शुक्रवार, 26 अगस्त 2022

सभी पल्ली में संचालित है पल्ली परिषद

 

पटना: पटना महाधर्मप्रांत में कुर्जी पल्ली है.इस कुर्जी पल्ली के पुरोहित हैं फादर पीयूष प्रशांत माइकल ओस्ता.पल्ली पुरोहित कुर्जी पल्ली परिषद का चुनाव कराने जा रहे हैं.नए पल्ली परिषद के चुनाव के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसी संदर्भ में पल्ली पुरोहित ने चुनिंदा लोगों को स्वनिर्मित परिषद के चुनाव की शर्ते और नियमावली भेजा है.उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि यदि किसी बिंदु पर आपको कोई आपत्ति हो तो अनुरोध है कि कल शनिवार 27 अगस्त रात तक उसे  भेज दें ताकि आने वाले रविवार से चुनाव संबंधी सूचना पल्ली को दिया सके.

विदित हो कि सभी पल्ली में पल्ली परिषद संचालित है.कुछ जगहों में संचालित नहीं है.कुर्जी पल्ली पुरोहित के द्वारा बताया गया कि पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है. उनका कहना है कि कुर्जी पल्ली परिषद एक सलाहकार परिषद है, इसका अपना संविधान है. संविधान के अनुसार परिषद का काम केवल सलाह देना है. परिस्थिति के अनुसार पल्ली पुरोहित इसे भंग कर सकते हैं. इस पल्ली में आने वाले सदस्य की सदस्यता एक अवैतनिक पद है. जो सेवा कार्य से प्रेरित हैं.इसमें व्यक्तिगत लाभ की कोई बात नहीं होती है.

सामान्य नियमः

1. क्षेत्रवार सदस्यों की नियत संख्या से अधिक उम्मीदवार होने पर ही मतदान कराया जाएगा.

2. पल्ली परिषद में रोमन कैथोलिक महिला या पुरुष भक्त ही सदस्य/सदस्या हो सकते हैं.

3. उम्मीदवार बनने के इच्छुक व्यक्ति को उस क्षेत्र में कम से कम एक साल से रहना आवश्यक है.

4. उम्मीदवार बनने के इच्छुक व्यक्ति ही नामांकन पत्र लें तथा इसे एक प्रस्तावक और एक समर्थक से अनुमोदित करायें जो उम्मीदवार के सगे रिश्ते के नहीं होंगे. 5. नामांकन पत्र प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार 200/- रुपये मात्र जमा करेंगे जिसे किसी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाएगा.

6. नामांकन पत्र लेने के बाद उसे किसी अन्य को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है.

7. नामांकन पत्र भरने के पहले उम्मीदवार को इस शर्तनामा की एक प्रति अपने हस्ताक्षर के साथ जमा करना होगा.

8. एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति उम्मीदवार बन सकता है.

9. किसी भी राजनीतिक दल का किसी भी स्तर का पदाधिकारी पल्ली परिषद् के लिए उम्मीदवार नहीं बन सकता है.

10. आवेदक अपना नामांकन पत्र सही-सही भरने के बाद उसे पल्ली पुरोहित के पास जमा करेंगे. आधे-अधूरे रूप से भरे गए नामांकन पत्र को रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही नियमानुसार मतदान नहीं होने पर मतदान को रद्द कर दिया जाएगा.

11. उम्मीदवारों की सूची सूचना पट्ट पर लगा दी जाएगी जिस पर कोई पल्लीवासी अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कर सकता है.

12. एक व्यक्ति केवल एक ही उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक या समर्थक बन सकता है और उसका उसी क्षेत्र का होना जरूरी है तथा वह उसी क्षेत्र में कम से कम छह माह से रहता है जिस क्षेत्र के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक या समर्थक बन रहे हैं.

 13. किसी उम्मीदवार का प्रस्तावक या समर्थक स्वयं उम्मीदवारी के लिए नामांकन नहीं कर सकता है.

उम्मीदवार बनने की योग्यतायें :-

1. 25 वर्ष के ऊपर के कैथोलिक व्यक्ति ही पल्ली परिषद् में सदस्यता के लिए उम्मीदवार के रूप में आवेदन कर सकते हैं. 2. उम्मीदवार के लिए यह ज़रूरी है कि उसने बप्तिस्मा, परम प्रसाद और दृढ़करण संस्कार ग्रहण किया है.

