गुरुवार, 4 जनवरी 2024

रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद


रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद 

नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट का आईंद पुरोहिताभिषेक 30 अप्रैल 1984 को

पटना.जब कभी भी बिशप और आर्चबिशप का चुनाव होने वाला होता है,तो स्थानीय लोग स्थानीय पुरोहित को ही बिशप और आर्चबिशप को चुनने पर बल देते है.यह परंपरा पटना धर्मप्रांत के अंतिम अंग्रेज बिशप अगस्टीन बिल्डर मुथ के साथ शुरू हुआ.वह सिलसिला जारी है.

अंग्रेज बिशप के द्वारा पटना धर्मप्रांत के बिशप पद से त्याग पत्र देने के बाद रोम में रहने वाले पोप ने पटना धर्मप्रांत को विभक्त कर दिया.उसके कारण मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत बना.इससे एक साथ दो धरती पुत्र को बिशप बने.पटना धर्मप्रांत के बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता और मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप जौन बापतिस्ट ठाकुर बने.बाद में बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता आर्चबिशप बने.उसके बाद बेतिया धर्मप्रांत,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत और बक्सर धर्मप्रांत के बिशप बनते समय धरती पुत्रों को नजरअंदाज कर दिये गये.उसी तरह आर्चबिशप पद पर भी धरती पुत्रों को हाशिए पर रखा गया.जिसे जारी रखा जा रहा है.

           दूसरी ओर पोप व रोम के धार्मिक अधिकारी सचेत हैं.वे स्वयं ही धरती पुत्र व भाषाई पुरोहितों का चयन कर बिशप व आर्चबिशप बना देते है.इस बार रांची महाधर्मप्रांत में देखने को मिला.रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के सहायक के रूप में 9 साल सेवा करने वाले बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास को डाल्टनगंज का बिशप बना दिया गया.उनको पदोन्नत आर्चबिशप पद न करके बागडोगरा धर्मप्रांत के  बिशप विंसेंट आईंद को रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप घोषित कर दिया गया.

      बता दें कि रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो थे.पोप फ्रांसिस के द्वारा रांची के आर्चबिशप 24 जून, 2018 को नियुक्त किया.6 अगस्त, 2018 को विधिवत आर्चबिशप का कार्यभार संभाल लिए.उनका जन्म 21 नवंबर, 1947 को गुमला धर्मप्रांत के एक पैरिश टोंगो में हुआ था.उनका कार्यकाल 76 साल 9 दिन पर 30 दिसंबर,2023 को समाप्त हो गया.

      उन्होंने 1968 में सोसाइटी ऑफ जीसस में प्रवेश किया और 1982 में उन्हें पुरोहित अभिषेक किया गया.उन्हें 14 जून, 1997 को बिशप घोषित  किया गया और 27 सितंबर, 1997 को बिशष अभिषेक किया गया.इस बीच पोप फ्रांसिस ने जमशेदपुर के बिशप फेलिक्स टोप्पो को रांची का नया आर्चबिशप नियुक्त किया.आर्चबिशप सह कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के उत्तराधिकारी बने.

    बता दें रांची महाधर्मप्रांत के सहायक आर्चबिशप के पद पर बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास 09 साल सेवा किए.वर्ष 2014 में बिशप के पद पर निर्वाचित हुए थे. लंबे समय तक बिशप के पद पर अपनी सेवा देने को लेकर ईश्वर को धन्यवाद दिया. बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास मूलतः गोवा के रहने वाले है. जन्म 9 नवंबर 1960 को मुंबई में हुआ था, उन्होंने पिलार धर्मसंघ में जून 1987 में शामिल हुए. पुरोहिताभिषेक 24 अप्रैल 1988 को हुआ.2014 से ही रांची महाधर्मप्रांत के सहायक आर्चबिशप पद पर कार्यरत थियोडोर मस्कारेन्हास को 1 दिसंबर को 2023 में डाल्टनगंज के बिशप बना दिया गया.बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास एसएफएक्स को झारखंड के डाल्टनगंज का बिशप नियुक्त किया गया है.सवाल है कि गोवा के निवासी हैं और लोकल भाषा के ज्ञाता नहीं हैं तो डाल्टनगंज में किस तरह से सांमजस्य बैठा पाएंगे?शांति की महारानी चर्च, मेदिनीनगर के बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास 2021 से प्रेरितिक प्रशासक थे.

