राष्ट्रकवि स्व0 रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी

 राष्ट्रकवि स्व0 रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई 


पटना । मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रकवि स्व० रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की जयंती के अवसर पर दिनकर चौक पर आयोजित राजकीय समारोह में राष्ट्रकवि स्व0 रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। 

    इस अवसर पर बिहार विधान परिषद् के सभापति श्री देवेशचन्द्र ठाकुर, उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, सूचना प्रावैधिकी मंत्री मो0 इसराईल मंसूरी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री रत्नेश सादा, बिहार विधानसभा के सदस्य श्री अरूण कुमार सिन्हा, राष्ट्रकवि स्व० रामधारी सिंह दिनंकर जी के पौत्र एवं पौत्र वधू सहित अन्य परिजन, बिहार राज्य नागरिक परिषद् के पूर्व महासचिव श्री अरविंद कुमार सिंह, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री शिवशंकर निषाद सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी राष्ट्रकवि स्व० रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा आरती पूजन, भजन-कीर्तन एवं बिहार गीत का गायन किया गया । 

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी के बड़े पुत्र एवं साहित्यकार केदारनाथ सिंह जी का निधन दुःखद। स्व० केदारनाथ सिंह जी का अपनी जन्मभूमि सिमरिया से विशेष लगाव था। उनके निधन से साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना है।

आलोक कुमार

मुख्यमंत्री ने सैदपुर नाला के जीर्णोद्धार की योजना का किया शिलान्यास

 मुख्यमंत्री ने सैदपुर नाला के जीर्णोद्धार की योजना का किया शिलान्यास

पटना.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सात निश्चय - 2 के तहत पटना शहर के सैदपुर नाला के जीर्णोद्धार की योजना का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया. शिलान्यास करने के पश्चात् मुख्यमंत्री ने सैदपुर नाला का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.


इस 5.61 किलोमीटर लंबाई वाले सैदपुर नाला के जीर्णाेद्धार कार्य के लिये 259.81 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जा रही है. इस नाले के दोनों तरफ दो-दो लेन की सड़कें होगी. इन दो लेन के सड़कों के सम्पर्क के लिए पुलिया की व्यवस्था की गयी है.

   इस योजना के पूर्ण होने से अटल पथ तथा जे०पी० गंगा पथ तक आवागमन की बेहतर सुविधा आम नागरिकों को उपलब्ध हो सकेगी.नाले की सुचारू रूप से सफाई के लिए मशीन की व्यवस्था की गयी है जो आसानी से नाले में उतर सके.

   इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, पटना की मेयर श्रीमती सीता साहू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरूणीश चावला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, पटना के प्रमंडलीय आयुक्त श्री कुमार रवि, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा, पटना नगर निगम के आयुक्त श्री अनिमेष पराशर सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

  इसी तरह पटना नगर निगम के 22 बी में पड़ने वाले नाले के जीर्णाेद्धार की योजना है. इसमें विलंब हो रहा है.निर्माण होने से अटल पथ और जे.पी.गंगा पथ आवागमन की बेहतर सुविधा आम लोगों को उपलब्ध हो सकेगी.


आलोक कुमार

कुमार रवि द्वारा आज वाल्मीकि नगर में निर्माणाधीन 102 कमरों वाले अतिथि गृह एवं 500 सीट की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का निरीक्षण किया


निर्माणाधीन अतिथि गृह एवं प्रेक्षागृह को शीघ्र कराएं फंक्शनल : सचिव

बेतिया। वाल्मीकि नगर में निर्माणाधीन 102 कमरों वाले अतिथि गृह एवं 500 सीट की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार ने किया निरीक्षण।गुणवत्तापूर्ण तरीके से समयबद्धता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश।

      सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, श्री कुमार रवि द्वारा आज वाल्मीकि नगर में निर्माणाधीन 102 कमरों वाले अतिथि गृह एवं 500 सीट की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का निरीक्षण किया गया। साथ ही कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा संबंधित विभाग के अभियंताओं के साथ किया गया।

      उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के महत्वाकांक्षी योजनाओं में सम्मिलित इस अतिथि गृह एवं प्रेक्षागृह के निर्माण में किसी भी स्वरूप में गुणवत्ता से समझौता नहीं करना है। इसे गुणवत्तापूर्ण तरीके से समयबद्धता के साथ शीघ्र पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने निरीक्षण के दौरान उपस्थित अभियंतागण को अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।

      उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन प्रेक्षागृह और अतिथि गृह प्रकृति के बीचों बीच बसा हुआ है, इसलिए प्राकृतिक रौशनी बरकरार रहे, इसकी व्यवस्था की जाए। निरीक्षण के दौरान कार्य प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सचिव महोदय ने कहा कि प्रगति की स्थिति ठीक है लेकिन इसमें और प्रगति लाने की आवश्यकता है ताकि समय पर इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो सके।

         उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में त्योहार का समय आ रहा है इसके मद्देनजर स्थानीय मजदूरों को निर्माण कार्य मे संलग्न किया जाए ताकि छुट्टी का असर निर्माण कार्य पर नहीं पड़े। मजदूरों की संख्या में भी वृद्धि करने का निर्देश दिया गया।

                 कार्य स्थल पर उपस्थित कार्यपालक अभियंता द्वारा मिट्टी की समस्या बताई गयी। सचिव महोदय द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा को इस कार्य का अनुश्रवण करते हुए किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही विद्युत विभाग से समन्वय कर अनुश्रवण करते हुए हाई टेंशन बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने सहायक अभियंता, भवन निर्माण को प्रतिदिन की प्रगति से अनुमंडल पदाधिकारी को अवगत कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि भवन निर्माण विभाग के अभियंता गण साप्ताहिक रूप से भौतिक प्रगति की समीक्षा करेंगे।

             कहा कि पार्क, बैंक्वेट हॉल, थीम गार्डन, आउटडोर, एक्जिबीशन एरिया, पेंटिंग एरिया और लॉबी इसकी खूबसूरती को चार चाँद लगाते है। इस चिरप्रतीक्षित बहुद्देशीय सभागार के बनने से पश्चिम चम्पारण में बड़े आयोजनों के लिए सुलभ स्थल उपलब्ध हो पाएगा। इसके निर्माण हो जाने से यहाँ अन्तरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही साथ यहाँ के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ जाएंगे।

              जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत वाल्मीकिनगर में गंडक बैराज के दक्षिण-पूर्ण में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर का बहुद्देशीय सभागार माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यह पूर्णरूप से प्रकृति की गोद में अवस्थित है। यह पहाड़, गंडक बैराज एवं खुली वातावरण में समाया हुआ है।

             उन्होंने कहा कि 120.21 करोड़ की लागत से बनाया जाने वाला यह अन्तराष्ट्रीय बहुद्देशीय सभागार 25 एकड़ भूदृभाग में आच्छादित होगा। इसमें मुख्य रूप से 500 व्यक्तियों के लिए एक सभागार भवन है। 04 अलग-अलग ब्लॉक्स में कुल 102 कमरे का अतिथिगृह है। एक विद्युत सबस्टेशन, सुरक्षा बैरक, गार्डरूम रोड़ पार्किंग एवं परिसर विकास का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। सभी भवनों का कुल क्षेत्रफल 16396 वर्ग मीटर है। जिलाधिकारी, सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार के निरीक्षण के दौरान जानकारी दे रहे थे।

             निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री दिनेश कुमार राय, पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव, अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा डॉ० अनुपमा सिंह सहित मुख्य वस्तु विद, भवन निर्माण विभाग, मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग, अधीक्षण अभियंता, भवन निर्माण विभाग, मुख्य अभियंता (विद्युत) भवन निर्माण विभाग, कार्यपालक अभियंता, शीर्ष गंडक कार्य प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग, बेतिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


आलोक कुमार

युक्त कर्मचारी समन्वय समिति ने 35 मांगों की एक विस्तृत सूची पेश

 पटना नगर निगम कर्मी हड़ताल पर 

पटना.पटना नगर निगम की संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति ने 35 मांगों की एक विस्तृत सूची पेश की है. इनमें अनुबंध कर्मचारियों के लिए नियमित होने तक समान वेतन, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी की समय पर जमा राशि, सेवानिवृत्त दिहाड़ी मजदूरों के लिए बीमा लाभ, काम के घंटे, अधिक छुट्टी, बेहतर वर्दी और सुरक्षा उपकरण शामिल हैं.

