सोमवार, 14 नवंबर 2022

भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य का अनुमोदन किया



मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी- सह- अध्यक्ष, जिला बागवानी विकास समिति की अध्यक्षता में डॉक्टर राधाकृष्णन सभागार ,मोतिहारी में संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

 इस बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय बागवानी मिशन, मुख्यमंत्री बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर), बाग उत्थान योजना, विशेष उद्यानिक फसल योजना, संरक्षित खेती, झोपड़ी में मशरूम उत्पादन, एकीकृत उद्यानिक विकास योजना के उद्यान निदेशालय द्वारा प्राप्त भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य का अनुमोदन किया गया.

 जिलाधिकारी महोदय के द्वारा किसानों को ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर  तथा सामुदायिक नलकूप योजना का लाभ देने के लिए संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया.साथ ही संरक्षित खेती अंतर्गत शेडनेट हाउस का लाभ किसानों को देकर शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए निर्देश दिया गया.

इस बैठक में जिलाधिकारी महोदय के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम तथा ग्रामीण उद्यानिकी कार्य अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं विद्यार्थियों का इंट्रैक्शन कार्यक्रम  किया गया.

इस इंट्रैक्शन कार्यक्रम में तिरहुत कृषि विश्वविद्यालय के छात्राओं द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया. प्रस्तुतीकरण के बाद इंट्रैक्शन कार्यक्रम में विद्यार्थियों के द्वारा बहुत सारे प्रश्न पूछे गए जिनका जवाब जिलाधिकारी महोदय ने सहजता से सारे प्रश्नों का उत्तर दिया गया.विद्यार्थियों के द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण की उन्होंने सराहना की.

 इस अवसर पर उप विकास आयुक्त , जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी , सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी , डॉक्टर आरके झा अधिष्ठाता , प्रोफेसर एसके वर्मा , आरबी वर्मा सहायक प्रधानाध्यापक (पौधा रोग) , पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय पिपराकोठी , डॉ शीर्षत तेजस्विनी कपिल , डॉ एन बी चनू  ,श्री मनीष कुमार , कृषि विज्ञान केंद्र ,पिपराकोठी से उपस्थित थे.

आलोक कुमार



शिक्षा विभाग के तमाम पदाधिकारियों के साथ बैठक

 

गया, 14 नवंबर 2022, ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने समाहरणालय सभाकक्ष में शिक्षा विभाग के तमाम पदाधिकारियों के साथ बैठक किया.

  बैठक में जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला स्तरीय शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण नियमित रूप से पढ़ाई करवाया जाए यह सुनिश्चित करावे.विद्यालयों में हर हाल में शिक्षक उपस्थित रहते हुए बच्चों को पढ़ाई करवाएं. किसी भी हाल में एक दिन भी मध्यान भोजन (एमडीएम) बंद ना रहे, प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे, पठन-पाठन नियमित रूप से चले. इन सभी चीजों को आवश्यक रूप से देखते रहे.

  सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित रूप से जांच करें एवं विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से सेम डे अपलोड करें.

जिला पदाधिकारी में जिला शिक्षा पदाधिकारी से जानकारी प्राप्त किया कि सितंबर एवं अक्टूबर माह में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा कितने विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करते हुए पोर्टल पर एंट्री किया गया है. इसके साथ ही जांच के क्रम में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा संबंधित शिक्षकों पर क्या कार्रवाई की गई है.

  जिला पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बेलागंज से जानकारी प्राप्त किया कि पिछले माह में आपके द्वारा विभिन्न स्कूलों के निरीक्षण के दौरान 14 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए थे. उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई. बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बेलागंज द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं देने तथा संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण प्राप्ति के पश्चात कोई कार्रवाई नहीं करने पर जिला पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बेलागंज को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण की मांग की तथा वेतन बंद करने का निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने क्षेत्र में नियमित रूप से सभी विद्यालयों का निरीक्षण करें तथा अनुपस्थित शिक्षक के विरुद्ध जांच करते हुए कार्रवाई भी करें. कार्रवाई में किसी प्रकार की खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

  उसी प्रकार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मानपुर द्वारा जांच के दौरान एक 11 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वजीरगंज द्वारा जांच के दौरान 14 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए. बोधगया, डुमरिया, इमामगंज एवं आमस के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से जानकारी प्राप्त किया कि आपके द्वारा विभिन्न स्कूलों में किए गए जांच के दौरान अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध काफी कम कार्रवाई की गई है.

