गुरुवार, 19 जून 2025

महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वाभिमान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

 महिला कांग्रेस द्वारा बिहार में सेनेटरी पैड वितरण अभियान

महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वाभिमान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

पटना . विधायक प्रतिमा कुमारी दास, पूर्व विधायक अमिता भूषण, बिहार कांग्रेस की महिला प्रभारी श्रीमती प्रीति उपाध्याय, एवं महिला कांग्रेस की टीम ने आज पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. इस अवसर पर उन्होंने 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान महिलाओं को न्याय, विशेषकर आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर प्रकाश डाला.

    इन नेताओं ने कहा कि जब हम आर्थिक और राजनीतिक न्याय की बात करते हैं, तो बिहार की स्थिति अत्यंत गंभीर नजर आती है. बिहार में अभी तक नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) की रिपोर्ट जारी नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, बिहार में 80% किशोरियों को सेनेटरी पैड नहीं मिलते हैं.

       आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 40,000 स्कूलों में से मात्र 350 स्कूलों में ही सेनेटरी पैड उपलब्ध हैं.यह कार्य बिहार सरकार को करना चाहिए था, लेकिन राहुल गांधी जी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय महिला कांग्रेस ने 'उड़ान प्रोजेक्ट' के तहत यह जिम्मेदारी उठाई है. इस परियोजना के तहत कांग्रेस द्वारा बेगूसराय, वैशाली में सेनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन स्थापित की गई हैं.

      राहुल गांधी जी के जन्मदिन के अवसर पर, महिला कांग्रेस बिहार में 25,000 महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित करेगी, ताकि महिलाएं 'कपड़ा मुक्त' हो सकें और स्वच्छता के साथ सम्मानपूर्ण जीवन जी सकें.

           प्रेस वार्ता में विधायक प्रतिमा कुमारी दास , पूर्व विधायक अमिता भूषण, महिला कांग्रेस के बिहार प्रभारी प्रीति उपाध्याय विनीता भगत सुधा प्रसाद प्रियंका कुमार मौजूद थी.



आलोक कुमार




बुधवार, 18 जून 2025

दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर 'चोकर्स' जाता है 1996

 

 1.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर 'चोकर्स'  जाता है 1996  

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल

पटना. रंगभेद के कारण 21 साल का निष्कासन झेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटी साउथ अफ्रीका के पास बेहतरीन तेज गेंदबाज और चुस्त फील्डर थे. लेकिन सेमीफाइनल में बारिश आई और उसे 7 गेंदों से 22 रनों की बजाय अब 1 गेंद में 22 रन बनाने का  असंभव संशोधित लक्ष्य मिला था. और इस तरह उसे हार मिली.

 2.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर 'चोकर्स'  जाता है 1996
वेस्टइंडीज के खिलाफ 1996 वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल

सभी ग्रुप मैच जीतने के बाद हैंसी क्रोनिये की टीम का पलड़ा भारी माना जा रहा था, लेकिन ब्रायन लारा की जबर्दस्त बल्लेबाजी के बाद रोजर हार्पर और जिमी एडम्स की फिरकी के जाल में साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज फंसते चले गए और 19 रनों से मैच हार गए.

3.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर 'चोकर्सकहा जाता है 1999

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल

साउथ अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास का सबसे निराशाजनक मैच शायद इसी मैच में हुआ. टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे लांस क्लूसनर को जिसने ‘ट्रेजेडी किंग’ बना दिया. जीत के लिए 214 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका को आखिरी ओवर में 9 रन बनाने थे. आखिरी जोड़ी क्रीज पर थी. क्लूसनर ने पहली दो गेंद पर चैका जड़ा, लेकिन अगली गेंद पर एलन डोनाल्ड रन आउट हो गए और मैच टाई हो गया. सुपर सिक्स चरण में जीत दर्ज करने के कारण ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंचा.

4.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर 'चोकर्स' कहा जाता है 2007

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2007 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल

पहले बल्लेबाजी का साउथ अफ्रीका का फैसला गलत साबित हुआ. ग्रीम स्मिथ, हर्शल गिब्स , जैक्स कैलिस, एबी डिविलियर्स और मार्क बाउचर जैसे धुरंधर 149 के स्कोर पर आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर बाकी रहते मैच जीता.

5. दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर  'चोकर्स'  कहा जाता है 2009

पाकिस्तान के खिलाफ 2009 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल

साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, भारत को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई. लेकिन शाहिद अफरीदी की शानदार स्पिन गेंदबाजी के सामने टीम 150 रनों का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी.

6.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर  'चोकर्स'  कहा जाता है 2011

न्यूजीलैंड के खिलाफ 2011 वनडे वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल

एबी डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, ग्रीम स्मिथ, जैक्स कैलिस और जेपी डुमिनी जैसे दिग्गज न्यूजीलैंड के खिलाफ 222 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए. एक समय 25 ओवरों में 8 विकेट पर 108 रन बनाने के बाद अगले सात विकेट 64 रन पर गंवा दिए.

7.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर  'चोकर्स'  कहा जाता है 2013

इंग्लैंड के खिलाफ 2013 चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल

साउथ अफ्रीका का स्कोर 8 विकेट पर 80 रन था, जिसके बाद डेविड मिलर और रोरी क्लेनवेल्ट ने इसे 175 रनों तक पहुंच गया. जोनाथन ट्रॉट के नाबाद 82 रनों की मदद से इंग्लैंड ने 12 ओवर और सात विकेट बाकी रहते जीत दर्ज की.

8.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर  'चोकर्स'  कहा जाता है 2014

भारत के खिलाफ 2014 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल

भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करके साउथ अफ्रीका को हराया.

9.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर  'चोकर्स'  कहा जाता है 2015

न्यूजीलैंड के खिलाफ 2015 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल

साउथ अफ्रीका के क्रिकेटरों की सुनहरी पीढ़ी. हर विभाग में जबरदस्त , लेकिन फिर सेमीफाइनल हारे. न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में हराकर फिर साउथ अफ्रीका का दिल तोड़ा.न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 50 रनों से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह पक्की की, जहां उसका सामना भारत से होगा। यह लगातार दूसरा बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट है, जिसमें प्रोटियाज नॉकआउट में तो पहुंचे, लेकिन उसे ट्रॉफी में तब्दील नहीं कर पाए।

10.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर  'चोकर्स'  कहा जाता है 2022

नीदरलैंड्स के खिलाफ 2022 टी20 वर्ल्ड कप सुपर 12
सेमीफाइनल
 एक जीत दूर साउथ  अफ्रीकी टीम को नीदरलैंड्स ने 13 रनों से हराकर उलटफेर कर दिया था.टी20 वर्ल्ड कप 2022 का एक और बड़ा उलटफेर हो चुका है और इस बार खिताब की दावेदार मानी जा रही दक्षिण अफ्रीकी टीम को इसका स्वाद चखना पड़ा है. सुपर 12 स्टेज के ग्रुप 2 के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को नीदरलैंड्स के हाथों 13 रन से हार का सामना करना पड़ा है. एडिलेड में खेले गए रोमांचक मुकाबले में नीदरलैंड की टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 158 रन के स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और शानदार जीत दर्ज की.

11.दक्षिण अफ्रीकी टीम को अक्सर 'चोकर्स' कहा जाता है 2023

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल

लीग चरण में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अंतिम चार के अहम मुकाबले में एक बार फिर ‘ 'चोकर्स' ’ साबित हुई साउथ अफ्रीका टीम.
वनडे वर्ल्ड कप 2023 के दूसरे सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को कड़ी टक्कर दी, लेकिन उसे जीतने से नहीं रोक पाई। कंगारू टीम ने इस मैच में 3 विकेट शेष रहते 7 विकेट गंवाकर जीत के लिए मिले 213 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया और फाइनल में पहुंच गई. अब फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना 19 नवंबर को भारत के साथ अहमदाबाद में होगा.

आलोक कुमार


मंगलवार, 17 जून 2025

साउथ अफ्रीका को‘चोकर्स‘ कहा जाता था

 

पटना. वर्ल्ड  टेस्ट चैंपियनशिप  2023-2025 जीतने के पहले साउथ अफ्रीका को‘चोकर्स‘ कहा जाता था.आखिर क्यों ने कहा जाए.लीग मैच में शानदार प्रदर्शन करने के बाद क्वार्टर फाइनल ,सेमीफाइनल और फाइनल में जाकर आत्मसमर्पण करना साउथ अफ्रीका का मौलिक अधिकार बन गया था.

