आलोक कुमार हूं। ग्रामीण प्रबंधन एवं कल्याण प्रशासन में डिप्लोमाधारी हूं। कई दशकों से पत्रकारिता में जुड़ा हूं। मैं समाज के किनारे रह गये लोगों के बारे में लिखता और पढ़ता हूं। इसमें आप लोग मेरी मदद कर सकते हैं। https://adsense.google.com/adsense/u/0/pub-4394035046473735/myads/sites/preview?url=chingariprimenews.blogspot.com chingariprimenews.com
शुक्रवार, 22 अप्रैल 2022
जानकारियों का आदान-प्रदान करना
रायसेन.एकता परिषद मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान के तहत जिला रायसेन के ब्लॉक के सिलवानी ब्लॉक के ग्राम पुद्दर में दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का आयोजन रखा है.जिसमे सिलवानी ब्लाक,50 गांव के लगभग 100 मुखिया साथी भाग ले रहे हैं. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम के तहत जानकारियों का आदान-प्रदान करना एवं वन अधिकार पाने के लिए जो प्रक्रिया है उसकी जानकारी ग्रामीणों को देना है.
इस शिविर में प्रत्येक गांव से दो-दो मुखियाओं का नेतृत्व तैयार कर वन अधिकार अभियान चलाया जाएगा.शिविर में भोपाल से आए एकता परिषद के राष्ट्रीय महा सचिव श्री अनीश जी ने जमीन के संदर्भ में बात रखते हुए बताया की वन अधिकार क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अभी भी पिछड़ा हुआ हे जिसको लेकर अभी बहुत कार्य करना शेष है.
एकता परिषद के संभागीय संयोजक दीपक अग्रवाल ने कहां कि मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है, आने वाले समय में अंतिम बार जिन लोगों को वन अधिकार का पट्टा नहीं मिला है उन सभी का वन अधिकार अभियान के तहत दावा लगाने के लिए एकता परिषद इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं द्वारा सिलवानी के ग्रामों में वन अधिकार पर मई माह से चौपाल लगाकर दावे लगाने की प्रक्रिया चलाई जाएगी .इस प्रक्रिया के उपरांत वन भूमि के मुद्दों को हल कराने के लिए शासन प्रशासन से संवाद किया जाएगा.
शिविर में एकता महिला मंच रायसेन जिला समन्वयक सरस्वती ऊइके, जिला संयोजक टीकाराम आठिया , बैतूल से आए संयोजक भरत सरयाम, सिलवानी क्षेत्र के कार्यकर्ता साथी, विमलेश भाई, संतोष सिंह गौड़,बबली बाडिवा, चन्द्रवती बहिन, बलीराम भाई आदि गांवों मुखिया, युवा,महिलाएं उपस्थित रहे.
आलोक कुमार
जिलाधिकारी कुंदन कुमार प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड से सम्मानित
*जिलाधिकारी कुंदन कुमार प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड से सम्मानित
🖋आलोक कुमार और स्वीटी माइकल
बता दें कि आईएएस बनने से पहले कुंदन कुमार 2009 बैच के IPS थे. उत्तराखंड कैडर में तीन साल आईपीएस रहे फिर 2012 में आईएएस बने. इसके पहले मुंबई में पांच साल तक रिलायंस में बड़े पदाधिकारी रहे. आईएएस, आईपीएस और इंजीनियर तीनों ही क्षेत्र की जानकारी और स्टडी इस आईएएस को औरों से अलग कर देती है.जब बांका जिले के डीएम कुंदन कुमार थे.तब बांका जिला में पांच सरकारी विद्यालयों से Smart Class की शुरुवात की थी. इसके बाद उसकी गूंज अमेरिका के ड्यूक यूनिवर्सिटी तक छा गई.
