🔴 ताजा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

शपथ जोशुआ पीटर डि‘सूजा ले रहे हैं

पणजी.गोवा में मंगलवार को नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली. प्रोटेम स्पीकर गणेश गांवकर ने सभी 39 नव निर्वाचित विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. विधायकों ने कोंकणी, मराठी या अंग्रेजी भाषा में शपथ ली.शपथ ग्रहण करने के बाद सभी विधायकों ने एक साथ फोटो भी खिंचवाया. विधानसभा में सभी एक-दूसरे से बात करते हुए दिखाई दिए. इससे पहले सोमवार को नए सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई ने विधानसभा सत्र बुलाया था. श्रीधरन ने नवनिर्वाचित विधायक गणेश गांवकर को विधानसभा सत्र से पहले सोमवार को प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई थी.   

आठ गोवा विधानसभा के उनतीस विधायकों ने मंगलवार को पद की शपथ ली, आखिरी दिन जब पिछली गोवा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होना था. प्रोटेम स्पीकर ने सोमवार को राज्यपाल के समक्ष शपथ ली थी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के इस्तीफा देने के बाद, शनिवार 12 मार्च को राज्यपाल द्वारा सातवीं गोवा विधानसभा को भंग कर दिया गया था.

गोवा विधानसभा में कुल 19 नए चेहरे हैं, जो विधायी प्रक्रिया के लिए बिल्कुल नए हैं.इसके अलावा, चार विधायक पूर्व में गोवा विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं, जिनमें प्रोटेम स्पीकर गणेश गांवकर भी शामिल हैं.सत्रह विधायक निवर्तमान सातवीं गोवा विधानसभा का हिस्सा थे.कुल 39 विधायकों में से 19 ने अंग्रेजी में शपथ ली, 12 ने आधिकारिक भाषा कोंकणी में और 7 ने मराठी में शपथ ली. कुछ विधायक सूट में थे, कुछ ने बनियान में और कुछ ने शर्ट पहन रखी थी.

गोवा की आठवीं विधान सभा के पहले सत्र के प्रभावी रूप से शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत भारत के राष्ट्रगान के गायन के साथ हुई.इसके बाद स्पीकर ने जीत अरोलकर को शपथ लेने के लिए बुलाया, जो मंड्रेम से चुने गए थे.उन्होंने और पेरनेम के प्रवीण अर्लेकर दोनों ने अंग्रेजी में शपथ ली. डेलीलाह लोबो, रोहन खौंटे, रोडोल्फो फर्नांडीस, वीरेश बोरकर, राजेश फलदेसाई, प्रमोद सावंत, विजय सरदेसाई, दिगंबर कामत, वेन्जी वीगास, यूरी अलेमाओ और एल्टन डीश्कोस्टा ने कोंकणी में शपथ ली. यहां तक ​​​​कि निर्वाचित विधायक शपथ लेने के लिए अपनी पसंद की भाषा चुनने के लिए स्वतंत्र थे, कुछ शब्दों पर लड़खड़ाते हुए शब्दों में श्संविधानश् शब्द शामिल है, संभवतः घबराहट के कारण शपथ लेते समय.         

विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगंबर कामत ने दावा किया कि राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि बिना सरकार बने विधायकों को शपथ दिलाई गई है.इससे पहले शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दो विधायक दोपहिया वाहन से विधानसभा भवन पहुंचे थे.       राज्य में भले ही विधायकों का शपथ ग्रहण हो गया हो और 16 मार्च को विधानसभा का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा हो लेकिन अभी भी मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला नहीं हो सका है.

कार्यवाहक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि 39 विधायकों का शपथ ग्रहण हो चुका है. केंद्र से पर्यवेक्षक आने वाले हैं उनके आने के बाद हम चर्चा करेंगे और फिर विधायक दल के नेता पर निर्णय लिया जाएगा, फिर सरकार बनेगी.मैं आज दिल्ली जा रहा हूं। बता दें कि बीजेपी हाईकमान ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और एल मुरुगन को गोवा में पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.                                

