गया. जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा जल संकट को लेकर विष्णुपद अवस्थित देवघाट एवं गया जी डैम में जल संग्रह करने के लिए किये जा रहे कार्यों का जायजा लिया गया.
डैम में जल संग्रह करने के लिए किये जा रहे कार्यों का जायजा लिया
दिनकर चौक उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन
पटना.आज राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 49 वीं पुण्यतिथि पर पटना ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष डा0 आशुतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में दिनकर चौक उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन व्यक्त किया गया.
डा0 आशुतोष शर्मा ने कहा कि बिहार ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष के गर्व के विषय दिनकर हैं.उनकी रचनाएं पंचमवेद कही जा सकती है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जहां एक ओर जन सरोकार के कवि हैं वहीं दूसरी ओर भारत की एकता,अखंडता और संस्कृति को उद्घोषित करते है.
इस अवसर पर विद्वान व्यक्तित्व कॉमर्स कॉलेज के आचार्य डा0 अशोक कुमार अंशुमाली ने कहा कि विश्व साहित्य में राष्ट्रकवि दिनकर के समक्ष सभी लोग बौने पाये जाते हैं. उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में दिनकर को अद्वितीय व्यक्तित्व बतलाया। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के पौत्र कुमार अरविन्द ने दिनकर की रचनाओं से लोगों को रूबरू करवाया तथा उनके उद्वेलित काव्य सुनकर लोग अभिभूत हो गये.
इस अवसर पर पटना ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष डा0 आशुतोष कुमार शर्मा, प्रो0 डा0 अशोक कुमार अंशुमाली, दिनकर के पौत्र कुमार अरविन्द, हम के प्रदेश प्रवक्ता भीम सिंह, पूर्णनाथ कुमार, विवेक शर्मा, धीरज शर्मा, उज्जवल कुमार, हेमंत कुमार शाही, कुमार गौतम, दीपक कुमार, रौशन आदि उपस्थित थे.
आलोक कुमार
.देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह का 166 वां विजयोत्सव
पटना.देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह का 166 वां विजयोत्सव आज पूर्वाह्न 11.30 बजे प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय, सदाकत आश्रम में मनाया गया.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की.
उन्होंने कहा कि एक मिर्जाफर के कारण 1757 में भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी की नींव रखी गयी. ठीक 100 सौ साल बाद इस्ट इंडिया कम्पनी की विनाशकारी लीला से निजात पाने के लिए 1857 में स्वतंत्रता संग्राम की पहली लड़ाई लड़ी गयी जिसके हीरो थे 80 साल के बुर्जुग वीर कुंवर सिंह, जिनके फौलादी हौसलों के सामने अंग्रेजी सेना पस्त हो गयी.
आज वीर कुंवर सिंह सबसे प्रासंगिक हैं क्योंकि भारत की मौजूदा सरकार ईस्ट इंडिया कम्पनी के तर्ज पर काम रही है. चंद हाथों में देश की सम्पत्ति गिरवी रखी जा रही है क्योंकि सरकार मुनाफाखोर हो गयी है. मुनाफा कमाने के लिए बुनियादी जरूरतों की चीजें भी बेची जा रही है. एयरपोर्ट, इन्सुरेंस,रेलवे एवं खाना पकाने वाले गैस से लेकर स्टेशन भी बेचा जा रहा है.
डा0 सिंह ने कहा कि अडाणी और अम्बानी इस्ट इंडिया कम्पनी का मौजूदा रूप है और मिर्जाफर सामने खड़ा है। भारत एक बार फिर आर्थिक गुलामी की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि बीर कुंवर सिंह जी की याद फिर सताने लगी है क्योंकि अगर हम नहीं संभले और सरकार पर लगाम कसने में विफल रहे तो भारत फिर उस स्थिति में पहुंच जायेगा जिससे निकलने के लिए वीर कुंवर सिंह को खून की होली खेलनी पड़ी थी.
इस अवसर पर डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह के अलावे विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, डा0 अजय कुमार सिंह, लाल बाबू लाल, निर्मल वर्मा, प्रवक्ता आनन्द माधव, डा0 संजय यादव, आलोक हर्ष, अरविन्द लाल रजक, रीता सिंह, केसर कुमार सिंह, शशि रंजन, पुरूषोत्तम मिश्रा, उदय शंकर पटेल, मृणाल अनामय, अश्विनी कुमार,सिद्धार्थ क्षत्रिय, मृगेन्द्र सिंह, नवनीत जयपुरियार, रवि गोल्डन, राहुल पासवान, विमलेश तिवारी, सुदय शर्मा, गोपाल शर्मा, यशवंत कुमार चमन, रूमा सिंह, डा0 उमेश्वर प्रसाद सिंह, राम कुमार तिवारी, सुजय कुमार देव, असजद आलम, विन्ध्याचल पाण्डेय, इन्दल सिंह, धर्मवीर शुक्ला, प्रदुम्न राय, पवन कुमार केसरी,मनोज कुमार, मंटू कुमार, बृजेश कुमार सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे.
आलोक कुमार
माता मरियम के ग्रोटो में पवित्र मिस्सा
सड़कों के किनारे लोगों के कूड़ा-करकट जहां तहां फेकने की आदत नहीं छोड़ने से समस्या और गंभीर होती गई है
बेतिया. केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी के प्रति जागरूकता को लेकर शुक्रवार को साइकिल रैली का आयोजन किया गया. नगर निगम कार्यालय परिसर से निकली इस रैली को जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय और नगर निगम महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने झंडी दिखाकर रवाना किया.
