सोमवार, 11 जुलाई 2022

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में कुल 60 हजार 747 आवेदन

 


नालंदाः जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में आज हरदेव भवन सभागार में जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई.कुशल युवा कार्यक्रम के संदर्भ में बताया गया कि जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में कुल 60 हजार 747 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 60 हजार 694 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से अब तक श्रम संसाधन विभाग को 60 हजार 168 आवेदन ऑनलाइन हस्तांतरित किए गए हैं. मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम के तहत कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से अब तक 55 हजार 451 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत अब तक 9545 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 3439 युवाओं का सफल प्लेसमेंट भी किया गया है.

 प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 850, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना के तहत 760 तथा मुख्यमंत्री अति पिछड़ी जाति उद्यमी योजना के तहत 188 लाभुकों को स्वरोजगार का अवसर मिला है.आपूर्ति की समीक्षा के क्रम में राशन कार्ड से संबंधित आरटीजीएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त सभी आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. नूरसराय, बिंद, बिहार शरीफ, वेन, गिरियक एवं हरनौत प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी के स्तर पर अधिक आवेदन लंबित पाए गए. संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को इसका सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा गया.

आईसीडीएस की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत जन्म प्रमाण पत्र नहीं रहने के कारण कुछ आवेदन स्वीकृति के लिए लंबित हैं.इन सभी आवेदनों के संदर्भ में सक्षम स्तर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का निर्देश सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया.

आईसीडीएस एवं मनरेगा के अभिसरण से जिला में 200 आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से 100 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया की गई है. जिनमें से 80 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. 14 स्थलों पर स्थानीय समस्या के कारण निर्माण कार्य बाधित है। जिलाधिकारी ने समस्या का निराकरण कर अविलंब सभी स्थानों पर निर्माण शुरू कराने का निर्देश दिया तथा निर्माणाधीन योजनाओं को तेजी से पूरा कराने को कहा.

स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि के निर्माण के लिए अंचल अधिकारी के माध्यम से जमीन से संबंधित प्राप्त विवरण के आलोक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता को स्वयं स्थल भ्रमण कर जमीन की उपयुक्तता के प्रति आश्वस्त होने के उपरांत ही प्रस्ताव जिला में भेजने का निर्देश दिया गया.

सामाजिक सुरक्षा की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला में विभिन्न पेंशन योजना के लाभार्थियों के जीवन प्रमाणीकरण का कार्य 97.8 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है.लगभग 13 हजार लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण का कार्य शेष है. जीवन प्रमाणीकरण के लिए 15 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित है. उक्त तिथि तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले लाभार्थियों का पेंशन स्वतः अवरुद्ध हो जाएगा.

कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, लक्ष्मी बाई पेंशन योजना, बिहार राज्य निशक्त पेंशन योजना आदि के सभी लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित कराने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया.

 मुख्यमंत्री अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत प्राप्त 17 आवेदन में से 15 स्वीकृत एवं मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना में प्राप्त 17 आवेदन में से 13 स्वीकृत किए गए हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि इन दोनों योजनाओं में बहुत कम आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, इसके लिए व्यापक प्रचार प्रसार करा कर अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया. मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना के तहत ‘संबल‘ योजना अंतर्गत दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राई साइकिल का निशुल्क वितरण किया जाएगा। इस योजना के तहत 8 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है.जिला में अब तक लगभग 220 आवेदन आ चुके हैं. इस योजना के तहत पहले आओ पहले पाओ सिद्धांत के आधार पर लाभ दिया जाना है. इसलिए अधिक से अधिक पात्र लोगों से आवेदन कराने का निर्देश दिया गया. निःशक्तता प्रमाण पत्र बनाने के लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया गया.

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जिला में सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण की 368 योजनाओं की स्वीकृति दी गई है.जिनमें से 339 योजनाओं का कार्य प्रारंभ हुआ, उसमें 296 का कार्य पूर्ण हो चुका है. निर्माणाधीन 44 योजनाओं का निर्माण कार्य यथा शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया. जहां भी राशि की आवश्यकता हो, अविलंब मांग करने का निर्देश दिया गया.

