फल्गु नदी में बहते जल को देखा और अधिकारियों से कई अहम जानकारियां ली

 

गया । गया में बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान) के मुख्य प्रशासनिक भवन एवं बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी (बी0टी0एम0सी0) के कार्यालय के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन किया। सीता कुंड स्थित नवनिर्मित मां सीता पथ का लोकार्पण किया। गयाजी धर्मशाला का शिलान्यास किया। विष्णुपद मंदिर के आसपास पितृपक्ष मेला से संबंधित विभिन्न स्थलों का भी निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इसके साथ ही, भगवान बुद्ध और बोधिवृक्ष की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

   बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए सरकार प्रयासरत है। नीतीश ने शुक्रवार को यहां सीता कुंड पिंड बेदी का दर्शन करने के बाद सीता कुंड के समीप बने मां सीता पथ का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण किया। उन्होंने रबर डैम का अवलोकन भी किया, साथ ही फल्गु नदी में बहते जल को देखा और अधिकारियों से कई अहम जानकारियां ली।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थयात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए उनकी सरकार लगातार प्रयासरत है। जो कुछ काम बच गया है, वह तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है। वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा तीर्थयात्री गयाजी आएं। देश के कोने-कोने से तीर्थ यात्री आते हैं और यहां पिंडदान करते हैं। उन्हें हरसंभव सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए हम लोग लगातार प्रयासरत हैं।

  इस मौके पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री संजय झा, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्थानीय सांसद विजय कुमार मांझी, विधान पार्षद आफाक अहमद, पूर्व विधान पार्षद मनोरमा देवी सहित संबंधित विभाग के कई वरीय अधिकारी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।


आलोक कुमार


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रविवार 10 सितंबर को बाइबिल दिवस मनाया

 


शाहपुर.बक्सर धर्मप्रांत में शाहपुर पल्ली बड़ी पैरिश है.इस पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर है.उन्होंने बताया कि आज रविवार 10 सितंबर को बाइबिल दिवस मनाया गया.

      आज पल्ली पुरोहित फादर भास्कर ने पवित्र मिस्सा अर्पित किए.भक्तों ने बाइबल जुलूस निकाला और पवित्र बाइबल को चुंबन किए.

       मौके पर पल्ली पुरोहित और अनुष्ठानकर्ता फादर भास्कर ने अपने प्रवचन में कहा कि हम लोगों को प्रतिदिन बाइबल पढ़ना चाहिए.इसे जीवन के महत्वपूर्ण कर्तव्य समझ कर अध्ययन करना चाहिए. 

 

उन्होंने कहा कि बाइबल की विषय-सूचि पर नजर डालने से  ज्ञात होगा कि यह एक नहीं वरन् अनेक रचनाओं का संकलन है. रचना-काल भी कई शताब्दियों तक फैला हुआ है.अलग-अलग रचनाकारों की रचनाएं हैं. इसकी मूल भाषा कभी इब्रानी रही तो कभी यूनानी. अर्थात समय, रचनाकार, भाषा - सब अलग. सम्पूर्ण बाइबल में कुल 73 ग्रंथ हैं.पुराने विधान में 46 और नए विधान में 27 ग्रंथ हैं.दूसरे शब्दों में कहें तो 46 पुस्तक येसु ख्रीस्त के जन्म से पहले लिखे गए और 27 पुस्तक उनके जन्म के बाद.73 ग्रंथों को लिखने में 1300 से भी अधिक समय लगा.

