सोमवार, 12 जून 2023

एनडीए सरकार गिरने के कारण भूमि आवंटन प्रक्रिया रुकी

 ● नीतीश कुमार के अहंकार की भेंट चढ़ा 2 हजार करोड़ का दरभंगा एम्स

● प्रधानमंत्री मोदी को श्रेय न मिलने देने के लिए की गई अड़ंगेबाजी 

● एनडीए सरकार गिरने के कारण भूमि आवंटन प्रक्रिया रुकी 

● महागठबंधन सरकार में राजद-जदयू के बीच एम्स को लेकर खींचतान

● एम्स को सहरसा ले जाने के लिए जदयू सांसदों ने सौंपा था ज्ञापन 

● शोभन में आवंटित जल-जमाव वाली भूमि लेने से केंद्र  ने किया इनकार 

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के अहंकार और महागठबंधन सरकार में राजद-जदयू के बीच खींचतान के चलते उत्तर बिहार के लाखों लोग  2000 करोड़ रुपये से बनने वाले दरभंगा एम्स के रूप में  केंद्र सरकार की बड़ी सौगात पाने से वंचित रह गए।

श्री मोदी ने कहा कि दरभंगा में एम्स बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं मिले, इसलिए पहले दो साल तक तो मुख्यमंत्री इस बात अड़े रहे कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) को ही अपग्रेड कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बना दिया जाए।  

   उन्होंने कहा कि किसी मेडिकल कॉलेज को अपग्रेड कर एम्स बनाने का नियम नहीं है, इसलिए अन्ततरू बिहार सरकार दरभंगा एम्स के लिए  डीएमसीएच परिसर में ही 150 एकड़ जमीन देने पर राजी हो गई। 82 एकड़ जमीन आवंटित भी कर दी गई थी। 

श्री मोदी ने कहा कि इस बीच नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा के कारण जैसे ही राजद से हाथ मिलाया और सरकार बदल दी, वैसे ही दरभंगा एम्स सहित कई विकास परियोजनाओं पर ग्रहण लग गया। 

श्री मोदी ने कहा कि बदली सरकार में राजद और जदयू के बीच दरभंगा एम्स का श्रेय लेने की होड़ मच गई। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के करीबी भोला यादव ने जब किसी संवैधानिक पद पर रहे बिना अशोक पेपर मिल (हायाघाट) की जमीन पर एम्स बनने की घोषणा कर दी, तब इसके जवाब में जदयू के लोग शोभन में एम्स बनवाने के लिए सक्रिय हुए। 

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के इशारे पर मधेपुरा के दिनेशचंद्र यादव सहित दो  दर्जन जदयू सांसदों ने केंद्र सरकार को ज्ञापन देकर दरभंगा के बजाय सहरसा में एम्स बनवाने की मांग कर दी। श्री मोदी ने कहा कि बाद में जदयू के दबाव में बिहार सरकार ने शोभन में जो 151 भूमि आवंटित की, वह एम्स का भवन बनाने के लिए उपयुक्त नहीं पायी गई। 

उन्होंने कहा कि शोभन की 20-30 फीट गड्ढे और जल-जमाव वाली जमीन का निरीक्षण करने बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने इसे अस्वीकार कर दिया और कोई दूसरी भूमि आवंटित करने का आग्रह किया। श्री मोदी ने कहा कि इस तरह नीतीश कुमार ने दरभंगा एम्स की योजना को  गहरे गड्ढे में धकेल दिया।  ऐसी राजनीति बिहार की जनता के प्रति जानबूझ किया गया अन्याय है।

आलोक कुमार


9 सूत्री माँगों की पूर्त्ति के लिए 22 जून को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शन

  पटना.बिहार की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की बुनियाद के रूप में करीब एक लाख आशा कार्यकर्ता-आशा फैसिलिटेटर विगत 17 वर्षों से सेवा देती आ रही हैं. इनकी सेवाओं का ही परिणाम है कि आज बिहार में संस्थागत प्रसव- प्रसव के दौरान मातृ-शिशु मृत्यु दर-परिवार नियोजन से लेकर रोग निरोधक टीकाकरण तक के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल हुई है.       

