स्वतंत्र रूप से बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा

बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी का इतिहास 278 साल पुराना

     बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा

बिशप बनने के बाद पहली बार बक्सर के बिशप जेम्स शेखर बेतिया में


बेतिया. बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी में क्रिश्चियन को बसाने में फादर जोसेफ मेरी को पूर्ण श्रेय जाता है.फादर जोसेफ मेरी के द्वारा बेतिया चर्च की स्थापना की गई.इस चर्च का नाम ‘नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड वर्जिन मेरी‘ है.बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी का इतिहास 278 साल पुराना है.वहीं स्वतंत्र रूप से बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा हो गया है.

                 फादर जोसेफ मेरी नामक ईसाई धर्म पुरोहित के बारे में बताया जाता है कि वे रोम से तिब्बत तक का सफर को पैदल ही तय किया था, क्योंकि तिब्बत में ईसाइयों पर काफी जुल्म किया जा रहा था, वहां मिलने के लिए नेपाल के रास्ते फादर जोसेफ मेरी काफी मुश्किलों का सामना करते हुए पहुंचे. 20 अप्रैल 1745 को तिब्बत मिशन बंद करना पड़ा और 1745 में पाटन, नेपाल पहुंचे.राजा ध्रुव सिंह के शासन काल 1715 से 1762 ईस्वी है, इन्हीं के समय में फादर जोसेफ मेरी जिनके द्वारा बेतिया चर्च की स्थापना की गई, 7 दिसंबर 1745 को इनके बेतिया आने का प्रमाण मिलता है.     

बताया गया कि पुराना गिरजाघर खाली जमीन पर स्थित था .सन 1934 के भूकंप में बेतिया की करीब-करीब सभी बड़ी पुरानी इमारतें तबाह हो गई ,जिनमें बेतिया अस्पताल, बेतिया राज इमामबाड़ा, महाराजा लाइब्रेरी, एवं कैथोलिक चर्च भी तबाह हो गया, अभी जो यह चर्च का बड़ा सा रूप देख रहे हैं वास्तव में 1934 के बाद 21 नवंबर 1949 को यह भव्य चर्च आपके सामने दोबारा बना.

यह कैथोलिक चर्च सामने बनाया गया !यहां पर बनाया गया चंद वर्ष पूर्व तक इस चर्च में लोगों को मुफ्त दवाएं दी जाती रही हैं. यह चर्च पूरे चंपारण में होम्योपैथिक के मुफ्त चिकित्सा का केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है.

  सर्वज्ञात है कि प्रारंभ में विदेशी पुरोहितों का दबदबा रहा है.सभी उच्च पदों पर शोभा बढ़ाते थे.इस बीच पटना धर्मप्रांत के बिशप अगस्टीन वाइल्डरमुथ एसजे ने पोप जॉन पॉल द्वितीय के पास अपना इस्तीफा प्रेषित कर दिया.जिसे पोप ने बिशप ऑगस्टीन वाइल्डरमुथ एसजे का इस्तीफा 28 मार्च 1980 को स्वीकार कर लिया.पोप बेनेडिक्ट 15 ने क्रांतिकारी कदम उठाया. 10 सितंबर 1919 को इलाहाबाद धर्मप्रांत से अलग कर पटना धर्मप्रांत बना दिया.

पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 28 मार्च 1980 को ही पटना धर्मप्रांत और मुज़फ़्फ़रपुर धर्मप्रांत बनाने की घोषणा कर दी.उसके पहले भारतीय बिशप के रूप पटना धर्मप्रांत के प्रथम बिशप बेनेडिक्ट जे ओस्ता एसजे को और मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के प्रथम बिहारी बिशप के रूप में जौन बापतिस्ट ठाकुर को  6 मार्च 1980 को घोषित कर दिया.पटना धर्मप्रांत के प्रथम बिशप के रूप में बेनेडिक्ट जे ओस्ता ने 21 जून 1980 को विधिवत बिशप के रूप में अभिषेक हुआ.उसी तरह मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के प्रथम बिहारी बिशप के रूप में जौन बापतिस्ट ठाकुर का बिशप अभिषेक 24 जून 1980 को हुआ.

