मंगलवार, 29 अगस्त 2023

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न

 * जिला स्तरीय टीम द्वारा करायी जायेगी जन वितरण प्रणाली दुकानों की औचक जाँच: जिलाधिकारी

* पात्र लाभुकों को ससमय, सही मात्रा में खाद्यान्न मिले, इसे हर हाल में कराएं सुनिश्चित

* जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न

बेतिया। खाद्यान्नों का उठाव एवं वितरण ससमय कराने, जविप्र दुकानों की औचक जाँच,नए राश

न कार्ड के लिए लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सहित रिक्ति के विरूद्ध नयी अनुज्ञप्ति के लिए प्रक्रिया अविलंब पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

         पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक में जन वितरण प्रणाली प्रणाली दुकानों की नयी अनुज्ञप्ति, मृत/पलायन/विवाहित लड़की/अपात्र परिवारों का राशन कार्ड से नाम हटाना/रद्द करना, ऑनलाईन प्राप्त नये राशन कार्ड, जन वितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण, खाद्यान्न प्राप्ति, खाद्यान्न का आवंटन एवं वितरण, रान कार्ड के अनुसार खाद्यान्न का वितरण, डोर स्टेप डिलीवरी, आधार सीडिंग, धान अधिप्राप्ति आदि की समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा की गयी।

   इस अवसर पर अपर समाहर्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपूर्ति शाखा, श्री अनिल राय, एसडीएम, बेतिया सदर, श्री विनोद कुमार, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, श्री संजय कुमार सहित जिले के सभी आपूर्ति निरीक्षक, सहायक गोदाम प्रबंधक, डोर स्टेप डिलीवरी के संवेदक आदि उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों को ससमय सही मात्रा में खाद्यान्न मिले, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाय। लाभुकों को सुगमतापूर्वक खाद्यान्न मिलना चाहिए। लाभुकों को किसी भी स्तर पर परेशान नहीं किया जाय। गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध नियमानुकूल कार्रवाई निश्चित है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।

   नये राशन कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि नये राशन कार्ड निर्गत करने के पूर्व भौतिक सत्यापन करना अति आवश्यक है। अच्छे तरीके से जांचोपरांत कार्ड निर्गत किया जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि वैसे पात्र परिवारों जो राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन दिए हैं, उनके आवेदनों का निष्पादन अविलंब कराना सुनिश्चित किया जाय। किसी भी परिस्थिति में अपात्र लोगों को राशन कार्ड निर्गत नहीं होना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जन वितरण प्रणाली दुकानों का नियमित रूप से रोस्टर वाइज जांच करने के साथ ही औचक जांच भी करें आपूर्ति निरीक्षक। जांच के क्रम में स्टॉक पंजी, वेट मशीन, ई-पॉश मशीन, साफ-सफाई आदि की विस्तृत जांच करें। साथ ही लाभुकों से भी वार्ता करें कि उन्हें निर्धारित मात्रा में ससमय खाद्यान्न मिलता है अथवा नहीं।

      जिलाधिकारी ने कहा कि जन वितरण प्रणाली दुकानों की जांच करने के लिए जिलास्तरीय टीम का भी गठन किया जा रहा है, जो जिले के सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों की औचक जांच करेगी और गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी।

     उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि कुछेक जविप्र दुकानदार गड़बड़ी कर रहे हैं। गड़बड़ी करने में नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं। सभी आपूर्ति निरीक्षक क्षेत्रान्तर्गत ऐसे डीलरों को चिन्हित कर दो दिनों के अंदर रिपोर्ट समर्पित करें ताकि उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके।

      जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि मृत/पलायन/विवाहित लड़की/अपात्र परिवारों का राशन कार्ड से नाम हटाने/रद्द करने की कार्रवाई अविलंब पूर्ण करा ली जाय। इसके साथ ही आधार सीडिंग का कार्य भी अविलंब शत-प्रतिशत पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाय। डोर स्टेप डिलीवरी की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाय।


