भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज पुण्य तिथि

 


पटना. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज पुण्य तिथि है. इस दिन यानी 21 मई को हर साल आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है. साल 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी सभा के दौरान लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के एक आत्मघाती हमलावर द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी. आत्मघाती हमलावर ने एक बेल्ट बम चलाया था, जिसमें राजीव गांधी समेत कई लोग मारे गए थे.

       इस अवसर पर बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस द्वारा 21 मई,2025 को मध्याह्न 12.00 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया है.मौके पर कांग्रेस के बिहार प्रभारी श्री कृष्णा अल्लावारू जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजेश राम जी एवं कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान जी के अलावे कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण एवं युवा कांग्रेस के पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहेंगे.

आलोक कुमार

जिससे फैन दिग्वेश राठी को जानने और पहचानने लगे हैं

अपने 'नोटबुक' में दिग्वेश राठी एंट्री का इशारा करते हैं

तब आउट होने वाले प्लेयर को विदाई देते हैं

जिससे फैन दिग्वेश राठी को जानने और पहचानने लगे हैं


लखनऊ.लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर दिग्वेश राठी चर्चा में हैं.अब तक उन्होंने टूर्नामेंट के 12 मैचों में खेलते हुए 8.18 के शानदार इकॉनमी रेट के साथ 14 विकेट झटके हैं.उसके बाद झटके विकेट को अपने 'नोटबुक' में एंट्री का इशारा करते हुए विदाई देते हैं.जिससे फैन दिग्वेश राठी को जानने और पहचानने लगे हैं.

   लखनऊ सुपर जायंट्स के दिग्वेश राठी खिलाड़ी हैं. जो पहली बार आईपीएल खेल रहे हैं.इससे पहले शायद ही कोई क्रिकेट फैन उनको जानता था लेकिन इस एक मौके को राठी ने ऐसे भुनाया कि अब उन्हें हर खिलाड़ी, हर फैन और सभी 10 आईपीएल टीमें याद रखेंगी.

    दिग्वेश राठी को आईपीएल 2025 के लिए पिछले साल दिसंबर में आयोजित हुई खिलाड़ियों की बड़ी नीलामी के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स टीम ने उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में खरीदा था.वह इस टूर्नामेंट के सबसे सस्ते खिलाड़ियों में से एक हैं.

   लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम अब आईपीएल 2025 प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है लेकिन राठी ने बाहर होने से पहले भी हैदराबाद के खिलाफ मैच में दो अहम विकेट लेकर सबका दिल जीत लिया.अब तक उन्होंने टूर्नामेंट के 12 मैचों में खेलते हुए 8.18 के शानदार इकॉनमी रेट के साथ 14 विकेट झटके हैं.उनका बेस्ट प्रदर्शन 30 रन देकर 2 विकेट रहा है. अभी लखनऊ के 2 मैच और बाकी हैं और राठी इन बाकी मैचों में अपने विकेटों की संख्या और बढ़ाने का प्रयास करेंगे.

आलोक कुमार 

दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

पटना .आज प्रगति भवन पटना में आवासीय भूमिहीन महिलाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने हिस्सा लिया.

       आवासीय भूमिहीन महिलाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दरम्यान प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता कंचन बाला ने महिलाओं के भूमि अधिकार के संदर्भ में मुद्धा उठाते हुए कहा कि आज की दौड़ में महिला को सशक्त होना और आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है.खासकर ग्रामीण परिवेश में रहने वाले भूमिहीन दलित महिलाएं जो खेतिहर मजदूर हैं उनको अपने घर की जमीन की बहुत जरूरी है क्योंकि जमीन ना सिर्फजीने का साधन है बल्कि जमीन इंसान के अस्तित्व और पहचान का प्रतीक भी है. यह सर्वविदित है कि हमारी पहचान हमारी जमीन से ही होती है और महिलाओं पर अत्याचार रोकने में जमीन की हकदारी बहुत जरूरी  है .

            सामाजिक कार्यकर्ता कंचन बाला ने  कहा कि जमीन हमें इज्जत देती है जमीन हमें बराबरी का दर्जा देती है और जमीन हमारे अस्तित्व को समझ में बनती है. इसलिए सरकार को चाहिए की सही ढंग से बिहार का भूमिहीन परिवारों का सर्वेक्षण करा कर वैसे परिवार जिनके पास आवास की भूमि नहीं है उन्हें जमीन आवंटित करें .और इसके साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास और शौचालय भी उपलब्ध कारण हाल ही में सरकार द्वारा कराए गए. सर्वे में पता चला है की बिहार में एक करोड़ परिवार के पास पक्का घर नहीं और 38 लाख परिवार आवासीय भूमिहीन है.