एलएसबीए के द्वितीय चरण के तहत जिला के 50 पंचायतों में सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली स्थापित करने के लिए कार्य किया जा रहा है. इन सभी चिन्हित पंचायतों में वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण कराया जाना है. 39 पंचायतों में स्थल चिन्हित कर एनओसी प्राप्त हो चुका है, जिसमें से 13 जगह निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है. 26 में लेआउट का कार्य किया जा चुका है. शेष 11 पंचायतों के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया  सुनिश्चित कराने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया. इस प्रणाली के तहत आवश्यक उपकरणों के क्रय के लिए 37 पंचायतों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रियाधीन है. जिलाधिकारी ने निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत आवश्यक उपस्करों का क्रय सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.इन सभी पंचायतों में स्वच्छता पर्यवेक्षक, स्वच्छता मित्र आदि के चयन की रिक्तियों को अविलंब भरने का निर्देश दिया गया.

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2021-22 के लिए जिला के लिए 32566 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें से अब तक 31675 की स्वीकृति दी जा चुकी है. लक्ष्य के विरुद्ध स्वीकृति के लिए लंबित उपयुक्त मामलों में अविलंब स्वीकृति की प्रक्रिया पूरा करने का निर्देश दिया गया. स्वीकृति प्राप्त लाभुकों में से 30444 को प्रथम किस्त, 24018  को द्वितीय किस्त तथा 7491 को तृतीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है. इनमें से 184 आवास का निर्माण पूर्ण किया गया है. जिलाधिकारी ने सभी पात्र लाभुकों को अगली किस्त की देय राशि का भुगतान करते हुए 15 अगस्त तक आवास निर्माण कार्य पूरा कराने पर विशेष बल देने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया.

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (क्लस्टर हाउस) के तहत जिला के एकंगरसराय, गिरियक, सिलाव, रहुई एवं हिलसा प्रखंड में 111 आवास के निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध 105 का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है. जिलाधिकारी ने शेष 6 आवास का निर्माण कार्य अविलंब पूरा कराने का निर्देश दिया.

पंचायत की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला में चिन्हित 2687 कुओं में से 2284 के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किया गया, जिसमें से 1704 कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो चुका है. इसके साथ ही अब तक 1263 सोख्ता का निर्माण भी किया गया है.

पंचायती राज विभाग द्वारा क्रियान्वित नल जल की योजना के संदर्भ में बताया गया कि जिला में 523 योजनाओं में जलमीनार निर्माण का कार्य नहीं हुआ है. इनमें से जिन योजनाओं में राशि की निकासी की गई है परंतु जल मीनार का निर्माण नहीं हुआ है, वहां संबंधित डब्ल्यू आईएमसी को नोटिस निर्गत कर निर्माण कार्य अविलंब पूरा कराने अन्यथा प्राथमिकी दर्ज करते हुए वसूली के लिए कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश संबंधित प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया. विगत महीनों में विभिन्न स्तरों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर 151 अक्रियाशील योजनाओं को चिन्हित किया गया था. इनमें से अधिकांश योजनाओं में आवश्यक कार्य कराकर योजना को क्रियाशील किया गया है. 

वर्तमान में 6 योजनाओं का कार्य होना शेष है. जिलाधिकारी ने इन सभी योजनाओं का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. इसी क्रम में पंचायती राज विभाग द्वारा क्रियान्वित वार्डों में से 109 वार्डों में अतिरिक्त योजना की आवश्यकता का आकलन किया गया था. इनमें से 27 में कार्य पूर्ण किया गया है तथा अन्य 71 में कार्य प्रगति पर है. जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं का कार्य उच्च प्राथमिकता देते हुए पूरा कराने का निर्देश दिया.

