गुरुवार, 11 जनवरी 2024

बिहार कांग्रेस मुख्यालय में चुनाव के संचालन के लिए वार रूम के गठन की घोषणा


लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने किया वार रूम का गठन

कांग्रेस ने लगभग कमर कस ली

पटना। लोकसभा चुनाव का 2024 में होना निश्चित है। इसके आलोक में कांग्रेस ने  वार रूम का गठन किया है। यह सब कवायद लोकसभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए है। कांग्रेस ने लगभग कमर कस ली है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने गुरुवार को बिहार कांग्रेस मुख्यालय में चुनाव के संचालन के लिए वार रूम के गठन की घोषणा की। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्रा को वार रूम का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उनके नाम की घोषणा डा0 सिंह ने की। वार रूम सीधे तौर पर दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय से जुड़ा होगा। वार रूम का गठन आगामी लोकसभा चुनाव से संबंधित कांग्रेस पार्टी के अक्रामक  प्रचार -प्रसार को धार देने की नीयत से किया गया है।

      प्रदेश अध्यक्ष ने सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस वार्त्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व के साथ राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी की उपस्थिति में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी के साथ बैठक में यह तय हुआ था कि वार रूम का गठन किया जाय। इसमें प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश के अलावा विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान भी प्रदेश अध्यक्ष के साथ मौजूद थे।  

        प्रेसवार्त्ता का आयोजन राहुल गांधी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा से संबंधित बुकलेट जारी करने के लिए किया गया था। प्रेसवार्त्ता को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भी सम्बोधित किया एवं मोदी के दस साल के शासन का काला चिट्ठा खोला।

             मीडिया के सवालों का जबाब देते हुए प्रदेश अध्यक्ष डा0 सिंह ने कहा कि इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग पर कोई पेंच नहीं है और वे बातचीत की प्रगति से संतुष्ट हैं। इसके साथ-साथ उन्होंने यह भी साफ किया कि किशनगंज कांग्रेस की सिटिंग सीट है और उसपर कोई विवाद नहीं है। सीट शेयरिंग में हो रही देरी पर मीडिया के सवाल का जबाब देते हुए कहा कि हमें कोई हड़बड़ी नहीं है और भाजपा में भी अभी सीट शेयरिंग नहीं हुआ है।

                प्रेसवार्त्ता में शामिल नेताओं में हैं कांग्रेस विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, पूर्व अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा, पूर्व मंत्री वीणा शाही, विजय शंकर दूबे, प्रेमचन्द्र मिश्रा, विधायक विजेन्द्र चौधरी, विनय वर्मा, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन एवं राज किशोर सिंह इत्यादि।


आलोक कुमार

बुधवार, 10 जनवरी 2024

यात्रा को सफल बनाने के लिए विभाग जल्द प्रदेश की बैठक करेगी

 


पटना .राहुल गांधी जी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा‘बिहार के सात जिलों से होकर गुजरेगी. पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ गौतम कुमार ने यह जानकारी दी है कि इस यात्रा को सफल बनाने के लिए विभाग जल्द प्रदेश की बैठक करेगी.इसके लिए पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग के बिहार प्रभारी राजकिशोर बारीक जी जल्द बिहार आ रहे हैं, जिसमे यात्रा को सफल बनाने की दिशा में विभाग के तरफ से रूप रेखा तय की जाएगी.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर यात्रा शुरू करने वाले हैं. राहुल गांधी अब ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा‘ 14 जनवरी से शुरू करने जा रहे हैं. इस बार राहुल गांधी की यात्रा बिहार भी आएगी. मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की यह यात्रा बिहार के सात जिलों से होकर गुजरेगी. किशनगंज, पूर्णिया, अररिया,भागलपुर,औरंगाबाद,रोहतास और बक्सर.इस दौरान में बिहार में 425 किमी की यात्रा होगी. बिहार में करीब चार दिनों तक राहुल गांधी रुकेंगे. इसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है और इसकी तैयारी में जुट गए हैं.


