शनिवार, 27 अगस्त 2022

अनुसूचित जाति के छात्रों के नामांकन में विगत वर्षों की अपेक्षा काफी कमी आ रही है

 


कटिहार: यहां आने के बाद डॉ० अंजू बाला, माननीय सदस्या, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति से संबंधित जिले में चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई.

समीक्षा के क्रम में प्रतिवेदन में पाया गया कि विद्यालय में अनुसूचित जाति के छात्रों के नामांकन में विगत वर्षों की अपेक्षा काफी कमी आ रही है. प्रतिवेदन से प्रतीत होता है कि छात्र उच्चतर कक्षा में जाते-जाते छोड़ देते है. जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर विद्यालयों में अनुसूचित जातियों के छात्रों के नामांकन पर विशेष ध्यान देंगे. साथ ही विद्यालय में पढ़ाई के स्तर को उच्चतर करने में हर संभव प्रयास करेंगे तथा कृत कार्यों से संबंधित प्रतिवेदन आयोग को उपलब्ध करायेंगे.

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा की गई.पाया गया कि इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों को जितना प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए कम है. आवास योजना में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व को जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया.

बैठक में असैनिक शल्य चिकित्सक के प्रतिनिधि उपस्थित थे. उन्हें अनुसूचित जाति / जनजाति अत्याचार निवारण से संबंधित मामलों में चिकित्सीय प्रतिवेदन ससमय उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया.बैठक में कहा गया कि कई मामलों में इनज्यूरी प्रतिवेदन सही नहीं होने के कारण दोषी को सजा दिलाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

बैठक में मुद्रा लोन से संबंधित मामले की भी समीक्षा की गई. पाया गया कि कुछ बैंकों का प्रदर्शन काफी अच्छा है तथा कुछ बैंकों का प्रदर्शन काफी खराब है. बैठक में उपस्थित अग्रणी बैंक प्रबंधक को इस संदर्भ में विशेष निगरानी करने तथा अपेक्षित सुधार लाने के लिए निर्देशित किया गया. बैठक में पी.एम.ई.जी.पी. योजना की समीक्षा की गई. महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र किशनगंज को इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों की सहभागिता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.

बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में अनुसूचित जातियों से संबंधित मामलों की विशेष निगरानी रखेंगे.



आलोक कुमार

केवाईपी, बीएससीसी एवं एसएचए के लाभुकों को दें सुलभतापूर्वक जानकारी : जिलाधिकारी

  * केवाईपी, बीएससीसी एवं एसएचए के लाभुकों को दें सुलभतापूर्वक जानकारी : जिलाधिकारी

* लंबित मामलों को अविलंब करें निष्पादित, जिले की रैंकिंग को करें बेहतर

* जिलाधिकारी द्वारा डीआरसीसी का किया गया औचक निरीक्षण

* कई अधिकारियों से शोकॉज, वेतन कटौती करने का निर्देश

* एक बिचौलिया गिरफ्तार, भेजा गया जेल


बेतिया: पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र (डीआरसीसी) का औचक निरीक्षण किया गया.निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा बारी-बारी से सभी काउंटरों का निरीक्षण किया गया.

इस दौरान विभिन्न कार्यों से आये लाभुकों/छात्रों रामनगर के मोहित राज, बगहा के दीपक कुमार, मझौलिया के सुरेश ठाकुर सहित माधो ठाकुर (अभिभावक) से बातचीत की गई तथा केवाईपी, बीएससीसी, एसएचए से संबंधित जानकारी प्राप्त की गयी. जिलाधिकारी ने लाभुकों/छात्रों/अभिभावकों से कहा कि डीआरसीसी में सभी सुविधाएं निःशुल्क है. विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी को भी एक रूपया नहीं देना है, अगर कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का डिमांड करता है तो, इसकी सूचना तुरंत दें, उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