इससे पूर्व महापौर ने सिकारिया ने स्वच्छता को स्वयं के व्यवहार में शामिल करने के ‘शपथ पत्र‘ का वाचन किया. जिसको डीएम दिनेश कुमार राय, नगर आयुक्त शंभू कुमार, के अतिरिक्त दर्जनों पदाधिकारी व निगम कर्मियों के साथ रामकृष्ण विवेकानंद स्कूल, संत माइकल एकेडमी, एमजेके कॉलेज, विपिन प्लस टू स्कूल, मारवाड़ी युवा मंच के सभी सदस्य, रोटी बैंक परिवार, मारवाड़ी सम्मेलन, रोटरी इंटरनेशनल, रोटरी क्लब जैसी सहभागी संस्थानों के अतिरिक्त सैकड़ों उत्साही महिला पुरुष भी एक स्वर में दुहराते देखे गए.
इसके बाद रवाना हुई साइकिल रैली में भी सबसे आगे महापौर गरिमा देवी सिकारिया, नगर आयुक्त शंभू कुमार सहित नगर पार्षदगण और नगर निगम कर्मी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्कूल से आये विद्यार्थी, आमजन इत्यादि शामिल हुए.नगर निगम कार्यालय रैली को रवाना करने से पहले सिकारिया ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अपने नगर निगम को अव्वल बनाना हम सबके साथ एक एक नागरिक की जिम्मेदारी है. क्योंकि हमारे विकास में बाधा पहुंचाने वाली परिस्थितियों में एक मुख्य कारण गंदगी भी है. साधारण और गरीब परिवार की कुल आय का एक बड़ा हिस्सा दवाई और इलाज में खर्च हो जाता है. जिसके मूल में संपूर्ण स्वच्छता के जरूरत की अनदेखी ही है. उन्होंने लोगों को समस्या की गंभीरता के प्रति आगाह करते हुए कहा कि नाले के गंदे पानी में लोगों के कूड़ा कचरा डालने के उसका सही निस्तारण नहीं हो पाता है.
इसके कारण भी प्रदूषण और सघन बस्ती में सड़ांध की समस्या दिनोदिन गंभीर होती जा रही है. घरेलू कूड़ा-कचरा में से सुखा और गीला कचरा अलग नहीं करने से भी सड़ांध और प्रदूषण की समस्या बढ़ी है. हमारे नगर निगम क्षेत्र की प्रायः सभी सड़कों के किनारे लोगों के कूड़ा-करकट जहां तहां फेकने की आदत नहीं छोड़ने से समस्या और गंभीर होती गई है.
आलोक कुमार
विश्व पृथ्वी दिवस के लिए 22 अप्रैल की तारीख हमेशा के लिए तय
पटना. विश्व पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है. कल यानी शनिवार को विश्व पृथ्वी दिवस का 53वां आयोजन होगा. इसको मनाने का उद्देश्य यह है कि लोग पृथ्वी के महत्व को समझें और पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने के प्रति जागरूक हों.
पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना है ताकि लोग पर्यावरण के महत्व को सही तरीके से समझ सकें और इसका बचाव कर सके. इस दिन कई जगहों पर पौधे लगाए जाते हैं. स्कूल, कॉलेज और विभिन्न संस्थान में इसको लेकर बच्चों को जागरूक किया जाता है. आज के समय में क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हमारे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है. इसलिए धरती को बचाने के लिए कई तरह के संकल्प लिए जाते हैं.
इस दिन को मनाने की शुरुआत अमेरिका से की गई थी. अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने सबसे पहला प्रयास किया था. वे चाहते थे कि कोई ऐसा दिन तय किया जाए जिस दिन लोगों को एक जगह इकट्ठा कर पर्यावरण के महत्व को समझाया जा सके. उनको विचार आया कि इस दिन को मनाने का सबसे बेहतर समय 19 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच का समय होगा. अप्रैल चुनने के पीछे सबसे बड़ा कारण था कि इस समय न कोई पर्व-त्योहार होते हैं न ही बच्चों के स्कूल की परीक्षाएं. इसलिए उन्हें ये सबसे सही समय लगा इस दिन को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए. इसके बाद से विश्व पृथ्वी दिवस के लिए 22 अप्रैल की तारीख हमेशा के लिए तय हो गई.
1970 में जब विस्कॉन्सिन के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने फैसला किया कि वह वायु और जल प्रदूषण के खतरों के बारे में लोगों में जागरूकता लाना चाहते हैं उसी दिन से यह दिन मनाया जाने लगा. उसके बाद वह कांग्रेसी पीट मैकक्लोस्की और कार्यकर्ता डेनिस हेस के साथ शामिल हो गए. वैश्विक स्तर पर लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए 22 अप्रैल 1970 को पहली बार पृथ्वी दिवस वृहद स्तर पर मनाया गया था.
बात 1969 की है उस वक्त कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव हो गया था, जो उस वक्त की सबसे बड़ी त्रासदी थी. इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई. इस घटना ने अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन को काफी परेशान किया. इसके बाद से ही उन्होंने फैसला किया कि अब वे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करेंगे. इसके बाद नेल्सन के आह्वान पर अमेरिकियों ने पृथ्वी दिवस के पहले आयोजन में हिस्सा लिया था.
आलोक कुमार
Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस
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