रविवार, 3 जुलाई 2022

“मैं जिस भाजपा का हिस्सा था, उसमें आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है”


नई दिल्ली.विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के राष्ट्रव्यापी चुनाव अभियान चलाने के लिए 11 सदस्यीय अभियान समिति का गठन किया है. उन 11 सदस्यों में कांग्रेस से जयराम रमेश, द्रमुक से तिरुचि शिवा, टीएमसी से सुखेंदु शेखर रॉय, सीपीआई (एम) से सीताराम येचुरी, समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव, एनसीपी से प्रफुल्ल पटेल, टीआरएस से रंजीत रेड्डी, आरजेडी से मनोज झा, डी राजा भाकपा और सिविल सोसाइटी से सुधींद्र कुलकर्णी शामिल हैं. समिति में शिवसेना का एक उम्मीदवार भी होगा, जो महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट से जूझ रहा है.

इससे पहले, विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा, ‘मैं उन सभी विपक्षी दलों का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने एक साथ आकर मुझे अपना उम्मीदवार चुना. कहा जा रहा है कि मैं चौथी पसंद हूं लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि अगर मैं 10वें नंबर पर था तो भी। मैं स्वीकार करता क्योंकि यह एक बड़ी लड़ाई है.’

यशवंत सिन्हा ने अपने प्रतिद्वंद्वी एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी को “प्रतीकवाद की राजनीति” का हिस्सा बताया और जोर देकर कहा कि वह पिछड़े समुदायों के कल्याण के संबंध में मोदी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड पर चुनाव लड़ेंगे.

सिन्हा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भगवा पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है। उन्होंने कहा, “मैं जिस भाजपा का हिस्सा था, उसमें आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है.”

सिन्हा ने 28 जून से अपने अभियान की शुरुआत कर दिये हैं. उनका अभियान तमिलनाडु के चेन्नई से शुरू हुआ. सिन्हा ने पहले दक्षिण के राज्यों में समर्थन मांग रहे हैं, उसके बाद ही उत्तर के राज्यों में आएंगे.


जानकारी के लिए बता दें कि, सिन्हा ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त मंत्री और विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने 2018 में भाजपा से इस्तीफा दे दिया था और 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे. उन्होंने 21 जून को अपनी उम्मीदवारी की घोषणा से पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी थी.उल्लेखनीय है कि, भारत के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है और मतों की गिनती 21 जुलाई को की जाएगी.


आलोक कुमार


संत जोसेफ चर्च में गजब का नजारा देखने को मिला



मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष काजीटेन ने विकर जनरल फादर एलेक्स को कंहौली पल्ली का पल्ली पुरोहित नियुक्त किया है.कंहौली पल्ली में फादर रंजीत जोसेफ कार्यरत थे.उनको मुजफ्फरपुर में भेजा गया है.

आज रविवार को संत जोसेफ चर्च में गजब का नजारा देखने को मिला.इस पल्ली में 70 ईसाई परिवार रहते हैं.एक साधारण समारोह में संत जोसेफ चर्च के संरक्षक बनकर आने वाले फादर एलेक्स का स्वागत किया गया.वहीं इस पल्ली से जाने वाले फादर रंजीत जोसेफ की विदाई दी गयी.


यहां के पल्ली पुरोहित फादर रंजीत जोसेफ थे.उनका स्थानांतरण मुजफ्फरपुर में कर दिया गया है.वहीं मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर एलेक्स को कंहौली पल्ली का पल्ली पुरोहित बनाया गया है.            

अनुराग मसीह कहते हैं हमारे पल्ली पुरोहितों ने केक काटा और फेयरवेल मनाने वाले फादर रंजीत जोसेफ ने केक खिलाकर फादर एलेक्स का वेलकम किया.उसी तरह वेलकम पाने वाले फादर एलेक्स ने  फेयरवेल मनाने वाले फादर रंजीत जोसेफ ने केक खिलाया.


