बुधवार, 24 अगस्त 2022

 


रोम: संत पापा फ्राँसिस ने छह महीने से युद्ध की भयावहता से पीड़ित यूक्रेनी लोगों के लिए शांति के लिए प्रार्थना की, युद्ध को ‘पागलपन‘ कहा. संत पापा ने कई यूक्रेनी और रूसी अनाथों को याद किया, पुतिन के विचारक की बेटी दरिया दुगीना पर हमले का उल्लेख किया, साथ ही दुनिया को सीरिया, यमन और म्यांमार के युद्ध पीड़ितों को याद करने का आह्वान किया.

रूस की यूक्रेन के खिलाफ शुरू की गई जंग को आज छह महीने का वक्त पूरा हो गया है. इस जंग में न केवल यूक्रेन और रूस ने अपना काफी कुछ खोया है बल्कि पूरी दुनिया को भी अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा है. यूक्रेन इस वक्त लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है, रूसी सैनिकों को भारी नुकसान हो रहा है और बाकी दुनिया खाने की कमी, बढ़ती महंगाई, परामणु युद्ध के खतरे की आशंका और इस युद्ध से उत्पन्न अन्य चुनौतियों से जूझ रही है. जिसके जल्दी खत्म होने के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे. रेड क्रॉस ने मंगलवार को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि यूक्रेन संकट ने पूरी दुनिया की मानवीय व्यवसथा को झटका दिया है और दुनियाभर में आपात स्थितियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए संगठन की क्षमता पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है.

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ द रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के अध्यक्ष फ्रांसेस्को रोक्का ने कहा कि इस युद्ध को छह महीने हो गये हैं, इसने लोगों को मुश्किल वक्त में लाकर खड़ा कर दिया है. एक बयान में उन्होंने कहा कि जिस तरह से लड़ाई जारी है, ‘भोजन और ईंधन की बढ़ती कीमत और गहराते खाद्य संकट का प्रभाव केवल बढ़ रहा है.‘ तो चलिए अब जान लेते हैं कि इस युद्ध के क्या परिणाम रहे हैं.

मौत का असल आंकड़ा वास्तव में काफी अधिक होने की संभावना है, लेकिन जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उनके अनुसार 24 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से 5587 आम नागरिकों की मौत हो गई है. जबकि 7890 लोग घायल हुए हैं.ओएचसीएचआर के अनुसार, अधिकतर नागरिकों की मौत रूस के हवाई, तोप और मिसाइल हमलों में हुई है. इसके अलावा 22 अगस्त को यूक्रेनी सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल वैलेरी जालुज्नी ने बताया कि लड़ाई में करीब 9000 यूक्रेन के सैनिक मारे गए हैं. युद्ध शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार है, जब सेना के किसी बड़े अधकारी ने मौत का आंकड़ा जारी किया है. हालांकि रूस के सैनिकों की मौत का आंकड़ा जारी नहीं हुआ है.

लेकिन अमेरिकी खुफिया जानकारी में बताया गया है कि यूक्रेन में रूस के 15000 सैनिकों की मौत हो गई है और तीन गुना ज्यादा घायल हो गए हैं. 1979 से 1989 तक अफगानिस्तान पर कब्जे के दौरान सोवियत संघ के जितने लोगों की मौत हुई, ये आंकड़ा उसी के बराबर है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि 24 फरवरी के बाद एक तिहाई यूक्रेनियन, जिनकी संख्या 4.1 करोड़ से अधिक है, को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है. जिसकी वजह से इस समय दुनिया की सबसे खराब मानव विस्थापन आपदा आ गई है. एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, 66 लाख से अधिक यूक्रेनी शरणार्थी यूरोप के अलग-अलग देशों में चले गए हैं. सबसे अधिक आबादी पोलैंड गई है, इसके बाद रूस और जर्मनी का नंबर है, जहां बड़ी संख्या में यूक्रेनी लोग रहने के लिए गए हैं.