  मालूम हो कि पटना नगर निगम में 75 वार्ड है.इस पटना नगर निगम को 6 अंचल में विभक्त किया गया है. 6 अंचल में दैनिक वेतन भोगी मजदूरों की संख्या करीब 4500 हैं. वहीं आउटसोर्सिंग पर करीब 1500 मजदूर सफाई का कार्य करते हैं.पटना नगर निगम चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ ने रविवार को आम सभा कर कहा कि जबतक मांगें मानी नहीं जाती है, तबतक हड़ताल जारी रहेगी. संघ के महासचिव नंद किशोर दास ने बताया कि हड़ताल में निगम के स्थायी सफाई कर्मी भी शामिल हैं. 

   इस बीच बिहार में डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं. बीते बुधवार को ही 300 से ज्यादा डेंगू के मामले मिले थे. इस बीच एक टेंशन बढ़ाने वाली खबर भी सामने आई है. दरअसल पटना नगर निगम (पीएमसी) में ठेके पर काम करने वाले कांट्रेक्चुअल स्टाफ (ठेके पर काम करने वाले) हड़ताल पर है. गुरुवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल बुलाई. इसका भी पटना नगर निगम पर कोई असर नहीं हुआ. नगर निगम ने स्वच्छता के काम के लिए अपने स्थायी कर्मचारियों पर दबाव डाला. साथ ही स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया. पीएमसी ने हड़ताल के पहले दिन सार्वजनिक कार्यों में बाधा डालने के लिए 25 आउटसोर्स कर्मचारियों को भी हटा दिया.

  पटना नगर निगम में स्वच्छता कार्य के लिए कुल 8000 श्रमिक है. इनमें से लगभग 20 फीसदी श्रमिक अपनी नौकरी के नियमितीकरण और उनके वेतन में वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. यह हड़ताल ऐसे समय में हुई है, जब पीएमसी को डेंगू के खतरे से निपटना है.इसमें नियमित रूप से फॉगिंग के साथ-साथ लार्वासाइड का छिड़काव भी शामिल है. डेंगू के अलावा, त्योहारों का मौसम भी आ रहा है. यहां तक कि केंद्र की एक टीम के सितंबर के अंत में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए शहर का दौरा करने की उम्मीद है.

   नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पाराशर ने कहा कि स्थिति की जटिलता को समझते हुए उन्होंने पटना नगर निगम को 19 क्षेत्रों में विभाजित करते हुए 19 टीमों का गठन किया है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि काम सुचारू रूप से चल रहा है. उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक कार्यों में बाधा डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. कचरा इकट्ठा करना हो, सड़कों की सफाई हो या फॉगिंग और लार्विसाइड का छिड़काव हो, सब कुछ किया जा रहा है। यहां तक कि निगरानी भी की जा रही है.‘ उन्होंने कहा कि पीएमसी ने हड़ताल पर बैठे श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ तीन दौर की बातचीत की है. बैठक में ये संकेत दिया गया था कि हड़ताल वापस ले ली जाएगी, लेकिन हड़ताल वापस नहीं ली गई.

