मंगलवार, 11 अक्टूबर 2022

खड़गे अपने पक्ष में मतदान की अपील करने आए हैं

 पटना.अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे का बिहार के पावन भूमि पर आगमन हुआ.कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे मंगलवार को पटना पहुंचे. पटना एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. पटना एयरपोर्ट से गेस्ट हाउस जाने के बाद खड़गे कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के लिए निकले. जहां उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की. खड़गे अपने पक्ष में मतदान की अपील करने आए हैं.

मल्लिकार्जुन खड़गे से पहले उनके प्रस्तावक व खड़गे के चुनाव प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी सोमवार को पटना पहुंचे. जहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस चुनाव से नेहरू परिवार का कोई रिश्ता नहीं है. कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है. इसी का नतीजा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कांग्रेसजन बैलेट पेपर के आधार पर करेंगे. प्रमोद तिवारी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे के पक्ष में जनसंपर्क करने के लिए पटना पहुंचे हैं.

  यहां पर वे कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस के डेलीगेट्स से मुलाकात किये और अपने पक्ष में वोट की अपील करते नजर आए. इस दौरान बिहार कांग्रेस के सभी डेलीगेट सदाकत आश्रम में मौजूद रहे.

   नए अध्यक्ष प्रत्यासी के आगमन पर उनसे मिलने के लिए, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के तमाम कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच गजब का उमंग सदाकत आश्रम में देखने को मिला.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अनुराग चंदन जी की अध्यक्षता में श्री मल्लिकार्जुन खड़गे साहब का भव्य स्वागत किया गया.उनके साथ ओबीसी मीडिया विभाग के अध्यक्ष डा गौतम कुमार, ओबीसी वरिष्ट कांग्रेसी उदय चंद्रवंशी, महिला नेत्री देविता देवी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

     डेलिगेट्स को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने कहा है कि पहली बार कांग्रेस को ऐसा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार मिला है, जो कि अपनी निजी जीवन में 50 साल से भी ज्यादा कांग्रेस का साथ दिया है और पार्टी नहीं है विभिन्न पदों रहने का मौका भी दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार के जितने भी डेलीगेट्स है उसका वोट शत प्रतिशत मल्लिकार्जुन खड़गे को जाएगा. कांग्रेस के जितने भी डेलिगेट्स सदाकत आश्रम के हॉल में मौजूद थे वह लगातार मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में नारा लगाते नजर आए.

      आपको बता दें कि बिहार में कांग्रेस के 597 डेलिगेट्स है और सभी डेलोगेट्स आज मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा जो सभा की गई थी, उसमे मौजूद रहे. कुल मिलाकर देखे तो मल्लिकार्जुन खड़गे को वोटिंग को लेकर बिहार के कांग्रेस जन काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. आपको बता दें कि मलिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के सच्चे सिपाही के रूप में सेवा की है. यही कारण है कि लगातार उन्हें कांग्रेस ने कोई न कोई पद दिया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता भी बनाया गया है. वह कांग्रेस से ही जुड़े रहे हैं, पार्टी अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहती है.

गौरतलब है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए मलिकार्जुन खड़गे ने नामांकन दाखिल कर लिया है. उनके प्रस्तावकों में बिहार के भी 9 नेता शामिल हैं. प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा सहित बिहार से नौ नेता उनके प्रस्तावक बने हैं. जिनमें कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा भी शामिल रहे. अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी नामांकन किया है. आगामी 17 अक्टूबर को इसके लिए वोटिंग की जाएगी. कांग्रेस में अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी को लेकर काफी उथल-पुथल मचा रहा. राजस्थान में सियासी भूचाल भी आया जिसे जल्द ही शांत कर लिया गया.

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की गई और नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 24 सितंबर से आरम्भ हुई, जो 30 सितंबर तक चलेगी. नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है. एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और परिणाम 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे.बताया कि डेलीगेट्स के पास वोटिंग आईडी होती है, जिसमें क्यूआर कोड भी लगा हुआ है. जैसे भारतीय चुनाव आयोग का वोटिंग कार्ड है, वैसे ही कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी का वोटिंग कार्ड है. इस वोटिंग कार्ड के बिना डेलीगेट चुनाव में वोट नहीं डाल सकते.  