       नए व्यवस्थान में चार सुसमाचार - मारकुस, मतियस, लूकस और योहन रचित - प्रभु येसु के जीवन की गाथा है. प्रेरित-चरित की पुस्तक आरंभिक ख्रीस्तीयों के जीवन चरित्र के बारे बताती है. कलीसिया का आरंभिक इतिहास भी कुछ हद तक इसमें मिलता है. संत पौलुस एवं अन्य प्रेरितों के कार्यों का भी इसमें जिक्र है. ख्रीस्तीय समुदायों के नाम लिखे पत्रों में 13 पत्र संत पौलुस के नाम से प्रचलित हैं.दूसरे पत्र अन्य प्रेरितों एवं आरंभिक ख्रीस्तीयों के द्वारा लिखे गए हैं. बाइबल का अंतिम ग्रंथ प्रकाशना ग्रंथ है.यह एक रहस्यमय पुस्तक है.इस किताब की रचना आरंभिक ख्रीस्तीयों को दुःख के समय सांत्वना देने के उद्देश्य से लिखी गई थी.

आगे कहा कि जब आप प्रतिदिन बाइबल पढ़ते हैं तो जो होता है वह आश्चर्यजनक है.आपका जीवन, मन और हृदय बदल जाएगा.आपको खुशी और ख़ुशी पाने के लिए आवश्यक सभी उत्तर मिलेंगे; यीशु के साथ आपकी गहराई और निकटता के माध्यम से आपको अपना उद्देश्य पता चलेगा.

     पवित्र मिस्सा के बीच में पुरोहित परमप्रसाद वितरित किए.सभी भक्तों ने येसु ख्रीस्त का शरीर और रक्त भक्तिभाव से ग्रहण किया.


आलोक कुमार

केवल विशेष लोगों को उपहार में दी जाती है. पदक संख्या 261 थी

 

नई दिल्ली. दिल्ली महाधर्मप्रांत के पुरोहित और धर्मशास्त्री फादर निकोलस डायस हैं.फादर निकोलस डायस को अमेरिकी दूतावास से एक उद्देश्य से फोन आया- अमेरिकी राष्ट्रपति एक निजी प्रार्थना सभा (पवित्र मिस्सा) आयोजित करना चाहते थे.

    Father Nicholas received a call from the American Embassy with a purpose – the American President wanted to organize a private prayer meeting.

    अमेरिकी दूतावास ने दिल्ली के पुरोहित से संपर्क कर शनिवार की सुबह मौर्य शेरेटन होटल में जो बाइडेन के लिए निजी प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए उनकी उपस्थिति का अनुरोध किया था, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ठहरे हुए हैं.शनिवार सुबह करीब 9 बजे होटल में सामूहिक प्रार्थना सभा (पवित्र मिस्सा) हुई.

     एक कट्टर कैथोलिक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन से पहले यीशु मसीह का आशीर्वाद लिया और स्वर्गीय कृपा प्राप्त की.

       अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ एक निजी कमरे में आयोजित निजी प्रार्थना सभा के दौरान कैथोलिकों के एक छोटे प्रतिनिधिमंडल ने भी भाग लिया.

        चूंकि जी20 शिखर सम्मेलन शनिवार को शुरू हुआ, इसलिए जो बिडेन प्रार्थनाओं से भरे दिन की शुरुआत करने के लिए मेगा इवेंट से पहले आध्यात्मिक सहारा लेना चाहते थे.

      राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पवित्र मिस्सा में पवित्र परमप्रसाद भी प्राप्त किया और मध्यस्थता प्रार्थनाओं का भी नेतृत्व किया.उत्सव मनाने वाले और राष्ट्रपति बाइडेन के बीच व्यक्तिगत विश्वास साझा करना इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था.

    राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पुरोहित को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति की एक मुहर उपहार में दी - केवल विशेष लोगों को उपहार में दी जाती है. पदक संख्या 261 थी.

बदले में पुरोहित ने बाइडेन को भारत-पुर्तगाली मूल की गोवा मिठाई BEBINCA उपहार में दी, जिसे गोवा मिठाई की रानी भी कहा जाता है.

पुरोहित ने कहा, ''मेरे पास एक पैकेट था और मैंने आखिरी समय में राष्ट्रपति को उपहार देने का फैसला किया।'' प्रार्थना सभा सुबह 9 बजे से 9.30 बजे के बीच 30 मिनट तक चली.