आलोक कुमार

सोमवार, 28 अगस्त 2023

4.38 एकड़ भूमि में यह धर्मशाला निर्माण होना है

 गया।  देश विदेश से हर वर्ष लाखों लाख की संख्या में गया जिला आने वाले तीर्थ यात्रियों को ठहरने रुकने एवं आवासन के क्षेत्र में और बेहतर व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गया कोरला हॉस्पिटल ( आई डी एच हॉस्पिटल) में 1180 बेड की क्षमता वाले 4 मंजिला गया जी धाम धर्मशाला भवन बनना प्रस्तावित है। यह धर्मशाला निर्माण कार्य पुल निर्माण निगम विभाग द्वारा करवाया जाएगा। जल्द ही धर्मशाला निर्माण के लिए शिलान्यास करवाया जाएगा।

              उक्त परिपेक्ष में आज जिला पदाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया। बताया गया कि 4.38 एकड़ भूमि में यह धर्मशाला निर्माण होना है।  उन्होंने नगर आयुक्त तथा कार्यपालक अभियंता पुल निर्माण निगम को निर्देश दिया कि विभिन्न जगहों से नाले का पानी का निकास इस रास्ते से होता है, उसका विस्तृत नाला निकासी का डायग्राम तैयार करे, ताकि जलजमाव भी न रहे। उन्होंने नगर निगम के सफाई प्रभारी को निर्देश दिया अस्पताल में यत्र तत्र कूड़ा कचरा को साफ करवाये तथा समतल करवाये। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी सदर को निर्देश दिया कि अस्पताल के इन-डोर एवं बाहरी परिसर में खटाल को हटवाए। अंचल अधिकारी अच्छे तरीके से जमीन का सर्वे करें यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे तुरंत नापी कराकर अतिक्रमण हटाए। उन्होंने कार्यपालक अभियंता आईसीडी को निर्देश दिया कि अस्पताल के आने वाले रास्तों को मोटरेबल बना दें। डीएम ने पूरे परिसर का घूम कर जायजा लिया, सभी एंट्री एवं एग्जिट पॉइंट्स को घूम कर देखा।

              उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि पूर्व के बने क्वार्टर को तेजी से नोटिस निर्गत करते हुए खाली करवाए ताकि उसे डिमोलिश कराया जा सके। अस्पताल परिसर में बने सभी पुराने स्ट्रक्चर को डिमोलिश कर पूरा समतल बनाया जाएगा।

              निरीक्षण में बताया गया कि चार मंजिला 1100 बेड वाला धर्मशाला निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें 212 DORMITORIES में 984 बेड रहेंगे। इसके अलावा 48 कमरे में 96 बेड रहेंगे।

              बताया गया कि ग्राउंड फ्लोर पर 128 बेड रहेंगे। इसके अलावा फर्स्ट फ्लोर, सेकंड फ्लोर एवं थर्ड फ्लोर पर 238 की संख्या में बेड रहेंगे। सभी फ्लोर में महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग पर्याप्त संख्या में टॉयलेट, स्नानागार रहेगा। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर से फोर्थ फ्लोर तक जाने हेतु 10 पैसेंजर के क्षमता वाला लिफ्ट भी रहेगा तथा सीढ़ी का भी निर्माण करवाया जाएगा। इन सबों के अलावा 250 से ऊपर की संख्या में छोटे-बड़े वाहन का पार्किंग भी बनाया जाएगा। सभी फ्लोर में किचन एवं डाइनिंग हॉल भी रहेगा।

               इन सबों के अलावा गया जी धाम धर्मशाला पहुंचने एवं धर्मशाला से मंदिर जाने इत्यादि के लिए इंटरनल रोड का भी निर्माण करवाया जाएगा। पूर्व के जो भी रास्ते हैं उसे समतल एवं जहां चौड़ीकरण की आवश्यकता पड़ेगी वहां पर करवाया जाएगा।

               इसके अलावा जिला पदाधिकारी ने विष्णुपद देवघाट का निरीक्षण किया। उन्होंने पुनः पंडा समाज के पुरोहितो से अपील किया है कि यह गया जी डैम आप सभी गया वासियो का है। डैम के पानी को निर्मल बनाये रखे। पिंड सामग्रियों को डैम में प्रवाहित न करे, जिससे डैम का पानी दुसित हो। पिंड सामग्री को डालने के लिये घाट पर अलग से बड़े आकार का पीट का निर्माण करवाया गया है, जहां यात्री पिंड सामग्री को वहां प्रवाहित कर सकते हैं। पिंड सामग्री को सुरक्षित गौ माता को खिलाया जाएगा।