 राहुल गांधी एक बार फिर यात्रा पर निकलने वाले हैं. 14 जनवरी से शुरू होनी वाली इस यात्रा का नाम  ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा‘   होगा.  यात्रा की शुरुआत मणिपुर की राजधानी इंफाल से होगी. यात्रा के दौरान राहुल गांधी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर अपने विचार जनता के सामने रखेंगे. इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी बिहार भी आएंगे.


 मिली जानकारी के अनुसार राहुल गांधी बिहार में दो बार आएंगे. पहली बार अररिया, पूर्णिया से होते हुए बंगाल निकल जाएंगे. दूसरी बार वो सासाराम होते हुए बिहार में प्रवेश करेंगे. बता दें कि राहुल गांधी भारत जोड़ों न्याय यात्रा के तहत 67 दिनों में 6713 किमी का सफर तय करेंगे. राहुल गांधी की यह यात्रा 15 राज्यों के 110 जिलों से होकर गुजरेगी. इसके साथ ही मुंबई में यह यात्रा समाप्त होगी.


बता दें कि कांग्रेस ने इस यात्रा का नाम बदलकर भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर दिया है. पहले इसका नाम भारत न्याय यात्रा था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसकी घोषणा की. जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस  ' इंडिया ' गठबंधन के नेताओं को इस यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रही है और इसके लिए निमंत्रण भेजे जा रहे हैं. रमेश ने दावा किया कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा राजनीति के लिए उतनी ही परिवर्तनकारी साबित होगी, जितनी कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा हुई थी. वहीं, कांग्रेस की  श्भारत जोड़ो न्याय यात्राश् लोकसभा चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

आलोक कुमार

गुमला धर्मप्रांत के तीसरे बिशप का अभिषेक 12 जनवरी को


गुमला धर्मप्रांत के तीसरे बिशप का अभिषेक 12 जनवरी 2024 को

गुमला धर्मप्रांत में बिशप अभिषेक 12 जनवरी को 09:00 से संत पात्रिक पैरिश मैदान में

गुमला.रांची महाधर्मप्रांत को विभक्त कर गुमला धर्मप्रांत बनाया. तब संत पिता जॉन पॉल द्वितीय ने 28 मई, 1993 को विभक्त गुमला धर्मप्रांत का प्रथम बिशप माइकल मिंज एसजे नियुक्त कर दिया.यहां कैथोलिक आबादी में अनुसूचित जनजातियाँ में शामिल मुख्यतः खरिया, मुंडा, ओराँव और बड़ाइक हैं.बिशप माइकल मिंज 15 नवंबर 2004 तक रहे.         

        गुमला धर्मप्रांत का प्रथम बिशप माइकल मिंज एसजे का जन्म 8 अक्टूबर,1932 में हुआ था.उनका पुरोहित अभिषेक 25 मार्च,1965 में हुआ था.28 मई,1993 में बिशप मनोनीत हुए.उनका 22 अगस्त,1993 को बिशप अभिषेक हुआ.15 नवंबर 2004 में प्रभु के प्यारे हो गये.उस 72 साल 1 माह के थे.एक पुरोहित के रूप में 39 साल 6 माह और एक बिशप के रूप में 11 साल 2 माह सेवा दी.भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले का एक छोटा सा गाँव घोलेंग में बिशप का जन्म हुआ था.

           गुमला धर्मप्रांत का द्वितीय बिशप पॉल अलोइस लकड़ा बने.रोम के पोप बेनेदिक्त 16वें ने 28 जनवरी,2006 को गुमला शहर के नदीटोली निवासी पॉल अलोइस लकड़ा को गुमला धर्मप्रांत का बिशप चुना था.बिशप पॉल का जन्म 11.7.1955 को गुमला में हुआ था. उनका 06 मई 1988 में पुरोहित अभिषेक प्रीस्ट ऑफ रांची के रूप में हुआ.28 मई 1993 में प्रीस्ट ऑफ गुमला बने.28.1.2006 को बिशप मनोनीत किये गये.05 अप्रैल 2006 में बिशप अभिषेक हुआ.झारखंड में गुमला धर्मप्रांत के बिशप पॉल अलोइस लकड़ा  (65) का मंगलवार 15 जून, 2021 को सुबह 1.30 बजे आर्किड मेडिकल सेंटर, रांची में निधन हो गया. तब से बिशप गुमला धर्मप्रांत के एक चरवाहा बनकर 33 साल पुरोहित व 15 साल बिशप के रूप में सेवा दी.  

