सोमवार, 11 सितंबर 2023

37 लोगों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

 जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

37 लोगों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश


पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में शामिल हुए. ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 37 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए.

         आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी.

           ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में किशनगंज जिले से आयी एक महिला फरियादी ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि मेरे पति जो मदरसा बोर्ड में नौकरी करते थे, उनका निधन होने के बाद अब तक अनुकंपा पर नौकरी नहीं मिल पायी है.वहीं किशनगंज जिले से ही आये एक अन्य फरियादी ने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि मेरे पिताजी का कोरोना के कारण निधन हो गया था लेकिन उनके निधन के बाद मिलने वाली सहायता राशि अब तक परिवार को नहीं मिल पाई है. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

            समस्तीपुर जिले से ही आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविका के नियोजन में अनियमितता बरती जा रही है जिसके कारण मेरा नियोजन नहीं हो पा रहा है. मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. मधेपुरा जिले से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि बेहरारी पंचायत में सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं है जिससे छात्रों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी हो रही है. वहीं हमारे यहां के स्वास्थ्य केंद्र को और बेहतर बनाए जाने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

           जमुई जिले से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि हमारे यहां सरकारी जमीन का कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है. इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. कैमूर जिले से आये एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि मेरा पुत्र गंभीर बीमारी से पीड़ित है मेरी आर्थिक स्थिति दयनीय है. इलाज के लिए मुझे आर्थिक मदद की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

               सीतामढ़ी जिले से आये एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मैंने अपनी बेटी के नाम पर पोस्ट ऑफिस में 85 हजार रुपया जमा किया था. जब पैसा निकालने गया तो वहां के कर्मचारियों ने बताया कि आपके खाते में एक भी पैसा नहीं है. पोस्ट ऑफिस के कर्मियों की मिलीभगत से मेरे पैसे का गबन कर लिया गया है. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

        पटना जिले से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि वर्ष 2010 से वर्ष 2016 तक मुझे विधवा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान हो रहा था लेकिन उसके बाद से विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

         भोजपुर जिले से आयी एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मैंने वर्ष 2019 में स्नातक पास की है लेकिन मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिली है. मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

        जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री श्री चंद्रशेखर, समाज कल्याण मंत्री श्री मदन सहनी, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती अनीता देवी, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री श्री जितेंद्र कुमार राय, विज्ञान एवं प्रावधिकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री जमा खान, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री शाहनवाज, श्रम संसाधन मंत्री श्री सुरेंद्र राम, अनुसुचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री रत्नेश सादा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री आर०एस० भट्ठी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा उपस्थित थे.


आलोक कुमार

रविवार, 10 सितंबर 2023

ईसाई समुदाय की निरंतर वृद्धि की गवाही देता

 



620 दिनों के बाद भी पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप नहीं


पूर्णिया.रोम के द्वारा बड़ा धर्मप्रांत को विभक्त कर छोटा धर्मप्रांत बनाया जाता है.यह ख्याल रखा जाता है कि धर्मप्रांत का बिशप का ताज पहनने वाला व्यक्ति लोकल व लोकल भाषा का जानकार हो.इसके आलोक में संत पिता जॉन XXIII, अपोस्टोलिक बुल द्वारा, "एक्सल्टेट सैंक्टा मेटर एक्लेसिया", ने 8 अगस्त, 1962 को दुमका धर्मप्रांत की स्थापना की थी.

     बता दें कि दुमका धर्मप्रांत बनने के 36 साल बाद पोप जॉन पॉल द्वितीय की घोषणा के माध्यम से 11 अगस्त 1998 को पूर्णिया धर्मप्रांत का जन्म हुआ है.इस समय पूर्णिया धर्मप्रांत बनने का 25 साल हो रहा है.इस चिरस्मरणीय सिल्वर जुबली ईयर काल में पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप ही नहीं है.पूर्णिया धर्मप्रांत को प्रशासक के बल पर चलाया जा रहा है.इस धर्मप्रांत का प्रशासक फादर सहायराज कॉन्स्टेंटाइन है.इससे पहले बिशप एंजेलुस कुजूर, एसजे पदस्थापित थे.अब पूर्णिया के बिशप एमेरिटस हो गए हैं.इस धर्मप्रांत में हिंदी, बंगाली, उर्दू, संथाली और ओराँव भाषाएँ बोली जाती है.

