आलोक कुमार
ऑल्ड यूथ समय निकालकर समाजसेवा कर रहे हैं:बंट्टी
रविवार तक के महत्वपूर्ण दिन
रांची। रांची महाधर्मप्रांत के आर्च बिशप फेलिक्स टोप्पो ने गुरुवार से लेकर रविवार तक के महत्वपूर्ण दिनों के बारे में विस्तार से बताया और साथ ही इन्हें किन मान्यताओं के साथ मनाया जाता है, पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पुण्य बृहस्पतिवार को तीन विधियां की जातीं है।
इसमें पहला है- प्रभु का अपने चेलों का पैर धोना, जिससे उन्होंने ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करने का संदेश दिया और कहा कि एक-दूसरे को प्रेम करने के लिए प्रेरित किया। दूसरा- येसु ने एक बलिदान दिया। मानव मुक्ति के लिए उन्होंने खुद का बलिदान दिया।
तीसरा- बलिदान को अर्पित करने के लिए उन्होंने अपने प्रेरितों को पुरोहिताई की शिक्षा दी।
पुण्य बृहस्पतिवार की सुबह वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघर में क्रिज्म मिस्सा के दौरान अपने उपदेश में संत पापा फ्राँसिस ने पुरोहितों को निमंत्रण दिया कि वे अपनी नजरें येसु पर केंद्रित रखने की कृपा प्राप्त करें, जिससे कि वे ईश्वर एवं लोगों की सेवा बेहतर रूप से कर सकेंगे।
महायुद्ध के खिलाफ उपवास और परहेज रखेंगे
पटना.ईसाई समुदाय का दुःखभोग 15 अप्रैल 2022 को गुड फ्राइडे मनाने के साथ खत्म हो जाएगा. ईसाई समुदाय का कल पुण्य शुक्रवार को पूर्ण उपवास और परहेज का दिन है. ईसाई समुदाय रूस और यूक्रेन के बीच 50 दिनों से जारी महायुद्ध के खिलाफ उपवास और परहेज रखेंगे.पाटलिपुत्र कॉलोनी में स्थित सेक्रेट हार्ट चर्च,पाटलिपुत्र में पुण्य शुक्रवार को रक्तदान शिविर आयोजित किया है. कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के लिए रक्तदान संग्रह किया जा रहा है.वहीं प्रभु ईसा के क्रूस मरण की दुखमय घटना को एक झांकी के रूप में पेश किया जाएगा.परम्परागत मुसीबत गान कुर्जी चर्च में पेश किया जाएगा.
गुड फ्राइडे के पुण्य बेला में कुर्जी चर्च के द्वारा और विक्टर फ्रांसिस के नेतृत्व में प्रभु ईसा के क्रूस मरण की दुःखमयी घटना को एक झांकी के रूप में सुबह 6ः 30 बजे लोयला हाई स्कूल, कुर्जी से निकलकर कुर्जी के मुख्य सड़क से प्रार्थना, गीत और अभिनय द्वारा कुर्जी चर्च के प्रांगण में पहुंचकर एक विशेष प्रार्थना के साथ सम्पन्न होगी.राजधानी पटना के सभी पत्रकार भाई-बहनों से नम्र निवेदन किया गया है कि कृपया इसके कवरेज के लिए अपना बहुमूल्य समय निकालने की कृपा करें.जैसा कि आपको जानकारी होगी कि गुड फ्राइडे के पुण्य अवसर पर पूरे देश और दुनिया में विशेष प्रार्थना होती है.
पश्चिम चंपारण के बेतिया के निवासियों के द्वारा 100 साल पहले शुरू प्रभु येसु ख्रीस्त के चालीस दिवसीय दुःखभोग के ऊपर निर्मित मुसीबत गायन को घर-घर पहुंचाने का प्रयास करने वाले एस.के.लॉरेंस और उनकी टीम का अंतिम मुसीबत गायन गुड फ्राइडे 15 अप्रैल 2022 को कुर्जी चर्च में होगा. टीम का नेतृत्व करने वाले एस. के. लॉरेंस ने कहा कि उनके नेतृत्व में भक्त जनों के साथ कुर्जी चर्च के परिसर में दोपहर 1.50 पर प्रभु येसु के दुःखभोग (प्राणदंड की आज्ञा से लेकर सूली पर चढ़ाए जाने तक की कष्टमय घटना) से सम्बन्धित ‘मुसीबत‘नामक गीत तथा प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम प्रारम्भ होगा.आप सभी से आग्रह है कि इस भक्तिमय कार्यक्रम (गीत) में अवश्य शामिल हों तथा परमेश्वर की आशीष प्राप्त करें.