             गुमला धर्मप्रांत में 39 पल्ली है. इसके अंतर्गत 350 छोटे छोटे चर्च हैं. गुमला धर्मप्रांत के पल्ली के नाम है गुमला, सोसो, टुकूटोली, रामपुर, दलमदी, तुरबुंगा, अघरमा, कोनबीर नवाटोली, केमताटोली, ममरला, केउंदटाड़, छत्तापहाड़, रोशनपुर, लौवाकेरा,सुंदरपुर, देवगांव, करौंदाबेड़ा, मांझाटोली, जोकारी, मुरुमकेला, टोंगो,बारडीह, चौनपुर, मालम नवाटोली, नवाडीह, कटकाही, केड़ेंग, परसा, भिखमपुर, रजावल, कपोडीह, डुमरपाट, डोकापाट, बनारी, विमरला, चिरैयां, जरमना व नवडीहा है.

               गुमला धर्मप्रांत के बिशप पॉल अलोइस लकड़ा का 15 जून, 2021 निधन होने के बाद 15 जून, 2021 से 30 नवंबर 2023 तक प्रशासक के बल पर गुमला धर्मप्रांत चलता रहा. कलीसिया की सेवकाई व संचालन को ध्यान में रखते हुए रांची आर्चडायसिस के उच्चाधिकारियों ने गुमला धर्मप्रांत का नए प्रशासक के रूप में फादर लीनुस पिंगल एक्का को नियुक्त किया है. फादर लीनुस वर्तमान में चांसलर ऑफ द डायसिस के प्रो फादर का जन्म गुमला जिला के बुकमा गांव चैनपुर प्रखंड में 23 सितंबर, 1961 को हुआ था. जबकि पुरोहिताभिषेक 22 जनवरी 1994 को हुआ था.2021 में प्रशासक बने. 30 नवंबर 2023 को गुमला धर्मप्रांत के बिशप मनोनीत हुए.62 साल 1 माह में शानदार अवसर मिला.गुमला शहर के नदीटोली निवासी पॉल अलोइस लकड़ा की तरह गुमला धर्मप्रांत के चौनपुरा पल्ली के निवासी फादर लीनुस पिंगल एक्का है.

   गुमला धर्मप्रांत को 30 साल 7 माह 15 दिनों के बाद धर्मप्रांत के तीसरे बिशप के रूप में फादर लीनुस पिंगल एक्का मिलने वाले है.12 जनवरी 2024, शुक्रवार, 9.00 बजे प्रातः संत पात्रिक पैरिश मैदान, गुमला में बिशप अभिषेक होगा.मुख्य अभिषेककर्ता अति माननीय आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो, एस. जे. राँची महाधर्मप्रांत   है.उनके साथ सह अभिषेककर्ता मान्यवर बिशप विंसेंट बरवा सिमडेगा धर्मप्रांत मान्यवर बिशप आनन्द जोजो हजारीबाग धर्मप्रात होंगे.अति माननीय आर्चबिशप लेयोपोल्दो जिरेल्ली, भारत एवं नेपाल के प्रेरितिक राजदूत के उपस्थिति रहेंगे.तत्पश्चात् स्वागत समारोह तथा प्रीतिभोज का आयोजन है.

    इसमें भाग लेने के लिए बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित भास्कर बोच्चा और   बक्सर पैरिश के फादर अनिल जा रहे हैं.उनके साथ सोहाव पैरिश (वाराणसी) के विक्टर डेनिस जा रहे हैं.


