बुधवार, 20 अप्रैल 2022

24 घंटे के अंदर देश छोड़ दें

 

मेक्सिका.पल्लीवासियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि पुण्य शनिवार को ‘रूसी अधिकारियों ने काथलिकों को एक उपहार दिया, निष्कासन का एक आदेश जारी करते हुए‘ कि मास्को के संत पेत्रुस एवं पौलुस पल्ली के पल्ली पुरोहित फेर्नांदो वेरा 24 घंटे के अंदर देश छोड़ दें। उन्हें पास्का जागरण एवं पास्का पर्व तक मनाने नहीं दिया गया.मेक्सिको के ओपुस देई ऑर्डर के पल्ली पुरोहित को जिन्होंने सात सालों तक रूस में सेवा दी थी बिना किसी स्पष्टीकरण के एक दिन के अंदर देश वापस लौटने का आदेश मिला, शायद इसके बाद भी वे रूस में अपने मिशन पर नहीं लौट पायेंगे.  


आलोक कुमार

मंगलवार, 19 अप्रैल 2022

’देश को बचाने के लिये एक बड़े आंदोलन की जरूरत-माले’

 * जदयू के प्रदेश महासचिव सह जदयू सेवादल के दरभंगा जिला अध्यक्ष मो रिजवान आजाद सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं का भाकपा माले में शामिल होने का अभिनंदन-धीरेन्द्र

* ’उन्मादियों को संरक्षण देना बंद करे सरकार-बैद्यनाथ यादव’

* ’अल्पसंख्यकों,दलितों और महिलाओं पर बढ़ते हमले का डटकर प्रतिवाद होगा-नेयाज अहमद’


दरभंगा.आज भाकपा माले कार्यालय में जदयू के प्रदेश महासचिव सह जदयू सेवा दल के दरभंगा जिला अध्यक्ष मो रिजवान आजाद सहित दर्जनों जदयू के कार्यकर्ताओं ने भाकपा माले की सदस्यता ली. उनलोगों ने इस बात का ऐलान किया कि बिहार में भाकपा माले ही सदन से लेकर सड़कों पर इंसाफ की आवाज उठाती है. सामाजिक न्याय,धर्मनिरपेक्षता,शिक्षा-रोजगार-स्वास्थ्य सहित बढ़ते अपराध के खिलाफ आंदोलन का नाम माले है.आगे उन्होंने कहा कि नीतीश जी अब भाजपा-आरएसएस के सामने नतमस्तक हो गए हैं,उनसे अब कोई और उम्मीद नही बची है. ऐसी स्थिति में हमलोगों ने माले में शामिल होने का फैसला किया है.


भाकपा माले में शामिल होने वाले नेताओं-कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेन्द्र झा ने कहा कि हमारा प्यारा देश भारत अभूतपूर्व संकट के दौर से गुजर रहा है. अर्थव्यवस्था की तबाही के साथ आमजन मंहगाई-बेरोजगारी के भीषण बोझ तले कराह रही है. भाजपा-जदयू की केंद्र सरकार बढ़ते जनाक्रोश को दबाने के लिये देश के भीतर उन्मादी माहौल बनाने में लगी है. उन्मादी संगठनों और भीड़ को ऐसा खुला सरकारी संरक्षण इतिहास में कभी नही मिला. कानून का राज और संविधान की गरिमा को रौंदने वाले को शाबाशी मिल रही है. दिल्ली से लेकर दरभंगा तक यह खेल चल रहा है.कानून से ऊपर कोई नही है और एकबार अगर यह प्रक्रिया ध्वस्त हो गयी तो देश-समाज मे अराजकता मच जाएगी. 

भाजपा-आरएसएस के लिये अलग प्रशासनिक नजरिया और आमलोगों के लिये अलग-यह नही चलेगा.उन्होंने कहा कि आरएसएस-भाजपा की उन्मादी हरकतें राम का नाम बदनाम कर रही है. आगे उन्होंने कहा कि न्याय और विकास का तहरीक इस समय की जरूरत है. शिक्षा-रोजगार और स्वास्थ्य पर बड़े आंदोलन समय की मांग है. दलित,गरीब और मजदूरों को जगाना है और देशबेचू आदमखोर ताकतों को भगाना है,का मुहिम तेज करना है,और इसमें समाज के हर प्रगतिशील हिस्से को साथ लेना है.बोचहां उपचुनाव का परिणाम बदलते बिहार की तस्वीर को पेश करता है. वामपंथी आंदोलन को मजबूत करना है और महागठबंधन की धार को तेज करनी है.


