मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना
रेलवे भर्ती आंदोलन में फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज कर भेजा गया जेल
कुछ संगठनों द्वारा 20 जून को भारत बंद के आह्वान
इधर अग्निपथ योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन और कुछ संगठनों द्वारा 20 जून को भारत बंद (Bharat Bandh) के आह्वान किया गया है. केंद्र सरकार ने जिस दिन से इस योजना की घोषणा की, उसके दूसरे दिन से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया. सबसे पहले विरोध का स्वर बिहार से शुरू हुआ, फिर देखते-देखते देश कई राज्यों में प्रदर्शनकारी सकड़ पर उतर गये.
सोमवार को भारत बंद के मद्दे नजर कई राज्यों में सुरक्षा के कारण स्कूल-कॉलेज को बंद कर दिया गया. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि कुछ संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद के मद्देनजर, झारखंड में सभी स्कूल 20 जून को बंद रहेंगे. उन्होंने आगे बताया एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है. इसी तरह बिहार में भी स्कूल बंद कर दिया गये हैं. मालूम हो कि 20 जून से गर्मी छुट्टी के बाद स्कूल खुलने थे, लेकिन जिस तरह से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें आ रही हैं, उसके मद्दे नजर स्कूल को बंद करने का निर्णय लिया गया.
बिहार के 20 जिलों में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें 15 जिले वे हैं जहां पहले से ही इंटरनेट बंद है. इनमें कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर, नवादा, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मोतिहारी, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली और सारण शामिल है. यहां इंटरनेट पर प्रतिबंध को 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा गया, मधुबनी, जहानाबाद, खगड़िया और शेखपुरा जिलों में भी इंटरनेट बंद कर दिया गया है.
बिहार पुलिस के मुताबिक, बिहार में आज कोई घटना नहीं हुई. 16 से 18 जून तक सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 145 प्राथमिकी दर्ज की गई है और 804 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए 17 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं.
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने केंद्र की नई 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन को लेकर बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दलों जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने के लिए आलोचना की.उन्होंने कहा कि अग्निपथ पर आंदोलन होना चाहिए, हिंसा और तोड़फोड़ नहीं। बिहार की जदयू और भाजपा के आपसी तनातनी का खामियाजा भुगत रही है. बिहार जल रहा है और दोनों दल के नेता मामले को सुलझाने के बजाय एकदूसरे पर छींटाकशी और आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त हैं.
आलोक कुमार
कार्यकर्ताओं में पार्टी में टूट का भय भी उत्पन्न हो गया
जिस तरह, आरसीपी सिंह को पहले राज्यसभा का टिकट काटा गया और उसके बाद फिर पटना स्थित उनके सरकारी आवास से बेदखल किया गया, उससे उनके समर्थकों में नाखुशी है. कहा जा रहा है कि सिंह के कार्यकर्ता भले ही अभी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन समय आने पर यह पार्टी के खिलाफ आवाज भी बुलंद कर सकते हैं. पार्टी नेतृत्व भी सिंह के ऐसे समर्थकों से बचने का उपाय ढूंढ लिया है. पार्टी नेतृत्व हाल में ही सिंह के नजदीकी माने जाने वाले पार्टी प्रवक्ता अजय आलोक तथा दो महासचिवों सहित पार्टी के चार नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.
पार्टी से हटाए जाने के बाद डॉ अजय आलोक ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, प्रकृति का नियम हैं मौसम बदलता है और आदमी भी बदलता है लेकिन मूल चरित्र नहीं बदलता , मैं आज से अपने मूल स्वरूप में रहूंगा, पाटलिपुत्र क्रांति की जननी रही हैं और मैं इस धरती का पुत्र हूं और इस साल की बारिश पूरे वेग में रहेगी. जय हिंद. इसके बाद उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बनाए जाने पर भी इशारों ही इशारों में बिहार सरकार पर निशाना साधा है.
राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद उनके केंद्रीय मंत्री बने रहने की संभावना नहीं के बराबर है. जिस तरह आरसीपी सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद बने हैं, उससे इस संभावना को भी बल मिलता है कि कहीं वे बीजेपी में नहीं चले जाएं. बहरहाल, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी है. हालांकि कहा भी जाता है कि राजनीति में कुछ भी संभव है. ऐसे में आरसीपी को लेकर जेडीयू में शीत युद्ध जारी है और इससे पार्टी में बिखराव की संभावना को भी नहीं नकारा जा सकता है.
आलोक कुमार
कुछ छात्रों द्वारा आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है एवं धरना प्रदर्शन किया जा रहा
◆ ’कल जिले के संवेदनशील स्थानों के साथ-साथ रेलवे स्टेशन पर ड्रोन के माध्यम से रखी जाएगी निगरानी’
◆ ’विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने के उद्देश्य से पर्याप्त संख्या में लगाए गए हैं वीडियोग्राफर’
◆ ’सरकार की संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वालों हुड़दंगियों के खिलाफ सख्ती से किया जाएगा पेश.’
उक्त परिप्रेक्ष्य में जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर ने कहा कि सोमवार को अग्निपथ भर्ती योजना के विरोध में विभिन्न माध्यमों से मिल रही सूचना के आलोक में संभावित बिहार बंद के मद्देनजर जिले में पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति रखी गई है. कुछ संवेदनशील स्थानों यथा रेलवे स्टेशन, गुरारू स्टेशन, मानपुर, भुसुंडा, बेला इत्यादि स्थानों में ड्रोन के माध्यम से असामाजिक तत्वों पर तथा हुड़दंग करने वाले व्यक्तियों निरंतर निगरानी रखी जाएगी.
इसके साथ ही बाराचट्टी, मुफस्सिल, बाईपास, गुघड़ीताड़, गुरारू, आमस, शेरघाटी, टेकारी, कोच, बेला सहित अन्य स्थान जहां छोटी बड़ी घटनाएं घटी है, संबंधित मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थानों के सूची के अनुसार सभी जगहों पर वीडियोग्राफी करवाई जा रही है.वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ’अब तक 12 व्यक्तियों के खिलाफ बाईनेम प्राथमिकी दर्ज तथा 44 व्यक्तियों को गिरफ्तारी’ की गई है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है. यदि कोई असामाजिक तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अफवाह फैलाने तथा हुड़दंगई करने की घटना का अंजाम देते हैं तो उन्हें सोशल साइबर सेल द्वारा नजर रखते हुए कठोर कार्रवाई किया जाएगा.
जिले में शांति व्यवस्था तथा विधि व्यवस्था बरकरार रहे, इसके लिए जिला पदाधिकारी ने कल रात्रि तक अर्थात 20 जून की रात्रि तक इंटरनेट सेवा को स्थगित रखने का आदेश दिया है. ’जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी को सेना भर्ती की तैयारी कराने वाले जिले के संचालित ऐसे सभी कोचिंग संस्थानों के निबंधन सहित अन्य प्रमाण पत्र के जांच कराने के साथ-साथ कोचिंग संचालकों के गतिविधियों पर ही जांच करने का निर्देश दिया है.इसी परिप्रेक्ष्य में कल अनुमंडल पदाधिकारी सदर, शिक्षा विभाग के स्थापना शाखा के पदाधिकारी श्री दुर्गा यादव सहित अन्य पदाधिकारियों की जांच टीम ने मानपुर क्षेत्र के भुसुंडा में कोचिंग संस्थानों का जांच किया.
