मंगलवार, 10 अक्टूबर 2023

21 अक्टूबर 2003 को कार्डिनल पद पर पदोन्नत

रांची.एमेरिटस कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासीडस टोप्पो. उनका जन्म 15 अक्टूबर 1939 को हुआ.जब वे 29 साल 5 माह के थे,तब उनका पुरोहित अभिषेक 3 मई 1969 को हुआ था.उसके बाद जब 38 साल 6 माह के थे,तब दुमका धर्मप्रांत के बिशप 8 जून 1978 को नियुक्त किये गए.अंततः 7 अक्टूबर 1978 को 38 साल 9 माह में दुमका धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष नियुक्त हो गए.8 नवंबर 1984 को 45.0 साल में रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप के कोएडजुटर नियुक्त हुए.केवल 8 माह ही आर्चबिशप के कोएडजुटर रहने के बाद 45 साल 8 माह में 7 अगस्त 1985 को आर्चबिशप नियुक्त हुए.रांची महाधर्मप्रांत के सफल आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो को 64 साल की अवस्था में 21 अक्टूबर 2003 को कार्डिनल पद पर पदोन्नत कर दिया गया.(Appointed Cardinal-Priest of Sacro Cuore di Gesù agonizzante a Vitinia) आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो ने 78 साल और 6 माह में ही 24 जून 201 को सेवानिवृत्त हो गये.तब से एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो कहलाने लगे.4 अक्टूबर 2023 को 83.9 भारत के रांची के आर्चबिशप एमेरिटस की मृत्यु हो गयी.

   कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो द्वारा मुख्य अभिषेककर्ता के रूप में  बिशपों का अभिषेक किया गया. कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के हाथों स्टीफन एम. तिरु को 7 अक्टूबर 1986 को, चार्ल्स सोरेंग, एसजे 9 फरवरी 1990 को, माइकल मिंज, एसजे 22 अगस्त 1993 को, जोसेफ मिंज 24 अगस्त 1993 को, थॉमस कोझिमाला 7 अक्टूबर 1996 को, फेलिक्स टोप्पो, एसजे 27 सितंबर 1997 को, जूलियस मरांडी 7 अक्टूबर 1997 को, गेब्रियल कुजूर, एसजे 8 जनवरी 1998 को, विंसेंट बरवा 8 नवंबर 1998 को, विक्टर हेनरी ठाकुर 11 नवंबर 1998 को , पॉल अलोइस लकड़ा 5 अप्रैल 2006 को, जॉन बरवा, एसवीडी 19 अप्रैल 2006 को, क्लेमेंट तिर्की 23 अप्रैल 2006 को, पॉल टोप्पो 24 मई 2006 को, कुरियन वलियाकंडाथिल 27 फरवरी 2007 को, एंजेलस कुजूर, एसजे 18 अप्रैल 2007 को, बिनय कंडुलना 30 नवंबर 2012 को, इमैनुएल केरकेट्टा 2 फरवरी 2010 को, जोजो आनंद 8 दिसंबर 2012 को, किशोर कुमार कुजूर 29 सितंबर 2013 को, तेलेस्फोर बिलुंग, एसवीडी 30 अगस्त 2014 को थियोडोर मैस्करेनहास, एसएफएक्स 30 अगस्त 2014 को कैजेटन फ्रांसिस ओस्टा 22 अक्टूबर 2014 को और विंसेंट आइंड 14 जून 2015 को बिशप बनाया.