वही इस अवसर पर भाकपा(माले) राज्य स्थायी समिति सदस्य सह जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार आरएसएस की गोद मे बैठकर उन्मादियों को संरक्षण देने का काम रही है। जिस पर अभिलम्भ रोक लगना चाहिए. वही इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद में कहा कि अल्पसंख्यक, दलितों, गरीबो, महिलाओं पर हमला के खिलाफ डटकर प्रतिवाद करना होगा. वही भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेता आर के सहनी जदयू छोर माले में शामिल हुए दर्जनो कार्यकर्ता का स्वागत किया। तथा पार्टी सदस्यों को शपथ दिलाया.

 

इस अवसर पर जदयू छोड़ने वालो में रिजवान आजाद प्रदेश महासचिव  सह दरभंगा जिला संगठन प्रभारी जद यू, शिव रतन यादव प्रखंड अध्यक्ष जदयू सेवा दल सिंहवाड़ा, राजेश झा जिला उपाध्यक्ष जद यू, डॉ मो जावेद जिला युवा महासचिव जद यू, कन्हैया पूर्वे जिला युवा महासचिव जद यू, वीरेन्द्र सहनी जिला युवा उपाध्यक्ष जद यू, शैफ अली कार्यकर्ता जद यू, रौशन कुमार यादव, राशबिहारी यादव, हरिमोहन यादव, रामु महतो,सतेंद्र नाथ झा युवा प्रखंड अध्यक्ष जाले, राजेश झा, इंद्र कांत झा ने आज भाकपा(माले) का सदस्यता ग्रहण किये. इस अवसर पर दर्जनो भाकपा(माले) कार्यकर्ता ने भाग लिया.


आलोक कुमार




सोमवार, 18 अप्रैल 2022

हीट वेव से बचाव के लिए नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाये

आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की रिपोर्ट

बेतिया. पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज कार्यालय प्रकोष्ठ में आमजन को हीट वेव से बचाव एवं चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हीट वेव से प्रभावित लोगों के समुचित इलाज के लिए चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ की जाय. इसके लिए डॉक्टर, नर्सेज, कर्मी की उपस्थिति, एंबुलेंस की उपलब्धता आदि की समुचित व्यवस्था करें.


उन्होंने कहा कि हीट वेव से बचाव के लिए नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाये ताकि गर्म हवाएँ/लू से आमजन को प्रभावित होने से बचाया जा सके. आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार द्वारा जारी एडवाइजरी का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित किया जाय.

सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि हीट वेव से प्रभावित व्यक्तियों के इलाज के लिए सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है.साथ ही पूरे स्वास्थ्य अधिकारियों, डॉक्टरों एवं कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है.जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि आमजन को गर्म हवाएँ/लू से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा के उपायों का प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है. आमजन साधारण सावधानी बरत कर अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं.

◆ जहां तक संभव हो कड़ी धूप में बाहर नहीं निकलें.

◆ जितनी बार हो सके पानी पीयें, प्यास नहीं भी लगे तो भी पानी पीयें.सफर में अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें.

◆ जब भी बाहर धूप में जायें, हल्के रंग के ढ़ीले-ढ़ाले सूती कपड़े, धूप के चश्में इस्तेमाल करें. गमछे या टोपी से अपने सिर को ढ़ंके और खाली पांव धूप में नहीं चलें.

◆ अधिक तापमान में कठिन काम नहीं करें.

◆ हल्का भोजन करें. अधिक पानी की मात्रा वाले फल जैसे-तरबूज, खीरा, नींबू, संतरा आदि का सेवन करें तथा ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन का सेवन न करें,

जैसे-मांस व मेवे, जो शारीरिक ताप को बढ़ाते हैं.