       पोप जॉन पॉल द्वितीय के आदेश के अनुसार पूर्णिया धर्मप्रांत में गंगा नदी के पार, दुमका धर्मप्रांत का उत्तरी भाग शामिल है.बिहार राज्य के चार नागरिक जिले पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया, 15,733 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हैं.धर्मप्रांत की आबादी 63,00,000 से अधिक है, जिनमें से लगभग 21,000 कैथोलिक हैं.कैथोलिक आबादी में बहुसंख्यक संथाल, ओरांव और मुंडा शामिल हैं.

        पटना धर्मप्रांत की स्थापना 1919 में हुई, तो उस समय इसके क्षेत्र में नेपाल के अलावा तत्कालीन मध्य और उत्तरी बिहार के सभी क्षेत्र शामिल थे.जेसुइट मिशनरियों के आगमन और प्रबंधन के साथ, स्थानीय चर्च की संख्या और संस्थागत संरचना दोनों में वृद्धि हुई. उन्होंने कई ईसाई समुदायों की स्थापना की, जिससे नए धर्मप्रांत का निर्माण हुआ.1999 में जब पटना को महाधर्मप्रांत बनाया गया, तब तक उसके चार नए धर्मप्रांतों को जन्म दिया था.भागलपुर (1956), मुजफ्फरपुर (1980), बेतिया (1998) और पूर्णिया (1998).इसके अतिरिक्त, नेपाल को 1983 में एक स्वतंत्र मिशन के रूप में अलग कर दिया गया था.2000 में एक और बक्सर धर्मप्रांत का निर्माण हुआ. बिहार में ईसाई समुदाय की निरंतर वृद्धि की गवाही देता है.


आलोक कुमार

राजगीर के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो का कार्य विवरण

राजगीर के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो का कार्य विवरण


अपने ईश्वर का भजन गाना कितना अच्छा है, उसकी स्तुति करना कितना सुखद है। प्रभु के मंदिर में उसकी स्तुति करो। उसके महिमामय आकाश में उसकी स्तुति करो। उसके महान कार्यों के कारण उसकी स्तुति करो। उसके प्रताप के कारण उसकी स्तुति करो। तुरही फूकते हुए वीणा और सितार बजाते हुए, ढोल बजाते और नृत्य करते हुए, हुए, झांझो की ध्वनि पर उसकी स्तुति करो। मधुर स्वर स्वतः सन् 1969 ई० में आरोक्या सामी और रथिना मेरी के कंठो से फूट जब उनके पहिलौते पुत्र जेम्स रोजारियो का उनके घर में जन्म हुआ। ईश्वर की महिमा का सौंदर्य धारण कर इन्होंने आनंदित होकर अपने पुत्र का पालन पोषण किया। 

जब उनके दो पुत्र अलबर्ट राजा और अमल राजा का जन्म हुआ तो उनके कंठो से ये स्वर फूट पड़े - हम कितने सौभागयशाली है, ईश्वर की इच्छा हम पर प्रकट हुई। आकाश जयजयकार करो क्योंकि प्रभु ने यह संपन्न किया। पृथ्वी की गहराईयों से जयघोष करो; पर्वतो, वन और वृक्षों उल्लासित होकर गाओं। 

प्रज्ञा का मूल्य मोतियों से भी बढ़कर और वह किसी वस्तु से अधिक वांछनीय है। ज्ञान परिष्कृत सोना श्रेष्ठतर है। इस ज्ञान की महता को पहचान कर आपके माता-पिता शिक्षा अर्जन के लिए आपको शिक्षण संस्थान भेजा। आपकी प्राथमिक शिक्षा संत जोसेफ स्कूल, मुल्लीपाड़ी पल्ली में शुरू हुई। उसके उपरांत दसवीं कक्षा तक संत मेरिस सेकेंडरी स्कूल, डिंडिगल शिक्षा प्राप्त की। आपकी बारहवीं की शिक्षा संत जोसेफ कॉलेज, बैंगलूर से हुई। शिक्षा के दौरान प्रभु की वाणी यह कहते हुए सुनाई पड़ी - “मैं किसे भेजूँ? हमारा संदेश वाहक कौन होगा?‘और मैंने उत्तर दिया, “मैं प्रस्तुत हूँ, मुझको भेज!” हमारा संदेश वाहक कौन होगा!‘ और मैंने उत्तर दिया, ‘ मैं प्रस्तुत हूं,मुझको भेज!‘ इस तरह आप संत मेरिज सेमिनरी, चकारम में प्रशिक्षण के लिए आये। एक साल के बाद आप गुरूकुल मुजफ्फरपुर गये। दर्शनशास्त्र की पढ़ाई के लिए मॉर्निग स्टार, बैरकपुर गये। तीन साल पुरोहिताई प्रशिक्षण के साथ बी०ए० किये। 

