बुधवार, 24 अगस्त 2022

जिला पदाधिकारी राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 का स्थलीय निरीक्षण किया

 


राजगीर: आज  जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर अनुमंडल कार्यालय सहित राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 का स्थलीय निरीक्षण किया.

जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी,राजगीर, सिविल सर्जन नालंदा,नगर कार्यपालक पदाधिकारी राजगीर तथा अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर के चिकित्सकों के साथ बैठक किया तथा डेंगू से प्रभावित लोगों,क्षेत्रों तथा अस्पताल में की गई व्यवस्था की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिया.

नगर परिषद तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए की जा रही कार्यों की समीक्षा की.जिला पदाधिकारी वैठक के उपरान्त डेंगू प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया.वे राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 में घूम-घूम कर लोगों से मिले तथा उनकी शिकायतों को सुनकर त्वरित आदेश दिया.


नालियों तथा गलियों की साफ-सफाई,नालियों में एन्टी लार्वा स्प्रे का छिड़काव, नालियों तथा गलियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा फोगिंग की स्थिति की जानकारी ली.नगर कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि फोगिंग के वक्त वे स्वयं उपस्थित होकर सभी गलियों में फोगिंग करवाएं.

गंगा उद्वह योजना के तहत जलापूर्ति के लिए नए पाइप लाइन बिछाने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण द्वारा सड़कों के कोड़े जाने तथा पुनः उसे ठीक नहीं करने पर जिलाधिकारी काफी नाराज हुए तथा पी एच ई डी के कार्यपालक अभियंता को तुरन्त राजगीर आकर ठीक करने का निर्देश दिया.वार्डों में ठप जलापूर्ति पर भी जिलाधिकारी नाराज


हुए और उसे शीघ्र ठीक करने का निर्देश दिया.

डेंगू मरीजों के परिजनों से प्राप्त शिकायत पर उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर तथा सिविल सर्जन नालंदा को पावापुरी चिकित्सा महाविद्यालय में जाकर ब्लड की उपलब्धता,ओपीडी की स्थिति का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

आलोक कुमार

पूर्व से प्राप्त शिकायतों के आलोक में समीक्षा किया

 

हिलसा: आज जिलाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर के द्वारा राजगीर दौरे के उपरांत हिलसा प्रखंड स्थित सभागार में माननीय जन प्रतिनिधियों,जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक किया गया.

उन्होंने माननीय जन प्रतिनिधियों से प्रखंड के विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं में रह रही कमियों की जानकारी ली तथा उसके पश्चात विभागीय पदाधिकारियों से पूर्व से प्राप्त शिकायतों के आलोक में समीक्षा किया.पंचायती राज विभाग द्वारा वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के गठन की जानकारी ली गयी.बताया गया कि कुल 205 वार्डों में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति का गठन कर लिया गया है इसमें 199 का हैंडओवर भी हो चुका है.15 योजनाओं में कार्य नहीं होने तथा इनमें से 03 योजनाओं में राशि निकालने के बावजूद टावर निर्माण नहीं होने पर मनरेगा कनीय अभियंता पर प्राथमिकी दर्ज करने तथा सेवा समाप्ति के आदेश दिए गए.


15वें वित्त आयोग के निधि से नल-जल की नई योजनाओं की समीक्षा की गई।पी एच ई डी तथा  पी आर डी द्वारा अभी तक इसमें कोई भी योजना पूर्ण नहीं किये जाने पर जिलाधिकारी काफी नाराज हुए.लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण द्वारा 136 चापाकल की मरम्मती के विरुद्ध 82 की मरम्मती की जानकारी दी गयी।जिला पदाधिकारी द्वारा 300 चापाकलों के मरम्मती के आदेश दिए जाने के बाद भी कार्यपालक अभियंता द्वारा मात्र 125 की स्वीकृति विभाग से मांगने पर उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया.

मिर्जापुर के वार्ड नं.1 में करीब 5 महीने से पाइप लाइन के ब्लॉकेज का पता नहीं लगा पाने पर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाई.मिर्जापुर के वार्ड नं.10 ,कोरांव पंचायत के वार्ड नं.7,14 अरपा के वार्ड नं 4 चिकसौरा के वार्ड नं 9 तथा 11 में जलापूर्ति नहीं होने पर फटकार लगाई गई.

उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव ने आवास योजना की समीक्षा की.उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारी के स्तर से 9 नीलाम पत्र दायर हुए थे जिसमें वारंट निर्गत किया जाना है. 8 जगहों पर सामुदायिक भवन के लिए जमीन चिन्हित किया गया था पर अभी तक भवन निर्माण नहीं हो सका. अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अगर चिन्हित जमीन ठीक नहीं है तो रद्दीकरण का प्रस्ताव दें.

कृषि विभाग के समीक्षा में बताया  गया कि प्रखंड में धान बिचड़ा आछादन शत-प्रतिशत हो गया है जबकि धान रोपनी 97 फीसदी हो पाया है.जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी से उर्वरक उपलब्धता की जानकारी ली.उन्होंने आदेश दिया कि मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें.लघु जल संसाधन द्वारा 132 नलकूपों के मरम्मती पैसे के अभाव में नहीं होने की जानकारी दी गयी जिस पर जिला पदाधिकारी विभाग से पत्राचार करने का निर्देश दिया.

अंचल कार्यालय के समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल माह से म्युटेशन के लिए कई आवेदन लंबित है जिसे काफी गंभीरता से लिया गया.आपूर्ति कार्यालय के समीक्षा में बताया गया कि कुल 86 दुकानों के विरुद्ध 17 दुकानों का इंस्पेक्शन किया गया है. जिला पदाधिकारी ने इन 17 इंस्पेक्शन रिपोर्ट की जांच करने के निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया.

उक्त बैठक में अपर समाहर्ता श्री मंजीत कुमार सहित अनुमंडल पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता भी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

 

मंगलवार, 23 अगस्त 2022

मीडिया और अखबार वाले नीतीश कुमार के खिलाफ

  यह क्या कह गए ललन बाबू


पटना: बिहार में लगातार हो रही घटनाओं की मीडिया कवरेज से जेडीयू नाराज है. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का बेहद आपत्तिजनक बयान आया है. उन्होंने कहा है कि मीडिया और अखबार वाले नीतीश कुमार के इसलिए खिलाफ हैं क्योंकि उन्हें बिहार में शराब पीने को नहीं मिल रही है. ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की जनता को देखें या इन लोगों की मौज मस्ती को देखें. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने ये बातें लखीसराय में कही.

ललन सिंह ने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी की है.आज उसी का नतीजा है कि घरेलू हिंसा और सड़क पर जो उत्पात हो रहा था उसमें कमी आई है. लेकिन अखबार वाले और मीडिया वाले मुख्यमंत्री के इस कदम के खिलाफ हैं. दरअसल पत्रकारों को दारू नहीं मिल रहा है. अगर पत्रकारों को दारू पीने के लिए नहीं मिल रहा है तो इसमें मुख्यमंत्री क्या करें? आपको देखें या जनता को देखें.

ललन सिंह की पार्टी जेडीयू सरकार में है। नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं. महागठबंधन की सरकार में ही बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी. लगभग सात साल हो गए बिहार में शराबबंदी लागू किए हुए. बावजूद इसके, हर दिन शराब पकड़ाने की खबर सामने आती रहती है. यही नहीं, हर महीने कहीं न कहीं से जहरीली शराब पीने से मौतों से जुड़ी खबर सामने आती रहती है. बिहार सरकार के आंकड़ों पर ही ध्यान दें तो 2015 के बाद से अब तक शराब के मामले से जुड़े 2 लाख से अधिक मुकदमें दर्ज हो चुके हैं. तीन लाख से अधिक लोगों को शराबबंदी कानून के तहत जेल में भेज दिया गया है.

वहीं बिहार में जंगल राज की बात कहे जाने पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि बिहार में एक घटना होने के बाद जंगलराज आ जाता है. यूपी में जाकर देखिए क्या वहां मंगलराज है? टीवी चैनल पर देश में नफरत फैलाया जा रहा है. ललन सिंह ने कहा कि बीजेपी विधवा विलाप कर रही है. गठबंधन धर्म क्या है उसका बीजेपी को कोई ज्ञान नहीं है. अब की एनडीए अटल और आडवाणी वाली एनडीए नहीं रही.

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने दो दिवसीय दौरे पर बिहार के लखीसराय पहुंचे हैं. यहां वह अलग-अलग प्रखंडों के गांवों में जनसंवाद का कार्यक्रम कर रहे हैं. यहां वह बिहार में शराबबंदी पर बोल रहे थे और इस दौरान उन्होंने महिसोना गाँव में जनसंवाद के दौरान खुले मंच से मीडिया के खिलाफ यह बयान दिया है.