      गौरतलब है कि बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास बड़ौदा के बिशप सेबेस्टियाओ मस्कारेन्हास के भाई हैं. इस नवीनतम विकास की उनके गृह गांव और राज्य भर में सराहना की गई है.

   बता दें कि आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के इस्तीफा देने के बाद बागडोगरा धर्मप्रांत के  बिशप विंसेंट आईंद को रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप घोषित कर दिया गया.रांची के नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट आईंद रांची के नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट आईंद संत पापा पोप फ्रांसिस ने किया.

 


30 दिसम्बर को नये धर्माध्यक्षों की घोषणा करते हुए संत पापा फ्रांसिस ने बिशप विंसेंट आईंद को रांची महाधर्मप्रांत का आर्चबिशप नियुक्त किया.वे इस समय बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप हैं. संत पापा ने उनकी नियुक्ति रांची के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी का इस्तीफा स्वीकार करते हुए की है.

             नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट आईंद का जन्म 30 जनवरी 1955 को जलपाईगुड़ी धर्मप्रांत के कलचीनी में हुआ था. उनका पुरोहिताभिषेक 30 अप्रैल 1984 को उसी धर्मप्रांत के लिए हुआ. वे 7 अप्रैल 2015 को बागडोगरा के बिशप नियुक्त हुए थे और उनका धर्माध्यक्षीय अभिषेक 14 जून को सम्पन्न हुआ था.

आलोक कुमार

निर्वाचन कार्य को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

 


निर्वाचन कार्य को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

पीएसई (फोटो सिमिलर इन्ट्री) एवं डीएसई (डेमोग्राफी सिम्लर इन्ट्री) अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य को ससमय करें पूर्ण

जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

बीएलओ एवं अन्य कर्मियों द्वारा किये जा रहे कार्यों की लगातार समीक्षा एवं अनुश्रवण करने का निर्देश

बेतिया।अर्हता तिथि 01.01.2024 के आधार पर निर्वाचक सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिले में किये जा रहे कार्यों का जिला निर्वाचन पदाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में आज पुनः समाहरणालय सभाकक्ष में समीक्षा-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

       पीएसई (फोटो सिमिलर इन्ट्री) एवं डीएसई (डेमोग्राफी सिम्लर इन्ट्री) कार्यों को लक्ष्य के अनुरूप ससमय शत-प्रतिशत निष्पादित कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त द्वारा पीएसई (फोटो सिमिलर इन्ट्री) एवं डीएसई (डेमोग्राफी सिम्लर इन्ट्री) से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गयी।

        इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा नियमित रूप से निर्वाचन कार्यों की समीक्षा की जा रही है। आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराया जा रहा है। जिला स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। 

            उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्परतापूर्वक कार्य करना है। सभी संबंधित अधिकारी इसे अत्यंत ही गंभीरता से लें। बीएलओ एवं अन्य कर्मियों द्वारा किये जा रहे कार्यों की लगातार समीक्षा एवं अनुश्रवण करें। निर्वाचन कार्य में लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ कार्य करते हुए ससमय निर्वाचन कार्यों को सम्पन्न कराना सुनिश्चित किया जाय।

        उन्होंने निर्देश दिया कि पीएसई (फोटो सिम्लर इन्ट्री) एवं डीएसई (डेमोग्राफी सिम्लर इन्ट्री) के फर्स्ट एवं सेकंड फेज अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में ससमय पूर्ण करना है। फर्स्ट फेज अंतर्गत लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत प्राप्त करना है। इसी तरह सेकंड फेज अंतर्गत लक्ष्य को भी निर्धारित समयावधि में मैक्सिमम एचिव करना है।