आलोक कुमार

सोमवार, 9 अक्टूबर 2023

जल,जंगल और जमीन को मुद्धा बनाकर कार्य किया


श्योपुर.देश-विदेश-प्रदेश में जन संगठन एकता परिषद कार्यशील है.इस जन संगठन के द्वारा जल,जंगल और जमीन को मुद्धा बनाकर कार्य किया जाता है.इस समय बिहार में एकता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी के नेतृत्व में "हर महिला को मासिक तीन हजार अभियान" चल रहा है.इस अभियान के तहत मधेपुरा जिलान्तर्गत मुरलीगंज प्रखंड कार्यालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित मांग-पत्र को मुरलीगंज प्रखंड के बीडीओ के माध्यम से दिया गया.मधेपुरा जिला प्रभारी सुनील कुमार,संगठन प्रभारी संतोष कुमार, पप्पू भारती एवं मनोरमा ऋषिदेव के साथ दिया गया.

वहीं आज मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एकता परिषद के बैनर तले महात्मा गांधी सेवा आश्रम श्योपुर में भू- अधिकार  सम्मेलन आयोजित किया गया. जिसमें 84 गांवों के लगभग 1500 महिला और पुरुषों ने भाग लिया.इस भू- अधिकार  सम्मेलन के एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रणसिंह परमार मुख्य अतिथि थे.

     महात्मा गांधी सेवा आश्रम के प्रांगण में  आयोजित भू- अधिकार  सम्मेलन  में आदिवासी मुखिया शामिल थे.इस अवसर पर एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रनसिंह परमार, महात्मा गाँधी सेवा आश्रम संस्था के प्रबंधक जय सिंह जादौन, एकता परिषद के वरिष्ठ रामदत्त सिंह तोमर, एकता परिषद के जिला अध्यक्ष गंगाराम,आदिवासी सेमरिया के साथ 84 गाँव के प्रमुख लोग उपस्थित रहे. जिसमें आदिवासी समुदाय के हक अधिकार के मुद्दों पर चर्चा हुई.

     बताया गया कि सम्मेलन में चर्चा की गयी कि यहां पर दबंगों के द्वारा आदिवासी समुदाय को प्रताड़ित कर जमीन हथिया लिया जा रहा है. इन आदिवासी गरीबों की जमीन छीनकर दबंगों के द्वारा उनको बेघर किया जा रहा है.ऐसा करने वाले इन दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई.यह वादा किया गया कि इसके लिए सभी आदिवासी समाज के मुखियाओं के साथ मिलकर एकता परिषद जमीनी लड़ाई लड़ेगी.जैसा पूर्व से हो है.""यह तो सिर्फ अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है"" ,""जल जंगल और जमीन हो जनता के अधीन"".

आलोक कुमार

कार्डिनल के अंतिम संस्कार में भाग लेने फादर बोज्जा जा रहे हैं रांची

  कार्डिनल के अंतिम संस्कार में भाग लेने फादर बोज्जा जा रहे हैं रांची


बक्सर.बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर बोज्जा बस्कर है.शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर बोज्जा बस्कर झारखंड जा रहे हैं.वे मंगलवार को बस से शाम में प्रस्थान करेंगे.यहां पर जाकर एमेरिटस कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. एमेरिटस कार्डिनल का निधन बुधवार 4 अक्टूबर को राजधानी रांची के मांडर में स्थित लिवंस हॉस्पिटल में निधन हो गया था.

  एक खास बातचीत में पल्ली पुरोहित फादर बोज्जा बस्कर ने कहा कि मैं सेंट  अल्बर्ट कॉलेज, रांची का का पुराना छात्र हूं. वहां पर थिओलॉजी कर रहा था.तब वर्ष 2009 में रांची महधर्मप्रांत के आर्चबिशप सह कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने धर्मशास्त्र थिओलॉजी के दूसरे वर्ष के दौरान मुझे आधिकारिक तौर पर अनुचर, पाठक, उपयाजक और समन्वयकर्ता (Acolyte, reader, deacon and ordination) के पद से सम्मानित किये थे.