आप कार्यानुभूति के लिए बाढ़ और मनेर भेजे गये। आपके व्यक्तित्व एवं कार्य से वहाँ के लोग जलस्त्रोत के किनारे लगे मजनूँ वृक्षों की तरह, जलाशय के तट पर घास की तरह लह लहा उठें। आपने सभी कार्य प्रभु को अर्पित किया और आपने सफलता हासिल की। 

   ईश्वर का ज्ञान प्राप्त करने में हमारा कल्याण है। संत पौलूस फिलिपियों के पत्र में कहते हैं- “मैं प्रभु ईसा मसीह को जानना सर्वश्रेष्ठ लाभ मानता हूँ और इस ज्ञान की तुलना में हर वस्तु को हानि ही मानता हूँ।‘ ईश्वर के ज्ञान में बढ़ने के ईशशास्त्र की शिक्षा ग्रहण करने के लिए पेपल सेमीनरी, पुना गये। उपयाजक का परिधान धारण करने के बाद मनेर पल्ली उपयाजकीय कार्यों में अपने आपको पूर्ण समर्पित किया और आप ईश्वर की आँख की पुतली बने रहे। उसी स्थान पर ईश्वर ने यह आनंद के तेल से 18/1/1999 को अति माननीय धर्माध्यक्ष बेनेडिक्ट के कर कमलों द्वारा अभिषेक किया ताकि आप अपने लोगों से पापों का प्रायश्चित कर सके और ईश्वर संबंधी बातो में मनुष्यों का प्रतिनिधि बन कर भेंट और पापों के प्रायश्चित की बलि चढ़ा सके। इस तरह मेलकिसदेक के सदृश जो वंश परम्परा पर आधारित किसी नियम के अनुसार नहीं, बल्कि अविनाशी जीवन के सामर्थ्य से पुरोहित का गौरवपूर्ण धारण किया। 

   याजक के रूप में कुछ महीने कार्य करने के बाद आपको विद्वता, समझदारी, कर्मठता एवं कर्तव्यनिष्ठा को बारीकी से परखने के लिए महाधर्माध्यक्ष बेनेडिक्ट ओस्ता ने अपना पहला सचिव बनाया। सचिव के पद पर सुशोभित आपने बहुत सारे प्रोजेक्ट लिखकर पटना कलीसिया को गौरवपूर्ण सेवा प्रदान की जैसे बख्तियारपुर चर्च का  युवक प्रशिक्षण पाकर नौकरी पाये। तत्पश्चात् यू. पी. एस. सी., बी. पी. एस. सी. और विभिन्न सरकारी नौकरी पाने के लिए मुफ्त कोचिंग सेंटर चलाए। 

    बिहार के पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों का सफल भविष्य बनाने के लिए , कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों का नींव आशादीप मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पूणिर्या, भागलपुर में डी. बी. टेक के माध्यम से किए। 

   अपने बूढ़े माता-पिता की सेवा में कमी न करें । युवाओ के संचालन के समय प्रेरणा के सुपिरियर का पद सहर्ष स्वीकार किया और बुजुर्ग फादरगण की सेवा में कोई कमी नहीं आने दी। उनकी आत्मा को इतना आनंदित कर दिया कि कहीं किसी प्रकार की सिकायत की गुंजाइस नहीं रही।

    आप सन् 2013-2020 तक बिहार शरीफ में पल्ली पुरोहित रहे। पीनहास की भांति यशस्वी व्यक्तित्व वाला व्यक्ति प्रभु के लिए उत्साह का प्रदर्शन किया और अपनी उदारता और साहस से शांति के कार्य करते रहे। आप थके मान्दे को बल देते और आसक्त को संभालते। जवान भले ही थक कर चूर हो जाए और फिसल कर गिर जाते किंतु आप गरूड़ की भांति अपने पंख फैलाये रहते और तेजी से दौड़ते किंतु थकते नहीं, सदा आगे बढ़ते रहते, शिथिल नहीं होते। नई शक्ति से संचार होते रहते। इन सात वर्षों में करीब 1000 व्यवस्क और बच्चों को बपतिस्मा दिये। 

