इंडिया गठबन्धन बनने के बाद से ही भाजपा के बोल बिगड़े


 राम और रावण की उल्टी पहचान कर रही है भाजपा : डॉ. अखिलेश  

पटना।बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने भाजपा के द्वारा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। डा0 सिंह ने कहा कि जिसके पैर के नीचे से जमीन खिसकने लगती है उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगता है। फिर आदमी प्रलाप करने लगता है भाजपा वही कर रही है। 

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इंडिया गठबन्धन बनने के बाद से ही भाजपा के बोल बिगड़े हुए हैं। दरअसल भाजपा और पूरा संघ कुनवा बौद्धिक दिवालियेपन का शिकार हो गयी है। ये राम और रावण में फर्क करना भी भूल गये हैं। इसलिए नाथूराम गोडसे की पूजा करते हैं और महात्मा गांधी की भत्सना करते हैं। जिस महात्मा ने जीवन भर रघुपति राघव राजा राम प्रार्थना गाया हो और अंतिम साँस हे राम बोलकर ली हो, ऐसे राम भक्त के हत्यारे को पूज कर भाजपा यह साबित कर रही है कि वे गोडसे को राम मानते हैं । सत्ता के अहंकार में भाजपा नेताओं की मति भ्रष्ट हो गयी है और उनकी दृष्टि क्षीण हो गयी है इसलिए वे रावण और राम की उल्टी पहचान कर रहे हैं। 2024 के चुनाव में जनता उनका दिमाग ठीक कर देगी और दृष्टि भी दुरूस्त हो जाएगी। 

      उधर प्रदेश कांग्रेस ने अपने प्रिय नेता के बारे में भाजपा के द्वारा की गई  अनर्गल टिप्पणी के खिलाफ पटना के जे0पी0 गोलम्बर से गाँधी मैदान स्थित गाँधी प्रतिमा तक विरोध प्रदर्शन मार्च निकाला जिसमें बड़ी तादाद में पार्टी नेताओं और कार्यकत्र्ताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी का झंडा लहरा कर कांग्रेसियों ने भाजपा और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

        भाजपा के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन में जिन नेताओं ने भाग लिया उनमें पूर्व मंत्री कृपा नाथ पाठक, ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा, बंटी चौधरी, लाल बाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, ब्रजेश प्रसाद मुनन, राजेश राठौड़, डा0 विनोद शर्मा, मिन्नत रहमानी, आनन्द माधव, डा0 संजय यादव, धनन्जय शर्मा, चन्द्र प्रकाश सिंह, सुमन कुमार मल्लिक, अनुराग चन्दन,आदित्य कुमार पासवान, सिद्धार्थ क्षत्रिय, शशिकांत तिवारी, राजेश मिश्रा, रवि गोल्डेन, उदय शंकर पटेल, मृणाल अनामय, सुनील कुमार सिंह, मिथिलेश शर्मा मधुकर, दौलत इमाम, दुर्गा प्रसाद, कुन्दन गुप्ता, मनजीत आनंद साहू, विमलेश तिवारी, निधि पाण्डेय, शारीफ रंगरेज, संतोष श्रीवास्तव, वसी अख्तर, सुनील कुमार, वेंकटेश शर्मा, अबू तमीम, विशाल झा, कमलेश सिंह आदि शामिल थे।

आलोक कुमार

अनिश्चितकालीन 29 सितंबर से हड़ताल जारी

 


पटना। बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन 29 सितंबर से हड़ताल जारी है। आज गुरूवार को सातवां दिन है। इस ओर सरकार के द्वारा वादाखिलाफी की जा रही है।

    विदित हो कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन द्वारा अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने पर आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के मानदेय को दुगना करने का वादा किया गया था, साथ ही साथ माननीय तेजस्वी यादव जी द्वारा लगभग अधिकांश चुनावी सभा में भी इस आशय का आश्वासन दिया गया था।

