मोदी राज में संविधान हुआ तार-तार- डा0 अखिलेश

 

गणतंत्र दिवस के 75 वें साल में जरूरी है कि हम विचार करें

पटना। आज गणतंत्र दिवस के 75 वें साल में जरूरी है कि हम विचार करें, कि हम कहां पहुंचे। 1950 में जब हमें नया संविधान मिला तो भारत को समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और प्रजातांत्रिक देश बनाने की बात प्रस्तावना में कही गयी, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है। 75 वें साल में हम देख रहे हैं कि समाजवाद की जगह पूंजीवाद ने ले लिया। धर्मनिरपेक्षता की जगह साम्प्रदायिकता ने ले लिया और प्रजातंत्र की जगह एकतंत्र ने ले लिया है। मसलन भाजपा सरकार की करतूत के कारण भारतीय संविधान आज तार-तार हो चुका है। ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर पार्टी मुख्यालय, सदाकत आश्रम, में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए कही।

              उन्होंने कहा कि समाज के हर तबके साथ अन्याय हो रहा है चाहे गरीब हो, नौजवान हो, राजनीतिक प्रतिद्वंदी हो या बहु-बेटियाँ। सब के सब अन्याय से त्रस्त हैं इसलिए राहुल जी न्याय यात्रा लेकर निकले हैं। देश की 80 करोड़ आबादी राशन की दुकान पर लाईन लगाकर खड़ी है और मोदी जी कहते हैं देश तरक्की कर रहा है। तरक्की की ऐसी परिभाषा कभी सुना नहीं।

                  गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस की परंपरागत तरीको से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर इकट्ठा हुए सैकड़ों नेता एवं कार्यकर्ताओं में मिठाई बांटी गयी। जो लोग इस समारोह में उपस्थित थे उनमें शामिल हैं पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता डा0मदन मोहन झा, अनिल कुमार शर्मा, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, वीणा शाही, प्रेमचन्द्र मिश्रा, समीर कुमार सिंह, राजेश कुमार, प्रतिमा कुमारी दास, डा0 ज्योति, नरेन्द्र कुमार,विश्वमोहन शर्मा, हरखू झा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, अमिता भूषण, भावना झा, राजेश राठौड़, कपिलदेव प्रसाद यादव, लाल बाबू लाल, चन्द्र प्रकाश सिंह, संजीव सिंह, शरवत जहां फातिमा, आनन्द माधव, अमित कुमार टुन्ना, जितेन्द्र सिंह, विनय वर्मा, मनोज कुमार सिंह, अमरनाथ तिवारी, राज कुमार राजन,डा0 संजय यादव, राजकिशोर सिंह, राजेश कुमार सिन्हा, नागेन्द्र कुमार विकल, शशिकांत तिवारी, कमलदेव नारायण शुक्ला, ललन यादव, संजय पाण्डेय, शशि रंजन, डा0 विनोद शर्मा, गुंजन पटेल, रीता सिंह, सुधा मिश्रा, सौरभ सिन्हा, खुशबू कुमारी, उदय शंकर पटेल, अनोखा देवी,शंकर स्वरूप, सत्येन्द्र कुमार सिंह,  अखिलेश्वर सिंह,अमरेन्द्र सिंह, वैद्यनाथ शर्मा, संतोष कुमार श्रीवास्तव,राजन यादव, रूपम यादव, सुमन कुमार मल्लिक,शशि कुमार सिंह, निरंजन कुमार, अरविन्द लाल रजक, अजमी बारी, पुरूषोत्तम मिश्रा, कुंदन गुप्ता, डा0 गौतम, नीतू सिंह निषाद, आदित्य कुमार पासवान, सुनील कुमार सिंह, विमलेश तिवारी, निधि पाण्डेय,मोनी देवी, वसी अख्तर,राजेश मिश्रा, अरूणा सिंह, बिन्देश्वरी प्रसाद सिंह, रवि गोल्डन, मृणाल अनामय, रमाशंकर पाण्डेय, सुदय शर्मा।