आलोक कुमार


मंगलवार, 9 जनवरी 2024

डॉक्टर अनुपमा के कर्तव्यनिष्ठा से अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों को प्रेरणा लेनी चाहिए

 बगहा व हरनाटांड़ पीएचसी में मरीजों को देख बगहा एसडीएम बनीं डॉक्टर

आला लगा मरीजों का किया इलाज

चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों को दिए कई निर्देश

बगहा । डॉ0 अनुपमा सिंह, आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। कड़ी मेहनत और डेटरमिनेशन की बदौलत डॉ0 अनुपमा सिंह ने एक के बाद एक कीर्तिमान स्थापित करते हुए एमबीबीएस, एमएस के साथ ही अपने पहले ही प्रयास में 2020 में आइएएस ऑफिसर बनी।

   पश्चिम चम्पारण जिले के बगहा अनुमंडल में अनुमंडल पदाधिकारी का कार्यभार संभालने के उपरांत डॉ0 सिंह अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का बखूबी निवर्हन कर रही हैं। जनता की हितों के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उनके कल्याण एवं उत्थान के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। सरकार द्वारा देय विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुगमतापूर्वक कैसे पहुंचे, इस हेतु बेहतर तरीके से कार्य कर रही हैं।

              चाहे विधि-व्यवस्था संधारण, बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य, विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन हो, वे हमेशा तत्पर रहती हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक पदाधिकारी के कर्तव्यों एवं दायित्वों का निवर्हन करते हुए अस्पतालों में मरीजों को इलाज भी स्वयं करती हैं। इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहित एवं निर्देशित भी करती हैं।

                 कई बार ऐसा भी हुआ है कि डॉ0 अनुपमा सिंह अस्पतालों में एक एसडीएम की हैसियत से नहीं बल्कि एक डॉक्टर के रूप में कार्य करने पहुंच जाती हैं। मरीजों के बीच जाती हैं। स्वयं उनकी बीमारी के बारे में जानकारी लेती हैं और इलाज शुरू कर देती हैं। उनके कार्यों को देखते हुए डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के इलाज एवं देखभाल में तत्परता से जुट जाते हैं।

                  आज मंगलवार को एसडीएम पीएचसी बगहा एवं हरनाटांड़ पीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची। वहां पहुंचते ही वे एक अधिकारी के रूप में नहीं बल्कि डॉक्टर के रूप में नजर आयीं। पहले वहां मौजूद कई महिला मरीजों का स्वयं जांच और इलाज भी की। उसके बाद उन्हें संबंधित बीमारियों के लिए दवाईयां भी लिखीं। मरीजों के इलाज के बाद पीएचसी प्रभारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि जब मरीज आएं तो पहले उनके बैठने की उचित व्यवस्था हो। इलाज की बेहतर व्यवस्था हो। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही, कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।  

                  जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने एसडीएम, डॉ0 अनुपमा सिंह द्वारा प्रशासनिक अधिकारी के साथ-साथ एक डॉक्टर के रूप में कार्य करने पर सराहना की है। जिलाधिकारी ने उन्हें ऐसे ही बेहतर तरीके से कार्य करने की शुभकामना भी दी है। उन्होंने कहा कि


डॉक्टर अनुपमा के कर्तव्यनिष्ठा से अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। यह उन्हें देखना चाहिए कि दायित्वों के साथ-साथ मानवीय पहलु भी प्रत्येक अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए भी जरूरी है।


आलोक कुमार

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे

 जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार को मातृ शोक


ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे

पटना.जदयू के मुख्य प्रवक्ता व पूर्व मंत्री बिहार सरकार नीरज कुमार के माता स्व0 सुधा सिन्हाजी के निधन हो गया है.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि स्व0 सुधा सिन्हा धर्म परायण महिला थी. दुख की इस घड़ी में नीरज जी के साथ हैं.उन्होंने शोक-संतप्त परिवारजनों को संबल देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.

 निधन पर शोक-संवेदना प्रकट करनं वालों में सर्वश्री लाल बाबू लाल, डा0 विनोद शर्मा, राजेश राठौड़, असित नाथ तिवारी, नलिनी रंजन झा, मिर्णाल अनामय ने भी स्व0 सुधा सिन्हा के निधन पर शोक व्यक्त किये हैं.