   प्रमुख समाजसेवी प्रदीप प्रियदर्शी ने कहा की हमारा संगठन पिछले कई वर्षों से महिलाओं के भूमि अधिकार को लेकर लगातार अभियान चला रहा है कुछ हद तक सफलता भी मिली है लेकिन सरकार की ओर से नियमित रूप से अभियान बसेरा को नहीं चलाई जाने के कारण आज भी लाखों परिवार भूमिहीन हैं यदि हम सब मिलकर अभियान चलाएंगे तो जरूर सफलता मिलेगी

      सम्मेलन में पटना के प्रख्यात महिला नेत्री मंजू डूंगडूंग ,शिवकुमार ठाकुर, रिंकी कुमारी, नरेश मांझी सहित कई बुद्धिजीवी और संगठन के लोग मौजूद थे.


आलोक कुमार

पहला आईपीएल खिताब जीता था राजस्थान रॉयल्स

 


पटना.वर्ष 2008 में पहला आईपीएल खिताब जीता था राजस्थान रॉयल्स ने लेकिन उसके बाद से यह टीम इस खिताब के लिेए तरस रही है. वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद की टीम भी वर्ष 2016 में सिर्फ एक बाद आईपीएल की ट्रॉफी उठा पाई है. हालांकि इस टीम ने आईपीएल में काफी बाद में प्रवेश किया. पहले हैदराबाद की टीम का नाम डेक्कन चार्जस हैदराबाद था, जिसने वर्ष 2009 में यह ट्रॉफी जीती थी.  बाद में इसका प्रबंधन बदल गया. इसके अलावा कोलकाता की टीम भी वर्ष 2012 और वर्ष 2014 में यह खिताब जीत चुकी है. इसके बाद नंबर आता है चेन्नई सुपरकिंग्स का. चेन्नई का प्रदर्शन इस मामले में काफी अच्छा रहा है. चेन्नई की टीम वर्ष 2010, 2011 और वर्ष 2018 में यानी की तीन बार आईपीएल विजेता बनी है. इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम आता है मुंबई का. मुंबई इंडियन्स की टीम ने वर्ष 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की है. कुल पांच बार खिताब मुंबई के नाम रहा है,.


आलोाक कुमार


लैला कबीर को भावभीनी श्रद्धांजलि

लैला कबीर को भावभीनी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली.किसान संघर्ष समिति द्वारा यह सूचित किया जाता है कि श्रीमती लैला कबीर अब हमारे बीच नहीं रहीं. कैंसर से वे लंबे समय से पीड़ित थीं. उनकी अंत्येष्टि आज, 16 मई 2025 को सुबह 11ः30 बजे ग्रीन पार्क क्रिमेटोरियम, नई दिल्ली में संपन्न होगी.

   लैला कबीर जी एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता थीं और रेड क्रॉस से लंबे समय तक जुड़ी रहीं. उन्होंने अपने अंतिम समय तक सामाजिक कार्यों में सक्रियता के साथ योगदान दिया.मेरी उनसे पहली मुलाकात तब हुई थी, जब मैं दिल्ली पी एच डी के लिए आया और वे 26-तुगलक क्रिसेंट में रहती थीं। जॉर्ज फर्नांडिस जी की पत्नी के रूप में उनसे समय-समय पर मुलाकात होती रही.

    जब जॉर्ज साहब गंभीर रूप से बीमार हुए, तब लैला जी ने कई वर्षों तक उनकी अथक सेवा की.जॉर्ज फर्नांडिस जी का निधन लैला कबीर जी के  पंचशील पार्क स्थित निवास पर ही हुआ था, और जॉर्ज फर्नांडिस का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए पंचशील पार्क में रखा गया था.उल्लेखनीय है कि जॉर्ज फर्नांडिस और लैला कबीर की शादी 22 जुलाई 1971 को हुई थी.तब में रेड क्रॉस में असिस्टेंट डायरेक्टर थीं.उनके पिता  हुमायूं कबीर देश के पहले शिक्षा मंत्री थे. 25 जून 75 को इमरजेंसी लगाए जाने वाले दिन आप और जॉर्ज फर्नांडिस उड़ीसा में थे.वहां से भेष बदल कर जॉर्ज निकल गए.लैला बेटे के साथ अमेरिका चली गई.22 महीने बाद जब आपातकाल समाप्त हुआ तब लौटीं.

    इस बीच में जॉर्ज फर्नांडिस राजनीति में व्यस्त रहे. जब उनकी बीमारी बढ़ गई तब फिर से लैला जी ने उन्हें आजीवन सम्हाला.जॉर्ज फर्नांडिस और लैला कबीर जी का एक पुत्र शीन फर्नांडिस( शांतनु ) है ,जो अमेरिका में रहता है.वह अंत्येष्टि के लिए दिल्ली पहुंच चुका है. पिछली बार जॉर्ज साहेब के देहांत के समय मुलाकात हुई थी आज फिर होगी. हम लैला कबीर जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं.