जिलाधिकारी द्वारा प्रबंधक, डीआरसीसी को निर्देश दिया गया कि डीआरसीसी में विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आने वाले छात्रों/लाभुकों को सुलभतापूर्वक जानकारी दें. किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हावी नहीं होने दें. छात्रों को योजनाओं से लाभान्वित करने के क्रम में अगर बिचौलियों की संलिप्तता सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने निर्देश दिया कि केवाईपी (कुशल युवा कार्यक्रम), बीएससीसी (बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना) एवं एसएचए (मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना) से संबंधित लंबित मामलों का निष्पादन अविलंब कराते हुए जिले की रैंकिंग को बेहतर बनायें.लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वाले अधिकारियों, कर्मियों के विरूद्ध नियमानुकूल सख्त कार्रवाई की जायेगी. जिला योजना पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि एसएचए (मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना) के लाभुकों की रेंडमली जांच सुनिश्चित करायें.

उन्होंने कहा कि केवाईपी, बीएससीसी एवं एसएचए का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जा सके. इसके लिए विशेष शिविर का आयोजन भी किया जाए तथा छात्रों को लाभान्वित किया जाय.

प्रबंधक, डीआरसीसी द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से 1040 छात्रों को लाभान्वित कर दिया गया है. वहीं मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना से 907 तथा कुशल युवा कार्यक्रम से 4572 छात्रों को लाभान्वित किया गया है. लंबित मामलों का निष्पादन तेजी के साथ कराया जा रहा है.

जिलाधिकारी द्वारा डीआरसीसी की उपस्थिति पंजी सहित अन्य पंजियों का गहन निरीक्षण किया गया. उपस्थिति पंजी अद्यतन नहीं रहने को लेकर प्रबंधक, डीआरसीसी को शोकॉज करने का निर्देश दिया गया. वहीं कुशल युवा कार्यक्रम में कम उपलब्धि को लेकर सहायक प्रबंधक, कुशल युवा कार्यक्रम से शोकॉज सहित 10 प्रतिशत वेतन कटौती करने के लिए निर्देशित किया गया. साथ ही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से संबंधित 97 आवेदन स्वीकृति के लिए लंबित रखने तथा 238 इकरारनामा लंबित रखने को लेकर सहायक प्रबंधक, वित्त निगम को शोकॉज, आज का वेतन कटौती सहित 10 प्रतिशत वेतन कटौती करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, डॉ0 अनिल कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी, श्री बैद्यनाथ प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 26 अगस्त 2022

सभी पल्ली में संचालित है पल्ली परिषद

 

पटना: पटना महाधर्मप्रांत में कुर्जी पल्ली है.इस कुर्जी पल्ली के पुरोहित हैं फादर पीयूष प्रशांत माइकल ओस्ता.पल्ली पुरोहित कुर्जी पल्ली परिषद का चुनाव कराने जा रहे हैं.नए पल्ली परिषद के चुनाव के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसी संदर्भ में पल्ली पुरोहित ने चुनिंदा लोगों को स्वनिर्मित परिषद के चुनाव की शर्ते और नियमावली भेजा है.उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि यदि किसी बिंदु पर आपको कोई आपत्ति हो तो अनुरोध है कि कल शनिवार 27 अगस्त रात तक उसे  भेज दें ताकि आने वाले रविवार से चुनाव संबंधी सूचना पल्ली को दिया सके.

विदित हो कि सभी पल्ली में पल्ली परिषद संचालित है.कुछ जगहों में संचालित नहीं है.कुर्जी पल्ली पुरोहित के द्वारा बताया गया कि पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है. उनका कहना है कि कुर्जी पल्ली परिषद एक सलाहकार परिषद है, इसका अपना संविधान है. संविधान के अनुसार परिषद का काम केवल सलाह देना है. परिस्थिति के अनुसार पल्ली पुरोहित इसे भंग कर सकते हैं. इस पल्ली में आने वाले सदस्य की सदस्यता एक अवैतनिक पद है. जो सेवा कार्य से प्रेरित हैं.इसमें व्यक्तिगत लाभ की कोई बात नहीं होती है.

