राजधानी पटना में कारगिल चौक पर माले कार्यकर्ताओं ने किया प्रतिवाद

 

* विद्यापति नगर व पातेपुर की घटना पर संझान ले सरकार, कर्जों को माफ करे

* नोटबंदी, कोरोना, लाॅकडाउन व बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है

 


पटना. 6 जून को समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड अंतर्गत मउ गांव में कर्ज के दबाव में एक ही परिवार के 5 लोगों द्वारा सामूहिक आत्महत्या और वैशाली जिले के पातेपुर में भूख से तंग आकर एक ही परिवार के 5 सदस्यों द्वारा जहर खाकर मौत  की हृदयविदारक घटना के खिलाफ आज भाकपा-माले, खेग्रामस व ऐपवा से जुड़ी स्वयं सहायता समूह संघर्ष समिति के बैनर से राज्यव्यापी प्रतिवाद दर्ज करते हुए कर्जा मुक्ति दिवस का आयोजन किया.

इस कार्यक्रम के तहत आज राजधानी पटना में कारगिल चौक पर कर्जा मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया. जिसे ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, एआइपीएफ के कमलेश शर्मा, पटना नगर सचिव अभ्युदय, एक्टू के राज्य सचिव रणविजय कुमार, ऐपवा की अनिता सिन्हा आदि ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव ने किया. मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता केडी यादव, शंभूनाथ मेहता, नसीम अंसारी, जितेन्द्र कुमार, अनुराधा देवी, अनय मेहता, आइसा नेता कुमार दिव्यम, संतोष पासवान सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे.


सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा महासचिव ने कहा कि विद्यापतिनगर व वैशाली के पातेपुर की हृदय विदारक घटना पर बिहार सरकार का रवैया बेहद संवेदनहीन बना हुआ है. डबल इंजन की सरकार में परिवार के परिवार कहीं कर्ज के बोझ तले आत्महत्या करने को विवश हैं, तो कहीं भूख के कारण मौत को गले लगा रहे हैं. दोनों घटनाओं में 10 लोगों की मौत हुई है. इसका जिम्मेदार कौन है? हमारी सरकार बड़े-बड़े दावे करते नहीं अघाती लेकिन भूख से हो रही मौतों का लगातार विस्तार होना बेहद चिंताजनक है. हमने बारंबार कहा कि आम लोगों को कर्जे के फंदे से बाहर निकालने के बारे में सरकार ठोस उपाय करें. कोरोना काल में भी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों ने कर्ज वसूली में बेहद अमानवीय रूख अपनाया. लोग कर्ज लेकर अपनी जिंदगी चलाने को विवश हैं. उनके पास रोजगार के कोई दूसरे उपाय नहीं है. कर्ज का फंदा ऐसा है कि वे अंततः  आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं. सरकार इन कर्जों की माफी क्यों नहीं कर रही है?


शशि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नोटबंदी, कोरोना, लाॅकडाउन और बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है. बड़ी आबादी के पास रोजगार के कोई उपाय नहीं है. गरीबों के साथ-साथ छोटे व्यवसायी और किसान आज अपनी जिंदगी गुजर बसर करने के लिए महाजनी, माइक्रोफाइनसेंस कंपनियों आदि से कर्ज ले रहे हैं, जिसका सूद चक्रवृद्धि ब्याज की दर से बढ़ता है. हालत ऐसी हो जाती है कि कर्ज चुकाने के लिए फिर कर्ज लेना पड़ता है. और इस प्रकार वे कर्ज के भंवर में उलझ जाते हैं.


कमलेश शर्मा ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि संकट से घड़ी से उबारने के लिए प्रत्येक गैर आयकर दाता परिवार को प्रति माह जीवन चलाने के लिए न्यूनतम 7500 रु. उन्हें नगद दिया जाता. यह लंबे समय से मांग रही है, लेकिन सरकार इसे अनसुना करती रही है. जिस प्रदेश में भूख से हाहाकारी मौतें हों, वहां खाद्य पदार्थों से एथेनॉल बनाया जा रहा है. इसी से बिहार सरकार की असली मंशा समझ में आ जाती है.


