सोमवार, 16 जून 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपर अनुशंसाओं का असर पड़ता ही नहीं है

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपर अनुशंसाओं का असर पड़ता ही नहीं है

2014 में सांसद भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता में 3 हजार न्यूनतम पेंशन देने की  अनुशंसा कमिटी ने की थी

2025 में सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली कमिटी ने 7500 न्यूनतम पेंशन देने की अनुशंसा की है 

पटला. भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा अपनी कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन राशि 1,000 रुपये बढ़ाए.     

          संसद की एक समिति ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की सिफारिश की है.केंद्र सरकार ने 2014 में ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स को मिलने वाली न्यूनतम पेंशन 250 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह तय की थी.लेकिन ट्रेड यूनियनों और पेंशनर्स के संघों की लंबे समय से मांग रही है कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर कम से कम 7,500 रुपये प्रति माह किया जाए. उनका कहना है कि महंगाई बहुत बढ़ गई है, इसलिए पेंशन भी बढ़नी चाहिए। लेकिन पिछले 11 साल से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.     

               बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि EPS 95 की कर्मचारी पेंशन योजना तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन को बढ़ाया जाए। अभी यह पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह है। समिति ने पहले भी यह सिफारिश की थी और एक बार फिर इसे दोहराया है। समिति ने कहा कि 2014 के मुकाबले 2024 में महंगाई कई गुना बढ़ गई है और इसके मुताबिक पेंशन में बढ़ोतरी करने की जरूरत है. समिति ने आगे कहा कि वित्तीय असर को ध्यान में रखते हुए भी सरकार को पेंशनरों और उनके परिवार के सदस्यों के व्यापक हित में तत्परता के साथ यह काम करने की जरूरत है.   प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की के मूल वेतन पर 12 प्रतिशत की कटौती खाते के लिए की जाती है. वहीं, कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के  खाते में जमा करती है. एम्प्लॉयर की ओर से जमा किए जाने वाली रकम में से 8.33ः हिस्सा ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) में जमा होता है, जबकि बचा हुआ 3.67% हिस्सा पीएफ में जाता है.   

    भगत सिंह कोश्यारी कमेटी ने ईपीएफ से जुड़े कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने की सिफारिश की थी. यह सिफारिश साल 2013 में की गई थी. हालांकि, केंद्र सरकार ने इस पर अब तक अमल नहीं किया है.  