                    मालूम हो कि 16 मार्च 1999 में पटना धर्मप्रांत को एक महाधर्मप्रांत के रूप में पदोन्नत किया गया था.इस महाधर्मप्रांत में बेतिया, भागलपुर, बक्सर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया शामिल है. इस बीच मुज़फ़्फ़रपुर धर्मप्रांत को विभक्त कर बेतिया धर्मप्रांत 27 जून 1998 को सृजित किया गया. बेतिया धर्मप्रांत के लोकल कलीसिया चखनी पल्ली के विक्टर हेनरी ठाकुर को बिशप बनाया गया. बेतिया धर्मप्रांत के बिशप विक्टर हेनरी ठाकुर 27 जून, 1998 से 3 जुलाई, 2013 तक रहे. उसके बाद भागलपुर धर्मप्रांत के विकर जनरल पीटर सेबेस्टियन गोवेस को 22 जुलाई 2017 को बेतिया धर्मप्रांत का बिशप बनाया गया.

                   आज सोमवार को बेतिया धर्मप्रांत का सिल्वर जुबली 9ः30 बजे से समारोही मिस्सा के साथ प्रारंभ हुआ.बेतिया धर्मप्रांत का कैथेड्रल का नाम नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड वर्जिन मेरी है समारोही में मिस्सा में विभिन्न धर्मप्रांतों के 6 बिशप शामिल हुए.मेजमान बेतिया धर्मप्रांत के बिशप सेबेस्टियन पीटर गोवेस, मुजफ्फरपुर काजीटेन फांसिस ओस्ता, भागलपुर के बिशप कुरियन वलियाकंदथिल, बक्सर जेम्स शेखर, रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप  विक्टर हेनरी ठाकुर और एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा थे. अभी तक पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप नियुक्त नहीं किये गए है.

                     इस समारोह के मुख्य बात रही कि बेतिया के लोकनायक फादर जोसेफ मेरी व फादर आजिलो के मूर्ति का अनावरण किया गया. समारोह के समापन पर  डेढ़ हजार की संख्या में फादर, सिस्टर एवं लोक धर्मियों का प्रतिभोज का आनंद लिये.


आलोक कुमार


विभिन्न प्रखंडों में घूम घूम कर निरीक्षण किया

 *दुर्गापूजा के अवसर पर विधि व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जिला के विभिन्न प्रखंडों में घूम घूम कर कर रहे हैं निरीक्षण

हिलसा । दुर्गापूजा के अवसर पर जिला में विधि व्यवस्था सामान्य बनाये रखने एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लेने जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने पुलिस अधीक्षक श्री अशोक मिश्रा के साथ विभिन्न प्रखंडों में घूम घूम कर निरीक्षण किया।

     अधिकारी द्वय ने विभिन्न पूजा पंडालों के साथ साथ विभिन्न निर्धारित विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया।

    इस अवसर पर सामान्य विधि व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन एवं विसर्जन स्थल पर व्यवस्था को लेकर स्थानीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

  उन्होंने  इसलामपुर के हनुमानगंज स्थित सिद्ध पीठ बड़ी देवी मंदिर एवं छोटकी ओंगारी (बूढ़ानगर सूर्य मंदिर तालाब) विसर्जन घाट का निरीक्षण किया।

 इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हिलसा सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

प्रत्येक साल खदानों की माता के आदर में ढोरी माता तीर्थस्थल



चमत्कारी ढोरी माता मरियम का वार्षिक समारोह

प्रत्येक साल खदानों की माता के आदर में ढोरी माता तीर्थस्थल, खदानों में गरीब मजदूरों के प्रति माता मरियम की चिंता और खासकर, मजदूरों के कल्याण के लिए उनकी शक्तिशाली मध्यस्थता का प्रतीक है...