    कोरोना महामारी के दौरान उसकी रोकथाम के अभियान इनलोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर भी सेवा देती रही और इस क्रम में दर्जनों लोगों को जान तक गंवानी पड़ी हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से लेकर पटना उच्च न्यायालय तक ने उनकी उक्त भूमिका की प्रशंसा की. लेकिन उनकी उक्त भूमिका और योगदान के बावजूद संगठन की ओर से लगातार ज्ञापन-प्रतिनिधिमंडल वार्ता-धरना-प्रदर्शन जैसे सांकेतिक आंदोलन द्वारा ध्यानाकर्षित किये जाने के बावजूद केंद्र सरकार से लेकर बिहार सरकार द्वारा उनकी बुनियादी माँगों को पूरा करने के मामले में ताल-मटोल एवं अनदेखी करती आ रही है. स्वाभाविक तौर पर सरकार के इस रवैये के कारण लेकर राज्य की आशाओं-फैसिलिटेटरों के बीच भारी असंतोष व्याप्त है और निर्णायक आंदोलन शुरू करने को बाध्य हैं जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार पर है.

  ऊपर वर्णित परिस्थिति में बाध्य होकर आशा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर आशा कार्यकर्त्ताओं व आशा फैसिलिटेटरों की 9 सूत्री माँगों की पूर्त्ति के लिए 22 जून,23 को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शन नारेबाजी, 4 जुलाई,23 को सभी सिविल सर्जनों के समक्ष प्रदर्शन- नाराबाजी और 12 जुलाई,23 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया गया है । 

हमारी मांग है कि-

1(क). आशा कार्यकर्त्ता-फैसिलिटेटरों को राज्य निधि से देय 1000 रू० मासिक संबंधी सरकारी संकल्प में अंकित पारितोषिक  शब्द को बदलकर अन्य राज्यों की तरह नियत मासिक मानदेय किया जाय और इसे बढ़ाकर 10 हजार रू० किया जाय .              

(ख) उक्त विषयक सरकारी संकल्प के अनुरूप इस मद का वित्तीय वर्ष 19-20 (अप्रैल,19 से नवंबर,20 तक) का  मासिक 1000 रु० का बकाया राशि का  जल्द से जल्द भुगतान किया जाय.

2 .अश्विन पोर्टल से भुगतान शुरू होने के पूर्व का सभी बकाया राशि का भुगतान किया जाए  .

3(क). आशा कार्यकर्ताओं-फैसिलिटेटरों को देय प्रोत्साहन-मासिक पारितोषिक राशि का अद्यतन भुगतान सहित इसमें एकरूपता -पारदर्शिता लाई जाय.  

(ख) आशाओं के भुगतान में व्याप्त भ्रष्टाचार - कमीशनखोरी पर सख्ती से रोक लगाई जाए.

4. कोरोना काल की डियूटी के लिए सभी आशाओं-फैसिलिटेटरों को 10 हजार रुपया कोरोना भत्ता भुगतान किया जाय.

5(क). आशाओं को देय पोशाक (सिर्फ साड़ी) के साथ ब्लाउज, पेटीकोट तथा ऊनी कोट की व्यवस्था की जाय और इसके लिए देय राशि का अद्यतन भुगतान किया जाय.

(ख) फैसिलिटेटर के लिए भी पोशाक का निर्धारण और उसकी राशि भुगतान की शीघ्र व्यवस्था किया जाए .

(ग)फैसिलिटेटरों को 20 दिन की जगह पूरे माह का भ्रमण भत्ता (SVC) दैनिक 500/-रू की दर से भुगतान किया जाए .

6.(क).वर्षों पूर्व विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित प्रोत्साहन राशि की दरों में समुचित वृद्धि के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव एवं अनुशंसा प्रेषित किया जाए.

(ख) आशा व आशा फैसिलिटेटरों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाय .

7. कोरोना से (पुष्ट/अपुष्ट) मृत आशाओं को  राज्य योजना का 4 लाख और केंद्रीय बीमा योजना का 50 लाख राशि का  भुगतान किया जाये.

8. आशा कार्यकर्ता -फैसिलिटेटर को भी सामाजिक सुरक्षा योजना-पेंशन योजना का लाभ दिया जाय. जब तक नहीं किया जाता तब तक रिटायरमेंट पैकेज के रूप में एकमुश्त 10 लाख का  भुगतान किया जाय.

