वाराणसी को स्थानीय प्रशासन तथा रेलवे की जुगलबंदी से ध्वस्त किया जा रहा है
वाराणसी.आज शनिवार 12अगस्त को फिर से कानून की धज्जियां उड़ाते हुए संत विनोबा भावे की प्रेरणा से स्थापित साधना केंद्र- सर्व सेवा संघ परिसर,राजघाट, वाराणसी को स्थानीय प्रशासन तथा रेलवे की जुगलबंदी से ध्वस्त किया जा रहा है.यह सोचना नादानी होगी कि स्थानीय सांसद एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सहमति के बिना ऐसा हो रहा है.स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर ही यह विध्वंस रचा जा रहा है.यह घटना भारतीय इतिहास की एक शर्मनाक घटना के रूप में याद किया जाएगा. जहां गांधी, विनोवा, जयप्रकाश, दादा धर्माधिकारी, नारायण देसाई, जे सी कुमारप्पा, धीरेंद्र मजूमदार, शिवानंद, जे कृष्णमूर्ति जैसे मनीषियों की किताबों का कत्ल किया गया है. किताबें और पुस्तकालय को बर्बाद करने वाले दुर्दांत जालिम के रूप में ये सत्ताधीश जाने जाएंगे.यह बुलडोजर सत्ता का हमला है जो गांधी, विनोबा और जेपी की विरासत को नष्ट करने के इरादे से किया जा रहा है. लेकिन ऐसा संभव नहीं है. दुनिया गांधी के रास्ते पर चल पड़ी है.हमारे सत्ताधीश गांधी के रास्ते पर चलने का नाटक करते हैं.पर ये गांधी की स्मृतियों को नष्ट करने पर तुले हुए है.उनका...