भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय का गेट तोड़कर अंदर घुस गए थे. भाजपा कार्यकर्ताओं पर गाड़ियों में तोड़फोड़ का भी आरोप है. झड़प में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चोट आने की भी जानकारी है.

   

 पटना. इन दिनों बिहार में वोटर अधिकार यात्रा जारी है. गत दिनों राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित रूप से अपशब्द कहे जाने के मामले ने शुक्रवार को पटना में हिंसक मोड़ ले लिया.बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी शुरू की. जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता भी आक्रामक हो गए और देखते ही देखते दोनों दलों के बीच झड़प शुरू हो गई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहे जाने के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटना में कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता भिड़ गए. कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच लाठी युद्ध हो गया. दोनों पक्षों की तरफ से जमकर डंडे चले जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है

राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से संबंधित एक मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत मां के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विरोध में भाजपा द्वारा पटना में मार्च निकाला गया था. भाजपा कार्यकर्ताओं ने दरभंगा में नारे लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम तक मार्च निकाला. इसी दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई.

  कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने पटना में पार्टी की बिहार इकाई के कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि सत्य और अहिंसा के आगे, असत्य और हिंसा टिक ही नहीं सकते तथा कांग्रेस सत्य एवं संविधान की रक्षा करती रहेगी.


आलोक कुमार


शैक्षणिक कैंपस का भगवाकरण कर रही है केंद्र सरकार: शाश्वत शेखर

*लोकतांत्रिक विरोध में हिंसा का कोई स्थान नहीं: एनएसयूआई

*एनएसयूआई के लोकतांत्रिक विरोध पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया तानाशाही पूर्ण व्यवहार*

*छात्रों की समस्या को सुनने की जगह गुंडों से मारपीट करवाते हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री: शाश्वत शेखर

*शैक्षणिक कैंपस का भगवाकरण कर रही है केंद्र सरकार: शाश्वत शेखर


पटना. बिहार के दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने छात्र हितों की खिलाफत करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को काला झंडा दिखाया था जिसके बाद भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े गुंडों ने उनके ऊपर कायरता हमला कर दिया था. इसमें प्रदर्शनकारी एनएसयूआई के छात्र नेताओं की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से छात्र हित में कदम उठाने की मांग थी जिसे किनार करते हुए लोकतांत्रिक विरोध को गुंडों के बल पर दबाने का काम किया गया। ये बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काला झंडा दिखाने वाले एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक शाश्वत शेखर ने कही.

एनएसयूआई नेता शाश्वत शेखर ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग में व्याप्त कुव्यवस्था को खत्म किया जाए और स्वच्छ परीक्षा का आयोजन किया जाएं।.पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए, छात्रावासों, लैब को दुरुस्त और प्लेसमेंट सेल को प्रभावी बनाने की मांग हमने की है। वहीं बिहार के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बिहार के युवाओं को शोध और शैक्षणिक गैर शैक्षणिक नौकरी में मौका दिया जाएं. साथ ही विश्वविद्यालय कैंपस पर आरएसएस के लोगों के द्वारा व्याप्त एकाधिकार को समाप्त किया जाए और नियुक्तियों में आरएसएस के छात्र संगठनों के लोगों की एकतरफा बहाली को अविलंब रोका जाएं.
उन्होंने मांग की है कि बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में आरएसएस से जुड़े कुलपतियों और शिक्षकों की बहाली धड़ल्ले से जारी है. इस पर अविलंब रोक लगाया जाए.
इन्हीं मुद्दों के खिलाफ एनएसयूआई लगातार संघर्ष करती आ रही है और जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री स्टूडेंट कॉन्क्लेव के नाम पर पटना आए थे तो उन तक अपनी बात पहुंचाने हम पहुंचे थे लेकिन वहां भाजपा संगठन से जुड़े लोगों ने लोकतांत्रिक विरोध प्रक्रिया को तानाशाही तरीके से मारपीट कर दबाने का काम किया. यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा.एनएसयूआई पूरे बिहार में अपने शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर बेहतर शैक्षणिक माहौल और छात्रों को नौकरियों में अवसर प्रदान करने को संघर्ष करती रहेगी.
           पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी प्रकाश तिवारी ने कहा कि एनएसयूआई छात्र हितों के वाजिब मांगों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पास पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया लेकिन छात्रों के भलाई के विरोधी लोगों ने दमनात्मक तरीके से इस मामले को कुचलने का प्रयास किया इसमें हमें गंभीर चोट भी आई लेकिन एनएसयूआई ऐसे तानाशाही संगठनों के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी. विश्वविद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ हम लगातार लड़ते रहेंगे.

