दलितों को राजनीति के केन्द्र में लाने का काम कांग्रेस का: डा0 अखिलेश


 दलितों को राजनीति के केन्द्र में लाने का काम कांग्रेस का: डा0 अखिलेश

 पटना । वोट बैंक पाॅलिटिक्स की मजबूरी में आज भले ही सारे राजनीतिक दल दलित प्रेम का राग अलाप रहा हो लेकिन दलितों को देश की राजनीति के केन्द्र में लाने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया। यही कारण है कि देश के जो भी महान दलित नेता हुए वे कांग्रेस से हुए। चाहे वे बी0आर0 अम्बेडकर हों, बाबू जगजीवन राम हों या अभी के दौर में मल्लिकार्जुन खड़गे और मीरा कुमार। ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही। वे प्रदेश कांग्रेस की अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित कार्यकारिणी की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा और नसीहत भी दी कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसे पूरी शिद्दत से निभाइए और हर जिले से पांच सौ दलित परिवारों की सूची बनाकर उनकी समस्याओं के बारे में प्रदेश नेतृत्व को बताएं ताकि हम उसके निराकरण के लिए गठबंधन की अपनी राज्य सरकार से सिफारिश करें।

कांग्रेस लगातार अपनी खोई जमीन को प्राप्त करने की कामयाब कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में बिहार कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने प्रदेश में नई कमिटी गठित की है जिसके अन्तर्गत 10 उपाध्यक्ष और 16 राज्य समन्वयक के अलावा 34 जिलों में नये अध्यक्षों की तैनाती की गयी है। प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष व विधायक राजेश कुमार ने बताया कि एक महीने की सलाह मशविरा के बाद राज्य स्तर पर संगठन का पुनर्गठन कर इस नई ताकत देने की कोशिश की गई है जिसमें उनका ध्यान रखा गया है कि दलित समुदाय के सभी वर्गों का समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि 534 प्रखंडों के अध्यक्ष एवं प्रभारी की नियुक्ति भी इस माह के अंत तक कर दी जाएगी।  

इस अवसर पर संविधान रक्षक बार कोड भी जारी करने की बात कही गयी जिसके तहत सेव संविधान अभियान चलाया जाएगा।

आज की बैठक में प्रदेश कांग्रेस की ओर से जिन नेताओं ने भाग लिया उनमें विजय शंकर दूबे, लाल बाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, उमेश कुमार राम, विश्वनाथ बैठा, रंजीत कुमार, राहुल पासवान, दयानंद, अर्जुन पासवान, राजू राम, मोती लाल राम, सत्यनारायण चैपाल, साधना रजक, ममता देवी।  


 आलोक कुमार

एक नहीं दो पोप को चुनने में भाग लिया था कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने प्रधानमंत्री से कहा

 रांची.एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो के बारे में कहा जाता है कि वे आम आदमी की तरह थे.उच्च पद जाने के बाद भी साधारण व्यक्ति ही रहे.मटना महाधर्मप्रांत के कुर्जी पल्ली में किसी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे.खुद से जैकेट पहन रहे थे.उस वक्त किसी ने जैकेट पहनने में सहायता करने लगे तो तपाक से आर्चबिशप ने कहा कि ऐसा न करो कारण कि कोई पत्रकार फोटो खींचकर लिख देंगे कि आर्चबिशप खुद से जैकेट नहीं पहन पाते हैं.उनको सहायक की जरूरत पड़ गयी.

कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो के द्वारा थियोडोर मैस्करेनहास, एसएफएक्स 30 अगस्त 2014 को बिशप बने थे.उन्होंने कहा कि एक पोप से कहा कि रांची महाधर्मप्रांत में एक बिशप को नियुक्त करना है.तो बिशप को मजाक में कहा कि पोप साहब आपको मैंने वोट देकर पोप बनाया है.इतना कहने पर पोप हंसने लगे.
रांची महाधर्मप्रांत के सहायक बिशप थियोडोर मैस्करेनहास, एसएफएक्स ने कहा कि कार्डिनल टोप्पो 2005 के पोप कॉन्क्लेव में निर्वाचक थे , जिसमें जोसेफ रत्ज़िंगर को पोप बेनेडिक्ट XVI के रूप में चुना गया था.इसी तरह टोप्पो उन कार्डिनल निर्वाचकों में से एक थे , जिन्होंने 2013 के पोप सम्मेलन में भाग लिया था जिसमें पोप फ्रांसिस का चयन किया गया था.