आलोक कुमार

रविवार, 15 जून 2025

मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया

 मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया


पटना . अहमदाबाद विमान हादसे में कई लोगों की जान चली गई है. उन्हीं में से एक हैं एयर होस्टेस मनीषा थापा. मनीषा थापा के निधन के बाद उनके पूर्व शैक्षणिक संस्थान सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन को गहरा सदमा लगा है. आज कॉलेज में एक संवेदना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मनीषा के सहपाठियों, शिक्षकों और एल्युमिनाई सदस्यों ने भाग लिया और मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया.
        लाइब्रेरी शिक्षक तपेश्वर प्रसाद ने बताया कि मनीषा सहज तरीके से लाइब्रेरी में पुस्तक पढ़ने के बाद कुछ पुस्तकों की लिस्ट उन्हें देती थी. वह उस पुस्तकों को निकाल कर रख देते थे. इसके बाद मनीषा कॉलेज से घर जाते समय उन पुस्तकों को लेकर चली जाती थी और फिर उसे पढ़कर समय पर लौटा देती थी. कोर्स कंप्लीट होने के बाद भी मनीषा तीन-चार बार कॉलेज आई. मनीषा जब भी कॉलेज आती थी, तब सभी शिक्षकों और अपने जूनियर से से जरूर मिलती थी. उनको बताती थी कि मैंने इंडिगो ज्वाइन कर लिया है.
         गुजरात के अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में 241 लोगों की जान चली गई. इस दुखद हादसे में पटना से जुड़ी एयर होस्टेस मनीषा थापा भी दुनिया को अलविदा कह गईं. मनीषा मूल रूप से नेपाल के विराटनगर की रहने वाली थीं, लेकिन उनका जन्म पटना में हुआ था. उन्होंने पटना के सेंट जेवियर्स कॉलेज में 2014 से 2017 तक पढ़ाई की और अपनी प्रतिभा से सभी का दिल जीता.
      मनीषा के निधन पर सेंट जेवियर्स कॉलेज में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने उन्हें नम आंखों से याद किया. बिजनेस इकोनॉमिक्स विभाग की प्रमुख (एचओडी) कल्पना कुमारी ने कहा, ‘मनीषा जेवियर्स परिवार की एक अनमोल बेटी थी. वह न केवल एक होनहार छात्रा थीं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थीं. उनकी पढ़ाई के प्रति लगन, सहपाठियों के साथ सहयोग और हर गतिविधि में उत्साह शिक्षकों के लिए प्रेरणा था.‘ कल्पना कुमारी ने बताया कि मनीषा क्लास रेप्रेजेंटेटिव थीं और कॉलेज की हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं. वह न सिर्फ अपनी पढ़ाई में अव्वल थीं, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करती थीं. उनकी कॉपी चेक करने में मजा आता था. वह हमेशा सकारात्मक रहती थीं. तीन साल में उन्होंने बहुत प्रगति की. हमें यकीन था कि वह जिंदगी में बहुत आगे जाएंगी, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया.
      यह जेवियर्स परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. मनीषा के क्लासमेट एल्विन ने भी उन्हें याद करते हुए कहा, ‘ मनीषा के बिना सब सूना है. वह हमेशा सबको हंसाती थीं और किसी को दुखी नहीं देख सकती थीं. पढ़ाई हो या कॉलेज की गतिविधियां, वह हर चीज में आगे रहती थीं. हम अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं.‘ एल्विन के मुताबिक, मनीषा ने कॉलेज के बाद अपने सपनों को पंख दिए और एयर होस्टेस के रूप में करियर शुरू किया. कुछ समय पहले वह कॉलेज आई थीं और अपनी उपलब्धियां साझा कर शिक्षकों को मिठाई खिलाई थीं. अचानक उनके जाने से कॉलेज में शोक की लहर है. शिक्षक और छात्र उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भगवान से उनके माता-पिता को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहे हैं. मनीषा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और प्रेरणा सेंट जेवियर्स कॉलेज में हमेशा जिंदा रहेंगी.
एयर इंडिया की केबिन क्रू मेंबर मनीषा थापा को आज उनके कॉलेज सेंट जेवियर मैनेजमेंट कॉलेज, दीघा में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई.आज कॉलेज परिसर में शोक का माहौल था, जहां शिक्षकों, सहपाठियों और कॉलेज स्टाफ ने नम आंखों से मनीषा को अंतिम विदाई दी.
   श्रद्धांजलि सभा के दौरान मनीषा की याद में पौधे भी लगाए गए , ताकि उनकी स्मृति में सदैव जीवित रहें. छात्र-छात्राओं ने कहा कि मनीषा हमेशा मुस्कुराते रहने वाली और प्रेरणा देने वाली शख्सियत थीं, जिनका जाना सभी के लिए अपूरणीय क्षति है.
    मनीषा थापा दो दिन पहले अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में बतौर केबिन क्रू तैनात थीं. टेकऑफ के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना हो गई, जिसमें मनीषा की जान चली गई.मनीषा के माता-पिता इस समय अहमदाबाद में हैं. हादसे के बाद उनका डीएनए टेस्ट कराया गया है, जिसके जरिए मनीषा की पहचान की जा रही है. पहचान की पुष्टि के बाद ही उनका पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपा जाएगा.
     कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने सरकार और एयर इंडिया से अपील की है कि मनीषा के परिवार को समुचित मुआवजा और हर संभव सहायता प्रदान की जाए.पटना ने आज एक होनहार बेटी को खो दिया, लेकिन उसकी यादें, उसका संघर्ष और उसकी मुस्कान हमेशा सबके दिलों में जीवित रहेंगी.
              मनीषा मूल रूप से नेपाल के विराटनगर की रहने वाली थीं, लेकिन उनके पिता राजू थापा बिहार पुलिस में बेगूसराय में पोस्टेड हैं. मनीषा का पूरा परिवार पटना में रहता है. मनीषा का जन्म पटना में ही हुआ था. पटना के सेंट जेवियर से मनीषा ने ग्रेजुएशन किया था. शनिवार को यहां श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी.

