आलोक कुमार
आलोक कुमार हूं। ग्रामीण प्रबंधन एवं कल्याण प्रशासन में डिप्लोमाधारी हूं। कई दशकों से पत्रकारिता में जुड़ा हूं। मैं समाज के किनारे रह गये लोगों के बारे में लिखता और पढ़ता हूं। इसमें आप लोग मेरी मदद कर सकते हैं। https://adsense.google.com/adsense/u/0/pub-4394035046473735/myads/sites/preview?url=chingariprimenews.blogspot.com chingariprimenews.com
गुरुवार, 4 सितंबर 2025
पूर्व उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपना आधिकारिक बंगला खाली कर दिया
बुधवार, 3 सितंबर 2025
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लहटन चौधरी की 22वीं पुण्यतिथि
राजेश राम ने कहा कि स्व0 लहटन चौधरी लम्बे समय तक राज्य सरकार में कृषि, राजस्व एवं स्वास्थ विभाग के मंत्री रहे.उन्होंने कहा कि वे जिस जिस विभाग के मंत्री रहे वहाँ उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी। लहटन चौधरी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे तथा सभी दायित्वों को उन्होंने ईमानदारी से निभाया.
इस अवसर पर श्रद्धाँजलि अर्पित करने वालों में कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, राष्ट्रीय सचिव सह बिहार प्रभारी सुशील पासी, पूनम पासवान, डा0 समीर कुमार सिंह, प्रेमचन्द्र मिश्रा, जितेन्द्र गुप्ता, कृपानाथ पाठक,, मोती लाल शर्मा,जमाल अहमद भल्लू, संजीव प्रसाद टोनी प्रतिमा कुमारी दास, इजहारूल हुसैन, अफाक आलम , अजय कुमार सिंह, संतोष मिश्रा, आनन्द शंकर, छत्रपति यादव, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, अजय चौधरी , अम्बुज किशोर झा, प्रवीण सिंह कुशवाहा, अमिता भूषण, आनन्द माधव, डा0 अजय कुमार सिंह, अनिल कुमार, उमेर खान, शशि रंजन, राजीव मेहता, मंजीत आनन्द साहू, असितनाथ तिवारी, ज्ञान रंजन, मुन्ना शाही, शिशिर कौंडिल्य, सत्येन्द्र कुमार सिंह, वैद्यनाथ शर्मा, गुंजन पटेल, कमलदेव नारायण शुक्ला, अशोक गगन, आशुतोष शर्मा, पंकज यादव,पूनम देवी, कमल कमलेश, मिन्नत रहमानी, शशि कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह,संतोष श्रीवास्तव,मो0 कामरान, सुदय शर्मा,शरीफ रंगरेज, वसी अख्तर, मृणाल अनामय, संजय पाण्डेय, कैसर खान, उमेश कुमार राम, रवि गोल्डन,रीता सिंह, मो0 शाहनवाज,विश्वनाथ बैठा, सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद थे.
आलोक कुमार
मंगलवार, 2 सितंबर 2025
अतीत की गहराइयों से — बेतिया से वर्तमान तक
अतीत की गहराइयों से — बेतिया से वर्तमान तक
बेतिया.भारत के इतिहास में ऐसे चरित्र कम ही मिलते हैं जिन्होंने अपनी आस्था, विद्वता और मानवता से किसी पूरे समुदाय की नियति बदल दी हो.फादर जोसेफ मैरी बर्निनी उन्हीं विरल हस्तियों में से एक थे। 1709 में लोम्बार्डी (गार्गनानो) में जन्मे बर्निनी ने बेतिया की भूमि पर न केवल मिशनरी कार्य किया, बल्कि एक ऐसा ईसाई समुदाय खड़ा किया जो आज भी जीवंत और सक्रिय है.
बेतिया राज के महाराजा धुरुप सिंह के साथ उनकी मित्रता और महारानी के स्वास्थ्य लाभ की चमत्कारिक घटना ने इस क्षेत्र में ईसाई मिशन की नींव रखी.1742 में पोप बेनेडिक्ट XIV से मिली अनुमति ने इसे वैधता दी और यही वह क्षण था जिसने उत्तर भारत के सबसे पुराने ईसाई समुदाय — बेतिया ईसाईयों को जन्म दिया.
बर्निनी केवल प्रचारक नहीं थे, वे संस्कृत और हिंदुस्तानी के गहरे ज्ञाता, चिकित्सक, अनुवादक और समाज-शास्त्री भी थे.उनकी पांडुलिपियाँ आज भी यूरोप के पुस्तकालयों और संग्रहालयों में सुरक्षित हैं, जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व की गवाही देती हैं.
वर्तमान संदर्भ में
बर्निनी का सपना केवल आस्था तक सीमित नहीं था—उन्होंने मानवता की सेवा और संस्कृतियों के संवाद को ही अपने मिशन का केंद्र बनाया.यही कारण है कि बेतिया का ईसाई समुदाय आज भी स्थानीय समाज के साथ गहराई से रचा-बसा है.उनकी परंपराओं में भारतीय संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखाई देती है—यह उनके "भारतीयकरण" के प्रयास का प्रमाण है.