             उन्होंने कहा कि पीएसई (फोटो सिमिलर इन्ट्री) एवं डीएसई (डेमोग्राफी सिम्लर इन्ट्री) को लेकर यहां प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसी को भी अगर किसी प्रकार का संशय है तो अवगत कराएं, समाधान कराया जायेगा। 

           प्रशिक्षण के दौरान पीएसई, डीएसई विदिन पार्ट विदिन एसी, एक्रॉस पार्ट विदिन एसी फॉर्म 7 एवं 8 आदि के संदर्भ में स्टेप वाइज विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। 

             इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी, श्री लालबहादुर राय, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, श्री यशलोक रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री रजनीकांत प्रवीण, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, एसडीएम, नरकटियागंज, श्री सूर्य कुमार, एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह, नगर निगम आयुक्त, बेतिया, श्री शंभू कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार सहित सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

बुधवार, 3 जनवरी 2024

एकता परिषद के द्वारा श्योपुर जिले में जयसिंह जादोन के नेतृत्व

 सभी मुद्दों पर तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया

सहरिया आदिवासियों के बीच जल,जंगल,जमीन आदि मुद्दों पर शानदार ढंग से कार्य 

श्योपुर.मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव है.इनके राज में अधिकारी संवेदनशील हो गए है.आज श्योपुर जिले के कलेक्टर संजय कुमार सिंह के नाम से ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को दिया गया.ज्ञापन में आदिवासी पंचायतो में भूमि समस्याओं को दर्शाया गया.डिप्टी कलेक्टर संजय जैन ने सभी मुद्दों पर तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया.

     विख्यात गांधीवादी विचारक पी.व्ही.राजगोपाल एकता परिषद का संचालक है.इन दिनों एकता परिषद के द्वारा श्योपुर जिले में जयसिंह जादोन के नेतृत्व में आदिवासी व अति पिछड़ी जनजातियों में सहरिया आदिवासियों के बीच जल,जंगल,जमीन आदि मुद्दों पर शानदार ढंग से कार्य किया जाता है.

       बताया गया कि आज विगत दिनों हुई आदिवासी पंचायतो में भूमि समस्याओं के जो मुद्दे आए थे,उन सभी मुद्दों पर ज्ञापन कलेक्टर श्योपुर के नाम से बनाया गया था.जिसे आज डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को दिया गया.उनसे सभी समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही करने का निवेदन किया गया था. ज्ञापन में कहा गया कि समाधान नहीं होने की स्थिति में आगे आने वाले 2 महीने बाद बड़ा आंदोलन किया जा सकता है.इस कार्यक्रम में लगभग 40 गांव के 500 लोगों ने भाग लिया.

  कहा गया कि श्योपुर जिले में निवासरत सहरिया जनजाति मध्य प्रदेश की पांच अति पिछड़ी जनजातियों में से एक है जो कृषि, वन्य उत्पाद एवं मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है  विगत वर्षों से सहरिया को दबंगों द्वारा उसकी भूमि से बेदखल करने का षड्यंत्र निरंतर जारी है, साथ ही वर्षों से भूमि पर काबिज सहरिया आदिवासी को उसकी भूमि पर मालिकाना हक नहीं दिया गया है.

         इस बाबत श्योपुर जिले के कलेक्टर संजय कुमार सिंह 

निवेदन किया गया है कि 1.जिनके पास काबिज भूमि का पट्टा है उन्हें मौके पर कब्जा दिलाया जाये.2.वन अधिकार के पट्टे भी प्रशासन द्वारा सक्रियता से नहीं दिए जा रहे हैं तथा जांच में लापरवाही बरती जा रही है सहरिया आदिवासी को वर्तमान में कब्जे के अनुसार भूमि प्रदान न करते हुए मनमर्जी से उन्हें एक या दो बीघा का पट्टा प्रदान कर दिया जाता है जो सरासर अन्याय है अतः सहरिया को वर्तमान काबिज भूमि का पट्टा प्रदान किया  जाये.3.सरकार ने सहरिया आदिवासी के हित में पेसा एक्ट लागू किया गया है. पर इस एक्ट का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है.एकता परिषद की मांग है कि सरकार की मंशा के अनुसार पेसा एक्ट   का कड़ाई से पालन किया जाये.