◆ घर में बना पेय पदार्थ जैसे कि लस्सी, नमक-चीनी का घोल, छांछ, नींबू-पानी, आम का पन्ना आदि का नियमित सेवन करें.

◆ बच्चों एवं पालतू जानवर को बंद वाहनों में अकेला नहीं छोड़ें.

◆ जानवरों को छांव में रखें और उन्हें खूब पानी पीने को दें.

◆ लू लगने की स्थिति में जैसे कि बेहोशी या चक्कर लगना, उल्टी, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास लगना, दिल की धड़कन तेज होना आदि होने पर तुरंत चिकित्सक के पास जायें. स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान और आगामी तापमान में परिवर्तन के बारे में सतर्क रहें. अगर आपकी तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.


लू लगने पर क्या करे-

◆  लू लगे व्यक्ति को छांव में लिटा दें. अगर तंग कपड़े हो तो उन्हें ढ़ीला कर दें अथवा हटा दें. ठंडे गीले कपड़े से शरीर पोछें या ठंडे पानी से नहलायें. व्यक्ति को ओआरएस, नींबू, पानी, नमक-चीनी का घोल पीने को दें, जो शरीर में जल की मात्रा को बढ़ा सके. यदि व्यक्ति पानी की उल्टियां करें या बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने व पीने को नहीं दें.लू लगे व्यक्ति की हालत में एक घंटे तक सुधार नहीं हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जायें.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह, जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय, सिविल सर्जन, पश्चिम चम्पारण सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.


 

शनिवार, 16 अप्रैल 2022

दीपू ने अनिशा से शादी करने से इंकार कर दिया


पटना. भाकपा-माले व ऐपवा की एक राज्य स्तरीय जांच टीम आज फिर औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड के चिरैला गांव पहुंची. इस जांच टीम में माले विधायक महानंद सिंह, मनोज मंजिल, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे और औरंगाबाद माले जिला सचिव मुनारिक राम शामिल थे.जांच टीम इस मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी से बात की लेकिन उनकी जांच का दायरा केवल प्रेम तक सीमित है लेकिन अन्य लड़कियों ने क्यों जहर खाया इसका जवाब उनके पास नहीं है.जांच टीम को मृतक लड़की काजल कुमारी की मां के द्वारा किया गया एफआईआर की काॅपी और कुछ अन्य तथ्य मिले, जिसके आलोक में जांच दल ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की अपनी मांग को फिर से दुहराया है.

एफआईआर की काॅपी में यह कहा गया है कि अनिषा कुमारी, उम्र-15 वर्ष एक लड़के दीपू से प्रेम करती थी. जो गया जिले के गुरारू प्रखंड के पहाड़पुर गांव का रहने वाला है और उमेश पासवान का बेटा है. लेकिन दीपू ने अनिशा से शादी करने से इंकार कर दिया. उसके बाद अनिशा अपनी सभी सहेलियों को बुलाकर बघार में ले गई और सभी को जहर खाने को दिया. जिसमें 3 की घटना स्थल और एक की अस्पताल में मौत हो गई.

इस मामले में बच गई एक लड़की ने जांच टीम को बताया कि उसने वास्तव में जहर नहीं खाया. एक दूसरी लड़की ने मुंह में रखकर उगल दिया. जिसकी वजह से दोनों की जान बच गई. उसने यह भी कहा कि गांव के ही दबंग जाति समुदाय से आने वाले एक लड़के जिसका नाम गोलू बताया जा रहा है, ने दीपू व अनिशा को बात करते हुए देखा था. उसने इन दोनों का मोबाइल छीन लिया. उसके दो दिन बाद जहर खाने वाली घटना घटी. मोबाइल छीन लेने की रिपोर्ट पहले भी सामने आई है. जब पीड़िता के परिजनों ने उस मोबाइल पर संपर्क करना चाहा था, तो उनके साथ गाली-गलौज किया गया था.