इधर, केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद ललन सिंह द्वारा ‘ दारू न मिलने के कारण मीडिया नीतीश के खिलाफ है‘ के बयान को शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि अब जेडीयू अपनी नाकामी को छुपाने के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर आरोप लगाने का काम कर रही है. यह उनके हताश का परिचायक है. आज बिहार में अराजकता का माहौल है. अपराधी तांडव करने लगे हैं. युवाओं पर लाठियां भांजी जा रही है। नकली शराब पीकर लोग मर रहे हैं.लेकिन इससे जेडीयू को कोई लेना देना नहीं है. हर हाल में सत्ता में चिपके रहना ही, इनका एजेंडा है.जनता के सामने पोल खुल रही है तो ये मीडिया को टारगेट करने लगे हैं, यह अशोभनीय है. उन्हें मीडिया से अविलंब माफी मांगनी चाहिए.


आलोक कुमार



13 दिन बाद भी विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया

 

पटना: बिहार में सरकार बदलने के 13 दिन बाद भी विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है.जिसके कारण संवैधानिक संकट बन गया है.बिहार विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मैं इस्तीफा नहीं देंगे.यह कहा जा सकता है कि इस्तीफा देने के मसले पर अड़ गए हैं. किसी भी कीमत पर इस्तीफा नहीं देंगे.

बिहार में सत्ता परिवर्तन 10 अगस्त को हुआ.लगभग 13 दिन हो गए.अब तक विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया है.सत्ताधारी जेडीयू और आरजेडी, लगातार इस्तीफे की मांग कर रही है, लेकिन वे इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं.विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि जो उन्हें नोटिस दी गई है, वह नियमों के खिलाफ है.

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विगत दिनों सत्ता को बचाए रखने के लिए जो कुछ भी हुआ, उस पर इस समय कुछ भी कहना उचित नहीं होगा. लेकिन इस दौरान विधायिका की प्रतिष्ठा पर जो प्रश्न खड़े किए गए हैं, उस पर चुप रह जाना भी मेरे लिए अनुचित होगा. विजय सिन्हा ने कहा कि जब तक दायित्व के साथ बंधे हैं, तब तक अपने व्यक्तिगत सम्मान से ऊपर लोकतंत्र की गरिमा को सुरक्षित रखना मेरा कर्तव्य है. इसलिए जब विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, तब मैंने अपने ऊपर विश्वास की कमी के रूप में नहीं देखा.अविश्वास का प्रस्ताव का जो नोटिस सभा सचिवालय को दिया गया है, इसके नियमों और प्रावधानों की अनदेखी की गई है.इसलिए इस नोटिस को अस्वीकृत करना मेरा स्वाभाविक जिम्मेवारी है.

बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने साफ तौर पर कह दिया है कि वे पद से इस्तीफा नहीं देंगे. विजय सिन्हा ने कहा कि मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन मैंने खुद पर विश्वास रखा. अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सचिवालय को दिया गया, जिसमें नियमों की अनदेखी की गई है. आसन से बंधे होने के कारण से नोटिस में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और निराधार आरोप लगाए गए हैं, जो व्यक्तिगत स्तर के हैं. ऐसे में उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद ललित यादव की अध्यक्षता में महागठबंधन के नेताओं ने मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था.बिहार विधानसभा के सचिव के समक्ष 10 अगस्त को महागठबंधन के 50 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा गया था. अविश्वास प्रस्ताव के तहत विजय कुमार सिन्हा को अध्यक्ष के रूप में अपना पद बरकरार रखने के लिए विधानसभा के अंदर बहुमत साबित करना होगा.लेकिन अब उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया है.

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के 14 दिन बाद उस पर चर्चा हो सकती है.नोटिस दिए जाने का बाद विधानसभा की कार्यवाही सत्र शुरू होने पर चर्चा के लिए यह सबसे पहला एजेंडा होता है. जब अविश्वास प्रस्ताव लिया जाता है, तो स्पीकर खुद अध्यक्षता नहीं कर सकता. ऐसे में डिप्टी स्पीकर काम संभालेंगे. विधानसभा में जेडीयू नेता महेश्वर हजारी डिप्टी स्पीकर हैं. कानून के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा अधिकतम 14 दिन स्पीकर की कुर्सी पर रह सकते हैं. वहीं महागठबंधन को 15 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा. ऐसे में 14 दिनों का समय 23 अगस्त को खत्म हो रहा है और सत्र 24 अगस्त को होगा. लेकिन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही स्पीकर ने कह दिया है कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे.