सामान्य नियमः

1. क्षेत्रवार सदस्यों की नियत संख्या से अधिक उम्मीदवार होने पर ही मतदान कराया जाएगा.

2. पल्ली परिषद में रोमन कैथोलिक महिला या पुरुष भक्त ही सदस्य/सदस्या हो सकते हैं.

3. उम्मीदवार बनने के इच्छुक व्यक्ति को उस क्षेत्र में कम से कम एक साल से रहना आवश्यक है.

4. उम्मीदवार बनने के इच्छुक व्यक्ति ही नामांकन पत्र लें तथा इसे एक प्रस्तावक और एक समर्थक से अनुमोदित करायें जो उम्मीदवार के सगे रिश्ते के नहीं होंगे. 5. नामांकन पत्र प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार 200/- रुपये मात्र जमा करेंगे जिसे किसी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाएगा.

6. नामांकन पत्र लेने के बाद उसे किसी अन्य को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है.

7. नामांकन पत्र भरने के पहले उम्मीदवार को इस शर्तनामा की एक प्रति अपने हस्ताक्षर के साथ जमा करना होगा.

8. एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति उम्मीदवार बन सकता है.

9. किसी भी राजनीतिक दल का किसी भी स्तर का पदाधिकारी पल्ली परिषद् के लिए उम्मीदवार नहीं बन सकता है.

10. आवेदक अपना नामांकन पत्र सही-सही भरने के बाद उसे पल्ली पुरोहित के पास जमा करेंगे. आधे-अधूरे रूप से भरे गए नामांकन पत्र को रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही नियमानुसार मतदान नहीं होने पर मतदान को रद्द कर दिया जाएगा.

11. उम्मीदवारों की सूची सूचना पट्ट पर लगा दी जाएगी जिस पर कोई पल्लीवासी अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कर सकता है.

12. एक व्यक्ति केवल एक ही उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक या समर्थक बन सकता है और उसका उसी क्षेत्र का होना जरूरी है तथा वह उसी क्षेत्र में कम से कम छह माह से रहता है जिस क्षेत्र के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक या समर्थक बन रहे हैं.

 13. किसी उम्मीदवार का प्रस्तावक या समर्थक स्वयं उम्मीदवारी के लिए नामांकन नहीं कर सकता है.

उम्मीदवार बनने की योग्यतायें :-

1. 25 वर्ष के ऊपर के कैथोलिक व्यक्ति ही पल्ली परिषद् में सदस्यता के लिए उम्मीदवार के रूप में आवेदन कर सकते हैं. 2. उम्मीदवार के लिए यह ज़रूरी है कि उसने बप्तिस्मा, परम प्रसाद और दृढ़करण संस्कार ग्रहण किया है.

3. यदि उम्मीदवार विवाहित हों तो कलीसिया के नियमानुसार उनका विवाह वैध होना चाहिए.

4. पूर्व में दो बार पल्ली परिषद के सदस्य रह चुके हैं वे उम्मीदवार नहीं बन सकते.(यह नियम पदेन पदाधिकारियों के लिए लागू नहीं है.)

5. उम्मीदवार को चरित्र से प्रतिष्ठित, धार्मिक व्यवहार में पक्का, जिम्मेदार, कर्मठ और मिस्सा-पूजा में सक्रिय होना चाहिए. उनपर कदाचार, धोखधड़ी आदि का आरोप नहीं हो.

 

पल्ली परिषद के सदस्य/सदस्या की जिम्मेदारियाँ:-

1. उम्मीदवार का पल्ली की एकता, परंपरा और एकता की रक्षा करना तथा पल्ली को बदनाम न करना तथा उसमें फूट न डालना.

