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12056 रूपए मासिक मानदेय से समाज में मान-सम्मान नहीं बढ़ रहा है

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  पटना.विकास मित्रों का समय और जिंदगी बर्बाद हो गया है.यह सोच विकास मित्रों में विकसित हो गयी है.आखिर हो क्यों नहीं?12056 रूपए मासिक मानदेय से समाज में मान-सम्मान नहीं बढ़ रहा है.उल्टे सामाजिक- आर्थिक  स्थिति दिन प्रति दिन बहुत ही खराब होती जा रही है.      विकास मित्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2010 में विकास मित्रों का नियोजन किया था.प्रारंभिक दौर में विकास मित्र का मानदेय मात्र: तीन हजार रुपये था.मानदेय में मंथरगति से वृद्धि कर 13 साल के बाद मात्र:12056 रुपये कर दिया है.यह राशि महंगाई डायन खात जात में ऊंट के मुंह में जीरा की तरह है.फिर भी हमलोग कमरतोड़ महंगाई में कम मानदेय में ही अधिकाधिक कार्य निष्पादन कर सरकार के अधिकारियों को खुश कर रहे हैं.     महादलित विकास मिशन की तहत पंचायत के 21 विकास मित्रों को विकास रजिस्टर वर्जन 2.0 को अपडेट करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया. विकास मित्रों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की विकास योजनाओं में महादलित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की भागीदारी की स्थिति वर्तमान में क्या है, इस...

कैंडल लाइट कर विरोध व्यक्त किया

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  कोच्चि.इन दिनों केरल में मलयालम लेखक फ्रांसिस नोरोन्हा की कहानी पर आधारित एक नाटक, 'कक्कुकली' को लेकर ईसाई समुदाय आक्रोशित हैं.इस संदर्भ में केरल राज्य में कैथोलिक चर्च की सर्वोच्च संस्था केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी) ने राज्य सरकार से एक मलयालम नाटक के मंचन पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इसमें ईसाई धर्म के साथ-साथ इसकी मंडलियों और कॉन्वेंट को गलत तरीके से चित्रित किया गया है.वहीं कैंडल लाइट कर विरोध व्यक्त किया गया.          बताया जाता है कि ईसाई धर्म केरल का तीसरा सबसे व्यापक धर्म है, भारत सरकार की जनगणना के अनुसार जनसंख्या का 18 प्रतिशत है. अल्पसंख्यक समुदाय होने के बावजूद केरल में ईसाई समुदाय संपूर्ण भारत के ईसाई समुदाय की तुलना में आनुपातिक रूप से बहुत बड़ा है.इस बड़ी जनसंख्या वाले ईसाई समुदाय को मलयालम लेखक फ्रांसिस नोरोन्हा की कहानी पर आधारित एक नाटक, 'कक्कुकली' हिलाकर रख दिया है.मलयालम लेखक ने 'कक्कुकली' नाटक में एक युवा नन और उसके संघर्षों और चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती जिंदगी को दर्शाया है, जिसका सामना ...

ईसाई समुदाय के द्वारा विरोध व्यक्त किया

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पटना.बिहार जाति आधारित गणना,2022 का प्रथम चरण 7 जनवरी से 21 जनवरी तक मकानों की गणना की गई.अब द्वितीय चरण में 1 से 30 अप्रैल तक जातिवार गणना होगा.इस पर ईसाई समुदाय के द्वारा विरोध व्यक्त किया जा रहा है.प्रशांत कुमार नामक ईसाई का कहना है कि ईसाई धर्मावलंबी को केवल दो कोड में रखा गया है. ईसाई धर्मावलंबी (हरिजन) की जाति कोड 10 है और ईसाई धर्मावलंबी (अन्य पिछड़ी जाति) की जाति कोड 11 है.बिहार में जन्मे और रहने वाले ईसाई धर्मावलंबी आदिवासी का कोड नहीं दिया गया है.इसका मतलब आदिवासी कहकर उरांव,धागंड़ कहते ही (उरांव) की जाति कोड 12 में डाल देंगे.जो ईसाई धर्म नहीं दर्शाता है.उसे हिंदू ही समझा जाएगा.इसमें परिवर्तन करने की जरूरत है.             विदित हो कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार जाति आधारित गणना,2022 मुहिम के रूप में शुरू किया था.इसके प्रथम चरण में शनिवार 7 जनवरी से जातिगत जनगणना के तहत मकानों की गणना शुरू किया गया. खुद ही पटना में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने मकान की गणना में लगाए गए कर्मियों के साथ इसकी शुरुआत की थी.राज्य सरकार के अनुसार जातिगत ...