9. जनवरी 2019 के समझौते के अनुरूप मुकदमों की वापसी सहित अन्य अकार्यान्वित बिन्दुओं को शीघ्र लागू किया जाए.

  हम संवाददाता सम्मेलन के माध्यम बिहार सरकार से माँग करते हैं  कि समय रहते ऊपर वर्णित माँगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर सरकारी आदेश जारी कर कर स्वास्थ्य सेवा में व्यवधान और टकराव को टालने के लिए अग्रसर होगी.

आलोक कुमार

रविवार, 11 जून 2023

कांग्रेस मुख्यालय में मिलन समारोह आयोजित

 भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुई पूर्व विधायक सुनीता देवी

पटना. कटिहार के कोढ़ा विधान सभा क्षेत्र की पूर्व विधायक श्रीमती सुनीता देवी अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ भाजपा को छोड़ आज कांग्रेस में शामिल हुई। इसके लिए
कांग्रेस मुख्यालय में मिलन समारोह आयोजित किया गया.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने श्रीमती सुनीता देवी एवं उनके समर्थकों को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करवायी. इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव श्री तारिक अनवर एवं विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान भी मौजूद थे.

     इस अवसर पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि श्रीमती सुनीता देवी के कांग्रेस में आने से कांग्रेस की दलितों के लिए की जाने वाली संघर्ष को धार मिलेगी । लोगों को बताने में आसानी होगी कि कांग्रेस ही सच्चा हमदर्द है.

      भाजपा को छोड़ने की वजह बताते हुए श्रीमती सुनीता देवी ने कहा कि भाजपा में महिलाओं के साथ काफी भेदभाव अपनाया जाता है. नारा भले ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का दिया जाता है लेकिन अंदर जाने पर पता चलता है कि किस हद तक नारी उत्पीड़न के मामले भाजपा में सामने आते रहते हैं.मैं घुटन महसूस कर रही थी इसलिए भाजपा छोड़ कांग्रेस में वापसी कर रही हूँ. इस मिलन समारोह का मंच संचालन सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन ने किया.

      इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, कटिहार जिला अध्यक्ष सुनील यादव, निर्मल वर्मा, ब्रजेश पाण्डेय, जमाल अहमद भल्लू, राज किशोर सिंह, कैलाश पाल,रामायण प्रसाद यादव, कैसर कुमार सिंह, शशि रंजन, अजय सिंह, रवि गोल्डन, दुर्गा प्रसाद,कुंदन गुप्ता, वसी अख्तर, संतोष श्रीवास्तव, उमेश कुमार राम, राजनन्दन कुमार सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे.


आलोक कुमार

भाजपा ने दलितों और आदिवासियों को छलने का काम किया हैः के राजू

  

* दलितों के हित में विचारों और हक की लड़ाई लड़ती रही है कांग्रेसः के राजू

* भाजपा ने दलितों और आदिवासियों को छलने का काम किया हैः के राजू

* दलितों के उत्थान के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध, दलित संवाद में बोले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह

* दलित समाज के युवाओं को आगे बढ़कर लेनी होगी जिम्मेदारी: बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्तचरण दास

पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं रिसर्च विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान सभागार में वृहद स्तर पर दलित संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया.बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.

    दलित संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, एस सी एस टी विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग एवं अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक के राजू ने कहा कि दलितों के हित में विचारों और हक की लड़ाई कांग्रेस लगातार लड़ती रही है. आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने इस देश में दलितों के उत्थान के लिए लगातार काम किया है और अब भी उस वैचारिक लड़ाई को लड़ने में अपनी पूरी ताकत लगा रही है.

    उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दलितों की हमेशा चिंता रहती है. हमारे नेता को इससे मतलब नहीं है कि दलित समाज किस दल का मतदाता है उन्हें केवल उनके हक की चिंता होती है जिस पर उन्होंने कर्नाटक की एक घटना का जिक्र किया. देश के उत्थान में उन्होंने दलितों के योगदान का भी जिक्र किया. उन्होंने युवाओं और महिलाओं से आगे बढ़कर देशहित में काम करने का आह्वान किया और कहा कि कांग्रेस संगठन में इस वर्ग को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व दी गयी है और आगे भी दी जाएगी. साथ ही उन्होंने जिक्र किया कि कांग्रेस ने दलित उत्थान के कितने लोक कल्याणकारी योजनाओं को उन्होंने संचालित किया और कैसे अपने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी दलित समुदाय के सबसे बड़े नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को जिम्मेदारी सौंपी.

       बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास ने कहा कि कांग्रेस को जब जब मौका मिला है तब तब उसने देश में दलितों की स्थिति को सुधारा है और साथ ही अपने संगठन में भी उचित प्रतिनिधित्व देने का काम किया है.

    अपने अध्यक्षीय संबोधन   में प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ लड़ने को हमें एकजुट होना पड़ेगा. दलितों के साथ कांग्रेस ने हमेशा साथ निभाया है और संगठन ने जब-जब दलितों पर अत्याचार किया है तब-तब हमने प्रदेश से नेताओं की टीम बनाकर भेजने का काम किया है.उन्होंने दलित संवाद के आयोजकों को धन्यवाद करते हुए कहा कि बिहार में सरकार के सहयोगी होने के नाते हम लोग प्रतिबद्ध हैं कि दलितों के स्थिति को मजबूत बनाना है.

    विधानसभा में कांग्रेस दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि दलितों को अवसर प्रदान करने की जरूरत बै इसके बाद समानता स्वतः आने लगेगी.बिहार सरकार के मंत्री मुरारी गौतम ने कहा कि भाजपा ने दलित राष्ट्रपति और आदिवासी राष्ट्रपति के आड़ में देश के मूल संविधान को बदलने का काम किया है इसके लिए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के अनुयायी उन्हें माफ नहीं करेंगे.

   रिसर्च विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी सचिव हर्षवर्धन श्याम ने कहा कि इस देश के निर्माण में गरीबों, दलितों और पिछड़ों का बहुत बड़ा योगदान है इसलिए उनके हक की लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है और कांग्रेस उसके लिए प्रतिबद्ध है. दलितों के दर्द और उत्पीड़न को समझने की जरूरत है और इसके लिए दलित वर्ग के युवाओं को आगे आने की जरूरत है. शैक्षणिक संस्थानों में दलित युवाओं की हकमारी पर भी उन्होंने विचार रखें.

   बिहार कांग्रेस रिसर्च विभाग के चेयरमैन व प्रवक्ता और कार्यक्रम के संयोजक आनन्द माधव ने अपने संबोधन में कहा  कि इस बैठक में दलितों के साथ एवं उनके लिये काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी संस्थायें, शिक्षक, छात्र नेता, राजनीतिक नेतागण एवं दलित लाभार्थी के द्वारा उचित सुझाव दिए गए जिसको निश्चित तौर पर हमारे नेता नीति निर्माण में इस्तेमाल करेंगे.  

  उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मूल उद्देश्य दलितों के मूल समस्याओं से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को द्विपक्षीय संवाद के माध्यम से अवगत कराना था जिसमें इस कार्यक्रम को शीर्ष नेतृत्व ने इसे गांवों तक ले जाने की बात कही है.

    सिविल सोसायटी के सदस्यों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रबुद्धजनों ने भी संवाद में हिस्सा लेकर अपने सुझाव दिए जिनका अभिनंदन नेताओं द्वारा मंच पर किया गया.कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ मधुबाला ने किया.

    कार्यक्रम में बिहार के प्रभारी भक्तचरण दास, एआईसीसी एस सी एस टी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन राजेश लिलोटिया, बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम, कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ शकील अहमद खान, विधान परिषद में दल के नेता डॉ मदन मोहन झा, रिसर्च विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी सचिव हर्षवर्धन श्याम, विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र, डॉ समीर कुमार सिंह, मुख्य सचेतक व एससी एसटी विभाग के प्रदेश चेयरमैन राजेश राम, विधायक मुन्ना तिवारी, विजेंदर चौधरी, आनंद शंकर सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, पूर्व मंत्री वीणा शाही, पूर्व विधायक डॉ अशोक राम, बंटी चौधरी, लालबाबू लाल, विजेंद्र यादव, पूनम पासवान, ब्रजेश पांडेय, ब्रजेश मुनन, निर्मल वर्मा, अशोक गगन, डॉ स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय, सौरभ सिन्हा, चुन्नू सिंह, सुमित सन्नी सहित सिविल सोसायटी के लोग एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहें.