समकालीन महत्व
आज जब दुनिया धर्म और संस्कृति के नाम पर बँटती जा रही है, बर्निनी का जीवन संदेश देता है कि संवाद, सह-अस्तित्व और परस्पर सम्मान ही समाज को स्थायी रूप से मजबूत कर सकते हैं. बेतिया ईसाई समुदाय की मौजूदगी, शिक्षा और सेवा की परंपरा उसी समर्पण की जीवित मिसाल है.
फादर बर्निनी की धरोहर केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी दिशा-सूचक है.
आलोक कुमार
सोमवार, 1 सितंबर 2025
फिर जवाबदेही क्यों नहीं?
नई दिल्ली. लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जनता के टैक्स से चलने वाली संसद ही अक्सर ठप पड़ी रहती है. दमन और दीव से निर्दलीय सांसद उमेश पटेल का संसद परिसर में किया गया विरोध इसी बीमार व्यवस्था पर सीधा प्रहार है.उनका सवाल बड़ा सरल है—जब सदन नहीं चलता, तो खर्च जनता क्यों उठाए? सांसदों की जेब से ही इसकी वसूली क्यों न हो?यह सवाल असहज करने वाला है, क्योंकि संसद का एक-एक मिनट करोड़ों रुपये का होता है.जब सत्ता और विपक्ष बहस छोड़कर हंगामा करते हैं, तो यह सीधे-सीधे राष्ट्रीय संसाधनों की बर्बादी है. उमेश पटेल का बैनर—“माफी मांगो, सत्ता पक्ष और विपक्ष माफी मांगो”—असल में हर उस करदाता की आवाज़ है, जो संसद टीवी पर हंगामे का तमाशा देखकर खुद को ठगा महसूस करता है.
इस बार के सत्र के आंकड़े बताते हैं कि 120 घंटे तय चर्चा में से महज़ 37 घंटे ही बहस हो सकी.बाकी वक्त शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया.नतीजा यह हुआ कि 14 में से 12 विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिए गए.क्या यही है लोकतंत्र की आत्मा? संसद बहस के लिए बनी है, न कि ‘मशीनरी’ की तरह बिल ठेलकर पास करने के लिए.
ऐतिहासिक उदाहरण
भारत की संसदीय परंपरा में बहस और तर्क को ही लोकतंत्र की जान माना गया है। जवाहरलाल नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक के दौर में तीखी बहस हुईं, लेकिन संसद का गरिमा और संवाद अभी भटका नहीं.आज की स्थिति इन आदर्श उदाहरणों के उलट है—जहाँ बहस की जगह नारेबाजी और जिद ने ले ली है.
अन्य देशों की मिसाल
दुनिया के कई लोकतंत्रों में ऐसी बर्बादी पर कड़ी व्यवस्था है.उदाहरण के तौर पर, ब्रिटेन की संसद में अगर सांसद लगातार गैर-हाजिर रहते हैं या अनुशासनहीनता करते हैं, तो उनके वेतन में कटौती हो जाती है.अमेरिका में भी टैक्स-पेयर से जुड़ी जवाबदेही पर संसद का अनुशासन बेहद सख्त है. जापान और दक्षिण कोरिया में तो सांसदों पर अनुशासनहीनता की स्थिति में भारी जुर्माना लगाया जाता है. सवाल उठता है कि भारत में ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं?
असली बहस
सवाल यह नहीं कि सत्ता या विपक्ष कौन दोषी है, बल्कि यह है कि जनता के पैसों का अपव्यय आखिर कब तक चलेगा. जब आम नागरिक समय पर टैक्स देता है, तो उसे यह अधिकार भी होना चाहिए कि वह अपने प्रतिनिधियों से जवाब मांगे—आपका एक-एक घंटा कहाँ खर्च हुआ?उमेश पटेल की मांग आज सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की असल आत्मा को बचाने का आह्वान है. संसद में मौजूद हर दल को यह समझना होगा कि संसद हंगामे का अखाड़ा नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों का मंदिर है। अगर यह मंदिर बार-बार अपवित्र होगा, तो जनता अब और चुप नहीं बैठेगी.
आलोक कुमार
रविवार, 31 अगस्त 2025
युवाओं को मिला नई दिशा का प्रशिक्षण
प्रमुख योजनाओं पर कार्यशाला
युवाओं को मिला नई दिशा का प्रशिक्षण
कटिहार का सामाजिक परिदृश्य शनिवार को कुछ अलग था.जगबंधु अधिकारी सामुदायिक भवन में “मेरा युवा भारत (माय भारत)” द्वारा आयोजित कार्यशाला ने न केवल युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया.