आलोक कुमार

मानवता और सेवा की मिसाल है इंसानियत की दीवार : प्रबोध जन सेवा संस्थान

मानवता और सेवा की मिसाल है इंसानियत की दीवार : प्रबोध जन सेवा संस्थान

इंसानियत की दीवारः जो आपके पास अधिक है यहाँ छोड़ जाए, जो आपकी जरुरत का हो यहाँ से ले जाए

‘इंसानियत की दीवार' ने ठंड में कराया गर्मी का अहसास

ठंड में युवाओं ने ‘इंसानियत की दीवार‘, खड़ी कर नजीर पेश की, सुदूर इलाके के ग्रामीण हो सकेगे लाभान्वित

जमुई। कहते हैं कुछ करने का जज्बा हो तो हर राहआसान है। राज्य स्तर पर रक्तदान व अन्य सामजिक क्षेत्रों में महती भूमिका का निर्वाह कर रही प्रबोध जन सेवा संस्थान ने अब ठिठुरते तन को मानवता की गर्माहट देने के लिए ‘इंसानियत की दीवारः खड़ी कर संस्थान से जुड़े सहयोगियों ने समाज में नजीर पेश की है।

 विदित हो, विगत बुधवार को जिले के बटिया में अवस्थित बाबा झुमराज स्थान प्रांगण के सामुदायिक भवन में ‘इंसानियत की दीवार‘ मुहिम शुरू की गई, जहां समृद्ध वर्ग कपड़े दे सकेंगे और हर जरूरत मंद अपने जरूरत के मुताबिक कपड़े ले सकेंगे। संस्थान से जुड़े वरिष्ठ सहयोगी व सामाजिक कार्यकर्त्ता सुदर्शन सिंह, संस्थान सचिव सुमन सौरभ, बाबा झुमराज कमिटी के सचिव मोहन यादव, दहियारी पंचयात के पेक्स अध्यक्ष शुखदेव यादव ने सामूहिक रूप से फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया।

            वहीं, मुहिम को धार दे रहे युवाओं ने बताया कि पहले खेप में यहाँ तीन हजार से ज्यादा जैकेट, ब्लेजर, चादर, सिलीपर, शर्ट, पेंट, छोटे बच्चों का कपड़ा, शूट, साड़ी, जूता, सिलीपर इत्यादि विभिन्न प्रकार की सामग्री पहुंचा दी गई है।

      इससे पूर्व हम लोगों ने सिकंदरा प्रखंड के लछुआर ग्राम में भी कार्यक्रम आयोजित की थी जहाँ एक हजार से ज्यादा असहाय लोग लाभान्वित हुए थे पर इस क्षेत्र में असहाय जरुरतमंद की संख्या देखते हुए कपड़ों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है जिस से ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें साथ ही साथ हम लोग विशेष ख्याल यह रखते हैं कि किसी जरूरतमंद के आत्मसम्मान को ठेस न पहुंचे।

     इस प्रयास के सफल क्रियान्वयन में संस्थान के जमुई जिला सचिव विनोद कुमार, अनुराग सिंह, रौशन सिंह, शिवजीत सिंह, सौरभ मिश्रा, हरेराम सिंह, राजेश यादव, मिथुन कुमार सिंह आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित ब्रह्मेश्वर यादव, दिलीप कुमार पासवान, राजकुमार यादव, मुकेश कुमार, दिवाकर कुमार सिंह व अन्य सैकड़ों लोगों ने संस्थान द्वारा वर्षो से किए जा रहे कार्यों की सरहाना की व इंसानियत की दीवार जमुई के विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने को लेकर संस्थान से जुड़े सहयोगियों से चर्चा की है।


आलोक कुमार






18 वीं लोकसभा के सदस्यों का चुनाव करने के लिए निर्धारित

 

गया.भारत के संविधान के अनुच्छेद 83 में हर पांच साल में एक बार लोकसभा के चुनाव कराने की आवश्यकता है.इसके आलोक में राजनैतिक दलों में सरगर्मी बढ़ गयी है.वर्तमान लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को समाप्त होने वाला है.पिछले आम चुनाव अप्रैल-मई 2019 में हुए थे. अगले भारतीय आम चुनाव मई 2024 या इससे से पहले 18 वीं लोकसभा के सदस्यों का चुनाव करने के लिए निर्धारित है.लोक सभा की सभी सीटे 543 है.बहुमत के लिए 272 चाहिए.