आलोक कुमार
23 साल खत्म हो चुके है इसके बाद भी 1773 स्कूलों को अपना भवन नहीं मिला
पटना.बिहार में 70 हजार प्राथमिक और मध्य विद्यालय हैं.इनमें 1773 विद्यालयों के पास अपना भवन नहीं है.पटना जिले में ही 190 विद्यालय भवनहीन हैं, जो दूसरे विद्यालयों में चलाए जा रहे हैं.पटना क्षेत्र में 74 ऐसे विद्यालय है, जिनका अपना भवन नहीं है. इसमें 13 मध्य विद्यालय लड़कियों के हैं.ऐसे सभी विद्यालयों को मर्ज करने का निर्णय लिया गया है. प्रदेश में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों की संख्या 70 हजार है. इनमें प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 38 हजार और मध्य विद्यालयों की संख्या 32 हजार है. पटना में 3339 प्राथमिक और मध्य विद्यालय हैं, जिसमें 2183 प्राथमिक और 1140 मध्य विद्यालय हैं.अल्पसंख्यकों के लिए 16 मध्य विद्यालयों और 12 प्रस्वीकृत विद्यालय है.
पटना में लगभग 100 विद्यालयों को मर्ज किया जा चुका है.लगभग 90 विद्यालयों को मर्ज किए जाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है. कई विद्यालय ऐसे है जहां पर भवन की अपेक्षा लड़की संख्या काफी अधिक है. ऐसे में इनको मर्ज किए जाने पर शिक्षकों को संख्या कम पड़ जाएगी. इसको देखते हुए विद्यालयों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है.
इस बीच शिक्षा विभाग,बिहार के प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिनांक 11 अप्रैल 2022 को पत्र लिखा है कि राज्य में वैसे दो या दो से अधिक विघालय जो एक ही विघालय के भवन में संचालित है उन्हें एक विघालय में सामजित कर अतिरिक्त शिक्षकों को अन्यत्र स्थानांतरित कर दें.आगे कहा गया है कि इस कार्यालय के पत्रांक 1772 दिनांक 21.12.2021,पत्रांक1533 दिनांक 19.11.2021,पत्रांक 256 दिनांक 13.03.2019,पत्रांक 1546 दिनांक 18.09.2017,पत्रांक 488 दिनांक 15.03.2018 एवं पत्रांक 880.प्रांसगिक पत्र के आलोक में 15 जिला यथा जहानाबाद, किशनगंज,पश्चिम चम्पारण, वैशाली, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, कैमूर,जमुई, बांका, पूर्वी चम्पारण, खगड़िया, बेगूसराय, कटिहार,सहरसा एवं नवादा से प्रतिवेदन हार्ड कोपी में प्राप्त हुआ है लेकिन उसका साफ्ट कोपी उपलब्ध नहीं कराया गया है,शेष जिला से अब तक अघतन प्रतिवेदन अप्राप्त है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने निर्देश दिया है कि वैसे जिला,जिनके द्वारा प्रतिवेदन अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, वे एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. जिलके द्वारा हार्ड कोपी में उपलब्ध कराया गया है, वे उसका साफ्ट कोपी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.
आनन्द माधव चेयरमैन, रिसर्च व मैनिफेस्टो कमेटी एवं प्रवक्ता, बिहार प्रदेश काँग्रेस कमेटी ने कहा है कि एक ओर बिहार सरकारी उच्च विद्यालय हर पंचायत में खोलनें की घोषणा सरकार कर रही है तो दूसरी ओर धीरे-धीरे सरकारी स्कूलों को बंद करनें की साजिश रच रही है.आज सुबह एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित एक समाचार के अनुसार, बिहार के 1885 प्राथमिक विद्यालयों को पिछले 1 वर्षों में बंद कर दिया गया है. जब इस संबंध में शिक्षा मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि विद्यालयों को बंद नहीं बल्कि मर्ज किया जा रहा है.
