नफरत फैलाने की कोशिश एक घृणित कृत्य

 

मोदी चलाते हैं धार्मिक उन्माद का फास्ट फूड चेन और अमित शाह हैं उनके डिलीवरी ब्यॉय - अखिलेश सिंह

पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह के लखीसराय में दिये गये भाषण के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज बकरीद के पाक मौके पर गृहमंत्री अमित शाह की रैली और उसके द्वारा नफरत फैलाने की कोशिश एक घृणित कृत्य है. 

  उनकी बातें समाज में धार्मिक एकता और बन्धुत्व की भावना में जहर घोलने का काम करती है. सच तो यह है कि मोदी और अमित शाह की उपस्थिति ही उत्तेजना और उन्माद पैदा करती है. दरअसल मोदी जी धार्मिक उन्माद का फास्ट फूड चेन चला रहे हैं और अमित शाह हैं उनके डिलीवरी ब्यॉय. नफरत फैलाने की सारी कोशिशें केवल इसलिए हो रही हैं कि कहीं महागठबंधन के बनते ही सत्ता हाथ से फिसल न जाय. शिकस्त का खौफ मोदी-शाह के दिलो दिमाग को विचलित कर रहा है.

       डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने आगे कहा कि मोदी और अमित शाह को एकता, एकजूटता, सामाजिक समरसता और धार्मिक सद्भाव की बात से पीड़ा होती है. इसलिए जैसे ही इस तरह की कोई कोशिश फलीभूत होते हुए दिखाई देती है कि उनका मन बेचैन हो जाता है और हाथ तरकश पे चला जाता है. यही कारण है कि जबसे महागठबन्धन की बैठक हुई है तबसे मोदी और शाह के बोल बिगड़ते जा रहे हैं. यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात भी और कुछ नहीं बल्कि मोदी जी का शिकस्त के सामने करतब की कोशिश है.  

    उन्होंने कहा कि उनको मालूम नहीं कि बिहार की धरती पर केवल धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक समरसता की खेती संभव है. यहां के आवो हवा में नफरत का जहर घुल नहीं सकता चाहे मोदी और अमित शाह अपनी एड़ी चोटी भी एक क्यों न कर दें. यहाँ की सामाजिक समरसता और धार्मिक सहिष्णुता चट्टानी एकता के रूप में खड़ी है. मणिपुर हिंसा की आग मे झुलस रहा है और अमित शाह उसको छोड़कर बिहार भ्रमण कर रहे हैं ताकि बिहार भी जले.बिहार की गरीब जनता केन्द्र सरकार से विशेष राज्य का दर्जा की आश लगाये बैठी थी और बदले में धार्मिक उन्माद की घूँटी खिलायी जा रही है. यहाँ उनकी दाल नहीं गलने वाली है.


आलोक कुमार

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधान परिषद में घोषणा,हवा में

 पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधान परिषद में घोषणा की थी कि बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल के नाम से कुर्जी मोहल्ला का नाम मुंगेरी लाल मोहल्ला रखा जाएगा.जो आज तक पूरा नहीं हो सका....

पटना. राजनीति में स्टंटबाजी को कला के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सबसे बड़ा योगदान है. मोदी जी खिलाड़ी हैं यह तो अंधभक्त भी मानते हैं, लेकिन कहना मुश्किल है कि वो खिलाड़ी बेहतर हैं या कलाकार. दरअसल मोदी जी ऐसे खिलाड़ी हैं जो शिकस्त देखते ही करतब दिखाने में लग जाते हैं.उनके 9 साल का शासनकाल कलाबाजी,
पैतरेबाजी और करतब से भरा हुआ है. इसका सबसे ताजा तरीन उदाहरण है यूनिफॉर्म सिविल कोड.

       यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही. डा0 सिंह स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व0 मुंगेरी लाल जी के 22वीं पुण्यतिथि ( 29 जून) के अवसर पर पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित समारोह में बोल रहे थे. डा0 सिंह ने कहा कि मोदी जी का आत्मविश्वास महागठबंधन की बैठक से इस कदर हिला हुआ है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे स्टंट को लेकर मैंदान में कूद पड़े हैं. मोदी जी इस तरह का काम शुरू से करते आये हैं.

