सोमवार, 20 जून 2022

रेलवे भर्ती आंदोलन में फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज कर भेजा गया जेल


◆ ’रेलवे भर्ती आंदोलन में फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज कर भेजा गया जेल’

◆ ’आज स्वतःसफूर्त रहा भारत बंद, शांतिपूर्ण लड़ाई जारी रखें युवा’

◆ ’अग्निपथ योजना के खिलाफ विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराए नीतीश सरकार’

पटनाः इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य उपाध्यक्ष, आइसा बिहार के पूर्व राज्य सह सचिव और पार्टी की राज्य कमिटी के सदस्य साथी तारिक अनवर को गया पुलिस ने 19 जून की रात 10 बजे करीब उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें स्थानीय थाने में न रख किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है.जिला सहरसा के आइसा के संयोजक मन्नु कुमार ने कहा कि प्रशासन अविलंब उनका लोकेशन बताए.अगर अविलंब सही लोकेशन और रिहा नही किया गया तो भारी आंदोलन होगा जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी.
 
इस बीच भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने 19 जून की रात गया के चाकंद से भाकपा-माले की राज्य कमिटी के सदस्य व इनौस के बिहार राज्य उपाध्यक्ष तारिक अनवर की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है. कहा कि बिहार सरकार आंदोलनकारियों के जबरदस्त दमन पर उतर आई है. मुकदमे थोपे जा रहे हैं और जगह-जगह निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी हो रही है. हम सरकार से मांग करते हैं कि आंदोलनकारियों पर से तमाम मुकदमे वापस और सभी गिरफ्तार छात्र-युवाओं को रिहा किए जाएं. आज छात्र-युवा संगठनों ने गिरफ्तार नेताओं की रिहाई व मुकदमे की वापसी के सवाल पर राज्य के विभिन्न इलाकों में आक्रोश मार्च भी निकाला.

भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि कामरेड तारिक अनवर को चंदौती थाना प्रभारी ने यह कहते हुए गिरफ्तार किया कि आज के भारत बंद के मद्देनजर उन्हें डिटेन किया जा रहा है. शाम में छोड़ दिया जाएगा, लेकिन थाना प्रभारी उन्हें जीआरपी थाना ले गए और रेल भर्ती के विगत आंदोलन में गया में ट्रेन के डब्बे में आग लगाए जाने के एक केस में जेल भेज दिया, जबकि एफआईआर में उनका नाम नहीं था. जिस घटना का हवाला देकर उन्हें जेल भेजा गया, उसमें वे शामिल ही नहीं थे.

उन्होंने कहा कि हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि यदि वह सचमुच अग्निपथ योजना के खिलाफ है, तो विधानसभा के आगामी सत्र में इस योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित करे.22 जून को पटना में भाकपा-माले व महागठबंधन के सभी घटक दलों के विधायक राजभवन मार्च करेंगे.माले राज्य सचिव ने कहा कि मोदी सरकार के इस अड़ियल रवैये के खिलाफ कृषि कानूनों के खिलाफ चले किसान आंदोलन से सीखते हुए सरकार को झुकाने के लिए छात्र-युवा समुदाय को लंबी लड़ाई की योजना बनानी चाहिए.

आलोक कुमार


रविवार, 19 जून 2022

कुछ संगठनों द्वारा 20 जून को भारत बंद के आह्वान



पटना.केंद्र की ‘अग्निपथ’ सैन्य भर्ती योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के बीच कुछ संगठनों ने कल यानी सोमवार (20 जून) को कथित तौर पर भारत बंद का आह्वान किया है. केंद्र सरकार की अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना (Agneepath Scheme) का बिहार,झारखंड, यूपी सहित कई राज्यों में भारी विरोध हो रहा है. 