    इस बीच भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी चुनाव योजना की ओर आकर्षित करने का निर्देश दिया गया है. जिसमें चुनाव के लिए विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ प्रत्येक गतिविधि को शुरू करने और शुरू करने की समयसीमा/अवधि दी गई है.लोकसभा 2024 के आगामी आम चुनाव के लिए, आयोग ने संदर्भ के उद्देश्य से और चुनाव योजना में प्रारंभ और समाप्ति तिथियों की गणना के लिए अस्थायी रूप से मतदान दिवस 16.04.2024 दिया है.

      प्रत्येक गतिविधि की शुरुआत और समाप्ति तिथि पर, चुनाव योजनाकार पोर्टल से सीईओ दिल्ली को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से एक अधिसूचना भेजी जाती है.प्रत्येक गतिविधि की स्थिति को डीईओएस/आरओएस और सीईओ (मुख्यालय) की संबंधित शाखाओं से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अद्यतन/लंबित/प्रगति पर/अनुसूचित/पूर्ण के रूप में चिह्नित किया जाना आवश्यक है.

         चुनाव योजनाकार में उल्लिखित प्रत्येक चुनाव गतिविधि को शुरू करने और पूरा करने के लिए दी गई समय-सीमा का पालन करें और ईमेल आईडी coebranch2024@gmail. com पर सीओई शाखा, सीईओ कार्यालय, दिल्ली को रिपोर्ट भेजें. गतिविधि (गतिविधियों) की आरंभ और समाप्ति तिथियों से कम से कम एक दिन पहले.


फतेहपुर प्रखंड की बैठक सम्पन्न 

लोकतान्त्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान की बैठक  फतेहपुर प्रखंड के शबरी नगर में  सम्पन्न हुई. बैठक में निर्णय लिया गया कि जनविरोधी भाजपा की केंद्रीय  सरकार को परास्त करने के लिए बोधगया विधान सभा में अभियान चलाना है.ज्ञात हो कि शबरी नगर 1989 मे छात्र- युवा संघर्ष संघर्ष वाहिनी के नेतृत्व में बसाया गया है.इस गांव में अभी पीने के पानी का अभाव है.हर महीने राशन भी उपलब्ध नहीं होता है.

लोकतान्त्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान की बैठक बाराचट्टी के उच्च विद्यालय मैदान के मंच पर सम्पन्न हुई.बैठक में 50 से ऊपर साथी कार्यकर्ता उपस्थित हुए.संविधान बचानेऔर लोकतंत्र बहाल रखने के लिए केंद्र की वर्तमान सरकार को 2024 के चुनाव में हराने का संकल्प लिया गया.फरवरी माह में समेल्लन करने के उद्देश्य से 15 सदस्यीय कोर कमिटी का गठन किया गया .बैठक बुलाने की जिम्मेवारी श्यामबिहा जी को सौपी गई.सम्मेलन में डोभी और मोहनपुर प्रखण्ड को भी शामिल करने का निर्णय हुआ है.

   मोहनपुर प्रखण्ड मुख्यालय के पुराने थाना परिसर में, प्रखण्ड स्तरीय बैठक हुई. बैठक में करीब 40 लोग भाग लिए. जिसमें आधे से अधिक महिलाए थीं. बैठक में लोकतान्त्रिक मूल्यों की रक्षा करने और संविधान को बचाने के लिए गांव गांव में मतदाता जागरूकता अभियान चलाने के लिए घर-घर जाने पर विचार किया गया. बाराचट्टी में होने वाले लोकतान्त्रिक राष्ट्रनिर्माण सम्मेलन में भाग लेने पर विचार किए गए.अंत में पंद्रह सदस्यीय कमिटी की बैठक में भाग लेने पर विचार किया गया.शंभु जी,राजकुमार यादव,वदन यादव,संजय मांझी,सोमर सिंह भोगता,सुरेश प्रसाद,अनिल कुमार,रामाशीष पासवान,श्याम बिहारी यादव,हरेंद्र सिंह भोगता,फूलदेव यादव,राजेंद्र मेहता, विनाेद दास,विनोद विरोधी पत्रकार और छोटू भोगता