       इस अवसर पर डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे.राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने दलितों के विकास की कई योजनाएं चलाईं. पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो रिपोर्ट पेश की उसी के आधार पर आज तक बिहार में पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के लिये आरक्षण की व्यवस्था है.

       इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, निर्मल वर्मा, आनन्द माधव, आलोक हर्ष, कुमार आशीष, अमरेन्द्र सिंह, संजीव सिंह, प्रो0 रामायण प्रसाद यादव, अजय कुमार चौधरी, रीता सिंह, शशिकांत तिवारी, डा0 शशि कुमार सिंह, केशर कुमार सिंह, शशि रंजन, अरविन्द लाल रजक, संजय कुमार पांडेय, सुधा मिश्रा, दुर्गा प्रसाद, राजनन्दन कुमार, प्रदुमन राय, मृणाल अनामय, अखिलेश्वर सिंह, रवि गोल्डन, अविनाश सिंह, शशि भूषण राय, रमाशंकर पाण्डेय, अनूप कुमार, सत्येन्द्र पासवान सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे.


आलोक कुमार 

वेतन पर 11 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च

 * वेतन पर 11 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च



* सरकार मुकदमे में फंसा कर टालने का बहाना खोज रही है

पटना.बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि शिक्षक भर्ती में बिहार के स्थाई निवासी की शर्त को वापस लेने संबंधी तुगलकी फरमान को बिहार प्रतिभा का अपमान बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग की है.

    श्री मोदी ने कहा कि मंत्री का यह बयान हास्यास्पद है कि अंग्रेजी, गणित, फिजिक्स में योग्य शिक्षक नहीं मिलने के कारण बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है. बिहार के लड़के अखिल भारतीय सेवाओं तथा आईआईटी आदि में परचम फहरा रहे हैं और मंत्री कह रहे हैं कि इन विषयों में लड़के नहीं मिल रहे हैं.

       श्री मोदी ने कहा कि 15 जून के विज्ञापन में बिहार डोमिसाइल की शर्त अनिवार्य रखी गई थी, फिर अचानक उसे क्यों हटा दिया गया? क्या कक्षा 1-5 के लिए भी बिहारी प्रतिभा पढ़ाने योग्य नहीं है कि बाहर के लोगों को बुलाया जाए.

    श्री मोदी ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है. चार लाख नियोजित शिक्षकों एवं एक लाख से ज्यादा टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा में बैठने की बाध्यता उनके साथ विश्वासघात है। अब एक ही विद्यालय में तीन प्रकार के शिक्षक हो जाएंगे.

    श्री मोदी ने कहा कि अभी तक 8 बार विज्ञापन में संशोधन किया जा चुका है। नई नियुक्ति के कारण 11,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इस कारण सरकार मुकदमे में फंसा कर परीक्षा टालने का बहाना खोज रही है.

    पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने नीतीश सरकार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिन्होंने कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, वे नौ माह में एक आदमी को भी नौकरी नहीं दे पाए.दूसरी तरफ पहले से नियुक्त लोगों को दोबारा नियुक्ति-पत्र बांटने का फोटो सेशन कराकर धोखा देने की कोशिश की गई.उन्होंने कहा कि दस लाख नौकरी का वादा धोखा है.

   बिहार में अब दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी शिक्षक बन सकेंगे. मंगलवार (27 जून) को कैबिनेट से मुहर लगने के बाद इस निर्णय का विरोध भी शुरू हो गया है. शिक्षक संघ और अभ्यर्थी लगातार विरोध कर रहे हैं. आंदोलन तक की चेतावनी भी दे दी गई है. इन सबके बीच अब बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर (Bihar Education Minister Chandrashekhar) ने इसके पीछे की बड़ी वजह भी बता दी है कि ऐसा क्यों किया गया है.


आलोक कुमार

दान तो बहुत होते हैं, लेकिन जीवन दान से बड़ा कुछ भी नहीं होता


जमुई. दान तो बहुत होते हैं, लेकिन जीवन दान से बड़ा कुछ भी नहीं होता है. रक्तदान ही ऐसा दान है जो कि किसी की जान बचाता है और अनजान से खून का रिश्ता भी जोड़ता. रक्तदान से न केवल दुआएं मिलती बल्कि जान बचाने पर खुद को गर्व की अनुभूति के साथ ही आत्म संतोष भी मिलता है.