2. खासकर अपने क्षेत्र के खीस्तीय परिवारों से मिलजुल कर रहना एवं उनको पल्ली परिषद के निर्णयों से अवगत कराना.

3. पल्ली के विभिन्न कार्यक्रमों के सुचारू संचालन में अपनी जिम्मेदारियों को  निष्ठापूर्वक निभाना.

4. पल्ली परिषद में, पल्ली के संपूर्ण हित को ध्यान में रख, एक-दूसरे के साथ सहयोग करना.

 

कुछ कानूनी प्रावधान :-

1. अगर किसी क्षेत्र से कोई उम्मीदवार आगे नहीं आते हैं तो पल्ली पुरोहित को किसी को मनोनीत करने का अधिकार होगा। ऐसे मनोनित व्यक्ति को मान्यता और उचित सम्मान देय होगा.

2. बिना किसी ठोस प्रमाण के पल्ली या पल्ली परिषद के पदाधिकारियों पर आरोप लगाना पल्ली विरोधी कार्य होगा.

3. तीन बार लगातार, बगैर सूचना के, पल्ली परिषद की बैठक से अनुपस्थित रहने पर, सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी.

4. 18 वर्ष के ऊपर के कैथोलिक ही मतदान कर सकते हैं.

5. मतदान कर्ता का न केवल पल्ली का बल्कि उसी क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है जिस क्षेत्र के लिए वह मतदान करेगा.

6. मतदान करने वाले व्यक्ति अपने साथ अपना आधार कार्ड ज़रूर ले कर आयें. इसके बिना मतदान की अनुमति नहीं होगी.

7. मतदान के समय उम्मीदवार मतदान केंद्र पर मतदाताओं की पहचान के लिए अपना एक पहचानकार (एजेंट) नियुक्त कर सकता है.

8. मतदान के समय मतदान पदाधिकारी का निर्णय अंतिम होगा.

9. मतदाता मतपत्र पर नियत संख्या के अनुसार ही अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम लिखिए. नियत संख्या से कम नाम होने पर भी मत को वैध माना जाएगा लेकिन नियत संख्या से अधिक नाम लिखने पर मत को रद्द कर दिया जाएगा.

10. नामांकन एवं चुनाव के संबंध में पल्ली पुरोहित का निर्णय अंतिम होगा.

अन्य:-

1. पल्ली परिषद् प्रतिनिधि का पद अवैतनिक है. इसमें कोई लाभ की भावना नहीं वरन् केवल सेवा की भावना होती है.अतः सदस्य कभी अपने अथवा अपने परिवार के सदस्यों के लाभ की बात न करें.

2. पल्ली परिषद के सदस्यों की संख्या और व्यवहार में लैंगिक समानता की भावना होनी चाहिए. जिस क्षेत्र के लिए भी एक से अधिक प्रतिनिधि का प्रावधान है, उस क्षेत्र से एक महिला उम्मीदवार का होना आवश्यक है.

मैंने उपरोक्त बातों पढ़कर समझ लिया है और मैं उनका अनुपालन करूँगा.


पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है

अगर पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है तो क्यों भारी परिवर्तन किया जा रहा है! जब फादर जॉनसन केतकर पल्ली पुरोहित थे.उनके कार्यकाल में पल्ली परिषद के चुनाव के समय अलग ही नियम और शर्तें थी.


पल्ली पुरोहित का निर्णय अंतिम होगा

एक चुनाव संचालन समिति बनना चाहिए.इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेकर नियम और शर्त पालन करना चाहिए.पल्ली पुरोहित आज है कल चले जाएंगे.रहने तो यहां के लोगों को ही है.


कुर्जी पल्ली परिषद एक सलाहकार परिषद है, इसका अपना संविधान है. संविधान के अनुसार परिषद का काम केवल सलाह देना है. पब्लिक हित में सलाह देने वालों को दरकिनार कर रहे हैं. किसी भी राजनीतिक दल का किसी भी स्तर का पदाधिकारी पल्ली परिषद् के लिए उम्मीदवार नहीं बन सकता है. आखिर क्यों !


