बुधवार, 22 जून 2022

अभी विधायक अनंत सिंह राजद में हैं

पटनाःआखिरकार इस बोलती तस्वीर में कौन हैं ? ये लोग.ये लोग किनकी तीमारदारी कर रहे हैं? भाकपा माले लिबरेशन के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा ने कहा है कि यह भाजपा नेताओं का दोमुंहापन का इतिहास में काले अक्षरों के रूप में दर्ज होगा.विपक्ष में रहने पर दाग और पक्ष में आने से बेदाग करने का कारखाना खोल रखा गया है.अभी विधायक अनंत सिंह राजद में हैं.

इस बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा राज्यसभा के सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि विधायक अनंत सिंह को सजा होने से एक बार फिर साबित हुआ कि राजद अपराधियों, भ्रष्टाचारियों और बलात्कारियों की पार्टी हैं. इसके सरगना चारा घोटाला के सभी मामलों में सजायाफ्ता लालू प्रसाद हैं.

मोदी ने कहा कि चारा घोटाला में तत्कालीन मुख्यमंत्री के अलावा तीन मंत्री- विद्यासागर निषाद, चंद्रदेव प्रसाद वर्मा और भोला राम तूूफानी को इस्तीफा देकर कर जेल जाना पड़ा था. राजद के पूर्व मंत्री इलियास हुसैन को अलकतरा घोटाले में सजा हुई.

उन्होंने कहा कि नाबालिग छात्रा से बलात्कार के मामले में राजद विधायक राजबल्लभ यादव को सजा हुई और ऐसे ही मामले में पार्टी के संदेश से विधायक अरुण यादव फरार चल रहे हैं.राजद ने हत्या-अपहरण के कई मामलों में सजायाफ्ता सीवान के बाहुबली शहाबुद्दीन को आजीवन  संरक्षण दिया था। राजद के राज्यसभा सदस्य एडी सिंह को फर्टिलाइजर घोटाले में जेल जाना पड़ा.

श्री मोदी ने कहा कि जिस दल में अपराधी चरित्र के लोग भरे पड़े हैं और प्रथम परिवार के कई सदस्य जमानत पर हैं, वे बिहार के गरीबों-युवाओं के मसीहा बनने के लिए नित नई नौटंकी करते हैं.  

उज्जवल कुमार सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि जरा इस तस्वीर को देख लीजिए.यह तस्वीर को देखकर खुद ही तय कर लीजिये सीएम अपनी औकात और इज्जत.अनंत सिंह को झूठे केस में फंसाकर आप और आपके सुशासन बाबू खुद को बड़ा समझने का भूल न करें.अनंत सिंह भूमिहार जाति से है और उनकी गाथा अनंत है. वो बहुत ही जल्द बाहर आयेंगे.सत्य को परेशान किया जा रहा है.

आलोक कुमार

मंगलवार, 21 जून 2022

अपनी दिनचर्या में योग को शामिल कर खुद को स्वस्थ रखें- मेरी आडलीन


कुमारबाग. विश्व योग दिवस के अवसर पर राजकीय़ 2 उच्च विद्यालय कुमारबाग में शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित विद्यार्थियों ने योग किया. प्रभारी प्राचार्या रिजवाना तबस्सुम ने छात्र- छात्राओं को संबोधित करते हुए योग का महत्व बताया और कहा कि योग से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि स्फूर्ति और मन को शांति मिलती है. विद्यालय की शिक्षिका शिक्षिका मेरी आडलीन, रानी कुमारी, स्वर्णलता भारती ने विद्यार्थियों को सूर्यनमस्कार, अनुलोम - विलोम, कपालभाति, ताड़ासन, भुजंगासन आदि आसनों को कराया.

 मेरी आडलीन ने बताया कि योग के महत्व को बताते हुए कहा कि कई बीमारियों की आसान दवा योग है. इसलिय रोग को भागना है, योग को अपनाना है, सेहतमंद रहना है, इस युक्ति को सार्थक बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए. शिक्षक- शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को योग कराते हुए संबंधित योग के महत्व, लाभ एवं सावधानी के बारे में जानकारी दिया. साथ ही सूर्य नमस्कार अनुलोम विलोम, कपालभाति आदि योग को प्रतिदिन छात्रों को करने के लिए प्रेरित किया गया.

इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका आशा वर्मा, सोमा कुमारी, सुनीता कुमारी, सीमा भारती, शिक्षक राजकिशोर पांडेय, महमूद आलम, विनोद कुमार, मो० फारुक, राजन कुमार, आलोक कुमार, सुधीर कुमार, चंद्रशेखर तिवारी, नसरीमुल्लाह रहमान, अरशद सहित अन्य उपस्थित रहें.

आलोक कुमार

राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा 27 जून को अपना नामांकन दाखिल करेंगे


दिल्ली.राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर पूर्व टीएमसी नेता यशवंत सिन्हा के नाम पर मुहर लग गई है.एनसीपी नेता शरद पवार की अध्यक्षता में विपक्षी दलों की मीटिंग में यह फैसला लिया गया है. इस बैठक में यशवंत सिन्हा भी मौजूद थे. इससे पहले विपक्ष ने जिन तीन नामों को आगे किया था उन्होंने उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया था. इनमें शरद पावर, फारूक अब्दुल्ला और गोपालकृष्ण गांधी का नाम शामिल था. यशवंत सिन्हा ने पहले ही पार्टी से इस्तीफे की पेशकश की थी.उन्होंने कहा था कि समय आ गया है कि अब वह एक बड़े राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए पार्टी से हटकर विपक्षी एकता के लिए काम करें.

विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का जन्म 6 नवंबर 1937 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था. उनकी स्कूल और विश्वविद्यालय की शिक्षा पटना में हुई. उन्होंने 1958 में राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन की. इसके बाद वे 1958 से 1960 तक पटना विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के टीचर रहे. सिन्हा 1960 में एक कठिन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (प्।ै) में शामिल हुए और अपने सेवा कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर 24 वर्षों से अधिक समय बिताया. उन्होंने 4 साल तक उप-मंडल मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया. वह 2 साल तक बिहार सरकार के वित्त विभाग में अवर सचिव और उप सचिव थे.

विपक्षी दलों की ओर से मंगलवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर हुई बैठक में अहम फैसला हुआ.इसमें सर्वसम्मति से यशवंत सिन्हा को विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने का फैसला किया गया. माना जा रहा है कि यशवंत सिन्हा 27 जून को अपना नामांकन दाखिल करेंगे. गौरतलब है कि विपक्षी दलों की पिछली बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार का नाम भी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से प्रस्तावित किया गया था, लेकिन पवार ने दावेदारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. इसके अलावा गोपाल कृष्ण गांधी का नाम भी आया था. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यशवंत सिन्हा के कंपेन को आगे बढ़ाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है. वरिष्ठ कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम चाहते हैं कि ऐसा प्रत्याशी सामने रखा जाए जो लोकतंत्र की रक्षा कर सके. खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए आम सहमति बनाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया.

कुछ विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर पिछले साल तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए बीजेपी के पूर्व नेता सिन्हा के नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर सर्वसम्मति से सहमति बन गई. यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस को छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि अब वह विपक्षी एकता के राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए काम करेंगे. सिन्हा ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि ममता जी ने जो सम्मान मुझे तृणमूल कांग्रेस में दिया.मैं उसके लिए उनका आभारी हूं अब समय आ गया है जब वृहद विपक्षी एकता के व्यापक राष्ट्रीय  उद्देश्य के लिए मुझे पार्टी से अलग होना होगा. मुझे यकीन है कि वह ममता इसकी अनुमति देगी.                          

इस बैठक में कांग्रेस,एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी,समाजवादी पार्टी, नेशनल कांफ्रेंस,ऑल इंडिया मजलिस- ए- इत्तेहाद मुस्लिमीन,राष्ट्रीय जनता दल और असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में शामिल होने वाले कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश,तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी,डीएमके के तिरूचि शिवा आदि शामिल रहे.

जयराम रमेश ने संयुक्त विपक्ष का बयान पढ़ते हुये कहा कि हमें खेद है कि मोदी सरकार ने राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर आम सहमति बनाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यशवंत सिन्हा राष्ट्रपति पद के लिए साझा विपक्ष के उम्मीदवार चुने गए, वह भारत के धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए योग्य हैं.