       खून देकर मानवता का रिश्ता बनाना कितना सुखद है इस बारे में "प्रबोध जन सेवा संस्थान" से जुड़े राजेश कुमार यादव ने बताया कि संस्थान के सहयोगी सिकंदरा निवासी राजीव कुमार के द्वारा जानकारी दी गई कि मेरे मित्र की पत्नी प्रसव पीड़िता सबीना खातून रविवार को मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में रक्त आभाव को जूझ रही है रक्त के कारण ऑपरेशन रुका हुआ है जैसे ही इसकी जानकारी संस्थान सहयोगियों को हुई वैसे ही  संस्थान के सार्थक प्रयास से रक्तदाता ग्रुप,मुजफ्फरपुर के सहयोगी गोपी मेहता के सौजन्य से रक्त जरुरत को पूरा किया गया.

एक दूसरे केस को लेकर जमुई सहयोगी अनुराग सिंह ने बताया कि गोपालपुर,खैरा निवासी सदर अस्पताल, जमुई में इलाजरत रक्त जरुरतमंद मानकवा देवी जिनके पति और पुत्र दोनों दिव्यांग है और रक्त के लिए काफी परेशान है इस केस कि जानकारी संस्थान के सदस्य को जैसे मिली उसके उपरांत कुछ मिनट के भीतर ही रक्त की पूर्ति संस्थान के सहयोग से करवा दी गई वहीं अब पेसेंट की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है.             

            तीसरे केस के लिए पटना से संस्थान के वरिष्ठ सहयोगी अमरनाथ साह ने बताया कि खैरा प्रखंड के दिनारी ग्राम निवासी शंभू नाथ पांडे जो वर्तमान में पटना के एक निजी अस्पताल में इलाजरत है रक्त आभाव के कारण उनका ऑपरेशन रुका हुआ था जब इसकी जानकारी समूह को हुई उसके उपरांत केस कि गंभीरता को देखते हुए हमने रक्त उपलब्ध करवा दिया है.

         चौथे केस के लिए सेवा भावी संस्थान सहयोगी कश्मीर निवासी सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि जमुई शहर के निजी अस्पताल में इलाजरत खैरा प्रखंड के दीपा करहा ग्राम के गरीब आदिवासी परिवार के पांच वर्षीय मासूम सचिन हेम्ब्रम कि स्थिति रक्त आभाव के कारण काफी गंभीर बनी हुई थी जैसे ही इसकी जानकारी रक्तदाता सहयोगी सचिन कुमार रॉयल के माध्यम से समूह को प्राप्त हुई वैसे ही संस्थान से जुड़े भंडरा निवासी सब्लू सिंह के पुत्र सूर्यमणि कुमार सिंह ने अपने जीवन का पहला रक्तदान कर इंसानियत के हित में कार्य किया है.                    

                संस्थान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्त्ता वरिष्ठ सहयोगी सुदर्शन सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान है.एक व्यक्ति रक्तदान कर किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है और जाने अनजाने ही सही पर उस व्यक्ति से खून का रिश्ता बन जाता है. वहीं संस्थान सचिव सुमन सौरभ, विनोद कुमार, गौरव कुमार सिंह, शिवेंदु चौहान, साइंस रिसर्च सेंटर के सोनू कुमार, रिशु राज, शिवजीत सिंह आदि ने भी सभी रक्तवीर व सहयोगियों को बधाई दी है.

प्रथम अंतुनी जोसेफ स्मृति पुरस्कार वितरित किया गया

 पटना.आज रविवार है.एक विशेष मिस्सा फादर डॉ. प्रकाश लुईस के द्वारा अर्पित किया गया.सेंट जेवियर कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट में शिक्षक हैं फादर प्रकाश लुईस.उनके साथ फादर सेल्विन जेवियर भी थे.कुर्जी पल्ली के पल्ली पुरोहित हैं फादर सेल्विन जेवियर.उन दोनों की मौजूदगी में प्रथम अंतुनी जोसेफ स्मृति पुरस्कार वितरित किया गया.