  प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कोच से जांच में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई, से संबंधित जानकारी लेने पर बताया गया कि वह दो प्रखंड के चार्ज में है, जिनमें कोच एवं नगर निगम दक्षिणी क्षेत्र है. जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि अतिरिक्त चार्ज वाले कोच के शिक्षा पदाधिकारी को अभिलंब चार्जर से विमुक्त करें तथा किसी नजदीकी प्रखंड वाले को नगर निगम दक्षिणी क्षेत्र में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का चार्ज दे.

  जर्जर स्थिति वाले विद्यालय भवन में किसी भी स्थिति में पठन-पाठन नहीं करावे. उन्होंने कहा कि भवन हीन विद्यालयों को किसी नजदीकी विद्यालय के साथ टैग करते हुए पढ़ाई जारी रखवाये. उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में पढ़ाई बाधित ना रहे यह सुनिश्चित करावे.

  जिले में भूमिहीन विद्यालयों की संख्या की जानकारी लेने पर उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 1 सप्ताह के अंदर भूमिहीन विद्यालयों की सूची उपलब्ध करावे ताकि संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से जमीन चिन्हित करते हुए नए भवन निर्माण कराने के लिए कागजी प्रक्रिया के साथ साथ विद्यालय निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा सके.



आलोक कुमार

चाइल्ड लाइन के कार्याे के बारे में ज़िला पदाधिकारी को बताया

                * बाल शोषण एवं बाल विवाह विषय पर लोगो को जागरूक करने की आवश्यकता 


गया. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पीपुल फर्स्ट के सहयोग से संचालित बच्चो के सहायता के लिए कार्यरत चाइल्डलाइन गया द्वारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व० पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन बाल दिवस के दिन  14 नवंबर से चाइल्डलाइन से दोस्ती सप्ताह कार्यक्रम का शुरुआत हुआ, जो 20 नवंबर तक चलाई जाएगी.

        इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी गया श्री डॉक्टर त्यागराजन एस०एम० द्वारा केक काट कर किया गया. इस दौरान चाइल्ड लाइन के कार्याे के बारे में ज़िला पदाधिकारी को बताया गया, बच्चो के अधिकार , तस्करी, बाल शोषण एवं बाल विवाह विषय पर लोगो को जागरूक करने की आवश्यकता है.    

जिला पदाधिकारी ने चाइल्ड लाइन के कार्यों से खुश हुए एवं उसकी प्रशंसा की. इसके उपरांत चाइल्डलाइन के समन्वयक श्रीमती अपराजिता आजाद के द्वारा जिला पदाधिकारी , वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, पुलिस महानिरिक्षक श्री ड त् नायक एवं सायबर सेल प्रभारी पदाधिकारी श्री संजय कुमार को दोस्ती बंधन बांधा.

           जिला पदाधिकारी ने आज बाल दिवस के अवसर पर जिले के तमाम बच्चों को शुभकामनाएं एवं बधाई दिया.

           चाइल्ड लाइन के समन्वयक अपराजिता आज़ाद,परामर्शी अभय रंजन ,टीम मेंबर पारस नाथ ,निशा कुमारी,मनोज कुमार,अवध किशोर, मो आलमगीर, अनुराग कुमार एवं वालंटियर अनुज कुमार उपस्थित थे.


आलोक कुमार

मूर्ति पर माल्यार्पण करके मनाई गई जयंती

  



’ देश में एकता, अखंडता और सम्प्रभुता का आधार पंडित नेहरू ने रखाः प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा




पटना. आधुनिक भारत के निर्माता और देश के पहले प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहरलाल नेहरू की 133 वीं जयंती प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में उनके मूर्ति पर माल्यार्पण करके मनाई गई. जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने की.

      जयंती कार्यक्रम में माल्यार्पण के पश्चात बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माणकर्ता देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने देश को प्रगति पथ पर अग्रसर होने की आधारभूत संरचना के अर्जन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया. पंडित नेहरू ने देश की एकता, अखंडता और सम्प्रभुता को मजबूती और स्थिरता प्रदान की. उन्होंने देश में समता और संवैधानिक प्रतिबद्धता का सृजन किया.