बता दें कि डीएम कुंदन कुमार ने वर्ष 2020 में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि होने पर लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण घर वापस लौटे कामगारों के द्वारा जिला प्रशासन की सहायता से जिले में प्रारंभ किये गए स्टार्टअप जोन चनपटिया के कारण सफलता की कहानी में एक और अध्याय जोड़ दिये है. दरअसल लॉकडाउन में 80 हजार से ज्यादा कामगारों की जिले में घर वापसी हुई थी. यह सभी अपना घर-बार छोड़कर अन्य राज्यों में मजदूरी करते थे. मगर लॉकडाउन के कारण आजीविका छीन जाने पर यह अवसाद और परेशानी में वापस आए थे. क्वारंटाइन कैंप में 14 दिन रहने के दौरान जिला प्रशासन द्वारा इनकी स्किल मैपिंग कराई गई और जिले में उद्यम स्थापित करने के लिए सुझाव लिए गए.
मुख्य रूप से सड़क से संबद्ध स्थान, 24×7 के तर्ज पर थ्री फेज बिजली और राशि की आवश्यकता बताई गयी. आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बैंक के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर ऋण मेला का आयोजन करते हुए हुए आर्थिक सहायतार्थ ऋण दिलवाया गया. स्थान के लिए 20 एकड़ में फैले बाजार समिति के अनुपयोगी पड़े वेयरहाउस को चिन्हित किया गया और बिजली के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता कर डेडिकेटेड ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कराई गई. सभी प्रकार के कागजातों को तैयार करने, ऋण दिलाने में सहायता प्रदान करने या यूं कहें प्रत्येक स्तर पर सहायता करने के लिए जिला स्तरीय एक-एक पदाधिकारी को सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (स्पोक) के रूप में प्राधिकृत किया गया.
इसके साथ ही कामगारों के द्वारा लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर एडेड इक्विपमेंट का आयात करना शुरू किया गया और इस प्रकार से चनपटिया के 20 एकड़ में फैले बाजार समिति में जिले का प्रथम स्टार्टअप की शुरुआत की गई. इस दरम्यान जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दर्जनों बार कामगारों, बैंक प्रबंधकों, स्टेक होल्डरों के साथ समीक्षा बैठक की गई और उद्यमियों को हर संभव मदद पहुंचायी गयी.
डीएम के कुशल मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश से अब तक 57 उद्यमियों के द्वारा स्टार्टअप जोन में यूनिट स्थापित कर लिया गया. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के 400 से अधिक मशीनों की स्थापना हो चुकी है, जिससे उत्पादित 15 करोड़ से ज्यादा के सामानों की बिक्री स्थानीय बाजार सहित अन्य जिले, राज्यों तथा विदेशों में किया जा चुका है. सामानों की बात करें तो बनारसी साड़ी, स्वेटर, कश्मीरी शाल सहित 25 से अधिक प्रकार के टेक्सटाइल एंड एपैरल का निर्माण स्टार्टअप जोन में किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त सेनेटरी पैड, फुटवेयर्स, स्टील के बर्तन का भी निर्माण किया जा रहा है. कुछ दिनों पूर्व ही ई-रिक्शा की भी असेंबलिंग स्टार्टअप जोन में शुरू कर दिया गया है.
बेतिया मॉडल (स्टार्टअप जोन) की सफलता से अभिभूत होकर जिले के अन्य क्षेत्रों में 100 से अधिक उद्यम स्थापित हो चुके हैं. स्टार्टअप जोन के इस अभिनव प्रयोग के कारण जिले के सुदूरवर्ती थरुहट क्षेत्र हरनाटांड़, मिश्रौली एवं रामनगर सहित अन्य क्षेत्रों में भी उद्यम स्थापना की बयार बह चुकी है. 140 से अधिक लोग उद्यम स्थापना के लिए स्थान आवंटन हेतु कतार में हैं. थरुहट के लोगों द्वारा भी चनपटिया के तर्ज पर ही प्लग एंड प्ले आधारित स्टार्टअप जोन स्थापित करने की मांग की गई. इन्हें प्लग एंड प्ले आधारित स्टार्टअप जोन मुहैया कराने को लेकर स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है.
