गर्मी के महीने में गर्म हवाएं एवं लूं भी चलती है

 गया. इस जिले में गर्मी के महीने में गर्म हवाएं एवं लूं भी चलती है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव हमारे शरीर पर भी पड़ता है जो कभी-कभी तो जानलेवा भी साबित हो सकता है. ’जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने गया जिला वासियों से अपील किया है कि’ आपदा विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी तथा नीचे बताए गए उपायों का पालन कर गर्म हवाओं/लू के बुरे प्रभाव से बचें.बिना जरूरी कार्यों के घर से बाहर ना निकले. धूप में निकलने के दौरान अपने माथे पर तौलिया या टोपी अनिवार्य रूप से पहने.


’गर्म हवाएं एवं लू से सुरक्षा के उपाय-’

’क्या करें -’

   ● ’जितनी बार हो सके पानी पियें, बार-बार पानी पियें।’

   ● ’सफर में अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें।’

   ● ’जब भी बाहर धूप में जायें यथा संभव हल्के रंग के ढीले ढाले एवं सूती कपड़े पहने।धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें। गमछे या टोपी से अपने सिर को ढक के रखें व हमेशा जूता या चप्पल पहने।’

   ● ’हल्का भोजन करें, अधिक पानी की मात्रा वाले मौसमी फल जैसे- तरबूज, खीरा, ककड़ी, खरबूजा, संतरा आदि का अधिक से अधिक सेवन करें।’

   ● ’घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नमक-चीनी का घोल, छाछ, नींबू-पानी, आम का पन्ना इत्यादि का नियमित सेवन करें।’

   ● ’अपने दैनिक भोजन में कच्चा प्याज, सत्तू, पुदीना, सौंफ तथा खस को भी शामिल करें।’

   ● ’स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान और आगामी तापमान के परिवर्तन के बारे में विभिन्न विश्वसनीय सूत्रों से लगातार जानकारियां लेते रहें।’

   ● ’अगर तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।’

’क्या न करें -’

   ● जहां तक संभव हो कड़ी धूप में बाहर न निकलें।

   ● अधिक तापमान में बहुत अधिक शारीरिक श्रम न करें।

   ● चाय, कॉफी जैसे गर्म पेय तथा जर्दा तंबाकू आदि मादक पदार्थों का सेवन कम से कम अथवा न करें।

   ● ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन जैसे- मांस, अंडा व सूखे मेवे, जो शारीरिक ताप को बढ़ाते है, का सेवन कम करें अथवा न करें।

   ● यदि व्यक्ति गर्मी यां लू के कारण उल्टियां करें या बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें।

   ● बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें।

’लू लगने पर क्या करेंः

   ● लू लगे व्यक्ति को छांव में लिटा दें। अगर उसके शरीर पर तंग कपड़े हो तो उन्हें ढीला कर दें अथवा हटा दें।

   ● लू लगे व्यक्ति का शरीर ठंडे गीले कपड़े से पोछे या ठंडे पानी से नहलाएं।

   ● उसके शरीर के तापमान को कम करने के लिए कूलर, पंखे आदि का प्रयोग करें।

   ● उसके गर्दन, पेट एवं सिर पर बार-बार गीला तथा ठंडा कपड़ा रखें।

   ● उस व्यक्ति को ओ.आर. एस.ध्नींबू-पानी, नमक चीनी का घोल, छाछ या शरबत पीने को दें, जो शरीर में जल की मात्रा को बढ़ा सके।

   ● लू लगे व्यक्ति की हालत में यदि एक घंटे तक सुधार न हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।


आलोक कुमार

संयुक्त श्रम भवन सभागार में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया

 

 मोतिहारी. विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर संयुक्त श्रम भवन के प्रांगण में जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक द्वारा लगातार तीसरे वर्ष जिला स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत की गई.जिलाधिकारी महोदय द्वारा कार्यक्रम की शुभारंभ  फीता काट कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई.

पूर्वी चम्पारण जिले के जिलाधिकारी महोदय के आगमन पर श्रम अधीक्षक द्वारा  विश्व बाल श्रम निषेध दिवस का स्टिकर लगा कर संयुक्त श्रम भवन  परिसर में उनका स्वागत किया गया.उसके बाद  एक दिवसीय  कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी महोदय  , सिविल सर्जन, पूर्वी चंपारण, जिला समादेष्टा, पूर्वी चंपारण,श्रम अधीक्षक,  पूर्वी चंपारण, वरीय उपसमाहर्ता (परीक्षयमान) , मुजफ्फरपुर  एवं विमुक्त बाल श्रमिको  द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.