आलोक कुमार

तटबंध के सुरक्षा के लिए पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए


सीतामढ़ी.जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने बाजपट्टी प्रखण्ड के बावा पुल पर बढ़ रहे जल स्तर एंव मरहा नदी के जल स्तर में हो रही वृद्धि के कारण भीखा बाजीतपुर सड़क पर चढ़ रहे पानी का किया निरीक्षण. बाजपट्टी से होकर निकलने वाले मड़हा नदी के तट का निरीक्षण किया. नदी तट पर जहां जहां कटान हो रहा है उन तटबंध के सुरक्षा के लिए पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश  दिए.

 स्थल निरिक्षण के दौरान जलस्तर मे वृद्धि को लेकर डीएम ने वहां नहा रहे बच्चों को बाहर निकाल उनसे अपील की नदी मे पानी बढ़ रहा है इसलिए इस मे न नहाए. पास के ग्रामवासियो को बुला कर कहा की नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है. किसी प्रकार की दुर्घटना न हो इसलिए अपने बच्चों को पानी से दूर रखे.  मवेशी न धोए तथा पानी से दूरी बनाए रखे. वहीं भीखा बाजीतपुर सड़क के कार्य मे अनीमियता को लेकर डीएम ने ग्रामीण कार्य विभाग पुपरी के कार्यपालक अभियंता को फटकार भी लगाई एवं अविलंब जांच करने का निर्देश दिया.

बाजपट्टी के अन्य क्षेत्रो का भ्रमण करने के बाद डीएम बथनाहा प्रखंड के कुम्मा मे बन रहे सड़क व पुलिया का निरिक्षण भी किया.  वहीं, कुम्मा मे बन रहे पुल के निरीक्षण के दौरान नदी मे बढ़ रहे जलस्तर को लेकर डीएम ने सबंधित कार्यपालक अभियंता को पुल के एप्रोच कार्य को जल्द खत्म करने का निर्देश दिया ताकि पानी बढ़ने से पहले एप्रोच का काम खत्म हो जाए व अवगमन सुचारु रूप से चालू रहे. उक्त निरीक्षण में ओएसडी प्रशांत कुमार के साथ संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचलाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे.                                  


आलोक कुमार  



200 स्थलों पर कैंप का आयोजन करते हुए महाअभियान से ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका दिया जाए

 


सीतामढ़ी. जिला पदाधिकारी मनेश कुमार की अध्यक्षता समाहरणालय स्थित एनआईसी कार्यालय से कोविड टीकाकरण को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं सभी सीडीपीओ के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया.

 उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों में ड्यूलिस्ट के आधार पर बचे हुए लोगों को चिन्हित करते हुए आगामी मंगलवार को महाअभियान चलाकर कोरोना का टीका देना सुनिश्चित करें.साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि 200 स्थलों पर कैंप का आयोजन करते हुए महाअभियान से ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका दिया जाए. बड़े प्रखंडों में 15 स्थान एवं छोटे प्रखंडों में 10 स्थानों पर कैंप लगाया जाए.सभी प्रखंडों को आज ही ड्यूलिस्ट उपलब्ध करा दिया जाए. महा अभियान के दिन स्वास्थ्य विभाग में कंट्रोल रूम की स्थापना करते हुए सभी प्रखंडों की मॉनिटरिंग की जाए.

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी द्वारा  बताया गया कि आशा, आंगनबाड़ी सेविका एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से महाअभियान में अधिक से अधिक टीकाकरण कराने के लिए लोगो से अनुरोध किया जाए. उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विनय कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस रोचना माद्री, डीपीएम हेल्थ अशीत रंजन के साथ यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित थे.


आलोक कुमार                              

सांसद निधि से वर्ष 2019-20 में प्रशासनिक स्वीकृति

 *कब्रिस्तान घेराबंदी एवं मंदिर चहारदीवारी की योजनाओं में जमीन से संबंधित समस्या/विवाद का प्राथमिकता देकर निराकरण का सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश


नालंदा.जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना कब्रिस्तान घेराबंदी एवं बिहार मंदिर चहारदीवारी निर्माण योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की.जिला योजना पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत 17 वीं बिहार विधान सभा के विधायकगण तथा विधान पार्षदगण द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में 155 योजनाओं की अनुशंसा की गई, जिनमें से लगभग चार करोड़ राशि की 80 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई. इनमें से अद्यतन 44 योजनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है तथा शेष 36 योजनाओं का कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में 153 योजनाओं की अनुशंसा प्राप्त हुई है, जिनमें से दो करोड़ 89 लाख लागत की 48 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है. क्रियान्वयन के लिए आगे की प्रक्रिया की जा रही है.