आलोक कुमार

एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर संत मेरीज महागिरजाघर में दर्शनार्थ रखा गया

रांची. एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर संत मेरीज महागिरजाघर में दर्शनार्थ रखा गया है.यहां प्रार्थना की जा रही है. भक्तगण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे है.आज रात आठ बजे तक एशिया के प्रथम आदिवासी कार्डिनल का दर्शन किये.चर्च के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया.चर्च के पश्चिम द्वार को खोलकर रखा जाएगा.

           इसके पहले यह बताया गया कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के पार्थिव शरीर को आज मांडर से रांची लाया जाएगा. मांडर के फादर कांस्टेंट लीवंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से रांची के पुरुलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजा घर लाया गया.उनके अंतिम यात्रा में कई आर्चबिशप और बिशप शामिल रहे. साथ ही करीब 20 हजार लोग भी इस दौरान मौजूद रहे.

         बता दें कि सुबह 10 बजे से यात्रा शुरू हुई. इस 30.03 किमी की दूरी में उस दौरान मसीही समुदाय द्वारा मानव श्रृंखला बनाई गई.मानव श्रृंखला में मौजूद लोगों ने कार्डिनल का फोटोनुमा झंडा को लहरा रहे थे.

            वहीं जिला प्रशासन ने इस यात्रा को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली थी.कुल 10 स्थानों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई. मालूम हो कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का 4 अक्टूबर को निधन हो गया था.

   कान्टेंट लिवेंस हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक फादर जार्ज ने बताया कि 10 अक्टूबर सुबह साढ़े 10 बजे अस्पताल परिसर से शव यात्रा शुरू हुई. यात्रा वहां से 11 बजे ब्रांबे पहुंची.11.30 बजे मखमनदरी और 12 बजे काठीटांड़ पहुंची. इसके बाद 12.30 दलादली चौक से होते हुए 1 बजे कटहल मोड़ पहुंची. फिर 1.30 बजे अरगोड़ा चौक और 2 बजे सुजाता चौक होते हुए दोपहर 3 बजे संत मारिया गिरजाघर लाया गया.

  यह भी बताया कि इस दौरान मांडर से पुरुलिया रोड तक 500 से अधिक दोपहिया और चार पहिया वाहन शामिल हुए. मंगलवार को दोपहर 3 बजे से 8 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को आम लोगों के दर्शन के लिए गिरजाघर में रखा गया.वहीं 11 अक्टूबर को सुबह 6ः00 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक अंतिम दर्शन कर सकेंगे. दोपहर 1 बजे से लोयला मैदान में प्रार्थना होगी.इसके बाद संत मारिया गिरजाघर में अंतिम संस्कार की धर्मविधि संपन्न की जाएगी.

  पुरुलिया रोड स्थित लोयला मैदान में कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए आर्चबिशप,बिशप,फादर,ब्रदर,सिस्टर और आम से खास लोग आ रहे है.

   अंतिम संस्कार होने के साथ कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो अमर हो जाएंगे.उन्होंने दो बार पोप का चुनाव में भाग लिए थे.प्रथम बार 2005 के पोप कॉन्क्लेव में निर्वाचक थे, जिसमें जोसेफ रत्ज़िंगर को पोप बेनेडिक्ट XVI के रूप में चुना गया था. दूसरी बार  उन कार्डिनल निर्वाचकों में से एक थे जिन्होंने 2013 के पोप सम्मेलन में भाग लिया था जिसमें पोप फ्रांसिस का चयन किया गया था.