कथारा.हजारीबाग धर्मप्रांत के जारंगडीह में संत अंथोनी चर्च है.कोयला खदानों की चमत्कारी ढोरी माता मरियम का वार्षिक समारोह शुक्रवार 20 अक्टूबर को झंडोत्तोलन एवं नोवेना के साथ शुरू की गई.हजारीबाग धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष  आनन्द जोजो ने माता मरियम के सम्मान में झंडोत्तोलन किया तथा मिस्सा बलिदान के द्वारा नोवेना की शुरूआत की. भक्तिपूर्वक रोजरी प्रार्थना करते हुए विश्वासियों ने भारी संख्या में माता मरियम का झंडा लिये हुए नोवेना के पहले दिन में भाग लिया.शुक्रवार के बाद शनिवार को नोवेना में शामिल होने के बाद तीसरे तीन श्रद्धा के साथ श्रद्धालु रविवार को नोवेना में शामिल होंगे.

जारंगडीह स्थित ढोरी माता तीर्थालय जारंगडीह में वार्षिक समारोह झंडोत्तोलन व नोवेना प्रार्थना के साथ शुक्रवार को प्रारंभ कर दिया गया. मुख्य अनुष्ठाता हजारीबाग धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष आनन्द जोजो ने आशीष व प्रार्थना कर झंडोत्तोलन किया. तीर्थालय के पल्ली पुरोहित फादर माइकल लकड़ा, फादर विनोद लकड़ा व फादर विनय किंडो मुख्य रूप से मौजूद थे.

    धर्माध्यक्ष आनंद जोजो ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा, “आज हम ढोरी माता पर्व 2023 का शुभारंम्भ कर रहे हैं और इसके तहत नोवेना प्रार्थना भी शुरू कर रहे हैं. ढोरी माता के नाम पर हम झंडोत्तोलन कर रहे हैं. हम प्रार्थना करें कि ढोरी माता की ख्याती और उनके द्वारा आशीर्वाद ...दूर-दूर तक पहुँचे. जो लोग माता मरियम के नाम पर यहाँ आयेंगे उन्हें उनके पुत्र येसु का आशीर्वाद मिले. उनके मन, दिल और हृदय का परिवर्तन हो.वे बेहतर मानव बन सकें. और साथ ही साथ, इस क्षेत्र में जितने भी लोग हैं, दीन, दुःखी और गरीब तबके के लोग, जो कई प्रकार के दुःखों और पीड़ा में हैं सबों को माता मरियम शरण दे. उनका दुःख सुने और सबों को आराम दे, उनके दुःखों को हटा दे और उनका जीवन सुन्दर, पवित्र और समृद्ध बन जाए. हम पूरे देश के लिए भी प्रार्थना करते हैं कि हम सब के सब मित्र भाव से एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की महानता को बरकरार रखते हुए इस देश को हम उन्नति के शिखर की ओर ले चलें.”

 इसके बाद पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान धर्माध्यक्ष आनंद जोजो ने पूरा किया.नौ दिनों तक आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन संध्या 4 बजे नोवेना प्रार्थना इसके बाद मिस्सा पूजा का आयोजन किया जायेगा. 28 अक्टूबर को देर दोपहर तीन बजे शोभा यात्रा यात्रा इसके बाद मिस्सा पूजा अनुष्ठान फादर बिशु बेंजामिन आइंद खूंटी धर्मप्रांत के वीजी के द्वारा किया जायेगा. वहीं 29 अक्टूबर को सुबह दस बजे समारोही मिस्सा पूजा का आयोजन होगा. जिसके मुख्य याजक हजारीबाग धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष आनन्द जोजो होंगे. 