           सबसे पहले वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 के वनडे वर्ल्ड  कप सेमीफाइनल में जाकर हार गया. फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ 1996 वर्ल्ड  कप के क्वार्टर फाइनल में हार,ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999 वर्ल्ड  कप सेमीफाइनल में हार,ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2007 वर्ल्ड  कप सेमीफाइनल में हार,पाकिस्तान के खिलाफ 2009 टी20 वर्ल्ड  कप सेमीफाइनल में हार,न्यूजीलैंड के खिलाफ 2011 वनडे वर्ल्ड  कप क्वार्टर फाइनल में हार,इंग्लैंड के खिलाफ 2013 चैम्पियंस ट्रॅाफी सेमीफाइनल में हार,भारत के खिलाफ 2014 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार,न्यूजीलैंड के खिलाफ 2015 वनडे वर्ल्ड  कप सेमीफाइनल में हार,नीदरलैंड्स के खिलाफ 2022 टी20 वर्ल्ड  कप सुपर 12 सेमीफाइनल में हार और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार.


आलोक कुमार


सोमवार, 16 जून 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपर अनुशंसाओं का असर पड़ता ही नहीं है

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपर अनुशंसाओं का असर पड़ता ही नहीं है

2014 में सांसद भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता में 3 हजार न्यूनतम पेंशन देने की  अनुशंसा कमिटी ने की थी

2025 में सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली कमिटी ने 7500 न्यूनतम पेंशन देने की अनुशंसा की है 

पटला. भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा अपनी कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन राशि 1,000 रुपये बढ़ाए.     

          संसद की एक समिति ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की सिफारिश की है.केंद्र सरकार ने 2014 में ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स को मिलने वाली न्यूनतम पेंशन 250 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह तय की थी.लेकिन ट्रेड यूनियनों और पेंशनर्स के संघों की लंबे समय से मांग रही है कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर कम से कम 7,500 रुपये प्रति माह किया जाए. उनका कहना है कि महंगाई बहुत बढ़ गई है, इसलिए पेंशन भी बढ़नी चाहिए। लेकिन पिछले 11 साल से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.     

               बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि EPS 95 की कर्मचारी पेंशन योजना तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन को बढ़ाया जाए। अभी यह पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह है। समिति ने पहले भी यह सिफारिश की थी और एक बार फिर इसे दोहराया है। समिति ने कहा कि 2014 के मुकाबले 2024 में महंगाई कई गुना बढ़ गई है और इसके मुताबिक पेंशन में बढ़ोतरी करने की जरूरत है. समिति ने आगे कहा कि वित्तीय असर को ध्यान में रखते हुए भी सरकार को पेंशनरों और उनके परिवार के सदस्यों के व्यापक हित में तत्परता के साथ यह काम करने की जरूरत है.   प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की के मूल वेतन पर 12 प्रतिशत की कटौती खाते के लिए की जाती है. वहीं, कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के  खाते में जमा करती है. एम्प्लॉयर की ओर से जमा किए जाने वाली रकम में से 8.33ः हिस्सा ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) में जमा होता है, जबकि बचा हुआ 3.67% हिस्सा पीएफ में जाता है.   

    भगत सिंह कोश्यारी कमेटी ने ईपीएफ से जुड़े कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने की सिफारिश की थी. यह सिफारिश साल 2013 में की गई थी. हालांकि, केंद्र सरकार ने इस पर अब तक अमल नहीं किया है.  