आलोक कुमार

शनिवार, 14 जून 2025

विभिन्न चरणों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में


पटना .इंडिया गठबंधन में गठबंधन स्तर पर और पार्टी स्तर पर लगातार पहलकमियां हो रही हैं. राजद,कांग्रेस के साथ साथ भाकपा माले जमीनी स्तर पर और राज्य स्तर पर पहलकदमियों में है. बिहार में पदयात्राओं का रिकॉर्ड्स भाकपा माले ने बनाया है. माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और अन्य नेताओं की अगुवाई में तकरीबन 1500 किलोमीटर की पदयात्राएं विभिन्न चरणों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई है.

    दलितों, बच्चियों-महिलाओं के ऊपर हमले और अल्पसंख्यकों पर हमले की हर घटना पर माले ने प्रतिवाद किया है. राज्य में आशा,विद्यालय रसोइया,आंगनबाड़ी और सफाई कर्मियों के साथ साथ जीविका दीदियों के आंदोलन को ऐक्टू/कर्मचारी संगठनों ने नया तेवर दिया. माइक्रो फाइनेंस के कर्ज तले तबाह महिलाओं को कर्ज से मुक्ति दिलाने की बड़ी मुहिम महिला संगठन
पचूं के जरिए चलाई जा रही है. दलित गरीबों को उजाड़ने के खिलाफ जोरदार प्रतिरोध खड़ा किया है. बुलडोजर राज के खिलाफ माले का संगठन खेग्रामस के विधानसभा के समक्ष बार बार प्रदर्शन किया है और हर जिले में मोर्चा लिया है. दलित गरीबों के वास आवास का प्रश्न माले आंदोलन का मुख्य प्रश्न है. हजारों दलित वंचितों को उजाड़ने से बचाया गया है. बसेरा 2 के तहत हजारों दलित परिवारों को पर्चे दिलाए गए हैं.

          सामंती दबंगता और हर तरह की दबंगता के खिलाफ लड़कर माले ने दलित-गरीबों के बीच मजबूत आधार बनाया है. यही कारण है कि भाकपा माले का चुनावी प्रदर्शन महागठबंधन के भीतर सबसे अव्वल है. विधानसभा में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट. हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में शाहाबाद और मगध क्षेत्र में ही महागठबंधन का सबसे उम्दा प्रदर्शन रहा है जो मोदी जी को परेशान किए हुए हैं. इसलिए वे चुनाव पूर्व सभाएं आयोजित कर रहे हैं. इस काम में उन्होंने अपने हनुमान को भी लगा दिया है. इंडिया गठबंधन का बेहतर प्रदर्शन और गठबंधन की सरकार बनाने के लिए जरूरी है कि भाकपा माले को उचित हिस्सेदारी मिले और वह भी सभी क्षेत्रों में. दरभंगा,मधुबनी और सुपौल में माले को पिछली बार कोई सीट नहीं मिली थी,यह भी एक कारण है कि इन जिलों में महागठबंधन का काफी कमजोर प्रदर्शन रहा. इस कमी को दुरुस्त किया जाना चाहिए.

कुंठाओं की राजनीति में कोई जगह नहीं होती,जमीनी यथार्थ पर खड़ा होकर ही चीजें तय होती हैं. महागठबंधन में आपसी तालमेल का पहलू ठीक है. सीट शेयरिंग का मामला भी हल हो जाएगा. वंचितों का सामाजिक संतुलन को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे. 15 हजार और उससे ज्यादा जीत हार के आधार पर और पुराने प्रदर्शन को निश्चय ही आधार बनाना होगा.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 13 जून 2025

बिहार के युवा पलायन को हैं मजबूर, नीतीश भाजपा शासन में नौकरियों की किल्लत: राजेश राम

 


’बढ़ती बेरोजगारी और बढ़ता अपराध के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी रोजगार केन्द्र पर तालाबंदी

’बिहार के युवा पलायन को हैं मजबूर, नीतीश भाजपा शासन में नौकरियों की किल्लत: राजेश राम

’नीतीश भाजपा ने बिहार को मजदूरी के लिए किया मजबूर, रोजगार नहीं दे सकते तो सत्ता छोड़ दो : दीपेंद्र हुड्डा