               घाट पर साफ सफाई, चेंजिंग रूम, टॉयलेट, पियाऊ इत्यादि को तेजी से मरम्मत करवाना सुनिश्चित करें।

               इस अवसर पर नगर आयुक्त गया नगर निगम, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, सिविल सर्जन, वरीय उप समाहर्ता अभिषेक कुमार, पुलिस उपाधीक्षक नगर, कार्यपालक अभियंता पुल निर्माण निगम /पथ निर्माण विभाग, अंचल अधिकारी नगर, डीपीएम स्वास्थ्य सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



आलोक कुमार

संत माग्देलीन संघ

 शाहपुर.विश्व भर में संत मोनिका दिवस मनाया जा रहा है.एक परिवार से दो ‘संत‘ यह अजूबा है.एक परिवार से दो ‘बिशप‘,एक परिवार से दो ‘पुरोहित‘, एक परिवार से दो ‘सिस्टर‘ बने हैं.मालूम हो कि संत अगस्टीन की माँ संत मोनिका है. उसने जीवन की कठिन परिस्थिति में, ईश्वर की इच्छा को स्वीकार करना, सीखने के द्वारा, विश्वास को बनाये रखा. उसकी ताकत प्रार्थना थी.  संत मोनिका के पर्व दिवस पर एक ट्वीट प्रेषित किया गया है.सभी माताओं को संत मोनिका का अनुकरण करने के  लिए प्रोत्साहन दिया.मां मोनिका का 27 अगस्त को और पुत्र संत अगस्टीन का 28 अगस्त को पर्व है.

   संत मोनिका का पर्व मनाने में बक्सर धर्मप्रांत की शाहपुर पल्ली पीछे नहीं रहा.इन दिनों शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा है.उनके नेतृत्व आज संत मोनिका दिवस मनाया.                                                                     

   वास्तव में संत मोनिका निश्चय ही एक दृढ़ महिला थी, वह अपने आचरण से मजबूत थी. वह एक ऐसी महिला थी जो एक पत्नी एवं माता के रूप में समाज में अपनी भूमिका से पूरी तरह वाकिफ थी. वह दृढ़ निश्चयी थी, जीवन दे सकती थी, अपने आस-पास के लोगों को अधिक मानवीय बना सकती थी. उसने इस कार्य को अपने पति एवं बच्चों के द्वारा दिखलाया जो उनके व्यवहार एवं ख्रीस्तीय जीवन में परिलक्षित हुआ.न केवल उसके बेटे अगस्टीन का मन-परिवर्तन हुआ किन्तु उसके दो अन्य बेटों के जीवन में भी परिवर्तन हुआ.

          मोनिका निश्चय ही एक सफल महिला की आदर्श हैं किन्तु उसने भी कई बार गलती की. उसने ईश्वर की इच्छा और योजना पर अधिक ध्यान न देकर अपनी इच्छा अनुसार अपने बेटे अगस्टीन का मन-परिवर्तन चाहा था, पर ईश्वर ने धीरे-धीरे उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें एक आदर्श माँ बनने एवं ईश्वर के समय का सम्मान करना सिखलाया.

शाहपुर पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य उत्सवकर्ता थे. अपने भाषण में उन्होंने संत मोनिका के बारे में बात की.वह जीवन भर ईश्वर के प्रति वफादार रही.जश्न में करीब 300 लोग मौजूद थे.

संत माग्देलीन संघ

इस अवसर पर पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा ने कहा कि शाहपुर चर्च में संत मोनिका का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया गया, इसमें महिलाओं की उपस्थिति तथा भागीदारी सराहनीय थी. मिस्सा के तुरन्त बाद महिलाओं की बैठक हुई, जिसमें सभी महिलाओं की सहमति से संत माग्देलीन संघ की पूनम हेनरी गंज को अध्यक्ष तथा उर्मिला रूद्रनगर को सचिव नियुक्त किया गया.मौके पर चुनाव के समय पल्ली पुरोहित उपस्थित रहे.

उन्होंने कहा कि संत माग्देलीन संघ की अध्यक्ष और सचिव पल्ली में समूह का नेतृत्व करेंगे. वे पल्ली में महिलाओं को प्रेरित और प्रोत्साहित करेंगे.इनका कार्यकाल पांच साल का होगा. 