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट पंकज यादव ने कहा कि गांधी संग्रहालय के सामने गांधीवादी तरीके से एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत छात्र हितों में अपना विरोध दर्ज कराया लेकिन गोडसेवादी मानसिकता के लोगों ने अपनी तानाशाही रवैये से दमनात्मक व्यवहार कर हिंसक रूप से छात्र नेताओं के साथ व्यवहार किया जिसकी हम कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं.

आलोक कुमार

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असहायों के बीच राहत की किरण बने मुखिया राज कुमार भारती

 असहायों के बीच राहत की किरण बने मुखिया राज कुमार भारती


समेली.कटिहार के समेली प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज मलहरिया में मुखिया राज कुमार भारती ने सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए करीब 400 असहाय वृद्धजनों, विकलांगजनों और घुटने-कमर-कान की बीमारी से पीड़ित परिवारों के बीच बहुमूल्य कीट का वितरण किया.

       यह वितरण पंचायत के वार्ड संख्या 1 से 9 तथा 11, 12 और 13 में किया गया. इस अवसर पर व्हीलचेयर, घुटने व कमर का बेल्ट, कान की मशीन, स्टिक-छड़ी आदि उपकरण बड़े पैमाने पर वितरित किए गए.

       मुखिया भारती ने बताया कि वितरण से पहले पंचायत का सघन सर्वेक्षण कराया गया था, जिसमें पाया गया कि अधिकांश वृद्धजन और दिव्यांगों चलने-फिरने में असमर्थ हैं या गंभीर रोगों से जूझ रहे हैं.इसी आधार पर वयोश्री योजना (आसरा), भारत सरकार की मदद से यह पहल की गई.

        कार्यक्रम के दौरान मुखिया ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका लक्ष्य है कि पंचायत के 1000 पीड़ित परिवारों तक इस तरह की सहायता पहुँचे.

        इस वितरण कार्यक्रम में सरपंच प्रभाष कुमार मंडल, उप मुखिया चंदन कुमार, वार्ड सदस्य लुशी कुमारी, प्रीति कुमारी, वार्ड प्रतिनिधि चंदन रविदास, बबलू कुमार, पंच लुचाय मंडल, सोमिजा खातून समेत कई जनप्रतिनिधि सक्रिय रहे.

     ग्रामीणों और लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता का नजारा इस बात का प्रमाण था कि यह पहल उनके जीवन में राहत और उम्मीद की किरण लेकर आई है.

आलोक कुमार


मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त, 1910 को हुआ है

मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त, 1910 को हुआ है

उसकी 115 वीं जन्म जयंती है


कोलकाता . सर्वप्रथम मदर टेरेसा अपने पल्ली में एक जेसुइट पादरी द्वारा संचालित सोडालिटी नामक एक युवा समूह में शामिल हुईं और इसी में उनकी भागीदारी ने उन्हें एक मिशनरी नन के रूप में सेवा करने के लिए प्रेरित किया.

   वह 17 साल की उम्र में लोरेटो की सिस्टर्स में शामिल हो गईं और उन्हें कलकत्ता भेज दिया गया जहाँ उन्हें एक हाई स्कूल में पढ़ाया.उन्हें टीबी हो गया और उन्हें दार्जिलिंग में आराम करने के लिए भेज दिया गया. दार्जिलिंग जाने वाली ट्रेन में ही उन्हें बुलावा आया - जिसे उन्होंने ईश्वर का "आदेश" कहा कि कॉन्वेंट छोड़कर गरीबों के बीच काम करना और रहना है.

     उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि उन्हें ननों का एक संघ स्थापित करना है, या यह भी नहीं पता था कि उन्हें कहाँ सेवा करनी है. ट्रेन में बिताए उस पल को याद करते हुए उन्होंने एक बार कहा था, "मुझे पता था कि मेरा स्थान कहाँ है, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि वहाँ कैसे पहुँचना है."

आलोक कुमार


बीमा क्लेम विवाद पर अदालत सख्त, नेशनल इंश्योरेंस की संपत्तियों की कुर्की का आदेश

 बीमा क्लेम विवाद पर अदालत सख्त, नेशनल इंश्योरेंस की संपत्तियों की कुर्की का आदेश


नई दिल्ली. सात वर्षों से लंबित बीमा दावे के मामले में अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए संपत्ति कुर्की का वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. यह मामला 018 से पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली में लंबित था.

     वादी सुचिता डेविड, निवासी ए-ब्लॉक हट्स, धोबी घाट, किरबी प्लेस, नई दिल्ली, ने वाहन संख्या DL-ILS-5501 के लिए बीमा पॉलिसी संख्या 35101031176340031147 के तहत नेशनल इंश्योरेंस से बीमा कराया था। पॉलिसी 03 अप्रैल 2017 से 02 अप्रैल 2018 तक वैध थी. 23 जून 2017 की सुबह अकबर रोड, जिमखाना क्लब गोलचक्कर के पास उक्त वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया,वादी के अनुसार, वाहन का बीमा घोषित मूल्य ₹2,05,000/- था और दुर्घटना के बाद इसे मरम्मत से परे माना गया.