अन्य वक्ताओं ने मांग की कि महाजनी सूदखारी पर सरकार अविलंब रोक लगाए, क्योंकि यह आम लोगों की तबाही का सबसे बड़ा कारण है. और 5 लाख तक के सभी कर्जे माफ किए जाएं.साथ ही, मृतक परिवार को 20 लाख रू. का तत्काल मुआवजा देने तथा बच रहे परिजनों की दबंग सूदखोरों से पूरी सुरक्षा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं.राजधानी पटना के अलावा बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा, हिलसा, गया, अरवल, आरा, सिवान, पूर्णिया, नवादा आदि स्थानों पर भी कर्जा मुक्ति दिवस मनाया गया.


आलोक कुमार


गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या

 गया. गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है, जिससे वाहनों एवं आम नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.उक्त समस्या के मद्देनजर आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया तथा पुलिस महा निरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र, गया की उपस्थिति में मिनी बस पर बैठकर जिला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ गया शहर का भ्रमण किया गया एवं जाम की समस्याओं के मुख्य कारणों पर विचार विमर्श किया गया.

     

भ्रमण किए गए मुख्य सड़के जो आयुक्त कार्यालय से प्रारंभ होकर जीबी रोड- कोतवाली- टावर चैक- कीरानी घाट -रामशिला मोड़ -बागेश्वरी गुमटी- रेलवे स्टेशन -काशीनाथ मोड़- मिर्जा गालिब कॉलेज -डेल्हा बस स्टैंड- सिकरिया मोड़ -घुघुड़ी ताड़- भुसुंडा- मुफस्सिल मोड- कीरानी घाट- रमना रोड- पीर मनसूर होते हुए आयुक्त कार्यालय वापस लौटा गया.आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नालों की सफाई के उपरांत सड़कों पर रखे हुए मलबों को अति शीघ्र हटवाना सुनिश्चित करावे, ताकि जाम से थोड़ा निजात मिल सके.


आयुक्त ने पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि गया शहरी क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों में लगभग एक ही समय पर बच्चों की छुट्टियां होती है, जिसके कारण जाम की समस्या बन जाती है. उन्होंने कहा कि बच्चे ज्यादा देर तक जाम में ना फंसे इसके लिए विद्यालयों के छुट्टी वाले समय अवधि में विशेष ध्यान देते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखें.आयुक्त ने नगर निगम तथा अनुमंडल पदाधिकारी को वेंडिंग जोन, बस पड़ाव, टैंपू पड़ाव, केदारनाथ मार्केट का जीर्णोद्धार, शहरी क्षेत्र में विभिन्न जाम वाली मेन चैराहों पर फ्लाईओवर निर्माण हेतु प्रस्ताव इत्यादि बिंदुओं जानकारी प्राप्त करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए.

अंत में आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नाजरत विद्यालय के विपरीत दिशा में बड़े नाले को साफ सफाई करवाने तथा अतिक्रमण वाद चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाने का निर्देश दिए.निरीक्षण के क्रम में पुलिस महा निरीक्षक मगध प्रक्षेत्र श्री विनय कुमार, जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बुडको, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, एमभीआई पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.




आलोक कुमार

नालों की सफाई के उपरांत सड़कों पर रखे हुए मलबों को अति शीघ्र हटवाना सुनिश्चित करावे

 

गया. गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है, जिससे वाहनों एवं आम नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.उक्त समस्या के मद्देनजर आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया तथा पुलिस महा निरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र, गया की उपस्थिति में मिनी बस पर बैठकर जिला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ गया शहर का भ्रमण किया गया एवं जाम की समस्याओं के मुख्य कारणों पर विचार विमर्श किया गया.

