केरल के “रिचर्ड हे” और पश्चिम बंगाल के “जॉर्ज बेकर” दो एंग्लो-इंडियन सांसद
पटना. पटना संसदीय क्षेत्र के सांसद रविशंकर प्रसाद है.जब केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद थे,तब उन्होंने देश भर में केवल 296 एंग्लो इंडियन होने का दावा पेश कर संवैधानिक अधिकारों से एंग्लो इंडियन समुदाय को वंचित करने का खेला कर दिया. भारतीय संविधान का 126वां संविधान संशोधन विधेयक का 104वां संशोधन.इस विधेयक के तहत भारतीय संविधान के अनुच्छेद 334 में संशोधन किया गया.इस विधेयक के तहत लोक सभा और विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के लिए आरक्षण की अवधि को 10 वर्ष और बढ़ाया गया.इसमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए लोक सभा और राज्य विधानसभाओं में 25 जनवरी, 2030 तक सीटों का आरक्षण बढ़ाने का प्रावधान किया गया.12 दिसंबर, 2019 को राज्य सभा में पारित किया गया.लोक सभा द्वारा यह विधेयक इससे पूर्व पारित किया जा चुका था.पूर्व में इस आरक्षण की समय सीमा 25 जनवरी, 2020 तक थी. इस संविधान संशोधन विधेयक द्वारा संसद में एंग्लो इंडियन समुदाय के प्रदत्त आरक्षण को समाप्त कर दिया गया है. आरक्षण के तहत एंग्लो-इंडियन समुदाय के 2 सदस्य लोक सभा में प्रतिनिधित्व करते आ रहे थे.यूपी के दो...