आलोक कुमार


 

रविवार, 27 अगस्त 2023

स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर हर्षवर्धन मार्चिनो का निधन

  

* नोएडा में स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर हर्षवर्धन मार्चिनो का निधन

* इंस्पेक्टर फरवरी 2023 से ल्यूकेमिया से पीड़ित थे.उन्होंने इलाज के दरम्यान जेपी अस्पताल नोएडा में दम तोड़ा

* सोमवार को पहाड़गंज कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार 3ः30 बजे से होगा

नई दिल्ली. ईसाई समुदाय से किसी उच्च पद पर कार्यरत शख्स का निधन होने से दुख होता है. इसमें स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर हर्षवर्धन मार्चिनो भी शामिल हो गए है.
   इंस्पेक्टर हर्षवर्धन मार्चिनो फरवरी 2023 से ल्यूकेमिया (कैंसर) से पीड़ित थे.उनका इलाज चल ही रहा था.परंतु दवा और दुआ का खास असर नहीं पड़ा.बीमार पड़ने के 6 माह के बाद परलोक चले गए.उन्होंने आज 27 अगस्त को जेपी अस्पताल नोएडा में इलाज के दरम्यान दम तोड़ दिया.वे 55 वर्ष के थे.उनके दो पुत्री हैं.सोमवार 28 अगस्त को पहाड़गंज कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार 3ः30 बजे से होगा.
उनका पिता का नाम लेफ्टिनेंट अरमान मार्चिनो और माता का नाम ग्रेसी मार्चिनो है.उनके 6 संतान है.उनमें एक भी बच्ची नहीं है.इंस्पेक्टर का भाई का नाम विजेता मार्चिनो आरबीआई दिल्ली में एए डीजीएम के पद पर तैनात हैं. रिश्तेदारों में आनंद इग्नासियुस के अलावे अन्य बेतिया और पटना (गर्दनीबाग) में संबंधित रहते हैं.विनीता डि‘क्रुस इंस्पेक्टर का मौसेरा भाई है.

आलोक कुमार


शनिवार, 26 अगस्त 2023

चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हैं बी.बी. पाण्डे : कुणाल

विपरीत परिस्थितियों में भी असीम धैर्य के साथ चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हैं बी.बी. पाण्डे  : कुणाल 



पटना आज भाकपा-माले राज्य कार्यालय, पटना में पार्टी के केंद्रीय कन्ट्रोल कमीशन के चेयरमैन रहे और 'समकालीन लोकयुद्ध' के पूर्व संपादक का. बृज बिहारी पांडे की दूसरी बरसी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. 

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पार्टी राज्य सचिव का. कुणाल ने कहा कि आज जब भाजपा देश की जनता पर नए तरीके से राजनीतिक- सामाजिक-आर्थिक- साँस्कृतिक गुलामी थोप रही है, लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं को ख़त्म कर फासीवादी शासन स्थापित करने की लगातार कोशिशें कर रही हैं;  इस गम्भीर चुनौती से निपटने में का. बी बी. पांडेय हमारे लिए हमेशा प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे. 

उन्होंने विषम से विषम परिस्थितयों का भी असीम धैर्य के साथ सामना किया और राजनीतिक-सामाजिक बदलाव के संघर्ष को जारी रखा. उनका यह विशिष्ट पहलू हमें अथाह ऊर्जा से भर देता है और फासीवाद को हराने का विश्वास पैदा करता है. फासीवाद को मुकम्मल तौर पर पराजित करने के लिए हमें बी.बी. पांडेय की ही तरह धैर्य के साथ लगातार आगे बढ़ते रहने का गुण सीखना चाहिए. 

का. बी. बी. पांडे कानपुर में स्कूली शिक्षा खत्म करने के बाद 1966 में दुर्गापुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने गए थे, तब वियतनाम के मुक्ति संग्राम और नक्सलबाड़ी के किसान विद्रोह का दौर था, जब अधिकांश संवेदनशील छात्रों ने पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में क्रांतिकारी आंदोलन में शामिल होने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दी थी. इसमें का. विनोद मिश्रा, डी.पी. बख्शी और बी.बी. पांडे की मशहूर तिकड़ी ने पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बी.बी. पांडे ने लंबे समय तक 'समकालीन जनमत' और पार्टी के मुखपत्र 'लोकयुद्ध' के संपादक रहने के साथ केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के चैयरमैन की बखूबी जिम्मेदारी आखिरी सांस तक निभाई. 

