कब्र पर्व के दिन उसके लिए प्रार्थना की जाती है

ईसाई समुदाय मृत परिजनों का पर्व वृहस्पतिवार को मनाएंगे

पटना. पूर्वजों के आत्मा की अनंत शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है.ईसाई धर्म की मान्यता है कोई व्यक्ति मर जाते हैं तो कर्म के अनुसार न्याय किया जाता है.कोई स्वर्ग में निवास करता है. तो कुछ लोग शोधक अग्नि में चले जाते है.कुछ ऐसे भी व्यक्ति हैं जो पाप की दशा में मर जाते है तो वह स्वर्ग नहीं जा पाते है.


कब्र पर्व के दिन उसके लिए प्रार्थना की जाती है और वह पाप मुक्त होकर स्वर्ग में जा सके .....

पटना महाधर्मप्रांत में ईसाई समुदाय मृत परिजनों का पर्व वृहस्पतिवार को मनाएंगे.इसे मुर्दों का पर्व भी कहा जाता है.रोमन कैथोलिक मसीसी अपने पूर्वजों के कब्र के पास जाकर फूल अर्पण करेंगे और मोमबत्ती व अगरबत्ती जलाकर उन्हें याद करेंगे.

   चूंकि कुर्जी पल्ली में रोमन कैथोलिकों की संख्या अधिक है.इसके आलोक में प्रेरितों की रानी ईश मंदिर के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर एल्विन जेवियर ने तीन पालियों में पवित्र मिस्सा और कब्रों पर आशीष देने का कार्यक्रम तय किया है.वृहस्पतिवार को सुबह 6:00  व 07:30 बजे विशेष पवित्र मिस्सा किया जाएगा.इसके बाद दोपहर को 03:00 बजे भी पवित्र मिस्सा किया जाएगा.

      पवित्र मिस्सा अर्पित करने के बाद मौके पर चर्च के फादर कब्रिस्तान में जाकर पवित्र जल का छिड़काव मृत परिजनों के कब्र में जाकर करेंगे .

        मालूम हो कि रोमन कैथोलिक मसीही समुदाय ऑल सोल डे यानि कब्र पर्व प्रतिवर्ष दो नवंबर को मनाते हैं.मौके पर सभी अपने पूर्वजों को याद करते हैं.इसके पूर्व कब्र स्थल की साफ सफाई करते हैं. अपने पूर्वजों की कब्र को मसीही समाज के लोग रंग-रंगोली से सजाते है.

          कुर्जी कब्रिस्तान की साफ- सफाई करने के लिए एक महिला को रखा गया है.उक्त महिला को मजदूरी संत कैरेंस स्कूल के द्वारा दी जाती है.संत दोमनिक सावियों के संस्थापक व एग्लो इंडियन समुदाय  के एमएलए बने महान आत्मा ने चारदीवारी निर्माण करवाए थे.

    उसके बाद चारदीवारी को मजबूतीकरण और ऊंचा करने का कार्य सामाजिक कार्यकर्ता राजन क्लेमेंट साह ने लोकल विधायक डॉ.संजीव चौरसिया के फंड से करवाया है.कुर्जी कब्रिस्तान के चारदीवारी का रंग रोगन का दायित्व लेकर रंग रोगन किया गया है.वह शख्स संत दोमनिक सावियों के निदेशक सह विधायक ग्लेन गोलेस्टेन है.जो झारखंड विधानसभा में  एग्लो इंडियन समुदाय के प्रतिनिधित्व करते हैं.


आलोक कुमार 

इंस्टीट्यूट फॉर पार्टिसिपेटरी के कार्यक्रम प्रमुख अनिन्दो बनर्जी

 'अनिंदो बनर्जी' को लेकर गैर सरकारी संस्थाओं में मातम आज भी

पटना.बिहार के जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता व 


इंस्टीट्यूट फॉर पार्टिसिपेटरी ( प्रैक्सिस) के कार्यक्रम प्रमुख अनिन्दो बनर्जी कोरोना से पराजित हो गये.आज भी गैर सरकारी संस्थाओं के लोग 2 साल के बाद भी याद करते हैं.उन कर्ताधर्ताओं का कहना है कि उनके परलोक सिधार जाने के बाद सामाजिक परिवर्तन और सम्पूर्ण बदलाव की लड़ाई कमजोर पड़ गई हैं.