4 .ग्रामों, पंचायत व राज्य में बाहरी व्यक्तियों को दिए पट्टों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाये.5.स्थानीय काबिज भूमिहीनों का सर्वे (जाँच) करवा के तत्काल व्यवस्थापन कर उन्हें उसी भूमि के पट्टे प्रदान किए जाये.6. सरकार शिक्षित सहरिया आदिवासी बेरोजगार लड़के व लडकियों को शासकीय विभागों में पड़े रिक्त पदों को योग्यता अनुसार सीधी भर्ती से भरे जाये.7.श्योपुर जिले के हर गाँव में सहरिया आदिवासी बस्तियों में बिक रही अवैध शराब को बंद किया जाये. 8. ग्राम सलापुरा शासकीय भूमि सर्वे क्र.213,214 निस्तार तलाई को आबादी  घोषित करने बाबत.9.श्योपुर जिले में स्कूल व आंगनबाड़ी  विहीन सहरिया बस्तियों में नवीन स्कूल व आंगनबाड़ी भवन  खोलने बाबत.10.ग्राम कुशवानी पंचायत पूरा में बिजली व्यव्स्था स्थापित करने बाबत.

      आपसे निवेदन है कि एक अभियान चलाकर सहरिया आदिवासियों की भूमि से संबंधित समस्याओं का निराकरण कराया जाये ताकि अत्यंत पिछड़ी सहरिया जनजाति को शासन की मंशा के अनुसार उसका हक मिल सके.

     ज्ञापन पर एकता परिषद जिला श्योपुर मध्य प्रदेश जयसिंह जादोन सह प्रबन्धक एमजीएसए, गंगाराम आदिवासी अध्यक्ष एकता परिषद, रामनाथ चौहान अध्यक्ष 84 पंचायत, छोटेलाल सेमरिया सुरज्यानेता,रामकुमार वगलदा, रामदयाल   प्रताप, श्यामलाल, श्रवण, घनश्याम,हरबिलाश, जगदीश, सलमान्या,खेमराज,राडेप,अजय, अकोरिया सहित अनेक सहरिया आदिवासी महिला पुरुषों ने भाग लिया.

 

आलोक कुमार

अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग गठित


 

अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग गठित 

अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग की  रिपोर्ट 2024 में ही

पटना.देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास का नारा दे रखा है.उसके विपरित चल अनुच्छेद 331 के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्यों को नामित करने के प्रावधान पर कैंची चला दिया.उसके बाद धर्म परिवर्तन कर लेने वाले अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग गठित कर दिया है.

          बता दें कि एंग्लो इंडियन भारत का अकेला समुदाय हैं जिनका अपना प्रतिनिधि संसद और राज्यों की विधानसभा में मनोनीत करके भेजा जाता था.यह संविधान में व्यवस्था की गयी कि अगर कुल 543 सीटों में एंग्लो इंडियन समुदाय का कोई भी सदस्य चुनकर नहीं आता है तो राष्ट्रपति इस समुदाय के दो लोगों को चुनकर लोकसभा में भेज सकता है. राष्ट्रपति द्वारा 2 लोगों के चुने जाने के स्थिति में लोकसभा में 545 सीटें हो जाती.

       अनुच्छेद 331 के तहत राष्ट्रपति लोकसभा में एंग्लो इंडियन समुदाय के दो सदस्य नियुक्त करते थे. इसी प्रकार विधान सभा में अनुच्छेद 333 के तहत राज्यपाल को यह अधिकार था कि (यदि विधानसभा में कोई एंग्लो इंडियन चुनाव नहीं जीता है) वह 1 एंग्लो इंडियन को सदन में चुनकर भेज सकता था.

