सोमवार, 1 जुलाई 2024

स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कयूम अंसारी की 120 वीं जयंती


स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कयूम अंसारी की 120 वीं जयंती 

पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व मंत्री स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कैयूम अंसारी की 120 वीं जयन्ती आज प्रदेश कांग्रेस कमिटी मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी।

इस अवसर पर अब्दुल कैयूम अंसारी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कोषाध्यक्ष निर्मलेंदु वर्मा ने कहा कि स्व0 अंसारी साहेब उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं गरीबों के मशीहा थे। राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में गरीबों के इलाज के लिये कई योजनाएं चलायी। राज्य के बुनकरों के विकास के लिये उन्होंने कई कार्यक्रम चलाये। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल में कांग्रेस कार्यकत्र्ताओं का काफी सम्मान था।

सर्वप्रथम अंसारी साहेब के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमेन राजेश राठौड़, लाल बाबू लाल,ब्रजेश प्रसाद मुंनन, राज किशोर सिंह, उदय शंकर पटेल, आशुतोष शर्मा,प्रदुम्न यादव, राहुल पासवान, मनोज मेहता, सुदय शर्मा, रमाशंकर पांडे,अब्दुल वाकी एवं अन्य कांग्रेसजनों ने भी अब्दुल कैयूम अन्सारी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धाँजलि अर्पित की।


आलोक कुमार


 

रविवार, 30 जून 2024

जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाएं

 




गया।  भू-सम्पदा  विनियामक प्राधिकरण (रेरा), बिहार के अध्यक्ष श्री विवेक कुमार सिंह ने मगध प्रमंडल के जिलों के जिला एवं म्युनिसिपल  प्रशासन से आग्रह किया है कि वे रेरा अधिनियम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

        “घर /भूखंड खरीदारों के हितों की रक्षा करने के मुख्य उद्देश्य से इस अधिनियम को लागू किया गया था। इसलिए, जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन और अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए जिला एवं म्युनिसिपल प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है,” रेरा बिहार के अध्यक्ष ने शुक्रवार को यहां रेरा बिहार द्वारा आयोजित एक संवेदीकरण-सह-उन्मुखीकरण  कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा।

          कार्यक्रम में रेरा बिहार के  सदस्य श्रीमती नुपुर बनर्जी एवं  श्री एस.डी. झा, मगध प्रमंडलीय आयुक्त श्री मयंक वरवड़े, गया के जिला पदाधिकारी  श्री त्यागराजन एस.एम., जहानाबाद डीएम सुश्री अलंकृता पांडे, औरंगाबाद डीएम श्री श्रीकांत शास्त्री, नवादा डीएम श्री आशुतोष कुमार वर्मा, अरवल के उप विकास आयुक्त श्री रवींद्र कुमार और गया के जिला अवर निबंधक श्री राकेश सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम में गया नगर निगम और गया प्लानिंग एरिया, बोधगया नगर परिषद, जहानाबाद नगर परिषद, औरंगाबाद नगर परिषद, नवादा नगर परिषद, अरवल नगर परिषद, शेरघाटी नगर परिषद, टेकारी नगर परिषद, वारसलीगंज नगर परिषद, हिसुआ नगर परिषद और दाउदनगर नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में क्रेडाई बिहार और बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।

                  रेरा बिहार की एक टीम द्वारा एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें प्रतिभागियों को रेरा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और रेरा बिहार के मुख्य कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद, प्रस्तुति में उन बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया, जिनके लिए जिला प्रशासन अधिनियम के प्रावधानों का पालन किए बिना रियल एस्टेट परियोजनाओं को लागू करने वाले प्रमोटरों से लोगों की रक्षा  करके अधिनियम को अपनी वास्तविक भावना में लागू करने में बहुत प्रभावी भूमिका निभा सकता है। प्रस्तुति ने 2022 में संशोधित बिहार बिल्डिंग बायलॉज, 2014 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

                  रेरा के अध्यक्ष ने कहा, कार्यशाला आयोजित करने का उद्देश्य एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां रेरा बिहार जिला और नगरपालिका प्रशासन को रेरा अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में बता सके और साथ ही अधिनियम के प्रावधानों को जमीन पर लागू करने और डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित कर सके। और कहा कि आने वाले महीनों में राज्य के सभी प्रमंडल मुख्यालयों में ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