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ.निदेशक डीआरडीए सुदामा प्रसाद सिंह, जिला युवा अधिकारी जनक राज मीना, महानिदेशक प्रतिनिधि बबन कुमार झा सहित अन्य अधिकारियों ने मिलकर यह संदेश दिया कि योजनाओं की रोशनी तभी जन-जन तक पहुंचेगी जब उसका प्रसार सही हाथों तक होगा.
प्रथम सत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल-जीवन-हरियाली जैसी योजनाओं की पात्रता और प्रक्रिया समझाई गई.यह पहल इस मायने में अहम रही कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आज भी कई पात्र लोग योजना से वंचित हैं, क्योंकि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है. शिक्षा और वित्तीय सहायता से जुड़ी मुख्यमंत्री स्वयं सहायता योजना तथा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की विस्तृत जानकारी युवाओं के लिए आशा की किरण रही.
कार्यक्रम का दूसरा हिस्सा रोजगार और कौशल विकास पर केंद्रित रहा. एनसीएस पोर्टल और रोजगार मेलों की जानकारी के साथ युवाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया.कौशल विकास मिशन की चर्चा ने यह स्पष्ट किया कि बिना हुनर के रोजगार की संभावनाएं सीमित होती हैं.
स्वास्थ्य और खेल पर भी विस्तृत विमर्श हुआ. आयुष्मान भारत योजना से लेकर फिट इंडिया मूवमेंट और खेल विभाग की योजनाओं तक, संदेश साफ था—स्वस्थ और सक्रिय युवा ही सशक्त भारत का आधार हैं.कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा कलाकार पेंशन योजना और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जानकारी ने सांस्कृतिक प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान किया.
अंततः 50 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए.यह केवल औपचारिकता नहीं बल्कि इस बात का प्रतीक था कि अब ये युवा योजना के प्रचार-प्रसार में torch bearer की भूमिका निभाएंगे.
निस्संदेह, इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं को सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि उन्हें समाज के विकास की धारा से जोड़ती हैं.यह आयोजन कटिहार में युवाओं के लिए नई ऊर्जा और दिशा का वाहक बना है.अब आवश्यकता है कि ऐसे प्रयास सतत् हों और इन प्रशिक्षित युवाओं का इस्तेमाल समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने में हो.
आलोक कुमार
शनिवार, 30 अगस्त 2025
जलवायु परिवर्तन, शमन एवं अनुकूलन विषय पर क्षेत्रीय सम्मेलन
जलवायु परिवर्तन, शमन एवं अनुकूलन विषय पर क्षेत्रीय सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर बैठक
पटना.बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें हाल ही में आयोजित “जलवायु परिवर्तन, शमन एवं अनुकूलन विषयक क्षेत्रीय सम्मेलन” में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, शहरी विकास एवं आवास विभाग, कृषि विभाग, उद्योग विभाग, ऊर्जा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, जल-जीवन-हरियाली मिशन, बिहार मौसम सेवा केंद्र, एवं बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित विभिन्न विभागों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं.
आलोक कुमार
शुक्रवार, 29 अगस्त 2025
भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय का गेट तोड़कर अंदर घुस गए थे. भाजपा कार्यकर्ताओं पर गाड़ियों में तोड़फोड़ का भी आरोप है. झड़प में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चोट आने की भी जानकारी है.
पटना. इन दिनों बिहार में वोटर अधिकार यात्रा जारी है. गत दिनों राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित रूप से अपशब्द कहे जाने के मामले ने शुक्रवार को पटना में हिंसक मोड़ ले लिया.बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी शुरू की. जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता भी आक्रामक हो गए और देखते ही देखते दोनों दलों के बीच झड़प शुरू हो गई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहे जाने के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटना में कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता भिड़ गए. कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच लाठी युद्ध हो गया. दोनों पक्षों की तरफ से जमकर डंडे चले जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है
राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से संबंधित एक मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत मां के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विरोध में भाजपा द्वारा पटना में मार्च निकाला गया था. भाजपा कार्यकर्ताओं ने दरभंगा में नारे लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम तक मार्च निकाला. इसी दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई.
कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने पटना में पार्टी की बिहार इकाई के कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि सत्य और अहिंसा के आगे, असत्य और हिंसा टिक ही नहीं सकते तथा कांग्रेस सत्य एवं संविधान की रक्षा करती रहेगी.
आलोक कुमार
The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on
How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post
-
* पटना जेसुइट सोसाइटी में प्रवेश करने के अवसर पर समारोह बेतिया. फादर गैब्रियल माइकल ने गोल्डन जुबली बनाया.पश्चिमी चंपारण के बेस्ट स्कूलों म...
-
बेतिया. बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोवियस ने धर्मप्रांत के फादरों का स्थानांतरण किया है.स्थानांतरित फादरों से कहा गया ...
-
कौवाकोल.नवादा जिले के प्रखंड कौवाकोल के आदर्श उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सोखोदेवरा में बाल संसद का गठन किया गया है.यहां बिहार वाटर डेवलपमेंट स...