आलोक कुमार

पितृपक्ष मेला में कोई हताहत ना हो

 गया। इस वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम 2023 के अवसर किये गए तैयारी का जायजा लेने ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने सीता कुंड पहुँचे। कार्यपालक अभियंता गया जी डैम में बताया कि पिछले रात से काफी अच्छी वर्षा हुई है, जिसके कारण पानी का बहाव बढ़ा है। वर्तमान समय मे 10 फ़ीट पानी मौजूद है।

      पितृपक्ष मेला में कोई हताहत ना हो, इसे लेकर वरीय उप समाहर्ता आपदा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 25 सितंबर तक पूरी मजबूती के साथ सीता कुंड - पंचदेव घाट- सीता पथ - डैम की ओर एवं शमशान घाट- गजाधर घाट-देवघाट होते हुए डैम के लास्ट बिंदु तक पूरी मजबूती से बैरिकेटिंग करवाये साथ ही बैरिकेटिंग के ऊपर गहरा पानी है, आगे ना जाएं इत्यादि फ्लेक्स बैनर के माध्यम से प्रदर्शित करवाये। मेला अवधि में लगातार एसडीआरएफ एक गोताखोर को नाव सहित प्रतिनियुक्ति रखे। कोई घटना न हो, इसका पूरा ऐतिहात बरते।

         सीता पथ पर किये जा रहे मिथिला पेंटिंग को भी देखा। बताया गया कि भारत का सबसे लंबा यह मिथिला पेंटिंग है। सीता पथ पर कुल 600 मीटर में यह मिथिला पेंटिंग बन रही है। 27 सितंबर तक पेंटिंग का कार्य पूर्ण कर ली जाएगी। माँ सीता के सम्बंध में पूरा पेंटिंग के माध्यम से जिबनी को दिखाने का कार्य किया गया है, माँ सीता कैसे तर्पण करने गया जी के सीता कुंड तक आये इत्यादि सभी चीजें पेंटिंग से दर्शाया गया है।

          ज़िला पदाधिकारी ने बताया कि यह पेंटिंग बनने से घाट की खूबसूरती और बढ़ गयी है। इस पेंटिंग को सालो साल सुरक्षित रखने के लिये पहल किया जाना आवश्यक है। ज़िला पदाधिकारी ने सुझाव दिया कि एलईडी पट्टी वाली लाइट, पूरे पेंटिंग वॉल के नीचे नीचे समानांतर लगाने से रात्रि में भी पेंटिंग काफी खूबसूरत दिखेगी। इसके अलावा और क्या किया जा सके जिससे पेंटिंग सुरक्षित रह सके इसपर प्लान सोचने को कहा।  इसके उपरांत सीता कुंड में लगे विभिन्न नल के टैप को खोल कर देखा, जहां बंद था, उसे तुरंत ठीक करने को कहा। साफ सफाई को और दुरुस्त करने को कहा।

    इसके उपरांत पितृपक्ष मेला के दौरान बनाए जाने वाले विभिन्न पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया। केंदुई पार्किंग स्थल में निरीक्षण के दौरान पहुंच पथ एवं पार्किंग ग्राउंड समतल नहीं रहने पर उन्होंने अपर समाहर्ता तथा जिला परिवहन पदाधिकारी को संयुक्त रूप से टीम बनाकर सभी पार्किंग स्थलों को समतल कराने तथा पार्किंग स्थलों में पर्याप्त टॉयलेट, स्नानघर, वाहन चालकों को बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था हर हाल में उपलब्ध रहे, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थोड़ी बहुत वर्षा होने के कारण यदि पार्किंग स्थल में कीचड़ या जलजमाव की स्थिति है तो स्टोन डस्ट डलवा कर समतल करवाये। उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जेसीबी तथा ट्रैक्टर का अलग-अलग टीम बनाकर सभी पार्किंग स्थलों पर व्यवस्था करवाये। इसके उपरांत उन्होंने गया कॉलेज खेल परिसर तथा कोरला हॉस्पिटल पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया।

     केंदुई में असम नागालैंड से आये हुए तीर्थयात्रियों से मिला, उनसे गया जी के बारे में फीडबैक लिया। काफी सकारात्मक एवं सरकार सहित प्रशासन का भी काफी खुशी प्रकट किया। यात्रियों ने बताया कि पितृपक्ष मेला के पहले ही काफी सारी व्यवस्थाएं हम सभी तीर्थ यात्रियों के लिए की जा रही है जो काफी अच्छी पहल है। जिला पदाधिकारी ने भी उन सभी यात्रियों को धन्यवाद दिया और अच्छे से तर्पण किए जाने के भी जानकारी लिया।