3. यदि उम्मीदवार विवाहित हों तो कलीसिया के नियमानुसार उनका विवाह वैध होना चाहिए.

4. पूर्व में दो बार पल्ली परिषद के सदस्य रह चुके हैं वे उम्मीदवार नहीं बन सकते.(यह नियम पदेन पदाधिकारियों के लिए लागू नहीं है.)

5. उम्मीदवार को चरित्र से प्रतिष्ठित, धार्मिक व्यवहार में पक्का, जिम्मेदार, कर्मठ और मिस्सा-पूजा में सक्रिय होना चाहिए. उनपर कदाचार, धोखधड़ी आदि का आरोप नहीं हो.

 

पल्ली परिषद के सदस्य/सदस्या की जिम्मेदारियाँ:-

1. उम्मीदवार का पल्ली की एकता, परंपरा और एकता की रक्षा करना तथा पल्ली को बदनाम न करना तथा उसमें फूट न डालना.

2. खासकर अपने क्षेत्र के खीस्तीय परिवारों से मिलजुल कर रहना एवं उनको पल्ली परिषद के निर्णयों से अवगत कराना.

3. पल्ली के विभिन्न कार्यक्रमों के सुचारू संचालन में अपनी जिम्मेदारियों को  निष्ठापूर्वक निभाना.

4. पल्ली परिषद में, पल्ली के संपूर्ण हित को ध्यान में रख, एक-दूसरे के साथ सहयोग करना.

 

कुछ कानूनी प्रावधान :-

1. अगर किसी क्षेत्र से कोई उम्मीदवार आगे नहीं आते हैं तो पल्ली पुरोहित को किसी को मनोनीत करने का अधिकार होगा। ऐसे मनोनित व्यक्ति को मान्यता और उचित सम्मान देय होगा.

2. बिना किसी ठोस प्रमाण के पल्ली या पल्ली परिषद के पदाधिकारियों पर आरोप लगाना पल्ली विरोधी कार्य होगा.

3. तीन बार लगातार, बगैर सूचना के, पल्ली परिषद की बैठक से अनुपस्थित रहने पर, सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी.

4. 18 वर्ष के ऊपर के कैथोलिक ही मतदान कर सकते हैं.

5. मतदान कर्ता का न केवल पल्ली का बल्कि उसी क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है जिस क्षेत्र के लिए वह मतदान करेगा.

6. मतदान करने वाले व्यक्ति अपने साथ अपना आधार कार्ड ज़रूर ले कर आयें. इसके बिना मतदान की अनुमति नहीं होगी.

7. मतदान के समय उम्मीदवार मतदान केंद्र पर मतदाताओं की पहचान के लिए अपना एक पहचानकार (एजेंट) नियुक्त कर सकता है.

8. मतदान के समय मतदान पदाधिकारी का निर्णय अंतिम होगा.

9. मतदाता मतपत्र पर नियत संख्या के अनुसार ही अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम लिखिए. नियत संख्या से कम नाम होने पर भी मत को वैध माना जाएगा लेकिन नियत संख्या से अधिक नाम लिखने पर मत को रद्द कर दिया जाएगा.

10. नामांकन एवं चुनाव के संबंध में पल्ली पुरोहित का निर्णय अंतिम होगा.

अन्य:-

1. पल्ली परिषद् प्रतिनिधि का पद अवैतनिक है. इसमें कोई लाभ की भावना नहीं वरन् केवल सेवा की भावना होती है.अतः सदस्य कभी अपने अथवा अपने परिवार के सदस्यों के लाभ की बात न करें.

2. पल्ली परिषद के सदस्यों की संख्या और व्यवहार में लैंगिक समानता की भावना होनी चाहिए. जिस क्षेत्र के लिए भी एक से अधिक प्रतिनिधि का प्रावधान है, उस क्षेत्र से एक महिला उम्मीदवार का होना आवश्यक है.

मैंने उपरोक्त बातों पढ़कर समझ लिया है और मैं उनका अनुपालन करूँगा.


पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है

अगर पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है तो क्यों भारी परिवर्तन किया जा रहा है! जब फादर जॉनसन केतकर पल्ली पुरोहित थे.उनके कार्यकाल में पल्ली परिषद के चुनाव के समय अलग ही नियम और शर्तें थी.


पल्ली पुरोहित का निर्णय अंतिम होगा

एक चुनाव संचालन समिति बनना चाहिए.इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेकर नियम और शर्त पालन करना चाहिए.पल्ली पुरोहित आज है कल चले जाएंगे.रहने तो यहां के लोगों को ही है.


कुर्जी पल्ली परिषद एक सलाहकार परिषद है, इसका अपना संविधान है. संविधान के अनुसार परिषद का काम केवल सलाह देना है. पब्लिक हित में सलाह देने वालों को दरकिनार कर रहे हैं. किसी भी राजनीतिक दल का किसी भी स्तर का पदाधिकारी पल्ली परिषद् के लिए उम्मीदवार नहीं बन सकता है. आखिर क्यों !


कुल मिलाकर पल्ली परिषद का बॉस पल्ली पुरोहित ही है तो क्यों जनप्रतिनिधि के कंधे पर बंदूक रखकर नियम बना रहे है. अकेले ही पल्ली चलाएं.आप लोगों को बोलने,लिखने,विचार अभिव्यक्त करने का अधिकार सीमित कर रहे है. अगर आपके हितकारी और नहीं रहेगा तो पल्ली विरोधी कार्य होगा.यह भी निर्णय आप ही करेंगे.


आलोक कुमार

भाजपाइयों ने बाहर निकले बलात्कारियों-अपराधियों के स्वागत जगह-जगह


पटना: देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं के सम्मान पर भाषण दे रहे थे, दूसरी ओर गुजरात के चर्चित बिलकिस बानो कांड के बलात्कारी व जनसंहारी गोधरा उप जेल से रिहा किए जा रहे थे, इसने पूरे देश को सकते में डाल दिया. भाजपाइयों ने बाहर निकले बलात्कारियों-अपराधियों के स्वागत में जगह-जगह आयोजन कर उनकी आरती उतारा. तिलक लगाकर उन सबका अभिनंदन किया गया. यह भाजपा व संघ गिरोह की महिलाओं व मुस्लिमों के प्रति चरम घृणा की खुली अभिव्यक्ति थी.

बिलकिस बानो मामला एक ऐसा मामला था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच चली थी. गुजरात में उन्हें जान से मारने की धमकी के कारण उच्चतम न्यायालय ने उनका मामला महाराष्ट्र में स्थानांतरित कर दिया था. बिलकिस बानो गैंगरेप व उनके परिवार के 7 लोगों की हत्या के इस जघन्य मामले में 2008 में मुंबई की एक विशेष अदालत ने 11 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी. जिसे बाॅम्बे हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा. 

इस साल दोषियों में से एक ने 1992 की नीति को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट में रिहाई की गुहार लगाई, जबकि 1992 की छूट नीति को 2012 में ही उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया है और तदनुसार गुजरात सरकार ने भी 8 मई 2013 को उसे रद्द कर दिया. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का आदेश के आलोक में गुजरात सरकार द्वारा अपराधियों की रिहाई कहीं से भी वैध नहीं कहा जा सकता है. चंूकि यह मामला गुजरात की बजाए महाराष्ट्र में चला था, इसलिए इस मामले में महाराष्ट्र की सरकार का विचार लेना आवश्यक था. 

उम्रकैद के सभी 11 दोषियों की रिहाई न केवल केंद्र व गुजरात सरकार पर प्रश्न खड़ा करता है बल्कि उच्चतम न्यायालय को भी सवालों के घेरे में खड़ा करता है. 

यह रिहाई जघन्य किस्म का अपराध है, जो आजादी के 75 वें वर्ष में मोदी और भाजपा के तथाकथित नए भारत में खुलेआम किया जा रहा है. 

भाजपा द्वारा सत्ता के अहंकारी दुरूपयोग और न्याय की उम्मीदों की हत्या के खिलाफ आज पूरे देश को उठ खड़ा होना होगा. भाकपा-माले विधायक दल बिलकिस बानो के बलात्कारियों व जनसंहारियों की रिहाई के आदेश को अविलंब रद्द करने की मांग करता है.