   उन्होंने कहा कि कार्डिनल के द्वारा पुरोहिताई के लिए सभी उम्मीदवारों को आदेश प्राप्त हुआ.इसमें मैं भी हूं.उनके आशीर्वाद से उपयाजक बने.उसके बाद अभी पुरोहित अभिषेक पाकर बक्सर धर्मप्रांत के एक पुरोहित हूं.इसके आलोक में उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने रांची जा रहा हूं.सूचना के अनुसार बक्सर से अकेला पुरोहित हूं जो कार्डिनल के अंतिम संस्कार में भाग लेने जा रहा हूं.

   उन्होंने कहा कि कार्डिनल के साथ यह दुर्लभ ग्रुप फोटो है.इसमें प्रथम लाइन के दाहिने की ओर एक के बाद दूसरे में बैठा हूं.

      मालूम हो कि राजधानी रांची से 30.3 कि.मी. की दूरी पर मांडर स्थित लिवंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर है.अभी भी प्रभु के प्यारे कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव हॉस्पिटल में है.कल 10 अक्टूबर की सुबह मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर 10 अक्तूबर को मांडर स्थित फादर कांस्टेंट लीवंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से रांची लाया जायेगा.संत मेरिज कैथेड्रल में कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को रात्रि 9 बजे तक दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित कर पाएंगे.पुन: 11 अक्टूबर को 06 से 12 बजे तक दर्शन और श्रद्धांजलि करने के बाद 01:00 से संत लोयोला मैदान में कार्डिनल का पार्थिव शरीर रखकर अंतिम बार मिस्सा होगा.इसमें वाटिकन से भारत में नियुक्त राजदूत भाग लेंगे.अंतिम मिस्सा खत्म होने के बाद आर्चबिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का दफन संस्कार 11 अक्तूबर को किया जायेगा. उनका निधन चार अक्तूबर को मांडर स्थित अस्पताल में हो गया था.


आलोक कुमार

कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के संकेत भाजपा के खिलाफ

 *प्रेस/मीडिया की आजादी पर सत्ता संरक्षित हमले के खिलाफ 9-15 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद

*पूरे देश में सामाजिक न्याय संबंधी नीतियों को नए सिरे से वंचितों के पक्ष में तय करने की जरूरत

*कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के संकेत भाजपा के खिलाफ

*विधानसभा चुनावों में भाजपा की करारी शिकस्त के लिए करेंगे प्रयास

पटना.भाकपा-माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि भारत सरकार को किसी भी सूरत में इजरायल के पक्ष में खड़ा नहीं होना चाहिए. इजरायल-फिलीस्तीन के बीच के टकराव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए भारत को फिलिस्तीनियों के अधिकार को हासिल करने की दिशा में राजनीतिक समाधान निकालने में मदद करनी चाहिए. हम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र संघ से भी अपील करते हैं कि वे इजरायल और हमास को नियंत्रित कर संकटग्रस्त फिलिस्तीनियों और आम इजरायली जनता के जानमाल की क्षति को रोकने का काम करे.

पटना में आज एक संवाददता सम्मेलन के दौरान का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि इसके विपरीत प्रधानमंत्री मोदी ने कल से जारी हिंसा को आतंकवादी हमला कहते हुए इजरायल के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है. भाजपा भारत में आतंकवादी हमलों और हमास की वर्तमान आक्रामकता को समतुल्य बताने की झूठी कोशिश कर रही है. मोदी सरकार और भाजपा फिर से फिलिस्तीन पर कब्जा और फिलिस्तीनियों के विरुद्ध इजरायल के अपराधों से आंखें मूंद कर इस घटनाक्रम का इस्तेमाल मुस्लिम विरोधी नफरत फैलाने में करना चाहती है. 

संवाददाता सम्मेलन में का. दीपंकर के अलावा पार्टी के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, अमर, मीना तिवारी व शशि यादव उपस्थित थे.