     मानदेय दुगना करने की बात तो छोड़ दिया जाए अभी तक प्रतिनिधि मंडल से मिलने तक का कष्ट नहीं किया गया। ज्ञातव्य है की वर्तमान वर्ष में जनवरी माह से मार्च माह के बीच लगातार तीन महीने तक संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में आहूत चरणबद्ध आंदोलन के दरम्यान निदेशक आईसीडीएस एवं प्रधान सचिव समाज कल्याण विभाग के द्वारा दिए गए आश्वासन पर भरोसा करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम चरण का राज्यव्यापी विशाल प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया था।

     तीन महीने बाद 26 जुलाई 2023 को जब संयुक्त संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल निदेशक से मिलकर सरकार द्वारा किए गए वायदे को पूरा करने की मांग की गई तो मानदेय राशि बढ़ाया जाना तो दूर अन्य जिन 8 मांगों पर सहमति बनी थी उसे भी घिसी पिटी बात कह कर टाल दिया गया, ऐसी स्थिति में संयुक्त संघर्ष समिति को विवश होकर हड़ताल में जाने का निर्णय लेना पड़ा।


मांगों:- 1. बिहार सरकार द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10,000 सुनिश्चित किया जाए। 2.सुप्रीम कोर्ट का आदेश के आलोक में बिहार में भी ग्रेच्युटी भुगतान करना सुनिश्चित किया जाए। 3. केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए क्रमशः ग्रेड सी और ग्रेड डी में समायोजित किया जाए। जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक सेविकाओं को 25000 एवं सहायिकाओं को 18,000 प्रतिमाह मानदेय राशि दी जाए। 4. योग्य सहायिका से सेविका में बहाली के लिए अतिरिक्त 10 बोनस अंक देने के प्रावधान को लागू किया जाए एवं सेविका से पर्यवेक्षिका तथा सेविका / सहायिका के रिक्त सभी पदों पर अभिलंब बहाली सुनिश्चित की जाए। 5. 16/05/2017 एवं 20 जुलाई 2022 के समझौते के आलोक में लंबित मांगों को लागू किया जाए।

 इस मांग को कुमारी रंजना संयुक्त संघर्ष समिति और प्रतिमा कुमारी का समर्थन प्राप्त है, तथा संगठन प्रमुखों का हस्ताक्षर कुमारी रंजना ,कुमारी गीता,  प्रतिमा कुमारी भी है।  

   बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति, पटना, बिहार।  कुमार विदेश्वर सिंह पत्रांक 17/23 1. माननीय मंत्री, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार, पटना 2. श्रीमान मुख्य सचिव, बिहार सरकार, पटना 3. श्रीमान प्रधान सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार, पटना निदेशक, आई. सी. डी. एस. पटना। 4. मीना कुमारी राज्य सचिव ,कुमारी गीता (प्रदेश प्रि सादर सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित अनीता भा मीना कुमारी दिनांक 20/09/2023 कुमारी रंजना संयुक्त संघर्ष समिति को प्राप्त समर्थन, तथा संगठन प्रमुखों का हस्ताक्षर  कुमारी रंजना कुमारी गीता कुमारी गीता प्र प्रतिमा कुमारी।


आलोक कुमार

योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी

  विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गई


नालंदा। थरथरी प्रखण्ड में दूसरा जन संवाद कार्यक्रम अमेरा पंचायत स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय भतहर के मैदान  में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से अमेरा, नारायणपुर, कचहरिया एवं जैतपुर पंचायत के लोग शामिल हुए।

       जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। लघु वृत्तचित्र के माध्यम से विगत वर्षों में प्रखण्ड में किये गए विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गई।

   पुलिस अधीक्षक ने डायल 112 तथा थाना में महिला हेल्प डेस्क के बारे में बताया गया।

   उप विकास आयुक्त द्वारा ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के साथ साथ बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम आदि के बारे में जानकारी दी गई।विभिन्न प्रकार की आपदा से संबंधित मुआवजा/अनुग्रह अनुदान के बारे में जानकारी दी गई। आपदा से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या  06112-233168 पर देने को कहा गया।

