संत पापा फ्राँसिस द्वारा दान की गई एक एम्बुलेंस
आज स्टेला साह की दूसरी पुण्यतिथि
कौन हैं स्टेला साह?
कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में सर्विस करने वाले इग्नासियुस फिदेलिश उर्फ अनिल साह की धर्मपत्नी थीं.इसी हॉस्पिटल में कार्यरत थे सिसिल साह की मां थीं.राजन क्लेमेंट साह नेताजी की मां थीं.वे हार्टमन बालिका उच्च विघालय की टीचर थीं.पटना धर्मप्रांतीय महिला संघ की प्रथम अध्यक्ष थी.जदयू की कार्यकर्ता भी थी.पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत की मुखिया प्रत्याशी थीं.कुर्जी पल्ली में संचालित बाबा ग्रेगरी सिलाई-कटाई केंद्र की संस्थापिका संचालिका थीं.बिशप से लेकर आम व्यक्तियों के बीच पहचान रखने वाली संम्रांत महिला थीं.
माँ आज भी है,
मेरे संस्कार में, मेरे आधार में.
माँ का शरीर विलय हुआ है पंचतत्व में,
पर माँ आज भी मौजूद है मेरे हर महत्व में.
माँ की दूसरी पुण्यतिथि पर मेरा सादर प्रणाम..!
आलोक कुमार
मधु और विनोद के वैवाहिक जीवन के 33 साल
शातिर युद्ध के सामने असहाय मानव
संत पापा फ्रांसिस ने खेद प्रकट किया कि यूक्रेन में शातिर युद्ध ने बहुतों को मारा और भारी पीड़ा उत्पन्न की है.उन्होंने कहा, ‘इन दिनों, मौत की खबरें एवं दृश्य हमारे घरों में मिलना जारी हैं, यहाँ तक कि यूक्रेन के हमारे बहुत सारे असहाय भाइयों एवं बहनों के घर बमों द्वारा ध्वस्त किये जा रहे हैं.‘संत पापा ने कहा, ‘युद्ध हमारी लाचारी और हमारी अपर्याप्तता की याद दिलाती है, साथ ही साथ, ईश्वर के निकट आने की आवश्यकता एवं उनकी क्षमाशीलता की निश्चितता को दर्शाता है‘सिर्फ ईश्वर बुराई को दूर, नाराजगी को वश में एवं हमारे हृदयों में शांति बहाल कर सकते हैं.संत पापा ने याद किया कि ईश्वर ने कुँवारी मरियम को चुना ताकि मुक्ति और शांति की नई कहानी से इतिहास बदले. ‘यदि हम दुनिया बदलना चाहते हैं तो सबसे पहले अपना हृदय बदलना होगा.‘ संत पापा ने स्वर्गदूत के कुँवारी मरियम के संदेश पर चिंतन की, जिसमें ईश्वर उन्हें ईश्वर के पुत्र की माता होने का निमंत्रण देते हैं.‘प्रभु आपके साथ हैं‘कहकर गाब्रिएल दूत ने कुँवारी मरियम को आनन्द का सच्चा समाचार दिया.
संत पापा ने कहा कि मेल-मिलाप संस्कार में ख्रीस्तीय भी यही अनुभव करते हैं चूँकि ईश्वर हमारे निकट आते जब हम दीनता पूर्वक अपने पश्चातापी हृदय उनके सामने रखते हैं.पापस्वीकार एक आनन्द का संस्कार है, प्रभु हमारे घरों में प्रवेश करते हैं जैसा कि उन्होंने नाजरेथ की मरियम के घर में प्रवेश किया था तथा हमारे लिए अनापेक्षित आश्चर्य एवं आनन्द लाते हैं.
संत पापा ने पुरोहितों से भी अपील की कि वे पापस्वीकार संस्कार में ईश्वर की क्षमाशीलता व्यक्त करें और अपनी कठोरता एवं निष्ठुरता कभी न दिखायें.
उन्होंने कहा, ‘यदि एक पुरोहित अपने मन में उचित विचारों के साथ ऐसा मनोभाव नहीं रखता, तो उसके लिए अच्छा होगा कि वह पापमोचक के रूप में कार्य न करे‘.
स्वर्गदूत गाब्रिएल ने मरियम से यह भी कहा, ‘डरिये नहीं.‘ संत पापा ने कहा, ष्ईश्वर हमारी कमजोरियों एवं गलतियों को पहले से जानते हैं, फिर भी, जब हम मेल-मिलाप संस्कार ग्रहण करते हैं, तब वे हमें अपने पाँव याजक के सामने रखने के लिए आमंत्रित करते हैं। इस तरह हमारी कमजोरियाँ पुनरूत्थान के अवसर बनते हैं.कुँवारी मरियम हमें हमारे जीवन के स्रोत प्रभु की ओर लौटने के लिए निमंत्रण देती हैं जो भय एवं जीवन के खालीपन के खिलाफ आखिरी दवाई हैं
संत पापा ने अपने उपदेश के अंत में गौर किया कि ईश्वर को मरियम का प्रत्युत्तर, ईश्वर के प्रति आज्ञापालन की जीवंत चाह है.उन्होंने माता मरियम की मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना की कि ‘ वे हमारी यात्रा को अपने हाथों में लें तथा तीखे और कठिन रास्ते को, संवाद एवं भाईचारा के रास्ते में बदल कर शांति के रास्ते पर हमारा मार्गदर्शन करें.‘
आलोक कुमार
ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से शामिल हुए
पटना.संत मेरी चर्च,फ्रेंड्स कॉलोनी (ए.जी. कॉलोनी) में एस.के.लॉरेंस के नेतृत्व में शुक्रवार को ‘मुसीबत‘ नामक गीत एवं प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम संपन्न हुआ.ईसाई समुदाय के द्वारा गुड फ्राइडे की तैयारी के संबंध में प्रार्थना तथा भक्तिमय कार्यक्रम जारी है.यह 2 मार्च से प्रारम्भ हुआ है. इसी क्रम में एस.के. लॉरेंस के नेतृत्व में अन्य ईसाई बहुल इलाका के अलावा आज संत मेरी चर्च, फ्रेंड्स कॉलोनी (ए.जी.कॉलोनी)में पहली बार प्रभु येसु के दुःखभोग से संबंधित उनकी कष्टमय यातना भरी यात्रा तथा उनके सूली पर चढ़ाए जाने का वृतांत ‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना के भक्तिमय कार्यक्रम के जरिये संपन्न हुआ.जिसमें काफी संख्या में वहां के ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से शामिल हुए.