’बिहार के युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में भटकना पड़ता है : उदय भानु चिब


पटना.बिहार में कांग्रेस की राज्यव्यापी नौकरी दो या सत्ता छोड़ो प्रदर्शन के तहत पटना में इनकम टैक्स गोलंबर पर स्थित रोजगार एवं नियोजन भवन पर हजारों युवाओं, छात्रों, संविदा कर्मियों, और नागरिकों ने एकजुट होकर बढ़ती बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन किया. बिहार की आम जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार को सख्त चेतावनी दी और चेताया कि बिहार के युवाओं को नौकरी दो या सत्ता छोड़ो! यह आंदोलन बिहार के युवाओं, छात्रों और संविदा कर्मियों के भविष्य को बचाने और उनका हक दिलाने का इंकलाबी अभियान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में व्यापक प्रदर्शन के रूप में उभरा. विरोध प्रदर्शन में आये हजारों बेरोजगार युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश जताते हुए रोजगार केंद्र पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी की.

        इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, पिछले 20 साल में टायर्ड मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे बड़ी उपलब्धि है 5 करोड़ युवाओं का बेरोजगार होना. आज बिहार में ट्रबल इंजन सरकार के रहते बेरोजगारी का यह आलम है कि 45 विभागों में 5 लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं. BPSC, SSC, NEET और UGC-NET  जैसी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक ने बिहार के युवाओं की मेहनत को मजाक बना दिया है. ऐसा लगता है बिहार सरकार ने परीक्षा और प्रबंधन की सुपारी पेपरलीक माफियाओं को दे दी है, इसीलिए पेपरलीक होने के बाद इन पर कोई कारवाई नहीं की जाती है.अब शिक्षा माफियाओं का बोलबाला और सरकार की चुप्पी अस्वीकार्य है.

    सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बिहार में 7 लाख से अधिक संविदा कर्मी सालों से खट रहे हैं, और सरकार की ऐसी नियोजित वाली  व्यवस्था है जिसमें न स्थायी नौकरी है और न उचित वेतन. बिहार को पलायन के दंश को झेलने को मजबूर कर दिया गया है और इसे नीतीश मोदी की सरकार में अपने पूंजीपति मित्रों के लिए मजदूरी को मजबूर बना दिया गया है.

         युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि जो छात्र आज मजबूरन बिहार से बाहर रहते हैं, उन्होंने भी प्रदर्शन में शामिल होकर बताया कि मेरी डिग्री बिहार की है लेकिन नौकरी नहीं मिलने से हम दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं,  जिससे प्रतिभा और हुनर का मजाक बन रहा है.कई छात्रों ने बताया कि उच्च शिक्षा के पढाई के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से लाखों का लोन लिया, लेकिन नौकरी नहीं मिल पाने के वजह से बिहार के बाहर जाकर अपने डिग्री के हिसाब से नीचे स्तर का काम अपनी जिन्दगी गुजर-बसर करने के लिए कर रहे हैं. ये भी पलायन का मुख्य कारण है. कुछ लोग लोन चुकाने के लिए अपनी जमीन को भी बेच दे रहे हैं. कतने स्टूडेंट तो लोन न चुकाने के क्रम में आत्महत्या करने को विवश हो गए.विरोध प्रदर्शन में आये  संविदा शिक्षक, होमगार्ड और आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर हमारा काम समान है तो समान वेतन भी मिलना चाहिए.

     बिहार में विधानमंडल दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि बिहार में बढ़ती बेरोजगारी के चलते आज अपराध 300ः बढ़ गया है, सिर्फ 4 महीने में बिहार में 115 हत्याएं होना बताता है कि बिहार के ट्रबल इंजन की सरकार के मुखिया नीतीश कुमार नाकारा, निकम्मे और गैर-जिम्मेदार हैं. बिहार में बढ़ते अपराध, बलात्कार, हत्या और लूटपाट ने आम जनता का जीना दुश्वार कर दिया है. बेरोजगारी और अपराध में गहरी साठ-गांठ है, जिसे ट्रबल इंजन की सरकार की नाकामियों ने और बढ़ा दिया है. 