रॉयटर्स के मुताबिक 2014 में क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद यूक्रेन ने अपनी जमीन के 22 फीसदी हिस्से पर से नियंत्रण खो दिया है.उसने अपनी तटरेखा का एक बड़ा हिस्सा खो दिया है, उसकी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है और रूसी बमबारी ने कुछ शहरों को वीरान कर दिया है. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों के अनुसार, 2022 में यूक्रेन की जीडीपी 45 फीसदी तक गिर जाएगी. प्रधानमंत्री डेनिस श्यामल के अनुसार, युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण की पूरी लागत लगभग 750 अरब डॉलर होगी। यह बहुत अधिक भी हो सकती है.

यूक्रेन में युद्ध शुरू करने की वजह से रूस का काफी पैसा खर्च हुआ है, लेकिन कितना ये रूस ने नहीं बताया है. सेना और हथियारों पर आने वाले खर्च के अलावा रूस को पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ रहा है.1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने वर्तमान में अपनी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट देखी है.रूस की 1.8 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के 2022 में 4-6 फीसदी तक गिरने की आशंका है, जो अप्रैल में सेंट्रल बैंक द्वारा बताई 8-10 फीसदी गिरावट की संभावना से कम है.

रूस पर आर्थिक प्रभाव अब भी पड़ रहा है और पूरी तरह उसे समझ पाना मुश्किल है. वह पश्चिमी वित्तीय बाजारों तक पहुंचने में असमर्थ है, उसके अधिकतर अमीर लोगों पर प्रतिबंध लग गए हैं और उसे माइक्रोचिप्स जैसे कुछ सामान को प्राप्त करने में परेशानी हो रही है.

संत पापा ने न केवल यूक्रेन में, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी हो रही त्रासदियों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित कराया. ‘टुकड़ों में हो रहा तीसरा विश्व युद्ध,‘ वे ‘टुकड़े‘ जो धीरे-धीरे एक विश्व रसातल को चित्रित करने के लिए जुड़ रहे हैं.

संत पापा ने कहा, “हम उन अन्य देशों के बारे में नहीं सोचते जो कुछ समय से युद्ध में हैं. दस साल से अधिक समय से सीरिया में युद्ध है. आइए, हम यमन के बारे में सोचें, जहां इतने सारे बच्चे भूख से पीड़ित हैं.आइए, उन रोहिंग्या लोगों के बारे में सोचें जो अन्याय पूर्वक अपनी जमीन से बेदखल कर दिये गये हैं और दुनिया की यात्रा करते हैं.”


आज, हालांकि, कीव में आक्रमण शुरू होने के छह महीने बाद, संत पापा ने यूक्रेन और रूस पर भी विशेष ध्यान देते हुए कहा, ‘मैंने दोनों देशों को माता मरिया के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया है. माँ आप इन दोनों देशों पर अपनी नजर बनाए रखें, यूक्रेन को देखें, रूस को देखें.माँ हमें शांति प्रदान करें। हमें शांति चाहिए.‘


आलोक कुमार

राष्ट्रीय सब जूनियर ग्रेपलिंग कुश्ती में स्वर्ण पदक विजेता को सम्मानित किया



मोतिहारीः पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक के द्वारा राष्ट्रीय सब जूनियर ग्रेपलिंग कुश्ती में स्वर्ण पदक विजेता मोतिहारी के लाल भूषण कुमार महतो को सम्मानित किया गया.

विदित हो कि भारतीय कुश्ती महासंघ से मान्यता प्राप्त एवं ग्रेपलिंग कमेटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में हल्द्वानी, उत्तराखंड में खेली जा रही है.

दूसरी राष्ट्रीय सब जूनियर ग्रेपलिंग कुश्ती चैंपियनशिप अंडर 13 बालक वर्ग के 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबला में भूषण कुमार महतो ने हरियाणा के नतिक को 12 - 04 से पराजित कर गोल्ड मेडल हासिल कर पूर्वी चंपारण, मोतिहारी जिले का नाम रोशन किया है.

 


इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला ग्रिपिंग कुश्ती संघ के सचिव, श्री केशव कृष्ण, श्री दीपक सिंह कश्यप, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.



आलोक कुमार 

संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए


मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने बंजरिया प्रखंड में पंचायत सिसवा पश्चिम में सरकारी योजनाओं के कार्य प्रगति का लिया जायजा.