       
डीपीएम जीविका द्वारा जीविका समूहों के गठन, उनके आर्थिक उन्नयन एवं स्वावलंबन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। जीविका समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल के कार्यकलापों के बारे में विस्तार से बताया गया।

        सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा  पेंशन एवं विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी।उन्होंने विभाग द्वारा संचालित शांति कुटिर एवं सेवा कुटिर के बारे में भी बताया।

कृषि विभाग के पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। जैविक खेती के साथ साथ उर्वरक की उपलब्धता के बारे में भी बताया गया। लोगों को बताया गया कि उर्वरक से संबंधित समस्या के लिए जिला कृषि नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06112-231143 पर जानकारी दी जा सकती है। आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक फसलों के बारे में जानकारी दी गई।फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक किया गया।इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी दी गई।

      अपर समाहर्त्ता द्वारा भूमि एवं राजस्व विभाग के माध्यम से दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। ऑनलाइन दी जाने वाली सेवाओं के बारे में बताया गया। बताया गया कि जमीन से संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने हेतु सभी अंचल में आधुनिक अभिलेखागार बनाया गया है। भूमि विवाद से संबंधित मामलों को लेकर आवश्यक प्रावधानों एवं किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया।

   स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने प्रखण्ड से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकताओं के बारे में जानकारी दिया।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, स्थानीय मुखिया गण, जीविका दीदियां , स्थानीय लोग आदि उपस्थित थे।

आलोक कुमार


आज थरथरी प्रखण्ड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम

 


नालंदा। इस जिले के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने थरथरी प्रखण्ड अंतर्गत डोर नदी पर नवनिर्मित चेक डैम, जीविका दीदी की पौधशाला, प्रगतिशील  किसान के मत्स्य पालन एवं मधुमक्खी पालन का अवलोकन किया। इच्छुक प्रगतिशील किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाकर उनके व्यवसाय को वृहत स्वरूप देने के लिए कार्रवाई होगी।

    आज थरथरी प्रखण्ड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने प्रखंड अंतर्गत डोर नदी पर बने चेक डैम का निरीक्षण किया। यह चेक डैम मुख्यमंत्री टाल विकास योजना के तहत डोर नदी पर चैनपुर में बनाया गया है। इसका निर्माण बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण कार्य प्रमंडल एकंगरसराय द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। इससे लगभग 6 हजार एकड़ में सिंचाई की जा रही है। निरीक्षण के क्रम में स्थानीय लोगों की मांग पर चेकडैम से पूर्व दिशा में स्थित पइन की उड़ाही कराने के लिए विभाग को योजना का प्रस्ताव भेजने का निदेश दिया गया।


चैनपुर में जिलाधिकारी ने जीविका दीदी सुशीला देवी द्वारा संचालित ‘दीदी की पौधशाला‘ का अवलोकन किया। जीविका दीदी ने बताया कि उनकी नर्सरी में तैयार पौधे वन विभाग एवं मनरेगा के तहत वृक्षारोपण के लिए लिया जा रहा है।

     क्षेत्र भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी ने चैनपुर के प्रगतिशील किसान मनीष कुमार के मत्स्य पालन एवं मधुमक्खी पालन का भी अवलोकन किया।श्री कुमार द्वारा राज्य सरकार की योजना का लाभ लेकर मत्स्य पालन का उद्योग स्थापित किया गया है। जिलाधिकारी ने उनके उत्पादन/व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सरकार की अन्य उपयुक्त योजनाओं के तहत लाभान्वित करने का निर्देश दिया। मत्स्यपालन एवं मधुमक्खी पालन में बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए अन्य राज्यों के उपयुक्त स्थल पर भेजने की व्ययवस्था सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।

    निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

उनकी सेवा में सुसमाचार के प्रचार के लिए हमेशा उत्साह

 