यह भी सवाल यथावत खड़ा है कि आखिर इन नाबालिग लड़कियों को जहर दिया किसने?
जांच टीम ने जिले के आला अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन सफलता हासिल नहीं हो सकी. जांच टीम को एहसास हुआ कि पुलिस की जांच पूरी तरह से दीपू के खिलाफ है. लेकिन वह मोबाइल छीनने वाले लड़के को न तलाश रही है और न ही मोबाइल जब्त कर रही है.जांच टीम को इस बात की प्रबल आशंका है कि सच्चाई को छिपाया जा रहा है. मारी गई लड़कियों के परिजन खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं. वे भी दीपू को ही निशाना बना रहे हैं. उनके ऊपर दबाव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. पहले दिन भी दबंगों का दबाव जांच टीम ने महसूस किया था. दलितों का घर सवर्णों की बस्ती से घिरा हुआ है.
इसलिए जांच दल इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की अपनी मांग दुहराती है. स्थानीय स्तर की जांच से मामले की सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी.

आलोक कुमार 

पास्का जागरण के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम

पटना. संत माइकल हाई स्कूल के सामने है रोमन कैथोलिक समुदाय का चर्च. इस चर्च का नाम है प्रेरितों की रानी ईश मंदिर कैथेड्रल.यहां के प्रधान पल्ली पुरोहित हैं फादर पीयूस प्रशांत माइकल ओस्ता.संत माइकल हाई स्कूल के प्राचार्या फादर एडिसन आमस्टांग के नेतृत्व में पास्का जागरण के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम किया गया. यहां पर आग और पानी कार्यक्रम किया जा रहा है. अंधेरे पर प्रकाश की जीत दर्शाया जाता है. प्रकाश के रूप में प्रभु येसु ख्रीस्त को दिखाया जाता है.जो संसार में व्याप्त अंधेर नगरी को प्रकाशमय कर देंगे. इस अवसर पर ईसाई समुदाय बपतिस्मा संस्कार की प्रतिज्ञा दुहराते हैं. बारह बजने के बाद जीवित होने वाले प्रभु येसु ख्रीस्त के मौत पर विजयी होने पर पास्का का मिस्सा चढ़ाया जाता है.

शुरू में नई आग की आशीष मुख्य अनुष्ठाता के कर कमलो से हुआ.ज्योति की घोषणा एंव ज्योति गुणगान फादर आमस्टाग के द्वारा किया गया.धार्मिक समारोह में धर्मग्रंथ से सात पाठ पढ़े गए. पुनर्जीवित येसु ख्रीस्त ने अपने शिष्यों एंव प्रेरितों तथा अपने अपनों को कई बार दर्शन देकर शांति, भाई चारे एंव प्रेम का संदेश दिया. कैथेालिक विश्वासिययों ने 40 दिनों तक विनती, प्रार्थना, त्याग तपस्या तथा दान देकर अपने जीवन को सुंदर बनाया है. सभी को जल की आशीष में भाग लेते हुए मोमबत्ती जला कर अपने बपतिस्मा के प्रतिज्ञा का दुहरावा किया. सब पर पवित्र जल का छिड़काव किया गया। शनिवार रात के साथ ही रविवार सुबह में मिस्सा किया जाएगा.
आलोक कुमार












 

गर्मियों में बढ़ते तापमान के बीच नींबू की डिमांड भी काफी बढ़ गई

 पटना.सामान्य आकार का एक पीला नींबू हाथ में ले.साथ में हल्दी का पेस्ट एक पुड़िया बनाकर सफेद कागज, लाल रूमाल और उसके अंदर सिंदूर भी रखें. Nimbu पर आप जिसको वशीकरण करना चाहते हैं उसका नाम का पहला अक्षर haldi से लिखे। कागज पर पूरा नाम लिखें और नींबू को उसपर रखकर रूमाल में लपेट लें.

गर्मियों में बढ़ते तापमान के बीच नींबू की डिमांड भी काफी बढ़ गई है. जिस कारण नींबू कई जगहों पर 300 रूपए प्रति किलो के पार हो गया है. हाल ये है कि कई जगहों पर 10 रुपए में सिर्फ एक नींबू ही मिल रहा है. दिल्ली के मार्केट में सब्जी विक्रेताओं की मानें तो बीते कुछ दिनों में नींबू के दामों में काफी इजाफा हुआ है. नोएडा में नींबू अलग अलग दामों में बिक रहा है, इसमें 240 रुपए से लेकर 280 रुपये प्रति किलो तक शामिल है. कुछ दुकानदारों का कहना है कि मंडियों में ही नींबू के दामों में काफी इजाफा हुआ है, बीते हफ्ते जो नींबू 200 रुपए प्रति किलो बिक रहा था वो अब 250 प्रति किलो के पार चला गया है.