अहिंसा को दुनिया में विस्तार देने के लिए राजगोपाल का नागरिक अभिनंदन

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   * जापान द्वारा 40वां निवानो शांति पुरस्कार की घोषणा पर विख्यात गांधीवादी राजगोपाल का नागरिक अभिनंदन अहिंसा को दुनिया में विस्तार देने के लिए राजगोपाल का नागरिक अभिनंदन.. भोपाल. राजागोपाल पी व्ही जी को न्याय और शांति की सेवा में उनके असाधारण कार्य के लिए दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था निवानो पीस फाउंडेशन, जापान ने 40वां निवानो शांति पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की है, इस उपलक्ष्य में गांधी भवन, भोपाल में उनका नागरिक अभिनंदन किया गया. इसके साथ ही सर्वधर्म सद्भावना मंच एवं समस्त समाज सेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन का आयोजन किया. वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीवान ने विख्यात गांधीवादी राजगोपाल पी.व्ही. का परिचय देते हुए कहा कि राजगोपाल जी को लोग प्यार से राजू भाई कहते हैं.इन्हें याद करते हुए कबीर की याद आती है. कबीर जैसा जीवन और कबीर गायन में वे रचे-बसे हैं. वे कथककली नृत्य में परांगत हैं, इसलिए वे अपनी भाव-भंगिमा से अपने विचारों को व्यक्त कर पाते हैं. उन्होंने चंबल में हिंसा के ताने-बाने को अहिंसा के माध्यम से खत्म किया.यह दुनिया का अतुलनीय काम है.उन्होंने गांधीवादी कार्...

पूरे बिहार में दलित गरीबों भूमिहीनों को दस डिसमिल जमीन देने की बात कही

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    पटना.आज बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विधानसभा विधायक दल उप नेता सत्यदेव राम ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पर सदन में अपनी बात रखी.         उन्होंने सदन में बिहार सरकार से  भूमि सुधार आयोग के अध्यक्ष डी बंधोपाधाय की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है. पूरे बिहार में दलित गरीबों भूमिहीनों को दस डिसमिल जमीन देने की बात कही.     बताते चले कि 60 के दशक में कांग्रेस सरकार ने बिहार में भूमि सुधार का प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन ज़मींदारों के विरोध के कारण यह ठंडे बस्ते में चली गई. 90 के दशक में लालू प्रसाद यादव ने भी भूमि सुधार को चुनावी मुद्दा बनाया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्होंने भी इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया. डेढ़ दशक बाद वर्ष 2005 में नीतीश कुमार जब पहली बार सीएम की कुर्सी पर काबिज़ हुए, तो उन्होंने भूमि सुधार के लिए डी. बंद्योपाध्याय की अध्यक्षता में भूमि सुधार आयोग का गठन किया था.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 जून 2006 को गठित किया था.आयोग ने अगस्त 2006 से काम करना शुरू किया था.     यहां यह भी सनद रहे कि सन 1977...

निजी नियोजकों द्वारा 130 विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का किया जायेगा चयन

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   * 16 मार्च को डीआरसीसी में जॉब कैम्प का आयोजन * निजी नियोजकों द्वारा 130 विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का किया जायेगा चयन * कार्यक्षेत्र होगा स्थानीय, मानदेय भी बेहतर बेतिया।श्रम संसाधन विभाग जिला नियोजनालय के तत्वावधान में 16.03.2023 को स्थानीय डीआरसीसी (जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र) के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 04.00 बजे तक इच्छुक अभ्यर्थी जॉब कैम्प  में नियोजक से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं।   जिला नियोजन पदाधिकारी, श्री अंकित राज द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार के दिशा-निर्देश के आलोक में लगातार जिले में जॉब कैम्प का आयोजन कर बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मुहैया कराने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में 16 मार्च 2023 को भी जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पैरामाउंट एकेडमी, श्री साई ऑर्गेनिक फुड्स प्रा0 लि0 तथा चौतन्य इंडिया फीन क्रेडिट प्रा0 लि0 द्वारा पश्चिमी चम्पारण जिले में पीजीटी/टीजीटी टीचर, फ्रांट डेस्क, पियू...

ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का लंबित अंकेक्षण जिलास्तर पर मिशन मोड में कराने के लिए रोस्टर जारी

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  * ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का लंबित अंकेक्षण जिलास्तर पर मिशन मोड में कराने के लिए रोस्टर जारी * तिथि को ऑडिट कार्य नहीं कराने पर संबंधित पंचायत/प्रखंड के वित्तीय लेन-देन पर लगा दी जाएगी रोक *जिलाधिकारी द्वारा की गयी अंकेक्षण कार्य प्रगति की समीक्षा बेतिया। जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का अंकेक्षण कार्य अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। पूर्व में भी मिशन मोड में जिलास्तर पर कैंप लगाकर अंकेक्षण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद बगहा-02 एवं नरकटियागंज पंचायत समिति एवं अधिकांश प्रखंडों में ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का अंकेक्षण निर्धारित अवधि में नहीं हो सका है, जो अत्यंत ही खेदजनक है।   उन्होंने कहा कि अंकेक्षण कार्य की लगातार उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कराना अति आवश्यक है। इस कार्य में तनिक भी लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित अंकेक्षण कार्यों को ससमय पूरा करने के उद्देश्य से जिलास्तर पर रोस्टर वाइज कैम्...