आलोक कुमार

डब्ल्यूपीओ का मुख्यालय बिहार से हटाना मोदी सरकार का बिहार विरोधी फैसला

 

पटना.बिहार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महागठबंधन द्वारा 15 जून को आयोजित की जाने वाली धरना में पूरी ताकत से प्रदेश के सभी जगहों पर भाग लेने का निर्णय लिया है. इसके लिए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में पार्टी मुख्यालय, सदाकत आश्रम में एक बैठक आयोजित की गयी जिसमें धरना में सम्मिलित होने का निर्णय लिया गया.इसकी जानकारी स्वयं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने दी.गौरतलब है कि अगले 15 जून को महागठबंधन की ओर से दिल्ली में संघर्षरत महिला पहलवानों के समर्थन में प्रदेश भर में धरना आयोजित करने का प्रस्ताव था जिस पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने आज एक बैठक बुलाई थी जिसमें सम्मिलित होने का निर्णय लिया गया. बैठक में भाग लेने वाले नेताओं में मुख्य रूप से राजेश राठौड़, पूर्व विधायक बंटी चौधरी, निर्मल वर्मा, राज कुमार राजन, लाल बाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, मिन्नत रहमानी, असित नाथ तिवारी, चन्द्र प्रकाश सिंह, संजीव कुमार कर्मवीर सहित अन्य नेता शामिल रहे.

डब्ल्यूपीओ का मुख्यालय बिहार से हटाना मोदी सरकार का बिहार विरोधी फैसला

केंद्र की भाजपा सरकार लगातार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जीएसटी में बिहार की हिस्सेदारी हो चाहे केंद्रीय कोटे से मिलने वाली बिजली बिहार की लगातार उपेक्षा हो रही है. केंद्रीय योजनाओं में भी बिहार को पूरी हिस्सेदारी नहीं मिल रही है. बिहार का इतना बड़ा नुकसान करने वाली मोदी सरकार एक बार फिर बिहारियों का रोजगार छीन रही है. भारतीय रेल के अलग-अलग कारखानों के निर्माण और आधुनिकीकरण में बड़ी भूमिका निभाने वाले कारखाना परियोजना संगठन (डब्ल्यूपीओ) का मुख्यालय बिहार से हटा कर बिहारियों का रोजगार छीनने वाली मोदी सरकार को बिहार के लोग कभी माफ नहीं करेंगे. मोदी सरकार के इस फैसले से राज्य को सालाना 50 करोड़ रुपए से अधिक का जीएसटी नुकसान होगा. इससे जीएसटी में राज्य की हिस्सेदारी घटेगी और राजस्व का बड़ा नुकसान होगा. भाजपा ने बिहार को अपना दुश्मन राज्य मान लिया है और बदले की भावना से केंद्र सरकार फैसले ले रही है.ये बिहार के हक़ की लड़ाई है.बिहार कांग्रेस इस मसले पर चुप नहीं बैठने वाली.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 9 जून 2023

केंद्र सरकार की सेवा, सुशासन और कल्याण के सफलतम 9 वर्ष पूर्ण

 बेतिया.केंद्र सरकार की सेवा, सुशासन और कल्याण के सफलतम 9 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के बेतिया में स्थित आवास पर महाजनसंपर्क अभियान चलाया गया.बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ जनों को भोजन करा के उन्हें अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया.

   देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक केंद्र सरकार संचालित है.इस दौरान केंद्र सरकार के द्वारा सेवा व सुशासन के साथ गरीबों का कल्याण करने के सफलतम 9 वर्ष पूर्ण हो गया.इस अवसर पर शुक्रवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के बेतिया में स्थित आवास पर महाजनसंपर्क अभियान चलाया गया.