    बीमा कंपनी से क्लेम न मिलने पर वादी ने 26 अप्रैल 2018 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद सुचिता डेविड ने 06 जुलाई 2018 को सिविल वाद (CS SCJ No. 875/2018) दायर किया. 08 दिसंबर 2023 को सीनियर सिविल जज, पटियाला हाउस कोर्ट ने कंपनी को ₹2,05,447/- राशि 9% वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया. लेकिन आदेश के बावजूद नेशनल इंश्योरेंस ने भुगतान नहीं किया.वर्तमान में वादी ₹2,20,477/- राशि के साथ 24% वार्षिक ब्याज की मांग कर रही है.

अदालत ने पाया कि आदेश पालन में जिला मजिस्ट्रेट भी विफल रहे हैं। अब निर्देश दिए गए हैं कि चल संपत्तियों की कुर्की का नया वारंट जारी किया जाए.1 जुलाई 2025 को बेलीफ नियुक्ति के लिए उपस्थित होने का निर्देश.19 अगस्त 2025 को अगली कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश.यह मामला भारतीय बीमा क्षेत्र में दावों के निपटान में देरी और आदेश अनुपालन की गंभीर समस्या को उजागर करता है.धारा 151 CPC (न्यायालय की अंतर्निहित शक्तियों) के तहत अदालत ने कुर्की की कार्रवाई का निर्देश दिया है.

कंपनी का आदेश पालन न करना अवमानना के दायरे में आ सकता है.यह केस उपभोक्ता संरक्षण कानूनों और बीमा अधिनियम, 1938 के तहत दावों के समय पर निपटान के महत्व को रेखांकित करता है.अगर नेशनल इंश्योरेंस आदेश का पालन नहीं करता, तो संपत्तियों की नीलामी और वादी का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अगली कार्यवाही और कठोर दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं.

आलोक कुमार

दुकान लगाने से सड़क अतिक्रमण हो जाता



पटना.पटना नगर निगम,दीघा थाना और दीघा हाट में दुकान सजाने वालों के साथ छतीस का रिश्ता बन गया है.कई दशक से पटना- बांस घाट- दानापुर मुख्य मार्ग के दीघा के आसपास मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बेरोजगार गरीब लोग दीघा हाट में दुकान सजाने का काम करते हैं. यहां सब्जी,फल और घरेलू सामान बेचते हैं.इन लोगों के द्वारा दुकान लगाने से सड़क अतिक्रमण हो जाता है.जिसके कारण जाम की स्थिति बन जाती है.
         बता दें कि पटना-  बांस घाट-  दानापुर मुख्य मार्ग के संपर्क में संत माइकल हाई स्कूल, हार्टमन हाई स्कूल,साईं शिवम पब्लिक स्कूल ,डॉन बोस्को एकेडमी, संत दोमनिक सावियों स्कूल के अलावे अन्य स्कूलों में 'साहब' लोगों के साहबजादे लोग पढ़ते हैं.जो स्कूल से घर और घर से स्कूल आते समय जाम में फंसकर बिलबिलाने लगते हैं.सभी स्कूलों का समय स्कूल लगने और छोड़ने का लगभग समान ही है.इन स्कूलों के पास लंबे और चौड़ी गाड़ी है.जो जाम को महाजाम बनाने में सहायक है.
     वहीं अधिकारियों की सरकारी गाड़ी और अधिकारियों के रौबदार चालक मनमर्जी से गाड़ी को पार्किंग कर रहे हैं.इन लोगों पर दीघा थाने की पुलिस व यातायात पुलिस का पुलिसिया कानून नहीं चलता है.इनका केवल दीघा हाट पर सब्जी,फल और घरेलू सामान बेचने पर पड़ता हैं.यहां सड़क अतिक्रमण कर दुकान सजाने वालों को सबक सिखाया जाती है.
           अब बताया जाता है कि दीघा थाना पुलिस और पटना नगर निगम के कर्मियों के बीच सांठगांठ हो गया है.सादे लिबास में आकर कुछ लोग दीघा हाट पर सब्जी बेचने वालों से कहा कि सरकार अन्यत्र दुकान बनाकर देगी. नाम,मोबाइल नंबर और पता लिखा लीजिए.ये लोग इस कहावत को जानकर भी अनजान बनकर लोभ में फंस गए."शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा" यह एक प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि "धोखा देने वाला, फंसाने वाला आएगा, जाल फैलाएगा". यह लोगों को आगाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है कि वे किसी के बहकावे में न आएं या किसी के जाल में न फंसें. यह अक्सर राजनीति या सामाजिक मुद्दों में इस्तेमाल होता है, जहां किसी को फंसाने या धोखा देने की कोशिश की जाती है.इसमें पचास से अधिक लोग फंस गए.अब उनको कोर्ट से जमानत लेने के लिए कहा जा रहा है.यहां तो दुकान चलाने का मसला है.जो दशकों से मांग की जाती है.
      इस बीच पटना नगर निगम ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है.इस बेतुका या अव्यावहारिक आदेश में कहा गया कि सुबह आठ बजे के बाद दीघा हाट की सभी दुकानों को बंद कर देना है.ऐसा नहीं करने पर मोटी रकम वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.जो  बिना सोचे-समझे जारी कर दिया जाता है, जिससे बड़ा नुकसान होता है और अक्सर उसे बाद में वापस लेना पड़ता है. 
       पटना- बांस घाट- दानापुर मुख्य मार्ग के दीघा के आसपास मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बेरोजगार गरीब लोग दीघा हाट में दुकान सजाने की मांग है कि सरकार हम लोगों को उपयुक्त जगह पर दुकान बनाकर दें.जिस दुकानदार पर केस किया गया है.वह केस वापस लिया जाए.