इसी तरह की अवैज्ञाणिक करतब करने से नींबू की कीमत आसमान में है. नींबू की कीमत दिन व दिन बढ़ रही है बाजार में दस पीस नींबू की कीमत में एक किलो अंगूर या सेव खरीदा जा सकता है.इस कीमत में चार किलो तरबूज भी आ जाएगा. रमजान में रोजेदारों को दिनभर उपवास रखने के लिए सुबह शाम नींबू का विटामिन चाहिए. ऐसे में खरीददार नींबू के ऊंचे दाम देकर खरीदने को मजबूर हैं थोक बाजार में नींबू की कीमत आठ रुपये प्रति पीस है. बीस रूपये दें और दो नींबू ले.


शौचालय काफी गंदे रहते थे.वह अभी भी बरकरार

 आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की पोल खोलनी वाली रिपोर्ट...

पटना. इन दिनों राजधानी पटना को पटना नगर निगम स्वच्छ और सुन्दर बनाने में जुटा है.यह सब स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले किया जा रहा है.इसके लिए निगम प्रशासन के तरफ से शहर में 500 से अधिक शौचालय का निर्माण करवाया गया है. जो स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग को बढ़ाने में मददगार साबित होगा. इन सभी टॉयलेट्स की साफ सफाई और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल को दी गई है.   


बता दें कि पिछली बार पटना स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में फिसड्डी हो गया था. इसका मुख्य कारण शौचालय की गुणवत्ता में कमी थी. निगम प्रशासन किसी भी शौचालय की देखरेख नहीं करता थी. जिसकी वजह से शौचालय काफी गंदे रहते थे.वह अभी भी बरकरार है. 

पटना नगर निगम के वार्ड 22 ए के क्षेत्र में स्थित है शौचालय.कुर्जी चर्च के परिसर से सटे निर्मित है शौचालय है.पटना नगर निगम के 22 ए में दर्जनों सफाईकर्मी हैं.जो रोड क्लिन करने में लगे रहते हैं.वार्ड 22 ए के वार्ड पार्षद ध्यान दें.अब स्थिति यह है आवाजाही करने वालों को नाक पर रूमाल रखकर जाने को मजबूर हो रहे हैं.

बता दें कि संत माइकल हाई स्कूल व हार्टमन बालिका उच्च विघालय के बच्चे आते और जाते हैं.यहां पर स्कूल के बच्चों का वाहन खड़ा कर चालक बच्चों की छुट्टी का इंतजार करते हैं.

कुछ माह के बाद पटना नगर निगम का चुनाव होने वाला है.क्षेत्र के वार्ड 22 ए के वार्ड पार्षद दिनेश कुमार उदासीन है.ऐसी स्थिति में वार्ड 22 ए के वार्ड पार्षद के उदासीनता का फायदा भावी प्रत्याशी उठा सकते हैं.भावी प्रत्याशियों में उमेश कुमार काफी सक्रिय हैं.जो इसको मुद्धा बनाकर शौचालय की सफाई करवा सकते हैं.मालूम हुआ है कि पटना नगर निगम ने सभी मॉड्युलर शौचालय और सामुदायिक शौचालय की साफ सफाई की जिम्मेदारी सुलभ शौचालय को दे दी है. हम लोग हर दिन सुबह शाम शौचालय की सफाई करवाते हैं.साफ है कि इसको शामिल नहीं किया गया है.