एक हफ्ता से तैयारी

लगभग एक सप्ताह पहले, दिल्ली महाधर्मप्रांत के धार्मिक अनुष्ठान आयोग के सचिव, फादर निकोलस डायस को अपने इनबॉक्स में एक आश्चर्य प्राप्त हुआ.अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने एक विशेष अनुरोध किया था - नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए एक पवित्र मिस्सा पूजा सेवा.

आलोक कुमार

मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर जेम्स रोजारियो थे

  पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो का पुरोहिताभिषेक का सिल्वर जुबली


राजगीर.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला नालंदा है.यहां पर पटना महाधर्मप्रांत के चार मिशन संचालित है.पहला बिहारशरीफ में सेक्रेड हार्ट चर्च है.1936 में स्थापित है.यहां ईसाइयों की संख्या 3330 है.द्वितीय हिल्सा में संत मदर टेरेसा ऑफ कोलकाता है.1937 में स्थापित है.यहां ईसाइयों की संख्या 200 है.तीसरा हरनौत में संत जोसेफ चर्च है.यह 1966 से स्थापित है.ईसाइयों की संख्या 3010 है.चौथा राजगीर में संत मेरी चर्च है.यह 1993 में स्थापित है.ईसाइयों की संख्या 400 है.यहां के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो हैं.

आज रविवार 10 सितंबर को संत मेरी चर्च में जश्न का माहौल है.आज राजगीर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो (54 वर्ष) का पुरोहिताभिषेक का सिल्वर जुबली मनाया गया.उनका पुरोहिताभिषेक 18 जनवरी,1999 को हुआ था.उनके साथ फादर प्रेम प्रकाश का भी सिल्वर जुबली मनाया गया.उनका पुरोहिताभिषेक 13 अप्रैल,1999 को हुआ था.57 वर्षीय फादर प्रेम प्रकाश बिहारशरीफ में सेक्रेड हार्ट चर्च में पदस्थापित हैं.पटना महाधर्मप्रांत के एक हस्ती के रूप में फादर अमल राज हैं.54 वर्षीय फादर अमल राज का पुरोहिताभिषेक 22 जून,1999 को हुआ था.

इस उत्सवी अनुष्ठान के मुख्य अनुष्ठानकर्ता पटना महाधर्मप्रांत के महामान्यवर महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा थे.परंतु बीमार होने के कारण नहीं आ सके.उनके बदले मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर जेम्स रोजारियो थे.उनके साथ दर्जनों पुरोहित थे.जिसमें मुजफ््रपुर धर्मप्रांत के तिनकोनवा पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर साजी ऑगस्टीन भी शामिल थे.

आलोक कुमार

संत बनने की कड़ी में सर्वेंट ऑफ गॉड की उपाधि भी मिल गई है


यहां बिशप हार्टमैन की कुछ अवशेष मौजूद हैं। जिसे देखने कि मुझे तीव्र लालसा थी। बिशप हार्टमैन की मध्यस्थता से कई चमत्कार हुए हैं और उन्हें संत बनने की कड़ी में सर्वेंट ऑफ गॉड की उपाधि भी मिल गई है।


पटना सिटी। बेतिया धर्मप्रांत के चुहड़ी पल्ली में रहने वाले भाजू समुदाय के आकाश सेंसिल कल बिहार के सबसे पुराने गिरजाघर पटना सिटी स्थित पादरी की हवेली गए थे। उनका कहना है कि यह बहुत ही सौभाग्य से मुझे मौका मिला।

उन्होंने कहा कि बहुत पहले ही मैंने अपने अध्ययन के दौरान पड़ा था यहां बिशप हार्टमैन की कुछ अवशेष मौजूद हैं। जिसे देखने कि मुझे तीव्र लालसा थी। बिशप हार्टमैन की मध्यस्थता से कई चमत्कार हुए हैं और उन्हें संत बनने की कड़ी में सर्वेंट ऑफ गॉड की उपाधि भी मिल गई है।