उन्होंने आगे कहा कि न्यूजक्लिक के उपर जो आरोप लगाए गए हैं और उन आरोपों के आधार पर जो छापेमारी हुई है, दुनिया के इतिहास में पत्रकारों पर हमले के ऐसे विरले ही उदारण होंगे. सरकार 2 साल से जांच कर रही है, जांच से क्या निकला, यह अलग सवाल है; लेकिन न्यूयार्क टाइम्स की दो लाइन की रिपोर्ट के आधार पर जो कार्रवाई हुई है, वह पत्रकारिता को आतंकवाद के रूप में पारिभिषत करने का एक गंभीर षड्यंत्र है. 

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चलने वाले किसान आंदोलन और उसको कवर करने वाले पत्रकारों को चीन के इशारे पर काम करने वाला बताया गया है. जिस तरह से उनके मोबाइल, लैपटॉप जब्त किए गए हैं; वे भीमा कोरेगांव की कहानी दुहराने वाली है. जो पत्रकार चाटुकारिता की बजाए सरकार से सवाल पूछ रहे हैं, उनकी आवाज खामोश कर देने के लिए उनके ऊपर बेहद साजिशपूर्ण ढंग से हमले किए गए हैं. यह न केवल पत्रकारिता बल्कि पूरे देश के लिए खतरनाक है. इसके खिलाफ 9-15 अक्टूबर तक भाकपा-माले ने संगठित तरीके से राष्ट्रव्यापी विरोध कार्यक्रम का अभियान लिया है.

पत्रकारों के साथ-साथ आप नेता संजय सिंह की गिरफ्तारी; तृणमूल कांग्रेस व डीएमके के नेताओं पर छापेमारी दिखाती है कि मोदी सरकार अंदर से बहुत डरी हुई है और जो भी बचा-खुचा लोकतंत्र है, उसे खत्म कर देने पर आमदा है.

जाति आधारित सर्वे का हमने स्वागत किया है. 2021 में पूरे देश में गणना होनी थी, लेकिन आजादी के बाद पहली बार समय पर जनगणना नहीं हुई, और कब होगी इसकी भी संभावना नहीं दिख रही है. ऐसे दौर में बिहार ने जाति अधारित सर्वे कराकर सराहनीय काम किया है. हमें उसके संपूर्ण रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन जितने आंकड़े आए हैं, वे बहुत कुछ कहते हैं. 

1931 की जनगणना के आधार पर ओबीसी 52 प्रतिशत के इर्द-गिर्द थी. इस सर्वे ने बताया कि ओबीसी की आबादी 63 प्रतिशत है. इसमें ईबीसी की आबादी लगभग 37 प्रतिशत है. और तब इसके आधार पर चाहे आरक्षण की नीति हो या सरकार की योजनाओं का सवाल हो, अपडेट होने चाहिए. सामाजिक-आर्थिक न्याय हासिल करने के लिए सरकार को बहुत कुछ करना होगा. पूरे देश में सामाजिक न्याय संबंधी नीतियों को नए सिरे से वंचितों के पक्ष में तय करने की जरूरत है.

आर्थिक आधार पर सवर्ण आरक्षण का हमने शुरूआती दौर से ही विरोध किया है. आंकड़ों ने उसे और साफ कर दिया है. आबादी के हिसाब से 8-9 प्रतिशत आबादी को 10 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है. यह बिलकुल अनुचित है. 

इसके साथ-साथ आरक्षण को विभिन्न तरीकों से कमजोर बनाया जा रहा है. प्राइवेटाइजेशन से लेकर लैटरल इंट्री ने उसे कमजोर किया है. एक तरफ कॉरपोरेट हित हैं तो दूसरी ओर संस्थानों पर आरएसएस की पकड़ मजबूत बनाई जा रही है. इसलिए सामाजिक व आर्थिक न्याय के सवाल को सार्थक बनाने के लिए सही योजनाओं के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है. पार्टी व इंडिया गठबंधन के स्तर पर इसपर बात होगी.

लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग पर हमारी ओर से तेजी लाने के लिए बातचीत जारी है. बिना देरी किए इसपर सहमति बना लेनी चाहिए. 5 राज्यों के आने वाले विधानसभा चुनाव के संकेत भाजपा के खिलाफ हैं. भाजपा जनता के आक्रोश का सामना कर रही है. हम भाजपा की करारी शिकस्त के लिए प्रयास करेंगे. इससे 2024 के लिए एक निर्णायक माहौल भी बनेगा.


आलोक कुमार


ग्रामीण विकास विकास के सचिव को तरारी विधानसभा के अति जर्जर सड़कों के जीर्णाेद्वार करने के संबंध में ज्ञापन


पटना. माले के विधायक सुदामा प्रसाद है.कृषि उद्योग विकास समिति के सभापति है. ग्रामीण विकास विकास के सचिव को तरारी विधानसभा के अति जर्जर सड़कों के जीर्णाेद्वार करने के संबंध में ज्ञापन पेश किया है. प्रेषित ज्ञापन के आलोक में कहना है कि तरारी विधानसभा के तरारी, सहार एवं पीरो प्रखंड के सड़कें अति जर्जर हो गयी है जिससे ग्रामीण जनता ग्राही आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है अतः इन सड़कों का निर्माण अति शीध्र हो.