विगत पंचायत चुनाव के बाद सभी वार्डों में नए स्तर से डब्ल्यू आईएमसी का गठन किया जा रहा है.जिला के 3105 वार्डों में से अब तक 2936 वार्डों में नए डब्ल्यू आईएमसी का गठन किया जा चुका है तथा 2325 वार्डों में नए डब्ल्यू आईएमसी को दस्तावेजों का हस्तांतरण सुनिश्चित किया गया है. जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत वार्डों में नए डब्लू आईएमसी का गठन कराते हुए नए डब्ल्यू आईएमसी को आवश्यक दस्तावेजों का हस्तांतरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. इसके लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

जिला में वर्तमान में 73 पंचायत सरकार भवन क्रियाशील हैं. नए लक्ष्य के अनुरूप 89 नए पंचायत सरकार भवन का निर्माण ‘पहले आओ पहले पाओ‘ के आधार पर किया जाना है. इसके लिए अब तक 28 पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेजा गया है. शेष लक्ष्य के लिए भी जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया. इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी आवश्यक सहयोग लेने को कहा गया.

बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रोग्राम पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा जिले भर में 11 जुलाई से 31 जुलाई 2022 तक मनाया जा रहा है

मोतिहारीः आज विश्व जनसंख्या दिवस है. इस अवसर पर पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक के द्वारा समाहरणालय परिसर, मोतिहारी से विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिलेभर में परिवार नियोजन कार्यक्रम का प्रचार प्रसार के लिए सारथी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.सारथी रथ द्वारा सभी प्रखंडों में परिवार कल्याण कार्यक्रम का प्रचार प्रसार कर इच्छुक व्यक्तियों को स्थाई एवं अस्थाई विधि का जानकारी दिया जाएगा.जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा जिले भर में 11 जुलाई से 31 जुलाई 2022 तक मनाया जा रहा है.इस अवसर पर सिविल सर्जन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी,  डीआईओ, डीपीएम एवं यूनिसेफ, केयर के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे.

वहीं पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में जिला टास्क फोर्स (एईएस/जेई ) से संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. जिलाधिकारी महोदय ने सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए कहा कि एईएस खतरे से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य सुविधा के साथ डॉक्टर्स एलर्ट मोड में रहें. रक्सौल क्षेत्रों में सूकरो के संक्रमण पर निगरानी  के लिए, नगर कार्यपालक पदाधिकारी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी को उन्होंने निर्देशित किया.उन्होंने कहा कि संक्रमित सुकरो का डंपिंग सही तरीके से करें साथ ही उन क्षेत्रों को सैनिटाइजेशन भी करना सुनिश्चित करें.उन्होंने कहा कि जिले भर में कोरोना टेस्टिंग एवं वैक्सीनेशन कार्य में प्रगति लाएं.इस अवसर पर सिविल सर्जन, डी पीएम, डीआईओ, यूनिसेफ, केयर,डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, डीपीएम जीविका आदि उपस्थित थे.

इस जिले के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक के द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में प्रयोजन एवं देखरेख योजना अन्तर्गत 08 लाभुकों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया. जिला बाल संरक्षण इकाई अन्तर्गत संचालित प्रायोजन एवं देखरेख  योजना अंतर्गत इन लाभुकों को स्वीकृति की तिथि से आगामी 03 वर्ष तक अथवा 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक (जो पहले हो) 2000 रुपये प्रतिमाह आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में भेजे जायेंगे.स्वीकृत्यादेश प्राप्त करने वाले बच्चों में हिमांशु कुमार, शोषिता कुमारी, अभिनंदन कुमार, अभिमन्यु कुमार, दीपक कुमार, आदित्य कुमार, प्रिंस कुमार एवं पल्लवी कुमारी शामिल है.


आलोक कुमार

रविवार, 10 जुलाई 2022

सभी संबंधित योजनाओं का लाभ निचले स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से आपकी सरकार,आपके द्वार

 


सहरसाः इस जिले के ज़िलाधिकारी श्री आनंद शर्मा के आदेश पर कोशी बाँध के अन्दर बसे पंचायतों के आम नागरिकों को सरकार द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी देने एवं सभी संबंधित योजनाओं का लाभ निचले स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से आपकी सरकार,आपके द्वार, हर बुधवार के तहत चिन्हित नवहट्टा प्रखंड के बकुनियाँ,महिषी प्रखंड के मनौवर एवं सलखुआ प्रखंड के उटेशरा पंचायतों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय संचालित किया गया.