               इस अवसर पर बोलते हुए रेरा बिहार की सदस्य श्रीमती नूपुर बनर्जी ने प्राधिकरण के साथ अपनी परियोजनाओं को निबंधित  करने के लिए प्रमोटरों द्वारा अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से आवेदनों के त्वरित निपटान के लिए भी आग्रह किया।

                      रेरा बिहार के सदस्य श्री एस.डी. झा ने कहा कि प्राधिकरण एक ऐसा मंच उपलब्ध करा रहा है, जिसके माध्यम से घरध्भूखंड खरीदार अपनी शिकायतों का निवारण करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा आदेश जारी होने के बाद भी घर भूखंड खरीदारों का पैसा वापस नहीं करने वाले डिफॉल्टरों पर प्राधिकरण द्वारा लगाए गए जुर्माने की वसूली में जिला प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

                  इस आयोजन के लिए रेरा बिहार के प्रयास की सराहना करते हुए मगध प्रमंडल के आयुक्त श्री मयंक वरवड़े ने कहा कि इस आयोजन से जिला एवं नगर प्रशासन को अधिनियम के मुख्य प्रावधानों को समझने का बहुत अच्छा अवसर मिला है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मगध प्रमंडल के सभी जिलों - गया, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद एवं नवादा - को ऐसे कदम उठाने के निर्देश जारी किए जाएंगे, जिससे अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। गया, जहानाबाद, नवादा एवं औरंगाबाद के जिलाधिकारियों तथा अरवल के डीडीसी ने भी इसी प्रकार के विचार व्यक्त किए तथा रेरा बिहार से समय-समय पर विशिष्ट जानकारी साझा करने का आग्रह किया, ताकि जिला प्रशासन डिफॉल्टरों को सजा दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठा सके।

               प्रमोटरों से संबंधित मुद्दों को उठाते हुए बीएआई के अध्यक्ष श्री मणिकांत और क्रेडाई बिहार के अध्यक्ष श्री भवेश कुमार ने कहा कि डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार काम करने वालों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना चाहिए ताकि बिहार में रियल एस्टेट सेक्टर का विकास हो सके।

               अपने समापन भाषण में रेरा बिहार के अध्यक्ष ने कहा कि कार्यशाला के दौरान जिला और नगर प्रशासन के अधिकारियों द्वारा उठाए गए सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार किया जाएगा और प्राधिकरण अपनी टीम को जिलों में भेजकर सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए काम करने वालों को घर भूखंड खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिल सके।

 इस सत्र के बाद, रेरा बिहार के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ-साथ इसके वरिष्ठ अधिकारियों ने एक और इंटरैक्टिव सत्र में भाग लिया, जिसमें रियल एस्टेट क्षेत्र के हितधारकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को रेरा में निबंधन करने की प्रक्रिया इवन  निबंधित  परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद एक प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें रेरा बिहार के अध्यक्ष, सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रमोटरों और अन्य हितधारकों की शंकाओं का समाधान किया गया।


आलोक कुमार

शनिवार, 29 जून 2024

स्वतंत्रता सेनानी स्व0 मुंगेरी लाल जी की 23 पुण्यतिथि

 पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, स्वतंत्रता सेनानी स्व0 मुंगेरी लाल जी की 23 पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में मनाई गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।

इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे। राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने दलितों के विकास की कई योजनाएँ चलायीं। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो रिपोर्ट पेश की उसी के आधार पर आज तक बिहार में पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के लिये आरक्षण की व्यवस्था है।

     मुंगेरी लाल की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस पार्टी की ओर से स्वास्थ्य शिविर का आयोजित किया , जिसमें डा0 मृत्यंजय कुमार झा एवं डा0 जूही प्रशांत ने स्वास्थ्य शिविर में आये सैकड़ों मरीजो का इलाज किया एवं मुफ्त में दवाईयों का वितरण किया गया।