कांग्रेस पदाधिकारी के मुताबिक, कांग्रेस के 9,000 से ज्यादा डेलीगेट्स हैं, उनके कार्ड तैयार हो चुके हैं और जो पीआरओ हैं, वो डेलीगेट्स को कार्ड देंगे. इलेक्टोरल कॉलेज में देशभर के ब्लॉक से डेलीगेट्स आते हैं. हालांकि इस प्रक्रिया को लागू करना बहुत कठिन है. देश के हर ब्लॉक से जाकर कार्यकर्ताओं को मैप करना मुश्किल है.  

गया नगर निगम के पास कुल 7 फॉगिंग मशीन है तथा 06 एंटी लारवा मशीन

 गया. मुख्य सचिव, बिहार श्री आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में सभी जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन तथा नगर आयुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने जिलों में डेंगू एवं चिकनगुनिया से जनजीवन को बचाओ के लिए की गई तैयारियों के संबंध में अवगत हुए.उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्लम एरिया में विशेष ध्यान देते हुए नियमित रूप से फागिंग करवाते रहें.उन्होंने कहा कि यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर पानी का जमाव है तो उसे तुरंत पानी का निकास करें क्योंकि पानी का जमाव रहने से डेंगू काफी तेजी से पनपता है.

 सभी जिला पदाधिकारियों को कहा कि दीपावली तथा छठ पर्व काफी नजदीक है. इसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरतना है.पर्व त्यौहार के साथ साथ लगातार वर्षा भी हो रही है, जिसके कारण स्लम एरिया के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जलजमाव रहने के कारण डेंगू पनपते हैं.

उन्होंने सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अलर्ट मोड में रखें. सभी अस्पतालों में डेंगू से संबंधित सेपरेट बेड रखें ताकि डेंगू के मरीज आने पर उसे तुरंत एडमिट करते हुए समुचित इलाज कराया जा सके.इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी अस्पतालों में भी नियमित रूप से फॉगिंग करावे.

 गया जिले के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम ने बताया कि गया जिले में मेडिकल कॉलेज के साथ साथ जिला अस्पताल में भी डेंगू के जांच के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध है. सभी प्रखंडों में डेंगू के जांच के लिए किट उपलब्ध करा दिया गया है. मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ सभी अस्पतालों में बेड रिजर्व रखे गए हैं. अब तक गया जिले में डेंगू के कुल 29 पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए हैं. डेंगू से संबंधित आए मरीजों के क्षेत्र को चिन्हित करते हुए पूरे परिधि को अच्छे तरीके से फॉगिंग कराया जा रहा है तथा आसपास के घरों के रहने वाले व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में 4-5 एरिया में तेजी से फैल रहा है.वहां पर विशेष रूप से फॉगिंग कराया जा रहा है. इसके साथ ही निगम क्षेत्र में रोस्टर बनाकर तीन पारियों में फॉगिंग की व्यवस्था की गई है. पूर्व वार्ड पार्षदों के साथ फॉगिंग के लिए बनाए गए रोस्टर को देते हुए उनसे मदद ली जा रही है.

 गया नगर निगम के पास कुल 7 फॉगिंग मशीन है तथा 06 एंटी लारवा मशीन है. इसके साथ ही सभी नगर निकायों में पदाधिकारियों को डेंगू से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियां करने का निर्देश दिया जा चुका है. गया जिले में डेंगू संबंधित कोई विशेष समस्या नहीं है. गया जिला को डेंगू से बचाव के लिए पूरी नियंत्रण में रखा जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को अलर्ट मोड में रखा गया है कहीं भी भी कोई डेंगू की घटना आने पर उसे तुरंत रिस्पॉन्ड किया जा रहा है.

     मुख्य सचिव बिहार में नगर आयुक्त गया नगर निगम अभिलाषा शर्मा को निर्देश दिया कि नगर निगम के सभी क्षेत्रों में  फॉगिंग करवाते रहे.  मैन पावर बढ़ाते हुए पर्याप्त टीम बनाते हुए डेंगू से बचाव के लिए व्यापक कार्य कराएं.

