संदेश

चित्र
  पटना.बक्सर धर्मप्रांत के महामहिम धर्माध्यक्ष डॉ जेम्स शेखर के पवित्र मिस्सा अर्पित करने के बाद दो दिवसीय आवासीय शिविर संपन्न हो गया.यह शिविर 'दाम्पत्य जीवन सुचारू रूप से संचालित हो' पर जानकारी देने के लिए आयोजित था. सर्वविदित है कि ईसाई धर्म रीति के अनुसार विवाह करने वालों को विवाह के पूर्व विशेष जानकारी दी जाती है.विवाह कर लेने वाले दम्पतियों को वैवाहिक जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए नवज्योति निकेतन पटना में दो दिवसीय आवासीय शिविर शनिवार से शुरू हुआ था. इसमें पटना महाधर्मप्रांत के पटना, मुजफ्फरपुर, बेतिया और पूर्णिया धर्मप्रांत के पचास से अधिक दम्पतियों ने हिस्सा लिए.इस शिविर का संचालन बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर फिंटन साह और गोवा-दमन महाधर्मप्रांत के फादर अरूण कर रहे थे. विभिन्नन धर्मप्रांतों से आए कपल (कपल (couple) कपल का मतलब जोड़ा, जोड़ी, युगल, युग्मन या युग्म, दो लोगो का समूह, दम्पति, जोड़ना आदि होता है.उन्होंने अपने मैरिज लाइफ के बारे में विस्तार से बताया. मौके पर पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा, मु...

मेरे इन अनुभवों एवं विचारों पर आप सभी ने ध्यान दिया

चित्र
नई दिल्ली. प्रख्यात गांधीवादी पी.व्ही.राजगोपाल को इंटरनेशनल हाउस, टोक्यो, जापान में आयोजित समारोह में 40वां निवानो शांति पुरस्कार मिला.इस अवसर पर निवानो शांति पुरस्कार समारोह में सम्मानित पी.व्ही.राजगोपाल ने अपने सम्मान भाषण में कहा कि सर्वप्रथम माननीय अतिथियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ अन्य देशों के मित्रों और इस 40वें वार्षिक निवानो शांति पुरस्कार समारोह में भाग लेने वाले सभी लोगों को आत्मीय रूप से आभार व्यक्त करता हूं.          उन्होंने कहा कि आप लोगों ने मेरे काम को सराहने और उसे मान्यता देकर मुझे इस पुरस्कार के लिए चयन किया है.इसके लिए निवानो फाउंडेशन को धन्यवाद देता हूं. मैं इसके अध्यक्ष, बोर्ड के सभी सदस्यों और ज्यूरी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे यह सम्मान दिया है. मैं इस बात से अवगत हूं कि समारोह में आए अतिथियों में कुछ वे साथी भी हैं, जिन्हें यह पुरस्कार पहले ही मिल चुका है.पुरस्कार प्राप्त उन साथियों की बिरादरी में शामिल होने पर मुझे गर्व महसूस हो रहा है और मैं शांति के पथ पर ऐसे दिग्गजों के साथ चलने के लिए तैयार हूं.  ...

एनडीए सरकार गिरने के कारण भूमि आवंटन प्रक्रिया रुकी

चित्र
 ● नीतीश कुमार के अहंकार की भेंट चढ़ा 2 हजार करोड़ का दरभंगा एम्स ● प्रधानमंत्री मोदी को श्रेय न मिलने देने के लिए की गई अड़ंगेबाजी  ● एनडीए सरकार गिरने के कारण भूमि आवंटन प्रक्रिया रुकी  ● महागठबंधन सरकार में राजद-जदयू के बीच एम्स को लेकर खींचतान ● एम्स को सहरसा ले जाने के लिए जदयू सांसदों ने सौंपा था ज्ञापन  ● शोभन में आवंटित जल-जमाव वाली भूमि लेने से केंद्र  ने किया इनकार  पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के अहंकार और महागठबंधन सरकार में राजद-जदयू के बीच खींचतान के चलते उत्तर बिहार के लाखों लोग  2000 करोड़ रुपये से बनने वाले दरभंगा एम्स के रूप में  केंद्र सरकार की बड़ी सौगात पाने से वंचित रह गए। श्री मोदी ने कहा कि दरभंगा में एम्स बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं मिले, इसलिए पहले दो साल तक तो मुख्यमंत्री इस बात अड़े रहे कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) को ही अपग्रेड कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बना दिया जाए।      उन्होंने कहा कि किसी मेडिकल क...