    निरीक्षण के क्रम में पंचायती अखाड़ा से तुतवाड़ी भाया चंदेश्वर जनता कॉलेज दुखहरनी मंदिर वाली सड़क, गया बोधगया केंदुई के पास सड़क, चांद चौरा रोड, पिता महेश्वर से कोइरीबारी सड़क, स्टेशन से बैरागी होते हुए रामशिला प्रेतशिला वाली सड़क खराब देखी गयी। ज़िला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता आरसीडी को निर्देश दिया कि अबिलम्ब उक्त सड़को को ठीक करवाये।

आलोक कुमार


ज़िला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता आरसीडी को निर्देश

 गया। इस वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम 2023 के अवसर किये गए तैयारी का जायजा लेने ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने सीता कुंड पहुँचे। उसके पश्चात विभिन्न पार्किंग स्थानों का निरीक्षण किये।

     केंदुई में असम नागालैंड से आये हुए तीर्थयात्रियों से मिला, उनसे गया जी के बारे में फीडबैक लिया। काफी सकारात्मक एवं सरकार सहित प्रशासन का भी काफी खुशी प्रकट किया। यात्रियों ने बताया कि पितृपक्ष मेला के पहले ही काफी सारी व्यवस्थाएं हम सभी तीर्थ यात्रियों के लिए की जा रही है जो काफी अच्छी पहल है। जिला पदाधिकारी ने भी उन सभी यात्रियों को धन्यवाद दिया और अच्छे से तर्पण किए जाने के भी जानकारी लिया।

    निरीक्षण के क्रम में पंचायती अखाड़ा से तुतवाड़ी भाया चंदेश्वर जनता कॉलेज दुखहरनी मंदिर वाली सड़क, गया बोधगया केंदुई के पास सड़क, चांद चौरा रोड, पिता महेश्वर से कोइरीबारी सड़क, स्टेशन से बैरागी होते हुए रामशिला प्रेतशिला वाली सड़क खराब देखी गयी। ज़िला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता आरसीडी को निर्देश दिया कि अबिलम्ब उक्त सड़को को ठीक करवाये।


आलोक कुमार

रैम्प का निर्माण कराया गया

 

जिलाधिकारी ने सेमरा के नवनिर्मित रेफरल अस्पताल एवं थाना का किया औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने आज बगहा-02 प्रखंड के सेमरा स्थित नवनिर्मित रेफरल अस्पताल एवं थाना का औचक निरीक्षण किया

सेमरा. पश्चिम चंपारण में है सेमरा.नवनिर्मित रेफरल अस्पताल, सेमरा दो तल पर स्थित है। मरीजों की सुविधा   के लिए  रैम्प का निर्माण कराया गया है। दोनों ही तल पर रिसेप्शन काउंटर बना हुआ है। विभिन्न प्रकार के अलग-अलग रूम निर्मित पाए गए। कमरों की पहचान  के लिए  साईनेजेज लगे हुए पाए गए।

 निरीक्षण के दौरान उपस्थित एमओआईसी द्वारा बताया गया कि बिजली की सुविधा नहीं रहने के कारण, सुचारू रूप से अस्पताल प्रारम्भ नहीं हो पाया है। पृच्छा के क्रम में बताया गया कि जनरेटर भी उपलब्ध नहीं है। मानव संसाधन के संदर्भ में बताया गया कि समीप के संस्थानों से प्रतियुक्ति करके संचालित कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को अविलंब प्रावधानों के आलोक में पहल करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अस्पताल परिसर तथा समूचे अस्पताल की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने  के लिए  निर्देशित किया गया। इस अवसर पर एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह, एएसडीएम, बगहा, श्री सरफराज नवाज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार


India : अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया

  अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया है, बेरोजगारी, लाचारी और महंगाई ताक पर रख दी गई पटना। चुनावी मौसम आते ही राजनीति का माहौल बदलने लगता है।...