गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

पूर्व आईएएस दिनेश कुमार राय का नया अध्याय

 जनसेवा से जनसमर्पण तक है पूर्व आईएएस दिनेश कुमार राय का नया अध्याय

पश्चिम चंपारण.आईएएस दिनेश कुमार राय का नाम बिहार प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य और ईमानदार छवि के लिए जाना जाता है.लगभग नौ वर्षों तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निजी सचिव के रूप में कार्य करने के बाद, उन्होंने दो वर्षों तक पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में अपनी पहचान बनाई.कुर्मी समुदाय से आने वाले राय ने हर पद पर अपनी जनसेवा और कर्मठता की मिसाल पेश की.

     पश्चिम चंपारण के डीएम रहते हुए उन्होंने ‘हर घर नल का जल’ योजना को युद्धस्तर पर लागू किया, जिससे ग्रामीण इलाक़ों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुँची. प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने जनता से सीधा संवाद बनाए रखा और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा.

    15 जुलाई से उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर एक नया सफ़र शुरू किया है. अब पूर्व आईएएस दिनेश कुमार राय जनता के दरबार में “आपका बेटा, आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत करगहर विधानसभा-209 के गाँव-गाँव में पहुँच रहे हैं.हरि नारायणपुर, खरसान, कल्याणपुर और मोमिनपुर जैसे गांवों में लोगों का अपार स्नेह और समर्थन देखकर वे भावुक हो उठे.

       दिनेश कुमार राय कहते हैं कि “जब मैं नौकरी में था तो बंधनों से घिरा हुआ था, पर अब स्वतंत्र होकर अपनी जनता की सेवा कर रहा हूँ.माता-पिता से मिली जनसेवा की सीख और आप सबका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है.आपने मुझे बेटा कहा, अपना समझा — यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है.”

       उन्होंने कहा कि “मैं हृदय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और करगहर की जागरूक जनता का आभार प्रकट करता हूँ. आपको विश्वास मेरी ताकत है, और आपका आशीर्वाद मेरा संबल.मैं वचन देता हूँ — आपके सुख-दुःख और विकास की हर राह पर सदैव आपके साथ खड़ा रहूँगा.”

    पूर्व डीएम दिनेश कुमार राय अब जनसेवा के एक नए अध्याय में हैं — जहाँ वे किसी पद की शक्ति से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से प्रेरित होकर “रंक बनकर राजा की जनता” की सेवा में जुटे हैं.

आलोक कुमार

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बुधवार, 8 अक्टूबर 2025

भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में गजब का जज्बा दिखाया

भारत की अंडर-19 टीम का ऑस्ट्रेलिया में परचम


पटना. भारतीय अंडर-19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया दौरे को ऐतिहासिक अंदाज़ में खत्म किया है. दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज में 0-2 की जीत दर्ज कर युवा टीम ने यह साबित कर दिया कि भारत की नई पीढ़ी भी उतनी ही सशक्त है जितनी सीनियर टीम।दूसरे यूथ टेस्ट में गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला। पहले ही दिन 17 विकेट गिरने से मुकाबले का रुख तय हो गया.ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 135 रनों पर सिमट गई, जिसके जवाब में भारत ने 171 रन बनाकर 36 रनों की अहम बढ़त हासिल की.

    यह बढ़त बाद में निर्णायक साबित हुई.भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में गजब का जज्बा दिखाया.दीपेश ने 28 और खिलेन पटेल ने 26 रन बनाकर टीम को मजबूती दी. गेंदबाजी में भारतीय अटैक ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को फिर से नतमस्तक किया और दूसरी पारी में उन्हें महज 116 रनों पर समेट दिया. 81 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने तीन विकेट खोकर जीत हासिल कर ली. यह जीत सिर्फ मैच की नहीं, बल्कि पूरी सीरीज के आत्मविश्वास की कहानी है.

     भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज को भी 3-0 से अपने नाम किया था. यानी दौरे का अंत 5-0 की क्लीन स्वीप के साथ हुआ — एक ऐसा प्रदर्शन जो बताता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है.