आलोक कुमार

राहुल गांधी जैसे लोगों को दंडित किया जाना चाहिए:मोदी

  


पटनाः आज बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के सीनियर नेता सुशील कुमार मोदी ने राहुल गांधी के बयान ‘सारे मोदी चोर हैं’ को लेकर किए गए मानहानि के मुकदमे में शुक्रवार को पटना सिविल कोर्ट में गवाही दी. 

उसके बाद मीडिया से बात करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि वह इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि उन्होंने ‘सारे मोदी चोर हैं‘नहीं कहा था. यह विचाराधीन है लेकिन हमें लगता है कि यह मानहानि का मामला है और राहुल गांधी जैसे लोगों को दंडित किया जाना चाहिए ताकि कोई भी इस तरह से ईमानदार और अच्छे लोगों को बदनाम न कर सके.सुशील मोदी कहा कि राहुल गांधी ने 2019 में भाषण के दौरान कहा था कि ‘सारे मोदी चोर हैं’.इसी को लेकर मैंने पटना में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.

राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राहुल गांधी के अप्रैल 2019 में कर्नाटक के कोलार में भाषण जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी की तुलना ललित मोदी, नीरव मोदी से करते हुए कहा था कि मोदी सरनेम वाले ‘सारे मोदी चोर हैं’ वाले बयान पर मेरे द्वारा पटना मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था.

इसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान मेरी गवाही हुई . गवाही के दौरान मैंने विस्तार से बताया कि  राहुल गांधी के इस भाषण से मैं अपमानित महसूस कर रहा था क्योंकि उन्होंने कहा कि मोदी सरनेम वाले सारे मोदी चोर हैं.

इस मानहानि के मामले में कोर्ट ने श्री राहुल गांधी को सम्मन किया था. राहुल गांधी को जमानत लेनी पड़ी थी. अभी तक विधायक श्री अरुण कुमार सिन्हा, श्री नितिन नवीन,श्री संजीव चौरसिया की गवाही हो चुकी है. आज शिकायतकर्ता के रूप में मेरी गवाही थी. श्री राहुल गांधी के वकील ने लगभग 40 मिनट तक पूछताछ की.

इस संदर्भ में एसबी बबलू का कहना है कि यह जो कमेंट आ रहे हैं इसमें भी चोर बोला जा रहा है.उन्होंने कहा कि किया इन सब पर भी केस करेंगे प्रसारण साहब.विनोद ने कहा कि आदमी तो तो आपके जैसा .... बिना काम वाला काम अच्छे से करते हैं.इतने दिन में स्पेशल पैकेज तक बिहार को न मिल पाया लेकिन बकवास तो जी जान से करेंगे. संजीव झा ने कहा कि राहुल जी गांधी जी के विचारों से निर्मित है ना कि माफीवीर सावरकर के विचार से...आपके झुठी गवाही से कोई फर्क नहीं पड़ता.

आलोक कुमार

बिहारी ईसाइयों में भी प्रथम शरीर दान करने वाले बन गए फादर डिमेलो

 


पटना: विश्व विख्यात येसु समाज पटना जेसुइट प्रोविंस के पूर्व प्रोविंशियल फादर जौन डिमेलो का निधन हो गया है. वे 89 वर्ष के थे.एक जेसुइट के रूप में  65 साल कार्य किए.वहीं 56 साल पुरोहित का जीवन व्यतीत किए.खास बात है कि फादर डिमेलो ने 2012 में पीएमसीएच में जाकर शरीर दान करने की लिखित घोषणा कर दी थी.इस तरह पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों में प्रथम पुरोहित बने जो शरीर दानकर दिये.इसी तरह बिहारी ईसाइयों में भी प्रथम शरीर दान करने वाले बन गए हैं.