बता दें कि चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता को राज्य सहित केंद्र स्तर पर पहचान प्राप्त हुई है और इसी कड़ी में सिविल सर्विसेज दिवस 21 अप्रैल, 2022 को देश के सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण पुरस्कार प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड, 2021 के तहत इनोवेशन कोटि में पुरस्कार के लिए डीएम कुंदन कुमार काे चयन कर सम्मानित किया. साथ ही स्टार्टअप जोन के लिए 20 लाख रुपये का अवार्ड भी मिला.इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित होने के लिए पूरे देश के जिलों से प्रविष्टी मांगी गई थी, जिसमें 2253 जिलों से विस्तृत प्रस्ताव भेजे गए थे. इसमें 847 जिलों से केवल इनोवेशन के क्षेत्र में प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे गए थे.
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है और संबंधित सभी अधिकारियों, कर्मियों एवं उद्यम स्थापित करने वाले कामगारों श्रमिकों को शुभकामना दी हैं. उन्होंने कहा कि यह सम्मान जिले की जनता के लिए है और खास कर स्टार्टअप जोन चनपटिया के उन उद्यमियों को समर्पित है, जिन्होंने कोरोना जैसी विपत्ति में भी अपने जिले के विकास के लिए एकजुटता और प्रतिबद्धता दिखाई, जिसके कारण स्टार्टअप जोन, चनपटिया की स्थापना हो पाई इस पुरस्कार ने ना केवल जिले का मान बढ़ाया है बल्कि बिहार का भी मान पूरे देश में बढ़ाया है.
चनपटिया के जिला पार्षद आरजू परवीन ने 2012 बैच के आईएएस कुंदन कुमार को बधाई दी है. इनका व अधिकारियों का अतुलनीय योगदान रहा है.इसके बल पर यहां के बने विभिन्न उत्पाद साड़ी, लहंगा, शर्ट, टी-शर्ट, लोअर, ट्रैक सूट, जैकेट आदि लद्दाख, कश्मीर, लुधियाना, दिल्ली आदि बड़े शहरों में भेजे जा रहे हैं तथा यहां के उत्पादों की डिमांड दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.
गुरुवार, 21 अप्रैल 2022
वर्तमान में प्रतिनिधि सभा में 76 सीटें हैं - सत्ता बनाए रखने के लिए न्यूनतम आवश्यक
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 21 मई को देश में संघीय चुनाव कराए जाने की घोषणा की है। मॉरिसन के सत्तारूढ़ गठबंधन के पास वर्तमान में प्रतिनिधि सभा में 76 सीटें हैं - सत्ता बनाए रखने के लिए न्यूनतम आवश्यक...
ऑस्ट्रेलिया.ऑस्ट्रेलिया में 21 मई को संघीय चुनाव है. ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 21 मई को संघीय चुनाव कराने का सुझाव दिया है.मतदान सर्वेक्षणों में सत्ता परिवर्तन की संभावना व्यक्त की गई है. एंथनी अल्बनीज के नेतृत्व में विपक्षी लेबर पार्टी की सरकार बनने का अनुमान व्यक्त किया गया है. परंतु पिछले चुनाव में अधिकांश मतदान सर्वेक्षणों के नतीजों के विपरीत स्कॉट मॉरिसन ने बहुमत हासिल किया था.मॉरिसन के सत्तारूढ़ गठबंधन के पास अभी 76 सीटें हैं.बताया गया कि ऑस्ट्रेलिया में जॉन हॉवर्ड के बाद मॉरिसन ऐसे पहले नेता हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया है. हॉवर्ड चार चुनाव जीतने के बाद 2007 में लेबर पार्टी के केविन रूड से चुनाव हार गए थे.