जिलाधिकारी द्वारा श्रम अधीक्षक पूर्वी चंपारण को श्रम संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं को जन जन तक पहुचाने के उत्कृष्ट कार्य के लिए  तथा विगत तीन वर्षों में बाल श्रम।के विरुद्ध लगातार जन जागरूकता तथा पूरे बिहार में सर्वाधिक कुल 126 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराने एवं उनको पुनर्वासित करने के लिए जिलाधिकारी के द्वारा आज संयुक्त श्रम भवन सभागार में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.


जिलाधिकारी महोदय एवं श्रम अधीक्षक के द्वारा इस अवसर पर संयुक्त श्रम भवन के कैंपस में 02 फलदार पेड़ एवं 05 फूल के पौधे भी लगाए गए.जिलाधिकारी महोदय तथा श्रम अधीक्षक के द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार करने के लिए 03 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.उक्त मौके पर प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार

मोतिहारी में 10 मतदान केंद्रों पर चुनाव संपन्न किया


 मोतिहारी. जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी शाखा, श्री शीर्षत कपिल अशोक ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी शाखा, पूर्वी चंपारण का आम निर्वाचन-2022 के निमित्त मतदान केंद्र, लुअठहां मध्य विद्यालय, मोतिहारी का लिया जायजा.आज दिनांक 12 जून 2022 को प्रातः 8ः00 बजे से 4ः00 अपराहन तक भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी शाखा, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी का प्रबंध समिति के 15 सदस्यों का चुनाव , लुठहां मध्य विद्यालय, मोतिहारी में 10 मतदान केंद्रों पर चुनाव संपन्न किया जा रहा है.


मतदान स्वच्छ ,निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए उन्होने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.बैलेट पेपर एवं मतपेटिका के माध्यम से शांतिपूर्ण माहौल में  3639 मतदाता भाग ले रहे हैं.धारा 144 के तहत अनुमंडल दंडाधिकारी ,सदर मोतिहारी के द्वारा मतदान केंद्र के आसपास संपूर्ण पोषित क्षेत्र में 200 मीटर की परिधि में संपूर्ण प्रक्रिया के समापन होने के 2 घंटे उपरांत तक निषेधाज्ञा लागू की गई है.उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाएगा.

सीसीटीवी कैमरे ,वीडियोग्राफी, हेल्प डेस्क , पीने के पानी , विधि व्यवस्था दुरुस्त रखने , चिकित्सा सहायता केंद्र आदि की समुचित व्यवस्था की गई है.मतदाता को मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है.मत अवैध ना हो सके, इसके लिए  सावधानियां बरतने के लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.


इस अवसर पर प्रेक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर ,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मोतिहारी सदर,श्री सुधीर कुमार, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मोतिहारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों से वार्ता

 

गया. ’विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के पश्चात समाहरणालय परिसर में उप विकास आयुक्त श्री विनोद दुहन (भा०प्र०से०) ने बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों से वार्ता करते हुए उनका परिचय लिया तथा शिक्षा के प्रति उनका हौसला दिया. उन्होंने श्रम विभाग के पदाधिकारियों, एनजीओ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा की इसी तरह धावा दल के माध्यम से बाल श्रमिकों को विमुक्त कराए.’कार्यक्रम में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जिला समन्वयक, आईसीडीएस सहित विभिन्न एनजीओ यथा सेन्टर डायरेक्ट, प्रयास, एक्शन ऐड, चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

उप विकास आयुक्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया

 

गया. ’विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त श्री विनोद दुहन (भा०प्र०से०) की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया.’सर्वप्रथम श्रम अधीक्षक श्रीमती स्नेहा सृजन द्वारा उप विकास आयुक्त को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया.इसके उपरांत उप विकास आयुक्त (भा०प्र०से०)  द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक द्वारा बाल श्रम पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम अधीक्षक श्रीमती स्नेहा सृजन ने बताया की पिछले 28 मई 2022 से 09 जून 2022 तक गया जिला के विभिन्न प्रखंडों में धावा दल के माध्यम से 08 (आठ) बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया तथा नियोजिको एवं अन्य व्यक्तियों से बाल श्रमिक नियोजित नहीं करने के संबंध में शपथ पत्र भी प्राप्त किया गया.साथ ही श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रचार वाहनों को भी प्रखंडों में चलाया गया.उन्होंने बताया की विभागीय पदाधिकारियों तथा ख्याति प्राप्त एन०जी०ओ० के माध्यम से प्रभात फेरी का भी आयोजन किया गया. विश्व बालश्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर बच्चों का पेंटिंग एवं क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं पुरस्कार वितरण किया गया.