             इस अवसर पर निर्मल वर्मा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, ब्रजेश पाण्डेय,संजय यादव, राजकिशोर सिंह, शशिकांत तिवारी, प्रदुम्न यादव, उदय शंकर पटेल,रामाशंकर पाण्डेय, सुनील कुमार सिंह,उमेश कुमार राम, विमलेश तिवारी,जन्मोत्री ममता निषाद,मिथिलेश शर्मा मधुकर, विन्धवासिनी आनन्द, राहुल पासवान, निधि पाण्डेय, भूषण कुमार, प्रेरणा,कुमार गौरव,स्मिता कुमारी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 28 जून 2024

निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करें

 


नालंदा। आज 28 जून को श्री शशांक शुभंकर ,जिलाधिकारी, नालंदा की अध्यक्षता में जिला शिक्षा विभाग से संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई ।समीक्षा के क्रम में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों,शिक्षकों एवं कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए ।नामित निरीक्षी पदाधिकारी धर्मी द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे ।

      उन्होंने कहा कि विद्यालयों के नियमित अनुश्रवण का मूल उद्देश्य यह है कि प्रत्येक सरकारी विद्यालय का संचालन निर्धारित मानक के अनुरूप हो रहा है अथवा नहीं ।

यदि विद्यालय संचालन में किसी प्रकार की कमी अथवा कठिनाई है तो अनुश्रवण के माध्यम से उसे ठीक कराया जा सके, ताकि अध्ययनरत बच्चों के लिए विद्यालय में उचित शैक्षणिक वातावरण का निर्माण कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराया जा सके ।

      इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विद्यालय अनुश्रवण व्यवस्था को और प्रभावी एवं सशक्त बनाने की आवश्यकता है, जिसके तहत शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थित आधारभूत संरचना के साथ ही एकेडमिक एक्टिविटी तथा वर्ग कक्षा संचालन इत्यादि का भी सघन अनुश्रवण किया जा सके । इस अनुश्रवण व्यवस्था से जहां एक तरफ विद्यालय में कराए जा रहे हैं विकास कार्य एवं शैक्षिक परिवेश में सुधार परिलक्षित होंगे, वहीं दूसरे तरफ सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावक एवं बच्चों में आकर्षण भी बढ़ेगा।

  आधारभूत संरचना यथा विद्यालय में शिक्षक एवं बच्चों की संख्या के अनुरूप वर्ग कक्षा की उपलब्धता, विद्यालय भवन में रंग रोगन का अवलोकन ध्विद्यालय में निर्माणाधीन असैनिक कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता , विद्यालय में किचन सेड, गैस चूल्हा एवं थाली की उपलब्धता.छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की उपलब्धता,  पेयजल की सुविधा, गुणवत्तापूर्ण बेंच डेस्क की उपलब्धता,  प्रयोगशाला की उपलब्धता,  पुस्तकालय का बच्चों द्वारा नियमित उपयोग करने , आईसीटी लैब की उपलब्धता , विद्यालय परिसर में चहारदीवारी की उपलब्धता, बिजली कनेक्शन एवं मीटर की उपलब्धता , वर्ग कक्षा में पंखा ,ट्यूबलाइट एवं बल्ब की उपलब्धता , खेल मैदान की उपलब्धता , खेल सामग्री की उपलब्धता एवं बच्चों द्वारा उसके उपयोग की स्थिति , सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन  उपलब्धता , विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण की स्थिति , कक्षा वाले विद्यार्थियों का नामांकन एवं वास्तविक स्थिति , प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों  की उपस्थिति, समय सारणी के अनुसार वर्ग कक्ष संचालित हो रहा है या नहीं , विद्यालय में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी  का आयोजन की स्थिति , शारीरिक शिक्षक संगीत शिक्षक, नृत्य शिक्षक ,ललित कला शिक्षक द्वारा उनसे संबंधित गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है या नहीं आदि ।

      जिलाधिकारी महोदय ने शिक्षा विभाग के स्थापना शाखा पदाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी हालत में सेवांत लाभ ध्वेतन आदि लंबित न रखें ।

निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर शिक्षा से जुड़े सभी कार्य ससमय पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे, लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी ,सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सभी अभियंता आदि उपस्थित थे ।


आलोक कुमार

बुधवार, 26 जून 2024

नेता प्रतिपक्ष पद संभालने वाले प्रधानमंत्री या उप प्रधानमंत्री भी बनते है

 नेहरू-गांधी परिवार से नेता प्रतिपक्ष बनने वाले राहुल गांधी तीसरे सदस्य हो गए

नेता प्रतिपक्ष पद संभालने वाले प्रधानमंत्री या उप प्रधानमंत्री भी बनते है

पटना.एक दशक बाद लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुन लिए गए हैं.माता सोनिया गांधी (1999), पिता राजीव गांधी (1989) और पुत्र राहुल गांधी (2024) नेता प्रतिपक्ष बने. जो एक कीर्तिमान है.तीनों ही यूपी से सांसद रहते हुए नेता प्रतिपक्ष चुने गए हैं.