पंचायत भवन सिसवा पश्चिम में जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित पदाधिकारियों, माननीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ पंचायत में चलाए जा रहे सरकारी योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की गई.

पंचायत सिसवा पश्चिमी में शिक्षा, नल जल, पक्की नाली गली, पेंशन योजना, जन वितरण प्रणाली दुकान, पैक्स, मनरेगा, जल जीवन हरियाली, आरटीपीएस, कृषि आदि विभाग से संबंधित पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी हासिल की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.


वही जिलाधिकारी ने बंजरिया प्रखंड के सिसवा पूर्वी पंचायत में सरकारी योजनाओं की कार्य प्रगति का लिया जायजा.ग्राम पंचायती राज, सिसवा पूर्वी में नवनिर्मित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का उन्होंने निरीक्षण किया.पंचायत को साफ सुथरा रखने के लिए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्लोगन के माध्यम से ग्रामीण लोगों को जागरूक किया जा रहा है.इस पंचायत में 170 सोलर स्ट्रीट लाइट मुख्य स्थलों पर लगाए गए हैं.

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर, माननीय मुखिया, स्थानीय जनप्रतिनिधि गण, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला गन्ना पदाधिकारी, समन्वयक विकास मिशन, सहायक बाल संरक्षण इकाई, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सीडीपीओ आदि के साथ-साथ गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे.

आलोक कुमार


जल शक्ति अभियान से संबंधित किये गये कार्यों की सराहना की गई

  


किशनगंज: आज श्री ए0के0 अग्रवाल, निदेशक, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में रचना भवन, डी. आर. डी. ए. किशनगंज में समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई.

बैठक में जल शक्ति अभियान अन्तर्गत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों तथा सार्वजनिक तालाबों का जीर्णोद्धार निजी तालाब, रेन वाटर सोख्ता आदि से केन्द्रीय दल को अवगत कराया गया, जिसमें केन्द्रीय दल द्वारा जिलान्तर्गत जल शक्ति अभियान से संबंधित किये गये कार्यों की सराहना की गई.

बैठक में केंद्रीय दल के साथ-साथ उप विकास आयुक्त किशनगंज, वन प्रमंडल पदाधिकारी किशनगंज, जिला पंचायत राज पदाधिकारी किशनगंज, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता मनरेगा, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता विद्युत, सहायक निदेशक उद्यान किशनगंज, जिला कृषि पदाधिकारी किशनगंज, जिला शिक्षा पदाधिकारी किशनगंज आदि उपस्थित रहें.


आलोक कुमार

जिला पदाधिकारी राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 का स्थलीय निरीक्षण किया

 


राजगीर: आज  जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर अनुमंडल कार्यालय सहित राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 का स्थलीय निरीक्षण किया.

जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी,राजगीर, सिविल सर्जन नालंदा,नगर कार्यपालक पदाधिकारी राजगीर तथा अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर के चिकित्सकों के साथ बैठक किया तथा डेंगू से प्रभावित लोगों,क्षेत्रों तथा अस्पताल में की गई व्यवस्था की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिया.

नगर परिषद तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए की जा रही कार्यों की समीक्षा की.जिला पदाधिकारी वैठक के उपरान्त डेंगू प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया.वे राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 में घूम-घूम कर लोगों से मिले तथा उनकी शिकायतों को सुनकर त्वरित आदेश दिया.


नालियों तथा गलियों की साफ-सफाई,नालियों में एन्टी लार्वा स्प्रे का छिड़काव, नालियों तथा गलियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा फोगिंग की स्थिति की जानकारी ली.नगर कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि फोगिंग के वक्त वे स्वयं उपस्थित होकर सभी गलियों में फोगिंग करवाएं.

गंगा उद्वह योजना के तहत जलापूर्ति के लिए नए पाइप लाइन बिछाने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण द्वारा सड़कों के कोड़े जाने तथा पुनः उसे ठीक नहीं करने पर जिलाधिकारी काफी नाराज हुए तथा पी एच ई डी के कार्यपालक अभियंता को तुरन्त राजगीर आकर ठीक करने का निर्देश दिया.वार्डों में ठप जलापूर्ति पर भी जिलाधिकारी नाराज


हुए और उसे शीघ्र ठीक करने का निर्देश दिया.