चुनाव की घोषणा करते समय मॉरिसन ने कहा कि आर्थिक अनिश्चितताओं से बचने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए आप हमारी पार्टी को वोट करें. उन्होंने कहा कि 21 मई को होने वाले इस चुनाव में उदारवादियों को वोट देकर ही आप मजबूत भविष्य के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं.मॉरिसन ने कहा कि विपक्षी लेबर पार्टी का कहना है कि वह ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए बेहतर आर्थिक विकल्प पेश करेगी. लेकिन ये उनके झूठे वादे हैं.उनके झांसे में जनता न आएं.
मॉरिसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने पिछले चुनाव के बाद से कई चुनौतियों का सामना किया है - जिसमें आग, बाढ़ और COVID-19 महामारी शामिल है. इस दौरान हमारी सरकार ने दूसरे देशों की तुलना में बहुत बेहतर प्रदर्शन किया है. बता दें कि स्कॉट मॉरिसन ऑस्ट्रेलिया के 30वें और वर्तमान प्रधान मंत्री के रूप में कार्यरत हैं.उन्होंने अगस्त 2018 में ऑस्ट्रेलिया की लिबरल पार्टी के नेता के रूप में पदभार ग्रहण किया था. वहीं उनके विपक्ष में लेबर पार्टी है जो कि उन्हें टक्कर देती दिख रही है.लेबर पार्टी के मुख्य नेता एंथनी अल्बनीस हैं.हालांकि चुनाव के बाद ही नतीजे साफ हो पाएंगे.
इस बीच 21 मई को ऑस्ट्रेलिया के संघीय चुनाव से पहले प्रचार अभियान के रूप में, देश के कैथोलिक धर्माध्यक्षों ने मतदाताओं से अपने ख्रीस्तीय धर्म के आलोक में दांव पर लगे मुद्दों पर विचार करने का आग्रह किया.
पर्यावरणीय चिंता, बेहतर उपशामक और वृद्ध देखभाल, बढ़ती गरीबी, शरण चाहने वालों और आदिवासी लोगों के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और कैथोलिक शिक्षा के लिए स्कूल इत्यादि धर्माध्यक्षों द्वारा रेखांकित मुद्दे हैं.
ऑस्ट्रेलियाई कैथोलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष ब्रिस्बेन के महाधर्माध्यक्ष मार्क कॉलरिज ने चुनाव के ठीक एक महीने पहले मंगलवार को जारी एक बयान में उन चिंताओं को व्यक्त किया.
धर्माध्यक्षों ने संत पापा फ्राँसिस की अपील को याद करते हुए कहा कि "एक बेहतर प्रकार की राजनीति, जो वास्तव में आम अच्छे की सेवा में हो."
"हमारा ख्रीस्तीय विश्वास हमें एक मिशनरी के रूप में जीने के लिए बुलाता है जो मानवता को येसु मसीह के प्रेम की गवाही देते हैं.हमारी मान्यताएं एक निजी आध्यात्मिकता नहीं हैं, बल्कि कार्यों में व्यक्त प्रेम के माध्यम से महसूस की जाती हैं."
धर्माध्यक्षों का कहना है कि लोकतांत्रिक समाज में ख्रीस्तीय होने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि "सभी की भलाई के लिए अपने वोट का उपयोग करके वे अपने समुदाय के लिए जो अच्छा कर सकते हैं, उस पर चिंतन करें."
ऑस्ट्रेलिया, 2019 में पिछले चुनाव के बाद के वर्षों में, चरम मौसम, कोविड -19 के प्रभावों और यूक्रेन में युद्ध के प्रभाव को देखा है, जो शांति, न्याय और सहयोगात्मक भागीदारी के राजनीतिक मूल्यों की रक्षा करने की आवश्यकता को उजागर करता है.
जैसा कि देश महामारी के मद्देनजर आर्थिक सुधार चाहता है, धर्माध्यक्ष "एक नए सामाजिक अनुबंध" का आह्वान करते हैं जो किसी भी व्यक्ति या सामाजिक समूह को पीछे छोड़े बिना आम भलाई को बढ़ावा देता है.