आलोक कुमार

पल्ली परिषद की ओर पल्ली पुरोहित ने जारी कर दिए

  * शुक्रवार को पल्ली पुरोहित ने वाट्सएप पर दो संदेश जारी किये

 


पटनाः राजधानी पटना के दीघा क्षेत्र में रोमन कैथोलिक समुदाय की कुर्जी पल्ली है. इसे कुर्जी पैरिश भी कहा जाता है. कुर्जी पल्ली में पुरोहित रहते हैं.एक प्रधान पल्ली पुरोहित होते हैं और शेष सहायक पल्ली पुरोहित कहलाते हैं. इन दोनों स्तर के पुरोहितों को परामर्श देने के लिए पल्ली परिषद गठित है. पल्ली परिषद के पार्षद मोहल्लों से जीतकर आते हैं.पल्ली परिषद के पदेन अध्यक्ष पल्ली पुरोहित होते हैं.केवल परामर्श देने वाले परिषद होने से लोग पार्षद बनना नहीं चाहते हैं.तो ऐसी परिस्थिति में अपने चहेते लोगों को मनोनीत कर लेते हैं. यह वास्तव में पूर्णतः परामर्शदात्री परिषद है.जो केवल परामर्श ही दे सकते हैं और नियम नहीं बना सकते हैं. खुद एक कुर्जी पल्ली परिषद के पूर्व पार्षद ने कहा कि पल्ली परिषद परामर्शदात्री परिषद है.हां, पल्ली परिषद के पार्षदों के परामर्श अथवा अपने मन से पल्ली पुरोहित नियम बनाकर पल्ली परिषद के माथे मढ़ देते हैं.

बताया जाता है कि शुक्रवार को पल्ली पुरोहित ने वाट्सएप पर दो संदेश जारी किये है. एक में पल्ली परिषद की ओर पल्ली पुरोहित द्वारा जारी किया गया है. यहां पर उल्लेख होना चाहिए था कि पल्ली परिषद के पदेन अध्यक्ष.चूंकि जगजाहिर है कि पल्ली परिषद कानून नहीं बना सकता है.इसलिए दूसरे संदेश में खुद पल्ली पल्ली पुरोहित ही जारी कर दिये है.अगर पल्ली परिषद को कानून बनाने का अधिकार होता तो दूसरे संदेश में भी पल्ली परिषद का नाम उल्लेख होता. मगर ऐसा न करके अपने ही जाल में पल्ली पुरोहित फंस गए हैं.यहां के पल्ली पुरोहित ने कुछ नियम बनाये हैं.पल्ली परिषद की ओर पल्ली पुरोहित ने जारी कर दिए है.


सभी पल्लीवासी कृपया ध्यान देंः-

ख्रीस्तीय समाज से स्वयं जुड़कर रहना और अपने बच्चों को जोड़कर

रखना सभी माता-पिता की जिम्मेदारी है.कलीसिया में अपनी उपस्थिति

और सक्रियता से हम सब समाज को कुछ देते और उसे मज़बूत बनाते

हैं.इसी को ध्यान में रखकर पल्ली परिषद ने कुछ नियम बनाए हैं, जो

निम्नलिखित हैं: - यदि भक्तों पल्ली से किसी प्रकार की (एडमिशन,

नौकरी, विवाह) आदि के लिए सिफारिशी पत्र चाहते हैं तो कृपया ध्यान

रखें-

1. प्राईमरी में भर्ती के लिए बप्तिस्मा संस्कार का प्रमाण पत्र ज़रूरी है.

2. सातवीं के बाद बच्चे के लिए किसी भी पत्र के लिए पहले परम

प्रसाद का प्रमाण पत्र जरूरी है.

3. ग्यारहवीं में एडमिशन के लिए पल्ली से तभी कोई सिफारिशी पत्र

दिया जाएगा जब उस बच्चे का पहला परम प्रसाद और दृढ़ीकरण

संस्कार हो गया होगा.