कुल मिलाकर पल्ली परिषद का बॉस पल्ली पुरोहित ही है तो क्यों जनप्रतिनिधि के कंधे पर बंदूक रखकर नियम बना रहे है. अकेले ही पल्ली चलाएं.आप लोगों को बोलने,लिखने,विचार अभिव्यक्त करने का अधिकार सीमित कर रहे है. अगर आपके हितकारी और नहीं रहेगा तो पल्ली विरोधी कार्य होगा.यह भी निर्णय आप ही करेंगे.


आलोक कुमार

भाजपाइयों ने बाहर निकले बलात्कारियों-अपराधियों के स्वागत जगह-जगह


पटना: देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं के सम्मान पर भाषण दे रहे थे, दूसरी ओर गुजरात के चर्चित बिलकिस बानो कांड के बलात्कारी व जनसंहारी गोधरा उप जेल से रिहा किए जा रहे थे, इसने पूरे देश को सकते में डाल दिया. भाजपाइयों ने बाहर निकले बलात्कारियों-अपराधियों के स्वागत में जगह-जगह आयोजन कर उनकी आरती उतारा. तिलक लगाकर उन सबका अभिनंदन किया गया. यह भाजपा व संघ गिरोह की महिलाओं व मुस्लिमों के प्रति चरम घृणा की खुली अभिव्यक्ति थी.

बिलकिस बानो मामला एक ऐसा मामला था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच चली थी. गुजरात में उन्हें जान से मारने की धमकी के कारण उच्चतम न्यायालय ने उनका मामला महाराष्ट्र में स्थानांतरित कर दिया था. बिलकिस बानो गैंगरेप व उनके परिवार के 7 लोगों की हत्या के इस जघन्य मामले में 2008 में मुंबई की एक विशेष अदालत ने 11 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी. जिसे बाॅम्बे हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा. 

इस साल दोषियों में से एक ने 1992 की नीति को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट में रिहाई की गुहार लगाई, जबकि 1992 की छूट नीति को 2012 में ही उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया है और तदनुसार गुजरात सरकार ने भी 8 मई 2013 को उसे रद्द कर दिया. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का आदेश के आलोक में गुजरात सरकार द्वारा अपराधियों की रिहाई कहीं से भी वैध नहीं कहा जा सकता है. चंूकि यह मामला गुजरात की बजाए महाराष्ट्र में चला था, इसलिए इस मामले में महाराष्ट्र की सरकार का विचार लेना आवश्यक था. 

उम्रकैद के सभी 11 दोषियों की रिहाई न केवल केंद्र व गुजरात सरकार पर प्रश्न खड़ा करता है बल्कि उच्चतम न्यायालय को भी सवालों के घेरे में खड़ा करता है. 

यह रिहाई जघन्य किस्म का अपराध है, जो आजादी के 75 वें वर्ष में मोदी और भाजपा के तथाकथित नए भारत में खुलेआम किया जा रहा है. 

भाजपा द्वारा सत्ता के अहंकारी दुरूपयोग और न्याय की उम्मीदों की हत्या के खिलाफ आज पूरे देश को उठ खड़ा होना होगा. भाकपा-माले विधायक दल बिलकिस बानो के बलात्कारियों व जनसंहारियों की रिहाई के आदेश को अविलंब रद्द करने की मांग करता है.

आलोक कुमार

राहुल गांधी जैसे लोगों को दंडित किया जाना चाहिए:मोदी

  


पटनाः आज बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के सीनियर नेता सुशील कुमार मोदी ने राहुल गांधी के बयान ‘सारे मोदी चोर हैं’ को लेकर किए गए मानहानि के मुकदमे में शुक्रवार को पटना सिविल कोर्ट में गवाही दी. 