आलोक कुमार

रविवार, 15 जून 2025

मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया

 मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया


पटना . अहमदाबाद विमान हादसे में कई लोगों की जान चली गई है. उन्हीं में से एक हैं एयर होस्टेस मनीषा थापा. मनीषा थापा के निधन के बाद उनके पूर्व शैक्षणिक संस्थान सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन को गहरा सदमा लगा है. आज कॉलेज में एक संवेदना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मनीषा के सहपाठियों, शिक्षकों और एल्युमिनाई सदस्यों ने भाग लिया और मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया.
        लाइब्रेरी शिक्षक तपेश्वर प्रसाद ने बताया कि मनीषा सहज तरीके से लाइब्रेरी में पुस्तक पढ़ने के बाद कुछ पुस्तकों की लिस्ट उन्हें देती थी. वह उस पुस्तकों को निकाल कर रख देते थे. इसके बाद मनीषा कॉलेज से घर जाते समय उन पुस्तकों को लेकर चली जाती थी और फिर उसे पढ़कर समय पर लौटा देती थी. कोर्स कंप्लीट होने के बाद भी मनीषा तीन-चार बार कॉलेज आई. मनीषा जब भी कॉलेज आती थी, तब सभी शिक्षकों और अपने जूनियर से से जरूर मिलती थी. उनको बताती थी कि मैंने इंडिगो ज्वाइन कर लिया है.
         गुजरात के अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में 241 लोगों की जान चली गई. इस दुखद हादसे में पटना से जुड़ी एयर होस्टेस मनीषा थापा भी दुनिया को अलविदा कह गईं. मनीषा मूल रूप से नेपाल के विराटनगर की रहने वाली थीं, लेकिन उनका जन्म पटना में हुआ था. उन्होंने पटना के सेंट जेवियर्स कॉलेज में 2014 से 2017 तक पढ़ाई की और अपनी प्रतिभा से सभी का दिल जीता.
      मनीषा के निधन पर सेंट जेवियर्स कॉलेज में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने उन्हें नम आंखों से याद किया. बिजनेस इकोनॉमिक्स विभाग की प्रमुख (एचओडी) कल्पना कुमारी ने कहा, ‘मनीषा जेवियर्स परिवार की एक अनमोल बेटी थी. वह न केवल एक होनहार छात्रा थीं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थीं. उनकी पढ़ाई के प्रति लगन, सहपाठियों के साथ सहयोग और हर गतिविधि में उत्साह शिक्षकों के लिए प्रेरणा था.‘ कल्पना कुमारी ने बताया कि मनीषा क्लास रेप्रेजेंटेटिव थीं और कॉलेज की हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं. वह न सिर्फ अपनी पढ़ाई में अव्वल थीं, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करती थीं. उनकी कॉपी चेक करने में मजा आता था. वह हमेशा सकारात्मक रहती थीं. तीन साल में उन्होंने बहुत प्रगति की. हमें यकीन था कि वह जिंदगी में बहुत आगे जाएंगी, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया.
      यह जेवियर्स परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. मनीषा के क्लासमेट एल्विन ने भी उन्हें याद करते हुए कहा, ‘ मनीषा के बिना सब सूना है. वह हमेशा सबको हंसाती थीं और किसी को दुखी नहीं देख सकती थीं. पढ़ाई हो या कॉलेज की गतिविधियां, वह हर चीज में आगे रहती थीं. हम अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं.‘ एल्विन के मुताबिक, मनीषा ने कॉलेज के बाद अपने सपनों को पंख दिए और एयर होस्टेस के रूप में करियर शुरू किया. कुछ समय पहले वह कॉलेज आई थीं और अपनी उपलब्धियां साझा कर शिक्षकों को मिठाई खिलाई थीं. अचानक उनके जाने से कॉलेज में शोक की लहर है. शिक्षक और छात्र उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भगवान से उनके माता-पिता को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहे हैं. मनीषा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और प्रेरणा सेंट जेवियर्स कॉलेज में हमेशा जिंदा रहेंगी.
एयर इंडिया की केबिन क्रू मेंबर मनीषा थापा को आज उनके कॉलेज सेंट जेवियर मैनेजमेंट कॉलेज, दीघा में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई.आज कॉलेज परिसर में शोक का माहौल था, जहां शिक्षकों, सहपाठियों और कॉलेज स्टाफ ने नम आंखों से मनीषा को अंतिम विदाई दी.
   श्रद्धांजलि सभा के दौरान मनीषा की याद में पौधे भी लगाए गए , ताकि उनकी स्मृति में सदैव जीवित रहें. छात्र-छात्राओं ने कहा कि मनीषा हमेशा मुस्कुराते रहने वाली और प्रेरणा देने वाली शख्सियत थीं, जिनका जाना सभी के लिए अपूरणीय क्षति है.
    मनीषा थापा दो दिन पहले अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में बतौर केबिन क्रू तैनात थीं. टेकऑफ के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना हो गई, जिसमें मनीषा की जान चली गई.मनीषा के माता-पिता इस समय अहमदाबाद में हैं. हादसे के बाद उनका डीएनए टेस्ट कराया गया है, जिसके जरिए मनीषा की पहचान की जा रही है. पहचान की पुष्टि के बाद ही उनका पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपा जाएगा.
     कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने सरकार और एयर इंडिया से अपील की है कि मनीषा के परिवार को समुचित मुआवजा और हर संभव सहायता प्रदान की जाए.पटना ने आज एक होनहार बेटी को खो दिया, लेकिन उसकी यादें, उसका संघर्ष और उसकी मुस्कान हमेशा सबके दिलों में जीवित रहेंगी.
              मनीषा मूल रूप से नेपाल के विराटनगर की रहने वाली थीं, लेकिन उनके पिता राजू थापा बिहार पुलिस में बेगूसराय में पोस्टेड हैं. मनीषा का पूरा परिवार पटना में रहता है. मनीषा का जन्म पटना में ही हुआ था. पटना के सेंट जेवियर से मनीषा ने ग्रेजुएशन किया था. शनिवार को यहां श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी.