     

भ्रमण किए गए मुख्य सड़के जो आयुक्त कार्यालय से प्रारंभ होकर जीबी रोड- कोतवाली- टावर चैक- कीरानी घाट -रामशिला मोड़ -बागेश्वरी गुमटी- रेलवे स्टेशन -काशीनाथ मोड़- मिर्जा गालिब कॉलेज -डेल्हा बस स्टैंड- सिकरिया मोड़ -घुघुड़ी ताड़- भुसुंडा- मुफस्सिल मोड- कीरानी घाट- रमना रोड- पीर मनसूर होते हुए आयुक्त कार्यालय वापस लौटा गया.आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नालों की सफाई के उपरांत सड़कों पर रखे हुए मलबों को अति शीघ्र हटवाना सुनिश्चित करावे, ताकि जाम से थोड़ा निजात मिल सके.


आयुक्त ने पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि गया शहरी क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों में लगभग एक ही समय पर बच्चों की छुट्टियां होती है, जिसके कारण जाम की समस्या बन जाती है. उन्होंने कहा कि बच्चे ज्यादा देर तक जाम में ना फंसे इसके लिए विद्यालयों के छुट्टी वाले समय अवधि में विशेष ध्यान देते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखें.आयुक्त ने नगर निगम तथा अनुमंडल पदाधिकारी को वेंडिंग जोन, बस पड़ाव, टैंपू पड़ाव, केदारनाथ मार्केट का जीर्णोद्धार, शहरी क्षेत्र में विभिन्न जाम वाली मेन चैराहों पर फ्लाईओवर निर्माण हेतु प्रस्ताव इत्यादि बिंदुओं जानकारी प्राप्त करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए.

अंत में आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नाजरत विद्यालय के विपरीत दिशा में बड़े नाले को साफ सफाई करवाने तथा अतिक्रमण वाद चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाने का निर्देश दिए.निरीक्षण के क्रम में पुलिस महा निरीक्षक मगध प्रक्षेत्र श्री विनय कुमार, जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बुडको, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, एमभीआई पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.




आलोक कुमार

वित्तीय वर्ष 2022 -23 में वृक्षारोपण अभियान

 

मोतिहारी. जिलाधिकारी , श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में डॉ राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में जल जीवन हरियाली अभियान अंतर्गत मनरेगा के तत्वावधान में वित्तीय वर्ष 2022 -23 में वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए वृक्षारोपण कार्यशाला का आयोजन किया गया.इस  वृक्षारोपण कार्यशाला में  मनरेगा ,जीविका एवं वन विभाग के जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारी गण को उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.


 मनरेगा के  तत्वावधान  में लक्ष्य के अनुरूप जिले भर में 7 लाख 80 हजार वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए   संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.जीविका के पौधशाला से 4 लाख 80 हजार पौधे एवं वन विभाग के पौधशाला से 3 लाख तैयार पौधा उपलब्ध किए जाएंगे.जिले भर में वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी महोदय ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा को निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित नर्सरी से टैगिंग कर पौधे प्राप्त करें .साथ ही मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वृक्षारोपण का कार्य संपन्न करें.

उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर , पोखर , पइन ,आहर ,तालाब , ग्रामीण क्षेत्रों में आरडब्ल्यूडी सड़क के किनारे, प्रखंड मुख्यालयों ,अंचल मुख्यालय, सभी सरकारी स्कूलों , खेल के मैदान में व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण का कार्य सुनिश्चित किया जाए.सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर , पोखरों,आहरों,पैईनों पर गुणवत्तापूर्ण वृक्षारोपण कर सुन्दर डॉक्यूमेंटेशन तैयार करें.