उसके बाद मीडिया से बात करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि वह इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि उन्होंने ‘सारे मोदी चोर हैं‘नहीं कहा था. यह विचाराधीन है लेकिन हमें लगता है कि यह मानहानि का मामला है और राहुल गांधी जैसे लोगों को दंडित किया जाना चाहिए ताकि कोई भी इस तरह से ईमानदार और अच्छे लोगों को बदनाम न कर सके.सुशील मोदी कहा कि राहुल गांधी ने 2019 में भाषण के दौरान कहा था कि ‘सारे मोदी चोर हैं’.इसी को लेकर मैंने पटना में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.

राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राहुल गांधी के अप्रैल 2019 में कर्नाटक के कोलार में भाषण जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी की तुलना ललित मोदी, नीरव मोदी से करते हुए कहा था कि मोदी सरनेम वाले ‘सारे मोदी चोर हैं’ वाले बयान पर मेरे द्वारा पटना मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था.

इसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान मेरी गवाही हुई . गवाही के दौरान मैंने विस्तार से बताया कि  राहुल गांधी के इस भाषण से मैं अपमानित महसूस कर रहा था क्योंकि उन्होंने कहा कि मोदी सरनेम वाले सारे मोदी चोर हैं.

इस मानहानि के मामले में कोर्ट ने श्री राहुल गांधी को सम्मन किया था. राहुल गांधी को जमानत लेनी पड़ी थी. अभी तक विधायक श्री अरुण कुमार सिन्हा, श्री नितिन नवीन,श्री संजीव चौरसिया की गवाही हो चुकी है. आज शिकायतकर्ता के रूप में मेरी गवाही थी. श्री राहुल गांधी के वकील ने लगभग 40 मिनट तक पूछताछ की.

इस संदर्भ में एसबी बबलू का कहना है कि यह जो कमेंट आ रहे हैं इसमें भी चोर बोला जा रहा है.उन्होंने कहा कि किया इन सब पर भी केस करेंगे प्रसारण साहब.विनोद ने कहा कि आदमी तो तो आपके जैसा .... बिना काम वाला काम अच्छे से करते हैं.इतने दिन में स्पेशल पैकेज तक बिहार को न मिल पाया लेकिन बकवास तो जी जान से करेंगे. संजीव झा ने कहा कि राहुल जी गांधी जी के विचारों से निर्मित है ना कि माफीवीर सावरकर के विचार से...आपके झुठी गवाही से कोई फर्क नहीं पड़ता.

आलोक कुमार

बिहारी ईसाइयों में भी प्रथम शरीर दान करने वाले बन गए फादर डिमेलो

 


पटना: विश्व विख्यात येसु समाज पटना जेसुइट प्रोविंस के पूर्व प्रोविंशियल फादर जौन डिमेलो का निधन हो गया है. वे 89 वर्ष के थे.एक जेसुइट के रूप में  65 साल कार्य किए.वहीं 56 साल पुरोहित का जीवन व्यतीत किए.खास बात है कि फादर डिमेलो ने 2012 में पीएमसीएच में जाकर शरीर दान करने की लिखित घोषणा कर दी थी.इस तरह पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों में प्रथम पुरोहित बने जो शरीर दानकर दिये.इसी तरह बिहारी ईसाइयों में भी प्रथम शरीर दान करने वाले बन गए हैं.


दीघा स्थित एक्सटीटीआई में पटना, बक्सर,मुजफ्फरपुर आदि धर्मप्रांतों के आम से खास लोग फादर डिमेलो को श्रद्धांजलि और पार्थिव शरीर का दर्शन करने सैकड़ों लोग आए.इस अवसर पर बक्सर धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक सह निवर्तमान आर्चबिशप विलियम डिसूजा,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप काजिटेन फ्रांसिस ओस्ता,फादर ग्रेगरी गोम्स के अलावे दर्जनों जेसुइट और धर्मप्रांतीय पुरोहितों ने पवित्र मिस्सा किए और आगंतुकों को ‘ हैप्पी बर्थडे‘ कहने वाले फादर डिमेलो को स्वर्गलोक में जगह देने के लिए सर्वेश्वर से प्रार्थना

की. समाजसेवी एसके लौरेंस ने कहा कि किसी से मुलाकात होने के बाद फादर सबको हैप्पी बर्थडे कहते थे.अब हैप्पी बर्थडे कहने वाला हमलोगों के बीच नहीं रहे. परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.