वे स्वास्थ्य देखभाल, विशेष रूप से वृद्ध देखभाल और उपशामक देखभाल के मानकों में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि मानव गरिमा के लिए समाज को "सभी लोगों के जीवन को महत्व देना चाहिए, जिसमें उनके जीवन के अंत के करीब का समय भी शामिल हैं."
धर्माध्यक्षों का कहना है कि उपशामक देखभाल तक पहुंच आवश्यक है, ताकि मरने वाले पर सहायता प्राप्त आत्महत्या का विकल्प चुनने के लिए दबाव न डाला जाए.
ऑस्ट्रेलियाई धर्माध्यक्षों ने ऐसी नीतियों का आह्वान किया जो बेरोजगारी और गरीबी में पीड़ित लोगों की सहायता करती हैं.
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की भी रक्षा की जानी चाहिए."भेदभाव से सुरक्षा और धार्मिक संगठनों को उनके विश्वास से प्रेरित मिशन के आधार पर चलाने की स्वतंत्रता मौलिक मानवाधिकार हैं जिनकी रक्षा की जानी चाहिए."
कलीसिया द्वारा संचालित संस्था द्वारा एक वर्ष में 777,000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों को शिक्षित करने के साथ, कैथोलिक धर्माध्यक्ष मतदाताओं से राजनेताओं को चुनने का आग्रह करते हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि "स्कूल का विकल्प सभी परिवारों के लिए एक सुलभ विकल्प बना रहे," विशेष रूप से वंचित समुदायों में.
बच्चियों के साथ बैठकर भोजन किया
कन्या मध्य विद्यालय में गुरुवार को मिश्रित दाल, चावल और सलाद का मेन्यू था. स्कूल में इसके मुताबिक भोजन की व्यवस्था की गई थी. भोजन करने के बाद जिलाधिकारी ने भोजन की क्वालिटी की जमकर तारीफ की और स्कूल को इस मामले में 100 में 100 नम्बर दिया. उन्होंने कहा कि वह बिना बताए यहां पहुंचे थे और बिल्कुल घर जैसा खाना लगा. वहीं, डीईओ ने भी कहा कि अब ऐसे ही औचक निरीक्षण किया जाएगा, ताकि खाने की क्वालिटी और बेहतर हो सके. उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी.
आलोक कुमार
गायब मिले शिक्षक से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा
■ ’10़2 सुप्पी हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित शिक्षक मिले गायब 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा गया’
सीतामढ़ी.प्रभारी जिला पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त विनय कुमार द्वारा सुप्पी प्रखंड अंतर्गत रामनगरा पंचायत के ग्राम रामनगरा में ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के तहत किसान रणधीर कुमार के निजी जमीन पर पोखर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया. वहाँ कार्यस्थल पर निबंधित जॉब कार्ड धारक द्वारा कार्य कराया जा रहा जहां निरीक्षण किया गया. इस योजना के पूर्ण होने से जल संचयन और कृषि कार्य, मछली पालन, पर्यावरण शुद्धिकरण, जल संरक्षण, सिंचाई की सुविधा आदि कार्यों में सहयोग होगा, साथ ही पोखर के चारो तरफ वृक्षारोपण कराया जाएगा. जिससे वातावरण शुद्ध होगा.
इसके उपरांत 10़2 सुप्पी हाई स्कूल के प्रांगण में मनरेगा के तहत चबूतरा निर्माण कार्य कराया गया है. जिसका निरीक्षण किया गया जो कि भौतिक रूप से पूर्ण पाया गया, साथ ही प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय का भी निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान 9 शिक्षकों में से एक शिक्षक की उपस्थिति देख भड़के प्रभारी डीएम. जिला शिक्षा पदाधिकारी को 24 घंटे के अंदर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया. साथ ही प्रभारी जिला पदाधिकारी ने राजकीय कन्या मध्य विद्यालय ससौला पहुंचकर शिक्षकों की उपस्थिति पंजी की जांच की शिक्षकों से बच्चे के पढ़ाई का फीडबैक लिया. शौचालय, क्लास रूम, का भी अवलोकन किया.