 वाटिकन। संत पिता फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को रांची के महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे के नाम पर एक तार भेजते हुए पोप ने कहा, “कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो, रांची के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष के निधन की दुखद खबर सुनने के बाद, कृपया, मेरी हार्दिक संवेदना स्वीकार करें। मैं यह संवेदना महाधर्मप्रांत के पुरोहितों, धर्मसमाजियों एवं लोकधर्मियों के लिए भी प्रकट करता हूँ।”

संत पापा ने कार्डिनल टोप्पो की आत्मा को हमारे स्वर्गीय पिता की असीम करुणा को सौंप दिया तथा दुमका एवं रांची की स्थानीय कलीसियाओं में, एक समर्पित पुरोहित एवं धर्माध्यक्ष के रूप में उनकी प्रेरिताई को कृतज्ञतापूर्वक याद की।

भारत की विस्तृत कलीसिया एवं परमधर्मपीठ के लिए उनके सहयोग की याद करते हुए पोप ने कहा, “उनकी सेवा में सुसमाचार के प्रचार के लिए हमेशा उत्साह, पवित्र यूखरिस्त के प्रति भक्ति एवं गरीबों और जरूरतमंद लोगों के प्रति उदार प्रेरितिक चिंता रही है।”

   रांची के सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल तेलेस्फोर पी. टोप्पो का निधन

संत पापा ने पुनरूत्थान की दृढ़ आशा के साथ कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो के निधन पर शोकित सभी लोगों को प्रभु में सांत्वना एवं शांति की प्रतिज्ञा के रूप में अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।  

   कार्डिनल टोप्पो का निधन 4 अक्टूबर को कॉन्स्टेंट लिवन्स अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर, माण्डर में हुआ। वे 84 साल के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे।


आलोक कुमार

कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो की निधन की खबर मिलते ही झारखंड समेत पूरे देश भर के ईसाई धर्मावलंबियों में शोक

 
रांची.एशिया के पहले आदिवासी बिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का निधन हो गया है.झारखंड की राजधानी रांची के मांडर के लिवंस हॉस्पिटल में मंगलवार को भर्ती कराए गये.यहां पर इलाज के दौरान बुधवार को उनका निधन हो गया. कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के फेफड़ों में पानी भर जाने की वजह से उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो की निधन की खबर मिलते ही झारखंड समेत पूरे देश भर के ईसाई धर्मावलंबियों में शोक की लहर दौड़ गई. वे 84 वर्ष के थे. 

  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी , पूर्व मंत्री बंधु तिर्की समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायक, सांसद एवं अन्य नेताओं वं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के निधन पर शोक प्रकट किया.

  बताते चलें कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का जन्म झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के झाड़गांव में 15 अक्टूबर 1939 में हुआ था. उनके पिता का नाम यह एंब्रोस टोप्पो और मां का नाम सोफिया खलखो था.कर्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो कुल 10 भाई बहन थे, जिसमें वे आठवें नंबर पर थे, स्विट्जरलैंड के बसेल में 8 मई 1969 को बिशप फ्रांसिस्कुस ने एक पुरोहित के रूप में तेलेस्फोर पी टोप्पो का अभिषेक किया. युवा पुरोहित के रूप में तेलेस्फोर पी टोप्पो भारत लौटे. यहां रांची से सटे तोरपा में संत जोसेफ स्कूल में पढ़ाने लगे. उन्हें स्कूल का कार्यवाहक प्राचार्य भी बना दिया गया.

   तेलेस्फोर पी टोप्पो ने 1976 में लीवंस बुलाहट केंद्र तोरपा की स्थापना की. वह इसके पहले रिसर्चर एंड डायरेक्टर बने. 8 जून वर्ष 1978 में संत पॉल छठवें ने कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को दुमका में बिशप के रूप में नियुक्ति किया था.बिशप बनने के बाद उन्होंने ‘प्रभु का मार्ग तैयार करो’ को अपना आदर्श वाक्य चुना. 21 अक्टूबर 2003 को संत जॉन पॉल द्वितीय उन्हें कार्डिनल नियुक्त किया,तो उन्होंने रांची में एक महागिरजाघर की स्थापना का सपना देखा. बाद में उस सपने को पूरा भी किया. इसके अगले ही वर्ष यानी जनवरी 2004 में 2 साल के लिए उन्हें कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस ऑफ इंडिया ( सीसीबीआई) का अध्यक्ष चुना गया था.