 नगर आयुक्त ने बताया कि सात फॉगिंग मशीन के माध्यम से रोस्टर के अनुसार रोटेशन के साथ फॉगिंग कराया जा रहा है.वर्तमान में दो पाली में फॉगिंग किया जा रहा था.कल से 03 पाली में फॉगिंग कराया जाएगा. मुख्य सचिव बिहार ने कहा कि गया में अधिक संख्या में स्लम एरिया के साथ-साथ आबादी भी है इसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्य करते रहें.

     वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में पठन-पाठन कर रहे सभी छात्र छात्राओं को फुल शर्ट एवं फुल पैंट में रहने का निर्देश दिया है.उन्होंने स्कूल के छात्र छात्राओं के साथ साथ गया जिला के लोगों से अपील किया है कि अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा शरीर को ढकने का कार्य करें ताकि मच्छर काट ना सके तथा डेंगू से ज्यादा से ज्यादा बचाव हो सके.

’डेंगू एवं चिकनगुनिया के संबंध में आवश्यक सूचना’.

’डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होती है. यह मच्छर दिन में काटता है एवं स्थिर साफ पानी में पनपता है.’

- ’इन बीमारियों के लक्षण’  

तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द तथा आँखों के पीछे दर्द

 *  त्वचा पर लाल धब्बे / चकत्ते का निशान

* नाक, मसूढ़ों से या उल्टी के साथ रक्त स्राव होना

*  काला पैखाना होना

 उपरोक्त लक्षणों के साथ तेज बुखार से पीड़ित मरीज को अविलम्ब सदर अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाएँ.

       यदि किसी व्यक्ति को पूर्व में डेंगू हो चुका है तो उन्हें अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, वैसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की शंका होने पर तुरन्त ही सरकारी अस्पताल / चिकित्सक से सम्पर्क करें.

* ’डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए निम्न उपाय करें’.

*  दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.

*  मच्छर भगाने वाली दवा / क्रीम का प्रयोग दिन में भी करें.

*  पूरे शरीर को बैंकने वाले कपड़े पहने, घर एवं सभी कमरों को साफ-सुथरा एवं हवादार बनाए रखें.

* टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी./ फ्रिज के पानी निकासी ट्रे, पानी टंकी एवं घर के अंदर एवं अगल-बगल में अन्य जगहों पर पानी न जमने दें.

* अपने आस-पास के जगहों को साफ-सुथरा रखें तथा जमा पानी एवं गदंगी पर कीटनाशी दवाओं का छिड़काव करें.

*  गमला, फूलदान इत्यादि का पानी हर दूसरे दिन बदलें.

*  मॉल दुकानदारों / प्रबंधकों से भी अनुरोध है कि खाली पड़े जगहों में रखे डब्बों / कार्टनों आदि में पानी जमा न होने दें.

*  जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें. ऽ याद रखें हर बुखार डेंगू नहीं है.

*  बीमारी के लक्षण होने पर बिना समय नष्ट किये  अन्य चिकित्सक से सम्पर्क करें.

* डेंगू एवं चिकनगुनिया बुखार की स्थिति में सभी रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है.

*  समय पर उपचार कराने से मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है.

     ’तेज बुखार के उपचार के लिए एस्पिरिन अथवा ब्रुफेन की गोलियां कदापि इस्तेमाल नहीं करें. इसके लिए पेरासिटामोल सुरक्षित दवा है.’

’एम्बुलेंस के लिए टोल फ्री नं० 102 डायल करें.’


आलोक कुमार

रविवार, 9 अक्टूबर 2022

करीब 135 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी को कोई गैर नेहरू-गांधी अध्यक्ष मिलेगा

  


पटना.कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी.इस बार करीब 135 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी को कोई गैर नेहरू-गांधी अध्यक्ष मिलेगा.इस समय कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवार है.नामांकन वापसी के अंतिम दिन 8 अक्तूबर तक नामांकन  वापस नहीं लेने से मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर ही चुनाव मैदान में हैं.उन दोनों के बीच ही अध्यक्ष पद कब्जाने की लड़ाई है.

       कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव अब मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर के बीच ही होगा.शनिवार को यह जानकारी कांग्रेस नेता व निर्वाचन अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री ने दी. उन्होंने बताया कि कल तक हमें 20 फॉर्म मिले थे और वो फॉर्म सही है कि नहीं उसकी जांच आज हमने की थी.20 में से चार फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं.कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हमारे दो उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर ही चुनाव लड़ेंगे.दोनों ने नामांकन वापसी के दिन 8 अक्तूबर तक नामांकन वापस नहीं लिया है.     

  बताया गया कि अगर हमलोग इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो 1947 में देश की आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस के 19 अध्यक्ष हुए हैं.जिसमें सिर्फ 5 अध्यक्ष ही गांधी परिवार से रहे.जिसमें इंदिरा दो बार अध्यक्ष चुनी गई. जबकि 13 अध्यक्षों का गांधी परिवार से दूर-दूर तक नाता नहीं रहा, लेकिन ये भी एक बड़ा सच है कि गांधी परिवार के सदस्यों के पास पार्टी की कमान 37 सालों तक रही है. 

  बताते चले कि 1885 में स्थापना के बाद 87 अध्यक्षों ने कांग्रेस का नेतृत्व किया. इनमें से 19 अध्यक्ष आजादी के बाद के 72 साल में बने. इनमें से 37 साल नेहरू-गांधी परिवार का सदस्य ही पार्टी अध्यक्ष रहा. कभी देश की सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस आज बुरे दौर से गुजरे रही है.28 दिंसबर 1885 में अस्तिव में आई इस पार्टी का काम आज से पहले राहुल गांधी संभल रहे थे.राहुल को पार्टी की जिम्मेदारी 11 दिसंबर 2017 को दी गई थी.राहुल ने पार्टी का नेतृत्व करते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में पार्टी को जीत दिलाई.इस जीत के बाद से न केवल कार्यकर्ताओं में जोश, उमंग, उम्मीदें जागी, बल्कि राहुल का कद राजनीति में पहले से ज्यादा बढ़ गया. विधानसभा की जीत से पहले ये माना जा रहा था कि मोदी-शाह की जोड़ी को मात देना मुश्किल है, लेकिन राहुल ने जीत हासिल कर साबित किया कि देश का मूड कुछ ओर ही है. 

     हालांकि जीत का ये सिलसिला लोकसभा चुनाव 2019 तक बरकरार नहीं रहा. पार्टी ने राहुल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और सिर्फ 52 सीट पर ही जीत हासिल की. खुद राहुल अपनी अमेठी सीट गंवा बैठे.इस हार के बाद राहुल ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया और उस पर कायम रहे. हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे विफल रहे.इस समय     राहुल गांधी की माता सोनिया गांधी अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष हैं.        कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच मुकाबला होगा. कांग्रेस प्रमुख के चुनाव में केवल ये दो ही उम्मीदवार होंगे. केएन त्रिपाठी का नामांकन रद्द हो गया है. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को मतदान होगा और 19 अक्टूबर को मतों की गिनती के बाद उसी दिन नतीजा घोषित किया जाएगा. 

       हाईकमान और टॉप लीडर्स के सपोर्ट से खड़गे का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है. अगर खड़गे अध्यक्ष बनते हैं तो बाबू जगजीवन राम के बाद ये दूसरे दलित अध्यक्ष होंगे. खड़गे दक्षिण भारत (कर्नाटक) से आते हैं और दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. बाबू जगजीवन राम के बाद से अब तक किसी दलित नेता ने पार्टी का नेतृत्व नहीं किया है. वह 1970-71 में कांग्रेस के अध्यक्ष थे. 

     कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे से मुकाबला करने वाले शशि थरूर का कहना हैं कि खड़गे के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस का भला नहीं होगा.वहीं खड़गे के गृह प्रदेश के कांग्रेसी दिल से खड़गे की जीत चाहते हैं.कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं की दलील है कि खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से वहां की कई परेशानियां हल हो जाएंगी. इसके मुताबिक पार्टी की गुटबाजी खत्म होने के साथ-साथ आने वाले विधानसभाओं चुनाव में भी उसे लाभ मिलने की उम्मीद है.