   समय की मांग को देखते हुए अपने पल्ली के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षण में गुणवत्ता लाए। शिक्षकों को शिक्षण के साथ एक महीना का अंग्रेजी का जबरदस्त पाठ्यक्रम बनाकर अंग्रेजी माध्यम स्कूल चलाया ताकि हमारे बच्चे किसी से कम न रहे। गरीब से गरीब घराने के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा का द्वार  खुल गया। बादलों के बीच प्रभात तारे के सदृश, पूर्णिमा सदृश, पूर्णिमा के चन्द्रमा सदृश, महिमामय बादलों के बीच इन्द्रधनुष के सदृश, वसंत के गुलाब के फूल के सदृश, माणियों से जड़े सोने के पात्र के सदृश आप लोगों के दिमाग में बसे रहे। 

       सन् 2020 में सर्वधर्म की कड़ी को एक रूपता देने के लिए आपको विभिन्न धर्माे का संगम स्थल राजगीर स्थानांतरण किया गया। कुछ दिनों के बाद ही वहाँ के लोगा के दिल में बसने लगे। आपकी एक पहचान बन गई। कोई भी व्यक्ति अनजान नहीं मालूम होता । विभिन्न धर्मों की गोष्ठी कराके आप अपनी एक अलग पहचान बना रखी। आपके हृदय स्पंदन से तरंगित होता है-यही प्रभु है, इसी पर भरोसा है। हम उल्लसित होकर आनंद मनाये क्योंकि यह हमें मुक्ति प्रदान करता है। प्रभु मेरा यह भजन तुझे प्रिय लगे, प्रभु तू ही मेरा आनंद हैं।

    ऐसे गरिमामय व्यक्तित्व अमूल्य निधि से मंडित व्यक्तित्व के लिए परमेश्वर का प्रशंसा गान करते हुए आपके मंगलमय, सुखदायी और कल्याणकारी जीवन की कामना करते हैं। धन्य हैं वे जो आपके सान्तिध का रसपान करते हैं।


आलोक कुमार


फल्गु नदी में बहते जल को देखा और अधिकारियों से कई अहम जानकारियां ली

 

गया । गया में बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान) के मुख्य प्रशासनिक भवन एवं बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी (बी0टी0एम0सी0) के कार्यालय के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन किया। सीता कुंड स्थित नवनिर्मित मां सीता पथ का लोकार्पण किया। गयाजी धर्मशाला का शिलान्यास किया। विष्णुपद मंदिर के आसपास पितृपक्ष मेला से संबंधित विभिन्न स्थलों का भी निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इसके साथ ही, भगवान बुद्ध और बोधिवृक्ष की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

   बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए सरकार प्रयासरत है। नीतीश ने शुक्रवार को यहां सीता कुंड पिंड बेदी का दर्शन करने के बाद सीता कुंड के समीप बने मां सीता पथ का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण किया। उन्होंने रबर डैम का अवलोकन भी किया, साथ ही फल्गु नदी में बहते जल को देखा और अधिकारियों से कई अहम जानकारियां ली।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थयात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए उनकी सरकार लगातार प्रयासरत है। जो कुछ काम बच गया है, वह तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है। वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा तीर्थयात्री गयाजी आएं। देश के कोने-कोने से तीर्थ यात्री आते हैं और यहां पिंडदान करते हैं। उन्हें हरसंभव सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए हम लोग लगातार प्रयासरत हैं।

  इस मौके पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री संजय झा, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्थानीय सांसद विजय कुमार मांझी, विधान पार्षद आफाक अहमद, पूर्व विधान पार्षद मनोरमा देवी सहित संबंधित विभाग के कई वरीय अधिकारी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।


आलोक कुमार


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रविवार 10 सितंबर को बाइबिल दिवस मनाया

 


शाहपुर.बक्सर धर्मप्रांत में शाहपुर पल्ली बड़ी पैरिश है.इस पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर है.उन्होंने बताया कि आज रविवार 10 सितंबर को बाइबिल दिवस मनाया गया.