बता दें कि गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 14 फरवरी को हुआ था और परिणाम 10 मार्च को घोषित किए गए थे.40 विधानसभा सीटों वाली गोवा में 20 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. लेकिन उसे बहुमत के लिए एक सीट और चाहिए.हालांकि पार्टी को तीन निर्दलीय विधायकों और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो विधायकों से बिना शर्त समर्थन के पत्र मिल चुके हैं. जबकि कांग्रेस, केवल 11 सीटें जीत सकी, जिसमें एक और सीट उसके गठबंधन सहयोगी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने जीती.


प्रोटेम स्पीकर श्री गणेश गांवकर जी की उपस्थिति में गोवा सचिवालय में शपथ की. शपथ जोशुआ पीटर डि‘सूजा ले रहे हैं. उन्होंने विधान सभा का सदस्य चुने जाने के बाद ईश्वर के नाम की शपथ ली, कि मैं उनके प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा.


आलोक कुमार

72 वर्षों में चौथी मदर जनरल हैं सिस्टर जोसेफ

*  केरल की नारी सिस्टर जोसेफ की मदर जनरल पद संभालने की तैयारी

* 72 वर्षों में चौथी मदर जनरल हैं सिस्टर जोसेफ  

कोलकाता.मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना 1950 में हुई.कोलकाता की माता मदर टेरेसा ने स्थापित की थी.मिशनरीज ऑफ चैरिटी में 1950 से 1997 तक मदर जनरल पद पर काबिज रही.अल्बानियाई मदर टेरेसा  रिकॉड 47 साल उक्त पद पर कर शानदार सेवाकार्य की.             

इसके बाद मदर जनरल सिस्टर निर्मला जोशी बनी.वे एक नेपाली मूल के हिंदू-ब्राह्मण परिवार में जन्मी थी. उनके पिता भारतीय सेना में अफसर थे.मदर जनरल पद 12 साल 1997 से 2009 तक सिस्टर निर्मला जोशी सेवाकार्य की.                          

इसके बाद तीसरे मदर जनरल सिस्टर सीनियर मैरी प्रेमा पियरिक बनी.जर्मनी की सिस्टर सीनियर मैरी प्रेमा पियरिक 2009 से 2022 मदर जनरल पद 13 साल रहकर सेवाकार्य की.   

मिशनरीज ऑफ चैरिटी की इन  त्रिमूर्ति मदर जनरल पद पर 72 साल तक सेवाकार्य करके एक    रोमन कैथोलिक धार्मिक कलीसिया को आगे बढ़ाती रही.मिशनरीज ऑफ चैरिटी में 2020 में, इसमें 5,167 धार्मिक बहनें शामिल थीं और 2012 तक 133 देशों में सक्रिय थीं.कलीसिया उन लोगों के लिए घरों का प्रबंधन करती है जो एचआईवी/एड्स , कुष्ठ और तपेदिक से मर रहे हैं. यह सूप किचन , डिस्पेंसरी, मोबाइल क्लीनिक, बच्चों और परिवार परामर्श कार्यक्रमों के साथ-साथ अनाथालय और स्कूल भी चलाता है. सदस्य शुद्धता, गरीबी और आज्ञाकारिता की शपथ लेते हैं , और एक चौथा प्रतिज्ञा भी करते हैं - "गरीब से गरीब व्यक्ति को पूरे दिल से मुफ्त सेवा" देने के लिए.                                                                

अब भारतीय नारी को 2022 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी को मदर जनरल बनाया गया है.वह केरल की रहने वाली सिस्टर जोसेफ हैं.स्वागत है नव घोषित मदर जनरल सिस्टर जोसेफ.मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सूत्रों के अनुसार, चुनाव 13 मार्च को पूर्वी भारत के कोलकाता में मण्डली मुख्यालय-मदर हाउस में हुआ था.वर्तमान में, सिस्टर जोसफ कलीसिया के केरल क्षेत्र, दक्षिण में श्रेष्ठ हैं.              

मदर जनरल सिस्टर जोसेफ के बनते ही केरल में हर्ष व्याप्त है.आपके कंधे पर संत टेरेसा,  सिस्टर निर्मला जोशी और सिस्टर सीनियर मैरी प्रेमा पियरिक के शानदार सेवाकार्य को आगे रफ्तार देना है.

मदर टेरेसा अपने काम के लिए विश्व प्रसिद्ध हुईं. सितंबर 1997 में उनकी मृत्यु हो गई और पोप फ्रांसिस ने उन्हें 2016 में कोलकाता की सेंट टेरेसा के रूप में विहित किया.

