से अनबन के कारण नीतीश कुमार ने एक बार फिर से बिहार की कमान अपने हाथ में ले ली. इसके लिए उन्होंने फरवरी 2015 में चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की. नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2015 को महागठबंधन के नेता के तौर पर पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.2017 में महागठबंधन से अलग हुए रू नीतीश कुमार ने लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सीएम पद से इस्तीफा दिया. इसके बाद फौरन बाद उन्होंने बीजेपी के समर्थन से छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 2020 में सातवीं बार मुख्यमंत्री बने रू नीतीश कुमार ने 2020 में बीजेपी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उनकी पार्टी को सिर्फ 43 सीटें मिलीं. लेकिन बीजेपी ने बड़ा दल होने के बावजूद नीतीश कुमार को ही सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई. 9 अगस्त 2022 को छक्। से अलग हुए रू नीतीश कुमार ने बीजेपी पर अपनी पार्टी को तोड़ने का आरोप लगाया और एनडीए से रिश्ता तोड़ते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. 10 अगस्त 2022 को 8वीं बार बने मुख्यमंत्री इस्तीफा देने के अगले ही दिन नीतीश कुमार ने आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट के समर्थन से एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

अपने आठवीं मुख्यमंत्रित्व काल में नीतीश कुमार कई बार यात्रा की है.सबसे पहले 

* 12 जून 2005 में, कुमार ने पहली बार न्याय यात्रा का आयोजन किया.

* करीब चार साल बाद 9 जनवरी 2009 से नीतीश कुमार ने विकास यात्रा की शुरुआत की.

* इसके बाद 17 जून 2009 से धन्यवाद यात्रा.

* 25 दिसंबर 2009 से प्रवास यात्रा की शुरुआत की.

* 28 अप्रैल 2010 से विश्वास यात्रा के बाद हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भारी सफलता मिली.

* सेवा यात्रा की शुरुआत 9 नवंबर 2011 से की.

* 19 सितंबर 2012 से अधिकार यात्रा पर निकले.

* 2013 में, उन्होंने बिहार की विशेष स्थिति के लिए दबाव बनाने के लिए अधिकार यात्रा की.

* 5 मार्च 2014 से संकल्प यात्रा की शुरुआत की.

*  13 नवंबर 2014 से वे संपर्क यात्रा पर निकले.

* निश्चय यात्रा की शुरुआत उन्होंने 9 नवंबर 2016 से की.

* समीक्षा यात्रा की शुरुआत 12 दिसंबर 2017 की.

* जल-जीवन-हरियाली यात्रा 3 दिसंबर 2019 से शुरू की.


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