आलोक कुमार

शनिवार, 14 जून 2025

विभिन्न चरणों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में


पटना .इंडिया गठबंधन में गठबंधन स्तर पर और पार्टी स्तर पर लगातार पहलकमियां हो रही हैं. राजद,कांग्रेस के साथ साथ भाकपा माले जमीनी स्तर पर और राज्य स्तर पर पहलकदमियों में है. बिहार में पदयात्राओं का रिकॉर्ड्स भाकपा माले ने बनाया है. माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और अन्य नेताओं की अगुवाई में तकरीबन 1500 किलोमीटर की पदयात्राएं विभिन्न चरणों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई है.

    दलितों, बच्चियों-महिलाओं के ऊपर हमले और अल्पसंख्यकों पर हमले की हर घटना पर माले ने प्रतिवाद किया है. राज्य में आशा,विद्यालय रसोइया,आंगनबाड़ी और सफाई कर्मियों के साथ साथ जीविका दीदियों के आंदोलन को ऐक्टू/कर्मचारी संगठनों ने नया तेवर दिया. माइक्रो फाइनेंस के कर्ज तले तबाह महिलाओं को कर्ज से मुक्ति दिलाने की बड़ी मुहिम महिला संगठन
पचूं के जरिए चलाई जा रही है. दलित गरीबों को उजाड़ने के खिलाफ जोरदार प्रतिरोध खड़ा किया है. बुलडोजर राज के खिलाफ माले का संगठन खेग्रामस के विधानसभा के समक्ष बार बार प्रदर्शन किया है और हर जिले में मोर्चा लिया है. दलित गरीबों के वास आवास का प्रश्न माले आंदोलन का मुख्य प्रश्न है. हजारों दलित वंचितों को उजाड़ने से बचाया गया है. बसेरा 2 के तहत हजारों दलित परिवारों को पर्चे दिलाए गए हैं.

          सामंती दबंगता और हर तरह की दबंगता के खिलाफ लड़कर माले ने दलित-गरीबों के बीच मजबूत आधार बनाया है. यही कारण है कि भाकपा माले का चुनावी प्रदर्शन महागठबंधन के भीतर सबसे अव्वल है. विधानसभा में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट. हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में शाहाबाद और मगध क्षेत्र में ही महागठबंधन का सबसे उम्दा प्रदर्शन रहा है जो मोदी जी को परेशान किए हुए हैं. इसलिए वे चुनाव पूर्व सभाएं आयोजित कर रहे हैं. इस काम में उन्होंने अपने हनुमान को भी लगा दिया है. इंडिया गठबंधन का बेहतर प्रदर्शन और गठबंधन की सरकार बनाने के लिए जरूरी है कि भाकपा माले को उचित हिस्सेदारी मिले और वह भी सभी क्षेत्रों में. दरभंगा,मधुबनी और सुपौल में माले को पिछली बार कोई सीट नहीं मिली थी,यह भी एक कारण है कि इन जिलों में महागठबंधन का काफी कमजोर प्रदर्शन रहा. इस कमी को दुरुस्त किया जाना चाहिए.