ढोरी माता को कोयला खनिकों की संरक्षिका माना जाता है

ढोरी माता को कोयला खनिकों की संरक्षिका माना जाता है.उनकी प्रतिमा बेरमो कोयलांचल के जारंगडीह के ढोरी माता तीर्थालय में स्थापित है, जो मसीही धर्मावलंबियों की आस्था का केंद्र है. यही कारण है कि ढोरी माता के प्रति अगाध श्रद्धा के कारण प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के अंतिम शनिवार एवं रविवार को होने वाले वार्षिकोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु यहां मन्नत मांगने जुटते हैं. सीसीएल कामगारों के लिए भी ढोरी माता रक्षा कवच हैं. यहां ईसाइयों के अलावा दूसरे संप्रदाय के लोग भी माथा टेकते हैं.

ढोरी खदान से निकली थी प्रतिमा 

विगत 12 जून 1956 को एक हिदू खनिक रूपा सतनामी को ढोरी खदान से कोयला काटने के क्रम में एक मूर्ति मिली थी, जो बाद में ढोरी माता के नाम से प्रसिद्ध हुई. वर्ष 1957 के अक्टूबर माह में फादर अलबर्ट भराकन की अगुवाई में ढोरी माता की मूर्ति जारंगडीह स्थित संत अंथोनी गिरजाघर में रखी गई. फादर बेतरम हेबर्ट लॉट के नेतृत्व में उक्त मूर्ति को गिरजाघर से बाहर लाकर वर्ष 1964 में तीर्थालय में स्थापित किया गया. 

वर्ष 2006 में मनाई गई स्वर्ण जयंती 

वर्ष 1956 में ढोरी माता की मूर्ति मिलने के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती वर्ष 1981 में मनायी गई थी.ढोरी माता की मूर्ति मिलने के 50 वर्ष पूरे होने पर  वर्ष 2006 में स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया गया. ढोरी माता की मूर्ति के बारे में पुरातत्वविदों का मत है कि उसकी बनावट भारतीय शैली की नहीं है और यह पुर्तगाली या फ्रांसीसी शैली से बनी है. वर्तमान में ढोरी माता का वार्षिकोत्सव भव्य रूप ले चुका है.

ढोरी माता तीर्थालय का इतिहास

*वर्ष 1965 में रांची धर्मप्रांत के पीयूष केरकेट्टा ने पहली बार ढोरी माता के पास विनती की एवं नोवेना प्रार्थना की रचना की.

*  वर्ष 1969 के अप्रैल माह में प्रशांत महासागर के पश्चिमी सीमा स्थित द्वीप के अजिया शहर से एक धन्यवाद पत्र आया, जिसमें फादर ए फिलिप तारसियुल की ओर से ढोरी माता के बारे में जानकारी दी गई.

* वर्ष 1971 में डालटेनगंज धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष जौर्ज सोपेन ने अपना पहला धर्माध्यक्षीय पवित्र मिस्सा बलिदान ढोरी माता को अर्पित किया था.

* वर्ष 1983 में ढोरी माता का भव्य एवं आकर्षक तीर्थालय भवन बनकर तैयार हुआ.

आलोक कुमार

मुसहर समुदाय की जमीन को जबरन कब्जा करने का रामदीप प्रसाद कर रहे हैं

 


गया.अत्यंत गरीब 35 साल का कारू मांझी को टी.बी.बीमारी हो गयी है.उसकी पत्नी का दिमागी हालत ठीक नहीं है.वह बोध गया में भीख मांगती है.एक बेटा है.इस तरह की पारिवारिक हालात का फायदा दबंग रामदीप प्रसाद उठा लिया है.

       पूरा प्रकरण यह है कि महादलित


मुसहर समुदाय की जमीन को जबरन कब्जा करने का रामदीप प्रसाद कर रहे हैं.एक आवेदन लिखकर पीड़ित कारू मांझी ने अनुमण्डल पदाधिकारी सदर, गया को दिया है.उसका विषय है कि खाता न० 535 (पुराना) प्लौट (पुराना) 1689 एवं 1351 (पुराना) नया खाता न० 1127 प्लौट न० 3594 और 3595 में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करके चारदीवारी किया जा रहा है.उसे रोकने का आग्रह किया गया है.

