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अब मनरेगा में विकलांग मेट बनेंगे

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अब मनरेगा में विकलांग मेट बनेंगे पटना। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि हालांकि महात्मा गांधी नरेगा में प्रावधान बनाया गया है कि समाज के सभी श्रमिकों को सम्मानपूर्ण ढंग से रोजगार दिया जाए। मात्र विकलांग और महिला होने के कारण मनरेगा में हाशिए पर रखा नहीं जा सकता है। इसके आलोक में कहा कि अब विकलांगों को मनरेगा में मेट बनाया जाएगा। इसी तरह जिलाधिकारियों के द्वारा भी प्रयास किया जा रहा है कि महिला मेट का पुल निर्माण किया जाए ताकि कार्यक्रम पदाधिकारी बाध्य होकर महिलाओं को मेट बनायें।   उन्होंने कहा अभी तक मुखिया जी की मनमर्जी के कारण एक ही मेट कई योजनाओं पर नजर रखा करते थे। यह मुखिया जी के खास व्यक्ति अथवा रिश्तेदार हुआ करता था। अब उनकी मनोपॉली पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है।   स्थानीय ए . एन . सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान , पटना में पैक्स के द्वारा मनरेगा अभियान ...

फाड़-फाड़कर मनरेगा वक्ताओं ने गला में व्याप्त धांधली को उजाकर किया

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फाड़ - फाड़कर मनरेगा वक्ताओं ने गला में व्याप्त धांधली को उजाकर किया पटना। पश्चिमी चम्पारण , सारन , सीवान , मुजफ्फरपुर , मधुबनी , समस्तीपुर , दरभंगा , अररिया , कटिहार , किशनगंज , बांका , गया , जहानाबाद , गया , भोजपुर , नालंदा जिलों से आये प्रतिनिधियों ने जोर - जोर नारा लगा रहे थे। हर हाथ को काम दो , काम का पूरा दाम दो , पूरा काम पूरा दाम , हमारा पैसा हमारा हिसाब की मांग कर रहे थे। इसी तरह जिसको मौका मिला तो उन फाड़ - फाड़कर मनरेगा वक्ताओं ने गला में व्याप्त धांधली को उजाकर करते रहे।     खैर , पैक्स के द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि मनरेगा को बिहार में बेहतर ढंग से क्रियान्वयन हो सके। अभी हाल यह है कि जिनके हाथ में मनरेगा है। ऐसे लोग बंदर के हाथ में नारियल की कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए सोशल ऑडिट करने का प्रावधान है। इसमें एन . जी . ओ . वाले 5 से 6 दिन लगाते हैं। वहीं नौकरशाह 1 दिन के अंदर सोशल ऑडिट करके परिण...