          विपक्ष ने जब इस प्रस्ताव का विरोध किया तब केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर 20 करोड़ अनुसूचित जाति और जनजाति को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि एंग्लो-इंडियन मुद्दे पर बहस करने को अनुसूचित जाति-जनजाति को नजरअंदाज कर रहे हैं.

          रविशंकर प्रसाद ने साथ ही कहा कि भारत में अब 296 एंग्लो-इंडियन ही बचे हुए हैं.कांग्रेस के सांसद हिबी एडेन का कहना है कि केंद्रीय मंत्री का आंकड़ा ग़लत है, इस समय देश में 3,47, 000 एंग्लो-इंडियन हैं.

      लोकसभा में अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण को 10 साल बढ़ाने के लिए जहां संशोधन विधेयक पास करा दिया गया. वहीं, इसी के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्यों को नामित करने के प्रावधान को खत्म करने का विधेयक को पारित कर दिया गया.

      इस तरह बीते 70 सालों से अनुसूचित जाति और जनजातियों को जहां आरक्षण मिलता रहा है. वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय के लोगों को भी संसद और राज्य की विधानसभाओं में नामित किया जाता रहा है. यह प्रावधान 25 जनवरी 2020 तक था जिसे अब नरेंद्र मोदी सरकार ने समाप्त करने का फ़ैसला लिया.

      एंग्लो इंडियन समुदाय पर कैंची चलाने के बाद धर्म परिवर्तन कर लेने वाले अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग गठित कर दिया गया है.वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने डी लिस्टिंग की मांग को देखते हुए ‘ऐतिहासिक‘ तौर पर अनुसूचित जाति (एससी) से संबंधित होने का दावा करने वाले और बाद में उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया है, उनके पात्रता की जांच करने के लिए एक आयोग बनाया है. इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस कोनकुप्पकतिल गोपिनाथन बालाकृष्णन (केजी बालाकृष्णन) कर रहें है, जो सुप्रीम कोर्ट में पहले दलित चीफ जस्टिस थे. यह आयोग समय-समय पर एससी कैटेगरी में नए लोगों को शामिल करने के लिए जारी प्रेसिडेंशियल ऑर्डर की जांच करेगा.

      बता दें कि जब भारत के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन थे,तब मंडल आयोग  मामले सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिखे.उन्होंने पांच न्यायाधीशों की पीठ का नेतृत्व किया और मंडल आयोग द्वारा दिए गए कार्यालय आदेश पर एक स्वतंत्र राय दी. आदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए शैक्षणिक संस्थानों में 27% आरक्षण का प्रावधान किया गया.केजी बालाकृष्णन ने आरक्षण को बरकरार रखा और कहा कि सामाजिक और आर्थिक समानता लाने के लिए यह आवश्यक था.उन्होंने जोर देकर कहा कि यह "क्रीमी लेयर" के लिए नहीं है और केवल वे लोग ही इसका लाभ उठा सकते हैं जिन्हें इसकी आवश्यकता है.

        अब अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग के अध्यक्ष की हैसियत है.उक्त सूची में अनुसूचित जनजातियों को अनुसूचित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा संविधान के अनुरूप दिया गया है.संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत जारी प्रेसिडेंशियल ऑर्डर के तहत धर्म परिवर्तन करने वालों को भी पुरानी जाति के तहत आरक्षण का लाभ मिल सकता है या नहीं. (1) राष्ट्रपति , किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में और जहां राज्य है वहां उसके राज्यपाल से परामर्श करने के पश्चात् लोक अधिसूचना द्वारा, उन जातियों, मूलवंशों या जनजातियों, अथवा जातियों, मूलवंशों या जनजातियों के भागों या उनमें के यूथों को विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिन्हें इस संविधान के प्रयोजनों के लिए यथास्थिति उस राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में अनुसूचित जातियां समझा जाएगा.