आलोक कुमार 


’कांग्रेस पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग सदाकत आश्रम में कर्पूरी ठाकुर शताब्दी जयंती मनाई’

 ’कांग्रेस पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग सदाकत आश्रम में कर्पूरी ठाकुर शताब्दी जयंती मनाई’

पटना। कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम पटना में जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 100 वी जयंती मनाई गई। एवं पार्टी पदाधिकारियों पर व्याख्यान भी दिया गया। ओबीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन अजय सिंह यादव जी के निर्देश पर पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी डॉ गौतम कुमार के साथ प्रदेश के पदाधिकारियों ने जन्म शताब्दी मनाई। डॉ गौतम ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के ईमानदारी और सामाजिक न्याय की चर्चा आज हर पार्टी कर रही है। बीजेपी ने तो भारत रत्न देने पर मुहर लगाई है। प्रदेश प्रवक्ता रवि रंजन ने बताया कि उनके ईमानदार राजनीति से सीखने की जरूरत है।

इस अवसर पर पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि गोल्डन , कार्यालय प्रभारी मनीष सिंह, प्रदेश महासचिव विकास वर्मा, आलोक चंद्र यादव, डॉ पंकज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता ज्ञान रंजन, प्रदेश प्रवक्ता आशीष नाथ तिवारी, पूर्व एमएलसी लालबाबू लाल मृणाल अनंत, विनोद शर्मा सहित पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



आलोक कुमार

आजादी के अदभुत दिवाने थे नेताजी-डा0 अखिलेश

 आजादी के अदभुत दिवाने थे नेताजी-डा0 अखिलेश 


पटना .नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आजादी के दिवाने थे जिनका नारा “तुम मुझे खून दो-मैं तुझे आजादी दूँगा” आज भी जन-जन को रोमांचित करता है। आई.सी.एस. परीक्षी पास करने के बावजूद उन्होंने सरकारी सेवा छोड़कर आजादी के लिए संघर्ष करने का रास्ता चुना। देश और कांग्रेस पार्टी में उनकी लोकप्रियता की मिशाल आज भी दी जाती है क्योंकि तमाम विरोध के बावजूद वे दो बार 1938 एवं 1939 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनकी लोकप्रियता को देखकर ही महात्मा गांधी ने उन्हें नेताजी की उपाधि दी थी। ये बातें बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने नेताजी के 127 वीं जयंती के अवसर पर भेजे अपने संदेश में कही। मालूम हो कि नेताजी की जयंती पूरे देश में पराक्रम दिवस के रूप में मनायी जाती है। 

डा0 सिंह ने कहा कि राष्ट्र के लिए नेताजी का समर्पण अदभुत था यह बात कल्पना से परे लगती है कि अंग्रेजो से जबरन आजादी छीनने के लिए उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान आजाद हिन्द फौज खड़ी कर दी। 

पराक्रम दिवस के अवसर पर मंगलवार को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में नेताजी की जयंती मनायी गयी। जहां कांग्रेसजनों ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जो लोग उपस्थित थे उनमे शामिल हैं डा0 विनोद शर्मा, असितनाथ तिवारी, रीता सिंह, ज्ञान रंजन, अरविन्द लाल रजक, सिद्धार्थ क्षत्रिय, सुधा मिश्रा, रवि गोल्डन, मृणाल अनामय, विमलेश तिवारी, खुशबू कुमारी, सुदय शर्मा, यशवन्त कुमार चमन, मिहिर झा, डा0 गौतम कुमार, सुनील कुमार सुमन ।


कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित

 26 जनवरी, 2024 को सम्मानित किया जाएगा


पटना.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के गैर-कांग्रेसी नेता कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित 26 जनवरी, 2024 को किया जाएगा, जैसा कि गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले 23 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा की गई.