      आज पल्ली पुरोहित फादर भास्कर ने पवित्र मिस्सा अर्पित किए.भक्तों ने बाइबल जुलूस निकाला और पवित्र बाइबल को चुंबन किए.

       मौके पर पल्ली पुरोहित और अनुष्ठानकर्ता फादर भास्कर ने अपने प्रवचन में कहा कि हम लोगों को प्रतिदिन बाइबल पढ़ना चाहिए.इसे जीवन के महत्वपूर्ण कर्तव्य समझ कर अध्ययन करना चाहिए. 

 

उन्होंने कहा कि बाइबल की विषय-सूचि पर नजर डालने से  ज्ञात होगा कि यह एक नहीं वरन् अनेक रचनाओं का संकलन है. रचना-काल भी कई शताब्दियों तक फैला हुआ है.अलग-अलग रचनाकारों की रचनाएं हैं. इसकी मूल भाषा कभी इब्रानी रही तो कभी यूनानी. अर्थात समय, रचनाकार, भाषा - सब अलग. सम्पूर्ण बाइबल में कुल 73 ग्रंथ हैं.पुराने विधान में 46 और नए विधान में 27 ग्रंथ हैं.दूसरे शब्दों में कहें तो 46 पुस्तक येसु ख्रीस्त के जन्म से पहले लिखे गए और 27 पुस्तक उनके जन्म के बाद.73 ग्रंथों को लिखने में 1300 से भी अधिक समय लगा.

       नए व्यवस्थान में चार सुसमाचार - मारकुस, मतियस, लूकस और योहन रचित - प्रभु येसु के जीवन की गाथा है. प्रेरित-चरित की पुस्तक आरंभिक ख्रीस्तीयों के जीवन चरित्र के बारे बताती है. कलीसिया का आरंभिक इतिहास भी कुछ हद तक इसमें मिलता है. संत पौलुस एवं अन्य प्रेरितों के कार्यों का भी इसमें जिक्र है. ख्रीस्तीय समुदायों के नाम लिखे पत्रों में 13 पत्र संत पौलुस के नाम से प्रचलित हैं.दूसरे पत्र अन्य प्रेरितों एवं आरंभिक ख्रीस्तीयों के द्वारा लिखे गए हैं. बाइबल का अंतिम ग्रंथ प्रकाशना ग्रंथ है.यह एक रहस्यमय पुस्तक है.इस किताब की रचना आरंभिक ख्रीस्तीयों को दुःख के समय सांत्वना देने के उद्देश्य से लिखी गई थी.

आगे कहा कि जब आप प्रतिदिन बाइबल पढ़ते हैं तो जो होता है वह आश्चर्यजनक है.आपका जीवन, मन और हृदय बदल जाएगा.आपको खुशी और ख़ुशी पाने के लिए आवश्यक सभी उत्तर मिलेंगे; यीशु के साथ आपकी गहराई और निकटता के माध्यम से आपको अपना उद्देश्य पता चलेगा.

     पवित्र मिस्सा के बीच में पुरोहित परमप्रसाद वितरित किए.सभी भक्तों ने येसु ख्रीस्त का शरीर और रक्त भक्तिभाव से ग्रहण किया.


आलोक कुमार

केवल विशेष लोगों को उपहार में दी जाती है. पदक संख्या 261 थी

 

नई दिल्ली. दिल्ली महाधर्मप्रांत के पुरोहित और धर्मशास्त्री फादर निकोलस डायस हैं.फादर निकोलस डायस को अमेरिकी दूतावास से एक उद्देश्य से फोन आया- अमेरिकी राष्ट्रपति एक निजी प्रार्थना सभा (पवित्र मिस्सा) आयोजित करना चाहते थे.

    Father Nicholas received a call from the American Embassy with a purpose – the American President wanted to organize a private prayer meeting.

    अमेरिकी दूतावास ने दिल्ली के पुरोहित से संपर्क कर शनिवार की सुबह मौर्य शेरेटन होटल में जो बाइडेन के लिए निजी प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए उनकी उपस्थिति का अनुरोध किया था, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ठहरे हुए हैं.शनिवार सुबह करीब 9 बजे होटल में सामूहिक प्रार्थना सभा (पवित्र मिस्सा) हुई.