       स्वः रामस्वरूप मांझी का पुत्र कारू मांझी है.ग्राम मोचारीम रहते हैं. थाना बोधगया थाना न0 424 और जिला गया के निवासी है. कारू मांझी कहते हैं कि वर्ष 1970-71 मेरे दादा स्व० तिला मांझी पिता स्वः ऐतवार मांझी के नाम से बिहार सरकार के द्वारा भूमि वितरण के समय परवाना से प्राप्त हुआ है.कारू मांझी कहते है कि नीज ग्राम निवासी रामदीप प्रसाद पिता तुलसी महतो एवं अन्य के द्वारा के द्वारा जबरन मेरा दादा का प्राप्त जमीन से बेदखल कर रहा है.

   
उपरोक्त खाते-प्लौट की भूमि पर ईट,सिमेंट, छड़, छरी,बालू लगाकर जमीन पर निर्माण कार्य कर रहा है. कारू मांझी ने कहा कि रामदीप प्रसाद के द्वारा परवाना देखने के लिए कागजात हमसे छीन लिया और चला गया,जाते-जाते धमकी दिया तुम ज्यादा दिन धरती पर नहीं बचोंगे. रामदीप प्रसाद दबंग व्यक्ति है उनकी पत्नी आशा कुमारी बोधगया नगर परिषद अन्तर्गत वार्ड न0 27 से वार्ड पार्षद है. ये राजनीतिक पहुँच रखती है व हमारे उपर कभी गलत केस मुकदमा कर फंसा सकती है, हमारे जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को अपने पद, पैसा और पैरवी से कानून व विभागीय रूप से गलत कर रही है और अपने पद का दुरुपयोग कर रही है और हमारे जमीन पर कब्जा करने का षड्यंत्र रच रही है जो कभी भी खून खराबा मारपीट का रूप ले सकती है

   शांति भंग होने की संभावना है. निर्माण कार्य को अभिलंब रोकने की कृपा करें. और हमारे जमीन पर कब्जा दिलाने कि कृपा करे. अतः श्रीमान से नम्र निवेदन है कि इस अत्यंत गरीब और असहाय व्यक्ति के पक्षधर बने. और मुझे न्याय दिलवाने में सहायक बने.

आलोक कुमार


श्री बाबू पूरे प्रदेश को बनाया भी और संवारा भी


 


श्री बाबू में था विकास का मौलिक विजन : डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह

 पटना।घर को सजाना और बात है और घर बनाना और बात है। कहते हैं कि एक घर बनाने में लोग टूट जाते हैं और श्री बाबू पूरे प्रदेश को बनाया भी और संवारा भी। वे आधुनिक बिहार के निर्माता थे। ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही। वे बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। 

    डा0 सिंह ने कहा कि श्री बाबू के पास विकास का मौलिक विजन था। उनकी सोच भविष्य को संवारने की थी। उनकी चिंता पीढ़ियों को आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करने की रही न कि आज की तरह राजनीतिक लाभ के लिए पापुलिस्ट एजेन्डा के तहत काम करने की। यही कारण है कि उन्होंने बिहार के बेहतर भविष्य के लिए एक के बाद एक ढाँचागत औद्योगिक संस्थानों की नीव रखी क्योंकि वे नेहरू जी के अनुयायी थे जो कहते थे कि उद्योग आधुनिक भारत का मंदिर है।