फादर ग्रेगरी गोम्स ने प्रवचन दिए.उनके व्यक्तियों एवं कृतियों पर प्रकाश डाला.वहीं पटना जेसुइट प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर डोनाल्ड जे मिरांडा ने फादर जौन डिमेलो के बारे में बताया कि फादर का जन्म 14.12.1932 को हुआ था.जब 25 वर्ष के थे,तब 20.06.1957 में ' येसु समाज' में प्रवेश किए. विख्यात  ' येसु समाज'  में प्रवेश करने के 9 साल के बाद 34 वर्ष में 09.06.1966 को


विधिवत पुरोहित बने.उनका अंतिम मन्नत 45 साल में 26.01.1977 में पूरा किए.येसु समाजी बनकर 65 साल कार्य किए.इसमें 56 साल पुरोहित का जीवन था.89 वर्ष के थे.

उन्होंने कहा कि संत माइकल हाई स्कूल के प्रिंसिपल भी रहे.कई पल्ली के पल्ली पुरोहित रहे.दीघा स्थित एक्सटीटीआई के रेक्टर रहे.विख्यात कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में अकाउंट्स डिपार्टमेंट में थे.कुर्जी होली फैमिली से जुड़े लोग फादर का व्यवहार के मुरीद थे.अब एक दूसरे से केवल यही कह रहे हैं कि ‘कइसे इनके भुलावा जइहे.‘1983 में पटना जेसुइट प्रोविंस के  प्रोविंशियल थे.


पवित्र मिस्सा के समापन पर पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों के बीच से शरीर दान करने वाले प्रथम पुरोहित फादर जौन डिमेलो का पार्थिव शरीर को पीएमसीएच भेजा गया. सूचना के अनुसार पार्थिव शरीर को पीएमसीएच ने स्वीकार कर लिया है.इस बीच फादर डिमेलो के कुछ बाल और नाखून को एक बॉक्स में रखकर प्रतीक के रूप में एक्सटीटीआई के कब्रिस्तान में दफन कर दिया.इस तरह एक अध्याय जन्म 14.12.1932 से निधन 24.08.2022 तक खत्म हुआ.दूसरा अध्याय 25.08.2022 से पीएमसीएच में शुरू हो गया.इस पार्थिव शरीर के अस्थियों से शिक्षण कार्य में उपयोग होगा.

आलोक कुमार

उनके बताये रास्ते पर चलने का लिया शपथ

  

पटना :कांग्रेस सेवादल के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी एवं विचारक पूर्व राज्यसभा सदस्य डा0 नारायण राव सुब्बाराव हार्डिकर जी की 86 वीं पुण्यतिथि आज कांग्रेस सेवादल मुख्यालय, सदाकत आश्रम पटना में मनायी गयी.

कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने हार्डिकर जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताये रास्ते पर चलने का शपथ लिया गया.

इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस सेवादल के स्वंय सेवकों में कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक मो0 शोऐब, कार्यालय प्रभारी विपिन झा, राजीव पांडे, डा0 गौतम कुमार, राज कुमार पूर्वे, मो0 इजहार, सकलदीप प्रसाद, मो0 शमीम, सुनील कुमार ओझा, दिनेश शंकर दास, अम्बिका प्रसाद चैपाल, नवल किशोर प्रसाद सिन्हा, शोभा शर्मा, बबीता देवी प्रमुख हैं. 


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