आलोक कुमार 

बीजेपी नेता हेमा मालिनी ने बुर्जुगों की हमदर्दी

* 2014 में यूपीए सरकार ने न्यूनतम पेंशन 1000 करने का विचार कर रही थी
* विपक्षी बीजेपी ने जमकर आलोचना करके न्यूनतम पेंशन 3000  देने की  मांग की 
* इस बीच लोकसभा के आम चुनाव में यूपीए सरकार परास्त हो गयी
* केंद्र में सत्ता पर काबिज होने के बाद एनडीए सरकार ने 2014 में यूपीए सरकार की सिफारिश को लागू कर दिया
* 2014 से ही 1000 न्यूनतम पेंशन मिल रहा है.इसमें बढ़ोतरी करने का मन एनडीए सरकार को नहीं है

पटना. DA और ₹7500 पेंशन की डिमांड, करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगी गुड न्यूज?यह फिलवक्त सपना ही दिख रहा है.बीजेपी नेता हेमा मालिनी ने बुर्जुगों की हमदर्दी बन 2020 और 2021 में प्रधानमंत्री से मिलकर ₹7500 न्यूनतम पेंशन के साथ तीन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस ओर उदास होने की जरूरत नहीं है.इस ओर ठोस कदम उठाएंगे.फिलवक्त ठोस कदम हवा में लटका हुआ है,धरती पर उतर ही नहीं रहा है.
      मालूम हो कि कर्मचारी पेंशन योजना, 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है.वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है.इस तरह 30- 35-40 साल के बाद कर्मचारी रिटायर होता है.तो सरकार के पास 20 लाख से अधिक कर्मचारी का जमा हो जाता है.
     ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की ओर से बताया गया है कि जीवन भर पेंशन फंड में पैसे जमा करने के बाद पेंशन भोगियों को आज औसत मात्रा 1,171 रुपये पेंशन मिलती है. यह पर्याप्त नहीं है.लेकिन अगर उन्हें 7,500 रुपये और महंगाई भत्ता मिले तो वह सम्मान के साथ रह सकते हैं.
    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ईपीएस-95 योजना के दायरे में आने वाले पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक किये जाने के अलावा महंगाई भत्ता यानी DA दिए जाने की मांग हो रही है.इस मांग को लेकर ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) विरोध-प्रदर्शन करने की तैयारी में है.
     क्या है डिमांड:
ईपीएस-95 योजना के दायरे में आने वाले लोगों की पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये मासिक करने की डिमांड है. इसके साथ-साथ महंगाई भत्ता देने, ईपीएस-95 पेंशन भोगियों को बिना किसी भेदभाव के उच्च पेंशन का विकल्प देने के अलावा उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं देने की भी मांग हो रही है.
         बता दें कि कर्मचारी पेंशन योजना, 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है.वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है.इसके अलावा पेंशन कोष में सरकार भी 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है.
         न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी होने पर पेंशन फंड में उपलब्ध राशि और देय राशि में बड़ा अंतर हो जाएगा. उस अंतर को पूरा करने के उपाय होते ही न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी की जा सकती है.न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर महाराष्ट्र में इन दिनों काफी प्रदर्शन हो रहे हैं. ये कर्मचारी प्रतिमाह कम से कम 7500 रुपए पेंशन की मांग कर रहे हैं.
आलोक कुमार

21 अक्टूबर 2003 को कार्डिनल पद पर पदोन्नत

रांची.एमेरिटस कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासीडस टोप्पो. उनका जन्म 15 अक्टूबर 1939 को हुआ.जब वे 29 साल 5 माह के थे,तब उनका पुरोहित अभिषेक 3 मई 1969 को हुआ था.उसके बाद जब 38 साल 6 माह के थे,तब दुमका धर्मप्रांत के बिशप 8 जून 1978 को नियुक्त किये गए.अंततः 7 अक्टूबर 1978 को 38 साल 9 माह में दुमका धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष नियुक्त हो गए.8 नवंबर 1984 को 45.0 साल में रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप के कोएडजुटर नियुक्त हुए.केवल 8 माह ही आर्चबिशप के कोएडजुटर रहने के बाद 45 साल 8 माह में 7 अगस्त 1985 को आर्चबिशप नियुक्त हुए.रांची महाधर्मप्रांत के सफल आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो को 64 साल की अवस्था में 21 अक्टूबर 2003 को कार्डिनल पद पर पदोन्नत कर दिया गया.(Appointed Cardinal-Priest of Sacro Cuore di Gesù agonizzante a Vitinia) आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो ने 78 साल और 6 माह में ही 24 जून 201 को सेवानिवृत्त हो गये.तब से एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो कहलाने लगे.4 अक्टूबर 2023 को 83.9 भारत के रांची के आर्चबिशप एमेरिटस की मृत्यु हो गयी.

   कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो द्वारा मुख्य अभिषेककर्ता के रूप में  बिशपों का अभिषेक किया गया. कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के हाथों स्टीफन एम. तिरु को 7 अक्टूबर 1986 को, चार्ल्स सोरेंग, एसजे 9 फरवरी 1990 को, माइकल मिंज, एसजे 22 अगस्त 1993 को, जोसेफ मिंज 24 अगस्त 1993 को, थॉमस कोझिमाला 7 अक्टूबर 1996 को, फेलिक्स टोप्पो, एसजे 27 सितंबर 1997 को, जूलियस मरांडी 7 अक्टूबर 1997 को, गेब्रियल कुजूर, एसजे 8 जनवरी 1998 को, विंसेंट बरवा 8 नवंबर 1998 को, विक्टर हेनरी ठाकुर 11 नवंबर 1998 को , पॉल अलोइस लकड़ा 5 अप्रैल 2006 को, जॉन बरवा, एसवीडी 19 अप्रैल 2006 को, क्लेमेंट तिर्की 23 अप्रैल 2006 को, पॉल टोप्पो 24 मई 2006 को, कुरियन वलियाकंडाथिल 27 फरवरी 2007 को, एंजेलस कुजूर, एसजे 18 अप्रैल 2007 को, बिनय कंडुलना 30 नवंबर 2012 को, इमैनुएल केरकेट्टा 2 फरवरी 2010 को, जोजो आनंद 8 दिसंबर 2012 को, किशोर कुमार कुजूर 29 सितंबर 2013 को, तेलेस्फोर बिलुंग, एसवीडी 30 अगस्त 2014 को थियोडोर मैस्करेनहास, एसएफएक्स 30 अगस्त 2014 को कैजेटन फ्रांसिस ओस्टा 22 अक्टूबर 2014 को और विंसेंट आइंड 14 जून 2015 को बिशप बनाया.


आलोक कुमार

जल,जंगल और जमीन को मुद्धा बनाकर कार्य किया


श्योपुर.देश-विदेश-प्रदेश में जन संगठन एकता परिषद कार्यशील है.इस जन संगठन के द्वारा जल,जंगल और जमीन को मुद्धा बनाकर कार्य किया जाता है.इस समय बिहार में एकता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी के नेतृत्व में "हर महिला को मासिक तीन हजार अभियान" चल रहा है.इस अभियान के तहत मधेपुरा जिलान्तर्गत मुरलीगंज प्रखंड कार्यालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित मांग-पत्र को मुरलीगंज प्रखंड के बीडीओ के माध्यम से दिया गया.मधेपुरा जिला प्रभारी सुनील कुमार,संगठन प्रभारी संतोष कुमार, पप्पू भारती एवं मनोरमा ऋषिदेव के साथ दिया गया.

वहीं आज मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एकता परिषद के बैनर तले महात्मा गांधी सेवा आश्रम श्योपुर में भू- अधिकार  सम्मेलन आयोजित किया गया. जिसमें 84 गांवों के लगभग 1500 महिला और पुरुषों ने भाग लिया.इस भू- अधिकार  सम्मेलन के एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रणसिंह परमार मुख्य अतिथि थे.

     महात्मा गांधी सेवा आश्रम के प्रांगण में  आयोजित भू- अधिकार  सम्मेलन  में आदिवासी मुखिया शामिल थे.इस अवसर पर एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रनसिंह परमार, महात्मा गाँधी सेवा आश्रम संस्था के प्रबंधक जय सिंह जादौन, एकता परिषद के वरिष्ठ रामदत्त सिंह तोमर, एकता परिषद के जिला अध्यक्ष गंगाराम,आदिवासी सेमरिया के साथ 84 गाँव के प्रमुख लोग उपस्थित रहे. जिसमें आदिवासी समुदाय के हक अधिकार के मुद्दों पर चर्चा हुई.