      खड़गे अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो पार्टी को इसका फायदा कल्याण कर्नाटक इलाके के सात पिछड़े जिलों में होगा. कर्नाटक से 9 बार विधायक रह चुके खड़गे का, इस इलाके में खास प्रभाव है.असल में साल 2012 में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान खड़गे के प्रयास से ही यहां पर आर्टिकल 371जे लागू हुआ था.खड़गे उस वक्त केंद्रीय मंत्री थे. इसके चलते इस इलाके को स्पेशल स्टेटस मिला है.इसके तहत कर्नाटक के गवर्नर हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं.इसमें गुलबर्गा, बीदर, रायचूर, कोप्पल, यादगीर और अविभाजित बेल्लारी शामिल हैं.

   बिहार प्रदेश कांग्रेस के सम्मानित अध्यक्ष डा.मदन मोहन झा  ने शशि रंजन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा अधिकृत प्रदेश प्रतिनिधि कार्ड दिए. जिसका इस्तेमाल 17 अक्टूबर 2022 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में बिहार प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी श्री ब्रजेश कुमार पांडेय जी, पटना महानगर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जनाब परवेज अहमद जी, वर्तमान पटना जिलाध्यक्ष श्री शशि रंजन जी को प्रतिनिधि कार्ड दिए.कार्ड प्राप्त करते वक्त शशि रंजन ने कहा कि Indian Youth Congress 2010 का चुनाव याद आ गया. जिसके माध्यम से राजनीतिक जीवन में प्रवेश करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस पटना का पहला निर्वाचित अध्यक्ष चुना गया था. ऐसी लोकतंत्रात्मक राजनैतिक व्यव्स्था सिर्फ कांग्रेस पार्टी में ही संभव है.


आलोक कुमार

शनिवार, 8 अक्टूबर 2022

जेसन रेमंड साह का पहला पवित्र परम प्रसाद (संस्कार) प्राप्त हुआ

 पटना.आज कुर्जी पल्ली में प्रथम परम प्रसाद का जश्न रहा.इस क्षेत्र के विधायक संजीव चौरसिया भी जश्न में शामिल हुए.सामाजिक कार्यकर्ता राजन क्लेमेंट साह और विजेता साह के ज्येठ पुत्र जेसन रेमंड साह का पहला पवित्र परम प्रसाद (संस्कार) प्राप्त हुआ.यह परिवार मगध कॉलोनी, कुर्जी में रहते हैं.रोमन कैथोलिक सेक्रेड हार्ट चर्च में पवित्र मिस्सा पाटलिपुत्र पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर आनंद मार्टिन ने प्रथम परम प्रसाद ग्रहण करने वाले जेसन रेमंड साह को प्रभु येसु ख्रीस्त के शरीर रोटी के रूप में और रक्त दाखरस के रूप में दिया.

परम परम प्रसाद समारोह का रोमन कैथोलिक सेक्रेड हार्ट चर्च में किया गया.इस अवसर पर पवित्र मिस्सा अर्पित करने वाले पाटलिपुत्र पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर आनंद मार्टिन ने कहा कि जेसन रेमंड साह ने अपनी जिंदगी में प्रथम बार कई बार कार्य किये हैं.जन्म लेने के बाद प्रथम बार जेसन ने मां और पापा बोले.स्कूल में प्रथम बार गये.प्रथम बार जेसन ने पापस्वीकार किये.और आज 8 अक्टूबर 2022 को प्रथम बार संसार

के मुक्तिदाता प्रभु येसु ख्रीस्त का शरीर और रक्त को ग्रहण किये.यह एक ऐतिहासिक पल है.इस ऐतिहासिक पल को बनाने में जेसन की मां विजेता साह पल्ली में आकर प्रथम परम प्रसाद दिलवाने के बारे में बातचीत की.फादर आनंद ने कहा कि जेसन और उनकी माता शाम के समय तैयारी करने के लिए आते थे.पूरी तरह धर्म शिक्षा सीखने के बाद ही परम प्रसाद देने की तिथि निर्धारित की गयी.

प्रथम परम प्रसाद समारोह में जेसन रेमंड के परिवार के लोगों में बड़ा पापा सिसिल साह और अन्य लोग शामिल थे.इसके अलावे भारी संख्या में शुभचितंक भी शामिल हुए.