कुछ कोचिंग संस्थानों ने अपने कोचिंग के बोर्ड सहित अन्य उपकरणों को हटा लिया. जांच के क्रम में सफलता ट्रेनिंग सेंटर के संचालक राजकुमार, उड़ान सेना भर्ती सेंटर के संचालक संतोष कुमार सिंह तथा दो अन्य कोचिंग संस्थान जो अमृत फिजिकल तथा माही फिजिकल शामिल हैं. इन सभी कोचिंग संस्थानों को बारीकी से जांच की गई. जांच के क्रम में संबंधित कोचिंग संस्थानों का निबंधन नहीं किया हुआ पाया गया.सभी संबंधित कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए कोचिंग को सील करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जिले के अन्य सभी सेना भर्ती से संबंधित शिक्षण संस्थानों / कोचिंग की जांच की जा रही है.
आलोक कुमार
जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया
मोतिहारी.आज से पल्स पोलियो अभियान शुरू हुआ.इस अवसर पर पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया.पल्स पोलियो अभियान 19 जून से 23 जून तक चलेगा. इस अभियान में 5 वर्ष से कम वय के बच्चों के बीच में पोलियो की दो बूंद पिलाया गया.मौके पर सिविल सर्जन, जिला सूचना, जनसंपर्क पदाधिकारी एवं यूनिसेफ के एसएमसी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे.
डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के 10 अन्य देशों के साथ भारत को 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त प्रमाणित किया गया था. देश में पोलियो का आखिरी मामला 13 जनवरी 2011 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सामने आया था.
वैश्विक स्तर पर, पोलियो का अभी भी दो देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अस्तित्व बना हुआ है. हालांकि भारत को "पोलियो-मुक्त" प्रमाणित किया गया है, लेकिन जंगली पोलियो वायरस के इंपोर्टेशन या वैक्सीन से उत्पन्न पोलियो वायरस के उभरने का जोखिम वैश्विक उन्मूलन तक बना रहता है, जो देश में उच्च जनसंख्या प्रतिरक्षा और संवेदनशील निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता रेखांकित करती है.
अब हमारे नौनिहालों को पोलियो विकलांगता का शिकार होकर जीवनभर आंसू रोने को बाध्य नहीं होना पड़ेगा.Polio Free यदि किसी देश में लगातार तीन वर्षों तक एक भी पोलियो का मामला नहीं आता है, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन उसे ‘पोलियो मुक्त देश’ घोषित कर देता है| इसके पूर्व हरियाणा में 2010 में तथा उसके बाद पश्चिम बंगाल में 13 जनवरी, 2011 को पोलियो का मामला सामने आया था. उसके बाद लगातार नजर रखी गयी और पिछले तीन सालों में कोई मामला नहीं आया.
इस तरह कह सकते हैं कि देश के लाखों लोगों को विकलांग करनेवाले पोलियो के विषाणु पर 18 वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद हमने विजय पा ली है. हालांकि टीकाकरण कार्यक्रम पर वाजिब प्रश्न उठते रहे हैं और इसके पीछे बाजार की ताकत भी स्पष्ट रहीं है, किंतु इस समय हमारे सामने भारत में इसकी सफलता की कहानी है, तो इसे तत्काल स्वीकार करना ही होगा| विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो भारत में स्थानीय स्तर पर पोलियो के विषाणु खत्म हो चुके हैं.यानी इनकी उपस्थिति अब नहीं है. वस्तुतः भारत के लिए यह शर्म की बात थी कि दुनिया भर से मिटाई जा चुकी यह खतरनाक बीमारी जिन चार देशों में मौजूद थी, उनमें एक भारत भी था. तो हम इस शर्म से भी मुक्त हो गये हैं.
आलोक कुमार
शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश दिये
*विवेक रंजन कहते हैं कि इंटरनेट बैन कब खुलेगा जिला में महोदय बहुत परेशानी हो रही है
मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. श्री कुमार आशीष द्वारा शहर की शांति व्यवस्था को लेकर फ्लैग मार्च किया.शहर के विभिन्न स्थानों पर जिलाधिकारी महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा निरीक्षण किया गया.वही भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय ने प्रतिनियुक्त अधिकारियों को शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश दिये.
आलोक कुमार
Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस
बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...
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