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत स्थानीय लोक सभा सांसद निधि से वर्ष 2019-20 में प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त 3 योजनाओं का कार्य पूर्ण हुआ है. वर्ष 2020-21 में प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त 30 योजनाओं में से 21 योजनाओं का कार्य पूरा किया गया तथा 9 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है.वर्ष 2021-22 में तीन योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिली है जिसका कार्य प्रगति पर है.

जिलाधिकारी ने सभी निर्माणाधीन योजनाओं का कार्य निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कराने का निर्देश दिया.

कब्रिस्तान की घेराबंदी की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि प्राथमिकता सूची में शामिल 9 योजनाओं में स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकृति के जमीन से संबंधित समस्या/विवाद के कारण कार्य बाधित है। जिलाधिकारी ने जिला विकास शाखा प्रभारी को सभी संबंधित अंचल अधिकारियों से व्यक्तिगत संपर्क कर इन सभी मामलों में जमीन से संबंधित स्थानीय समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.

बिहार मंदिर चहारदीवारी निर्माण योजना के तहत 29 मंदिरों के चहारदीवारी निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई थी. जिनमें से 27 के चहारदीवारी निर्माण कार्य पूरा किया गया है, एक में कार्य प्रगति पर है तथा एक अन्य में स्थानीय विवाद के कारण योजना बाधित है. जिलाधिकारी ने सभी निर्माणाधीन योजनाओं का कार्य निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सुनिश्चित कराने का निर्देश संबंधित कार्यकारी एजेंसी के अभियंताओं को दिया। जिला विकास शाखा प्रभारी को योजनाओं के क्रियान्वयन का सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, जिला विकास शाखा प्रभारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

कतरीसराय में मेन नाला के अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित


नालंदा.कतरीसराय में जलजमाव की समस्या के निदान को लेकर जिलाधिकारी ने अस्थावां विधायक, संबंधित विभाग एवं स्थानीय पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की है.जल निकासी के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल एवं त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया.

कतरीसराय में जलजमाव की समस्या के संबंध में प्राप्त सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज माननीय विधायक अस्थावां श्री जितेंद्र कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल राजगीर, प्रखंड के वरीय पदाधिकारी -सह- जिला कृषि पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी कतरीसराय, अंचलाधिकारी कतरीसराय एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की.

बताया गया कि कतरीसराय में मेन नाला के अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित है, जिसके कारण जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है.जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जलजमाव की समस्या आपदा की प्रकृति में शामिल है. इसके लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है.

 इसके आलोक में अंचलाधिकारी कतरीसराय को मेन नाले को अतिक्रमण मुक्त एवं उड़ाही कराते हुए जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल राजगीर को चिन्हित उपयुक्त स्थल पर कल्वर्ट का त्वरित निर्माण करते हुए निर्बाध जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर को स्वयं स्थल भ्रमण कर अपनी देखरेख में कार्य कराने का निर्देश दिया गया.


आलोक कुमार

शनिवार, 2 जुलाई 2022

सभी स्टेकहोल्डर्स एवं सेक्स वर्कर पर कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत किया

 

मुजफ्फरपुर. जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान  में सेक्स वर्कर के अधिकारों को प्रोटेक्शन देने एवं उनकी समस्याओं के समाधान पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा कक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में जिला प्रशासन ,पुलिस प्रशासन के वरीय पदाधिकारी के साथ सभी स्टेकहोल्डर्स एवं सेक्स वर्कर पर  कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत किया.

 जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश एवं मार्गदर्शन में जिले के सेक्स वर्कर्स को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता एवं संवेदीकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है.उन्होंने कहा कि आज के कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं मीडिया कर्मियों को  जागरूक करना है. सेक्स वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा कैसे हो, उनके संवैधानिक अधिकार क्या है इसकी विस्तृत जानकारी इस कार्यशाला के माध्यम से दी गई.

 उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 21 को  स्पष्ट रूप से डिस्क्राइब किया है जिसके अनुसार सभी नागरिकों को जो संवैधानिक  अधिकार प्राप्त हैं वैसे ही सेक्स वर्कर्स को यह अधिकार मिला हुआ है. बताया गया कि सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशानुसार सेक्स वर्कर्स के कार्य को एक व्यवसाय के रूप में माना गया है.कहा कि इन्हें भी आम नागरिक की तरह पूरी मर्यादा के साथ जीने का अधिकार है।कहा कि सेक्स वर्कर्स के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में सभी स्टेकहोल्डर पूरी गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें. उनके प्रति समाज, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन को अति संवेदनशील होना होगा. 

इसके पूर्व कार्यशाला में उपस्थित जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार ने कहा  कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा बुद्धदेव करमासकर बनाम पश्चिम बंगाल राज्य में दिये गये निर्णय के आलोक में सेक्स वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के मद्देनजर स्टेकहोल्डर्स तथा अन्य विभागों के पदाधिकारियों एवं मीडिया कर्मियों को जागरूक करने की दिशा में उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया है. उन्होंने आर्टिकल -21 जीवन जीने के अधिकार पर विस्तृत चर्चा करते हुए  कहा कि सेक्स वर्कर को भी सामान्य जीवन जीने का अधिकार है.उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव न करते हुए उनके अधिकारों की रक्षा की दिशा में हमें सजग रहना होगा और सभी को मिलजुल कर कार्य करने होंगे ताकि वे भी सामान्य जीवन जी सके और यह  उनका अधिकार भी है.

कार्यशाला में सेक्स वर्कर को राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, सूखा राशन प्रदान कराना, मानव गरीमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार दिलाना एवं पुर्नवास जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई. बताया गया कि इन्हे मूल अधिकार उपलब्ध कराने के संबंध में संबंधित स्टेक होल्डर्स को जागरूक करने की आवश्यकता है. सेक्स वर्कर्स भी मनुष्य है और वह पूरी तरह से मानव जीवन जीने की अधिकारी हैं.हमारे समाज का उनके प्रति भी कुछ कर्तव्य है

इसके पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर, सचिव विधिक सेवा प्राधिकार एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया गया. कार्यशाला के आरंभ में सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई उदय कुमार झा के द्वारा उपस्थित सभी वरीय पदाधिकारियों को एवं विभिन्न विभागो तथा स्टेक होल्डर्स के प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया. साथ ही उन्होंने यह बात भी कही कि इस कार्यशाला के माध्यम से सेक्स वर्कर के अधिकारों को समझने और उनके अधिकारों  की सुरक्षा कैसे हो इस दिशा में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए यह एक बड़ा प्लेटफार्म है.उन्होंने कहा कि सेक्स वर्कर हमारे समाज के ही अंग है और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है.

उन्होंने बताया कि आज का कार्यक्रम मुख्यतः जिला प्रशासन के द्वारा शुरू किए गए अभियान का आगाज था जिसमें सभी स्टेकहोल्डर्स पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका से जुड़े पदाधिकारी एक मंच पर इकट्ठा हुए.आगे चलकर सेक्स वर्कर्स के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाने तथा उन्हें सामान्य जीवन जीने के लिए एक सकारात्मक माहौल का निर्माण करने की दिशा में संबंधित इलाकों में सघन जन जागरूकता अभियान चलाकर इस अभियान को गति दी जाएगी. 

बैठक में रिसोर्स पर्सन वंदना शर्मा ,नसीमा खातून, सांत्वना भारती भी उपस्थित थे.जुडिशल मजिस्ट्रेट मृत्युंजय कुमार ने संबंधित विषय पर कानूनी पक्ष रखा.

अंत में विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि सेक्स वर्कर को उनकी मूल जरूरतों के लिए सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा. उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार से  प्राप्त होने वाली सुविधाओं ,विधिक सहायता कैसे प्राप्त होगी के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कहा कि यदि कोई समस्या आती है तो उसके निपटारे के लिए वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार पुलिस पदाधिकारी या जिला प्रशासन से बेहिचक संपर्क करें.


आलोक कुमार

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