चेयरमैन, रिसर्च विभाग व प्रवक्ता, बिहार प्रदेश काँग्रेस कमेटी, आनन्द माधव ने कहा कि यह पूरी तरह से ही भ्रामक और गैर जिम्मेदाराना बयान है.शिक्षा मंत्री शब्दजाल में जनता को उलझा रहे हैं.सरकार ने स्पष्ट रूप से समग्र शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में 1885 विद्यालयों को बंद कर दूसरे विद्यालय में समाहित करने की बात कही है.दो दिन पूर्व प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने भी इसी आशय में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश निर्गत किया है कि भवनहीन या भूमिहीन विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में समाहित करते हुए अतिरिक्त शिक्षकों को किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरित किया जाय.
ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर 15 सालों तक भवनहीन या भूमिहीन विद्यालय पेड़ों के नीचे या अस्थायी भवन या पंचायत भवन में चलाये ही क्यों गए? या फिर इन विद्यालयों के पास अगर भूमि या भवन ही नहीं था तो इन 15 सालों में विद्यार्थियों को इन विद्यालयों में कैसे पढ़ाया गया? क्या सरकार ने उन बच्चों के भविष्य को बर्बाद नहीं किया? सच्चाई यह है कि सरकार के पास शिक्षा को लेकर के कोई स्पष्ट नीति नहीं है. चुनाव के दौरान जब वोट लेने के बारी आती है तो हर टोले में प्राथमिक विद्यालय और हर पंचायत में उच्च विद्यालय खोलने की घोषणा कर दी जाती है. ना तो उनके लिए भूमि या भवन की व्यवस्था की जाती है और ना ही उन विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था होती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में चौपट कर दिया है. अगर सरकार को शिक्षा व्यवस्था की चिंता होती और सही मायने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहती तो विद्यालय खोलने की घोषणा करने से पहले उनके लिए भवन और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था करती. लेकिन सरकार तो चुनावों में वोट और तालियां बटोरने के लिए घोषणा कर देती है. उसका फलाफल यह होता है कि 10-15 साल तक भवनहीन एवं शिक्षक विहीन विद्यालय चलने के बाद उन्हें बंद करने की घोषणा करनी पड़ती है.
एक ओर तो कोरोना के कारण सरकारी स्कूल के बच्चों की दो साल पढ़ाई बंद रही और अब स्कूल बंद कर उनका भविष्य और बर्बाद कर रहे. सच यह है कि शिक्षा विभाग स्कूल विहीन शिक्षा की बात सोच रही है और धीरे धीरे उस कदम बढ़ा रही है.यह व्यवस्था निजी स्कूलों को बढ़ावा देनें की तथा सरकारी स्कूलों को और कमजोर करनें की एक सोची समझी चाल है और हम इस जाल में फँसते चले जा रहे हैं.
आनन्द माधव ने प्रश्न पूछते हुए कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि कितनें स्कूलों को कितने समय सीमा में ये बंद करनें जा रही है.उन्होंने माँग किया कि एक भी विद्यालय बंद नहीं होनें चाहिये तथा उनके लिए उचित भूमि और भवन की व्यवस्था की जाए.अगर इस तरह से सरकारी विद्यालय को बंद करने से आने वाले भविष्य में गरीब एवं पिछड़े तबकों को शिक्षा से वंचित होना पड़ेगा.जरूरत है आज सरकारी शिक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान करने की ना तो उसे कमजोर करने की.
आलोक कुमार
और दोस्तों से कहते रहते कि दिल्ली से पटना आते ही रहेंगे अंततः पटना जेफरी आ ही गये
और दोस्तों से कहते रहते कि दिल्ली से पटना आते ही रहेंगे अंततः पटना जेफरी आ ही गये
| कुर्जी चर्च |
आलोक कुमार
लेंट के चालीस दिन की आध्यात्मिक तैयारी
ईसाई समुदाय के पाम संडे के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों को समेटकर पेश है आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की विशेष रिपोर्ट..