यह निगम के द्वारा बनाया है.निगम के जरिए बनाये गये शौचालयों की गुणवत्ता की बात करें तो आर्किटेक्ट का मानना है कि निगम ने जितने भी शौचालय भवनों का निर्माण किया है वो ठीक हैं. लेकिन किसी भी शौचालय का मेंनटेनेंस नहीं होता है, जब अधिकारी शौचालय का निरिक्षण करने आते हैं तो साफ सफाई करा दी जाती है. नगर निगम इस बार शौचालयों की सफाई का पूरा ख्याल रख रहा है. 100 से अधिक शौचालय की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल को दी गई है. सुलभ शौचालय जो लोग उपयोग करते उनसे 5 रुपये भी लिया जाता है. ताकी शौचालय की सफाई करवाई जा सके. वहीं, बाकी सभी शौचालय को निगम अपने मंद से खुद सफाई कराता है. जो लोग इन शौचालय का उपयोग करते है. उनसे पैसा भी नहीं लिया जाता है.                    

पटना नगर निगम क्षेत्र में निगम ने तीन तरह के शौचालय बनावाए हैं. सुलभ शौचालय, सामुदायिक शौचालय और मॉड्यूलर शौचालय. इनकी संख्या की बात की जाये तो सुलभ शौचालय की संख्या 100 है. यहां लोगों से पैसे लेकर शौच करने दिया जाता है. तो वहीं सामुदायिक शौचालय की संख्या 170 से अधिक है. मॉड्यूलर शौचालय की संख्या 200 है. पटना में मॉड्यूलर टॉयलेट्स का निर्माण दो वर्ष पहले किया गया था. लेकिन इसमें देखरेख का अभाव था.                          

200 से अधिक शौचालय का टाटा स्टील कंपनी के माध्यम से स्टील युक्त मॉड्युलर शौचालय का निर्माण करवाया गया था. ताकि लोग सड़कों पर गंदगी ना फैलाएं. लेकिन रखरखाव के अभाव में सभी शौचालय की फ्लश, सीट, नल वगैरह गायब हो जाने और पानी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण वे कारगर नहीं हो पाया था. अब रेनोवेशन और संचालन की व्यवस्था होने के बाद उन्‍हें आम जन के उपयोग लिए फिर चालू कर दिया गया है.                                            


इन दिनों पटना नगर निगम में सभी शौचालय की सफाई की जा रही है. गुणवत्ता की बात करें तो सफाई के मामले में इन दिनों निगम की ओर से अच्छी पहल की जा रही है पानी की भी व्यवस्था अब सभी शौचालय में रह रहती है'- रविन्द्र कुमार, पटनावासी.                          

हमारी तरफ से शौचालय की गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जाता है. अगर कोई संवेदक द्वारा गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो उस पर निगम प्रशासन कर्रवाई भी करता है. क्योंकि निगम द्वारा बनाए गए सभी शौचालय का बजट काफी अधिक है.                     

वहीं  निगम द्वारा बनाए गए सभी शौचालय की गुणवत्ता को लेकर जब सिविल इंजीनियर अभय राणा से बात की गई तो उनका बताया कि भवन निर्माण में सरकार और निगम प्रशासन गुणवत्ता का तो पूरा ख्याल रखते हैं. लेकिन उन भवनों के रखरखाव का अभाव साफ तौर पर दिखाई देता है. क्योंकि भवनों का मेंटेनेंस इनके द्वारा नहीं किया जाता. जब कोई अधिकारी इन भवनों के निरीक्षण के लिए आते हैं तो सफाईकर्मी साफ सफाई कर देते हैं.                 

शौचालय की सफाई की बात करें तो अभी स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर सर्वे चल रहा है. इसलिए निगम द्वारा सभी शौचालय की सफाई ठीक से की जा रही है. लेकिन जैसे ही सर्वेक्षण समाप्त होगा फिर शौचालय उसी स्थिति में पहुंच जाएगा-' अभय राणा, सिविल इंजीनियर                            

आपको बता दें कि पटना नगर निगम ने सभी शौचालयों की दावारों पर नीले रंग करा दिए हैं. इससे आम जन के लिए नजदीकी शौचालय की पहचान करना आसान हो गया है. अगर स्वच्छता सर्वेक्षण के सर्वे के बाद भी ये देख रेख इसी तरह जारी रही तो लोगों को शहर के अंदर टॉयलेट्स के लिए इधर उधर भटकना नहीं पडे़गा और साथ ही शहर में सफाई भी अच्छी रहेगी.                   



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