        पुष्यमित्रा ने कहा कि उनको बचाने का भरपूर प्रयास करने के क्रम में शुरू में अनिंदो बनर्जी सर को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉमप्लेक्स में भर्ती कराए गये.यहां पर इलाज के दौरान अनिंदो बनर्जी सर के टेस्ट में cytokine storm आया. इसके लिये डॉक्टर ने Tocilizumab दवा की मांग की थी.पूरे बिहार में यह दवा केवल पटना CS की अनुशंसा पर ही दी जाती है. डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के साथ वहाँ सम्पर्क किया गया.

इसके बाद  अनिंदो सर को रूबन मेमोरियल हॉस्पिटल पटना में शिफ्ट कराया गया.अब यहां के हिसाब से उनका इलाज होने लगा.एचसीयू में शरीर में SpO2 लेवल 85 नीचे आ गया. 94 से 100 के बीच में है तो इसका मतलब है कि रोगी हेल्दी है मगर अगर रीडिंग 94 से नीचे है तो यह हाइपोक्सेमिया की समस्या का रूप ले सकता है.इसके आलोक में एचसीयू से आईसीयू में शिफ्ट करा दिया गया.जो जीर्वित रखने में नाकामयाब रहा.

   उन दिनों भारत कोरोना की दूसरी लहर को झेल रहा है. रोज़ लाखों की संख्या में कोरोना के नए मामले सामने आ रहे है. देश में आक्सीजन की भारी कमी है जिससे कई लोगों की जान जा रही है. कोविड-19 (Covid-19) फेफड़ों पर असर डालता है जिसके कारण गंभीर मामलों में शरीर में ऑक्सीजन लेबल गिर जाता है. मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण देश में ऑक्सीजन सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है. कई मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है जिससे उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती  कराने की जरूरत पड़ रही है.

आज कल सबसे ज्यादा एक शब्द का इस्तेमाल होता है वो है ऑक्सीजन सैचुरेशन. फेफड़े हमारे शरीर में ऑक्सीजन लेकर खून में ऑक्सिजनेटेड हीमोग्लोबिन बनाते है. जब शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है तब ऑक्सिजनेटेड हीमोग्लोबिन भी कम हो जाता है. अगर आपके शरीर में ऑक्सीजन की रीडिंग 94 से ऊपर रहे तो उसे हेल्दी माना जाता है. कई बार कोविड-19 की गंभीर अवस्था में ऑक्सीजन की मात्रा 94 से नीचे आ जाती है जिसकी वजह से शरीर में ऑक्सिजनेटेड खून की सप्लाई में प्रभाव पड़ रहा है.

इंस्टीट्यूट फॉर पार्टिसिपेटरी( प्रैक्सिस) के कार्यक्रम प्रमुख अनिन्दो बनर्जी 1997 से कार्यशील थे.वर्तमान 24 वर्ष में प्रैक्सिस के द्वारा बिहार के कुछ जिलों में लैंड मैंपिंग करवाने में सफल हुए थे.

    बताते चले कि स्वर्गीय अनिंदो बनर्जी की मां श्रीमती शेफाली बनर्जी है.श्रीमती बनर्जी 22 वर्षों तक दानापुर के राजकीय विद्यालय में शिक्षिका और प्रधानाचार्य रही हैं.