डेंगू मरीजों के परिजनों से प्राप्त शिकायत पर उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर तथा सिविल सर्जन नालंदा को पावापुरी चिकित्सा महाविद्यालय में जाकर ब्लड की उपलब्धता,ओपीडी की स्थिति का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

आलोक कुमार

पूर्व से प्राप्त शिकायतों के आलोक में समीक्षा किया

 

हिलसा: आज जिलाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर के द्वारा राजगीर दौरे के उपरांत हिलसा प्रखंड स्थित सभागार में माननीय जन प्रतिनिधियों,जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक किया गया.

उन्होंने माननीय जन प्रतिनिधियों से प्रखंड के विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं में रह रही कमियों की जानकारी ली तथा उसके पश्चात विभागीय पदाधिकारियों से पूर्व से प्राप्त शिकायतों के आलोक में समीक्षा किया.पंचायती राज विभाग द्वारा वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के गठन की जानकारी ली गयी.बताया गया कि कुल 205 वार्डों में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति का गठन कर लिया गया है इसमें 199 का हैंडओवर भी हो चुका है.15 योजनाओं में कार्य नहीं होने तथा इनमें से 03 योजनाओं में राशि निकालने के बावजूद टावर निर्माण नहीं होने पर मनरेगा कनीय अभियंता पर प्राथमिकी दर्ज करने तथा सेवा समाप्ति के आदेश दिए गए.


15वें वित्त आयोग के निधि से नल-जल की नई योजनाओं की समीक्षा की गई।पी एच ई डी तथा  पी आर डी द्वारा अभी तक इसमें कोई भी योजना पूर्ण नहीं किये जाने पर जिलाधिकारी काफी नाराज हुए.लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण द्वारा 136 चापाकल की मरम्मती के विरुद्ध 82 की मरम्मती की जानकारी दी गयी।जिला पदाधिकारी द्वारा 300 चापाकलों के मरम्मती के आदेश दिए जाने के बाद भी कार्यपालक अभियंता द्वारा मात्र 125 की स्वीकृति विभाग से मांगने पर उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया.

मिर्जापुर के वार्ड नं.1 में करीब 5 महीने से पाइप लाइन के ब्लॉकेज का पता नहीं लगा पाने पर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाई.मिर्जापुर के वार्ड नं.10 ,कोरांव पंचायत के वार्ड नं.7,14 अरपा के वार्ड नं 4 चिकसौरा के वार्ड नं 9 तथा 11 में जलापूर्ति नहीं होने पर फटकार लगाई गई.

उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव ने आवास योजना की समीक्षा की.उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारी के स्तर से 9 नीलाम पत्र दायर हुए थे जिसमें वारंट निर्गत किया जाना है. 8 जगहों पर सामुदायिक भवन के लिए जमीन चिन्हित किया गया था पर अभी तक भवन निर्माण नहीं हो सका. अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अगर चिन्हित जमीन ठीक नहीं है तो रद्दीकरण का प्रस्ताव दें.

कृषि विभाग के समीक्षा में बताया  गया कि प्रखंड में धान बिचड़ा आछादन शत-प्रतिशत हो गया है जबकि धान रोपनी 97 फीसदी हो पाया है.जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी से उर्वरक उपलब्धता की जानकारी ली.उन्होंने आदेश दिया कि मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें.लघु जल संसाधन द्वारा 132 नलकूपों के मरम्मती पैसे के अभाव में नहीं होने की जानकारी दी गयी जिस पर जिला पदाधिकारी विभाग से पत्राचार करने का निर्देश दिया.

अंचल कार्यालय के समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल माह से म्युटेशन के लिए कई आवेदन लंबित है जिसे काफी गंभीरता से लिया गया.आपूर्ति कार्यालय के समीक्षा में बताया गया कि कुल 86 दुकानों के विरुद्ध 17 दुकानों का इंस्पेक्शन किया गया है. जिला पदाधिकारी ने इन 17 इंस्पेक्शन रिपोर्ट की जांच करने के निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया.