आलोक कुमार

कुर्जी पल्ली के भक्तगणों की उपस्थिति में कुर्जी पल्ली को एम्बुलेंस प्रदान किया गया






























कुर्जी पल्ली परिसर में रविवार 13 मार्च 2022 को सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय के द्वारा एम्बुलेंस उपहार में देते वक्त बोलती तस्वीर

पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा, कुर्जी पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर पायस प्रशांत माइकल ओस्ता,फादर डेनिस,फादर राजीव रंजन

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह, अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के महासचिव एस.के.लाॅरेंस, कुर्जी पल्ली परिषद के पूर्व सचिव गाब्रिएल जोन,सुशील लोबो,आलोक बेसरा, शालिनी

पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय,राजकुमार,भाई धर्मेंद्र, विक्टर फ्र्रांसिस, मुकेश यादव,अजय फ्रांसिस

कुर्जी पल्ली के भक्तगणों की उपस्थिति में कुर्जी पल्ली को एम्बुलेंस प्रदान किया गया


 आलोक कुमार

डिप्टी मेयर रजनी देवी ने फीता काटकर एम्बुलेंस को जनता के हवाले कर दी

 पटना.आज रविवार का ऐतिहासिक दिवस है. कुर्जी पल्ली के कतिपय लोगों के प्रयास से और जनवकालत करने से सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय के द्वारा  कुर्जी पल्ली को एम्बुलेंस उपहार में मिला है. इसके साथ ही बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया की तरह ही पटना धर्मप्रांत की कुर्जी में भी एम्बुलेंस उपलब्ध हो गया है.आज पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा ने प्रार्थना कर एम्बुलेंस पर पवित्र जल का छिड़काव किया.मौके पर उपस्थित पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी ने फीता काटकर एम्बुलेंस को जनता के हवाले कर दी.

बताते चले कि सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय दानवीरों की श्रेणी में आ गये हैं.हर मौके पर लोगों की सहायता में लगे रहते हैं.वह चाहे महामारी कोरोना हो. बरसात हो,जाड़ा मौसम हो,यानी सेवा करने में लगे रहते हैं. उन्हीं के सौजन्य से एम्बुलेंस मिला है. 

इस अवसर पर पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा आकर एम्बुलेंस पर पवित्र जल का छिड़काव किया.प्रार्थना की एम्बुलेंस में सवार होने वाले घर से सुरक्षित जाएं और वहां से सुरक्षित आएं। कुर्जी पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर प्रशांत ने कहा कि बहुत ही हर्ष की बात है कि आज भी मानवता बाकी है. मानव ही दूसरे मानव की जरूरतों को पूरी करते हैं. जो आज यहां हो रहा है. उन्होंने कहा कि कुर्जी पल्ली के कुछ लोग आएं थे.बता रहे थे कि सामाजिक कार्यकर्ता एम्बुलेंस उपहार में देना चाहते हैं. उनसे कहा गया कि गहन विचार विमर्श कर लीजिए. दस से बारह बार बैठक किये हैं. उनलोगों को बता दिया गया कि लोकधर्मी ही एम्बुलेंस की देखरेख करेंगे.एक नौ सदस्यों की समिति बनेगी. उसमें पल्ली पुरोहित सदस्य के रूप में भाग लेंगे.

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि ईश्वर की कृपा के बल पर यह अवसर मिला है कि आपको कुछ दे सकूं. मौके पर पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी,राजकुमार,भाई धर्मेंद्र, सुशील लोबो,आलोक बेसरा,शालिनी, फादर डेनिस, फादर राजीव रंजन, अजय फ्रांसिस, विक्टर फ्रांसिस, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह, अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के महासचिव एस.के.लाॅरेंस, कुर्जी पल्ली परिषद के पूर्व सचिव गाब्रिएल जोन आदि उपस्थित थे.

बता दें कि बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली में दो एम्बुलेंस है.एक एम्बुलेंस बेतिया पैरिश सोसाइटी के सौजन्य से प्राप्त हुआ है.द्वितीय एम्बुलेंस आनंद सिरिल सेराफीम के द्वारा संचालित लाइफलाइन चैरिटेबल ट्रस्ट से उपहार में मिला है.दोनों एम्बुलेंस को बेतिया चर्च परिसर में रखा जाता है.एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क है.