आजकल अप्रैल महीना चल रहा है.अप्रैल माह हिंदू और मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए पवित्र माह है.इसके साथ ही ईसाई समुदाय के लिए भी महीना बेहद खास है.हिंद संवत्सर में चैत्र का महीना चल रहा है और आज रामनवमी है.वहीं इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार यह रोजे का पाक महीना है.इसी महीने में ईसाई समुदाय का पाम संडे और गुड फ्राइडे भी है. इन दिनों ईसाई समुदाय के भी रोजे चल रहे हैं. जो अंतिम चरण में है.40 दिन के रोजे रखने के बाद उनका एक बड़ा पर्व आता है ईस्टर .यह ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए त्योहारों में से एक है.आज ईसाई समुदाय पाम संडे मना रहे हैं.इसके साथ ही पवित्र सप्ताह शुरू हो गया है.
आज ईसाई समुदाय परम्परागत ढंग से पाम संडे मना रहे है.आज के दिन दो हजार वर्ष पूर्व प्रभु येसु मसीह नगर यरूशलेम नगरी में प्रवेश किए थे. वहां के लोगों ने उनके स्वागत में खजूर की डालियां और कपड़ों को जमीन पर बिछाकर स्वागत किया था. दाऊद के पुत्र को होसान्ना..ईसा के आगे-आगे जाते हुए और पीछे -पीछे आते हुए लोग यह नारा लगा रहे थे,‘दाउद के पुत्र को होसन्ना... धन्य है वह जो प्रभु के नाम पर आते हैं.सर्वोच्च स्वर्ग में होसन्ना.‘
प्रभु येसु के यरुशलेम में प्रवेश करने की सूचना पाकर यरुशलेम के निवासी काफी उत्साहित होकर उसके स्वागत में उसके सामने अपने कपड़े बिछा दिये थे।ताकि उन कपड़ों पर चलकर ही प्रभु येसु यरुशलेम में प्रवेश करें.आज पाम संडे के रूप में हमें भी अपने प्रभु येसु के सिद्धांतों पर चल अपने हृदय रुपी घर में उसके आगमन को पक्का करने की जरुरत है तथा जिस तरह यरुशलेम में पहुंचकर उन्होने लोगों को चंगा किया था.उसी तरह हम भी प्रभु येसु के सिद्धांतों पर चल अपने आध्यात्मिक एवं शारीरिक चंगाई के लिये प्रार्थना करें और उससे कहें कि-‘हे पिता हमारी प्रार्थना स्वीकार कर.
उसी दिन को स्मरण कर मसीही समुदाय के लोग पाम संडे यानी खजूर पर्व मनाते हैं.10 अप्रैल की सुबह 5ः30 बजे से भक्तों भारी संख्या संत माइकल जुनियर स्कूल में एकत्रित हो गये. इस अवसर पर येसु समाजी पुरोहित उपस्थित थे. येसु समाजी पुरोहितों में फादर पीयुस ओस्ता,फादर राजीव रंजन,फादर राजेश,फादर लौरेंस पास्कल,फादर एडिसन आम्रस्टांग,फादर ग्रेगरी गोम्स,फादर सेल्विन जेवियर,फादर डेनिस और फादर अगस्टीन उपस्थित थे. फादर सेल्विन जेवियर ने ग्रामीण अंचल से लाये गए खजूर की डालियों पर आशीष दिये.