उनकी 136वीं जयन्ती के अवसर पर सदाकत आश्रम में शनिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सैंकड़ों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता ने भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने श्री बाबू के तैल चित्र पर पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आज जो कांग्रेस नेता इस कार्यक्रम में शरीक हुए उनका नाम है  पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा, वीणा शाही, प्रेम चन्द्र मिश्र, समीर कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, बंटी चौधरी, लालबाबू लाल, निर्मल वर्मा, पूनम पासवान, प्रमोद कुमार सिंह, कपिलदेव प्रसाद यादव, विनोद शर्मा, आई.पी. गुप्ता, डॉक्टर संजय यादव, आलोक हर्ष, राजकुमार राजन, प्रभात सिंह, इरशाद हुसैन,सुमन कुमार मल्लिक, कुमार आशीष, अफसर अहमद, चंद्र प्रकाश सिंह, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, स्नेह आशीष वर्धन पांडे, शशिकांत तिवारी, अमरेंद्र सिंह, संजीव कुमार कर्मवीर, अनुराग चंदन, प्रद्युम्न कुमार, मिथिलेश शर्मा मधुकर, संजय कुमार पांडे, रीता सिंह, निधि पांडे, शशि रंजन, अखिलेश्वर सिंह, आदित्य पासवान, मनजीत आनंद साहू, मृणाल अनामय, उदय शंकर पटेल, इं. कमलेश कुमार, विश्वनाथ बैठा, उमेंद्र प्रसाद सिंह, फिरोज हसन, राम नरेश चौधरी, वैद्यनाथ शर्मा, कुंदन गुप्ता, ललित सिंह, अरुणा सिंह, यशवंत कुमार चमन, प्रमोद राय, कामरान निजामी, अभय कुमार, शंभू सिंह, नीतू सिंह निषाद, संतोष यादव, जवाहरलाल चौधरी, हसीब खान,संतोष कुमार, सरिता वर्मा, विशाल रंजन, दिलीप कुमार सिंह, अफजल हुसैन, हीरा सिंह बग्गा, अरविंद ठाकुर।


आलोक कुमार

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में किया विश्राम स्थल का उद्घाटन

 

*दुर्गापूजा में दूर दराज से मेला देखने आने वाले श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए प्रशासन द्वारा श्रम कल्याण मैदान में की गई है नि:शुल्क व्यवस्था

*विश्राम स्थल में मेडिकल कैम्प, पर्याप्त रोशनी, शौचालय, पेयजल आदि की सुविधा रहेगी उपलब्ध, साथ में होगा प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष

* स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में किया विश्राम स्थल का उद्घाटन

बिहारशरीफ। दुर्गा पूजा के अवसर पर  दूर दराज से मेला देखने बिहारशरीफ आने वाले श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए प्रशासन द्वारा श्रम कल्याण मैदान में विश्राम स्थल बनाया गया है।

  यहाँ मेडिकल कैम्प, पर्याप्त रोशनी, शौचालय, पेयजल आदि की व्यवस्था की गई है। मेला अवधि में यहाँ प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष भी 24 घंटे कार्यरत रहेगा। यह व्यवस्था पूरी तरह से निःशुल्क की गई है। आज जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विश्राम स्थल का फीता काटकर उद्घाटन किया गया।

  इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी बिहारशरीफ, सहायक समाहर्त्ता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

आलोक कुमार


गांधी मैदान में दशहरा आयोजन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक

 

गया।  मंगलवार 24 अक्टूबर को गांधी मैदान गया में विजयदशमी के तिथि में आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रम की तैयारी को लेकर जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती द्वारा संयुक्त रुप से गांधी मैदान में दशहरा आयोजन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक  एवं निरीक्षण किया गया। दुर्गा पूजा 15 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ था। 

      बैठक में दशहरा आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि विजयदशमी की तिथि में रावण दहन कार्यक्रम के पहले गया रेलवे स्टेशन से दोपहर 2ः00 बजे से शोभायात्रा प्रारंभ होता है, जो गोल पत्थर, जीबी रोड, काशीनाथ होते हुए संध्या 4ः30 बजे के आसपास गांधी मैदान में पहुंचता है। शोभायात्रा में शामिल भगवान राम, सीता माता तथा अन्य देवी देवताओं का रूप बनाकर शोभायात्रा के शामिल लोग द्वारा रावण वध किया जाता है। उसके पश्चात संध्या 5ः00 बजे के आसपास रावण दहन का कार्यक्रम प्रारंभ होते हुए 15 से 20 मिनट में समाप्त हो जाता है। 

      जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को निर्देश दिया कि रावण दहन के पुतलो के बीच का रास्ता पूरी मजबूती से बेरीकटिंग करावे ताकि कोई भी व्यक्ति उस रावणदहन के डी-एरिया में प्रवेश ना कर सके।

      जिला पदाधिकारी ने दसहरा आयोजन समिति को स्पष्ट निर्देश दिया कि आतिशबाजी का कार्य एक्सपोर्ट व्यक्ति से ही करावे। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में सेंड बैग रखें आतिशबाजी से संबंधित पूरी प्रिकॉशन को पालन करें ताकि कोई भी छोटी से छोटी घटना ना हो सके।

      जिला पदाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि गांधी मैदान में रावण वध कार्यक्रम की स्थिति में अत्यधिक भीड़ एकत्रित होने की संभावना को देखते हुए पर्याप्त संख्या में लाइट तथा पर्याप्त रोशनी के लिए अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करवाने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान के अंदर जहां पर ही उबड़ खाबड़ रास्ता है उसे समतल करावे। इसके साथ ही गांधी मैदान से जितने भी एंट्रेंस वाले रास्ते हैं सभी स्थानों पर जंगल झाड़ को साफ करावे।

      उन्होंने कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि लोगों का भीड़ एक जगह एकत्रित ना हो तथा भीड़ को नियंत्रण के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर वॉच टावर के साथ-साथ यथासंभव निरीक्षण करते हुए पूरी मजबूती बैरिकेडिंग करवाएं।

      उन्होंने कार्यपालक अभियंता बिजली विभाग को निर्देश दिया कि गांधी मैदान क्षेत्र के अंदर एवं बाहर जितने भी लूज वायर या जर्जर वायर हैं उसे हटाते हुए नए सिरे से वायर को बन्चिंग करें ताकि बिजली से संबंधित कोई भी समस्या ना उत्पन्न हो सके।

      उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी सदर को निर्देश दिया कि क्राउड कंट्रोल पर पूरी नियंत्रित व्यवस्था के लिए कार्य योजना तैयार करें इसके साथ ही पर्याप्त स्थानों पर पी एस सिस्टम भी लगवाए। भीड़ नियंत्रण हेतु कंट्रोल रूम का भी स्थापना करें। हर एक बिंदु पर सीसीटीवी कैमरा भी लगावे। इसके साथ ही एंबुलेंस तथा फायर ब्रिगेड की वाहन पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करें यह सुनिश्चित करावे। भीड़ पर नजर रखने हेतु ड्रोन से भी निगरानी करवाये।

      निरीक्षण के दौरान बताया गया कि गांधी मैदान में कुल 9 गेट हैं। एंट्री एवं एग्जिट के लिए सभी गेटों को खोला जाएगा। इसके साथ ही सभी एंट्री पॉइंट पर मेटल डिटेक्टर मशीन भी लगाया जाएगा। डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी कुल 9 गेटों का भौतिक सत्यापन करते हुए सभी गेटों को फंक्शनल करावे। उन्होंने कहा कि क्राउड कंट्रोल मैनेजमेंट को अच्छे से रेगुलेट करना होगा।

      गांधी मैदान के परिधि में किसी भी व्यक्तियों का वाहन का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। उन्होंने पुलिस उप अधीक्षक यातायात को रूट मैप तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

      इसके पश्चात विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा अनेक सुझाव दिए गए हैं जिस पर विचार करते हुए और बेहतर व्यवस्था कराने के लिए अनुपालन कराया जा रहा है।

      अंत में जिला पदाधिकारी में कहां की पूरी डीप अंधेरा होने के पहले रावण दहन कार्यक्रम को संपन्न करवा ले ताकि रोशनी रहते हुए गांधी मैदान रावण दहन देखने आए सभी आगंतुकों को प्रोपर तरीके से निकास करवाया जा सके।

      निरीक्षण के क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक नगर, ज़िला आपूर्ति पदाधिकारी, ज़िला जन सम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी एव दशहरा कमेटी के सभी सम्मानित सदस्य उपस्थित थे।


आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...