           1. कार से पचमा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 2.वनडीह टोला से इंगलिश टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 3. बचरी फाल कटेया नहर होते हुए बचरी महादलित टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार ,4.पचरूखिया से रमसीडीह तक सड़क का जीर्णाेद्वार , 5. आरा-सासाराम पथ से माखन टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 6. पचरूखिया सुखरौली पथ से बथान होते हुए रंगलाल टोला होते हुए तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 7. रंगलाल टोला से काली टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 8. सेदहा कुकुरामोरी से सेदहा टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार,9. अंधारी सुर्यमंदिर से मेन सड़क तक सड़क का जीर्णाेद्वार,10. अमरूहां स्कूल से आहर होते हुए जुगुल टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 11. नोनाडीह मोड़ से पनवारी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 12. तरारी से इंगलिश तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 13. खुटाहां मोपती रोड से तरारी बिहिया कैनाल बैंक पर सड़क का जीर्णाेद्वार, 14. जेठवार पथ से गरहथा होते हुए आरा-सासाराम पथ तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 15. कातर से नारायणपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 16. पीडब्लूडी रोड से निर्भयडिहरा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 17. मोपती पुल से पनवारी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 18. पीरो सिकरहटा रोड से बसौरी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 19. फतेपुर कोसडिहरा कैनाल पीएमएसजीवाई रोड से निर्भयडिहरा पथ तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 20. नोनाडिह गड़हनी रोड से बसरा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 21. आरईओ रोड से महादेवपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 22. कुरमुरी रोड से टीजीरो 3 रोड से धनगावां तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 23. खुटहां बाजार से मिल्की सौना तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 24. पीरो सिकरहटा मेन रोड से सिकरहटा टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 25. सहार मेन रोड से डिहरी टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 26. आरईओ रोड से बजरेयां तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 27. आरईओ रोड से बैसाडीह तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 28. पीरो सिकरहटा रोड से बचरी ग्राम तक सड़क का जीर्णाेद्वार,  29. पीडब्लूडी रोड से जैसीडीह गांव तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 30. आरा-सासाराम रोड से गरहथा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 31. पीडब्लूडी रोड से बसावन टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 32. पीडब्लूडी रोड से देवचंदा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 33. बंगौटी से पुरहरा महादलित टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 34. धनछुहां से चौरी लख तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 35. खैरा ग्राम से करबासीन तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 36. टीजीरो-1 से सखुआना तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 37. अंधारी पीएमएसजीवाई रोड से धर्मपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार,  38. पीडब्लूडी रोड से गोविंदडीह तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 39. आरा-सासाराम रोड से सहेजनी वैसाडीह तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 40. कैनाल रोड से एकवारी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 41. अंधारी धर्मपुर मोड़ से अटपा तक सड़क का जीर्णाेद्वार,  42. फतेपुर से कोसडीहरा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 43. फतेपुर से चकिया तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 44. सेदहा से बेलडीहरी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 45. कुसुमी से सारा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 46. कुरमुरी से तरारी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 47. मोपती मेला महावीरगंज से चौरी भाया पनवारी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 48. गोपती मेल से मोआपकला गांव तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 49. टीजीरो-1 पीडब्लू रोड से इमादपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 50. टीजीरो-2 पीडब्लू रोड से नवाडीह तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 51. टीजीरो-2 से मोआपखुर्द तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 52.टीजीरो-2 हाई स्कूल से सिकहरटा बैंक तक सड़क का जीर्णोद्वार, 53.मिश्री कर्मा से शिवपुर बोर्डर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 54. टीजीरो-3 कुरमुरी रोड से गंगटी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 55. नहर रोड से गोपालपुर बकसंडा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 56. टीजीरो-5 बुढ़ी जेठवार से अकरूआं तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 57. पीडब्लूडी रोड से नउआ तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 58. टीजीरो-32. टीजीरो-3 से रन्नी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 59. तरारी मेन रोड से बड़का गांव तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 60. सैदनपुर से इंगलिशपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 61. टीजीरो-5 आरईओ रोड से शंकरडीह तक सड़क का जीर्णाेद्वार,62. टीजीरो - 2 पीडब्लूडी रोड से जगजीवनापुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 63. कुसुमी से बरसी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 64. टीजीरो-2 से सिकरौलत तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 65. बागर रोड़ से गुढ़वा टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार,  66. टीजीरो-5 आरईओ० रोड से जेठवार भटट तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 67. बिहटा से बिहटा महादलित टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 68. टीजीरोड-3 तरारी रोड से इटहरी महादलित टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 69. टीजीरो - 36, टीजीरो-4 सदनपुर रोड से डिहरी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 70. कुरमुरी रोड टीजीरो-3 से बरसी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 71. पीरो बिहटा रोड से बहादुरपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 72. नोनार बिहटा मेन रोड से बुढ़वा महादेव तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 73. एलजीरो-35 तेतरडीह से बसमनपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 74. टीजीरो-1 से विशुनपुर से बरूहीं मठिया तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 75. टीजीरो-2 महादलित टोला से एकवारी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 76. टीजीरो-33 से कुढ़वा टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 77. टीजीरो-2 पीडब्लूडी रोड से गुलजारपुर तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 78. कैनाल रोड से कोनी तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 79. एलजीरो-37 से कनपहरी होते हुए भटठ विगहा तक सड़क का जीर्णाेद्वार,  80. कैनाल रोड से ओझवलिया तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 81. टीजीरो-1 सहार से पेउर सहार टोला तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 82. कैनाल रोड से पुरहरा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 83. सहार बस स्टैण्ड से अवगीला थाना तक सड़क का जीर्णाेद्वार,  84. टीजीरो-3 बिहटा कैनाल रोड से नीमा तक सड़क का जीर्णाेद्वार, 85. टीजीरो-2 अनुआ से डिहरी टोला होते हुए कोरनडीहरी तक सड़क का जीर्णाेद्वार.


आलोक कुमार


मुजफ्फरपुर की भाजपा नेत्री चंदा देवी आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया

 पाँचों राज्यों में बनेगी कांग्रेस की सरकारः डा0 अखिलेश

पटना। प्रतिष्ठित नेताओं द्वारा भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आने का सिलसिला जारी है। मुजफ्फरपुर की भाजपा नेत्री चंदा देवी आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया। इतना ही नहीं वह 2011 से 2016 के बीच जिला परिषद की अध्यक्ष भी रहीं और उनके पति संजय गुप्ता कुढ़नी के भाजपा विधायक केदार गुप्ता के सगे छोटे भाई हैं और वहां के पैक्स अध्यक्ष हैं। 