इस ‘मुसीबत‘ नामक गायन में विभिन्न क्षेत्रों से आए गायन मंडली के बहुत सारे भक्तजन शामिल हुए.जिनमें एस.के. लॉरेंस के साथ पुरुष गायकों में क्लारेंस हेनरी, इग्नासियुस पीटर, सिरिल मरान्डी, सुजीत ओस्ता,विजय कुमार पॉल, एम्ब्रोस जॉन,जॉर्ज विन्सेंट माइकल, प्रकाश अब्राहम,प्रदीप केरोबिन,प्रवीण साह,रॉड्रिक
इग्नासियुस तथा महिला गायकों में रोजी इग्नासियुस, रोजलिन पॉल,करुणा कमल,रीता अगस्टीन,आग्नेस जॉर्ज, किरण लुसी तथा रोजलिन के नाम उल्लेखनीय हैं.
इस चर्च के पैरिश कौन्सिल के सभी मेम्बर तथा भक्त जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर श्रद्धा पूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया.पहली बार सुन रहे सभी उपस्थित भक्तजनों को यह ‘मुसीबत‘ गीत बहुत ही अच्छा लगा. इस कार्यक्रम से पहले पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ राज ने साढ़े पाँच बजे मिस्सा किया.
आलोक कुमार
यूक्रेन एवं रूस को कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया
संत पेत्रुस वासिलिका में यूक्रेन और रूस में शांति कायम करने के लिए पोप फ्रांसिस ने पवित्र मिस्सा अर्पित किया.यूक्रेन में युद्ध को शुरू हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, जो प्रतिदिन अपने पीड़ित लोगों को भारी पीड़ा दे रहा है और विश्व शांति के लिए खतरा है. इस अंधेरे समय में, चर्च को तत्काल शांति के राजकुमार के सामने हस्तक्षेप करने और संघर्ष से सीधे प्रभावित लोगों के साथ अपनी निकटता प्रदर्शित करने के लिए
बुलाया जाता है.मैं उन बहुत से लोगों का आभारी हूं जिन्होंने प्रार्थना, उपवास और दान के लिए मेरी अपील पर बड़ी उदारता से प्रतिक्रिया दी है.
संत पापा फ्राँसिस ने 25 मार्च, संत मरियम को स्वर्गदूत के संदेश के महापर्व के दिन सारी मानव जाति, खासकर, यूक्रेन एवं रूस को कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया तथा कहा कि यह समर्पण यूक्रेन में ‘क्रूर एवं अनर्थक‘ युद्ध के बीच कुँवारी मरियम पर पूर्ण भरोसा की अभिव्यक्ति है.
आलोक कुमार
माता मरिया के निष्कलंक हृदय को रूस और यूक्रेन का समर्पण
आज ही के दिन 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमलाकर महायुद्ध का आगाज किया था.एक माह के बाद भी युद्धविराम का ओरशोर मालूम नहीं हो रहा है.मानवाधिकार हनन को देखते हुए संत पापा ने प्रभु येसु ख्रीस्त की मां मरियम को मध्यक्षता करने के लिए आग्रहरूपी प्रार्थना करने का आह्वान किया है.विश्व के जानेमाने हस्ति संत पापा फ्राँसिस ने विश्वव्यापी कलीसिया के सभी ख्रीस्तीय विश्वासियों का आह्वान किया है कि वे 25 मार्च को यूक्रेन एवं रूस को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पण की प्रार्थना में भाग लेकर शांति के लिए प्रार्थना करें.इसकी याद दिलाते हुए उन्होंने 24 मार्च को एक ट्वीट प्रेषित कर कहा, ‘आइये हम प्रभु के शरीरधारण के संदेश के महापर्व पर प्रार्थना दिवस को मनाने हेतु अपने आपको तैयार करें, ईश्वर की माता से प्रार्थना करने कि वे युद्ध की क्रूरता से पीड़ित लोगों के हृदयों को ऊपर उठायें.उनके निष्कलंक हृदय को समर्पण की विन्ती दुनिया में शांति लाये‘
आलोक कुमार
Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?
खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...
-
यह तिथि इतिहास, धर्म, साहित्य और संस्कृति के अद्भुत संगम का प्रतीक 23 अप्रैल का दिन विश्वभर में एक विशेष महत्व रखत...
-
निवेशकों के रुझान के चलते कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है सोना और चांदी भारतीय बाजार में हमेशा से निवेश और प...
-
संवैधानिक अध्यक्षीय आसन से सीधे ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल के उद्धरणों के साथ सदन की कार्यवाही की शुरुआत की दक्षिण भारत की राजनीति में एक ऐतिहास...
.jpeg)
.jpeg)