सभा का संचालन समकालीन लोकयुद्ध के उपसंपादक और बी. बी. पांडे के सहकर्मी रहे का. प्रदीप झा ने किया. समकालीन लोकयुद्ध के संपादक संतोष सहर, पटना महानगर के सचिव अभ्युदय, कमलेश शर्मा, समता राय आदि वक्ताओं ने भी बी. बी. पांडे के संस्मरणों को साझा किया. 

मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राजाराम, विभा गुप्ता, संतलाल, मुर्तजा अली, मनमोहन, कुमार दिव्यम, विनय कुमार, प्रमोद यादव, विश्वमोहन, आशीष कुमार, रिया, रूनझुन सहित अनेक लोग उपस्थित थे.

आलोक कुमार



बदलाव करने में क्या हर्ज है?

 

बदलाव करने में क्या हर्ज है?


केरल.इस समय केरल में बहुत बवाल चल रहा है.धर्माध्यक्ष और पुरोहित अपने वरिष्ठ अधिकारियों की बात नहीं मान रहे हैं.अपने ही बातों पर अडिग है.एर्नाकुलम -अंगमाली धर्मप्रांत में आज भी पुरोहित बेदी के सामने होकर ही  पूजा करते हैं और उस समय पूजा करते समय पुरोहित का पीठ दर्शकों के सामने रहता है. इसमें बदलाव लाने के लिए रोम से सिरो मालकाना चर्च के एक उच्चस्तरीय दल केरल आया था.उक्त उच्च स्तरीय दल विवाद सलटाने का प्रयास करने लगे परंतु उसमें असफल हो गए और वापस रोम चले गए.

  इस समय एर्नाकुलम -अंगामाली धर्मप्रांत के लोग परंपरागत ढंग से ही मिस्सा करने पर अबादा है.ये लोग सिरो मालकाना चर्च से जुड़े हैं.रोम से सिरो मालकाना चर्च के उच्चस्तरीय दल केरल आया था.विवाद सलटाने के समय विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को बुलाना पड़ा.पुलिस ने एर्नाकुलम -अंगामाली धर्मप्रांत के कुछ पुरोहितों को पकड़ कर बाद में छोड़ दिया.

     निर्णय लेनेवाले सर्वोच्च निकाय, धर्माध्यक्षों की धर्मसभा द्वारा अनुमोदित मिस्सा अनुष्ठान की विधि को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं.धर्मसभा- अनुमोदित ख्रीस्तीयाग के अनुसार पवित्र मिस्सा में यूखरिस्त प्रार्थना के दौरान पुरोहितों (अनुष्ठाता) को वेदी की ओर देखना है.इसको लेकर विवाद हो गया है.

 23 अगस्त को सिरो-मालाबार कलीसिया के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘एर्नाकुलम-अंगमाली महाधर्मप्रांत के परमधर्मपीठीय प्रतिनिधि, महाधर्माध्यक्ष सिरिल वासिल, मिशन का पहला दौर पूरा करने के बाद रोम लौट गए.‘

 जी अंग्रेजों के कार्यकाल में मिस्सा करते समय पुरोहित वेदी की ओर मुंह करके पूजा किया करते थे.लोकधर्मी यानी जनता को पुरोहित का पीठ ही देखते थे.इसमें परिवर्तन किया गया.इस परिवर्तन से पुरोहित जनता के सामने मुखातिर होकर मिस्सा करने लगे.अब केरल के पुरोहित और लोकधर्मी चाहते हैं कि मिस्सा के दौरान सभी समय पुरोहित विश्वासियों की ओर मुंह करें.यह 1970 से उनकी परंपरा रही है.