   विरोध प्रदर्शन में आए युवाओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए ये 5 प्रमुख मांगें रखीं-  

1. 5 लाख से अधिक खाली सरकारी पदों पर तुरंत बहाली करो.  

2. पेपर लीक और शिक्षा माफियाओं को तुरंत सजा दो. 

3. 7 लाख से अधिक संविदा कर्मियों को पक्की नौकरी और समान वेतन दो. 

4. उद्योग और रोजगार के अवसर तुरंत बढ़ाओ और पलायन रोको.

5. अपराध पर लगाम लगाओ, बिहार को सुरक्षित बनाओ.

      बताते चले कि आज बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में रोजगार केंद्र पर हजारों युवाओं ने भाग लिया और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा ‘नौकरी दो या सत्ता छोड़ो’. सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यह जनआंदोलन बिहार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा और नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी तथा कांग्रेस पार्टी ने संकल्प लिया है कि युवाओं के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को जोरदार तरीके से घर-घर पहुंचाएंगे और उन्हें नौकरी में भागीदारी दिला के रहेंगे.

    इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा,युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, कांग्रेस के सह प्रभारी देवेन्द्र यादव,  अभय दूबे, प्रेमचन्द्र मिश्रा, अवधेश कुमार सिंह, डा0 समीर कुमार सिंह, छत्रपति यादव मोती लाल शर्मा, राजेश राठौड़, अनिल कुमार,अशोक गगन,, बंटी चौधरी , राज कुमार शर्मा, सरवत जहां फातिमा,  शिशिर कौंडिल्य, ज्ञान रंजन, युवा कांग्रेस के प्रभारी मो0 शाहिद राज कुमार पासवान, डा0 संजय यादव, सौरभ सिन्हा, राजेश सिन्हा, राज कुमार राजन,गुंजन पटेल, कुमार आशीष, चन्द्र प्रकाश सिंह, शशि रंजन, कमलदेव नारायण शुक्ला,नागेन्द्र कुमार विकल उदय शंकर पटेल, निधि पाण्डेय,  सत्येन्द्र कुमार सिह, सुधा मिश्रा, रौशन कुमार सिंह,  वसी अख्तर, संतोष श्रीवास्तव, ज्योति गुप्ता, सहाब मल्लिक, मो0 शाहनवाज, राज छविराज, डा0 मनीष सिंह, दुर्गा प्रसाद, वैद्यनाथ शर्मा,  आदित्य पासवान, शरीफ रंगरेज, मनोज मेहता,, मंटू शर्मा, मनोज शर्मा, गुरूदयाल सिंह, संजय पाण्डेय, राजेन्द्र चौधरी , सुनील कुमार सिंह, कुन्दन गुप्ता, केसर खान, विनोद अवस्थी, शम्मी कपूर, डा0 विजय कुमार विद्यार्थी, हीरा सिंह वग्गा, विशाल झा, अश्विनी कुमार, विश्वनाथ बैठा, सिद्धार्थ क्षत्रिय, रवि गोल्डन, रणधीर यादव, परवेज अहमद, राहुल पासवान,युवा, सम्राट केसरी जैना, कुमार रोहित, मुदस्सीर शम्स, मुकुल यादव, विकास कुमार झा, अमित सिकन्दर, पूनम यादव, नीरज झा, राजन्दन कुमार, यशवन्त कुमार चमन, रीचा सिंह, दौलत इमाम, दीपक पटेल,अचला सिंह सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे.   


आलोक कुमार

बुधवार, 11 जून 2025

’बदलो सरकार-बदलो बिहार’ यात्रा

 


* 18 से 27 जून तक राज्य के चार इलाकों में निकलेगी ’बदलो सरकार-बदलो बिहार’ यात्रा

* बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची, अपराध और अराजकता के चंगुल में फंसा राज्य

* भाजपा-एनडीए के शासन में भारत हर मोर्चे पर हुआ कमजोर

* भाकपा (माले) 40 से 45 सीटों पर चुनावी तैयारी में

पटना.भाकपा (माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कतहा कि बिहार में इस समय सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची है. राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, और जनता अपराध व अराजकता के चंगुल में फंसी हुई है.