4. सिफारिशी पत्र के लिए मात्र संस्कारों का प्रमाण पत्र दिखाना काफी

नहीं होगा.यह आवश्यक है कि आप अभी पल्ली में कार्यरत किसी

पुरोहित को जानते हैं और पुरोहित भी आपको जानते हैं.

5. पल्ली से किसी भी पत्र के लिए आवेदक अपने क्षेत्र के पल्ली परिषद्

के सदस्य से एक पत्र ज़रूर लायें.

6. यदि आप कहीं दूसरी जगह मिस्सा के लिए जाते हैं तो वहाँ के

पुरोहित से वहाँ की कलीसिया में अपनी सहभागिता का पत्र लेकर

आयें.

सभी भक्तों से आग्रह है कि उपरोक्त के अभाव में सिफारिशी पत्रों के

लिए पल्ली पुरोहित और दूसरे पुरोहितों पर बेवज़ह दबाव न बनाये.

पल्ली परिषद की ओर से पल्ली पुरोहित.


प्रथम परमप्रसाद समारोह 2022 का कार्यक्रम को  खुद पल्ली पुरोहित जारी किए है.पल्ली परिषद क्यों दरकिनार कर दिया गया

 

पल्लीवासी कृपया ध्यान दें:-

1. पल्ली कार्यालय से दिनांक 10 जुलाई से पहले परमप्रसाद

के लिए आवेदन पत्र दिया जाएगा.

2. 28 अगस्त 2022 सही एवं स्पष्ट रूप से भरे गये आवेदन

पत्रों को पल्ली में जमा करने की अंतिम तिथि होगी.

3. दिनांक 28 अगस्त 2022 के बाद कोई आवेदन स्वीकार

नहीं किया जाएगा.

4. दिनांक 04 सितम्बर 2022 को प्रथम परमप्रसाद के

उम्मीदवारों के माता-पिता की बैठक दूसरे मिस्सा के बाद

होगी. इसमें माता-पिता का भाग लेना ज़रूरी है.

5. दिनांक 5 - 29 सितम्बर 2022 तक बच्चों के पास ऑन

लाईन प्रार्थना भेजी जायेंगी और माता-पिता सुनिश्चित

करेंगे कि बच्चे इन प्रार्थनाओं को याद कर लिखना सीखते

हैं.

6. दिनांक 01 अक्टूबर को बच्चों की लिखित परीक्षा होगी

और केवल इसमें पास होने वाले बच्चों को ही परमप्रसाद

के अगले प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा.

7. चुने गये बच्चों का दिनांक 02 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक

यहां पल्ली में प्रशिक्षण होगा.

8. 16 अक्टूबर को प्रथम परमप्रसाद समारोह 2022 संपन्न

किया जाएगा.

आपके सहयोग के लिए आपको धन्यवाद.

पल्ली पुरोहित


इसका जोरदार विरोध किया जा रहा है.कहा जाता है कि इस तरह की मांग नहीं होनी चाहिये थी.एक ने कहा कि उफ्! यह बहुत ज्यादा हो रहा है.Uff, this is too much

* it is not required in participative catholic community

सहभागी कैथोलिक समुदाय में इसकी आवश्यकता नहीं है      

* it is a concept of keralians way of doing things

यह केरलवासियों के काम करने के तरीके की अवधारणा है                                      

*it is attitude and practice of acquiring power out of it            

  यह कैसे शक्ति प्राप्त करने का दृष्टिकोण और अभ्यास है      

*holy father said there is no such power other than the power of service and the power of cross                            

पवित्र पिता ने कहा सेवा की शक्ति और क्रॉस की शक्ति के अलावा ऐसी कोई शक्ति नहीं है         

* Talk to them with a delegation to bishop

एक प्रतिनिधिमंडल बिशप के साथ  बात करें


आलोक कुमार


मोतिहारी में स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम अंतर्गत स्वच्छता पखवाड़ा 1 से 15 जुलाई तक

 


मोतिहारीः पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के धरती पर आए श्री श्रीकांत माधव, अध्यक्ष, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड का भव्य स्वागत जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक द्वारा किया गया.प्रातः में अतिथि गृह, मोतिहारी से गांधी संग्रहालय ,मोतिहारी तक स्कूली छात्र/ छात्राओं के साथ उन्होंने साइकिल रैली में भाग लिया.