इसके बाद प्रीति भोज आर्च बिशप बी.जे. ओस्ता हॉल, सेंट माइकल हाई स्कूल के सामने कुर्जी चर्च में आयोजित किया गया.इस क्षेत्र के विधायक संजीव चौरसिया, पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया निलेश प्रसाद, अमित कुमार, संजय कुमार, अनूप ,रीना पीटर,शैलेश एंथोनी,मुकेश कुमार,फ्रांसिस जेवियर आदि थे.


आलोक कुमार


आवंटित आवासों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया

 

मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला, प्रखंड  एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण), हर घर नल का जल योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान एवं जल-जीवन हरियाली अभियान योजना से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई.

प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण)

सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के तहत आवंटित आवासों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही लैण्डलेस लाभुकों के लिए जमीन चिन्हित करने एवं माईग्रेेटेड लाभुकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित कर आवास का लाभ देने का निर्देश दिया गया.

हर घर नल का जल योजना


सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जो बसावट नल-जल योजना से वंचित है, प्रस्ताव तैयार कर अधियाचना उपलब्ध कराएं, ताकि विभाग से आवंटन प्राप्त कर शत-प्रतिशत वार्डों में योजना का क्रियान्वयन किया जा सके.साथ ही अनुरक्षण निधि की राशि ग्राम पंचायत के खाते में हस्तांतरित कराते हुए नल-जल योजना की मरम्मति कराने का निर्देश दिया गया.तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के साथ नियमित रूप से समीक्षा कर शत-प्रतिशत योजना को क्रियाशील कराने का निर्देश दिया गया.

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान

इस योजनान्तर्गत एस0एल0डब्लू0एम0 के तहत द्वितीय चरण में चयनित ग्राम पंचायत में डोर-टू-डोर कचड़ा उठाव का कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया. साथ ही क्षेत्र भ्रमण कर सोकपिट  योजना लेने का निर्देश दिया गया.

 जल जीवन हरियाली अभियान

इस योजनान्तर्गत निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कुआं जीर्णोद्धार एवं सोख्ता निर्माण की योजना प्रारंभ कर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, निदेशक, डी0आर0डी0ए0, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कार्यपालक अभियन्ता (मनरेगा), जिला समन्वयक (एस0बी0एम0), सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तकनीकी सहायक ,टीए आदि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ें थें.


आलोक कुमार 

जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया

 मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में डॉ राधाकृष्णन सभागार ,मोतिहारी में जिला सांख्यिकी विभाग के तत्वावधान में वित्तीय वर्ष 2022-23 पंचायत स्तरीय फसल कटनी प्रयोग के संपादन अर्थ,  जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में धान एवं  ईख के क्रॉप कटिंग के लिए जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया.ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित फसल कटनी प्रयोग करने के लिए प्लॉट खेसरा संख्या का चयन, आंकड़े की शुद्धता, ऐप के माध्यम से अपडेट के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई.

जिलाधिकारी महोदय ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि नल जल योजना को गंभीरता से लें. पंचायत के सभी वार्डों में शत प्रतिशत घरों तक नल जल से आच्छादित किया जाए.

स्वच्छ लोहिया बिहार अभियान अंतर्गत सोख्ता निर्माण, कम्युनिटी चैंबर निर्माण, वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हठी लाभार्थी से नोटिस निर्गत कर राशि वसूली करने एवं आवास को  एकरूपता रंग से रंगने का उन्होंने निर्देश दिया.

 अंचलाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि

पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करना सुनिश्चित करें, साथ ही अतिक्रमण वाद का निष्पादन शीघ्रता शीघ्र करें.म्यूटेशन रिजेक्शन की प्रमाणिकता के साथ रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें.निबंधन का कार्य सतर्कता पूर्वक करें.उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कार्य में प्रगति लाएं.