      उन्होंने कहा कि विकास और सुशासन के नाम पर बिहार में सामंती उत्पीड़न को बढ़ावा मिला है.महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं आम हो गई हैं.राज्य की जनता अब इस दमनकारी शासन से मुक्ति चाहती है.

      माले महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम पूरी तरह विफल रहा. विभिन्न जिलों में जीविका समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रसोइया, आशा वर्कर और माइक्रो फाइनेंस के कर्ज में डूबी महिलाओं ने विरोध-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई.

          उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 32 देशों में 7 डेलीगेशन भेजे, लेकिन भारत का अंतरराष्ट्रीय अलगाव दूर नहीं हो पाया.उन्होंने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की ताकि पहलगाम आतंकी घटना और उसके बाद की स्थिति पर चर्चा हो सके.

            उन्होंने कहा कि मोदी–3 के एक साल में, बहुमत न होते हुए भी संविधान पर रोज हमले हो रहे हैं.भाजपा और एनडीए की सरकार ने देश को हर मोर्चे पर कमजोर किया है, विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों में.उन्होंने हाल ही में एक भारतीय युवा के विदेश में प्रताड़ित किए जाने का हवाला देते हुए इसे कूटनीतिक विफलता बताया.

          उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में चलाया गया ऑपरेशन कगार पूरी तरह राज्य प्रायोजित हिंसा है.इस मुद्दे पर पांच वामपंथी दलों ने मिलकर 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें इस हिंसा पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है.

            भाकपा(माले) 18 से 27 जून 2025 तक पूरे बिहार में ‘बदलो सरकार - बदलो बिहार’ यात्रा निकालेगी.यह यात्रा राज्य के चार मुख्य इलाकों में होगी - शाहाबाद क्षेत्र, मगध क्षेत्र, सारण-चंपारण क्षेत्र और मुजफ्फरपुर से दरभंगा तक का क्षेत्र.

          मगध क्षेत्र में 11 जून को गया के बाराचट्टी, 12 जून को वारसलीगंज, 13 जून को राजगीर और 14 जून को बिहारशरीफ में जनसंवाद का आयोजन किया जाएगा.

       माले महासचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी 40 से 45 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महागठबंधन के एजेंडे और सीटों के तालमेल को लेकर भी बातचीत होगी.

         संवाददाता सम्मेलन में उनके अलावा पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा, विधायक गोपाल रविदास व संदीप सौरभ, एमएलसी शशि यादव, वरिष्ठ पार्टी नेता केडी यादव और उमेश सिंह भी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

पल्ली पुरोहित और प्रिंसिपल की जमकर पिटाई

 


* पल्ली पुरोहित और प्रिंसिपल की जमकर पिटाई 


 * नकाबपोश डकैतों को शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग को लेकर सड़क जाम किया


समसेरा .दक्षिण झारखंड स्थित सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड में समसेरा स्थित संत तेरेसा चर्च में देर रात करीब 1:30 बजे नकाबपोश डकैतों ने बड़ी लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया है. चार से पांच की संख्या में आए नकाबपोश डकैतों ने सबसे पहले चर्च परिसर में बने पुरोहितों के आवास में घुसकर हथियारों के बल पर लूटने की कोशिश की.

    इस कदम का विरोध करने पर नकाबपोश डकैतों ने तीन पुरोहितों, फादर इग्नासियुस टोप्पो, फादर अगुस्टीन डुंगडुंग और फादर रोशन सोरेंग को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा और उन्हें एक कमरे में बांधकर बंद कर दिया. घायल पुरोहितों को पहले बोलबा अस्पताल और फिर सिमडेगा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.

      पुरोहितों के अनुसार, नकाबपोश डकैतों ने चर्च परिसर में बने आवास में घुस आए और पिस्तौल तथा धारदार हथियार दिखाकर तिजोरी की चाबी मांगने लगे.चाबी देने में आनाकानी करने पर उन्होंने पुरोहितों की पिटाई की और सभी को बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया.इसके बाद, तिजोरी को तोड़कर लगभग आठ लाख रुपये लूट लिए.