उक्त बैठक में अपर समाहर्ता श्री मंजीत कुमार सहित अनुमंडल पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता भी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

 

मंगलवार, 23 अगस्त 2022

मीडिया और अखबार वाले नीतीश कुमार के खिलाफ

  यह क्या कह गए ललन बाबू


पटना: बिहार में लगातार हो रही घटनाओं की मीडिया कवरेज से जेडीयू नाराज है. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का बेहद आपत्तिजनक बयान आया है. उन्होंने कहा है कि मीडिया और अखबार वाले नीतीश कुमार के इसलिए खिलाफ हैं क्योंकि उन्हें बिहार में शराब पीने को नहीं मिल रही है. ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की जनता को देखें या इन लोगों की मौज मस्ती को देखें. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने ये बातें लखीसराय में कही.

ललन सिंह ने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी की है.आज उसी का नतीजा है कि घरेलू हिंसा और सड़क पर जो उत्पात हो रहा था उसमें कमी आई है. लेकिन अखबार वाले और मीडिया वाले मुख्यमंत्री के इस कदम के खिलाफ हैं. दरअसल पत्रकारों को दारू नहीं मिल रहा है. अगर पत्रकारों को दारू पीने के लिए नहीं मिल रहा है तो इसमें मुख्यमंत्री क्या करें? आपको देखें या जनता को देखें.

ललन सिंह की पार्टी जेडीयू सरकार में है। नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं. महागठबंधन की सरकार में ही बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी. लगभग सात साल हो गए बिहार में शराबबंदी लागू किए हुए. बावजूद इसके, हर दिन शराब पकड़ाने की खबर सामने आती रहती है. यही नहीं, हर महीने कहीं न कहीं से जहरीली शराब पीने से मौतों से जुड़ी खबर सामने आती रहती है. बिहार सरकार के आंकड़ों पर ही ध्यान दें तो 2015 के बाद से अब तक शराब के मामले से जुड़े 2 लाख से अधिक मुकदमें दर्ज हो चुके हैं. तीन लाख से अधिक लोगों को शराबबंदी कानून के तहत जेल में भेज दिया गया है.

वहीं बिहार में जंगल राज की बात कहे जाने पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि बिहार में एक घटना होने के बाद जंगलराज आ जाता है. यूपी में जाकर देखिए क्या वहां मंगलराज है? टीवी चैनल पर देश में नफरत फैलाया जा रहा है. ललन सिंह ने कहा कि बीजेपी विधवा विलाप कर रही है. गठबंधन धर्म क्या है उसका बीजेपी को कोई ज्ञान नहीं है. अब की एनडीए अटल और आडवाणी वाली एनडीए नहीं रही.

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने दो दिवसीय दौरे पर बिहार के लखीसराय पहुंचे हैं. यहां वह अलग-अलग प्रखंडों के गांवों में जनसंवाद का कार्यक्रम कर रहे हैं. यहां वह बिहार में शराबबंदी पर बोल रहे थे और इस दौरान उन्होंने महिसोना गाँव में जनसंवाद के दौरान खुले मंच से मीडिया के खिलाफ यह बयान दिया है.

इधर, केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद ललन सिंह द्वारा ‘ दारू न मिलने के कारण मीडिया नीतीश के खिलाफ है‘ के बयान को शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि अब जेडीयू अपनी नाकामी को छुपाने के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर आरोप लगाने का काम कर रही है. यह उनके हताश का परिचायक है. आज बिहार में अराजकता का माहौल है. अपराधी तांडव करने लगे हैं. युवाओं पर लाठियां भांजी जा रही है। नकली शराब पीकर लोग मर रहे हैं.लेकिन इससे जेडीयू को कोई लेना देना नहीं है. हर हाल में सत्ता में चिपके रहना ही, इनका एजेंडा है.जनता के सामने पोल खुल रही है तो ये मीडिया को टारगेट करने लगे हैं, यह अशोभनीय है. उन्हें मीडिया से अविलंब माफी मांगनी चाहिए.


आलोक कुमार



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