जानकारों का कहना है कि यशवंत सिन्हा के नाम पर मुहर इसलिए लगाई गई क्योंकि विपक्ष जिनका नाम प्रस्तावित करता था, वे इनकार कर रहे थे. ऐसे में किसी ऐसे चेहरे की जरूरत थी जो कि तैयार भी हो और उसपर विवाद भी न हो. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि यशवंत सिन्हा का समर्थन जेडीयू भी कर सकती है क्योंकि वह बिहार से आते हैं. दो बार ऐसा हो चुका है कि नीतीश कुमार ने लीक से हटकर उम्मीदवार का समर्थन किया है. एनडीए का हिस्सा होते हुए भी उन्होंने प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था. वहीं बात करें पिछले चुनाव की तो उन्होंने रामनाथ कोविंद का समर्थन किया जबकि वह उस समय महागठबंधन का हिस्सा थे.

आलोक कुमार

भूमि का हस्तानांतरण कर दिया गया

                                 * 0.17 डिसमिल भूमि का हुआ स्थानांतरण



बेतिया. सरकार एवं जिला प्रशासन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बेहतर आधारभूत संरचनाओं के साथ देने के लिए कृत संकल्पित है.इस दिशा में तेजी के साथ कार्य किया जा रहा है ताकि बच्चों के पठन-पाठन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो. जिले के भूमिहीन विद्यालयों को भूमि उपलब्ध कराते हुए विद्यालय भवन का निर्माण भी तीव्र गति से किया जा रहा है.

इसी क्रम में रामनगर अंचल के कुड़िया में नवसृजित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भवन शीघ्र बनेगा. इसके लिए जिला राजस्व शाखा द्वारा 0.17 डिसमिल भूमि का स्थानांतरण शिक्षा विभाग को कर दिया गया है.अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह द्वारा बताया गया कि पश्चिमी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार  के निर्देश के आलोक में भूमिहीन विद्यालयों के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. नवसृजित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कुड़िया के भवन निर्माण के लिए रामनगर अंचल के कुड़िया मौजा में 0.17 डिसमिल भूमि को चिन्हित करते हुए भूमि का हस्तानांतरण कर दिया गया है.

जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप तीव्र गति से कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे. विद्यालय भवन निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जाना सुनिश्चित किया जाए.

आलोक कुमार

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न

 

* उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध करें सख्त कार्रवाई

* कैनाल डिवीजन एवं कृषि विभाग से समन्वय स्थापित कर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी रिलीज कराने का निर्देश

बेतिया. पश्चिमी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज कृषि टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न हुयी. कृषि टास्क फोर्स की बैठक में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम, फसल अवशेष प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, बीज उपलब्धता एवं वितरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन) फसल आच्छादन, उर्वरक उपलब्धता एवं खपत, कृषि यांत्रिकरण, फसल प्रत्यक्षण, जल  संचयन  योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, मुख्यमंत्री बागवानी मिशन, आत्मा, मिट्टी जांच आदि की गहन समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा की गयी.


समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि आवेदन करने वाले कृषकों को ससमय 3848.16 क्विंटल धान बीज उपलब्ध करा दिया गया है, जिसमें स्वर्णा सब वन, एमटीयू, 7029, सबौर श्री, राजेन्द्र श्वेता आदि प्रभेद शामिल हैं.उन्होंने बताया कि किसानों को 10 वर्ष से अधिक के धान प्रभेदों पर 15 रुपये प्रति किलो एवं 10 वर्ष से कम के धान प्रभेदों पर 20 रुपये प्रतिकिलो अनुदान दिया जाता है.साथ ही मुख्यमंत्री तीव्र बीज विकास योजना के तहत एक राजस्व ग्राम के पांच किसानों को 06-06 किलो धान बीज 90 प्रतिशत अनुदान पर दिया जाता है.

जिलाधिकारी के पृच्छा पर जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बिहार राज्य बीज निगम द्वारा कृषि कार्यालय को बीज उपलब्ध कराया जाता है. जिले में प्रतिवर्ष लगभग 40 हजार क्विंटल धान बीज की आवश्यकता होती है, जो बाहर से ही आता है. उन्होंने बताया कि धान की फसल में किसानों को प्रति एकड़ लगभग 15 हजार का लाभ प्राप्त होता है वहीं धान बीज का प्रोडक्शन करने पर यह लाभ सीधे दोगुना हो जायेगा.

