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मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरस्वती नदी की साफ-सफाई

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* राजगीर में मलमास मेला के आयोजन पूर्व तैयारी को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक श्रद्धालुओं के लिए की जाएगी समुचित व्यवस्था * माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरस्वती नदी की साफ-सफाई,  सरस्वती कुंड/घाट के जीर्णोद्धार,कुण्ड क्षेत्र में प्रतीक्षा हॉल एवं श्रद्धालुओं के लिए शेड के निर्माण के लिए कवायद शुरू, इसके लिए जल संसाधन विभाग एवं भवन निर्माण विभाग द्वारा प्रक्रिया शुरू नालंदा.जुलाई-अगस्त 2023 में राजगीर में मलमास मेला का आयोजन निर्धारित है.मेला का शुभारंभ 18 जुलाई 2023 को निर्धारित है.मलमास मेला की पूर्व तैयारी को लेकर आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (आरआईसीसी) के सभागार में संबंधित पदाधिकारियों, स्थानीय पंडा समिति एवं राजगीर के गणमान्य नागरिकों के साथ बैठक किया.      पंडा समिति के सदस्यों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा पूर्व के अनुभवों के आधार पर आवश्यक फ़ीडबैक एवं सुझाव दिया गया. पंडा समिति के प्रतिनिधियों द्वारा मलमास मेला की अवधि में एकादशी, महाशिवरात्रि आदि जैसे महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में जानकारी दी गई तथा इन तिथिय...

मतदान केंद्र क्षेत्र में निर्वाचन तिथि से पूर्व लगातार फ्लैग मार्च करेंगे

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   * नगरपालिका आम निर्वाचन-2022 के अवसर पर प्रथम चरण में 18 दिसंबर को जिला के 7 नगर निकायों में 209 मतदान केंद्रों पर होगा मतदान * स्वच्छ एवं निष्पक्ष मतदान को लेकर 7 सुपरज़ोनल दंडाधिकारी, 20 जोनल दंडाधिकारी एवं 42 ज़ोनल दण्डाधिकारी किये गए हैं प्रतिनियुक्त *जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग नालंदा. नगरपालिका आम निर्वाचन -2022 के अवसर पर प्रथम चरण में जिला के 7 नगर निकायों में 18 दिसंबर को मतदान होगा.नगर परिषद हिलसा, नगर पंचायत एकंगरसराय, नगर पंचायत चंडी, नगर पंचायत हरनौत,नगर पंचायत नालंदा, नगर पंचायत सिलाव एवं नगर पंचायत गिरियक के 115 वार्डों में कुल 209 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा.स्वच्छ एवं निष्पक्ष निर्वाचन को लेकर 7 सुपर जोनल दंडाधिकारी, 20 जोनल दंडाधिकारी एवं 42 सेक्टर दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त किये गए हैं.      आज जिला निर्वाचन पदाधिकारी नगरपालिका-सह- जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर एवं पुलिस अधीक्षक श्री अशोक मिश्रा द्वारा सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं सम्बद्ध पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग की ग...

6 दशक पुरानी परियोजना का समग्र रिव्यू जरूरी

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 * 22-23 दिसंबर को रिव्यु कमिटी की होने वाली बैठक के लिए मांग पत्र तैयार करने पर चर्चा मुजफ्फरपुर.लंबे चले आंदोलनों के बाद दशकों पुरानी बागमती बांध परियोजना के रिव्यू हेतु बिहार सरकार ने कमिटी का गठन किया था. हालांकि इस कमिटी को अपना सुझाव बहुत पहले दे देना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है. आगामी 22-23 दिसंबर को एक बार फिर से कमिटी की बैठक है.            इसके मद्देनजर चास वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा की पटना में एक बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ साथी देवेंद्र कुमार ने की. बैठक में मांगपत्र तैयार करने पर चर्चा हुई. और इस बीच जलसंसाधन मंत्री और विभागीय सचिव से एक प्रतिनिधिमंडल के मिलने का निर्णय हुआ.       मोर्चा के संयोजक जितेन्द्र यादव के अलावा बैठक में खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा, नवल किशोर सिंह, जगरनाथ पासवान, मोनाजिर अहसन, रामलोचन सिंह,राम इकबाल राम, विवेक कुमार आदि शामिल हुए. वाटर एक्टिविस्ट रंजीव कुमार को पटना में कामकाज की जिम्मेवारी दी गई.  धीरेन्द्र झा ने कहा कि 6 दशक पुरानी परियोजना का समग्र रिव्...

2022 में दीवार को गिरा दिया गया

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  बर्लिन की दीवार की कुल लंबाई 155 किलोमीटर थी.लेकिन 1989 में इस दीवार को गिरा दिया गया.पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 22 बी में स्थित बालूपर शक्ति नगर मोहल्ला की दीवार की लंबाई 60 फीट थी. 2022 में इस दीवार को गिरा दिया गया... पटना.पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 22 बी में है बालूपर शक्ति नगर मोहल्ला.यहां पर दबंग लोग राह बंद कर दिये थे.यहां के लोग 12 साल से परेशान थे.इस पर समाजसेवी पप्पू राय कहते है कि यहां के लोगों की परेशानी को देखते हुए अपने सहयोगियों के साथ आए और गैंता चलाकर दीवार ढाहने की शुरूआत कर दिये.देखते ही देखते बारह साल से खड़ी दीवार को तोड़ दिया गया.और तो और संपर्क पथ भी बना दिया गया.     समाजसेवी पप्पू राय ने कहा कि हमलोग जनसंपर्क के दरम्यान बालूपर शक्तिनगर मोहल्ला में गये थे.यहां के लोगों के साथ बैठक की गयी.लोगों ने अपने व्यथा व्यक्त करने लगे.इसी दरम्यान लोगों ने एक स्वर से कहा कि दबंग लोगों के द्वारा राह बंद कर दिया गया है.और तो और इस राह पर दीवार भी खड़ा कर दिये.इस दीवार को हटाकर राह खोलने पर बल देने लगे.     आगे समाजसेवी पप्पू राय ने कहा कि यहां के लोगों...