 दूसरी ओर एर्नाकुलम-अंगमाली महाधर्मप्रांत के कुछ पुरोहित एवं विश्वासी, पूर्वी रीति की कलीसिया के  बयान में कहा गया है कि स्लोवाकिया के जेसुइट ‘पोप और पूर्वी रीति की कलीसियाओं के लिए गठित धर्मसंघ के अध्यक्ष को, सिरो-मालाबार धर्मसभा-अनुमोदित मिस्सा-बलिदान के समान तरीके को लागू करने में कठिनाइयों के बारे में अपने आकलन से अवगत कराएंगे.‘

 बता दें कि कलीसिया के सभी 34 धर्मप्रांतों ने धर्मसभा-अनुमोदित मिस्सा विधि को लागू किया है.इसका मतलब पुरोहित विश्वासियों की ओर मुंह करके ही मिस्सा करेंगे.इस विधि को एर्नाकुलम-अंगामाली महाधर्मप्रांत में लागू नहीं किया जा रहा है.सिरो-मालाबार कलीसिया में दशकों पुराने विवाद को निपटाने के लिए नियुक्त वाटिकन प्रतिनिधि, अपनी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की स्थिति बिगड़ने के बाद रोम लौट गये हैं.सिरो-मालाबार कलीसिया के प्रमुख, कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी का धर्मप्रांत, दुनिया भर में कलीसिया के 5 मिलियन काथलिकों के आधे मिलियन अनुयायियों का घर है.

   असंतुष्ट पुरोहितों का कहना है कि महाधर्माध्यक्ष सिरिल वासिल 4 अगस्त को केरल की कलीसिया के पास पहुंचे थे उन्होंने कहा कि उनका काम धर्मसभा-अनुमोदित खीस्तयाग को लागू करना था और किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया.इस बीच 17 अगस्त को धर्माध्यक्ष ने महाधर्मप्रांत के सभी पुरोहितों को 20 अगस्त से धर्मसभा-अनुमोदित सामूहिक प्रार्थना करने का आदेश दिया.उन्होंने उन सभी गिरजाघरों को भी बंद करने का आदेश दिया, जहां विरोध के कारण धर्मसभा-अनुमोदित मिस्सा-बलिदान अर्पित नहीं किया जा सका.महाधर्माध्यक्ष सिरिल वासिल ने उनके आदेश का बचाव करने वाले पुरोहितों को बहिष्कृत करने की भी धमकी दी है.


आलोक कुमार

गुरुवार, 24 अगस्त 2023

जिला के अब तक 23 बच्चों की सर्जरी कर कानपुर में किया गया कॉकलियर इंप्लाट

 *श्रवण श्रुति की मिली मदद, अपने माता—पिता की आवाज सुन सकेगी टेकारी की स्वीटी

*जिला के अब तक 23 बच्चों की सर्जरी कर कानपुर में किया गया कॉकलियर इंप्लाट

*ज़िले के 39 बच्चे को सर्जरी के लिए अंतिम कागजी प्रक्रिया में है, बहुत जल्द ही यह बच्चे भी अपने माता पिता की आवाज सुन सकेंगे

*
कानपुर में टेकारी की स्वीटी का सफलतापूर्वक किया गया सर्जरी

गया.  गया ज़िला के सुदूरवर्ती  क्षेत्र टेकारी की स्वीटी की उम्र 4 साल है. जब वह दो साल की थी तब अक्सर माता—पिता के पुकारे जाने पर वह अपनी प्रतिक्रिया नहीं देती थी. माता पिता को यह लगा कि शायद बच्ची को बोलने में समय लगेगा. इसे लेकर कुछ समय तक तो वे इत्मिनान रहे लेकिन मन में यह बात खटकती रही. उन्होंने महसूस किया कि दूसरे बच्चों की तरह उनकी बच्ची का प्रतिक्रिया नहीं देना  कोई साधारण बात नहीं है. इसे लेकर उन्हें कई अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ा. तब पता चला कि उनकी बच्ची की सुनने की क्षमता प्रभावित है. वह सुन नहीं पाती. स्वीटी का नहीं सुन पाना उसके माता पिता के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बन गया. ना तो इतना पैसा था कि वह इलाज में खर्च कर सकें ना ही किसी बड़े अस्पताल में जाने के संसाधन.