बता दें कि बिहार विधानसभा के कार्य संचालन नियमावली में अध्यक्ष को हटाने और नये अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया निर्धारित है. खास बात यह है कि बिहार के राज्यपाल द्वारा अध्यक्ष के निर्वाचन की तिथि निर्धारित की जाती है. तकनीकी रूप से देखा जाए तो विधानसभा अध्यक्ष का पद अभी खाली नहीं है और ना ही इस तरह की कोई सूचना विधानसभा की ओर से महामहिम राज्यपाल को दी गई है. जहां तक विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन की बात है तो पद रिक्ति की सूचना मिलने के बाद राज्यपाल द्वारा तिथि निर्धारित की जाती है. नियम के अनुसार, निर्वाचन की तिथि के एक दिन पहले 12 बजे दिन तक ही अध्यक्ष बनने को इच्छुक सदस्य विधानसभा सचिव के पास नामांकन दर्ज कर सकते हैं.

बता दें कि नई सरकार को विश्वास मत हासिल करने के लिए 24 अगस्त को विधानसभा की बैठक बुलाई गई है. दो दिवसीय सत्र की कार्ययोजना मौजूदा अध्यक्ष को ही बनानी है. बिहार विधानसभा में दो ही कार्य किये जाने हैं. पहला सरकार का बहुमत हासिल करना और दूसरा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराना. हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि इनमें से पहला कार्य कौन होगा और दूसरा कौन सा.हालांकि विधानसभा स्पीकर ने सत्ता पक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. ऐसे में अब आगे क्या होगा, इस पर इस पर सबकी नजर रहेगी.

 जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा,‘महागठबंधन के विधायकों ने मंगलवार को (जिस दिन नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में पद छोड़ दिया था) बिहार विधानसभा के सचिव को एक नोटिस भेजा, जिसमें सदन के अध्यक्ष को उनके पद से हटाने की मांग की गई है.’ उन्होंने कहा कि महागठबंधन के कई विधायकों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे. चौधरी ने कहा कि इसकी एक हार्ड कॉपी भी बुधवार को विधानसभा सचिवालय को सौंपी गई. चौधरी ने कहा कि सदन के वर्तमान अध्यक्ष सिन्हा के खिलाफ यह प्रस्ताव नीतीश कुमार की ओर से विश्वास मत लाने के लिए सत्र आहूत किए जाने के दौरान लाया जाएगा. 

जेडीयू के एक अन्य नेता ने कहा, ‘हमें पता चला कि वर्तमान अध्यक्ष ने मंगलवार को एक बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) नेता की अध्यक्षता में आचार समिति की बैठक बुलाई और पिछले साल मार्च में विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम के अधिनियम के दौरान विधानसभा में अराजकता पर एक ताजा रिपोर्ट प्राप्त की थी.’ उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की मंशा बहुत संदिग्ध थी, क्योंकि उन्होंने परंपरा के अनुसार पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था.

जब अविश्वास प्रस्ताव लिया जाता है, तो स्पीकर खुद अध्यक्षता नहीं कर सकता. ऐसे में डिप्टी स्पीकर काम संभालेंगे.' विधानसभा में जदयू नेता महेश्वर हजारी डिप्टी स्पीकर हैं.पूर्व स्पीकर विजय कुमार चौधरी ने बताया कि कानून के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा अधिकतम 14 दिन स्पीकर की कुर्सी पर रह सकते हैं। ही महागठबंधन को 15 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा. विजय कुमार चौधरी ने कहा, 'मुझे भी पता चला है कि महागठबंधन ने अविश्वास नोटिस दिया है. ऐसे में 14 दिनों का समय 23 अगस्त को खत्म हो रहा है और सत्र 24 अगस्त को होगा.'

आलोक कुमार

सितंबर में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना

 * पहले चेहरे का स्कैन होगा,तब वोट डालेंगे


पटनाः राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद है.उन्होंने बिहार में आगामी नगर निकाय चुनाव में फर्जी मतदान रोकने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के उपायों पर काम शुरू कर दिया है.

राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिका चुनाव को लेकर पहली बार जिलों के अधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की. जिसमें यह सहमति बनी कि नगरपालिका चुनाव में गड़बड़ी और फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदाताओं की पहचान उनके चेहरे से की जाएगी. इससे पहले पंचायत चुनाव में अंगुली (फिंगर) के माध्यम से मतदाताओं की पहचान की व्यवस्था की गई थी.इस बार चेहरे के माध्यम से मतदाताओं की पहचान करने से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

वहीं जानकार लोगों का कहना है कि सितंबर में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और अक्टूबर में मतदान कराए जाने के आसार हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को चुनाव की तैयारी तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया है. इसमें सभी जिलों को चुनाव कोषांगों के गठन करने, मतदाता सूची का सुधार कर जल्द अनुमोदन हासिल करने के लिए भी कहा गया है.

गत दिनों राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद की अध्यक्षता में नगर निकाय आम चुनाव, 2022 को लेकर सभी जिलों के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक की गयी.बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं सभी अनुमंडलाधिकारी भी शामिल हुए. वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में आयोग के आयुक्त डॉ. प्रसाद ने निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. ईवीएम की कमीशनिंग संबंधी कार्य, निकाय के तीन पदों के अनुरूप मतगणना हॉल का आकलन, चुनाव में होने वाले खर्च को लेकर नगर विकास विभाग को राशि आवंटन के लिए पत्र भेजने, मतदान सामग्रियों की व्यवस्था एवं ससमय वितरण इत्यादि को लेकर चर्चा की गयी.बैठक में आयोग के सचिव मुकेश सिन्हा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे.

मेयर व डिप्टी मेयर का आरक्षण निर्धारण आयोग करेगा सूत्रों ने बताया कि आयोग ने निर्देश दिया कि निकाय चुनाव में नगर निगम के मेयर/उप मेयर, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद के आरक्षण का निर्धारण आयोग करेगा. वहीं, वार्डवार पार्षदों का आरक्षण का निर्धारण जिला के स्तर से किया जाएगा. इसके लिए 25 से 31 अगस्त तक का समय निर्धारित किया गया है.

इस संदर्भ में सभी डीएम को निर्देश दिया गया है कि मतदाताओं की पहचान इस बार चेहरे के माध्यम से की जाएगी. मेयर/ उप मेयर व मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद के पदों के लिए आरक्षण निर्धारण आयोग करेगा.वार्डवार पार्षदों का आरक्षण का निर्धारण जिला के स्तर से होगा.सभी जिलों में चुनाव संबंधी कोषांगों का गठन जल्द करने का निर्देश.मतदाता सूची में सुधार कर उस पर अनुमोदन प्राप्त करने को कहा गया.मतदान के लिए बूथों का गठन कर जीआईएस मैपिंग की जाएगी और ईवीएम की जरूरत का आकलन व फर्स्ट लेवल चेकिंग की जाएगी.

आलोक कुमार

सोमवार, 22 अगस्त 2022

पटना में हार्ट अटैक से संजय जेम्स की मौत

* दिल्ली से मां मेरी जेम्स से मिलने आया था संजय जेम्स

*पटना में हार्ट अटैक से संजय जेम्स की मौत




पटना: नई दिल्ली से अकेले विलियम जेम्स उर्फ संजय चलकर पटना 15 अगस्त को शाम 7ः 30 बजे पटना मां मेरी जेम्स के घर बोरिंग रोड पहुंचा.यहां पर मां के साथ संजय जेम्स की पत्नी कंचन रहती थीं.दोनों के सामने ही संजय जेम्स को गहरा हृदयाघात लगा.  संजय जेम्स  20 अगस्त को सुबह 6ः 00 बजे दम तोड़ दिया.

एकलौता पुत्र संजय जेम्स थे : नहीं रहा संजय जेम्स (विलियम जेम्स): पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी के रहवासी जेम्स  फिदेलिस थे. उनका विवाह मेरी से हुआ था.सीतामढ़ी जिले के मोरपा कोठी के की मेरी रहवासी है. जेम्स और मेरी का एकलौता पुत्र संजय जेम्स थे. इस बीच संजय जेम्स के सिर पर से पिताश्री की छाया उठ गई.मेरी निधन हो गया है.इसके बाद संजय जेम्स की मां मेरी जेम्स बेतिया से पलायन कर पटना में रहने लगी.यहां पर होम नर्स के रूप में काम करने लगी.