जिलाधिकारी ने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिले को धान बीज प्रोडक्शन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता है. जिले के इच्छुक किसान जिन धान बीजों की ज्यादा डिमांड करते हैं, वैसे बीजों का प्रोडक्शन पश्चिमी चंपारण जिले में कैसे हो, इस दिशा में तेजी के साथ कार्य करें. ऐसा प्रयास करें कि जिले के किसान इसी जिले के उत्पादित बीज से धान की रोपाई करें. उन्होंने कहा कि धान बीज का उत्पादन इसी जिले में करने के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रेरित करें.

 जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अन्य जगहों पर जहां धान बीज का उत्पादन किया जाता है, वहां का अच्छे तरीके से अध्ययन करें और पश्चिमी चंपारण जिले में बीज उत्पादन कराने के लिए सार्थक प्रयास करें. साथ ही फसल पैदावार को बढ़ाने की दिशा में भी कारगर कार्रवाई करें. जिले में धान पैदावार अन्य जगहों की तुलना में कम हो रहा है तो, इसकी सूक्ष्मता से बिन्दुवार अध्ययन करें. जिन जगहों पर फसल की पैदावार ज्यादा हो रही है, वहां के बारे में विस्तृत जानकारी इकट्ठा करें और पश्चिमी चम्पारण जिले में धान पैदावार को बढ़ाना सुनिश्चित करें.

 जिलाधिकारी ने कहा कि धान की रोपनी जिले में प्रारंभ हो गयी है.सिंचाई की समस्या को लेकर कई मामले प्रकाश में आये हैं, इसे दूर किया जाना अति आवश्यक है. कैनाल डिविजन और कृषि विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ना सुनिश्चित करेंगे ताकि किसानों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.

उर्वरक की समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि खरीफ मौसम 2022-23 में जिले में 16620.12 एमटी यूरिया, 5559.60 एमटी डीएपी, 2181.55 एमटी पोटाश, 2185.50 एमटी एनपीके मिक्सचर एवं 120 एमटी एसएसपी की उपलब्धता है, जिसे थोक विक्रेताओं को उपलब्ध करा दिया गया है.इसके अतिरिक्त इस माह में आइपीएल, किसान यूरिया एवं कृफको कंपनी के यूरिया का तीन रैक एक सप्ताह के अंदर जिले को उपलब्ध हो जायेगा. उन्होंने बताया कि भारत बंद एवं बिहार बंद को लेकर ट्रेनों के परिचालन अवरुद्ध होने के कारण शेष यूरिया पहुंचने में कुछ दिनों का विलंब हुआ है. यूरिया का रैक पहुंचते ही सभी थोक विक्रेताओं को उपलब्ध करा दिया जायेगा.

जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग और उर्वरक कंपनी से समन्वय स्थापित कर तुरंत यूरिया का रैक की उपलब्धता जिले में सुनिश्चित की जाय ताकि किसानों को धान रोपनी में सहूलियत हो सके. उन्होंने निर्देश दिया कि उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध नियमानुकूल सख्त कार्रवाई की जाय. हर हाल में निर्धारित दर पर उर्वरक का वितरण कराना सुनिश्चित किया जाए.

जिला पशुपालन पदाधिकारी को जिले में प्रत्येक माह कितने अंडे का उत्पादन होता है, कितने अंडे की खपत है और कितने अंडे बाहर से मंगाए जाते हैं, का विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही जिले के सभी पोल्ट्री वालों के साथ एक मीटिंग कराने को कहा गया ताकि अंडा उत्पादन के क्षेत्र में जिले को अग्रणी बनाया जा सके.

जिला पशुपालन पदाधिकारी को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में जिला को अग्रणी बनाने के लिए ठोस कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया. साथ ही  चौर   विकास के तहत तालाब निर्माण का कार्य शत-प्रतिशत विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराने को कहा गया. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मत्स्य पालन के साथ-साथ ज्यादा मात्रा में मखाना की खेती कराने के लिए मत्स्य पालकों और मखाना उत्पादकों को जागरूक एवं प्रेरित किया जाए.