           इस बीच गांव की आशा दीदी ने उनके इस परेशानी को हल कर दिया. आशा दीदी ने स्वीटी के पिता चंद्र दास को यह बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों के कानों की जांच की जाती है और किसी परेशानी होने पर इसका इलाज किया जाता है. उसने बताया कि इसके लिए श्रवण श्रुति कार्यक्रम के तहत कैंप लगाया जाता है. इस जानकारी के बाद चंद्र दास अपनी बच्ची को लेकर टेकारी के मुससी आगनवाड़ी सेंटर पहुंचे और वहां राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिकित्सा दल द्वारा स्क्रीनिंग करवाया गया. फिर बच्ची के कानों की आवश्यक जांच व इलाज की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रारंभ की गयी.  स्वीटी का कानपुर के चिकित्सकों द्वारा स्क्रीनिंग करवाया गया। बेरा टेस्ट करवाया गया तथा स्वीटी को विशेष जांच के लिए कानपुर भेजा गया। परसो यानी 21 अगस्त  2023 को टेकारी की स्वीटी का सफलतापूर्वक सर्जरी करते हुए कॉकलियर इंप्लाट लगाया गया।

       चंद दास बताते हैं कि वह किसान हैं, खेती करके अपने परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं. श्रवण श्रुति की मदद से उन्हें काफी लाभ मिला है. उनका कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह बच्ची की सर्जरी कर सके. इस सर्जरी और इलाज में जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम की विशेष पहल से स्वास्थ्य विभाग की काफी मदद मिली है और सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किये गये हैं. 

   *23 बच्चों को मिली श्रवण श्रुति की मदद

जिला में श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से 23 बच्चों के कानों की सफल सज्ररी की जा चुकी है. इन बच्चों के सर्जरी कर कॉकलियर इंप्लाट किया गया है. अब ये बच्चे अपने मां—बाप आवाजें सुन सकेंगे. सर्जरी के बाद इन बच्चों के माता—पिता के चेहरे पर मुस्कान है. उन्हें अब आशा हैं कि वह अपने बच्चों की बोली सुन सकेंगे. बच्चे अपने मातापिता को प्रतिक्रियाएं दे सकेंगे.

           श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से कानपुर स्थित मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल में इन बच्चों की सर्जरी की गयी. इनमें बोधगया के तीन, शेरघाटी एक, टेकरी 9, बेलागंज 2, इमामगंज तीन, मोहनपुर दो, मानपुर एक, परैया एक, बांके बाजार एक, गुरुआ के एक और वजीरगंज के एक बच्चे शामिल हैं. 

     *स्वस्थ्य भविष्य की जिलाधिकारी ने की कामना

     श्रवण श्रुति कार्यक्रम का अनुश्रवण जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एस एम द्वारा नियमित रूप से सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा करते हैं। साथ ही पहले जितने भी सर्जरी हो चुके हैं उन बच्चों में वर्तमान स्थिति का भी जानकारी लेते हैं।  जिलाधिकारी ने बताया कि श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से ऐसे सभी बच्चे जो सही प्रकार से नहीं सुन पाते या पूरी तरह से बहरापन के शिकार है, उनके सर्जरी और इलाज की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा की जायेगी. उन्होंने सर्जरी हुए बच्चों के स्वस्थ्य भविष्य की कामना करते हुए उनके माता—पिता को बच्चों की नियमित थेरेपी की सलाह दी है. बच्चों के बेहतर खानपान पर भी ध्यान देने के लिए कहा है. 

  *स्क्रीनिंग की संख्या को बढ़ाने का हो रहा काम

        ज़िला पदाधिकारी ने बताया कि जिला एवं प्रखंड स्तर में कैंप लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की संख्या को बढ़ाया जा रहा है. अधिक से अधिक ऐसे बच्चों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है जो बहरापन के शिकार हैं. ऐसे बच्चों के माता​पिता अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक से मिलकर इसके बारे में विस्तार से जानकारी ले सकते हैं. साथ ही जयप्रकाश नारायण अस्पताल में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्व्यक से मिल सकते हैं.

         सिविल सर्जन ने बताया बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद आवश्यक जांच किया जाता है. बहरापन के शिकार बच्चों के ईलाज के लिए पूरी व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग कर रही है।

         ज़िले में अबतक 325877 बच्चे को स्क्रीनिंग किया जा चुका है। 735 बच्चे को बेरा जांच हेतु रेफर किया गया था। 416 बच्चे बेरा जांच पूर्ण की गई, जिसमे 81 बच्चे बेर पॉजिटिव  तथा 335 बच्चे बेरा निगेटिव पाए गए। कुल 23 बच्चे को सफलतापूर्वक कॉकलियर इंप्लाट मशीन लगा दिया गया है। 39 बच्चे को मशीन लगाने के लिए कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है, इन्हें भी जल्द ही कॉकलियर इंप्लाट करवाया जाएगा।


 आलोक कुमार

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