बुधवार, 20 अप्रैल 2022
विजयोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर ऐतिहासिक पल का गवाह बनें
बायोमैट्रिक जीवन प्रणामपत्र भी बनाया जाएगा
पटना.राज्य में मई- जून में नगरपालिका का चुनाव संभावित है.सूबे में पंचायत चुनाव,24 विधान परिषद और विधान सभा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो गयी है.अब नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी.
इस बीच वर्तमान पार्षद व भावी पार्षद प्रत्याशी भीषण गर्मी में भी चुनाव प्रचार करने में लगे हैं.पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी के प्रतिनिधि पप्पू राय का कहना है डिप्टी मेयर रजनी देवी मेयर पद के लिए किस्मत अजमाएंगी.सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि 22 अप्रैल दिन शुक्रवार समय 10 बजे से डिप्टी मेयर कार्यलय 22C कुर्जी मोड़ में आयुष्मान भारत कार्ड, गोल्डन कार्ड , ई श्रम कार्ड, डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा.इसके साथ बायोमैट्रिक जीवन प्रणामपत्र भी बनाया जाएगा.यहां के लोगों ने कहा कि आधार कार्ड भी बनाने की व्यवस्था हो.
संभावना जताई जा रही है कि राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर देगा.सूत्रों के अनुसार नगर निकाय का चुनाव एक ही चरण में कराने पर विचार किया जा रहा है.चुनाव ईवीएम से होगा. नगर निकाय चुनाव में भी पहली बार वोटरों के सत्यापन के लिए मतदान केन्द्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा.
बता दें कि आयोग ने पंचायत चुनाव में बोगस वोटिंग को रोकने के लिए पहली बार बायोमेट्रिक सिस्टम को लागू कराया. नगर निकाय चुनाव में इस बार कई नए क्षेत्रों में भी मतदान कराए जाएंगे.नगर विकास एवं आवास विभाग ने करीब 166 नए नगर निकायों का गठन, उत्क्रमण क्षेत्र एवं विस्तार किया है. इनमें 6 नए नगर निगम भी हैं.इन क्षेत्रों में पहले वार्ड का गठन होगा.
इसके बाद आरक्षण के रोस्टर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. फिर मतदाता सूची तैयार होगी. खासबात यह होगी कि नगर निकाय चुनाव में दो बच्चे वाला प्रावधान लागू रहेगा.यानी जिन लोगों के दो से अधिक बच्चे होंगे वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.
सूबे में 109 नए नगर पंचायत बनाए गए है.पटना में (2) - पुनपुन और पंचायत पालीगंज; नालंदा में (10)- हरनौत, सरमेरा, रहुई, परवलपुर, गिरियक, अस्थावा, एकंगरसराय, चंडी, पावापुरी (गिरियक) और सिलाव; भोजपुर में (1)- गड़हनी; बक्सर में (2)- चौसा और ब्रम्हपुर; कैमूर में (3)- हाटा, कुदरा और रामगढ़; रोहतास में (4)- चेनारी, दिनारा, काराकट और रोहतास; मुजफ्फरपुर में (7)- मुरौल, सकरा, बरुराज, मीनापुर, कुढ़नी, सरैया और माधोपुर सुस्ता; पश्चिमी चंपारण में (2)- लौरिया और जोगापटी; वैशाली में (3)- जन्दाहा, गोरौल और पातेपुर; मुंगेर