20 फरवरी को 03:00 बजे अंतिम संस्कार

 

20 फरवरी को 03:00 बजे अंतिम संस्कार
जी हां नहीं रहे डेनिस लॉरेंस पीटर.आज पूर्वाह्न 11:48 में अंतिम सांस ली.समाजसेवी मेरी एडलिन (नीतू) समेत आठ बच्चों का पिता डेनिस लॉरेंस पीटर का जन्म 04 मार्च,1931 को जन्म हुआ था. 92 वां जन्मदिन का जश्न मनाने के पूर्व 19 फरवरी,2023 को प्रभु के प्यारे हो गए.
वे स्थानीय लोयोला मिशन स्कूल में मैथ व साइंस के टीचर थे.उनके 8 बच्चे हैं.जिसमें चार लड़के अमर,कुवंर,उत्तम और प्रताप हैं.चार लड़कियाें में नीतू, रजनी,पूनम और रानी हैं.चुहड़ी क्रिश्चियन क्वार्टर के सबसे उम्रदराज व्यक्ति थे.उनका निजी स्कूल भी है. सेंट लॉरेंस के संस्थापक भी थे.
त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत के चुनाव के चुनाव प्रचार के समय आलोक कुमार,राजन क्लेमेंट साह,गोडेन अंथौनी ठाकुर, मो.नसीम आदि लोग मिलकर डेनिस लॉरेंस पीटर साहब से आशीर्वाद लिये थे.
खबर है कि कोलकाता से नीतू के मौसेरा भाई, पटना से फुफेरी बहन आ रही हैं. बेतिया, चखनी और चनपटिया के रिश्तेदार आ गए हैं.


ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोपी बनाया जा रहा है


 नई दिल्ली.देश के विभिन्न हिस्सों में गिरजाघरों पर कथित हमले, हिंसा और गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर एकत्र होकर ईसाई समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.

       उत्तर प्रदेश से आये स्टीवन ने कहा कि हमें लोगों को जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोपी बनाया जा रहा है.गिरजाघरों पर हमले किये जा रहे हैं, हमारे लोगों की पिटाई करके उन्हें गिरफ्तार किया गया.समुदाय के लोग लगातार डर के माहौल में जी रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि देशभर में समुदाय के सदस्यों के खिलाफ वर्ष 2021 में उत्पीड़न के 525 मामले सामने आए जो बढ़कर 2022 में 600 हो गये.उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में ये मामले वर्ष 2020 में 70 थे जो बढ़कर वर्ष 2022 में 183 हो गये.उत्तर प्रदेश के फतेहपुर निवासी शिवपाल ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस लोगों को जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार कर रही है.

     स्टीवन ने आरोप लगाया कि समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में एक 11 वर्षीय और एक व्यक्ति का नाम है जिसकी 2010 में मौत हो गई थी.वहीं दिल्ली के पंजाबी बाग आई पूनम ने कहा कि छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों में चर्चों पर हमला किया जा रहा है और हमारे समुदाय के सदस्यों को परेशान किया जा रहा है. उनके खिलाफ झूठे आरोपों के आधार पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं.हम यहां अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता व्यक्त करने आए हैं.


धर्मपरायण महिला सुजाना माइकल साह का निधन हो गया

                                                    धर्मपरायण महिला सुजाना माइकल साह

दस बच्चों की मां थी सुजाना
जाने-पहचाने गुरूजी जेम्स माइकल की मां थीं
जन्म - 25 मार्च,1938- मृत्यु -19 फरवरी,2023
पार्थिव शरीर के साथ 03:30 बजे से मिस्सा.इसके बाद अंतिम धर्मविधि बेतिया कब्रिस्तान में