   वहां के सुपेरियर फादर संदीप सोरेन है। जो ओएमएम केप समाज से हैं। उन्होंने मुझे चर्च के इतिहास के बारे में बहुत सी जानकारियां दी। और साथ ही बिशप हार्टमैन के कमरे का भी दौरा कराया। जहां उनके कपड़े का अंश, हड्डियां और उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली कुर्सी थी। फादर ने हरसंभव मेरा पूरा सहयोग किया। उसके बाद बगल में ही मिशनरीज ऑफ चौरिटी की मदर सुपीरियर से मिलने गया



। जहां सिस्टर ने मुझे मदर टेरेसा का रेलिक ( संत से जुड़ा कोई वस्तु ) दिया।

  बता दे कि  पादरी की हवेली जिसे सेंट मैरी चर्च के नाम से भी जाना जाता है, पटना और वास्तव में बिहार का सबसे पुराना चर्च है।जबकि चर्च पहली बार 1713 में बनाया गया था, आज हम जिस संरचना को देखते हैं, उसे 1772 में एक वेनिस के वास्तुकार, तिर्रेटो द्वारा डिजाइन किया गया था। यहां पर एक मरिया घंटा है। जिसे पृथ्वी नारायण शाह देव( वही राजा जिन्होंने 1769 में  नेवार  ईसाइयों को नेपाल से निष्कासित कर दिया।)  के पुत्र बहादुर पृथ्वी शाह देव के द्वारा 1782  में गिरजाघर को दिया गया है।चर्च ने कई हमलों का सामना किया है, जिसमें 1763 में नवाब मीर कासिम और प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए हमले भी शामिल हैं।  यह काफी हद तक अच्छी तरह से संरक्षित है और इतिहास और विरासत स्मारकों में रुचि रखने वालों के लिए इसे अवश्य देखना चाहिए।

   अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह कहते हैं कि  मेरे चार वर्षों के अथक प्रयास रंग लाया, बिहार सरकार द्वारा  18 नवम्बर 2013 को मेरे नाम से पत्र द्वारा सूचित किया गया कि अब बिहार के पर्यटक स्थल में  पादरी की हवेली, पटना सिटी चर्च को ले लिया गया ! दुःखद बात ये है कि 10 वर्ष पूरा होने पर भी , चर्च के रखरखाव के लिए कोई फंड की व्यवस्था बिहार सरकार  ने नहीं किया, बारम्बार बिहार सरकार से निवेदन किया गया, पर फंड नहीं दिया गया।

  हुआ यह कि मेडिकल मिशन सिस्टर सोसाइटी की स्थापना 30 सितम्बर 1925 हुई थी। इसकी संस्थापिका सिस्टर डॉक्टर अन्ना डेंगल और कुछ सिस्टर्स के द्वारा की गयी थी.स्थापना के 14 साल बाद 27 दिसंबर 1939 में सिस्टरगण भारत आई थीं। तब पटना शहर के पटना सिटी में स्थित गायघाट से 3.5 किलोमीटर दूर भव्य रोमन कैथोलिक चर्च पादरी की हवेली पहुंची। यह प्रसिद्ध भवन 1772 ई. में बना। ईसाइयों के एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में 8 दिसंबर 1779 ई. से यह चर्चित हुआ।जहां दूर-दूर से लोग प्रार्थना के लिए आते हैं। प्रार्थना करने पहुंचने पर पादरी हवेली के फादर ने गौशाला की ओर इंगित कर मेडिकल मिशन सिस्टर सोसाइटी की संस्थापिका अन्ना डेंगल व उनके साथियों से कहा कि आप लोगों का होली फैमिली के द्वारा स्वागत है। तब सिस्टर काफी प्रभावित हुईं।उसके बाद मेडिकल मिशन सिस्टर सोसाइटी द्वारा निर्मित हॉस्पिटल का नाम होली फैमिली रखा जाने लगा।मेडिकल मिशन सिस्टर सोसाइटी के द्वारा छोटा हॉस्पिटल भी खोला गया था,जहां संत टेरेसा प्राथमिक उपचार का कोर्स की थीं।