गांधी संग्रहालय, मोतिहारी में स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम अंतर्गत स्वच्छता पखवाड़ा 1 जुलाई से 15 जुलाई 2022 तक संपन्न कराने संबंधी  शपथ कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया.गांधी संग्रहालय मोतिहारी में उन्होंने पौधारोपण भी किया.


भ्रमण के दौरान रोइंग क्लब पहुंचकर मोती झील में नौका विहार का भी उन्होंने आनंद उठाया.कचहरी चौक, मोतिहारी के पास स्थित नवनिर्मित प्रेक्षागृह एवं खेल भवन के निरीक्षण के क्रम में बेहतर निर्माण कार्य की उन्होंने सराहना की.

इस अवसर पर श्री निखिल दीप माथुर, मुख्य महाप्रबंधक (रिटेल सेल्स) बिहार, श्री विभाष कुमार, कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख, बिहार, अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मोतिहारी सदर के अलावे अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे.


आलोक कुमार

आपसी भाईचारे के लिए मांगी दुआ

  


मोतिहारीः शहर में जिला प्रशासन की देखरेख में अदा की गई ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज अदा की गयी.नमाज अदा कर जिलावासियों ने अमन, चैन तथा आपसी भाईचारे के लिए मांगी दुआ.सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिदों के बाहर पुलिस कर्मियों एवं पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई.

जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर जिलेवासियों को  शुभकामनाएं दीं.मीना बाजार में सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष नगर द्वारा शहर के शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर चलाया गया अभियान.उक्त मौके पर सभी प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे.


आलोक कुमार

मेला मार्ग की सड़कों के तत्काल आवश्यक मरम्मती कराने का निर्देश नगर निगम को

 


नालंदाः इस जिले में लंगोटा मेला का आयोजन 13 जुलाई से 19 जुलाई की अवधि में किया जाना है.लंगोटा मेला के अवसर पर बाबा मनीराम अखाड़ा की तरफ जाने वाले मार्गों पर संध्या 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक ट्रक, ट्रैक्टर एवं अन्य बड़े मालवाहक वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा.

 बता दें कि लंगोटा मेला का आयोजन 13 जुलाई से 19 जुलाई की अवधि में किया जाना है.इसके आयोजन पूर्व तैयारियों को लेकर शनिवार संध्या जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न पदाधिकारियों एवं अखाड़ा  प्रबंधन समिति के प्रतिनिधियों के साथ बाबा मनीराम अखाड़ा परिसर में बैठक की.

मेला क्षेत्र में लोगों की संभावित भीड़ को संज्ञान में लेते हुए  सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित रखने के उद्देश्य से अखाड़े की ओर जाने वाले मार्गों में संध्या में मालवाहक वाहनों का प्रवेश निषेध रखने का निर्णय लिया गया है.

लिए गए निर्णय के अनुसार 11 जुलाई से 19 जुलाई की अवधि में प्रत्येक दिन संध्या 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक सोगरा कॉलेज से बाबा मनीराम अखाड़ा की तरफ तथा झिंगनगर से अखाड़ा की तरफ़ मार्ग पर ट्रक, ट्रैक्टर एवं अन्य बड़े मालवाहक वाहनों का प्रवेश/परिचालन निषेध रहेगा.

मेला अवधि में टैंकर के माध्यम से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश नगर निगम एवं पीएचइडी को दिया गया.नगर निगम को संपूर्ण मेला क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी तथा  साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया.उपयुक्त स्थल पर चलंत शौचालय की व्यवस्था भी की जाएगी. मेला मार्ग की सड़कों के तत्काल आवश्यक मरम्मती कराने का निर्देश नगर निगम को दिया गया.

इस अवसर पर नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी बिहार शरीफ , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिहार शरीफ, स्थानीय थाना प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं अखाड़ा प्रबंधन समिति के सदस्यगण उपस्थित थे.

आलोक कुमार

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