    बताते चले कि पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत व कुर्जी चश्मा सेंटर गली में रहने वाले संजय सुमन व मरियाना सैमसन ने अपने पूजनीय माता मेरी अंतुनी और पिता अंतुनी जोसेफ की स्मृति में अंतुनी जोसेफ स्मृति पुरस्कार योजना शुरू की है.इसके तहत पटना में रहकर बारहवीं(+2)की परीक्षा उर्तीण करने वाले दो रोमन कैथोलिक (लड़का-लड़की) तरूणों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है.जो बारहवीं(+2)की परीक्षा में टॉप किए हैं. ये हैॆ अमीना लोइसा एवं संजय मार्क की पुत्री अमीना लोइसा हैं.वहीं नैंसी प्रकाश और मुक्ति प्रकाश के पुत्र अतुल प्रकाश हैं.दोनों वर्ष 2023 में हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण विद्यार्थियों में श्रेष्ठ हैं.दोनों को स्मृति चिन्ह व 21 हजार रूपए का चेक दिया गया.
पुरस्कार मारियाना सैमसन और संजय सुमन (दिवंगत श्रीमान और श्रीमती एंथोनी जोसेफ की बेटी और बेटे) द्वारा दिया गया .यह पुरस्कार हर साल जारी रहेगा. अगले साल से यह एसएससी उत्तीर्ण छात्रों को भी दिया जाएगा.

विभागीय दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कराएं सुनिश्चित

 



विभागीय दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कराएं सुनिश्चित


कार्य संस्कृति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई


बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के प्रधान सहायकों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न.ससमय सही तरीके से कार्यालय के सभी कार्यों को निष्पादित करने का निर्देश दिया.


आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित गति से अग्रतर कार्रवाई करने का निर्देश.रोकड़ बही शत-प्रतिशत अद्यतन करने के लिए 10 दिनों की मोहलत.कार्यालय निरीक्षण के क्रम में रोकड़ बही अद्यतन नहीं पाये जाने पर निलंबन के साथ होगी विभागीय कार्रवाई.बैठक से अनुपस्थित तथा प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने को लेकर कई अधिकारियों एवं प्रधान सहायकों को शोकॉज करने का निर्देश.

जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिले के सभी कार्यालय प्रधान सहायकों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुयी. जिलाधिकारी ने सभी कार्यालय प्रधान सहायकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रधान सहायक अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव लाएं तथा बेहतर कार्य करें. कार्यालय के सभी कार्यों का ससमय विधिसम्मत निष्पादन कराना सुनिश्चित करें.

     उन्होंने निर्देश दिया कि टीम वर्क के साथ कार्यालय का ससमय संचालन हर हाल में होना चाहिए. कार्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए. कार्यालय के सभी कार्य विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि प्रधान सहायक अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तथा अधीनस्थ कर्मी भी अपने अधिकारी एवं प्रधान सहायक के निर्देशों का अनुपालन करना सुनिश्चित करेंगे.

    जिलाधिकारी ने कहा कि उनके कार्यकाल में यह दूसरी बैठक है. पूर्व की बैठक में विस्तार से प्रत्येक बिंदुओं पर सुधार करने तथा कार्यों के निष्पादन में प्रगति लाने के लिए निर्देशित किया गया था. निर्देश के आलोक में कुछ प्रधान सहायक द्वारा बेहतर कार्य किया गया है तथा कई के द्वारा अपेक्षाकृत सुधार नहीं किया गया है. जिलाधिकारी ने अपेक्षाकृत सुधार नहीं करने वाले प्रधान सहायक को सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिया गया कि अगले 10 दिनों में कार्यालय के सभी कार्य विशेषकर रोकड़ बही अपडेट होने चाहिए। इस कार्य में लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वाले प्रधान सहायकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

    उन्होंने कहा कि मुख्यालय अथवा जिलास्तर से प्राप्त पत्रों, दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाए. प्रतिवेदन की मांग करने पर ससमय बिना त्रुटि के उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कार्य में आ रही कठिनाइयों को दूर करने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा. समस्या होने पर तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित करें, समस्याओं समाधान कराया जायेगा.

       जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मी जनता के कल्याण, उत्थान एवं भलाई के लिए ही है. सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का लाभ योग्य व्यक्तियों के ससमय मिले, इसके लिए तत्परतापूर्वक कार्य करें. अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें, उनकी बातों को गंभीरता पूर्वक सुने तथा उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए तत्परतापूर्वक अग्रतर कार्रवाई करें.जानबूझ कर जनता को परेशान करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि पेंशन, अनुकंपा, कोषागार, पारिवारिक पेंशन आदि के लंबित मामलों को तुरंत निष्पादित करायें। कार्यालय के सभी कर्मियों को ससमय वेतन मिले, आकस्मिक, उपार्जित तथा अन्य अवकाश, सेवापुस्त आदि अपडेट रहे, इस के लिए कारगर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि कार्यालयों में प्राप्त पत्रों, निर्गत पत्रों, शिकायत पंजी, आगत पंजी, लॉग बुक, गार्ड फाइल आदि को अच्छे तरीके से सुधार करें तथा अधिकारी के समक्ष उपस्थित करें.

    रोकड़ बही की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण कार्य है. सभी प्रधान सहायक इसे अत्यंत ही गंभीरता से लें. रोकड़ बही सही तरीके से अद्यतन रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिलास्तरीय टीम द्वारा कार्यालयों का निरीक्षण कराया जायेगा. निरीक्षण के क्रम में रोकड़ बही अद्यतन नहीं पाये जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन तथा विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रधान सहायक अपने-अपने कार्यालयों में समुचित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे. स्वच्छ, शौचालय के साथ पेयजल की व्यवस्था आवश्यक है. कार्यालय के सभी उपस्कर, फर्निचर, संचिका आदि सुव्यवस्थित होनी चाहिए.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सीएम डैशबोर्ड तथा जनता दरबार, मानवाधिकार आयोग, सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी आदि महत्वपूर्ण मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित कराना सुनिश्चित किया जाए.

बैठक से अनाधिकृत अनुपस्थिति तथा प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने को लेकर कई अधिकारियों एवं प्रधान सहायकों से शोकॉज करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय, जिला स्थापना उप समाहर्ता, श्री अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के प्रधान सहायक उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

राहुल, खरगे ने भारत जोड़ो घर की चाबी चंदन सहनी को सौंपीःबिहार युवा कांग्रेस

  राहुल, खरगे ने भारत जोड़ो घर की चाबी चंदन सहनी को सौंपीःबिहार युवा कांग्रेस

पटना. ‘भारत जोड़ो यात्रा‘ के बाद पहली बार पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी का आगमन सदाक़त आश्रम में हुआ जहां पर आज उनका भव्य स्वागत किया गया. अभिनंदन समारोह के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री मल्लिकार्जुन  खरगे   जी का स्वागत हुआ.

   इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्रीनिवास  वी बी के मार्गदर्शन पर बिहार युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में  राहुल गांधी जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री खरगे , प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने चंदन सहनी , गोसेह टोला,मुजफ्फरपुर निवासी  को  नव निर्माण गृह का चाबी सौंपा.

   चंदन सहनी बैनर पोस्टर लगाने का काम भारत जोड़ो यात्रा में किया करते थे हमारे नेता राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो यात्रा जब
कर्नाटक से गुजर रही थी तब वहां बैनर पोस्टर लगाने के क्रम में चंदन सहनी का पैर की हड्डी टूट गई और काफी जख्म हुआ. चंदन सहनी का परिवार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रहता था. इस समय चंदन सहनी की पत्नी आठवें महीने के गर्भ से थी.

    अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को निर्देश दिया कि चंदन सहनी का घर बनाया जाए और उनके परिवार का और देखभाल का खर्च वहन किया जाए. जब तक कि चंदन सहनी बिल्कुल ठीक रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते हैं.

   बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ने चंदन सहनी की पत्नी ,उनके परिवार उनके बच्चों का पूरा खर्चा उठाया और उनके जमीन पर एक नया घर बना कर हमारे नेता राहुल गांधी जी ,राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे जी , बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह जी के द्वारा उनको आज नए घर की चाबी सौंपी गई.चंदन सहनी और उसके परिवार ने नव निर्मित घर का नाम ‘भारत जोड़ो घर रखा है‘!


 

आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...