आनंद सिरिल सेराफीम का कहना है कि एंबुलेंस, सेवा के लिए एकदम तैयार है और अब तक लगभग दर्जन भर लोगों की सेवा स्थानीय, राज्यीय और अंतरराज्यीय स्तर पर कर चुका है.उन्होंने कहा कि लाइफलाइन का अत्याधुनिक एंबुलेंस पूरे पश्चिमी चंपारण जिले में अपने किस्म का एकमात्र एंबुलेंस है.यह न केवल ईसाइयों की अपितु समाज के हर वर्ग के मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध है.


आलोक कुमार



पुण्य शुक्रवार को धार्मिक कार्यक्रम होगा

 पटना. राजधानी पटना में है कुर्जी पल्ली.यहां पर ईसाइयों की बहुतायत संख्या है. बालूपर मोहल्ला में रहते हैं फिल्म निर्माता में लेखक, निर्माता, निर्देशक विक्टर फ्रांसिस. विक्टर फ्रांसिस सिंगनिस इंडिया के अध्यक्ष और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य हैं. इनके निर्देशन में पुण्य शुक्रवार के पुण्य बेला में झांकी निकाली जाती थी.इसमें एक साल कुर्जी पल्ली परिषद के पार्षदों ने अड़चन डाला था.बाद में पूर्व महाधर्माध्यक्ष विलियम डिसूजा के हस्तक्षेप से झांकी निकाली गयी.उसके बाद महामारी कोरोना ने ऐसा करने से रोक दिया था.इस बार बिना कोई व्यवधान से पुण्य शुक्रवार को धार्मिक कार्यक्रम होगा.  

विक्टर फ्रांसिस ने कहा है कि जैसा कि आप जानते हैं कि इस बार हमारी कुर्जी पल्ली द्वारा पुण्य शुक्रवार के पुण्य बेला में झांकी निकलने की योजना है. इस संबध में  कल (रविवार दिनांक 13 मार्च) को दोपहर दो बजे, कुर्जी चर्च के परिसर में इसकी तैयारी की एक मीटिंग रखी गई है. उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुण्य कार्य में आपका सहयोग जरूर मिलेगा. विगत कई वर्षों से इस प्रकार का आयोजन हमारी पल्ली में होता रहा है और मैं इसे अभिनीत और निर्देशित करता रहा हूँ. इस बार मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि कुछ नए लोग आगे आएं और इस पुण्य कार्य को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें.

इस बार कोई दूसरा व्यक्ति ईसा की भूमिका निभाना चाहता हो और वह पूरी ईमानदारी और भक्तिपूर्ण इसे प्रस्तुत करने में सक्षम हो तो मुझे व्यक्तिगत तौर से खुशी होगी.एक बार पुनः अनुरोध करता हूँ कि कल की इस तैयारी की मीटिंग में निर्धारित समय पर उपस्थित होकर अपना बहुमूल्य योगदान और सहयोग प्रदान करें.

आलोक कुमार

अपने आक्रोश का खुला प्रदर्शन किया

आशा संयुक्त संघर्ष मंच के तत्वावधान में विधानसभा के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन.पारितोषिक नहीं, 21000 रुपये का वेतनमान दो.आशाओं-आशा फैसिलिटेटर को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित करो.मासिक मानदेय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा-शशि यादव.कोरोना काल का भत्ता देना होगा-विश्वनाथ सिंह.माले विधायकों ने भाषाओं की विशाल सभा को संबोधित किया...

पटना. आशा संयुक्त संघर्ष मंच के द्वारा जारी राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आज विधानसभा के समक्ष आशाओं का विशाल आक्रोशपूर्ण मार्च निकला. मंच की नेता और बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की राज्य अध्यक्ष शशि यादव के नेतृत्व में गेट पब्लिक मार्च से मार्च निकला जो गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचकर सभा में तब्दील हो गयी. इस कार्यक्रम में बिहार के कोने-कोने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनी हुई आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने आक्रोश का खुला प्रदर्शन किया.