कुंठाओं की राजनीति में कोई जगह नहीं होती,जमीनी यथार्थ पर खड़ा होकर ही चीजें तय होती हैं. महागठबंधन में आपसी तालमेल का पहलू ठीक है. सीट शेयरिंग का मामला भी हल हो जाएगा. वंचितों का सामाजिक संतुलन को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे. 15 हजार और उससे ज्यादा जीत हार के आधार पर और पुराने प्रदर्शन को निश्चय ही आधार बनाना होगा.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 13 जून 2025

बिहार के युवा पलायन को हैं मजबूर, नीतीश भाजपा शासन में नौकरियों की किल्लत: राजेश राम

 


’बढ़ती बेरोजगारी और बढ़ता अपराध के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी रोजगार केन्द्र पर तालाबंदी

’बिहार के युवा पलायन को हैं मजबूर, नीतीश भाजपा शासन में नौकरियों की किल्लत: राजेश राम

’नीतीश भाजपा ने बिहार को मजदूरी के लिए किया मजबूर, रोजगार नहीं दे सकते तो सत्ता छोड़ दो : दीपेंद्र हुड्डा

’बिहार के युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में भटकना पड़ता है : उदय भानु चिब


पटना.बिहार में कांग्रेस की राज्यव्यापी नौकरी दो या सत्ता छोड़ो प्रदर्शन के तहत पटना में इनकम टैक्स गोलंबर पर स्थित रोजगार एवं नियोजन भवन पर हजारों युवाओं, छात्रों, संविदा कर्मियों, और नागरिकों ने एकजुट होकर बढ़ती बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन किया. बिहार की आम जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार को सख्त चेतावनी दी और चेताया कि बिहार के युवाओं को नौकरी दो या सत्ता छोड़ो! यह आंदोलन बिहार के युवाओं, छात्रों और संविदा कर्मियों के भविष्य को बचाने और उनका हक दिलाने का इंकलाबी अभियान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में व्यापक प्रदर्शन के रूप में उभरा. विरोध प्रदर्शन में आये हजारों बेरोजगार युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश जताते हुए रोजगार केंद्र पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी की.

        इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, पिछले 20 साल में टायर्ड मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे बड़ी उपलब्धि है 5 करोड़ युवाओं का बेरोजगार होना. आज बिहार में ट्रबल इंजन सरकार के रहते बेरोजगारी का यह आलम है कि 45 विभागों में 5 लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं. BPSC, SSC, NEET और UGC-NET  जैसी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक ने बिहार के युवाओं की मेहनत को मजाक बना दिया है. ऐसा लगता है बिहार सरकार ने परीक्षा और प्रबंधन की सुपारी पेपरलीक माफियाओं को दे दी है, इसीलिए पेपरलीक होने के बाद इन पर कोई कारवाई नहीं की जाती है.अब शिक्षा माफियाओं का बोलबाला और सरकार की चुप्पी अस्वीकार्य है.

    सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बिहार में 7 लाख से अधिक संविदा कर्मी सालों से खट रहे हैं, और सरकार की ऐसी नियोजित वाली  व्यवस्था है जिसमें न स्थायी नौकरी है और न उचित वेतन. बिहार को पलायन के दंश को झेलने को मजबूर कर दिया गया है और इसे नीतीश मोदी की सरकार में अपने पूंजीपति मित्रों के लिए मजदूरी को मजबूर बना दिया गया है.

         युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि जो छात्र आज मजबूरन बिहार से बाहर रहते हैं, उन्होंने भी प्रदर्शन में शामिल होकर बताया कि मेरी डिग्री बिहार की है लेकिन नौकरी नहीं मिलने से हम दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं,  जिससे प्रतिभा और हुनर का मजाक बन रहा है.कई छात्रों ने बताया कि उच्च शिक्षा के पढाई के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से लाखों का लोन लिया, लेकिन नौकरी नहीं मिल पाने के वजह से बिहार के बाहर जाकर अपने डिग्री के हिसाब से नीचे स्तर का काम अपनी जिन्दगी गुजर-बसर करने के लिए कर रहे हैं. ये भी पलायन का मुख्य कारण है. कुछ लोग लोन चुकाने के लिए अपनी जमीन को भी बेच दे रहे हैं. कतने स्टूडेंट तो लोन न चुकाने के क्रम में आत्महत्या करने को विवश हो गए.विरोध प्रदर्शन में आये  संविदा शिक्षक, होमगार्ड और आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर हमारा काम समान है तो समान वेतन भी मिलना चाहिए.