       सदाकत आश्रम में आयोजित पंडित नेहरू के जयंती कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा के अलावे सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चंदन वागची, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डा0 अशोक कुमार, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, विधायक राजेश कुमार, प्रतिमा कुमारी दास, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, अमिता भूषण, लाल बाबू लाल, प्रमोद कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, कुमार आशीष, आनन्द माधव,प्रवीण सिंह कुशवाहा, ज्ञान रंजन, सौरभ सिन्हा, कमलदेव नारायण शुक्ल, शशिकांत तिवारी,अरविन्द लाल रजक, उमाकांत सिंह, शशि रंजन,मधुरेन्द्र कुमार सिंह, सुधा मिश्रा,मंजीत आनन्द साहू, अशोक गगन, चुन्नू सिंहए रिपु दहन शर्मा,सुनील कुमार सिंह, अजय कुमार चौधरी, उदय शंकर पटेल,प्रदुम्न कुमार, मृणाल अनामय, रीता सिंह,सत्येन्द्र कुमार सिंह,सिद्धार्थ क्षत्रिय, गुरूदयाल सिंह, संतोष कुमार श्रीवास्तव, उमेश कुमार राम, निधि पाण्डेय, मिहिर कुमार झा,ताहिर अनीस खान, एम.एम.अली बलखी, संजय कुमार श्रीवास्तव,निरंजन कुमार, विमलेश तिवारी मो0 शाहनवाज, हेमन्त कुमार झा, सैयद फिरोज हसन,ओम प्रकाश गर्ग, अविनाश रंजन झा,प्रतिमा कुमारी, किशोर कुमार, मो0 अब्दुल बाकी, बीरेन्द्र शर्मा, अविनाश रंजन झा, डा0 जवाहर लाल चौधरी, बद्री नारायण राय, रजनीश कुमार सिंह सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें.

आलोक कुमार

रविवार, 13 नवंबर 2022

बेतिया चर्च से दुसैया के लिए पदयात्रा


दुसैया. ग्वादालूपे की मां मरियम का तीर्थस्थल है दुसैया पल्ली.यहां पर प्रत्येक साल ग्वादालूपे मां मरियम के आदर में वार्षिक पर्व मनाया जाता है.इस साल 02 दिसंबर,2022 शुक्रवार से धार्मिक कार्यक्रम शुरू होगी .इस अवसर पर 02 से 10 दिसंबर तक नोवेना, 03 से 05 दिसंबर तक आध्यात्मिक साधना/चुप्पी और 11 दिसंबर रविवार को पर्व दिवस है.मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल में स्थित रायगंज धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष फुलजेंस तिग्गा और बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन हैं.उनके दोनों अति मान्यवर धर्माध्यक्षों के नेतृत्व में 09ः00 बजे सुबह बेतिया चर्च से दुसैया के लिए पदयात्रा आयोजित की जाएगी.

ग्वादालूपे मां मरियम का वार्षिक पर्व दुसैया पल्ली में

02 दिसंबर,2022 शुक्रवार,संध्या 03ः00 बजे से बेतिया धर्मप्रांत के  धर्माध्यक्ष  पीटर  सेबेस्टियन  गोवियस के द्वारा झंडोत्तोलन,पवित्र मिस्सा एवं नोवेना प्रार्थना.

02 दिसंबर से 10 दिसंबर तक प्रतिदिन संध्या 03ः00 बजे से पवित्र रोजरी माला,मिस्सा एवं नोवेना प्रार्थना.

आध्यात्मिक साधना/चुप्पी

03 से 05 दिसंबर तक आध्यात्मिक साधना/चुप्पी,पवित्र रोजरी माला,मिस्सा एवं नोवेना प्रार्थना दोपहर 02ः30 बजे से 06ः00 बजे तक,ब्रदर जेम्स डी.रोजारियो द्वारा संचालित.

11 दिसंबर रविवार को पर्व दिवस है

06ः30 बजे सुबह पवित्र युख्रिस्तीय बलिदान.