दीघा स्थित एक्सटीटीआई में पटना, बक्सर,मुजफ्फरपुर आदि धर्मप्रांतों के आम से खास लोग फादर डिमेलो को श्रद्धांजलि और पार्थिव शरीर का दर्शन करने सैकड़ों लोग आए.इस अवसर पर बक्सर धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक सह निवर्तमान आर्चबिशप विलियम डिसूजा,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप काजिटेन फ्रांसिस ओस्ता,फादर ग्रेगरी गोम्स के अलावे दर्जनों जेसुइट और धर्मप्रांतीय पुरोहितों ने पवित्र मिस्सा किए और आगंतुकों को ‘ हैप्पी बर्थडे‘ कहने वाले फादर डिमेलो को स्वर्गलोक में जगह देने के लिए सर्वेश्वर से प्रार्थना

की. समाजसेवी एसके लौरेंस ने कहा कि किसी से मुलाकात होने के बाद फादर सबको हैप्पी बर्थडे कहते थे.अब हैप्पी बर्थडे कहने वाला हमलोगों के बीच नहीं रहे. परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.

फादर ग्रेगरी गोम्स ने प्रवचन दिए.उनके व्यक्तियों एवं कृतियों पर प्रकाश डाला.वहीं पटना जेसुइट प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर डोनाल्ड जे मिरांडा ने फादर जौन डिमेलो के बारे में बताया कि फादर का जन्म 14.12.1932 को हुआ था.जब 25 वर्ष के थे,तब 20.06.1957 में ' येसु समाज' में प्रवेश किए. विख्यात  ' येसु समाज'  में प्रवेश करने के 9 साल के बाद 34 वर्ष में 09.06.1966 को


विधिवत पुरोहित बने.उनका अंतिम मन्नत 45 साल में 26.01.1977 में पूरा किए.येसु समाजी बनकर 65 साल कार्य किए.इसमें 56 साल पुरोहित का जीवन था.89 वर्ष के थे.

उन्होंने कहा कि संत माइकल हाई स्कूल के प्रिंसिपल भी रहे.कई पल्ली के पल्ली पुरोहित रहे.दीघा स्थित एक्सटीटीआई के रेक्टर रहे.विख्यात कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में अकाउंट्स डिपार्टमेंट में थे.कुर्जी होली फैमिली से जुड़े लोग फादर का व्यवहार के मुरीद थे.अब एक दूसरे से केवल यही कह रहे हैं कि ‘कइसे इनके भुलावा जइहे.‘1983 में पटना जेसुइट प्रोविंस के  प्रोविंशियल थे.


पवित्र मिस्सा के समापन पर पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों के बीच से शरीर दान करने वाले प्रथम पुरोहित फादर जौन डिमेलो का पार्थिव शरीर को पीएमसीएच भेजा गया. सूचना के अनुसार पार्थिव शरीर को पीएमसीएच ने स्वीकार कर लिया है.इस बीच फादर डिमेलो के कुछ बाल और नाखून को एक बॉक्स में रखकर प्रतीक के रूप में एक्सटीटीआई के कब्रिस्तान में दफन कर दिया.इस तरह एक अध्याय जन्म 14.12.1932 से निधन 24.08.2022 तक खत्म हुआ.दूसरा अध्याय 25.08.2022 से पीएमसीएच में शुरू हो गया.इस पार्थिव शरीर के अस्थियों से शिक्षण कार्य में उपयोग होगा.

आलोक कुमार

उनके बताये रास्ते पर चलने का लिया शपथ

  

पटना :कांग्रेस सेवादल के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी एवं विचारक पूर्व राज्यसभा सदस्य डा0 नारायण राव सुब्बाराव हार्डिकर जी की 86 वीं पुण्यतिथि आज कांग्रेस सेवादल मुख्यालय, सदाकत आश्रम पटना में मनायी गयी.

कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने हार्डिकर जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताये रास्ते पर चलने का शपथ लिया गया.

इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस सेवादल के स्वंय सेवकों में कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक मो0 शोऐब, कार्यालय प्रभारी विपिन झा, राजीव पांडे, डा0 गौतम कुमार, राज कुमार पूर्वे, मो0 इजहार, सकलदीप प्रसाद, मो0 शमीम, सुनील कुमार ओझा, दिनेश शंकर दास, अम्बिका प्रसाद चैपाल, नवल किशोर प्रसाद सिन्हा, शोभा शर्मा, बबीता देवी प्रमुख हैं. 


गुरुवार, 25 अगस्त 2022

अब कौन कहेगा हैप्पी बर्थ डे!