 गंडक नदी  बाढ़ विभीषिका की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पॉलिथीन सीट ,नाव, कम्युनिटी किचन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

 इस अवसर पर अपर समाहर्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला स्थापना शाखा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2022

अच्छे फसल की कामना और खुशी में त्योहार मनाया जाता

 

डाल्टनगंज. रोमन कैथोलिक डाल्टनगंज धर्मप्रांत 7 जुलाई 2016 से  प्रेरितिक प्रशासकों के सहारे चलाया जा रहा है.यहां पर नवाखानी समारोह मनाया गया.इस अवसर पर रोम के भारत में राजदूत नुनसियो आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली का आगमन हुआ.भारत के लिए परमधर्मपीठ का अपोस्टोलिक ननशिएचर एक दूतावास के समान होली सी टू इंडिया का राजनयिक मिशन है.यह 50-सी, नीति मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में स्थित है.13 मार्च 2021 को पोप फ्रांसिस द्वारा आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली को अपोस्टोलिक नुनसियो नामित किया गया था.
नवाखानी त्योहार शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया.कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रोम के भारत में राजदूत नुनसियो आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली थे.उनके साथ रांची महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास एस.एफ.एक्स को डाल्टनगंज धर्मप्रांत का प्रेरितिक प्रशासक भी थे. यह बताया गया कि किसानों द्वारा मनाया जाने वाला मुख्य त्योहार है.इस दिन घर में नए धान के चावल की पूजा-अर्चना कर देवी-देवताओं को भोग लगाया जाता है.उसके बाद अच्छे फसल की कामना और खुशी में त्योहार मनाया जाता है. यह प्रतिवर्ष भाद्रपद महीने के पंचमी तिथि को गणेश चतुर्थी के एक दिन बाद मनाया जाता है. यह दिन हर साल अगस्त-सितंबर के बीच पड़ता है.

रोम के भारत में राजदूत नुनसियो आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली को गांव वाले अपने बीच पाकर काफी खुश हुए और उन्हें अपने साथ नया खिलाकर आदिवासियों का पारंपरिक डांस भी करवाया.
बता दें कि डाल्टनगंज धर्मप्रांत को 7 जुलाई 2016 से  प्रेरितिक प्रशासकों के सहारे चलाया जा रहा है.सबसे पहले हजारीबाग धर्मप्रांत के बिशप आनंद जोजो को डालटनगंज धर्मप्रांत का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया.पांच साल अतिरिक्त कार्यभार संभाला.इसके बाद रांची के सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास को डाल्टनगंज धर्मप्रांत का प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त किया गया है.उनको 8 दिसंबर 2021 से डालटनगंज के धर्मप्रांत के नए प्रेरितिक प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है. रांची महाधर्मप्रांत के अभिन्न अंग है डाल्टनगंज धर्मप्रांत. स्थापना 5 जून 1971 को हुआ.  इसके प्रथम धर्माध्यक्ष बिशप जॉर्ज विक्टर सौपिन,एसजे   थे.5 जून 1971 से 30 नवंबर 1987 तक धर्माध्यक्ष रहे.16 साल धर्माध्यक्ष रहे.उनके बाद बिशप चार्ल्स सोरेंग , एसजे धर्माध्यक्ष बने.23 अक्टूबर 1989  से 1 अप्रैल 1995 तक धर्माध्यक्ष रहे.केवल 6 वर्षों तक धर्माध्यक्ष रहे. डाल्टनगंज के तीसरे बिशप गेब्रियल कुजूर, एसजे थे.3 मार्च 1997 से 7 जुलाई 2016 तक धर्माध्यक्ष रहे.सबसे अधिक 19 वर्षों तक धर्माध्यक्ष रहे. महामहिम पोप फ्रांसिस के द्वारा  डाल्टनगंज धर्मप्रांत के  धर्माध्यक्ष रेव गेब्रियल कुजूर, एस.जे. का इस्तीफा स्वीकार कर लिया.तब हजारीबाग धर्मप्रांत के बिशप आनंद जोजो को डालटनगंज धर्मप्रांत का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. वे 7 जुलाई 2016 से अब तक डाल्टनगंज के प्रेरितिक प्रशासक के रूप में धर्मप्रांत का नेतृत्व किया है.प्रेरितिक राजदूतावास ने भी हजारीबाग के धर्माध्यक्ष आनंद जोजो के प्रति अपना आभार और प्रशंसा व्यक्त की है. इस बीच धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास एस.एफ.एक्स डाल्टनगंज धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त किये गये हैं.रांची महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास एस.एफ.एक्स को डाल्टनगंज धर्मप्रांत का प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त किया गया है. धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेनहास, एस.एफ़.एक्स., को 8 दिसंबर 2021 से डालटनगंज के धर्मप्रांत के नए प्रेरितिक प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है.
 

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