09ः00 बजे सुबह बेतिया चर्च से दुसैया के लिए पदयात्रा

11ः00 बजे सुबह दुसैया पल्ली के द्वारा पदयात्रियों का औपचारिक स्वागत

11ः00 बजे से 01:00 बजे तक सभी पदयात्रियों के लिए प्रीतिभोज

12ः00 बजे से 01ः00 बजे तक चंगाई प्रार्थना एवं बीमारों पर आशीष

01ः30 बजे समारोही मिस्सा तत्पश्चात मां मरियम की शोभायात्रा

मुख्य पुरोहित पश्चिम बंगाल में रायगंज धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष फुलजेंस तिग्गा और बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन

फादर अल्फोंस जोजो,ओ.पी.फादर क्लोड कोर्दा,ओ.पी.पल्ली पुरोहित और फादर अंतुनी स्वामी,ओ.पी. 


आलोक कुमार

रोम के वैटिकन नगर के पोप को अपना धर्माध्यक्ष मानते हैं

 * आर्चबिशप फेलिक्स मचाडो, वसई के बिशप को सीबीसीआई के महासचिव के रूप में फिर से चुना गया

*अब सीबीसीआई के पूर्व अध्यक्ष हो गए बॉम्बे के आर्चबिशप कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस


मुंबई. कैथोलिक कलीसिया या रोमन कैथोलिक कलीसिया ईसाई धर्म में वैश्विक ईसाई कलीसिया की एक मुख्य शाखा, तथा सबसे बड़ी कलीसिया है, जिसके अनुयायी रोम के वैटिकन नगर के पोप को अपना धर्माध्यक्ष मानते हैं.

    देश में कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ( सीबीसीआई) एक राष्ट्रीय निकाय है.इसमें लैटिन, सिरो-मालाबार और सिरो-मलंकारा धार्मिक संगठन( चर्च) के बीच  नेतृत्वकर्ता (बिशप) शामिल होते हैं. तीन धार्मिक संगठनों शीर्ष (बिशप )कार्यालयों को बारी-बारी से  साझा करते है.गत 10 नवंबर को बेंगलुरु में सेंट जॉन नेशनल एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज में कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) की चल रही 35 वीं आम सभा की बैठक में त्रिशूर के मेट्रोपॉलिटन प्रमुख आर्कबिशप मार एंड्रयूज थजथ को सीबीसीआई के नए अध्यक्ष के रूप में चुना गया. 

सीबीसीआई के नए अध्यक्ष आर्चबिशप मार एंड्रूज़ थज़थू

  जब त्रिशूर के पहले आर्चबिशप मार जोसेफ कुंडुकुलम ने केरल के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण के साथ दोस्ती शुरू की. यह आरोप लगाया जाता है कि आर्च डीओसीज ने केरल विधानमंडल के लिए अपनी उम्मीदवारी में के . करुणाकरण का समर्थन किया . यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और त्रिशूर के सिरो-मालाबार कैथोलिक आर्च डीओसीज के बीच संबंध की शुरुआत थी. कुडनकुलम की मृत्यु के बाद, मार जैकब थूमकुझी को अगले आर्चबिशप के रूप में चुना गया था. लेकिन थूमकुझी की केरल की राजनीति में कम दिलचस्पी थी . बाद में मार्च एंड्रूज़ थज़थू को आर्चडीओसीज के प्रमुख के लिए चुना गया था.2007 में, उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन शासित सरकार के खिलाफ चर्च और उसके संस्थानों के प्रति अपनी नीतियों के खिलाफ अभियान चलाया . उन्होंने कम्युनिस्ट के नेतृत्व वाली सरकार को यह कहते हुए धमकी भी दी कि चर्च 1950 के दशक के उत्तरार्ध के ‘मुक्ति संघर्ष‘ को फिर से लागू कर सकता है.2007 वर्तमान एंड्रूज़ थज़थू त्रिशूर के तीसरे महानगर महाधर्माध्यक्ष.