  इस बात की जानकारी मिलते ही कोलेबिरा विधायक विक्सल कोनगाड़ी अपने प्रतिनिधि शमी आलम, रावेल लकड़ा व अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सिमडेगा जिले के बोलबा पहुंचे. वे समसेरा पल्ली गये और पल्ली में डकैती व धर्मगुरुओं पर हुए जानलेवा हमले के बारे में जानकारी ली. वहीं, बोलबा सीएचसी में भर्ती घायल धर्मगुरुओं और विद्यालय के प्रिंसिपल से मुलाकात कर हालचाल जाना. डॉक्टरों को बेहतर इलाज का निर्देश भी दिया.

    घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विधायक ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की यह तीसरी घटना है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिले के एसपी से बात हुई है. एसपी ने एसआईटी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है. विधायक ने कहा कि धर्मगुरुओं और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना बर्दास्त नहीं किया जाएगा. मौके पर प्रिंस कुमार, विपिन पंकज मिंज, संजय कुजूर, सुनील टोप्पो, रोशन बरला आदि मौजूद थे.


आलोक कुमार)


मंगलवार, 10 जून 2025

कुशासन काल के ग्यारह साल में देश हुआ बदहाल : राजेश राम


 कुशासन काल के ग्यारह साल में देश हुआ बदहाल : राजेश राम

पटना . पूत के पाँव पालने में दिख जाते हैं, मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता में कदम रखते ही इस बात का आभास करा दिया था कि यह सरकार किसान, दलित, मजदूर, महिला और गरीब विरोधी है. ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने कही.

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि “अच्छे दिन आने वाले हैं, हम मोदी जी को लाने वाले हैं”.. यह गाना शायद नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या जैसे बैंकों के लुटेरों और मोदी जी के दोस्तों अडानी-अंबानी ने लिखा था, क्योंकि यह सिर्फ इन्हीं लोगों के लिए ही चरितार्थ हुआ. बाकी सभी देशवासी आज एक स्वर में फिल्म “आखिरी दांव” का गाना गा रहे हैं-

“बेदर्दी, धोखेबाज, झूठा... झूठा!

झूठे से प्यार किया, वादों पर ऐतबार किया.

हम ही नादान थे जो इतना इंतजार किया.

झूठे से प्यार किया, वादों पर ऐतबार किया.”

   प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि मोदी सरकार के ग्यारह सालों में देश को किस तरह बदहाल किया गया, उन्होंने बताते हुए कहा कि 

*  सत्ता में आते ही किसानों की जमीन हड़पने के लिए एक के बाद एक तीन अध्यादेश लाए गए.

*  फिर सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर किसानों की समर्थन मूल्य की माँग को ठुकराते हुए स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले को लागू करने से इंकार कर दिया गया.

*  नोटबंदी जैसा काला कानून लागू कर देश की एमएसएमई और अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया.

*  गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) लागू कर अर्थव्यवस्था को और चैपट कर दिया गया.

* एक के बाद एक बैंक के लुटेरे विदेश भागते रहे, और सरकार मूकदर्शक बनी रही.

*  कोविड के दौरान बिना योजना के लॉकडाउन लागू कर मजदूरों को दरबदर की ठोकरें खाने पर मजबूर किया गया.

*  कृषि के तीन क्रूर काले कानून लाए गए, जिनका देशभर में तीव्र विरोध हुआ.

*  लखीमपुर खीरी में किसानों को जीप से रौंदकर बेरहमी से मार डाला गया.

*  दिल्ली में धरना दे रही पहलवान बेटियों को घसीट-घसीट कर पीटा गया.

*  पठानकोट, उड़ी, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों से देश को झुलसाया गया.

*  मणिपुर में हिंसा का तांडव आज तक जारी है और केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी हुई है.

*  चीन के भारत में अतिक्रमण को लेकर सरकार ने क्लीन चिट दे दी.

    बिहार को चुनावी वादों में विकास के पथ पर अग्रसर करने की बात कहने वाले प्रधानमंत्री ने भर भरकर यहां से सांसद जिताएं लेकिन एक उद्योग तक नहीं स्थापित कर सकें. बीते 11 साल महँगाई और बेरोजगारी की भेंट चढ़ गए, और हमारे मोदी साहेब बड़बोले भाषण और झूठ की भरमार गढ़ते रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार को लगातार छलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कर्मों से देश के सबसे निकम्मे और कामचोर प्रधानमंत्री बन चुके हैं.



आलोक कुमार

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