उप विकास आयुक्त श्री विनोद दुहन (भा०प्र०से०) ने सभी को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दिया.उन्होंने श्रम विभाग के पदाधिकारियों एवं विभिन्न एनजीओ को बाल श्रम के विरुद्ध किए जा रहे बेहतर कार्यों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा की समय समय पर इसी प्रकार धावा दल के द्वारा छापेमारी कराया जाए ताकि बाल श्रमिकों को जल्द से जल्द इस कृति से बाहर निकालकर एक नया जीवन दिया जा सके.साथ ही उन्होंने कहा की बाल श्रम करवाने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर दोषी नियोजकों के विरूद्ध निश्चित कार्रवाई करें.

श्रम अधीक्षक द्वारा कार्यक्रम में जिला के विमुक्त बाल श्रमिकों में से 02 बाल श्रमिकों सुधीर कुमार एवं सत्येन्द्र कुमार को उप विकास आयुक्त द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष से मो०-25 हजार का सावधि जमा प्रमाण-पत्र हस्तगत कराया गया. कैमूर जिला से विमुक्त बाल श्रमिक सुभाष कुमार एवं जयपुर (राजस्थान) से राकेश कुमार ने अपनी आप बीती की घटना से सभी को रूबरू कराया.

इसके उपरांत उप विकास आयुक्त द्वारा बाल श्रम से संबंधित प्रचार वाहन को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.कार्यक्रम में सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जिला समन्वयक, आईसीडीएस सहित सेन्टर डायरेक्ट, प्रयास, एक्शन एड, चाइल्ड लाइन एनजीओ तथा अन्य एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

आलोक कुमार

राजधानी पटना में कारगिल चौक पर माले कार्यकर्ताओं ने किया प्रतिवाद

 

* विद्यापति नगर व पातेपुर की घटना पर संझान ले सरकार, कर्जों को माफ करे

* नोटबंदी, कोरोना, लाॅकडाउन व बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है

 


पटना. 6 जून को समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड अंतर्गत मउ गांव में कर्ज के दबाव में एक ही परिवार के 5 लोगों द्वारा सामूहिक आत्महत्या और वैशाली जिले के पातेपुर में भूख से तंग आकर एक ही परिवार के 5 सदस्यों द्वारा जहर खाकर मौत  की हृदयविदारक घटना के खिलाफ आज भाकपा-माले, खेग्रामस व ऐपवा से जुड़ी स्वयं सहायता समूह संघर्ष समिति के बैनर से राज्यव्यापी प्रतिवाद दर्ज करते हुए कर्जा मुक्ति दिवस का आयोजन किया.

इस कार्यक्रम के तहत आज राजधानी पटना में कारगिल चौक पर कर्जा मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया. जिसे ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, एआइपीएफ के कमलेश शर्मा, पटना नगर सचिव अभ्युदय, एक्टू के राज्य सचिव रणविजय कुमार, ऐपवा की अनिता सिन्हा आदि ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव ने किया. मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता केडी यादव, शंभूनाथ मेहता, नसीम अंसारी, जितेन्द्र कुमार, अनुराधा देवी, अनय मेहता, आइसा नेता कुमार दिव्यम, संतोष पासवान सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे.


सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा महासचिव ने कहा कि विद्यापतिनगर व वैशाली के पातेपुर की हृदय विदारक घटना पर बिहार सरकार का रवैया बेहद संवेदनहीन बना हुआ है. डबल इंजन की सरकार में परिवार के परिवार कहीं कर्ज के बोझ तले आत्महत्या करने को विवश हैं, तो कहीं भूख के कारण मौत को गले लगा रहे हैं. दोनों घटनाओं में 10 लोगों की मौत हुई है. इसका जिम्मेदार कौन है? हमारी सरकार बड़े-बड़े दावे करते नहीं अघाती लेकिन भूख से हो रही मौतों का लगातार विस्तार होना बेहद चिंताजनक है. हमने बारंबार कहा कि आम लोगों को कर्जे के फंदे से बाहर निकालने के बारे में सरकार ठोस उपाय करें. कोरोना काल में भी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों ने कर्ज वसूली में बेहद अमानवीय रूख अपनाया. लोग कर्ज लेकर अपनी जिंदगी चलाने को विवश हैं. उनके पास रोजगार के कोई दूसरे उपाय नहीं है. कर्ज का फंदा ऐसा है कि वे अंततः  आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं. सरकार इन कर्जों की माफी क्यों नहीं कर रही है?