     दूसरा यूथ टेस्ट एक लो-स्कोरिंग थ्रिलर साबित हुआ. ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में सिर्फ 145 रन ही बना सकी, जिसके जवाब में भारत ने 160 रन बनाकर 15 रनों की बढ़त हासिल की. दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिर लड़खड़ा गए और पूरी टीम 116 रन पर ढेर हो गई. भारत को जीत के लिए सिर्फ 102 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने 12 ओवर में हासिल कर लिया. इस मैच में दोनों टीमों के बीच कुल मिलाकर सिर्फ 506 रन बने जो भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच अब तक का सबसे कम मैच एग्रीगेट है.

   निष्कर्ष: भारत की अंडर-19 टीम ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि क्रिकेट की मूल भावना — संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास — का परिचय भी दिया. यह श्रृंखला भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की झलक देती है.


आलोक कुमार

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025

हेलीपैडों के उपयोग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम में आवेदन प्राप्त किये जायेंगे

 आज सिंगल विंडो सेल/ एकल खिड़की कोषांग 

गया. आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह ज़िला पदाधिकारी गया शशांक शुभंकर ने आज सिंगल विंडो सेल/ एकल खिड़की कोषांग के अंतर्गत विभिन्न राजनीतिक दलों के चुनावी सभा, रैली, हेलीकॉप्टर लैंडिंग इत्यादि के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों के लिए काउंटर चिन्हित कर आज उसका फीता काटकर उद्घाटन किया गया.

     विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के जन सभाओं , रैलियों ,जुलूसों के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म-सुविधा, लाउडस्पीकर के उपयोग और चुनाव प्रचार के लिए वाहनों के उपयोग के साथ-साथ गैर वाणिज्यिक, दूरस्थ, अनियंत्रित हवाई अड्डों ,


हेलीपैडों के उपयोग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम में आवेदन प्राप्त किये जायेंगे.

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों एवं उनके उम्मीदवारों को उसके प्लेटफार्म सुविधा के माध्यम से अनुमति मांगने वाले सभी आवेदनों को अनुमति देने के लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालयों में 24 घण्टे के भीतर निपटान किया जाना होगा.जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी रिटर्निंग आफिसर को निर्देश दिए हैं कि अपने कार्यालयों में सिंगल विंडो प्रणाली अनुमति प्रकोष्ठ स्थापित करेंगे और उन्हें कार्यशील करेंगे, जो आवश्यक अवसंरचना यथा, फोटो कॉपियर मशीन, स्कैनर, कंप्यूटर, टेलीफोन आदि तथा समर्थित स्टाफ से सुसज्जित होंगे.

    अनुमति प्राप्त करने वाले राजनीतिक दल अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण संबंधी अनुदेशों के संग्रह में दिए गए विहित फॉर्मेट अनुलग्नक DI में व्यय योजना के ब्यौरे सहित कार्यक्रम से कम से कम 48 घंटे पहले संबंधित रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय में अनुमति प्रकोष्ठ के प्रभारी को आवेदन करना होगा.कोई राजनीतिक दल अभ्यर्थी आवेदन करने के 7 दिनों के भीतर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों रैलियों ,जुलूसों के संबंध में अनुमति के लिए आवेदन कर सकते हैं.किसी एक विशेष दिन के लिए एक से अधिक कार्यक्रम के लिए पृथक आवेदन दाखिल किया जाना होगा.

   जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सभी निर्वाचित पदाधिकारी के कार्यालय में भी संबंधित विधानसभा का सिंगल विंडो का संचालन काउंटर चालू कर दी गई है जहां किसी भी राजनीतिक दल द्वारा किसी भी प्रकार की रैली आम सभा जुलूस की अनुमति के लिए आवेदन दे सकते हैं उन्होंने कहा कि आवेदन कम से कम 48 घंटे पहले सिंगल विंडो सेंटर में समर्पित करना होगा. जिला निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर से हेलीपैड, हेलीकॉप्टर संबंधित अनुमति के लिए समाहरणालय परिसर में बनाए गए सिंगल विंडो काउंटर पर आवेदन जमा करना होगा.

      इस अवसर पर वरीय नोडल पदाधिकारी सिंगल विंडो सह नगर आयुक्त गया कुमार अनुराग, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर, वरीय उप समाहर्ता अंशु कुमारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार 

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

 नई दिल्ली.नई दिल्ली, (आलोक कुमार).
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का लंबा इंतजार आज खत्म हो गया. भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव के विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी. तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है. राज्य में दो चरणों में वोटिंग कराने का निर्णय लिया गया है.