 (2) संसद, विधि द्वारा, किसी जाति, मूल वंश या जनजाति को अथवा जाति, मूल वंश या जनजाति के भाग या उसमें के यूथ को खंड (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना में विनिर्दिष्ट अनुसूचित जातियों की सूची में सम्मिलित कर सकेगी या उसमें से अपवर्जित कर सकेगी, किन्तु जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय उक्त खंड के अधीन निकाली गई अधिसूचना में किसी पश्चात्वर्ती अधिसूचना द्वारा परिवर्तन नहीं किया जाएगा.

       इस आयोग में पूर्व चीफ जस्टिस कोनकुप्पकतिल गोपिनाथन बालाकृष्णन (केजी बालाकृष्णन) के साथ ही रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार जैन और यूसीजी मेंबर प्रोफेसर सुषमा यादव को शामिल किया गया है. ये आयोग 2 वर्षो (वर्ष 2024 में) में अपना रिपोर्ट देगी.

 

आलोक कुमार

मीडिया के लोग उनके साथ चलते थे

 मोदी सरकार द्वारा मीडिया का दमन बर्दाश्त के बाहर: डा0 अखिलेश

पुलिस द्वारा देश के जानेमाने पत्रकारों को प्रताड़ित करने का काम पहले से चल रहा है


पटना।जब से मोदी सरकार सत्ता में आयी है एक के बाद एक लोकतंत्र के सभी स्तंभ पर हमला बोल रही है। यह हर विरोधी स्वर को, हर आलोचना को कुचलने का कुत्सित प्रयास में लगी है। मीडिया के खिलाफ अजीब भय का वातावरण पैदा किया जा चुका है। मीडिया से जुड़े लोगों को और खासकर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। न्यूज में देखा कि झारखंड के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार के घर पे ईडी का छापा पड़ा। पुलिस द्वारा देश के जानेमाने पत्रकारों को प्रताड़ित करने का काम पहले से चल रहा है। कांग्र्रेस ये सब बर्दास्त नहीं कर सकती। यह बातें बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने बुधबार को होटल मौर्या में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कही।

                मीडिया पर हो रहे अत्याचार पर धाबा बोलते हुए डा0 सिंह ने कहा कि देश के कई नामचीन पत्रकारों को मोदी सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जाता रहा है। जैसे अजीत अंजुम, रवीस कुमार, पुण्य प्रसून बाजपेयी और अभिसार शर्मा इत्यादि। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति एकदम आपातकाल वाली स्थिति है। आपालकाल के दौरान भी मीडिया अपना संपादकीय विरोध स्वरूप खाली छोड़ दिया करती थी और बाकी पन्नों पर सरकार की आलोचना होती थी। आज आलोचना करो तो ईडी का छापा। आखिर भाजपा को मीडिया से इतना डर क्यों है? एक सवाल बार-बार मन में आता है कि आखिर मोदी जी पिछले 10 सालों में एक भी प्रेस वार्ता क्यों नहीं की। लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की ऐसी दयनीय स्थिति कभी नहीं रही। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके समय में मीडिया के लोग उनके साथ चलते थे। पूरा माहौल बदल गया है।

                     इस प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के जो लोग शामिल रहे वे हैं-कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा, ब्रजेश पाण्डेय, कपिलदेव प्रसाद यादव, राजेश राठौड़, लाल बाबू लाल, आनन्द माधव, डा0 विनोद शर्मा, असित नाथ तिवारी, ज्ञान रंजन।

 

आलोक कुमार

विकास को गति देने में निरंतर सार्थक प्रयास करना

 जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न

विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी जिलाधिकारी द्वारा दी गयी



बेतिया। डॉ0 संजय जायसवाल, माननीय सांसद-सह-अध्यक्ष की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न हुयी।जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा माननीय अध्यक्ष सहित सभी माननीय जनप्रतिनिधिगणों का स्वागत किया गया तथा नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दी गयी। इसके उपरांत माननीय अध्यक्ष को विभिन्न योजनाओं की कार्य प्रगति से अवगत कराया गया। पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से बारी-बारी से विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी जिलाधिकारी द्वारा दी गयी।

       जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के विकास को गति देने में जिला प्रशासन की पूरी टीम निरंतर तत्परतापूर्वक कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों का क्रियान्वयन ससमय कराया जा रहा है। कार्य प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। इस कार्य में माननीय जनप्रतिनिधिगणों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी की सक्रियता एवं संवेदना के साथ समाज के अंतिम पायदान के व्यक्तियों को लाभान्वित करना ही जिला प्रशासन का उदेश्य है। विकास को गति देने में निरंतर सार्थक प्रयास करना है।

        दिशा की बैठक में विगत बैठक की कार्यवाही की सम्पुष्टि के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, एकीकृत बाल विकास परियोजना, बाल संरक्षण एवं सुरक्षा योजना, महिला संरक्षण एवं सुरक्षा योजना, जल जीवन मिशन, डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन योजना), प्रधानमंत्री उज्जवला योजना 2.0, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, सुगम्य भारत अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सांसद आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय, खेलो इंडिया आदि के कार्य प्रगति की समीक्षा माननीय अध्यक्ष द्वारा की गयी।

           समीक्षा के क्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत 385948 लाभुकों को माह नवंबर 2023 तक का भुगतान कर दिया गया है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 8968 परिवारों का उन्मुखीकरण स्वयं सहायता समूहों में किया गया है। अब तक 713 स्वयं सहायता समूह का गठन कर लिया गया है। गठित ग्राम संगठनों की संख्या-31 एवं बैंकों द्वारा वित्त पोषित स्वयं सहायता समूहों की संख्या-3571 है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना अंतर्गत कुल-5454 युवाओं का कौशल विकास किया गया है। इसमें से 2544 का प्लेसमेंट भी कराया गया है।

              बताया गया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से कुल-465 लोगों को दुधारू पशुपालन एवं वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन, घरेलु अगरबत्ती निर्माण हेतु प्रशिक्षित कराया गया है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत 68.36 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली गयी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत बेतिया नगर निगम अंतर्गत 114 योजना को पूर्ण करा लिया गया है। इसी तरह नरकटियागंज में 174, बगहा में 626, चनपटिया में 244 एवं रामनगर में 177 आवास निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है।

मनरेगा अंतर्गत 4331518 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। 75 अमृत सरोवर निर्माण का कार्य प्रारंभ है। सतत जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत जीविका द्वारा चिन्हित 422 परिवारों के लिए पशु शेड निर्माण का कार्य प्रारंभ है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना 2.0 के तहत कुल-536192 बीपीएल धारक परिवारों को लाभान्वित किया गया है।

             इस अवसर पर डॉ0 संजय जायसवाल, माननीय सांसद-सह-अध्यक्ष ने उपस्थित सभी माननीय जनप्रतिनिधिगणों एवं अधिकारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में प्रगति सराहनीय है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत लंबित मामलों को अविलंब निष्पादित किया जाय। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना अंतर्गत लाभुकों को ससमय प्लेसमेंट कराने की व्यवस्था की जाय।

               माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत बनाये जा रहे सभी आवासों पर योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी अवश्य रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत चयनित ग्रामों में योजनाओं का क्रियान्वयन तीव्र गति से कराते हुए ससमय पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाय।

             समीक्षा के क्रम में माननीय अध्यक्ष द्वारा डीपीओ, आइसीडीएस को निर्देश दिया गया कि चनपटिया नगर पंचायत अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन से संबंधित कार्रवाई त्वरित गति से करें। साथ ही अबतक इस दिशा में की गयी कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि आयुष्मान कार्ड योजना से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन सभी माननीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। माननीय अध्यक्ष द्वारा नगर निगम, बेतिया अंतर्गत नल-जल योजना की फंक्शनालिटी की जांच, बेलाटाड़ी में एकलव्य भवन की जांच कराने की बात कही गयी।