मेट्रोपॉलिटन आर्चबिशप सीबीसीआई के पहले उपाध्यक्ष चुने गए

सेंट थॉमस कैथेड्रल बासिलिका और सेंट थॉमस के राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में जाना जाता है , भारत के चेन्नई ( मद्रास ) शहर में, सैन्थोम में एक रोमन कैथोलिक नाबालिग बासिलिका   है.यह 1523 में पुर्तगाली खोजकर्ताओं द्वारा सेंट थॉमस की कब्र के ऊपर बनाया गया था , जो येसु के बारह प्रेरितों में से एक था. 1896 में, इसे अंग्रेजों द्वारा फिर से बनाया गया था. ब्रिटिश शैली का चर्च आज भी खड़ा है.इसे नियो-गॉथिक शैली के रूप में डिजाइन किया गया था , जिसे ब्रिटिश वास्तुकारों ने पसंद किया था19वीं सदी के अंत में. यह चर्च दुनिया के केवल तीन ज्ञात चर्चों में से एक है जो येसु के एक प्रेरित की कब्र पर बना है, अन्य दो वेटिकन सिटी में सेंट पीटर की बेसिलिका और गैलिसिया, स्पेन में सैंटियागो डी कंपोस्टेला कैथेड्रल हैं.आर्चबिशप जॉर्ज एंटोनीसैमी, मद्रास-मायलापुर (लैटिन) के मेट्रोपॉलिटन आर्चबिशप सीबीसीआई के पहले उपाध्यक्ष चुने गए हैं. वे 2012 आर्चबिशप हैं.

बिशप मार जोसेफ थॉमस को सीबीसीआई के दूसरे उपाध्यक्ष 

 मलंकारा सीरियन कैथोलिक चर्च का गठन 20 सितंबर 1930 को बिशप मार गीवर्गीस इवानियोस के नेतृत्व में पुनर्मिलन आंदोलन के परिणामस्वरूप किया गया था , जब यह भारतीय रूढ़िवादी चर्च से अलग हो गया और कैथोलिक चर्च के साथ सहभागिता में प्रवेश किया. 17 वीं शताब्दी के सेंट थॉमस ईसाई समुदाय के भीतर विभाजन से ही मलंकारा चर्च उभरा था ; 1653 में कूनन क्रॉस शपथ के बाद , मलंकारा चर्च उस गुट के रूप में उभरा जो लैटिन कैथोलिक पुर्तगाली पद्रोडो के अधिकार का विरोध करने के लिए शपथ ग्रहण में आर्कडेकॉन मार थोमा के साथ खड़ा था. इस गुट ने एंटिओक के सिरियन ऑर्थोडॉक्स चर्च के साथ एक रिश्ते में प्रवेश किया और पश्चिम सिरियेक संस्कार को अपनाया (भारत के सेंट थॉमस ईसाइयों ने इस बिंदु तक पूर्व के ऐतिहासिक चर्च से विरासत में मिली पूर्वी सिरियेक संस्कार का इस्तेमाल किया था ). सिरो -मलंकरा कैथोलिक चर्च इस मलंकारा गुट के उस समूह का प्रतिनिधित्व करता है जो 20 वीं शताब्दी (1930) में रोम के साथ फिर से मिला.बथेरी (मलंकारा) के अधिवेशन के बिशप मार जोसेफ थॉमस को सीबीसीआई के दूसरे उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया.

आलोक कुमार

शनिवार, 12 नवंबर 2022

भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 134 वीं जयंती

 

पटना.भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 134 वीं जयंती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गई.

इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन में मौलाना अबुल कलाम आजाद ने पंडित नेहरू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया. मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्रता के बाद 12 वर्षों तक देश के शिक्षा मंत्री रहे. मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश में नई शिक्षा नीति की आधारशिला रखी. वे देश में साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रबल समर्थक थे.आज कृतज्ञ राष्ट्र मौलाना अबुल कलाम आजाद के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को बार-बार नमन करती है. इसके पूर्व पार्टी के नेताओं के द्वारा मौलाना अबुल कलाम आजाद के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया.


इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, कुमार आशीष, असित नाथ तिवारी, ज्ञान रंजन, लाल बाबु लाल  अरविन्द लाल रजक, डॉ कमलदेव नारायण शुक्ला, शशिकांत तिवारी, सुधा मिश्रा, सुनील कुमार सिंह,  निधि पाण्डेय, प्रदुमन कुमार, मृणाल अनामय, मृगेंद्र कुमार सिंह,मंजीत आनंद साहू, उदय शंकर पटेल,  मिहिर कुमार झा, विमलेश तिवारी, निरंजन कुमार,  राजीव कुमार बबलू, बद्री कुमार झा ने भी मौलाना अबुल कलाम आजद के चित्र पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि अर्पित किये.


आलोक कुमार

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