जल्द से जल्द शांति बहाल हो इसका वातावरण बनाने की जरूरत
नई दिल्ली.देश-विदेश-प्रदेश के युवाओं को शांति व अहिंसा का पाठ पढ़ाने में नामचीन है एकता परिषद के संस्थापक, गांधीवादी व सर्वोदयी चिंतक पी.व्ही. राजगोपाल.उन्होंने सत्य अहिंसा और शांति लाने का काम करते हैं.इसलिए उनको शांति का मसीहा कहा जाता है. गांधीवादी व सर्वोदयी चिंतक पी.व्ही.राजगोपाल ने युवाओं को सत्य अंहिसा और शांति पर प्रशिक्षित कर शांति कार्यकर्ताओं की लम्बी फौज खड़ी की है, जो गांव-गांव में वंचित समुदाय और महिलाओं के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से कार्य कर रहे हैं.इसके आलोक में शांति का मसीहा को न्याय और शांति की सेवा में उनके असाधारण कार्य के लिए दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था निवानों पीस फाउंडेशन ने जापान का 40 वां निवानो शांति पुरस्कार से जापान की राजधानी टोक्यो में एक समारोह के दौरान सम्मानित किया है. बता दें कि देश के विख्यात गांधीवादी एवं चंबल में गांधीवादी प्रयासों से शांति का प्रयोग करने वाले पी.व्ही. राजगोपाल ने तीन सदस्यीय शांति प्रतिनिधि मंडल को मणिपुर भेजा है.जिसमें एकता परिषद मणिपुर के ऋषि कांत शर्मा, विद्याराणी,तान्या, देवेन, भी शामिल ...