      भारत निर्वाचन आयोग की सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक ऐलान किया गया. चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई.


बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का कार्यक्रम

पहला चरण (121 विधानसभा क्षेत्र)

गजट अधिसूचना जारी करने की तिथि: 10 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)

नामांकन भरने की अंतिम तिथि: 17 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)

नामांकन की जांच की तिथि: 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार)

उम्मीदवारों की नाम वापसी की अंतिम तिथि: 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार)

मतदान की तिथि: 06 नवंबर 2025 (गुरुवार)

मतगणना की तिथि (दोनों चरण): 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार)

बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में राज्य के 18 जिलों में मतदान होगा. इन महत्वपूर्ण जिलों की सूची इस प्रकार है:

उत्तर बिहार और मध्य बिहार के प्रमुख जिले:

गोपालगंज,सिवान,सारण,मुजफ्फरपुर,वैशाली, समस्तीपुर,दरभंगा,बेगुसराय,सहरसा,मधेपुरा और खगड़िया

दक्षिण-पश्चिमी और मगध क्षेत्र के जिले:

बक्सर,भोजपुर,पटना,नालंदा,शेखपुरा,मुंगेर और लखीसराय.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: पहले फेज में 6 नवंबर को किन 121 सीटों पर होगी वोटिंग

पहले चरण में इन 121 विधानसभा सीटों पर होगी वोटिंग

1. आलमनगर

2.  बिहारीगंज

3. सिंहेश्वर (SC)

4.  मधेपुरा

5.  सोनबरसा (SC)

6. सहरसा

7.  सिमरी बख्तियारपुर

8.  महिषी

9.  कुशेश्वर स्थान (SC)

10.  गौरा बौराम

11.  बेनीपुर

12.  अलीनगर

13.  दरभंगा ग्रामीण 

14.  दरभंगा

15.  हायाघाट

16.  बहादुरपुर

17.  केवटी

18.  जाले

19. गायघाट

20.  औराई

21.  मीनापुर

22. बोचहां (SC)

23.  सकरा (SC)

24.  कुढ़नी 

25. मुजफ्फरपुर

26. कांटी

27.  बरुराज

28.  पारू

29.  साहेबगंज

30.  बैकुंठपुर

31. बरौली

32.  गोपालगंज

33.  कुचायकोट

34. भोरे (SC)

35.  हथुआ

36.  सीवान

37.  जीरादेई

38.  दरौली (SC)

39.  रघुनाथपुर

40.  दरौंदा

41.  बड़हरिया

42.  गोरियाकोठी

43.  महाराजगंज 

44.  एकमा

45.  मांझी

46.  बनियापुर

47.  तरैया

48.  मढ़ौरा

49.  छपरा

50.  गरखा (SC)

51.  अमनौर

52.  परसा

53.  सोनपुर

54. हाजीपुर

55. लालगंज

56.  वैशाली

57.  महुआ

58. राजा पाकर (SC)

59. राघोपुर

60. महनार

61.  पातेपुर (SC)

62.  कल्याणपुर (SC)

63.  वारिसनगर

64.  समस्तीपुर

65.  उजियारपुर

66.  मोरवा

67.  सरायरंजन

68.  मोहिउद्दीननगर

69.  विभूतिपुर

70.  रोसड़ा (SC)

71. हसनपुर

72. चेरिया-बरियारपुर

73. बछवाड़ा

74. तेघरा

75. मटिहानी

76.  साहेबपुर कमाल

77. बेगूसराय

78. बखरी (SC)

79. अलौली (SC)

80.  खगड़िया

81.  बेलदौर

82. परबत्ता

83. तारापुर

84. मुंगेर

85. जमालपुर

86.  सूर्यगढ़ा

87. लखीसराय

88.  शेखपुरा

89.  बरबीघा

90.  अस्थावां

91. बिहारशरीफ

92. राजगीर (SC)

93.  इस्लामपुर

94.  हिलसा

95.  नालंदा

96.  हरनौत

97.  मोकामा

98.  बाढ़

99.  बख्तियारपुर

100. दीघा

101.  बांकीपुर

102.  कुम्हरार

103.  पटना साहिब

104.  फतुहा

105.  दानापुर

106.  मनेर

107.  फुलवारी (SC)