आलोक कुमार
           

तरीका चर्च में बार-बार विमर्श का विषय बनता रहा है

 


पटना. परमप्रसाद (पवित्र कम्युनियन) केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि यह वह क्षण है जब ईसाई अनुयायी स्वयं प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण करते हैं.यह संस्कार अनुयायियों को न केवल पवित्रता प्रदान करता है बल्कि उन्हें आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण करता है और परमेश्वर के निकट लाता है.इसी कारण, इसका महत्व और इसका तरीका चर्च में बार-बार विमर्श का विषय बनता रहा है.

       रोमन कैथोलिक परंपरा में पुरोहित “ख्रीस्त का शरीर और रक्त” कहकर लोकधर्मियों की जीभ पर कम्युनियन रखते थे.यह पद्धति पीढ़ियों से चली आ रही है और इसे प्रभु के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक माना गया.परंतु कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षा कारणों से प्रीस्ट ने कम्युनियन लोकधर्मियों के हाथ में देना आरंभ किया.अब जब महामारी का दौर थम चुका है, बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस ने पुराने तरीके को फिर से अपनाने का आदेश जारी किया है.उनके अनुसार पुरोहितों को लोकधर्मियों की जीभ पर ही परमप्रसाद रखना चाहिए.

      प्रसिद्ध प्रीस्ट और लेखक फादर जॉर्ज मैरी क्लैरेट ने भी अपने वीडियो संदेश में इसी बात पर बल दिया कि प्रभुभोज को ग्रहण करने का तरीका केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और अनुशासन का प्रश्न है.उन्होंने अनुयायियों से कहा कि यदि वे प्रभु भोज से अधिकतम आशीष प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें उचित तैयारी और सही तरीके से इसे ग्रहण करना चाहिए. उन्होंने बाइबिल के उस अंश की याद दिलाई जिसमें चेतावनी दी गई है कि यदि कोई प्रभु का शरीर और रक्त बिना पहचाने ग्रहण करता है, तो वह अपनी ही दण्डाज्ञा खाता और पीता है.

       यह सवाल आज भी प्रासंगिक है – कितनी बार हम लापरवाही में प्रभु को अपवित्र कर बैठते हैं? कितनी बार हमारे हाथों से परमप्रसाद गिरा और हम अनजाने में उसे पैरों तले रौंद देते हैं? यह केवल शारीरिक असावधानी नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अपराध भी है.

          इसी संदर्भ में यह बहस जरूरी हो जाती है कि “पवित्र कम्युनियन” को ग्रहण करने का सही तरीका क्या है.परंपरा कहती है कि इसे जीभ पर ग्रहण किया जाए, ताकि प्रभु के शरीर और रक्त की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे. आधुनिक परिस्थितियां हाथ में ग्रहण करने को सहज मानती हैं, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या सहजता के लिए पवित्रता से समझौता किया जा सकता है?

         अंततः, यह केवल किसी आदेश या नियम का पालन करने का विषय नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास की गहराई का प्रश्न है. परमप्रसाद तभी फलदायी होगा जब हम पूरे मन, आत्मा और विश्वास के साथ प्रभु को ग्रहण करें. यह संस्कार हमें यीशु के समान बनने और उनके जीवन-संदेश को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है.इसलिए आवश्यक है कि चर्च, पुरोहित और अनुयायी – तीनों इस संस्कार की पवित्रता और गरिमा की रक्षा करें.


आलोक कुमार


Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...