    इसके अलावा भाजपा के जल प्रबंधन प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ शरण ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया। इस उपलक्ष्य में आज प्रदेश पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में मिलन समारोह का भी आयोजन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस में उनका स्वागत करते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवायी। 

       डा0 सिंह ने कहा कि लोगों का भाजपा से मोह भंग हो रहा है और लोग भाजपा नेतृत्व से उब चुके हैं इसलिए बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता भाजपा का परित्याग कर रहे हैं। 

     मीडिया द्वारा देश के पाँच राज्यों में चुनाव की घोषणा के संदर्भ में पूछे गये सवाल के जबाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मैं चुनाव आयोग के निर्णय का स्वागत करता हूँ और मुझे पूरा भरोसा है कि कांग्रेस पांचों राज्यों मशलन मिजोरम, छत्तिसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगना में पूर्ण बहुमत की सरकार बनायेगी। उन्होंने कहा कि मोदी और भाजपा का झूठ और फरेब का पोल खुल चुका है और लोग उनसे मुक्ति पाने के लिए वेचौन हैं। 

     आज के इस मिलन समारोह में जो नेता शामिल थे उनमें प्रमुख हैं विधायक बिजेन्द्र चौधरी, आनन्द शंकर, बंटी चौधरी, कपिलदेव प्रसाद यादव, राजेश राठौड़, लाल बाबू लाल, इरशाद हुसैन, निर्मल वर्मा, आनन्द माधव, आलोक हर्ष, धर्मवीर शुक्ला, डा0 विनोद शर्मा, राजकिशोर सिंह, आशुतोष शर्मा, उमर सैफुल्ला खां, मंटन सिंह, अरविन्द मुकुल, निधि पाण्डेय, अविनाश शर्मा, मृणाल अनामय, फिरोज हसन, अरूणा सिंह।


आलोक कुमार

प्रथम परमप्रसाद 8 बच्चों और दृढ़करण 2 बच्चों को दिया गया

 


दरभंगा.एक बार फिर होली रोसरी चर्च खास रहा.रविवार 8 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप कैजेटन फ्रांसिस ओस्ता आए थे.यहां पर एक साथ बिशप कैजेटन के द्वारा प्रथम परमप्रसाद और दृढ़करण संस्कार दिया गया.प्रथम परमप्रसाद 8 बच्चों और दृढ़करण 2 बच्चों को दिया गया.

  प्रथम परमप्रसाद और दृढ़करण संस्कार लेने वाले बच्चे सफेद परिधान में थे. घर से ही सफेद परिधान में बच्चे होली रोसरी चर्च में पहुंचे.दरभंगा पल्ली के  प्रधान पल्ली पुरोहित फादर वाल्टर सुशील गाब्रिएल बच्चों को देखकर खुश थे.

इस अवसर पर मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप कैजेटन फ्रांसिस ओस्ता ने पवित्र मिस्सा अर्पित किये.उनके साथ दरभंगा पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर वाल्टर सुशील गाब्रिएल और गोरखपुर धर्मप्रांत के फादर अनीश और फादर नोएल (सी0एस0टी0),येसु समाजी फादर फिलिप कट्टक्स्यम के साथ एंथोनी स्वामी थे.

  प्रथम परमप्रसाद ग्रहण करने वाले 8 बच्चों और दृढ़करण संस्कार ग्रहण करने वाले 2 बच्चों के घर काफी जश्न का महौल देखा गया.विशेष आहार बना बना था.बच्चों के घरों में रिश्तेदार आए थे.इससे बच्चे काफी खुश दिखे.इससे पहले बच्चे चर्च में खुश देखे गये जब प्रभु येसु ख्रीस्त के शरीर और रक्त को पहली बार आदर के साथ ग्रहण किये.

आलोक कुमार

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