आलोक कुमार

बिहार कांग्रेस के पुनरूत्थान का जो सिलसिला चन्द महीनों पहले जो शुरू हुआ

 इंडिया के सामने मोदी हुए नियाजी: डा0 अखिलेश

पटना।डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में
बिहार कांग्रेस के पुनरूत्थान का जो सिलसिला चन्द महीनों पहले जो शुरू हुआ था वह अब पूरा रफ्तार पकड़ चुका है। प्रदेश के सभी जिलों में विशाल रैली आयोजित करने की योजना के तहत बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह आज मगध के मुख्यालय गया पहुँचे। पटना से जहानाबाद होते हुए गया के बीच करीब 40 जगहों पर उनका भव्य स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने करीब 300 गाड़ियों के काफिले के साथ चल रहे प्रदेश अध्यक्ष का फूल-मालाओं से अभिवादन हुआ।

अपने सम्बोधन में डा0 सिंह ने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा से सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सत्य के लिए है। भाजपा और कांग्रेस के बीच की लड़ाई बास्तव में परसेप्शन और रियलीटी की लड़ाई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा अजीब पार्टी है। उसमें एक ही खिलाड़ी है बांकी सब चीयरलीडर। इंडिया गठबन्धन बनने के बाद मोदी जी बेचैन हैं। कहते हैं कि जो करते थे सांप से काटने का इलाज उसी के तहखाने से साँपों का ठिकाना निकला। इंडिया गठबन्धन का बनना इसी का नतीजा है। अब भाजपा छटपटा रही है और मोदी करामात की फिराक में हैं। इसलिए इंडिया और भारत के बीच विवाद खड़ा किया जा रहा है। प्रेसीडेन्ट आफ इंडिया की जगह प्रेसीडेन्ट आफ भारत लिखकर मोदी सरकार ने इंडिया नाम से अपनी चिढ़ दिखाई है। ताज्जुब होता है कि जो व्यक्ति संविधान की शपथ ले चुका है कि संविधान की बातों का पालन करेंगे उसे इतना नहीं मालूम कि संविधान में लिखा क्या है तो फिर पालन क्या करेगा? इस देश का दो नाम है भारत और इंडिया।

   उन्होंने कहा कि संविधान की आत्मा है प्रस्तावना जिसके पहले लाइन में लिखा है- वी, द पीपुल ऑफ इंडिया। इसके अलावा अनुछेद-1 में भी लिखा है भारत दैट इज इंडिया। मोदी जी इंडिया को बदलने चले हैं। आखिर इंडिया से इतनी चिढ़ क्यों है? खुद मोदी जी मेक इन इंडिया, स्कील इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया जैसे जुमलों का ढिढोरा पिटते रहे हैं अब अचानक इंडिया गठबन्धन बनने के बाद उनको इंडिया से चिढ़ हो गई है। लेकिन इंडिया से भाग कर जायेंगे कहाँ? इंडिया से चिढ़ तो पाकिस्तानी को है।  

   डा0 सिंह ने कहा कि मुझको तो लगता है कि नरेन्द्र मोदी इंडिया के लिए नियाजी साबित होंगे। जिस तरह 1971 की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना का कप्तान नियाजी भारतीय सेना के सामने 90 हजार सैनिकों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था उसी तरह नरेन्द्र मोदी अपने भाजपा कुनवा के साथ 2024 में इंडिया के सामने आत्मसमर्पण कर देंगे।

     पटना से प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह जी के कारवां में शामिल नेताओं में निम्नलिखित लोग मुख्य हैं- अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव तारिक अनवर, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, पूर्व मंत्री अवधेश कुमार सिंह, विधायक राजेश कुमार, प्रतिमा कुमारी दास, आनन्द शंकर, नीतू सिंह, छत्रपति यादव, सरवत जहां फातिमा, ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा, बंटी चैधरी,  कपिलदेव प्रसाद यादव, मिन्नत रहमानी, असफर अहमद, संजय यादव।