     इस महाजनसंपर्क अभियान में केंद्रीय जल व जहाज रानी मंत्री शांतनु ठाकुर,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह माननीय सांसद डॉ संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री राणा रणधीर, पूर्व मंत्री जनक चमार , राजेंद्र गुप्ता, शैलेंद्र मिश्रा, जिलाध्यक्ष रूपक श्रीवास्तव, दीपेंद्र सर्राफ, आनंद सिह, विजय रंजन ठाकुर, ओबोसी मोर्चा के प्रदेश सचिव श्री संतोष कुमार, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह, राहुल कुमार, प्रमोद शंकर सिंह,  संदीप श्रीवास्तव, रवि  सिंह, मनोज सिंह पार्टी के पदाधिकारी गण एवं सैकड़ों वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही.पार्टी के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ जनों को भोजन करा के उन्हें अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया.

   मौके पर पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय जल व जहाज रानी मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि देश में इस समय अमृत काल चल रहा है.वर्ष 2047 में जब आजादी का 100 साल पूरा होगा तब यह अमृत काल समाप्त होगा. बेतिया में  केन्द्र सरकार के 9 साल पूर्ण होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने ये बातें कही. भाजपा ने केंद्र सरकार के 9 साल सेवा ,सुशासन, गरीब कल्याण योजनाओ के बताने व जन संवाद करने के लिये यह आयोजन किया. 

    मौके पर उन्होंने आगे पत्रकारो बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा पिछले नौ सालो मे जो कार्य हुआ है उसे बताने हम आये है. महाजनसंपर्क अभियान चलाकर इसे देशवासियों तक पहुंचाया जा रहा है. पिछले वर्षों में एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने के लिये जो सेवा दान हुआ है उसके बारे में जन संवाद किया जा रहा है.

      उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा कुल 177 जनउपयोगी योजनाए चलाई जा रही हैं. इसे हम बताने आये है. इसी दौरान उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर शुरू हुआ अमृत काल अब वर्ष 2047 में समाप्त होगा जब देश आजादी का 100 वां वर्ष मना रहा होगा. उस समय हम देश को एक बहुत बडा उपहार देने का काम करेंगे


आलोक कुमार

बिहार के 21 लोगों की खोज करने में राज्य सरकार कोई मदद नहीं कर रही है

  ●  राज्य के 21 यात्री अब तक लापता, परिजन नाराज , सरकार से कोई मदद नहीं


● रेल मंत्री का इस्तीफा मांगने वालों ने पीड़ितों के लिए कुछ नहीं किया


पटना . पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बालासोर रेल दुर्घटना के बाद से लापता बिहार के 21 लोगों की खोज करने में राज्य सरकार कोई मदद नहीं कर रही है.

   श्री मोदी ने कहा कि उड़ीसा की रेल दुर्घटना पर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तो खूब हुई, लेकिन बालासोर में बिहार सरकार ने न कोई हेल्प डेस्क बनाया, न अपनों की तलाश में वहाँ पहुँचने वाले बिहार के लोगों के लिए कहीं ठहरने और भोजन करने की व्यवस्था की.

   उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मरे या अब तक लापता लोगों के परिजनों की सहायता तभी अच्छी तरह से होती, जब इसकी मॉनिटरिंग के लिए  सरकार ने किसी वरिष्ठ मंत्री को वहाँ कैंप कराया होता.

 श्री मोदी ने कहा कि लापता लोगों के गरीब परिजन अपने सीमित साधन से बालासोर गए, दर-दर भटके और पैसा खत्म होने पर मायूस होकर लौट आए.
   
   उन्होंने कहा कि किसी शव की पहचान के लिए डीएनए और ब्लड टेस्ट की जरूरत पड़ती है। इसके लिए भी वहां बिहार सरकार ने वहाँ कोई व्यवस्था नहीं की .

 श्री मोदी ने कहा कि राजनीतिक विरोध को परे रख कर जब ममता बनर्जी बालासोर पहुंचीं और बंगाल सरकार की तरफ से राहत कार्यों में 40 बसें लगाई गई, तब नीतीश कुमार बालासोर क्यों नहीं गए?

  उन्होंने कहा कि जो लोग रेल मंत्री का इस्तीफा मांग रहे थे, उन्होंने पीड़ित परिवारों की क्या मदद की?

आलोक कुमार

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