इधर अग्निपथ योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन और कुछ संगठनों द्वारा 20 जून को भारत बंद (Bharat Bandh) के आह्वान किया गया है. केंद्र सरकार ने जिस दिन से इस योजना की घोषणा की, उसके दूसरे दिन से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया. सबसे पहले विरोध का स्वर बिहार से शुरू हुआ, फिर देखते-देखते देश कई राज्यों में प्रदर्शनकारी सकड़ पर उतर गये.

सोमवार को भारत बंद के मद्दे नजर कई राज्यों में सुरक्षा के कारण स्कूल-कॉलेज को बंद कर दिया गया. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि कुछ संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद के मद्देनजर, झारखंड में सभी स्कूल 20 जून को बंद रहेंगे. उन्होंने आगे बताया एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है. इसी तरह बिहार में भी स्कूल बंद कर दिया गये हैं. मालूम हो कि 20 जून से गर्मी छुट्टी के बाद स्कूल खुलने थे, लेकिन जिस तरह से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें आ रही हैं, उसके मद्दे नजर स्कूल को बंद करने का निर्णय लिया गया.

बिहार के 20 जिलों में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें 15 जिले वे हैं जहां पहले से ही इंटरनेट बंद है. इनमें कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर, नवादा, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मोतिहारी, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली और सारण शामिल है. यहां इंटरनेट पर प्रतिबंध को 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा गया, मधुबनी, जहानाबाद, खगड़िया और शेखपुरा जिलों में भी इंटरनेट बंद कर दिया गया है.

बिहार पुलिस के मुताबिक, बिहार में आज कोई घटना नहीं हुई. 16 से 18 जून तक सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 145 प्राथमिकी दर्ज की गई है और 804 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए 17 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं.

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने केंद्र की नई 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन को लेकर बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दलों जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने के लिए आलोचना की.उन्होंने कहा कि अग्निपथ पर आंदोलन होना चाहिए, हिंसा और तोड़फोड़ नहीं। बिहार की जदयू और भाजपा के आपसी तनातनी का खामियाजा भुगत रही है. बिहार जल रहा है और दोनों दल के नेता मामले को सुलझाने के बजाय एकदूसरे पर छींटाकशी और आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त हैं.

आलोक कुमार

कार्यकर्ताओं में पार्टी में टूट का भय भी उत्पन्न हो गया

पटना. बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) में चल रहे शीत युद्ध के सतह पर आने के बाद अब कार्यकर्ताओं में पार्टी बिखरने का भय सताने लगा है. पार्टी नेतृत्व की ओर से जिस तरह केंद्रीय मंत्री आर सी पी सिंह और उनके समर्थकों को साइड लाइन (हाशिये) पर डाला जा रहा है, उससे कार्यकर्ताओं में पार्टी में टूट का भय भी उत्पन्न हो गया है.इसमें कोई दो मत नहीं कि पार्टी में कभी आर सी पी सिंह दूसरे नंबर के नेता रहे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे करीबी भी माने जाते थे. ऐसे में पार्टी पर इनकी अपनी पकड़ को नकारा नहीं जा सकता है.

जिस तरह, आरसीपी सिंह को पहले राज्यसभा का टिकट काटा गया और उसके बाद फिर पटना स्थित उनके सरकारी आवास से बेदखल किया गया, उससे उनके समर्थकों में नाखुशी है. कहा जा रहा है कि सिंह के कार्यकर्ता भले ही अभी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन समय आने पर यह पार्टी के खिलाफ आवाज भी बुलंद कर सकते हैं. पार्टी नेतृत्व भी सिंह के ऐसे समर्थकों से बचने का उपाय ढूंढ लिया है. पार्टी नेतृत्व हाल में ही सिंह के नजदीकी माने जाने वाले पार्टी प्रवक्ता अजय आलोक तथा दो महासचिवों सहित पार्टी के चार नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

पार्टी से हटाए जाने के बाद डॉ अजय आलोक ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, प्रकृति का नियम हैं मौसम बदलता है और आदमी भी बदलता है लेकिन मूल चरित्र नहीं बदलता , मैं आज से अपने मूल स्वरूप में रहूंगा, पाटलिपुत्र क्रांति की जननी रही हैं और मैं इस धरती का पुत्र हूं और इस साल की बारिश पूरे वेग में रहेगी. जय हिंद. इसके बाद उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बनाए जाने पर भी इशारों ही इशारों में बिहार सरकार पर निशाना साधा है.

राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद उनके केंद्रीय मंत्री बने रहने की संभावना नहीं के बराबर है. जिस तरह आरसीपी सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद बने हैं, उससे इस संभावना को भी बल मिलता है कि कहीं वे बीजेपी में नहीं चले जाएं. बहरहाल, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी है. हालांकि कहा भी जाता है कि राजनीति में कुछ भी संभव है. ऐसे में आरसीपी को लेकर जेडीयू में शीत युद्ध जारी है और इससे पार्टी में बिखराव की संभावना को भी नहीं नकारा जा सकता है.

आलोक कुमार

कुछ छात्रों द्वारा आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है एवं धरना प्रदर्शन किया जा रहा


◆ ’कल जिले के संवेदनशील स्थानों के साथ-साथ रेलवे स्टेशन पर ड्रोन के माध्यम से रखी जाएगी निगरानी’

◆ ’विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने के उद्देश्य से पर्याप्त संख्या में लगाए गए हैं वीडियोग्राफर’

◆ ’सरकार की संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वालों हुड़दंगियों के खिलाफ सख्ती से किया जाएगा पेश.’



गया. केंद्र सरकार के अग्निपथ भर्ती योजना के विरुद्ध सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहे कुछ छात्रों द्वारा आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है एवं धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. साथ ही सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने का प्रयास भी किया जा रहा है.सोमवार को अग्निपथ भर्ती योजना के विरोध में विभिन्न माध्यमों से भारत बंद की मिल रही सूचना  देखते हुए मुख्य सचिव बिहार श्री आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग बिहार, डीजीपी बिहार सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने बिहार के सभी प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला पदाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक को अपने-अपने जिलों में विधि व्यवस्था संधारित रखने के लिए उपद्रव करने वाले असामाजिक तत्वों के साथ कड़ाई से पेश आने का निर्देश दिए.

उक्त परिप्रेक्ष्य में जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर ने कहा कि सोमवार को अग्निपथ भर्ती योजना के विरोध में विभिन्न माध्यमों से मिल रही सूचना के आलोक में संभावित बिहार बंद के मद्देनजर जिले में पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति रखी गई है. कुछ संवेदनशील स्थानों यथा रेलवे स्टेशन, गुरारू स्टेशन, मानपुर, भुसुंडा, बेला इत्यादि स्थानों में ड्रोन के माध्यम से असामाजिक तत्वों पर तथा हुड़दंग करने वाले व्यक्तियों निरंतर निगरानी रखी जाएगी.


इसके साथ ही बाराचट्टी, मुफस्सिल, बाईपास,  गुघड़ीताड़, गुरारू, आमस, शेरघाटी, टेकारी, कोच, बेला सहित अन्य स्थान जहां छोटी बड़ी घटनाएं घटी है, संबंधित मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थानों के सूची के अनुसार सभी जगहों पर वीडियोग्राफी करवाई जा रही है.वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ’अब तक 12 व्यक्तियों के खिलाफ बाईनेम प्राथमिकी दर्ज तथा 44 व्यक्तियों को गिरफ्तारी’ की गई है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है. यदि कोई असामाजिक तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अफवाह फैलाने तथा हुड़दंगई करने की घटना का अंजाम देते हैं तो उन्हें सोशल साइबर सेल द्वारा नजर रखते हुए कठोर कार्रवाई किया जाएगा.