आलोक कुमार

पूर्व प्रधानमंत्री आयरन लेडी श्रीमती इंदिरा गांधी जी की 39 शहादत दिवस

 

39 युवाओं ने रक्तदान किया

पटना।  भारत की पूर्व प्रधानमंत्री आयरन लेडी श्रीमती इंदिरा गांधी जी की 39 शहादत दिवस को प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम पटना में बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास की अध्यक्षता में रक्तदान शिविर आयोजित कर मनाया गया इस अवसर पर 39 युवाओं ने रक्तदान किया!प्रदेश अध्यक्ष जी के द्वारा बताया गया कि बिहार के सभी जिलों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है! जिसमें प्रदेश भर के युवाओं ने रक्तदान कर इंदिरा गांधी को याद किया तथा उनके शहादत पर चर्चा करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र सिंह ढिल्लों ने कहा कि इंदिरा गांधी का देश के प्रति योगदान और आम व्यक्ति तथा जनमानस के जीवन को खुशहाल बनाने में भारत की अर्थव्यवस्था को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की है! कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर सेल के चेयरमैन डॉक्टर आलोक कुमार सिंह , बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, गुंजन पटेल , निशांत सिंह , विवेक चौबे  खुशबू कुमारी,  मुकुल यादव, अमितेश पांडे, चितरंजन कुमार , अरशद कमाल, नीरज कुमार झा सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे !


आलोक कुमार

‘आयरन लेडी’ श्रीमती इन्दिरा गाँधी की शहादत को याद कर गमगीन हो जाते


पटना। आज का दिन भारतीय इतिहास में एक अनूठे संयोग का दिन है। और भारतवासियों, खासकर कांग्रेसियों के लिए, खुशी और गम दोनों एक साथ लेकर आता है। एक तरफ जहाँ हम ‘लौह पुरूष‘ सरदार वल्लभभाई पटेल की जयन्ती मनाते हैं वहीं दूसरी तरफ ‘आयरन लेडी’ श्रीमती इन्दिरा गाँधी की शहादत को याद कर गमगीन हो जाते हैं। दोनों चट्टानी इरादों के धनी थे जिनके योगदान को इतिहास हमेशा संजो कर रखेगा। एक तरफ जहाँ सरदार पटेल ने भारत को एकीकृत किया वहीं श्रीमती गाँधी ने उसकी एकता और अखंडता के लिए अपने जान की कुर्वानी दे दी। इस तरह आज का दिन इन दोनों महानायकों की साझी विरासत को नमन करने का दिन है। ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने सरदार पटेल की जयन्ती एवं श्रीमती गाँधी की पुण्यतिथि के अवसर पर भेजे अपने संदेश में कही।

        गौरतलब है कि आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल की 148वीं जयन्ती एवं देश की पहली एवं एकलौती महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गाँधी की 39वीं पुण्यतिथि मनायी गयी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने अपने दोनों महानायकों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनको याद किया। इस मौके पर कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता भारी संख्या में सदाकत आश्रम में इकट्ठा हुए थे। जिन नेताओं ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए उनमें शामिल हैं- प्रदेश  कांग्रेस    के पूर्व अध्यक्ष डा0 शकील अहमद, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्र, डा0 समीर कुमार सिंह, कौकब कादरी, नरेन्द्र कुमार, डा0 अशोक कुमार, श्रीमती ज्योति, विधायक इजहारूल हुसैन, बंटी चौधरी,  राजेश राठौड़, हरखु झा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, अमिता भूषण, लाल बाबू लाल, निर्मल वर्मा, आलोक हर्ष, प्रमोद कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, जितेन्द्र प्रसाद सिंह, शरवत जहां फातिमा, गरीब दास, राजेश कुमार सिन्हा, डा0 संजय यादव, विनोद शर्मा, सुमन मल्लिक, राजकिशोर सिंह, अरविन्द लाल रजक, दुर्गा प्रसाद, अजय कुमार चौधरी, सुधा मिश्रा, शशिकान्त तिवारी, शंकर स्वरूप, उमेश कुमार राम, मंजीत आनन्द साहू, गुंजन पटेल, रीता सिंह, अखिलेश्वर सिंह, नवनीत जयपुरयार, अनुराग चन्दन, शशि रंजन, धनन्जय शर्मा, आशुतोष शर्मा, पुरूषोत्तम मिश्रा, गुरूदयाल सिंह, वैद्यनाथ शर्मा, प्रद्युमन कुमार यादव, संतोष कुमार श्रीवास्तव, उदय शंकर पटेल, विमलेश तिवारी, शारीफ रंगरेज, राकेश कुमार सिंहा, मो0 शाहनवाज, सिद्धार्थ क्षत्रिय, नीतू सिंह निषाद, निधि पाण्डेय, अरूणा सिंह, सुनील कुमार सिंह, मृणाल अनामय, राहुल पासवान, राज छविराज।