में (1)- तारापुर; शेखपुरा में (2)- चेवाड़ा और शेखोपुरसराय; जमुई में (1)- सिकन्दरा; खगड़िया में (4)- अलौली, परबत्ता, मानसी और बेलदौर; गया में (5)- वजीरगंज, फतेहपुर, डोभी, इमामगंज और खिजरसराय; औरंगाबाद में (2)- बारूण और देव; नवादा में (1)- रजौली; जहानाबाद में (2)- घोषी और काको; अरवल में (1)- कुर्था; पूर्णिया में (8)- चम्पानगर, बायसी, अमौर, जानकीनगर, धमदाहा, मीरगंज, भवानीपुर और रूपौली; कटिहार में (5)- कोढ़ा, बरारी, कुर्सेला, अमदाबाद और बलरामपुर; अररिया में (3)- रानीगंज, जोकीहाट और नरपतगंज; किशनगंज में (1)- पौआखाली; सीवान में (6)- बसंतपुर, गुठनी, आन्दर, गोपालपुर, हसनपुरा और बड़हड़िया; सारण में (3)- मशरख, मांझी और कोपा; दरभंगा में (9)- कुशेश्वरस्थान पूर्वी, बहेड़ी, हायाघाट, घनश्यामपुर, बिरौल, भरवाड़ा, सिंहवाड़ा, जाले और कमतौल; मधुबनी में (2)- फुलपरास और बेनीपट्टी; समस्तीपुर में (3)- सरायरंजन, मुसरी घरारी और सिंघिया; भागलपुर में (4)- हबीबपुर, सबौर, पीरपैंती और अकबरनगर; बांका में (2)- कटोरिया और बौंसी; सहरसा में (4)- सौरबाजार, बनगाँव, नवहट्टा और सोनवर्षा; सुपौल में (2)- पीपरा और राघोपुर; मधेपुरा में (3)- सिंहेश्वर, बिहारीगंज और आलमनगर; गोपालगंज में (1)- हथुआ.
इसी तरह 11 नगर परिषद का क्षेत्र विस्तार किया गया है. बक्सर, डुमरांव, शेखपुरा, बरबीघा, मसौढ़ी, खगड़िया, सीवान, बीहट (बेगूसराय), हाजीपुर, सुल्तानगंज, नवादा.
इस बार 6 नगर परिषद को नगर निगम बनाया है.पश्चिमी चंपारण जिले में बेतिया, पूर्वी चंपारण जिले में मोतिहारी, मधुबनी जिले में मधुबनी, समस्तीपुर में समस्तीपुर, रोहतास जिले में सासाराम, सीतामढ़ी जिले में सीतामढ़ी.
वहीं 32 नगर पंचायत को नगर परिषद बनाए गए है.राजगीर, पीरो, नोखा, चकिया व रामनगर (पू. चम्पारण), लालगंज व महुआ, जनकपुर रोड व जनकपुर रोड व बैरगनिया, शिवहर, तेघड़ा, बलिया व बखरी, हवेली खड़गपुर, गोगरी जमालपुर (खगड़िया), बोधगया, शेरघाटी व टेकारी, वारिसलीगंज व हिसुआ, कांटी, मोतीपुर व साहेबगंज, कसबा व बनमनखी, जोगबनी, बरौली व मीरगंज, रोसड़ा व दलसिंहसराय, नवगछिया, सिमरी बख्तियारपुर.
वार्डों के गठन, आरक्षण रोस्टर और नए नगर निकायों में वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में एक से दो महीने का वक्त लग सकता है.राज्य में पहले से 12 नगर निगम पटना, बिहारशरीफ, आरा, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मुंगेर, बेगूसराय, पूर्णिया, कटिहार और छपरा नगर निगम थे.
राज्य सरकार ने 6 और नगर निगम पश्चिम चंपारण जिला में बेतिया, पूर्वी चंपारण जिला में मोतिहारी, मधुबनी जिला में मधुबनी, समस्तीपुर जिला में समस्तीपुर, रोहतास जिला में सासाराम और सीतामढ़ी जिला में सीतामढ़ी को नगर परिषद से उत्क्रमित कर नगर निगम बनाया है.
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