    बिहार के गैर-कांग्रेसी नेता कर्पूरी ठाकुर थे.जो दो बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे.पहली बार दिसंबर 1970 से जून 1971 तक और दूसरी बार दिसंबर 1977 से अप्रैल 1979 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे.सादगी के प्रतिमूर्ति ‘जननायक’ के रूप में मशहूर थे कर्पूरी ठाकुर. एक बार कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में आए थे.उनके रिश्तेदार हॉस्पिटल में भर्ती थे.मुलाकात समय नहीं होने के कारण हॉस्पिटल के दरबान पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को अनजाने में रोक दिये.तब अन्य नेताओं के द्वारा‘पावर‘ नहीं दिखाएं.गेट से लौटकर बेच पर जाकर बैठ गये.धोती और कुर्ता पहने थे.

     कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल चलाने वाली संस्था मेडिकल मिशन सिस्टर्स सोसाइटी की सिस्टर मारिया पी.जननायक कर्पूरी ठाकुर को पहचानती थीं.तो वह मुझे आलोक कुमार को आकर बताया कि वहां पर पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर बैठे है.पहली बार प्रत्यक्ष रूप से सीधे सादे व्यक्तित्व वाले कर्पूरी ठाकुर को देख सका.

   सिस्टर मरिया पी. ने कहा कि यह महान व्यक्ति हॉस्पिटल के अनुशासन पालन करने वाले है.हॉस्पिटल में मरीजों से मिलने का समय नहीं होने के कारण दरबान ने ठाकुर साहब को अंदर जाने नहीं दिया.वहां पर जाकर बैठ गये.इतना कहकर सिस्टर मारिया पी.चली गयी.तब में कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल की अतीत की घटना के बारे में सोचने लगा.एक बार कांग्रेसी नेता चंदन बागची आकर ओपीडी में चिकित्सक की कुर्सी पर बैठ गये.जब चिकित्सक आकर देखे कि अनजान व्यक्ति चिकित्सक की कुर्सी पर आकर बैठ गये है.चिकित्सक ने आग्रह पूर्वक कहा कि आप चिकित्सक की कुर्सी पर से उठ जाएं.इतना कहना था कि कांग्रेसी नेता भड़क गये.तुझे बता देंगे.कुछ देर में दर्जनों व्यक्तियों के साथ आये और हाॅस्पिटल में दादागिरी करके तोड़फोड़ करके चले गये.उसके बाद अरवल के पूर्व विधायक सरदार कृष्णा सिंह ने भी रंगदारी हाॅस्पीटल में किये थे.

कर्पूरी ठाकुर (24 जनवरी 1924 - 17 फरवरी 1988) भारत के स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ तथा बिहार राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. लोकप्रियता के कारण उन्हें जननायक कहा जाता था.कर्पूरी ठाकुर का जन्म भारत में ब्रिटिश शासन काल के दौरान समस्तीपुर के एक गांव पितौझिया, जिसे अब कर्पूरीग्राम कहा जाता है, में कुर्मी जाति में हुआ था. जननायक जी के पिताजी का नाम श्री गोकुल ठाकुर तथा माता जी का नाम श्रीमती रामदुलारी देवी था. इनके पिता गांव के सीमांत किसान थे तथा अपने पारंपरिक पेशा हल चलाने का काम करते थे.भारत छोड़ो आन्दोलन के समय उन्होंने 26 महीने जेल में बिताए थे. वह 22 दिसंबर 1970 से 2 जून 1971 तथा 24 जून 1977 से 21 अप्रैल 1979 के दौरान दो बार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहे.26 जनवरी, 2024 को उन्हें मरणोपरांत भारत सरकार द्वारा भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा, जैसा कि गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले 23 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा की गई थी.