सभा को सम्बोधित करते हुए आशा सह एक्टू नेता ने कहा कि बिहार सरकार आशाओं से बेगारी में काम लेना चाहती है.सप्ताह भर 24 घंटे काम करने के आशाओं को कोई भी मानदेय नहीं मिलता है. विगत दिनों हमने जब हड़ताल की थी, तो सरकार ने एक हजार मानदेय देने की घोषणा की थी. लेकिन बाद में सरकार ने उसे बड़ी चालाकी से पारितोषिक में बदलकर आशाओं के साथ विश्वासघात  किया. हम आज कहने आए हैं कि मासिक मानदेय के बदले 1000 रुपये का पारितोषिक का यह झुनझुना हमें नहीं चाहिए.

शशि यादव ने कहा कि आशाएं अब और बेगारी नही करेंगी. आशाओं को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित कर 21 हजार रुपये मासिक मानदेय देना होगा और जब तक यह सरकार घोषणा नहीं करती, हम सदन से सड़क तक लड़ते रहेंगे.

ऐक्टू नेता जितेन्द्र ने इस मौके पर कहा कि देश के प्रधानमंत्री आशाओं के श्रम को सम्मान नही दे रहे हैं और मासिक मानदेय के वाजिब हक को मार रहे हैं.

जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नेता विश्वनाथ सिंह ने कहा कि बिहार सरकार कोरोना काल का भत्ता का भुगतान नहीं करके अन्याय कर रही है.

इस मौके पर आंदोलन के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि हमने आशाओं के वाजिब मांग को सदन में उठाया है. स्कीम वर्कर्स के शोषण को लेकर सदन में विशेष चर्चा की मांग की है.हमलोग मुख्यमंत्री से मिलकर आशाओं के जीने लायक मासिक मानदेय के सवाल को मजबूती से उठाएंगे. माले विधायक महानंद सिंह ने भी आज सदन में सवाल उठाकर आशाओं के प्रति सरकार और स्वास्थ्य विभाग की बेरुखी को सामने लाया.
मौके पर विधायक सुदामा प्रसाद,अमरजीत कुशवाहा, अरुण सिंह, रामबली सिंह यादव ,ऐपवा राज्य अध्यक्ष सरोज चैबे आदि भी शामिल हुए.

आज के कार्यक्रम में उपर्युक्त नेताओं क अलावा ऐक्टू के जीतेन्द्र, सुनीता, उर्मिला, विद्यावती पांडेय, लुकमान,अमित मिश्रा, सबया पांडेय, मालती राम, जूही, जुली आलम आदि शामिल हुए. आशाओं ने एक स्वर से 28-29 मार्च के अखिल भारतीय हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया.

आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की रिपोर्ट

कुर्जी पल्ली को एक एम्बुलेंस उपहार में देंगे सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय

                                                                                                              .    

पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में है कुर्जी.इस अंचल के कुर्जी गंग स्थली में रहते हैं पप्पू राय.वे पेशे से व्यवसायी हैं. पटना सहित कुर्जी मोहल्ला में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पप्पू राय की अच्छी पहचान है.हरदम सहयोग करने की भूमिका में रहते हैं.कोविड 19 काल के दरम्यान मुक्त हाथों से राहत सामग्री वितरित किये. मुहल्ला-मुहल्ला में लोगों को सहयोग देकर सैनेटाइज कराएं.बिंद टोली के लोगों को सरकार के द्वारा पुनर्वासित करने के बाद पेयजल की व्यवस्था कराएं.गड्ढे में रहने वालों की जमीन पर मिट्टी भरवाएं.मरियम टोला में जलभराव को पंप लगवाकर पानी को नाला में डलवाएं.                      .               


एक मुलाकात में सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों की जिंदगी बचाने में सहयोग करने के उद्देश्य से कुर्जी पल्ली के प्रधान पुरोहित को उपहार में एम्बुलेंस देने जा रहे है.एक सादे समारोह में 13 मार्च की सुबह एम्बुलेंस की चाभी फादर जी को सौप देंगे.उन्होंने कहा कि बहुत दिनों से सोच रहे थे.आखिरकार ईश्वर ने सोच को पूरा करने में सहयोग दें दिये.


आलोक कुमार

Jharkhand : निष्पक्ष जांच, पीड़ित के उपचार और संस्थानों की सुरक्षा पर जोर

  फादर बेनेडिक्ट बारला पर जानलेवा हमला: पुलिस की कार्रवाई से उम्मीद, अब न्याय और सुरक्षा की बारी  खूंटी में आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रधा...