   वर्ष 2005 और 2013 के पॉप चुनाव में उन्होंने भाग लिया था.कैथोलिक कलीसिया के सबसे बड़े पद पर पहुंचने वाले वह एशिया के पहले आदिवासी बिशप थे.

   कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर राजधानी रांची से 25 किलोमीटर दूर स्थित मांडर लिवेंस अस्पताल में रखा गया है. उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए ईसाई समुदाय के लोगों के अलावा सिस्टर्स और फादर्स का भी तांता लगा रहा. मांडर के पल्ली पुरोहित फादर प्रसन्न तिर्की, फादर जॉन शैलेन्द्र टोप्पो, फादर नीलम तिडू, फादर एडविन, फादर एंटोनी ब्रूनो भी कार्डिनल को अंतिम विदाई देने पहुंचे. कॉन्स्टेंट लिवेन्स अस्पताल के निदेशक फादर जॉर्ज ने कार्डिनल की अंतिम यात्रा की व्यवस्था का ख्याल रखा है. बाद में कार्डिनल के पार्थिव शरीर को आईसीयू से अस्पताल के ऑडिटोरियम में शिफ्ट कर दिया गया. फादर जॉर्ज ने बताया कि बुधवार को रात भर कार्डिनल का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनार्थ ऑडिटोरियम में ही रहेगा. उसके बाद गुरुवार को विशेष प्रार्थना सभा के बाद उनके पार्थिव शरीर को रांची ले जाया जाएगा. अंतिम संस्कार मास शनिवार, 07 अक्टूबर, 2023 को दोपहर 2ः00 बजे सेंट मैरी कैथेड्रल रांची में मनाया जाएगा, जिसके बाद कार्डिनल तेलेस्फोर पी. टोप्पो के पार्थिव शरीर को कैथेड्रल में दफनाया जाएगा.


आलोक कुमार


फादर का इतना दोष है कि पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) पैरवी करने गए थे

 फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू हिरासत में


फादर का इतना दोष है कि पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) पैरवी करने गए थे

गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 फादर बाबू के साथ अन्य पर लागू कर दिया गया

इसे खाकी वर्दी का कहर ही कहा जा सकता है

प्रयागराज. रविवार (1 अक्टूबर 2023) को फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू को स्थानीय पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) में हिरासत में लिया गया था जब वह डायोसेसन डेवलपमेंट एंड वेलफेयर सोसाइटी (डीडीडब्ल्यूएस) के  नामक एक कर्मचारी के बारे में पूछताछ करने गए थे, जिसे पुलिस ने उनके घर से ले जाया था.

 दरअसल, विश्व हिंदू परिषद के सदस्य विभव नाथ नामक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस एक निजी घर में प्रार्थना करने वाले पादरी की तलाश कर रही थी.पुलिस सुसाईराज (पादरी) की तलाश में पीटर पॉल के आवास पर गई (पीटर पॉल और सुसाई राज भाई हैं लेकिन अलग-अलग रहते हैं), जब वे नहीं मिले तो वे पीटर पॉल के भाई जौन (पीटर पॉल के सबसे बड़े भाई) को पुलिस स्टेशन ले गए.  ) उसे पुलिस से बचाने और यह समझने के लिए आया था कि उसे क्यों गिरफ्तार किया गया था, (वह एक अलग घर पर रहता है) उसे भी हिरासत में लिया गया था और माइकल सिल्वेस्टर जो पीटर पॉल के दामाद हैं, उन्हें भी पुलिस के साथ मुद्दों को समझने पर गिरफ्तार कर लिया गया था. पीटर पॉल की पत्नी सैंड्रा का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया था क्योंकि वह अपने पति को बचाने के लिए पुलिस स्टेशन गई थी लेकिन जब शिकायतकर्ता के साथ तीखी बहस चल रही थी तो वह बाहर आ गई.