आलोक कुमार


कुछ पुरुषों का एक समूह ने जय श्री राम का नारा लगाया

 


झाबुआ.मध्य प्रदेश में झाबुआ है.वहां पर कुछ पुरुषों का एक समूह ने जय श्री राम का नारा लगाया. राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह से पहले मध्य प्रदेश के झाबुआ में एक चर्च के शीर्ष पर चढ़ गए और भगवा झंडे लगा दिए.झाबुआ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अगम जैन ने कहा कि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.           
             झाबुआ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अगम जैन ने कहा कि “हमारी टीम ने रविवार 21 जनवरी की शाम को साइट का दौरा किया.हमने पूछा कि क्या हुआ. यह एक व्यक्ति का घर था, जिसे वह प्रार्थना के लिए उपयोग करता है, यह कोई चर्च नहीं था.इसलिए हमने स्वत संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की.वह व्यक्ति शिकायत दर्ज नहीं करना चाहता था, इसलिए अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है”.       
      अब वायरल हो रहे एक वीडियो में, लोगों को इमारत पर चढ़ते और ईसाई क्रॉस पर एक झंडा लगाते हुए देखा जा सकता है.भगवा झंडे पर अयोध्या राम मंदिर की तस्वीर और श्जय श्री रामश् लिखा हुआ था. यह घटना प्राण प्रतिष्ठा समारोह से एक दिन पहले रविवार, 21 जनवरी को हुई थी.     
       एक व्यक्ति का घर है.उसी घर को प्रार्थना के लिए उपयोग करता है, यह कोई चर्च नहीं था.ऐसा प्रोटेस्टेंट चर्च के लोग करते हैं.खुद को चर्च के पादरी कहते हैं. पादरी नरबू अमलियार ने कहा कि रविवार की प्रार्थना पूरी होने के ठीक बाद लोगों का समूह नारे लगाते हुए पहुंचा.‘यह लगभग दोपहर 3 बजे हुआ जब हमने अपनी रविवार की प्रार्थना पूरी की थी. ये लोग जय श्री राम चिल्लाते हुए कहीं से आ गए. वहां कम से कम 25 आदमी थे और उनमें से कुछ लोग झंडे के साथ चर्च के ऊपर चढ़ गए,‘.

      यह चर्च झाबुआ जिले के राणापुर के दबतलाई गांव में है. अमलियार ने कहा कि वह उन लोगों को पहचानता है, क्योंकि वे पड़ोसी गांव के हैं. ‘मैंने उन्हें पहचान लिया. मैं उनमें से कुछ के नाम भी जानता हूं.मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की कि ये सही नहीं है. मैंने उनसे कहा कि हम यहां सिर्फ उपासक हैं और उन्हें हमें परेशान नहीं करना चाहिए, लेकिन उन्होंने सुनने से इनकार कर दिया, ‘अमलियार ने कहा. उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.‘ अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई.झाबुआ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अगम जैन ने कहा कि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.‘हमारी टीम ने रविवार शाम को साइट का दौरा किया. हमने पूछा कि क्या हुआ. यह एक व्यक्ति का घर था, जिसे वह प्रार्थना के लिए उपयोग करता है, यह कोई चर्च नहीं था. इसलिए हमने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की. वह व्यक्ति शिकायत दर्ज नहीं करना चाहता था, इसलिए अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है.‘
           हालांकि पादरी अमलियार ने इस बात से इनकार किया कि यह उनका घर है. ‘यह एक चर्च है जिसे मैंने 2016 में शुरू किया था. हर रविवार, 30-40 लोग यहां प्रार्थना के लिए आते हैं. यह पूजा का स्थान है. मेरा घर अलग है,‘ हालांकि, उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि उन्होंने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है.
‘उन लोगों ने बाद में मुझे माफी मांगते हुए बुलाया. इसलिए मुझे अभी तक यकीन नहीं है कि मैं शिकायत दर्ज करना चाहेंगे या नहीं. मैं अपने गांव के सरपंच से चर्चा करूंगा और उस पर फैसला लूंगा.‘


आलोक कुमार

India : अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया

  अब नाराज फूफा का शगूफा छोड़ा गया है, बेरोजगारी, लाचारी और महंगाई ताक पर रख दी गई पटना। चुनावी मौसम आते ही राजनीति का माहौल बदलने लगता है।...