    मंगलवार को देर शाम हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने का फैसला लिया गया. इस तरह राहुल गांधी ने इस बार एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. नेहरू-गांधी परिवार से नेता प्रतिपक्ष बनने वाले राहुल गांधी तीसरे सदस्य हो गए हैं. राहुल गांधी भी अपनी मां की तरह रायबरेली के सांसद रहते हुए यह जिम्मेदारी उठाएंगे. राहुल के पिता राजीव गांधी नेहरू-गांधी परिवार से पहले नेता प्रतिपक्ष बने थे. खास बात यह है कि माता-पिता और पुत्र तीनों ही यूपी से सांसद रहते हुए नेता प्रतिपक्ष चुने गए हैं.लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए किसी दल के पास कम से कम 10% (55 सांसद) होना जरूरी होता है. जो इस बार कांग्रेस के पास है. जबकि 2014 में कांग्रेस के 44 और 2019 में 52 सांसद थे. जिसकी वजह से दोनों बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मजबूत नहीं रहा.

       बताया जाता है कि सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष राम सुभाग सिंह 1969 में चुने गए थे. यशवंत राव चव्हाण 1977 और 1979, सीए.एम. स्टीफन 1978, जगजीवन राम 1979, राजीव गांधी 1989,लालकृष्ण आडवाणी 1990-91 और 2004, अटल बिहारी वाजपेयी 1993 और 1996, पीवी नरसिम्हा राव 1996, शरद पवार 1998, सोनिया गांधी 1999, सुषमा स्वराज 2009 में नेता प्रतिपक्ष चुनी गईं थीं. जबकि 6 बार कोई भी औपचारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष नहीं चुना गया था. वहीं, लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी की रायबरेली से नवनिर्वाचित सांसद राहुल गांधी लोकसभा के 12वें नेता प्रतिपक्ष बन गए हैं.

    नेता प्रतिपक्ष के साथ बाद में राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने.उसी तरह जगजीवन राम और लालकृष्ण आडवाणी उप प्रधानमंत्री बने.अब देखना है कि 12वें नेता प्रतिपक्ष बने राहुल गांधी कब प्रधानमंत्री या उप प्रधानमंत्री बन पाते हैं.

    फिलवक्त नेता प्रतिपक्ष की संवैधानिक पदों पर होने वाली नियुक्तियों में महत्वपूर्ण भूमिका होती है. सतर्कता आयुक्त (CVC), सूचना आयुक्त, और लोकपाल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों की नियुक्ति में नेता प्रतिपक्ष से राय ली जाती है. चयन समितियों में नेता प्रतिपक्ष की उपस्थिति सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करती है. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सेसिल साह ने नेता प्रतिपक्ष बनने पर बधाई दी है.

आलोक कुमार


राहुल के नेतृत्व में देश देखेगा विपक्ष का नया तेवर : डा0 अखिलेश

 राहुल के नेतृत्व में देश देखेगा विपक्ष का नया तेवर : डा0 अखिलेश

पटना। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष
राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने पर बिहार कांग्रेस में खुशी व्याप्त है। मालूम हो कि बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह राहुल को नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने की पहल करने वाले अग्रणी नेताओं में थे और नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने पर खुशी जाहिर की। 

     अपने संदेश में डा0 सिंह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है। इंडिया गठबंधन इस चुनाव के बाद कितना शक्तिशाली बनके उभरी है उसका सारा श्रेय राहुल गांधी को जाता है। राहुल एक बेहद निर्भिक, स्पष्टवादी एवं दूरदर्शी  नेता के रूप में लोकप्रिय रहे हैं। इस लोकसभा चुनाव के बाद यह स्थापित हो गया है कि राहुल की बातों का जनमानस पर कितना गहरा असर होता है। वे राष्ट्रीय नायक के रूप में उभरे हैं। 