     बताया गया कि सम्मेलन में चर्चा की गयी कि यहां पर दबंगों के द्वारा आदिवासी समुदाय को प्रताड़ित कर जमीन हथिया लिया जा रहा है. इन आदिवासी गरीबों की जमीन छीनकर दबंगों के द्वारा उनको बेघर किया जा रहा है.ऐसा करने वाले इन दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई.यह वादा किया गया कि इसके लिए सभी आदिवासी समाज के मुखियाओं के साथ मिलकर एकता परिषद जमीनी लड़ाई लड़ेगी.जैसा पूर्व से हो है.""यह तो सिर्फ अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है"" ,""जल जंगल और जमीन हो जनता के अधीन"".

आलोक कुमार

कार्डिनल के अंतिम संस्कार में भाग लेने फादर बोज्जा जा रहे हैं रांची

  कार्डिनल के अंतिम संस्कार में भाग लेने फादर बोज्जा जा रहे हैं रांची


बक्सर.बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर बोज्जा बस्कर है.शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर बोज्जा बस्कर झारखंड जा रहे हैं.वे मंगलवार को बस से शाम में प्रस्थान करेंगे.यहां पर जाकर एमेरिटस कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. एमेरिटस कार्डिनल का निधन बुधवार 4 अक्टूबर को राजधानी रांची के मांडर में स्थित लिवंस हॉस्पिटल में निधन हो गया था.

  एक खास बातचीत में पल्ली पुरोहित फादर बोज्जा बस्कर ने कहा कि मैं सेंट  अल्बर्ट कॉलेज, रांची का का पुराना छात्र हूं. वहां पर थिओलॉजी कर रहा था.तब वर्ष 2009 में रांची महधर्मप्रांत के आर्चबिशप सह कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने धर्मशास्त्र थिओलॉजी के दूसरे वर्ष के दौरान मुझे आधिकारिक तौर पर अनुचर, पाठक, उपयाजक और समन्वयकर्ता (Acolyte, reader, deacon and ordination) के पद से सम्मानित किये थे.

   उन्होंने कहा कि कार्डिनल के द्वारा पुरोहिताई के लिए सभी उम्मीदवारों को आदेश प्राप्त हुआ.इसमें मैं भी हूं.उनके आशीर्वाद से उपयाजक बने.उसके बाद अभी पुरोहित अभिषेक पाकर बक्सर धर्मप्रांत के एक पुरोहित हूं.इसके आलोक में उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने रांची जा रहा हूं.सूचना के अनुसार बक्सर से अकेला पुरोहित हूं जो कार्डिनल के अंतिम संस्कार में भाग लेने जा रहा हूं.

   उन्होंने कहा कि कार्डिनल के साथ यह दुर्लभ ग्रुप फोटो है.इसमें प्रथम लाइन के दाहिने की ओर एक के बाद दूसरे में बैठा हूं.

      मालूम हो कि राजधानी रांची से 30.3 कि.मी. की दूरी पर मांडर स्थित लिवंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर है.अभी भी प्रभु के प्यारे कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव हॉस्पिटल में है.कल 10 अक्टूबर की सुबह मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर 10 अक्तूबर को मांडर स्थित फादर कांस्टेंट लीवंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से रांची लाया जायेगा.संत मेरिज कैथेड्रल में कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को रात्रि 9 बजे तक दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित कर पाएंगे.पुन: 11 अक्टूबर को 06 से 12 बजे तक दर्शन और श्रद्धांजलि करने के बाद 01:00 से संत लोयोला मैदान में कार्डिनल का पार्थिव शरीर रखकर अंतिम बार मिस्सा होगा.इसमें वाटिकन से भारत में नियुक्त राजदूत भाग लेंगे.अंतिम मिस्सा खत्म होने के बाद आर्चबिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का दफन संस्कार 11 अक्तूबर को किया जायेगा. उनका निधन चार अक्तूबर को मांडर स्थित अस्पताल में हो गया था.


आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...