आलोक कुमार

कुर्जी पल्ली के पूर्व पल्ली पुरोहित थे फादर सुसाईराज का निधन


रोमन कैथोलिक चर्च खगौल के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर सुसाईराज का निधन  


  कुर्जी पल्ली के पूर्व पल्ली पुरोहित थे फादर सुसाईराज   

           

   कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल नहीं रूबेन हॉस्पिटल में जाते समय राह में दम तोड़ दिए       


    जन्म -07.05.1955 और मृत्यु 09.09.2023 


पटना. रोमन कैथोलिक चर्च खगौल के प्रधान पल्ली  फादर सुसाईराज थे.शुक्रवार की रात में सोने गए थे.शनिवार को सुबह उठकर चर्च गए.फादर सुसाईराज सुबह की प्रार्थना सभा में शामिल हुए.उन्होंने पहला वाचन किया.उन्होंने समुदाय के बाकी लोगों के साथ नाश्ता नहीं किया. जब फादर टॉमी निशांत दोपहर लगभग 12.45 बजे जेसुइट आवास पर लौटे, तो हमारे लिए खाना बनाने वाली लड़की ने मुझे बताया कि फादर सुसाई ने नाश्ता नहीं किया है.इसलिए फादर टॉमी उसके कमरे में गया और उसे एक कुर्सी पर अपने पैर बिस्तर पर टिकाए हुए पाया.उसका बायां हाथ नीचे लटका हुआ था और स्मार्ट मोबाइल उसकी गोद में था.

    चूँकि उसने मेरे बार-बार बुलाने पर कोई उत्तर नहीं दिया, इसलिए मैं उसके कमरे में गया और उसे हिलाया.उसने कोई जवाब नहीं दिया.फिर हम उसे रूबेन अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

   फादर टॉमी निशांत कहते है कि यह पहली बार है जब मैं अकेले किसी की मौत का सामना कर रहा हूं.' हमेशा की तरह वह कम प्रोफ़ाइल में रहे और पैरिश प्रीस्ट का अपना काम बड़ी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ किया. वे 68 वर्ष वर्ष के थे.

       फादर सुसईराज केरल के थे.07.05.1955 में जन्म लिए थे.जब 20 साल के थे,तब 01.07.1975 को विश्व विख्यात 'येसु समाज' में प्रवेश किया.24.04.1985 में पुरोहित बने.उस समय 30 वर्ष के थे. उनका 38 में ही अंतिम ग्रेड 03.12.1993 को  हुआ.

       बता दें कि 05.09.1993 को फादर Jacob Ayiravelil का,  05.09.2003 को फादर Joseph Parakatt का,06.09.2001 को फादर John Morrison का,07.09.1988 को फादर Thomas Paruvannany का 08.09.1984 को फादर Leo Birner का और 09.09.2001 में फादर Charles Law का निधन हुआ था.अब 09.09.2023 में फादर फादर सुसईराज का नाम जुड़ गया है.

      फादर टॉमी निशांत ने कहा कि फादर सुसाईराज का पार्थिव शरीर को एक्सटीटीआई के परिसर में स्थित जेवियर भवन के कमरा नं.दो में रखा गया है.उन्होंने कहा कि सोमवार 11.09. 2023 को अंतिम संस्कार का पवित्र मिस्सा 4.00 बजे से एक्सटीटीआई चर्च में होगा. उसके बाद एक्सटीटीआई में ही जेसुइट पुरोहितों के लिए निर्मित खास कब्रिस्तान में दफन होगा.यह पूछे जाने पर कहा कि हार्ट रोग से पीड़ित थे.हार्ट अटैक ही हुआ होगा.


आलोक कुमार 

India : अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया

  अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया है, बेरोजगारी, लाचारी और महंगाई ताक पर रख दी गई पटना। चुनावी मौसम आते ही राजनीति का माहौल बदलने लगता है।...