आलोक कुमार

कैटेचिस्ट का ग्रेजुएशन सेरेमनी संपन्न

 



कैटेचिस्ट का ग्रेजुएशन सेरेमनी संपन्न 


पटना. नव ज्योति निकेतन में मंगलवार को प्रशिक्षित धर्मप्रचारकों (कैटेचिस्ट) का ग्रेजुएशन सेरेमनी संपन्न हुआ.इस अवसर पर मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष कैजिटन फ्रांसिस ओस्ता ने पवित्र मिस्सा अर्पित किये.उनके साथ बक्सर धर्मप्रांत के तीन पुरोहित सर्वश्री फादर एल्विन एसजे, फादर अनिल और फादर भास्कर बोज्जा थे.

   बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा ने कहा कि विभिन्न धर्मप्रांतों के 24 प्रशिक्षित धर्मप्रचारकों (कैटेचिस्ट) को प्रमाण पत्र दिया गया.इसमें 4 विभिन्न धर्मसमाज की सिस्टर भी थीं. 20 पुरुष थे.उसमें एक जमशेदपुर धर्मप्रांत से बसंती और मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत की सिस्टर थीं.उन्होंने कहा कि बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली के शैलेश कुमार भी है.

       फादर भास्कर बोज्जा ने कहा कि तीन माह का धर्मप्रचारकों का प्रशिक्षण कोर्स है. नव ज्योति निकेतन के फादर माइकल प्रशिक्षक हैं.धर्मप्रचारकों का मूल्यांकन हर महीने नव ज्योति निकेतन में होता है. इसमें सफल होने पर ही प्रमाण पत्र दिया जाता है.


आलोक कुमार

यूपीए की राह पर चलकर 1000 रू.देने की घोषणा कर दी


* ईपीएस के तहत छह करोड़ से अधिक अंशधारक और 75 लाख पेंशनभोगी लाभार्थी आते हैं

* उच्चतम न्यायालय के द्वारा 4 अक्टूबर, 2016 और 4 नवंबर, 2022 के फैसलों के अनुरूप वास्तविक वेतन पर पेंशन भुगतान करने की मांग

पटना.जब से ईपीएस-95 लागू है,तब से पेंशन में बढ़ोतरी नहीं की गयी है.महामारी कोरोना के समय भी सरकार को तरस बुर्जुगों के उपर नहीं आयी.मजे की बात है कि केंद्र में 2014 में यूपीए की सरकार थी.यूपीए सरकार ने न्यूनतम 1000 रू.पेंशन देने की मन बना ली थी.जिसका विरोध बीजेपी के द्वारा कहा गया कि कम से कम 3000 रू.न्यूनतम पेंशन देनी चाहिए थी.2014 में ही चुनाव होने के बाद एनडीए की सरकार बनी.तो सरकार ने


यूपीए की राह पर चलकर 1000 रू.देने की घोषणा कर दी.जो 9 साल से जारी है.

 इस संदर्भ में ईपीएस-95 पेंशनर्स ने रक्षामंत्री को ज्ञापन सौंप कर जल्द पेंशन बढ़ोतरी की मांग की है. ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाकात कर न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और फ्री मेडिकल सुविधा की मांग की. राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर ने बताया कि लाखों ईपीएस-95 पेंशनर्स में गुस्सा है, जिसका असर चुनाव पर पड़ेगा. इसलिए पेंशन बढ़ोत्तरी पर फैसला तत्काल हो.रक्षामंत्री ने आश्वासन दिया की पेंशन बढ़ोतरी और फ्री मेडिकल सुविधा के मुद्दे पर वह श्रम मंत्री से बात कर ठोस कार्रवाई कराएंगे. प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय महामंत्री राजशेखर नागर, राज्य समन्वयक उमाकांत सिंह, प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिलीप पांडे के अलावा जयराम वर्मा व संजय मिश्रा मौजूद रहे.

   राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) के संयोजक अशोक राउत ने बयान में कहा, ‘‘हमारी मांगें लंबे समय से लंबित है. हम अपनी मांगों के समर्थन में देश और प्रदेश में आंदोलन करते रहे हैं.मगर सरकार नहीं मान रही है.जिसके कारण प्रत्येक दिन 200 की संख्या में बुर्जुग मर रहे हैं.

  उन्होंने विरोध-प्रदर्शन का ब्योरा देते हुए कहा, राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीफसी) कार्यालय के सामने भूख हड़ताल की गयी. बारी-बारी से यह भूख हड़ताल सात अगस्त तक चली.मांगे पूरी नहीं होने पर उसके बाद आमरण अनशन किया गया. साथ ही आठ अगस्त से देशभर के लाखों पेंशनभोगी (ईपीएस 95 के अंतर्गत आने वाले) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन/रास्ता रोको अभियान चलाया.

   एनएसी के तहत आंदोलन कर रहे पेंशनभोगी ईपीएफओ की कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस-95) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये मासिक करने के साथ महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं. साथ ही ईपीएस-95 पेंशन भोगियों को उच्च पेंशन का विकल्प देने, सभी ईपीएस-95 पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने समेत अन्य मांग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार अन्य पेंशन योजनाएं सुचारू रूप से चला रही है लेकिन ईपीएस-95 पेंशन भोगियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.’’

   उल्लेखनीय है कि ईपीएस- 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है. वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है.इसके अलावा पेंशन कोष में सरकार 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है. अभी इस योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये मासिक मिलती है.

  राउत का दावा है, ‘‘ 30 - 30 साल काम करने और ईपीएस आधारित पेंशन मद में निरंतर योगदान करने के बाद भी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में अधिकतम 2,500 रुपये ही मिल रहे हैं. इससे कर्मचारियों और उनके परिजनों का गुजर - बसर करना कठिन है. ’’


आलोक कुमार

राजाओं का राजा घोषित करने के लिए बेतियान्वी बेतिया की सड़कों पर उतरे

बेतिया में रोमन कैथोलिकों ने निकाली कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा

राजाओं का राजा घोषित करने के लिए बेतियान्वी बेतिया की सड़कों पर उतरे  

चर्च का घंटा बजता रहा और चर्च में आने लगे

 बेतिया. बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली में रविवार को कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा समारोह मनाया गया. इस अवसर पर पूरे ईसाई मोहल्ले की सड़कों को रंग-बिरंगे झंडी, गुब्बारें, फूलों से सजाया गया. कुछ जगहों पर तोरण द्वार भी बनाया गया था. सभी ईसाई परिवार अपने-अपने घर के सामने येसु ख्रीस्त की बेदी बनाये.

 बेतिया पल्ली के लोग नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड वर्जिन मेरी चर्च में पहुंचे लगे.कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा निकालने के समय में चर्च का घंटा घनघना लगा.लोग दो के कतार में लग कर आगे बढ़ने लगे. धरती- अंबर के राज राजेश्वर तेरी जय जयकार, येसु ख्रीस्त राजा तेरा राज्य आवे, परमेश्वर की महिमा हो... जयघोष करने लगे.कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा में सबसे आगे क्रूस व मोमबत्ती लेकर बेदी सेवक चल रहे थे. उनके बाद बच्चे, महिलाएं और धर्मबहन माला बिनती करती, भजन गीत गाती हुई चल रही थी. सिस्टर के पीछे सक्रामेंट के आदर में फूल छिटती फ्लावर गर्ल, गार्ड ऑफ ऑनर देती हुई झंडा लेकर युवतियां कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा में शामिल थी.

कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा में बेतिया धर्मप्रांत के बिशप सेबेस्टियन पीटर गोवेस,बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडिस,सलाहकार समिति के सदस्य माइकल जेम्स,गोडेन अंथोनी ठाकुर,पीटर इग्नासियुस आदि लोग शामिल थे.

आलोक कुमार


Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...