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि फसल अवशेष प्रबंधन के तहत जिले में कुल-35 कम्बाईन हार्वेस्टर है. सूक्ष्म सिंचाई अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर का अधिष्ठापन 14.56 हेक्टेयर में किया गया है.जल संचयन योजना अंतर्गत वर्ष 2022-23 में जल संरक्षण संरचना का निर्माण के लिए 144 कार्यादेश निर्गत किया गया है जिसमें से 55 में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है तथा 48 निर्माण पूरा करा लिया गया है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 302891 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं. सत्यापन के लिए 496 आवेदन कृषि समन्वयक स्तर पर तथा 864 आवेदन अंचलाधिकारी स्तर पर लंबित है, जिसे शीघ्र ही सत्यापित करा लिया जायेगा. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कृषि समन्वयक एवं अंचलाधिकारी स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित आवेदनों को तुरंत सत्यापित कराना सुनिश्चित किया जाए.

 इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह, जिला कृषि पदाधिकारी, श्री विजय प्रकाश सहित जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सहायक निदेशक, उद्यान आदि उपस्थित रहे.

आलोक कुमार

भाजपा एवं जेडीयू से जुड़े कोचिंग संचालकों के यहां आईटी का छापा क्यों नहीं - राजेश राठौड़


 * भाजपा एवं जेडीयू से जुड़े कोचिंग संचालकों के यहां आईटी का छापा क्यों नहीं - राजेश राठौड़

*केंद्र के इशारे पर छात्रों का आवाज दबा रही है इनकम टैक्स-राजेश राठौड़

पटनाः राजधानी पटना के अदम्य अदिति गुरुकुल कोचिंग के संस्थापक गुरु रहमान  एवं कुछ चुनिंदा कोचिंग संस्थानों के ठिकानों पर आयकर छापेमारी को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने आयकर विभाग के निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं.

उन्होंने कहा कि अगर गुरु रहमान ने अग्निपथ नियुक्ति योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों को भड़काने का काम किया था,तो यह पुलिस के जांच के दायरे का मामला बनता था. मगर आनन-फानन में सरकार के दबाव में इनकम टैक्स विभाग के द्वारा अदम्य अदिति गुरुकुल कोचिंग संस्थान एवं कुछ चुनिंदा कोचिंग संस्थानों के ऊपर छापामारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि आयकर विभाग को यह बताना चाहिए कि बिहार में अब तक कितने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ आयकर कानून के तहत कार्रवाई की गई है.

उन्होंने कहा कि राज्य के कई कोचिंग संचालक भाजपा तथा जदयू से जुड़े हुए हैं. मगर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की आयकर विभाग को हिम्मत नहीं है.उन्होंने कहा कि कई कोचिंग संचालक भाजपा-जदयू से न सिर्फ जुड़े हुए हैं.बल्कि उनकी पार्टी के संगठन में पदाधिकारी भी हैं. क्या आयकर विभाग द्वारा ऐसे कोचिंग संस्थान के संचालकों के खिलाफ भी कभी जांच बैठाई गई है.

उन्होंने कहा कि गुरु रहमान के खिलाफ अगर छात्रों को भड़काने का आरोप है,तो इसकी जांच पुलिस के द्वारा की जानी चाहिए. मगर वर्तमान दौर में केंद्र की मोदी सरकार का तोता बन चुके आयकर विभाग के द्वारा अचानक से चिन्हित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई आरंभ की गई है,जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि आयकर विभाग बिहार में अवैध रूप से धन अर्जित करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता ना देकर केंद्र सरकार की योजना के खिलाफ आवाज उठाने वाले संचालकों का आवाज दबाने का काम कर रही है. आगे कहा कि आयकर विभाग को सार्वजनिक करना चाहिए कि बिहार में अब तक कितने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ आयकर कानून के तहत जांच की गई तथा कार्रवाई की गई.

आलोक कुमार

दिल्ली पुलिस के कथित दुर्व्यवहार तथा ‘अग्निपथ’ योजना का मुद्दा उठाया.

 


दिल्ली: कांग्रेस के एक सात सदस्यीय वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उनके सामने राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पार्टी के कुछ सांसदों के साथ दिल्ली पुलिस के कथित दुर्व्यवहार तथा ‘अग्निपथ’ योजना का मुद्दा उठाया.   
                                                                    
सोमवार को भी 'अग्निपथ योजना' के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का भारत के युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह जारी रहा.बिहार से अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह भी जमकर जंतर मंतर पर सत्याग्रह में भाग लिये.             