 इस वृक्षारोपण अभियान में सभी  कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मुखिया गण, जीविका ग्राम संगठन के दीदियों ,वन विभाग के कर्मी गणों एवं  स्थानीय ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर पौधारोपण कार्यक्रम को सफल बनावे.वृक्षारोपण कार्यक्रम पूरी तरह से गैर राजनीतिक होनी चाहिए. इसमें सभी वर्ग की सहभागिता आवश्यक है.उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण कार्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले को सम्मानित भी किया जाएगा.गार्जियंस ऑफ चंपारण, पुराने वृक्ष की सुरक्षा के लिए समीक्षा के क्रम में उन्होंने सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा को निर्देश देते हुए कहा कि पंचायतों में 3 पुराने एवं बड़े वृक्षों को  मदर्स ट्री का चयन करें.


पुराने वृक्षों का जिओ टैगिंग, ओनरशिप, पेंशन योजना से जोड़ने, रक्षाबंधन, पाठशाला ,गोदभराई जैसे कार्य सुनिश्चित किया जाए.ताकि लोगों में व्यवहार परिवर्तन हो सके एवं आपसी  समाजिक भाईचारे को बढ़ावा  मिले.पुराने वृक्षों से जुड़े, इतिहास, प्रसिद्धि, कहानी ,के बारे में स्थानीय  वृद्ध लोगों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करें.पुराने वृक्ष हमारे पूर्वजों के धरोहर हैं, जीव जगत को बहुमूल्य ऑक्सीजन एवं छाया प्रदान करते हैं.पुराने वृक्ष को सुरक्षा प्रदान कर हम सभी पुण्य के भागीदार बनेंगे.भारत स्वच्छ मिशन अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों में तेजी लाने के लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.


इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, डीपीओ मनरेगा, डीपीएम जीविका, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, कनीय अभियंता मनरेगा , पंचायत तकनीकी सहायक ,प्रखंड परियोजना प्रबंधक जीविका आदि उपस्थित थे.



आलोक कुमार

अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा लिया भाग लिया

  

मोतिहारी. राज्य निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  संबंधित सभी जिला पदाधिकारी -सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.उक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक, उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी ,जिला नजारत शाखा पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा लिया भाग लिया.


नगरपालिका आम निर्वाचन 2022 की तैयारी से संबंधित निम्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई.नवगठित/ उत्क्रमित/सीमा विस्तारित नगरपालिकाओं का वार्ड गठन ,मतदाता सूची की तैयारी, परिवाद आदि के संबंध में लगातार अनुश्रवण करने,  मतदान केंद्रों की स्थापना, नगरपालिका के 3 पदों के अनुरूप मतगणना हॉल का आकलन , मतगणना केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं व्यवस्था , मतदान के दिन मतदाताओं का बायोमेट्रिक द्वारा सत्यापन एवं मतगणना में ओसीआर की व्यवस्था करने, बाढ़ एवं वर्षा की स्थिति में ईवीएम की सुरक्षा ,निर्वाचन के निमित्त  वयय का आंकलन कर आवंटन अधियाचना नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजने , संबंधी विस्तृत चर्चा की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.


आलोक कुमार


’जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य टास्क फोर्स एवं समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित’

                                            



सीतामढ़ी। जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला स्वास्थय टास्क फोर्स एवं समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई । जिसमें स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन एवं एसीएमओ को क्षेत्र में भ्रमण कर स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत चल रहे सभी कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने का निर्देश दिया एवं उन्होंने सभी सीडीपीओ को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उनके क्षेत्र में रहने वाले बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच पोषण प्रतिरक्षण के कार्यों को सफलतापूर्वक कराने के लिए निर्देश दिया।


उन्होंने आगामी पल्स पोलियो कार्यक्रम से संबंधित होने वाले सभी गतिविधियों तथा बीएलटीएफ वैक्सीन की उपलब्धता माइक्रोप्लान इत्यादि के बारे में बैठक में विस्तार से समीक्षा की एवं सभी उपस्थित पदाधिकारियों को पल्स पोलियो अभियान को सफलतापूर्वक निष्पादित करने के लिए निर्देश दिया। उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विनय कुमार, सिविल सर्जन सीतामढ़ी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, संचारी रोग पदाधिकारी, गैर संचारी रोग पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस रोचना माद्री, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार सिंह के साथ सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सभी स्वास्थ्य प्रबंधक, सभी प्रखंड समन्वयक एवं जिला स्वास्थ समिति के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।                                      