  पार्थिव शरीर के साथ एक्सटीटीआई में मिस्सा 04: 00 बजे से 25 अगस्त को

जन्म 14.12.1932- निधन 24.08.2022

  


पटनाः विख्यात येसु समाज के पटना प्रोविंश के पूर्व प्रोविंशिएल फादर जौन एफ डिमेलो का निधन हो गया.जबतक जिंदा रहे तबतक आने वाले लोगों को गुड मोर्निंग कहकर अभिवादन करते थे.कुर्जी होली फैमिली से जुड़े लोग फादर का व्यवहार के मुरीद थे.अब एक दूसरे से केवल यही कह रहे हैं कि 'कइसे इनके भुलावा जइहे.'

पटना प्रोविंश के पूर्व प्रोविंशिएल फादर जौन एफ डिमेलो का निधन

आज फादर बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे अंतिम सांस जेवियर भवन में ली.इसी के साथ उनका सांसारिक जीवन समाप्त हो गया.अब बस उनकी यादें ही शेष है.

जाने फादर के बारे में

जौन एफ डिमेलो का जन्म 14.12.1932 को हुआ था.जब 25 वर्ष के थे,तब 20.06.1957 में 'येसु समाज' में प्रवेश किए.विख्यात 'येसु समाज' में प्रवेश करने के 9 साल के बाद 34 वर्ष में 09.06.1966 को विधिवत पुरोहित बने.उनका अंतिम मन्नत 45 साल में 26.01.1977 में पूरा किए.येसु समाजी बनकर 65 साल कार्य किए.इसमें 56 साल पुरोहित का जीवन था.89 वर्ष के थे.

एसके लौरेंस कहते हैं किसी से मुलाकात होने के बाद फादर सबको हैप्पी बर्थडे कहते थे.अब हैप्पी बर्थडे कहने वाला हमलोगों के बीच नहीं रहे. परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.आमीन.


आलोक कुमार  


 

ईसाई समुदाय के लोग राजनीति क्षेत्र में पैर पसारने लगे

  


पटना: ईसाई समुदाय के लोग राजनीति क्षेत्र में पैर पसारने लगे हैं.आज जनता दल यूनाइटेड के कार्यालय कर्पूरी भवन में जनता दल यूनाइटेड अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की विशेष बैठक में जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों तथा जिला पदाधिकारियों को मनोनयन से सम्बन्धित पत्र प्रदान किया गया.






इस सन्दर्भ में कई अल्पसंख्यक महिला एवं पुरुषों के साथ-साथ शिवाजी नगर,दीघा,पटना की उच्च शिक्षा प्राप्त,समाज सेवी, गरीबों को मदद करने वाली,नोट्रेडेम अकादमी की वरिष्ठ शिक्षिका,कर्मठ तथा जुझारु ईसाई समुदाय की महिला श्रीमती स्टेला पॉल को जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष माननीय सलीम परवेज़ के द्वारा जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के पद पर मनोनयन का पत्र प्रदान किया गया.


इस सन्दर्भ में मंच से दो शब्द कहने के लिये श्रीमती स्टेला पॉल को आमन्त्रित किया गया.स्टेला पॉल ने मंच से अपने सम्बोधन के जरिये अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम परवेज़ साहब का आभर व्यक्त करते हुए उन्हें तथा माननीय मुख्य मन्त्री नीतीश कुमार,राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजीव रंजन सिंह,प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा,जदयू की प्रवक्ता माननिया अंजूम आरा को धन्यवाद दिया.साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार राज्य तथा अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिये माननीय मुख्यमंत्री जी ने अब तक जो सकारात्मक एवं सराहनीय कार्य किया है,महिलाओं को भागीदारी प्रदान की है तथा अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिये जो भी योजनाएं लागू की है,वह सराहनीय है.उसे बिहार के अपने अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुँचाने तथा बताने का कार्य करेंगे.


स्टेला पॉल के सचिव के पद पर मनोनयन की जानकारी मिलने पर महासचिव एस.के.लॉरेंस तथा ईसाई समुदाय के लोगों,विशेषकर ईसाई महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त कर उन्हें बधाई दी तथा यह उम्मीद जताई कि उनके मनोनयन से उन्हें जरूर फायदा पहुंचेगा.


आलोक कुमार  





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