     एक कट्टर कैथोलिक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन से पहले यीशु मसीह का आशीर्वाद लिया और स्वर्गीय कृपा प्राप्त की.

       अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ एक निजी कमरे में आयोजित निजी प्रार्थना सभा के दौरान कैथोलिकों के एक छोटे प्रतिनिधिमंडल ने भी भाग लिया.

        चूंकि जी20 शिखर सम्मेलन शनिवार को शुरू हुआ, इसलिए जो बिडेन प्रार्थनाओं से भरे दिन की शुरुआत करने के लिए मेगा इवेंट से पहले आध्यात्मिक सहारा लेना चाहते थे.

      राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पवित्र मिस्सा में पवित्र परमप्रसाद भी प्राप्त किया और मध्यस्थता प्रार्थनाओं का भी नेतृत्व किया.उत्सव मनाने वाले और राष्ट्रपति बाइडेन के बीच व्यक्तिगत विश्वास साझा करना इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था.

    राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पुरोहित को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति की एक मुहर उपहार में दी - केवल विशेष लोगों को उपहार में दी जाती है. पदक संख्या 261 थी.

बदले में पुरोहित ने बाइडेन को भारत-पुर्तगाली मूल की गोवा मिठाई BEBINCA उपहार में दी, जिसे गोवा मिठाई की रानी भी कहा जाता है.

पुरोहित ने कहा, ''मेरे पास एक पैकेट था और मैंने आखिरी समय में राष्ट्रपति को उपहार देने का फैसला किया।'' प्रार्थना सभा सुबह 9 बजे से 9.30 बजे के बीच 30 मिनट तक चली.

एक हफ्ता से तैयारी

लगभग एक सप्ताह पहले, दिल्ली महाधर्मप्रांत के धार्मिक अनुष्ठान आयोग के सचिव, फादर निकोलस डायस को अपने इनबॉक्स में एक आश्चर्य प्राप्त हुआ.अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने एक विशेष अनुरोध किया था - नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए एक पवित्र मिस्सा पूजा सेवा.

आलोक कुमार

मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर जेम्स रोजारियो थे

  पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो का पुरोहिताभिषेक का सिल्वर जुबली


राजगीर.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला नालंदा है.यहां पर पटना महाधर्मप्रांत के चार मिशन संचालित है.पहला बिहारशरीफ में सेक्रेड हार्ट चर्च है.1936 में स्थापित है.यहां ईसाइयों की संख्या 3330 है.द्वितीय हिल्सा में संत मदर टेरेसा ऑफ कोलकाता है.1937 में स्थापित है.यहां ईसाइयों की संख्या 200 है.तीसरा हरनौत में संत जोसेफ चर्च है.यह 1966 से स्थापित है.ईसाइयों की संख्या 3010 है.चौथा राजगीर में संत मेरी चर्च है.यह 1993 में स्थापित है.ईसाइयों की संख्या 400 है.यहां के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो हैं.

आज रविवार 10 सितंबर को संत मेरी चर्च में जश्न का माहौल है.आज राजगीर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो (54 वर्ष) का पुरोहिताभिषेक का सिल्वर जुबली मनाया गया.उनका पुरोहिताभिषेक 18 जनवरी,1999 को हुआ था.उनके साथ फादर प्रेम प्रकाश का भी सिल्वर जुबली मनाया गया.उनका पुरोहिताभिषेक 13 अप्रैल,1999 को हुआ था.57 वर्षीय फादर प्रेम प्रकाश बिहारशरीफ में सेक्रेड हार्ट चर्च में पदस्थापित हैं.पटना महाधर्मप्रांत के एक हस्ती के रूप में फादर अमल राज हैं.54 वर्षीय फादर अमल राज का पुरोहिताभिषेक 22 जून,1999 को हुआ था.

इस उत्सवी अनुष्ठान के मुख्य अनुष्ठानकर्ता पटना महाधर्मप्रांत के महामान्यवर महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा थे.परंतु बीमार होने के कारण नहीं आ सके.उनके बदले मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर जेम्स रोजारियो थे.उनके साथ दर्जनों पुरोहित थे.जिसमें मुजफ््रपुर धर्मप्रांत के तिनकोनवा पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर साजी ऑगस्टीन भी शामिल थे.

आलोक कुमार

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