                 

आलोक कुमार


जीएनएम छात्राओं की मांगे जल्द मांगी जाए

★ जीएनएम छात्राओं के समर्थन में एकदिवसीय भूख हड़ताल पर बैठा ऐपवा आइसा और ट्रेड यूनियन ऐक्टू

★ जीएनएम छात्राओं को पटना में हॉस्टल दे सरकार- ऐपवा


पटना। एक महीने से ज्यादा समय से पीएमसीएच से राजापाकड़ शिफ्ट किए जाने के विरोध में आंदोलन कर रही पीएमसीएच की छात्राएं पिछले पांच दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठी हुई  हैं। छात्राएं राजापाकड़ जाना नहीं चाहती हैं। उनके अंदर अपने सुरक्षा को ले कर भी भय है।राजापाकड़ सुदूर इलाका है। छात्राओं के भूख हड़ताल के समर्थन में महिला संगठन ऐपवा एवं छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

मौके पर पहुंचे भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने विधानसभा में मुद्दे को उठाने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री से बात करने का आश्वासन भी दिया। कहा कि सरकार पूरी तरह संवेदनहीन रवैया अपना रही है। ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि हमलोग लगातार इस आंदोलन में लगे हुए हैं।आज छात्राओं के भूख हड़ताल के समर्थन में हमलोग भी भूख हड़ताल पर आज बैठे हैं। विकास का दावा करने वाली सरकार के पास लगभग 200 छात्राओं को रखने के लिए पटना में जगह नहीं है।ये बात सरकार के विकास के दावे की स्वयं पोल खोल रहा है।बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ  की बात करने वाली सरकारें हक मांगने पर बेटियों पर लाठियां चलवा रही हैं। राजापाकड़ में ही पिछले दिनों एक लड़की की दुष्कर्म करके हत्या कर दी गयी। उस जगह पर लड़कियों को भेजना बहुत गलत है। इन छात्राओं को राजापाकड़ भेजने का फरमान सरकार वापस ले और छात्राओं को पटना में रहने की व्यवस्था करे।

आइसा बिहार राज्य अध्यक्ष विकाश यादव ने सरकार पर अ संवेदनशील होने का आरोप लगाया।पांच दिनों से लड़कियां भूख हड़ताल पर हैं लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा इनसे मिलने तक नहीं आया। स्वास्थ्य मंत्री को छात्राओं की समस्या का हल करना होगा।इस बीच ऐक्टू नेता रणविजय कुमार व महासंघ (गोप गुट) सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद ने पीएमसीएच जीएनएम नर्सिग छात्राओं के भूख हड़ताल के 19 वे दिन आंदोलन का समर्थन करते हुए नर्सिग छात्राओं के लिए दीघा स्थित नवनिर्मित आईटीआई महिला छात्रावास में  शिफ्ट करने  अथवा  मकान किराया भत्ता  देने की मांग किया है। साथ ही यह भी कहा कि सरकार ग्रुप- ए की हर मांग पूरा करती है चूंकि नर्सिंग छात्राएं ग्रुप सी से है इसलिए इनकी मांगों के खिलाफ अड़ी हुई है। नेताओं ने  पीएमसीएच कैम्पस में 5 हजार बेड का बन रहे विश्वस्तरीय हॉस्पिटल के निजीकरण की नीतीश-भाजपा सरकार के साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि कहीं इस कारण से नर्सिंग छात्राओं को पुलिसिया आतंक में जबरन हॉस्टल खाली कराया जा रहा है।

                                 

आलोक कुमार 

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...