              दिशा की बैठक में माननीय सांसद, श्री सुनील कुमार ने सेमरा अस्पताल, सड़क, नरकटियागंज में जिला परिषद की जमीन पर गेस्ट हाउस का निर्माण कराने, थरूहट विकास अभिकरण से संबंधित विषयों से माननीय अध्यक्ष को अवगत कराया गया। इसी तरह माननीय विधायक, श्री विरेन्द्र प्रसाद गुप्ता द्वारा मनरेगा अंतर्गत श्रमिकों को भुगतान, श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने, पंचायत सरकार भवन हेतु स्थल का सीमांकन, बभनौली में विद्यालय भवन निर्माण, श्री नारायण प्रसाद ने मनरेगा योजना अंतर्गत पौधों की देखभाल करने वाले कर्मियों के भुगतान, सरकारी जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराने, खड्डा स्टेडियम निर्माण/जीर्णोद्धार, श्रीमती भागीरथी देवी ने बेलाटाड़ी एकलव्य भवन निर्माण, नरकटियागंज में जिला परिषद की जमीन पर भवन निर्माण, रामनगर में अतिक्रमण, माननीय विधान पार्षद श्री भीष्म सहनी ने साधु, नया स्वास्थ्य उपकेन्द्र का निर्माण, बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में सुचारू अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन, बगहा-01 प्रखंड अंतर्गत वार्ड 15 से वार्ड 35 तक आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन कराने, श्री आफाक अहमद ने अल्पसंख्यक विद्यालय, श्री सौरभ कुमार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत विद्युत कनेक्शन से संबंधित बातों को रखा। साथ ही अन्य माननीय विधान पार्षद सहित अन्य जनप्रतिनिनिधिगणों द्वारा अपनी-अपनी बातों से अध्यक्ष महोदय को अवगत कराया गया।

             उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उपस्थित माननीय अध्यक्ष सहित सभी माननीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को धन्यवाद दिया गया। उप विकास आयुक्त द्वारा माननीय अध्यक्ष महोदय को आश्वस्त किया गया कि दिशा की बैठक में जो भी निर्देश दिए गए हैं, उनका त्वरित गति से अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा।

                        इस अवसर पर माननीय लोकसभा सांसद, श्री सुनील कुमार, माननीय राज्यसभा सांसद, श्री सतीश चन्द्र दूबे, माननीय विधायक श्रीमती भागीरथी देवी, श्री नारायण प्रसाद, श्री उमाकांत सिंह, श्री वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, माननीय विधान पार्षद श्री वीरेन्द्र नारायण यादव, श्री भीष्म साहनी, श्री आफाक अहमद, श्री सौरभ कुमार, माननीय मेयर, नगर निगम, बेतिया, श्रीमती गरिमा देवी सिकारिया, जिले के सभी नगर निकायों के माननीय मुख्य पार्षद, माननीय प्रखंड प्रमुख, अन्य माननीय मुखिया गण सहित जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी, अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आलोक कुमार

मंगलवार, 2 जनवरी 2024

कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से कृषि यंत्रों को भाड़े पर दिया


 जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला कस्टम हायरिंग से संबंधित जिला स्तरीय कार्यपालक समिति की बैठक

नालंदा। इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में आज कृषि विभाग अंतर्गत जिला कस्टम हायरिंग से संबंधित जिला स्तरीय कार्यपालक समिति की बैठक आहुत की गई। कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से कृषि यंत्रों को भाड़े पर दिया जाता है। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा अनुदान का प्रावधान है।

   जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि अभी तक कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 21 आवेदन आये हैं जिनमें से 7 आवेदनों को सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण द्वारा अस्वीकृत किया गया है। जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को सभी 7 अस्वीकृत किये गये आवेदनों की विभागीय प्रावधान के अनुरूप अपने स्तर से जांच करने का निर्देश दिया। सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण किसी भी आवेदन को अस्वीकृत करने के लिये जिला कृषि पदाधिकारी से संचिका में अवश्य रूप से अनुमोदन प्राप्त करेंगे।

  सभी प्राप्त आवेदनों के संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से सभी निर्धारित मापदंडों के आधार पर भौतिक सत्यापन कराना सुनिश्चित करेंगे।

आलोक कुमार


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