पाटलिपुत्र पल्ली में स्थित सेक्रेट हार्ट चर्च,पाटलिपुत्र में खजूर इतवार का धार्मिक कार्यक्रम सुबह 6ः45 बजे से शुरू हुआ.उपस्थित फादर मार्टिन आनंद ने खजूर डालियों पर आशीष दिये और जुलूस के रूप में चर्च में प्रवेश किये. मिस्सा फादर मार्टिन आनंद ने पवित्र मिस्सा अर्पित किया. बेतिया पल्ली में खजूर रविवार का कार्यक्रम सुबह 5ः30 बजे संत तरेसा स्कूल कैम्पस में खजूर की डालियों पर आशीष के बाद गिरजाघर की ओर यात्रा और मिस्सा किया गया.चूहड़ी पल्ली में खजूर रविवार को 6ः00 सुबह से गांव के ग्रोटो में खजूर की डालियों पर आशीष देने के बाद गिरजाघर की ओर यात्रा आगमन हुआ और फादर तोबियास टोप्पो ने मिस्सा किये. भक्त इग्नासियुस माइकल ने कहा कि गोरखपुर पल्ली में सुबह 8 बजे से एलएफएस प्राइमरी स्कूल से संत एंथोनी चर्च में जुलूस जाने के बाद पाम संडे का मिस्सा किया गया. पवित्र परिवार गिरजा घर,चखनी में सुबह 6ः30 बजे पुराना टोला में खजूर की डालियों पर आशीष तथा उसके बाद जुलूस के साथ नया टोला होते हुए गिरजा घर में प्रवेश किया गया.यहां पर पल्ला पुरोहित ने पवित्र मिस्सा अर्पित किया.
इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच महायुद्ध समाप्त करने के लिए प्रार्थना की गयी.इस जहां के सभी समुदाय के लोगों के लिए प्रार्थना की गयी. परिवार, समाज, एकता, प्रेम, संगठन, शांति व भाईचारे के लिए प्रभु येसु मसीह से दुआ मांगी.इस दौरान पाम संडे के दिन पुरोहितों के नेतृत्व में अनुयायी हाथ मे खजूर की डालियां लेकर होसन्ना के गीत गाते हुए चर्च में प्रवेश करते हैं। इस अवसर पर
फादर सेल्विन जेवियर की अगुवाई में सुबह जुलूस निकाला गया.स्वयंसेवक हॉली क्रॉस लेकर आगे-आगे निकले और उनके पीछे मसीही समुदाय के लोग चल रहे थे. इन लोगों ने हाथ में खजूर के पेड़ की डालियां थीं. इस दौरान प्रभु येसु की शान में गीत गाए गए. जय-जय होवे तेरीकृप्रभु के प्रतिनिधि दाउद सुत की गूंजे इस़्त्राएल के प्रभु की नभ में यश की भेरी जय-जय होवे तेरी.आज से 2022 साल पहले प्रभु येसु के लिए भीड़ ने होशन्ना के नारे लगाए थे. उसी दिन की याद में पाम संडे मनाया गया.जय हो... प्रभु की जय जय हो,स्वर्ग लोक की जय हो स्वागत के लिए हर्ष के मारे,बालक ले जैतून की डालें गुंजित करने लगे नारे,जय हो प्रभु की जय हो...
पाम संडे के साथ मसीहियों के लिए पवित्र सप्ताह का आगाज हो गया है. अगले रविवार को ईस्टर मनाया जाएगा. प्रभु यीशु के जीवित हो उठने की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है. इससे पहले चर्चा में इस पूरे सप्ताह अलग-अलग दिनों में कई तरह के आयोजन होंगे.
कहा जाता है कि चालीसा या लेंट के चालीस दिन की आध्यात्मिक तैयारी प्रत्येक मसीही के लिए अपने जीवन में की गई गलतियों और पापों के लिए सच्चे दिल से पश्चाताप करने, उपवास, परहेज और प्रार्थना में बढ़ने का अभ्यास है. लेकिन उपवास, प्रार्थना, परहेज और क्रूस रास्ता आराधना आदि के कार्यक्रम को मात्र चालीस दिन की औपचारिकता तक ही सीमित करने का नहीं, पूरे जगत के मसीहियों के लिए यह जीवन पूरे साल अर्थात वर्ष के 365 दिन कहें या अपने जीवन के अंतिम सांस तक अनुसरण करने का है.
गेंद जनता के पाले में
पटना. पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में वार्ड नम्बर- 22 ए के वार्ड पार्षद हैं दिनेश कुमार.इस वार्ड पार्षद के पार्षद प्रतिनिधि हैं नीरज कुमार. वार्ड 22 ए में गंगा विहार कॉलोनी है.यहां पर पांच सौ मकान है.इस गंगा विहार के लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं.