फिलहाल संजय दिल्ली में रहता था :
बेतिया नगर निगम के वार्ड नं.7 के प्रत्याशी गोडेन अंथोनी ठाकुर ने कहा कि संजय जेम्स ( विलियम जेम्स) मेरा  फुफेरा भतीजा था.वह सुरेश लुईस का मौसेरा भाई था.वह दिल्ली के एक हॉस्पिटल का मेडिकल स्टाफ था.उनकी शादी हो चुकी है.आरा की रहने वाली कंचन से शादी हुई थी.करीब एक साल पहले ही शादी हुई थी.अभी कोई बाल बच्चा नहीं हुआ है.उनकी पत्नी कंचन सासू मां के घर बोरिंग रोड पटना में रहती थी.दिल्ली से संजय जेम्स व्यक्तिगत काम से और पत्नी कंचन को पटना से ले जाने के लिए आए थे.

प्रत्याशी गोडेन अंथोनी ठाकुर ने कहाः यह दुर्भाग्यपूर्ण संयोग ही था कि मां मेरी और पत्नी कंचन के सामने ही संजय को जानलेवा ह्दयाघात अटैक कर दिया.दोनों महिलाएं किंकर्तव्यविमूढ़ हो गये.इस बीच इस धरती को छोड़कर संजय जेम्स सुबह 6ः00 बजे प्रभु के प्यारे हो गए.अंतिम सामाजिक व धार्मिक कर्तव्य निभाकर पार्थिव का कुर्जी कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया.करीब 32 साल के थे.स्व.जेम्स फिदेलिस के भाई हैं राजू फिदेलिस.राजू   फिदेलिस के भतीजा हैं संजय जेम्स. राजू इलेक्ट्रिशियन हैं. वह अभी बेतिया में रहते हैं. उनका घर मधु चिकन वाली गली में हैं.


ओ जाने वाले हो सके तो लौट आनाः
सीतामढ़ी जिले के मोरपा कोठी के रहवासी पूर्व   पंचायत समिति के सदस्य बैरगनिया सुरेश लुईस का कहना है कि मेरा मौसेरा भाई विलियम जेम्स है.परंतु वह संजय जेम्स नाम से विख्यात था.उसका जन्म 25/06/1990 को बेतिया में हुआ था.उन्होंने कहा कि मेरी मौसी मेरी जेम्स का नैहर मोरपा कोठी में है.वे कहते है कि पहले मौसा जेम्स फिदेलिस दुनिया से विदा हो गये.अब मेरा मौसेरा भाई संजय जेम्स प्रभु के प्यारे हो गए 20/08/2022 को सुबह 06: 00 बजे अंतिम सांस ली.इस तरह मौसी मेरी जेम्स और उनकी पुत्रवधु कंचन अकेली हो गयी.उन्होंने कहा कि मैंने अपने नाना के कब्र में ही संजय जेम्स को जगह दे दी.कारण की कुर्जी कब्रिस्तान में जगह नहीं है.एक कब्र के अंदर कई लोगों को दफनाया जा रहा है.20/08/2022 को दोपहर 2: 00 बजे दफन कर दिया गया.


आलोक कुमार


खाद्यान्न का वितरण लाभुकों के बीच जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के माध्यम से ससमय करने का निर्देश

 


किशनगंज: आज श्री श्रीकांत शास्त्री भा०प्र०से०, जिला पदाधिकारी, किशनगंज की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई.

समीक्षात्मक बैठक में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी / प्रखण्ड आपूर्ति निरीक्षक को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत खाद्यान्न का वितरण लाभुकों के बीच जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के माध्यम से ससमय करने का निर्देश दिया गया.

जिला प्रबंधक, रा०वा०निगम, किशनगंज को परिवहन - सह - हथालन अभिकर्ता, मुख्य के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से खाद्यान्न का उठाव कर राज्य खाद्य निगम के गोदाम में समय आपूर्ति कराने का निर्देश दिया गया, जिससे खाद्यान्न का वितरण ज०वि०प्र० विक्रेताओं को ससमय किया जा सके. भारतीय खाद्य निगम के गोदामों के लिए खाद्यान्न ले जाने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग की जांच करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, किशनगंज को निर्देशित किया गया.

जिला प्रबंधक, रा० खा० निगम, किशनगंज को सभी टी. पी. डी. एस. गोदामों में सी. सी. टी. भी. कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया.बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी किशनगंज अनुमंडल पदाधिकारी किशनगंज, जिला प्रबंधक  रा० खा० निगम   किशनगंज, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सभी सहायक गोदाम प्रबंधक रा० खा० निगम, परिवहन-सह-हथालन अभिकर्ता, मुख्य एवं डी. एस. डी. आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

 

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