शशि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नोटबंदी, कोरोना, लाॅकडाउन और बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है. बड़ी आबादी के पास रोजगार के कोई उपाय नहीं है. गरीबों के साथ-साथ छोटे व्यवसायी और किसान आज अपनी जिंदगी गुजर बसर करने के लिए महाजनी, माइक्रोफाइनसेंस कंपनियों आदि से कर्ज ले रहे हैं, जिसका सूद चक्रवृद्धि ब्याज की दर से बढ़ता है. हालत ऐसी हो जाती है कि कर्ज चुकाने के लिए फिर कर्ज लेना पड़ता है. और इस प्रकार वे कर्ज के भंवर में उलझ जाते हैं.


कमलेश शर्मा ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि संकट से घड़ी से उबारने के लिए प्रत्येक गैर आयकर दाता परिवार को प्रति माह जीवन चलाने के लिए न्यूनतम 7500 रु. उन्हें नगद दिया जाता. यह लंबे समय से मांग रही है, लेकिन सरकार इसे अनसुना करती रही है. जिस प्रदेश में भूख से हाहाकारी मौतें हों, वहां खाद्य पदार्थों से एथेनॉल बनाया जा रहा है. इसी से बिहार सरकार की असली मंशा समझ में आ जाती है.


अन्य वक्ताओं ने मांग की कि महाजनी सूदखारी पर सरकार अविलंब रोक लगाए, क्योंकि यह आम लोगों की तबाही का सबसे बड़ा कारण है. और 5 लाख तक के सभी कर्जे माफ किए जाएं.साथ ही, मृतक परिवार को 20 लाख रू. का तत्काल मुआवजा देने तथा बच रहे परिजनों की दबंग सूदखोरों से पूरी सुरक्षा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं.राजधानी पटना के अलावा बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा, हिलसा, गया, अरवल, आरा, सिवान, पूर्णिया, नवादा आदि स्थानों पर भी कर्जा मुक्ति दिवस मनाया गया.


आलोक कुमार


गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या

 गया. गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है, जिससे वाहनों एवं आम नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.उक्त समस्या के मद्देनजर आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया तथा पुलिस महा निरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र, गया की उपस्थिति में मिनी बस पर बैठकर जिला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ गया शहर का भ्रमण किया गया एवं जाम की समस्याओं के मुख्य कारणों पर विचार विमर्श किया गया.

     

भ्रमण किए गए मुख्य सड़के जो आयुक्त कार्यालय से प्रारंभ होकर जीबी रोड- कोतवाली- टावर चैक- कीरानी घाट -रामशिला मोड़ -बागेश्वरी गुमटी- रेलवे स्टेशन -काशीनाथ मोड़- मिर्जा गालिब कॉलेज -डेल्हा बस स्टैंड- सिकरिया मोड़ -घुघुड़ी ताड़- भुसुंडा- मुफस्सिल मोड- कीरानी घाट- रमना रोड- पीर मनसूर होते हुए आयुक्त कार्यालय वापस लौटा गया.आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नालों की सफाई के उपरांत सड़कों पर रखे हुए मलबों को अति शीघ्र हटवाना सुनिश्चित करावे, ताकि जाम से थोड़ा निजात मिल सके.


आयुक्त ने पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि गया शहरी क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों में लगभग एक ही समय पर बच्चों की छुट्टियां होती है, जिसके कारण जाम की समस्या बन जाती है. उन्होंने कहा कि बच्चे ज्यादा देर तक जाम में ना फंसे इसके लिए विद्यालयों के छुट्टी वाले समय अवधि में विशेष ध्यान देते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखें.आयुक्त ने नगर निगम तथा अनुमंडल पदाधिकारी को वेंडिंग जोन, बस पड़ाव, टैंपू पड़ाव, केदारनाथ मार्केट का जीर्णोद्धार, शहरी क्षेत्र में विभिन्न जाम वाली मेन चैराहों पर फ्लाईओवर निर्माण हेतु प्रस्ताव इत्यादि बिंदुओं जानकारी प्राप्त करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए.

अंत में आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नाजरत विद्यालय के विपरीत दिशा में बड़े नाले को साफ सफाई करवाने तथा अतिक्रमण वाद चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाने का निर्देश दिए.निरीक्षण के क्रम में पुलिस महा निरीक्षक मगध प्रक्षेत्र श्री विनय कुमार, जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बुडको, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, एमभीआई पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.




आलोक कुमार

India : अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया

  अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया है, बेरोजगारी, लाचारी और महंगाई ताक पर रख दी गई पटना। चुनावी मौसम आते ही राजनीति का माहौल बदलने लगता है।...