आलोक कुमार


रोमन कैथोलिक चर्च का इतिहास 103 साल पुराना

 

रोमन कैथोलिक चर्च का इतिहास 103 साल पुराना
लचरागढ़ चर्च की स्थापना 1922 में की गयी थी
सिमडेगा. सिमडेगा में कोलेबिरा प्रखंड के लचरागढ़ स्थित रोमन कैथोलिक चर्च का इतिहास 103 साल पुराना है. लचरागढ़ चर्च की स्थापना 1922 में की गयी थी. इसके बाद से लगातार लचरागढ़ में चर्च स्थापित कर विश्वासी विनती आराधना कर रहे हैं. लचरागढ़ चर्च के पहले पल्ली पुरोहित फादर होरनी थे. उनके कार्यकाल में चर्च का निर्माण शुरू किया गया था. बताया जाता है कि लचरागढ़ पल्ली की जमीन नारोडेगा लुगून पुरखों की देन है. लुगून पुरखों द्वारा ही लचरागढ़ पल्ली चर्च के लिए जमीन दी गयी थी. लचरागढ़ पल्ली में अब तक 24 पुरोहितों ने योगदान दिया है. कई साल बीतने के बाद लचरागढ़ को 90 के दशक में भिखारिएट बनाया गया. शुरुआती दिनों में कुटुगिया, बांकी, जीतू टोली, बरवाडीह, जलडेगा भी इस पल्ली के अंग थे. बाद में इन सभी स्थानों को बारी-बारी से पल्ली का दर्जा दिया गया. पहले पल्ली पुरोहित फादर होरनी लचरागढ़ में एक मार्च 1923 को आये थे. लचरागढ़ आते उन्होंने मिट्टी की दीवार से चर्च का निर्माण कराया. उस समय खीस्तीयों की संख्या 3945 थी. 1200 लोग धर्म सीखने आते थे. उनके कार्यकाल के दो वर्षों में 25 गांवों में गिरजाघर की शुरुआत हुई. वर्तमान में चर्च में 8233 परिवार विनती आराधना करते हैं. पल्ली पुरोहित डीन फादर एरिक जोसेफ कुल्लू , फादर अलोइयस तिर्की, फादर बेंजामिन केरकेट्टा, फादर पीटर बरला, फादर अलबिनुस केरकेट्टा, फादर क्लेमेंटे लकड़ा ने बताया कि लचरागढ़ रोमन कैथोलिक चर्च का इतिहास काफी पुराना है. वर्तमान में कैथोलिक सेवा समिति के अध्यक्ष अलबिनुस लुगून, उपाध्यक्ष जोसेफ सोरेंग, सचिव एडविन केरकेट्टा, उप सचिव प्रवीण लुगुन, कोषाध्यक्ष शिलानंद बागे की देख-रेख में चर्च का संचालन हो रहा है. आलोक कुमार

सामाजिक सरोकारों से जुड़े राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा

 


सामाजिक सरोकारों से जुड़े राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा

बिहार में भूमि सुधार के लिए कटिबद्ध एकता परिषद की ओर से पिछले 25 वर्षों में किए गए प्रयासों से महामहिम  को अवगत कराया

आवास भूमि अधिकार कानून बनाने की मांग की

पटना .एकता परिषद बिहार प्रदेश की ओर से पांच सदस्य प्रतिनिधि मंडल बिहार के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिला और बिहार में भूमि सुधार के लिए एकता परिषद की ओर से पिछले 25 वर्षों में किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी और इसके साथ जनहित के आठ सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपा.

             बिहार में 5.84 लाख गैर कृषि भूमिहीन एवं भूमिहीन परिवारों में प्रत्येक परिवार की महिला को 10 डिसमिल आवास भूमि आवंटित करने की मांग की गई है और इसके लिए आवास भूमि अधिकार कानून बनाने की मांग की शामिल है.

           बिहार में भूमि हदबंदी कानून में संशोधन कर एक सीमा निर्धारित करने की भी मांग की गई है,इसके अलावा इस मांग पत्र में भूमि सुधार आयोग के अध्यक्ष डी बंदोपाध्याय आयोग की सिफारिश को लागू करने, वन अधिकार कानून को लागू करने, बटाईदारी कानून को लागू करने भू-हदबंदी से जुड़े मामलों को त्वरित निष्पादन के लिए एक विशेष अदालत का गठन करने की मांग की गई है.

            एकता परिषद के प्रतिनिधिमंडल में  वरिष्ठ साथी प्रदीप प्रियदर्शी , एकता महिला मंच की नेत्री मंजू डुंगडुंग, एकता परिषद मुजफ्फरपुर के जिला संयोजक राम लखींद्र प्रसाद,एकता परिषद गया के जिला संयोजक अनिल पासवान,एकता परिषद पटना जिला के संयोजक शिवकुमार ठाकुर शामिल रहे.

               माननीय राज्यपाल महोदय ने एकता परिषद के प्रतिनिधियों से गंभीरता पूर्वक उनकी बातों को सुना और इस पर तुरंत कार्रवाई करने और सरकार के संबंधित विभाग को निर्देश देने का आश्वासन दिया.


आलोक कुमार 

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...