आलोक कुमार

सोमवार, 8 जनवरी 2024

विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक


 मतदाता सूची के जारी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है

नालंदा। नालंदा जिला में भी इस अभियान के तहत नये मतदाताओं का नाम जोड़ने, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं का नाम हटाने की कार्रवाई जारी है। 22 जनवरी 2024 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा।

इस अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों को लेकर आज जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह- जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक किया।

उन्होंने सभी दलों को इस अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दिया। नये नाम जोड़ने, मृत एवं शिफ्टेड का नाम हटाने आदि के बारे में बताया गया।

      आगामी आम चुनाव में प्रयुक्त होने वाले ई वी एम के बारे में भी जानकारी दी गई। जिले में अद्यतन उपलब्ध एम-3 मॉडल के ई वी एम एवं प्रशिक्षण में प्रयुक्त होने वाले ई वी एम के बारे में सभी दलों के उपस्थित प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।

            इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण, उप विकास आयुक्त एवं अपर समाहर्त्ता उपस्थित थे।


आलोक कुमार

मुआवजा भुगतान के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप


 जिला में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं के तहत किये जा रहे भू-अर्जन कार्य को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

मुआवजा भुगतान के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप लगाकर भू-धारकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने का निर्देश

नालंदा। जिला में विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन को लेकर जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज समीक्षा बैठक की।विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं- हिलसा बाईपास (पूर्वी), इस्लामपुर बाईपास, नूरसराय बाईपास, नूरसराय-सिलाव पथ, तेलमर नरसंडा सालेपुर पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (बख्तियारपुर- रजौली खंड) के फोरलेन निर्माण, भारतमाला परियोजना के तहत एनएच-119 डी (आमस-रामनगर) पथ,पावापुरी-विलारी (घोसरावां से छाछू बिगहा)पथ,दरियापुर वीयर आदि परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन कार्य की एक-एक कर समीक्षा की गई।

    हिलसा पूर्वी बाईपास के लिए 6 मौजे के 579 अवार्डी से लगभग 47 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से 521 अवॉर्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त की गई है। शेष लोगों से भी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर मुआवजे का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।इसलामपुर बाईपास के लिए 5 मौजे के 556 अवार्डी से लगभग 55 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से 381 अवॉर्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त  की गई है।शेष अवार्डी को भुगतान में तेजी लाने के लिए विशेष शिविर लगाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने को कहा गया।

     नूरसराय बाईपास के लिए 3 मौजे के 169 अवार्डी से लगभग 23 एकड़ भूमि अर्जित की गई है, अबतक 161 अवार्डी द्वारा भुगतान प्राप्त किया गया है। नूरसराय-सिलाव पथ के लिए 16 मौजे के 1269 अवॉर्डी से लगभग 124 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से अबतक 919 अवार्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त की गई है।शेष को भी त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिये  विशेष शिविर लगाने का निदेश भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता बिहारशरीफ को दिया गया। इस पथ के दूसरे खण्ड के बेगमपुर से सिलाव तक की निविदा निकाली गई है।

      तेलमर-नरसंडा- सालेपुर- पथ के लिए 11 मौजे के 946 अवार्डी से लगभग 113 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है। इनमें से 667 अवार्डी द्वारा भुगतान प्राप्त किया गया है। यहाँ भी विशेष शिविर लगाकर शेष अवार्डी को भी तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। पावापुरी-विलारी (घोसरावां से छाछु विगहा) पथ के लिये भू अर्जन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

        अन्य सभी परियोजनाओं के लिए भी भू-अर्जन से संबंधित लंबित मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए नियमित रूप से विशेष शिविर लगाकर भू धारकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने तथा जरूरतमंद को एलपीसी निर्गत करने को कहा गया।

बैठक में अपर समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,भूमि सुधार उप समाहर्त्ता,संबंधित कार्यकारी विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अंचलाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

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