     बिहार में विधानमंडल दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि बिहार में बढ़ती बेरोजगारी के चलते आज अपराध 300ः बढ़ गया है, सिर्फ 4 महीने में बिहार में 115 हत्याएं होना बताता है कि बिहार के ट्रबल इंजन की सरकार के मुखिया नीतीश कुमार नाकारा, निकम्मे और गैर-जिम्मेदार हैं. बिहार में बढ़ते अपराध, बलात्कार, हत्या और लूटपाट ने आम जनता का जीना दुश्वार कर दिया है. बेरोजगारी और अपराध में गहरी साठ-गांठ है, जिसे ट्रबल इंजन की सरकार की नाकामियों ने और बढ़ा दिया है. 

   विरोध प्रदर्शन में आए युवाओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए ये 5 प्रमुख मांगें रखीं-  

1. 5 लाख से अधिक खाली सरकारी पदों पर तुरंत बहाली करो.  

2. पेपर लीक और शिक्षा माफियाओं को तुरंत सजा दो. 

3. 7 लाख से अधिक संविदा कर्मियों को पक्की नौकरी और समान वेतन दो. 

4. उद्योग और रोजगार के अवसर तुरंत बढ़ाओ और पलायन रोको.

5. अपराध पर लगाम लगाओ, बिहार को सुरक्षित बनाओ.

      बताते चले कि आज बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में रोजगार केंद्र पर हजारों युवाओं ने भाग लिया और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा ‘नौकरी दो या सत्ता छोड़ो’. सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यह जनआंदोलन बिहार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा और नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी तथा कांग्रेस पार्टी ने संकल्प लिया है कि युवाओं के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को जोरदार तरीके से घर-घर पहुंचाएंगे और उन्हें नौकरी में भागीदारी दिला के रहेंगे.

    इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा,युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, कांग्रेस के सह प्रभारी देवेन्द्र यादव,  अभय दूबे, प्रेमचन्द्र मिश्रा, अवधेश कुमार सिंह, डा0 समीर कुमार सिंह, छत्रपति यादव मोती लाल शर्मा, राजेश राठौड़, अनिल कुमार,अशोक गगन,, बंटी चौधरी , राज कुमार शर्मा, सरवत जहां फातिमा,  शिशिर कौंडिल्य, ज्ञान रंजन, युवा कांग्रेस के प्रभारी मो0 शाहिद राज कुमार पासवान, डा0 संजय यादव, सौरभ सिन्हा, राजेश सिन्हा, राज कुमार राजन,गुंजन पटेल, कुमार आशीष, चन्द्र प्रकाश सिंह, शशि रंजन, कमलदेव नारायण शुक्ला,नागेन्द्र कुमार विकल उदय शंकर पटेल, निधि पाण्डेय,  सत्येन्द्र कुमार सिह, सुधा मिश्रा, रौशन कुमार सिंह,  वसी अख्तर, संतोष श्रीवास्तव, ज्योति गुप्ता, सहाब मल्लिक, मो0 शाहनवाज, राज छविराज, डा0 मनीष सिंह, दुर्गा प्रसाद, वैद्यनाथ शर्मा,  आदित्य पासवान, शरीफ रंगरेज, मनोज मेहता,, मंटू शर्मा, मनोज शर्मा, गुरूदयाल सिंह, संजय पाण्डेय, राजेन्द्र चौधरी , सुनील कुमार सिंह, कुन्दन गुप्ता, केसर खान, विनोद अवस्थी, शम्मी कपूर, डा0 विजय कुमार विद्यार्थी, हीरा सिंह वग्गा, विशाल झा, अश्विनी कुमार, विश्वनाथ बैठा, सिद्धार्थ क्षत्रिय, रवि गोल्डन, रणधीर यादव, परवेज अहमद, राहुल पासवान,युवा, सम्राट केसरी जैना, कुमार रोहित, मुदस्सीर शम्स, मुकुल यादव, विकास कुमार झा, अमित सिकन्दर, पूनम यादव, नीरज झा, राजन्दन कुमार, यशवन्त कुमार चमन, रीचा सिंह, दौलत इमाम, दीपक पटेल,अचला सिंह सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे.   


आलोक कुमार

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