9 सूत्री माँगों की पूर्त्ति के लिए 22 जून को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शन

चित्र
   पटना.बिहार की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की बुनियाद के रूप में करीब एक लाख आशा कार्यकर्ता-आशा फैसिलिटेटर विगत 17 वर्षों से सेवा देती आ रही हैं. इनकी सेवाओं का ही परिणाम है कि आज बिहार में संस्थागत प्रसव- प्रसव के दौरान मातृ-शिशु मृत्यु दर-परिवार नियोजन से लेकर रोग निरोधक टीकाकरण तक के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल हुई है.            कोरोना महामारी के दौरान उसकी रोकथाम के अभियान इनलोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर भी सेवा देती रही और इस क्रम में दर्जनों लोगों को जान तक गंवानी पड़ी हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से लेकर पटना उच्च न्यायालय तक ने उनकी उक्त भूमिका की प्रशंसा की. लेकिन उनकी उक्त भूमिका और योगदान के बावजूद संगठन की ओर से लगातार ज्ञापन-प्रतिनिधिमंडल वार्ता-धरना-प्रदर्शन जैसे सांकेतिक आंदोलन द्वारा ध्यानाकर्षित किये जाने के बावजूद केंद्र सरकार से लेकर बिहार सरकार द्वारा उनकी बुनियादी माँगों को पूरा करने के मामले में ताल-मटोल एवं अनदेखी करती आ रही है. स्वाभाविक तौर पर सरकार के इस रवैये के कारण लेकर राज्य की आशाओं-फैस...

कांग्रेस मुख्यालय में मिलन समारोह आयोजित

चित्र
 भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुई पूर्व विधायक सुनीता देवी पटना. कटिहार के कोढ़ा विधान सभा क्षेत्र की पूर्व विधायक श्रीमती सुनीता देवी अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ भाजपा को छोड़ आज कांग्रेस में शामिल हुई। इसके लिए कांग्रेस मुख्यालय में मिलन समारोह आयोजित किया गया.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने श्रीमती सुनीता देवी एवं उनके समर्थकों को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करवायी. इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव श्री तारिक अनवर एवं विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान भी मौजूद थे.      इस अवसर पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि श्रीमती सुनीता देवी के कांग्रेस में आने से कांग्रेस की दलितों के लिए की जाने वाली संघर्ष को धार मिलेगी । लोगों को बताने में आसानी होगी कि कांग्रेस ही सच्चा हमदर्द है.       भाजपा को छोड़ने की वजह बताते हुए श्रीमती सुनीता देवी ने कहा कि भाजपा में महिलाओं के साथ काफी भेदभाव अपनाया जाता है. नारा भले ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का दिया जाता है लेकिन अंदर जाने पर पता चलता है ...

भाजपा ने दलितों और आदिवासियों को छलने का काम किया हैः के राजू

चित्र
    * दलितों के हित में विचारों और हक की लड़ाई लड़ती रही है कांग्रेसः के राजू * भाजपा ने दलितों और आदिवासियों को छलने का काम किया हैः के राजू * दलितों के उत्थान के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध, दलित संवाद में बोले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह * दलित समाज के युवाओं को आगे बढ़कर लेनी होगी जिम्मेदारी: बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्तचरण दास पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं रिसर्च विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान सभागार में वृहद स्तर पर दलित संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया.बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.     दलित संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, एस सी एस टी विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग एवं अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक के राजू ने कहा कि दलितों के हित में विचारों और हक की लड़ाई कांग्रेस लगातार लड़ती रही है. आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने इस देश में दलितों के उत्थान के लिए लगातार काम किया है और अब भी उस वैचारिक लड़ा...

डब्ल्यूपीओ का मुख्यालय बिहार से हटाना मोदी सरकार का बिहार विरोधी फैसला

चित्र
  पटना.बिहार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महागठबंधन द्वारा 15 जून को आयोजित की जाने वाली धरना में पूरी ताकत से प्रदेश के सभी जगहों पर भाग लेने का निर्णय लिया है. इसके लिए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में पार्टी मुख्यालय, सदाकत आश्रम में एक बैठक आयोजित की गयी जिसमें धरना में सम्मिलित होने का निर्णय लिया गया.इसकी जानकारी स्वयं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने दी.गौरतलब है कि अगले 15 जून को महागठबंधन की ओर से दिल्ली में संघर्षरत महिला पहलवानों के समर्थन में प्रदेश भर में धरना आयोजित करने का प्रस्ताव था जिस पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने आज एक बैठक बुलाई थी जिसमें सम्मिलित होने का निर्णय लिया गया. बैठक में भाग लेने वाले नेताओं में मुख्य रूप से राजेश राठौड़, पूर्व विधायक बंटी चौधरी, निर्मल वर्मा, राज कुमार राजन, लाल बाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, मिन्नत रहमानी, असित नाथ तिवारी, चन्द्र प्रकाश सिंह, संजीव कुमार कर्मवीर सहित अन्य नेता शामिल रहे. डब्ल्यूपीओ का मुख्यालय बिहार से हटाना मोदी सरकार का बिहार विरोधी फैसला केंद्र की भाजपा सरकार लगातार बिहार के स...