इससे पहले कांग्रेस के 50 से अधिक सांसदों ने संसद भवन में एक मीटिंग की.कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ विजय चौक से राष्ट्रपति भवन की ओर एकजुटता मार्च किया.जहां उन्हें दिल्ली पुलिस ने रोक दिया.बावजूद, इसके कांग्रेसी नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपा.सांसदों ने कहा कि योजना को  वापस लिया जाना चाहिए.सांसदों ने पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ के विरोध में पुलिस द्वारा पार्टी सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया.

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राज्यसभा में नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने राष्ट्रपति जी को दो ज्ञापन सौंपे. एक ज्ञापन ‘अग्निपथ’ को लेकर था.दूसरा ज्ञापन पुलिस ने हमारे सांसदों एवं नेताओं के साथ जो व्यवहार किया, उसको लेकर था.      


कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम अग्निपथ भर्ती योजना और सांसदों के खिलाफ पुलिस अत्याचार के मुद्दों पर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा. अग्निपथ योजना पर, हमने राष्ट्रपति से कहा है कि इस पर न तो किसी समिति से चर्चा हुई और न ही संसद में पेश किया गया, हमने कहा कि यह हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है.राष्ट्रपति से इस पर विचार करने को कहा गया है.

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि दूसरा ज्ञापन कांग्रेस नेताओं पर पुलिस अत्याचार को लेकर है. हमने राष्ट्रपति से इसकी जांच कराने और मामले को संसदीय विशेषाधिकार समिति को भेजने को कहा है. उन्होंने कहा कि समिति में हम अपना मामला पेश करेंगे और दिल्ली पुलिस और एमएचए को अपना मामला पेश करने देंगे.समिति को तय करने दें कि उल्लंघन हुआ है या नहीं. राष्ट्रपति ने हमें आश्वासन दिया है कि वह इस पर गौर करेंगे और इसे सरकार के सामने उठाएंगे.                               


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘हमने आग्रह किया है कि ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लिया जाए तथा सशस्त्र बलों के कल्याण के साथ कोई समझौता किए बिना गुणवत्ता, कार्यक्षमता और आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो तथा उनके निदान हो.’’ कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा कि वह सांसदों पर दिल्ली पुलिस के ‘निंदनीय एवं अकारण हमले’ को लेकर विरोध जताती है तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विशेषाधिकार के हनन को लेकर विशेषाधिकार समिति की समयबद्ध जांच हो.

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, जयराम रमेश और के सी वेणुगोपाल शामिल थे.

कांग्रेस इन मुद्दों को संसद के आगामी मानसून सत्र में भी उठाने का मन बना लिया 

कांग्रेस सांसदों के साथ दुर्व्यवहार, अग्निपथ योजना समेत अन्य मुद्दों को मानसून सत्र में उठाने के लिए कांग्रेस ने मन बना लिया है.राष्ट्रपति से मिलने के बाद कांग्रेस सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सीनियर लीडर पी.चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस संसद के आगामी मानसून सत्र में मुद्दों को उठाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों द्वारा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर ज्यादती की हदें पार कर ली गई थी.सांसदों पर हमला किए जाने का बिल्कुल कोई औचित्य नहीं था. हम एक शांतिपूर्ण सत्याग्रह का मंचन कर रहे थे. हमारे हाथों में पत्थर नहीं थे, हमारे पास लाठी नहीं थी, हम पथराव में शामिल नहीं थे, हम केवल नारे लगा रहे थे और अपने नेता के साथ अपनी एकजुटता दिखा रहे थे. सांसद और अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई और उनके साथ हाथापाई की गई.उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को बिना आदेश के 40-50 किलोमीटर दूर ले जाया गया, किसी भी सांसद को गिरफ्तारी या नजरबंदी का कोई आदेश नहीं दिया गया.चिदंबरम ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से विशेषाधिकार का उल्लंघन है और अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है और हमने राष्ट्रपति से इसकी जांच कराने और मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने के लिए कहा है.

आलोक कुमार

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