कॉलोनी के मो.आरिफ ने समस्याओं का जिक्र करने के दरम्यान कहते हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गरीबों की प्यास बुझाने के लिए 2015 में जब महागठबंधन के साथ सरकार बनाई थी, उस समय उन्होंने सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल के माध्यम से शुद्ध पेयजल मिल सके इसकी शुरुआत की थी. इस योजना को शुरू हुए 7 साल से अधिक हो गए, लेकिन अभी भी यह योजना पूरी तरह से धरातल पर नहीं दिख नहीं रही है. राजधानी पटना में ही यह योजना दम तोड़ रही है.
उन्होंने कहा कि इस बहुआंकाक्षी सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल पहुंचाने का प्रयास 2016 में गंगा विहार कॉलोनी में भी किया गया.आईटीआई छात्रावास के बगल में जलापूर्ति केंद्र सह जलमिनार से पाइप का संयोजन किया गया.पॉश एरिया फेयरफील्ड कॉलोनी में पाइप बिछाकर गंगा विहार कॉलोनी में अंत किया गया.
उन्होंने कहा कि जलापूर्ति चालू होने के बाद हर घर नल का जल पहुंचने से लोग खुश थे.यह ड्रीम प्रोजेक्ट 2017 तक चला.इसके बाद प्रोजेक्ट का पानी आना बंद हो गया .इससे लोग नाखुश हो गये.साल में एक बार मटरगश्ती करने वाले वार्ड पार्षद दिनेश कुमार से शिकायत की गयी.तब उन्होंने फेयरफील्ड कॉलोनी शुरू और गंगा विहार कॉलोनी अंत पाइप खोलकर जांच कराएं. जांचोपरांत पता चला कि पाइप में पानी बहाव हो रहा है,परंतु घरों तक नहीं पहुंच रहा है.पांच साल से परेशान हैं.
रोज़ा तोड़वाने के समय के पूर्व मो.नौशाद ने कहा कि शुद्ध पेयजल के साथ जल निकासी की भी समस्या है.बरसातके दिनों में दु:ख बढ़ जाता है.ठेंहुना भर पानी का भराव हो जाता है.इसी में महिला,पुरूष,बच्चों के साथ पालतू जानवरों को भी आवाजाही करने को बाध्य होते हैं.
वहीं लोग कहते हैं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन के द्वारा तीन खंभा गाढ़कर कर्तव्य पूरा कर लिया है. दो साल के बाद भी तार तानकर उर्जा घरों तक पहुंचाने का कार्य नहीं किया जा रहा है.बांस के सहारे तार लाया गया है.
जानकार लोगों का कहना है कि पटना नगर निगम के वार्ड पार्षदों को एक करोड़ विकास कार्य करने को मिला है.पर वार्ड पार्षद दिनेश कुमार गंगा विहार कॉलोनी में विकास कार्य करना ही नहीं चाहते हैं.इससे लोग आक्रोशित हैं.
बिहार में सीएम नीतीश (CM Nitish) का ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय योजना (Saat Nischay Yojana) के तहत 'हर घर नल का घर योजना ' के क्रियान्वयन में लेट लतीफी के कारण अभी तक कई वार्डों में पाइप भी नहीं बिछाए गए हैं. कई वार्डों में पाइप बिछाए गए तो उसमें से पानी ही गायब है. ऐसे में पानी के लिए लोग तरस रहे हैं.
इस संदर्भ में 22 ए के भावी प्रत्याशी उमेश कुमार कहते हैं कि वर्त्तमान वार्ड पार्षद दिनेश कुमार जन उम्मीदों पर खड़ा नहीं उतर रहे हैं. उनका कहना है कि अब गंगा विहार कॉलोनी के लोगों को सोचना होगा. उनका विकास कौन करेगा ? कौन पटना नगर निगम के द्वारा प्रदत राशि का उपयोग जन विकास कार्य में लगा सकता है .गेंद जनता के पाले में है . कुछ दिनों के बाद ही चुनाव होने वाला है .
आलोक कुमार
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