बेतिया में शोक व्याप्त है.बेतिया पल्ली परिषद के पार्षद जेम्स माइकल की मां सुजाना माइकल साह का निधन हो गया. के. आर. हाई स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक जेम्स माइकल चर्च में गए थे.चर्च में प्रभु से मां की जिंदगी लंबी करने का गुहार लगा रहे थे.चर्च में दुआ करके गुरूजी घर आए तो देखा प्रभु की इच्छानुसार मां अंतिम सांस ले रही थी.वह आज सुबह 7:30 बजे प्रभु की प्यारी हो गयी.
धर्मपरायण महिला सुजाना माइकल साह के पति का नाम स्वर्गीय माइकल काजिटन साह था.वे सीमा शुल्क अधीक्षक थे.उनका निधन 1989 में हो गया.माइकल काजिटन साह और सुजाना माइकल साह के 10 बच्चे हैं.दस बच्चे में पांच बेटा और पांच बेटियां हैं.पांच बेटे में बड़ा बेटा फ्रैंकी माइकल बैंक प्रबंधक थे.जो अब रिटायर हो गए हैं.उसके बाद जेम्स माइकल हैं,जो के आर हाई स्कूल में शिक्षक हैं. वाल्टर माइकल बेतिया में शिक्षक हैं. एडवर्ड माइकल रेलवे में ड्राइवर पद पर कार्यशील हैं और सबसे छोटा पुत्र पंकज माइकल हैं जो गृह मंत्रालय में कार्यरत हैं.
उनकी पांच बेटियों का नाम हैं.ग्रेसी माइकल, मीना माइकल, नोरिन माइकल और डेज़ी माइकल. सभी बेटे व बिटियां कल ही पहुंच गए थे.उन लोगों के घर पहुंचने के साथ ही मां सुजाना माइकल कोमा में चली गई.उसके बाद प्रभु की प्यारी हो गयी.25 मार्च को 85 वां जन्मदिन मनाने के पूर्व 19 फरवरी को स्वर्ग चली गयी.लंबे समय तक फेफड़ों में रुकावट (Chronic obstructivd pulmonary disease) से पीड़ित थीं.
के. आर. हाई स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक पुत्र जेम्स माइकल ने कहा कि 1 माह पूर्व 16 जनवरी को मां को कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल पटना में भर्ती कराए थे.वहां से उनका बेहतर इलाज के लिए सहयोग हॉस्पिटल पटना में भर्ती कराया गया. सहयोग हॉस्पिटल के डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार कुछ मशीन का इंतजाम घर में कर लेने के आश्वासन के बाद डॉक्टर ने मां में को छुट्टी कर दिए.
उन्होंने कहा कि हमलोग 30 जनवरी को मां को एंबुलेंस से बेतिया आ गए और यहीं पर उनका इलाज और सेवा होने लगा. जिससे वह बेहतर महसूस कर रही थी.इस बीच अचानक 2 दिन से पूर्व उनकी तबीयत खराब होने लगी.
उन्होंने कहा कि जैसे ही सभी बाल बच्चे बेतिया पहुंचे,वैसे ही मां बच्चों को देखकर निहाल होकर कोमा में चली गई.आज सुबह 7:30 बजे अंतिम सांस ली.जब मैं चर्च में था आते ही मां अंतिम सांस ले रही थी. देखकर सभी बहुत रो रहे थे.माता जी की आवाज गूंजने लगा प्रार्थना कीजिएगा.जेम्स बचा ले हमरा....




टाइम्स एसेंट स्किल डेवलपमेंट लीडरशिप अवार्ड से पटना वीमेंस कॉलेज सम्मानित

 


पटना वीमेंस कॉलेज बिहार समेत झारखंड, बंगाल व समस्त पूर्वी भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक सम्मानित स्थान

टाइम्स एसेंट स्किल डेवलपमेंट लीडरशिप अवार्ड से पटना वीमेंस कॉलेज सम्मानित
वर्ल्ड एचआरडी कांग्रेस द्वारा टाइम्स एसेंट मोस्ट आइकोनिक एजुकेशनल लीडर अवार्ड NICCS डीन डॉ. आलोक जॉन को
पटना वीमेंस कॉलेज (स्वायत्त) को टाइम्स एसेंट स्किल डेवलपमेंट लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया है। 15 फरवरी को मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में आयोजित अपने 31वें संस्करण मीट में वर्ल्ड एचआरडी कांग्रेस द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पटना वीमेंस कॉलेज की ओर से महाविद्यालय के NICCS डीन डॉ. आलोक जॉन ने पुरस्कार ग्रहण किया। पटना वीमेंस कॉलेज को मिले पुरस्कार के अलावा डॉ. आलोक जॉन को वर्ल्ड एचआरडी कांग्रेस द्वारा टाइम्स एसेंट मोस्ट आइकोनिक एजुकेशनल लीडर अवार्ड भी प्रदान किया गया है। इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को डॉ. आलोक जॉन ने कहा कि कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सिस्टर एम. रश्मी ए.सी. के नेतृत्व में पूरी टीम द्वारा किए गए परिश्रम के प्रतिफल के रूप में यह अवार्ड प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने प्राचार्या समेत पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पटना वीमेंस कॉलेज ने सामान्य शिक्षा के साथ-साथ छात्राओं के कौशल विकास व रोजगारपरक शिक्षण पर बल दिया है, जिस कारण कॉलेज को इतनी प्रशंसा व सम्मान मिल रहा है। डॉ. आलोक जॉन ने कहा कि पटना वीमेंस कॉलेज बिहार समेत झारखंड, बंगाल व समस्त पूर्वी भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक सम्मानित स्थान रखता है।

उनका साथ नहीं छोडूंगा:जीतन राम मांझी

 जहानाबाद.बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हैं. आज जहानाबाद पहुंचे थे.  यहां कोल्ड स्टोर का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे. जहां उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है और इस बार ये बयान उन्होंने अपने बेटे को लेकर दिया है. उन्होंने कहा दिया है कि उनके बेटे में मुख्यमंत्री बनने की काबलियत है. अगर उसे मुख्यमंत्री बनाया गया तो विकास की गति तेज हो जाएगी. 

          उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझ पर विश्वास कर मुझे सीएम की कुर्सी सौंपी थी. अपने 9 महीने के कार्यकाल में मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया था. मेरे शासनकाल में किसी को भी किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं मिल सकती है. वहीं, उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार के साथ हूं, मुझे अगर नीतीश कुमार किसी भी तरह का धक्का देंगे तब भी मैं उनका साथ नहीं छोडूंगा. मैं हमेशा उनके साथ ही रहूंगा.  

   इस बीच जीतनराम मांझी अपनी गरीब संपर्क यात्रा के दौरान अक्सर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को निशाना बनाते रहे हैं. साथ ही जीतनराम मांझी ने गुटबाजी से प्रभावित महागठबंधन की लंबी उम्र पर भी प्रश्न उठाए हैं. गुरुवार को यात्रा के दौरान मांझी ने नीतीश के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए.

जहानाबाद में पत्रकारों से वार्ता में बेटे को बिहार का सीएम बनाने के प्रश्न पर जीतन राम मांझी ने बोला कि संतोष पढ़ा-लिखा है और उसे सीएम बना देना चाहिए. उन्होंने बोला कि ऐसा नहीं है कि वह सिर्फ भुइया जाति से आते हैं, वह एक प्रोफेसर भी हैं. पूर्व सीएम ने बोला कि गरीबों में दलितों की जनसंख्या 90 प्रतिशत है, इसलिए हम संतोष को सीएम बनते देखना चाहते हैं.

बिना किसी का नाम लिए उन्होंने बोला कि मेरा बेटा सीएम बनने के योग्य है. कई लोग बिहार का सीएम बनने की प्रयास कर रहे हैं और मेरा बेटा उन्हें पढ़ना सिखा सकता है. बोला जा रहा है कि उनका इशारा डिप्टी मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की ओर था. उधर, बिहार गवर्नमेंट में मंत्री और जीतनराम मांझी के बेटे संतोष ने बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख़्वाहिश को मन में रखने से इनकार कर दिया.

 4

नेहा का 'यूपी में का बा' काफी फेमस हुआ

 

कानपुर।बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली नेहा सिंह राठौर का जन्म 1997 में हुआ था।यूपी चुनाव के दौरान नेहा का 'यूपी में का बा' काफी फेमस हुआ था।विधानसभा चुनाव में यूपी में का बा गाकर चर्चा में आई नेहा सिंह राठौर की शादी यूपी में हुई है। शादी के बाद एक बार नेहा सिंह चर्चा में आ गई हैं। लखनऊ से 21 जून को यूपी के अंबेडकर नगर के हिमांशू सिंह की पत्नी बनकर यूपी की बहू बन गईं हैं।

"यूपी में का बा" फेम भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने एक बार फिर अपने गीत से सरकार को घेरा है। कानपुर देहात में अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी की मौत को लेकर यूपी सरकार से लेकर बाबा के बुलडोजर, रामराज और कानपुर देहात की डीएम की कार्यशैली को सवाल उठाए हैं। कलेक्टर को रंगबाज और ठुमकेबाज कहा है। आइए हम आपको नेहा सिंह राठौर के गीत से अक्षरश: रूबरू कराते हैं…।

बाबा के दरबार बा ढहत घर बार बा माई बेटी का आग मा झोंकत यूपी सरकार बा…। का बा, यूपी में का बा, बाबा के डीएम तो बड़ी रंगबाज बा, कानपुर देहात में ले आइल राम राज बा, बुलडोजर से रौंदत दीक्षित के घरवा आज बा, यही बुलडोजरवा पे बाबा के नाज बा, यूपी में का बा, यूपी में का बा…। कलक्टर ठुमकेबाज बा, सटकल ओकर मिजाज बा, अधिकारी भइले बेलगाम मनमानी के रिवाज बा…। यूपी में का बा, यूपी में का बा…। गरीबन के मडही फुंकवा दा, गुरबन के इलाज बा, लोकतंत्र के नाम पर भइया भइल कोढ़ में खाज बा…। यूपी में का बा, यूपी में का बा…। आग लगी तो हिंदु जरिहैं, जरिहैं मुसलमान बा, ये बाबा यह जाना खाली अब्दुल के मकान बा… यूपी में का बा, यूपी में का बा…।

लोक गीत गायिका नेहा सिंह राठौर ने अपने महज 1 मिनट 9 सेकेंड के गीत में सरकार को जमकर कोसा और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी लगातार वह सरकार के खिलाफ अपने गीत के माध्यम से सरकार की कार्यशैली को कटघर में खड़ा करती आई हैं।

नेहा दरअसल यूपी विधान सभा चुनाव 2022 के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में आई थी। जब उन्होंने यूपी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया था और अपना एक भोजपूरी गाने की वीडियो रिलीज किया था। इसमें योगी आदित्यनाथ पर भी व्यंग स्टाइल में उन्होंने तीखा हमला किया था। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था से लेकर यहां की रोजगार व्यवस्था पर उन्होंने सवाल उठाया था।

आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...