 जिले में शांति व्यवस्था तथा विधि व्यवस्था बरकरार रहे, इसके लिए जिला पदाधिकारी ने कल रात्रि तक अर्थात 20 जून की रात्रि तक इंटरनेट सेवा को स्थगित रखने का आदेश दिया है. ’जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी को सेना भर्ती की तैयारी कराने वाले जिले के संचालित ऐसे सभी कोचिंग संस्थानों के निबंधन सहित अन्य प्रमाण पत्र के जांच कराने के साथ-साथ कोचिंग संचालकों के गतिविधियों पर ही जांच करने का निर्देश दिया है.इसी परिप्रेक्ष्य में कल अनुमंडल पदाधिकारी सदर, शिक्षा विभाग के स्थापना शाखा के पदाधिकारी श्री दुर्गा यादव सहित अन्य पदाधिकारियों की जांच टीम ने मानपुर क्षेत्र के भुसुंडा में कोचिंग संस्थानों का जांच किया.

कुछ कोचिंग संस्थानों ने अपने कोचिंग के बोर्ड सहित अन्य उपकरणों को हटा लिया. जांच के क्रम में सफलता ट्रेनिंग सेंटर के संचालक राजकुमार, उड़ान सेना भर्ती सेंटर के संचालक संतोष कुमार सिंह तथा दो अन्य कोचिंग संस्थान जो अमृत फिजिकल तथा माही फिजिकल शामिल हैं. इन सभी कोचिंग संस्थानों को बारीकी से जांच की गई. जांच के क्रम में संबंधित कोचिंग संस्थानों का निबंधन नहीं किया हुआ पाया गया.सभी संबंधित कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए कोचिंग को सील करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जिले के अन्य सभी सेना भर्ती से संबंधित शिक्षण संस्थानों / कोचिंग की जांच की जा रही है.

आलोक कुमार


जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया

 


मोतिहारी.आज से पल्स पोलियो अभियान शुरू हुआ.इस अवसर पर पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया.पल्स पोलियो अभियान 19 जून से 23 जून तक चलेगा. इस अभियान में 5 वर्ष से कम वय के बच्चों के बीच में पोलियो की दो बूंद पिलाया गया.मौके पर सिविल सर्जन, जिला सूचना, जनसंपर्क पदाधिकारी एवं यूनिसेफ के एसएमसी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे.

डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के 10 अन्य देशों के साथ भारत को 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त प्रमाणित किया गया था. देश में पोलियो का आखिरी मामला 13 जनवरी 2011 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सामने आया था.


वैश्विक स्तर पर, पोलियो का अभी भी दो देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अस्तित्व बना हुआ है. हालांकि भारत को "पोलियो-मुक्त" प्रमाणित किया गया है, लेकिन जंगली पोलियो वायरस के इंपोर्टेशन या वैक्सीन से उत्पन्न पोलियो वायरस के उभरने का जोखिम वैश्विक उन्मूलन तक बना रहता है, जो देश में उच्च जनसंख्या प्रतिरक्षा और संवेदनशील निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता रेखांकित करती है.

अब हमारे नौनिहालों को पोलियो विकलांगता का शिकार होकर जीवनभर आंसू रोने को बाध्य नहीं होना पड़ेगा.Polio Free यदि किसी देश में लगातार तीन वर्षों तक एक भी पोलियो का मामला नहीं आता है, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन उसे ‘पोलियो मुक्त देश’ घोषित कर देता है| इसके पूर्व हरियाणा में 2010 में तथा उसके बाद पश्चिम बंगाल में 13 जनवरी, 2011 को पोलियो का मामला सामने आया था. उसके बाद लगातार नजर रखी गयी और पिछले तीन सालों में कोई मामला नहीं आया.