108. मसौढ़ी (SC)

109.  पालीगंज

110.  विक्रम

111.  संदेश 

112.  बड़हरा

113. आरा

114. अगिआंव (SC)

115. तरारी

116. जगदीशपुर

117. शाहपुर

118.  ब्रह्मपुर

119. बक्सर

120. डुमरांव

121.  राजपुर (SC)


आलोक कुमार

रविवार, 5 अक्टूबर 2025

शांति की अपील करने वाले वांगचुक को इसका जिम्मेदार ठहराना अन्याय

 


असहमति का अपराधीकरण सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी

शांति की अपील करने वाले वांगचुक को इसका जिम्मेदार ठहराना अन्याय 

लद्दाख.भारतीय लोकतंत्र पर गहरे सवाल खड़े करती है. लद्दाख की जनता के अधिकारों और पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्षरत वांगचुक को “राष्ट्रविरोधी” ठहराना केवल अन्यायपूर्ण ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा के साथ खिलवाड़ है.यह वही प्रवृत्ति है जिसने वयोवृद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी जैसे निर्दोष को जेल की यातना के हवाले कर उनकी जान ले ली थी. 

     सरकार का दायित्व जनता की जायज मांगों को सुनना और संवाद करना है, न कि आलोचना को अपराध मानना. लद्दाखियों की राज्य के दर्जे की मांग या पर्यावरणीय संसाधनों की रक्षा के प्रयास किसी भी तरह राष्ट्रविरोधी नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की उस भावना से जुड़े हैं जिसे प्रधानमंत्री स्वयं बढ़ावा देते हैं. 24 सितंबर 2025 की हिंसा निंदनीय है, लेकिन शांति की अपील करने वाले वांगचुक को इसका जिम्मेदार ठहराना अन्याय है. 

     लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ को कुचलना सरकार की कमजोरी का प्रतीक है.भारत को यह समझना होगा कि सरकार की आलोचना राष्ट्र विरोधी नहीं है. असहमति को कुचलना लोकतंत्र को खोखला करना है.सरकार को चाहिए कि तुरंत वांगचुक और अन्य गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई सुनिश्चित करे और लद्दाखियों की न्यायोचित मांगों पर संवेदनशील संवाद शुरू करें.यही एक लोकतांत्रिक राष्ट्र की पहचान है.

       कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) ने लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य लोगों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की. साथ ही, केंद्र को चेतावनी दी कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और अन्य प्रमुख मांगों को पूरा करने में उसकी विफलता हिमालयी क्षेत्र के लोगों को "अलग-थलग" कर रही है.

        केडीए सदस्य सज्जाद करगिली ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कठोर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेजे गए वांगचुक और लेह में हिरासत में लिए गए अन्य युवा नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की.उन्होंने कहा कि छठी अनुसूची के तहत राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

     करगिली ने कहा, ‘ऐसे समय में जब राष्ट्र अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, संवेदनशील क्षेत्र लद्दाख के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार लोगों में अलगाव और असुरक्षा की भावना को बढ़ाएगा.'उन्होंने कहा कि सरकार को ‘लोगों के साथ समझदारी से पेश आना चाहिए.’


आलोक कुमार

शनिवार, 4 अक्टूबर 2025

जिले में विकास कार्यों को नई गति एवं दिशा मिलेगी


15 विकासात्मक योजनाओं का शिलान्यास

पटना.मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज मुंगेर जिले में लगभग 12690 करोड़ रुपए की लागत से प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 15 विकासात्मक योजनाओं का शिलान्यास किया.

माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन योजनाओं से जिले में विकास कार्यों को नई गति एवं दिशा मिलेगी, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार होगा एवं उन्हें इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा.

इसके अतिरिक्त माननीय मुख्यमंत्री जी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों, जीविका दीदियों, विद्युत उपभोक्ताओं तथा अन्य योजनाओं के लाभार्थियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए.इसके पश्चात् माननीय मुख्यमंत्री जी ने स्थानीय लोगों से भी संवाद किया तथा उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना तथा उन पर सम्यक कार्रवाई के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया.


आलोक कुमार

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