नए कर्मियों को राजगीर अंचल में किया गया पदस्थापित

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   प्रशासनिक दृष्टिकोण से राजगीर अंचल कार्यालय के लिपिक,कार्यपालक सहायकों, डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं  SWANs  (NSA )  का किया गया स्थानांतरण, नए कर्मियों को राजगीर अंचल में किया गया पदस्थापित.... राजगीर. राजगीर अंचल के पुनर्नियोजित राजस्व कर्मचारी (प्रभारी अंचल निरीक्षक) आनंद कुमार द्वारा सरकारी भूमि के दाखिल खारिज की स्वीकृति देने तथा लोदीपुर स्थित वैसे भूमि के दाखिल खारिज की अनुशंसा करने, जिससे संबंधित मामला सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है, की जांच भूमि सुधार उप समाहर्ता राजगीर से कराई गई थी. उनके जांच प्रतिवेदन के आधार पर आनंद कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जो उनके द्वारा समर्पित नहीं किया गया.        उनका उक्त कृत्य उनके पदीय दायित्वों के प्रतिकूल, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला एवं कर्तव्यहीनता का द्योतक पाया गया. उक्त आलोक में कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आनंद कुमार ,पुनर्नियोजित राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय, राजगीर के संविदा के आधार पर पुनर्नियोजन को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है.     ...

सबूतों के साथ सच को सामने लाने के लिए और सद्भावना वाले सभी लोगों का आभार

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  नई दिल्ली. जेसुइट्स फादर स्टेन स्वामी की विरासत समिति के संयोजक डॉ. फादर. जोसेफ जेवियर एस जे ने कहा है कि नई फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चलता है कि फादर स्टेन स्वामी को मनगढ़ंत सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जेल में डाल दिया गया और उनकी मृत्यु हो गई.    आर्सेनल कंसल्टिंग, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध डिजिटल फोरेंसिक फर्म ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि भीमा-कोरेगांव मामले में वरिष्ठ मानवाधिकार रक्षक फादर स्टेन स्वामी को गिरफ्तार करने के लिए इस्तेमाल किए गए डिजिटल सबूत उनके कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव पर लगाए गए थे. यह रिपोर्ट पिछली रिपोर्ट का अनुसरण करती है जिसमें सह-प्रतिवादी रोना विल्सन और सुरेंद्र गाडलिंग के उपकरणों पर लगाए गए डिजिटल साक्ष्य का दस्तावेजीकरण किया गया था. फोरेंसिक विश्लेषण से पता चला है कि जिन हैकर्स ने फादर स्टेन के कंप्यूटर पर हमला किया, वे वही हैं जिन्होंने विल्सन और गाडलिंग पर हमला किया था.     कई निष्कर्ष भारतीय राज्य को मानवाधिकार रक्षकों की इस हैकिंग से जोड़ते हैं.साइबर सुरक्षा फर्म Sentinel One ने पहले इस हमलावर की जांच की थी औ...

मैं साक्ष्य के साथ मौजूद रहूँगा:सुमन सौरभ

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  *  प्रसव वार्ड में नर्स का प्रसूता के साथ होता है अमानवीय व्यवहार *  नर्स को दिया जाए सॉफ़्ट स्किल का प्रशिक्षण * यहां घूस के बिना हीमोग्लोबिन से लेकर अन्य किसी भी प्रकार की जांच करवाना है मुश्किल * घावों पर टांका लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला धागा (सूचर) भी उपलब्ध नहीं *  प्रसव वार्ड में रात्रि पहर चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहने के कारण मजबूरी में मरीज  जाते है निजी अस्पताल के शरण में जमुई. प्रबोध जन सेवा संस्थान के सचिव व सामाजिक कार्यकर्त्ता सुमन सौरभ ने एक शिकायत पत्र के माध्यम से सदर अस्पताल की तमाम व्यवस्था पर प्रश्न उठाते हुए सोमवार को सिविल सर्जन को एक शिकायत पत्र सौंपा है. उस शिकायत पत्र में उन्होंने स्पष्ट तौर पर लिखा है जब भी सदर अस्पताल में आपका निरीक्षण होता है तो एक उम्मीद जगती है अब किसी प्रकार की समस्या आम लोगों को नहीं होगी पर बड़े ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है आपके निरीक्षण का असर कुछ घंटे तक ही सीमित रहता है.     वर्तमान में सदर अस्पताल का शायद ही कोई ऐसा विभाग है जहां बगैर पैसे (घूस) की काम होता नहीं है.यदि आपको इसकी जानकारी नहीं है तो...