इस तरह कह सकते हैं कि देश के लाखों लोगों को विकलांग करनेवाले पोलियो के विषाणु पर 18 वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद हमने विजय पा ली है. हालांकि टीकाकरण कार्यक्रम पर वाजिब प्रश्न उठते रहे हैं और इसके पीछे बाजार की ताकत भी स्पष्ट रहीं है, किंतु इस समय हमारे सामने भारत में इसकी सफलता की कहानी है, तो इसे तत्काल स्वीकार करना ही होगा| विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो भारत में स्थानीय स्तर पर पोलियो के विषाणु खत्म हो चुके हैं.यानी इनकी उपस्थिति अब नहीं है. वस्तुतः भारत के लिए यह शर्म की बात थी कि दुनिया भर से मिटाई जा चुकी यह खतरनाक बीमारी जिन चार देशों में मौजूद थी, उनमें एक भारत भी था. तो हम इस शर्म से भी मुक्त हो गये हैं.

आलोक कुमार

शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश दिये

 

*विवेक रंजन कहते हैं कि इंटरनेट बैन कब खुलेगा जिला में महोदय बहुत परेशानी हो रही है


मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. श्री कुमार आशीष द्वारा शहर की शांति व्यवस्था को लेकर फ्लैग मार्च किया.शहर के विभिन्न स्थानों पर जिलाधिकारी महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा निरीक्षण किया गया.वही भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय ने प्रतिनियुक्त अधिकारियों को शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश दिये.

मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में विधि व्यवस्था सुदृढ़ करने संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई.राज्य की विधि व्यवस्था शांतिपूर्ण माहौल को बनाये रखने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.उक्त समीक्षा में जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक एवं पुलिस अधीक्षक डॉ० श्री कुमार आशीष सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे.


आलोक कुमार


युवाओं और राहुल गांधी के समर्थन में सत्याग्रह मार्च को पुलिस ने सदाकत आश्रम गेट पर रोका















 * अग्निवीर योजना और ईडी के खिलाफ कांग्रेस का सत्याग्रह मार्च, पुलिस ने मुख्य द्वार पर रोका

पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के द्वारा केंद्र सरकार के अग्निवीर योजना पर युवाओं के समर्थन और केंद्र सरकार के दबाव में ईडी की कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रही राजनीतिक साजिश के खिलाफ आयोजित सत्याग्रह मार्च को पुलिस द्वारा सदाकत आश्रम के मुख्य द्वार पर ही हल्की झड़प के बाद रोक दी गयी.

बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डॉ समीर कुमार सिंह और पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार के नेतृत्व में बिहार कांग्रेस के सैंकड़ों नेताओं के साथ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से अपने शीर्ष नेता राहुल गांधी के जन्मदिन पर निकला यह सत्याग्रह मार्च केंद्र सरकार द्वारा युवाओं के साथ अन्याय और ईडी द्वारा लगातार कांग्रेस के शीर्षस्थ नेताओं को राजनीतिक द्वेष के तहत की जा रही कार्रवाईयों के खिलाफ थी.

पुलिस द्वारा बलपूर्वक रोके जाने के बाद सदाकत आश्रम मुख्य द्वार पर ही कांग्रेस नेता धरना देने लगे.धरने को सम्बोधित करते हुए बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के बाद युवाओं को जबरन अपने दमनकारी नीतियों का शिकार बनाने पर तुली हुई है.केंद्र के निर्देश पर लगातार हमारे नेता को और गांधी परिवार को बदनाम करने की साजिश चल रही है और उसमें भाजपा नेतृत्व वाली यह केंद्र सरकार अपनी सभी एजेंसियों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक द्वेष में कर रही है जिससे कांग्रेस के प्रति नकारात्मक प्रचार किया जा सकें.

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व विधान पार्षद डॉ समीर कुमार सिंह ने धरने में कहा कि यह अघोषित इमरजेंसी है और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन केंद्र की सरकार द्वारा किया जा रहा है.किसान, युवा और अब जवानों के खिलाफ केंद्र की सरकार काम कर रही है, जिसका प्रतिफल है कि देश में अराजकता का माहौल बन गया है.

पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता निखिल कुमार ने कहा कि आज सड़कों पर युवाओं का जो सैलाब नजर आ रहा है वो निरंकुश हो रही सत्ता के लिए खतरे की घंटी है. हमारी पार्टी अपने नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रही साजिश को लेकर लगातार एक हफ्ते से सड़कों पर है.इसी दौरान केंद्र सरकार ने युवाओं और सेना में जाकर राष्ट्रसेवा करने को अध्ययनरत छात्रों के साथ अग्निवीर के नाम पर भद्दा मजाक कर दिया है.युवाओं के इस आंदोलन को कांग्रेस पार्टी पूर्ण समर्थन देती है और हम अपने नेता राहुल गांधी के जन्मदिन पर यह प्रतिज्ञा लेते हैं कि इस निरंकुश सत्ता को उसके हद का एहसास कराकर दम लेंगे.

सत्याग्रह मार्च में अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ शामिल बिक्रम विधायक सिद्धार्थ सौरभ ने कहा कि इस सरकार में कोई खुश नहीं है.पूंजीपतियों की यह सरकार गरीबों और आम लोगों के सपनों का गला घोंटकर लगातार उनके साथ बेवजह परेशान कर रही है.जब से नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली है तब से राजनीतिक द्वेष की लड़ाई लड़ रहे हैं.इनके द्वारा लायी गयी नीतियां आम आदमी के समझ से बाहर रहती हैं केवल वो इनके कार्यकर्ताओं को ही समझ में आती है क्योंकि उन्हें दिल्ली से आईटी सेल के द्वारा समझा दिया जाता है.कृषि कानून पर किसान सड़कों पर  आ जाते हैं तो अग्निवीर पर युवा सड़कों पर उतर जाते हैं.कोरोना का हाल तो इस सरकार के कार्यकाल के काला धब्बा रहा ही है.

सत्याग्रह मार्च के बाबत बताते हुए बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कहा कि अग्निवीर योजना के कारण सेना भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों छात्र देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं और कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलनों के वक्त भी किसान भाइयों के साथ लगातार मजबूती से खड़ी रही है. इस बार भी हमारे नेता राहुल गांधी अपने जन्मदिन पर छात्रों नौजवानों और युवाओं की बुलंद आवाज बनकर सड़कों पर उनके समर्थन में उतरे हैं.बिहार कांग्रेस युवाओं के साथ खड़ा है और अहिंसात्मक आंदोलनों के पूर्ण समर्थन करता है.

सदाकत आश्रम से पैदल मार्च में पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव डॉ. शकील अहमद खान, कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डॉ. समीर कुमार सिंह, विधान पार्षद प्रेम चंद्र मिश्रा, विधायक सिद्धार्थ सौरभ, प्रतिमा कुमारी दास, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, अमित कुमार  टुन्ना, अर्जुन मंडल,  नरेन्द्र कुमार, लाल बाबु लाल, डॉ. अजय कुमार सिंह, प्रवीन कुशवाहा, चन्द्र प्रकाश सिंह, अम्बुज किशोर झा, राज कुमार राजन  ,ज्ञान रंजन, संजीव कुमार कर्मवीर, शशि रंजन, डॉ. आशुतोष शर्मा, अरबिंद लाल रजक, कमल नारायण शुक्ला, शशि कान्त तिवारी, अरविंद चौधरी, कैशर खान, मृणाल अनामय ,मंजीत आनंद साहू, सत्येन्द्र कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, संजय पाण्डेय, कुंदन गुप्ता, उदय शंकर पटेल, निधि पाण्डेय, शारीफ रंगरेज, अनीता कुमारी, वेंकटेश रमण, अभय कुमार सार्जन, मिथिलेश शर्मा मधुकर, अनूप कुमार, विमलेश तिवारी, गुरुदयाल सिंह, सौरभ सिन्हा, वरुण शर्मा,मुकेश दिनकर ,संतोष श्रीवास्तव,, गुफरान आजम, राजकिशोर सिंह, रंजीत यादव, प्रद्युमन यादव, अशोक यादव, निरंजन कुमार सहित सैकड़ों कांग्रेसजन शामिल हुए.

आलोक कुमार

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