  तभी पीटर पॉल की पत्नी ने फादर फ्रांसिस

बाबू को फोन किया. मदद के लिए फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू दोपहर करीब 12.30 बजे  पुलिस स्टेशन गया (स्कूल गेट पर लगे सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक). फादर सेबेस्टियन

फ्रांसिस बाबू भी हिरासत में लिया गया और शाम करीब चार बजे पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी. फादर  थाने में रहने के दौरान बाबू किसी से संपर्क नहीं कर सका क्योंकि उसका फोन जब्त कर लिया गया था.यह हमारे लिए बहुत चिंता का विषय है क्योंकि उन पर धारा 295ए, 147, 307, 504, 506 आईपीसी और 3, 5(1) यूपी के तहत मामला दर्ज किया गया है. गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021. आज मजिस्ट्रेट कोर्ट मैं जमानत खारिज हो गई है. इसे कल सेशन कोर्ट में ले जाया जाएगा. हमें आशा है कि फादर बाबू और अन्य को जल्द से जल्द जमानत दी जाएगी."प्रभु तुम्हारे लिए लड़ेंगे; और तुम्हें केवल शांत रहना है" निर्गमन.14:14.

इस धारा को समझे जो लगाया है एफआईआर में

धारा 295 ए 

धारा 295ए भारतीय दण्ड संहिता की एक धारा है जिसमे जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों के लिए दंड का प्रावधान करती है, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है.यह भारत में नफरत फैलाने वाले भाषण कानूनों में से एक है.

धारा 147 

भारतीय दंड संहिता की धारा 147 के अनुसार, जो कोई भी उपद्रव करने का दोषी होगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड, या दोनों से दंडित किया जाएगा. यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है.यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है.

धारा 307 

धारा 307, "हत्या की कोशिश" के रूप में जानी जाती है और इसे गंभीर तथा संज्ञेय अपराध माना जाता है. इस धारा के तहत, यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की मृत्यु (हत्या) की कोशिश करता है, तो उसे धारा 307 के तहत दंडित किया जा सकता है. इसमें शारीरिक हमले के द्वारा किसी की जान को खतरा महसूस करने की आवश्यकता होती है.

धारा 504 क्यों लगाई जाती है?

"मात्र दुर्व्यवहार, असभ्यता, अशिष्टता या बदतमीजी, आईपीसी की धारा 504 के अर्थ में जानबूझकर अपमान का अपराध नहीं हो सकता है, यदि इसमें अपमानित व्यक्ति को शांति भंग करने के लिए उकसाने की संभावना का आवश्यक तत्व नहीं है और अभियुक्त का अन्य तत्व अपमानित व्यक्ति को शांति भंग करने के लिए उकसाने का इरादा रखता है या यह जानते हुए.

 “धारा 506- 

आपराधिक धमकी के लिए सजा - जो

कोई भी आपराधिक धमकी का अपराध करेगा, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी.जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा; यदि धमकी मृत्यु या गंभीर चोट आदि कारित करने के लिए हो - और यदि धमकी मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने के लिए हो, या आग से ...

धारा 3,5(1)

(1) - जो कोई धारा 3, धारा 5 या धारा 5 के के उपबंधों का उल्लंघन करता है या उल्लंघन करने का प्रयास करता है या उल्लंघन करने के लिए दुष्प्रेरित करता है वह ऐसी अवधि के कठोर कारावास, जो अन्यून तीन वर्ष होगी और जो दस वर्ष तक हो सकती है, से, और ऐसे जुर्माना, जो अन्यून तीन लाख रुपये होगा और जो पाँच लाख रुपये तक हो सकता है..


आलोक कुमार 

India : अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया

  अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया है, बेरोजगारी, लाचारी और महंगाई ताक पर रख दी गई पटना। चुनावी मौसम आते ही राजनीति का माहौल बदलने लगता है।...