     हमें नहीं भूलना चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष एक संवैधानिक पद है इसलिए इसकी एक गरिमा है। अहम सरकारी संस्थानों के सर्वोच्च पदों पर नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री के साथ नेता प्रतिपक्ष की सहमति भी जरूरी होती है। इसलिए राहुल जी जैसे सूझबूझ वाले एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर मौलिक विजन वाले व्यक्ति का इस पद पर रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अहम है। कांग्रेस राहुल के नेतृत्व में एक अलग तेवर के साथ उभरी है और राहुल को नेता प्रतिपक्ष के रूप में पाकर विपक्षी राजनीति का नया कलेवर देखने को मिलेगा। 

    इससे यह तय हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विपक्ष को दबाना नामुमकिन होगा। यह देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए विपक्ष के नेता के रूप में राहुल जी नया मापदण्ड स्थापित करेंगे यह मेरा विश्वास है। प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी को बधाई दी एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।

           राहुल गाँधी को बधाई देनेवालों में कांग्रेस के कई नेता है जिनमें शामिल हैं -डा0 शकील अहमद खान, डा0 मदन मोहन झा, कृपानाथ पाठक, प्रेमचन्द्र मिश्र, डा0 समीर कुमार सिंह, निर्मल वर्मा, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन।


आलोक कुमार

सोमवार, 24 जून 2024

गुरुओं की योग्यता बढ़ाने के लिए दो दिवसीय सेमिनार

 


गुरुओं की  योग्यता बढ़ाने के लिए दो दिवसीय सेमिनार  

उत्तर बिहार के प्रसिद्ध है ख्रीस्त राजा हाई स्कूल. यह के.आर.हाई स्कूल से विख्यात है.भला क्यों न हो!सेंट इग्नेशियस के द्वारा स्थापित जेसुइट के निछावर  पुरोहितों के द्वारा संचालित है.यहां पर पेशेवर अध्यापक सेवारत हैं.इन सेवारत गुरुओं की  योग्यता बढ़ाने के लिए दो दिवसीय सेमिनार रखा गया.इसका संचालक रतनपुरा में स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के फादर फ्रांसिस के द्वारा किया गया.

  पोस्ट ग्रेजुएट टीचर जेम्स माइकल ने बताया कि दो दिवसीय सेमिनार में इग्नेशियन आध्यात्मिकता, इग्नेशियन शिक्षाशास्त्र प्रतिमान (आईपीपी),क्यूरा पर्सोनलिस - मानव व्यक्ति की देखभाल और मैगिस-उत्कृष्टता के लिए प्रयास पर व्यापक चर्चा की गई.

    उन्होंने कहा कि सेवा और सामाजिक न्याय के तहत वैश्विक परिप्रेक्ष्य,आलोचनात्मक सोच और आध्यात्मिक गठन पर बल दिया गया. अंतर विषयक दृष्टिकोण,समुदाय और सहयोग, आजीवन शिक्षा और व्यक्तिगत विकास और नेतृत्व के लिए शिक्षा पर जोर दिया गया.

   मालूम हो कि के.आर.हाई स्कूल के गुरूओं के तपस्या से तप कर मनोज वाजपेयी बॉलीवुड फ़िल्मी जगत के मशहूर अभिनेता है उन्होंने अपनी शिक्षा इसी स्कूल से पूरी की और वे समय-समय पर इस स्कूल के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल भी होते है.

    इसके अलावे हर्ष वर्धन देव जो की बॉलीवुड जगत के प्रसिद्ध अभिनेता है, ने भी अपनी शिक्षा इसी स्कूल से पूरी की है.

    लालमनी जो की ISRO में एक वैज्ञानिक है, जिन्होंने “विक्रम सारा भाई स्पेस सेंटर में PSLV- C34 डिजाईन किया. उन्होंने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी स्कूल से पूरी की है.राहुल नवीन, निदेशक ई.डी. भी 1983 में इसी स्कूल से उत्तीर्ण हुए थे.

आलोक कुमार

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